Nepal Flood Update: नेपाल में फिर विनाशकारी त्रासदी का खतरा! भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ा, रसुवा में हाई अलर्ट

Nepal-Tibet Flood Update: पड़ोसी देश नेपाल में हालिया भीषण बाढ़ की त्रासदी के बीच एक बार फिर भोटे कोशी नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रविवार (20 अगस्त) सुबह बताया कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव फिर बढ़ गया है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। NDRRMA के अनुसार, रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को सूचना मिली है कि भोटे कोशी नदी में बढ़े हुए बाढ़ प्रवाह की आवाज सुनाई दे रही है। इसके बाद नदी के आसपास के इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में हाई अलर्ट

NDRRMA ने खास तौर पर रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “रसुवा के जिला प्रशासन कार्यालय को जानकारी मिली है कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव तेज होने की आवाज सुनी गई है। इसलिए, हम रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग तक नदी के आस-पास के इलाकों में सावधानी बरतने का अनुरोध करते हैं। जैसे ही और जानकारी मिलेगी, हम आगे की अपडेट देंगे।”

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब नेपाल में कुछ दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। फिलहाल, राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है। रविवार को बचाव अभियान का पांचवां दिन है। नेपाल-चीन सीमा के इलाकों में भयानक अचानक आई बाढ़ और मलबे के बहाव से हुई तबाही के बाद टीमें बचे हुए लोगों और लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।

आगे की जानकारी का इंतजार

NDRRMA ने कहा है कि जैसे-जैसे अतिरिक्त जानकारी प्राप्त होगी, लोगों को आगे अपडेट किया जाएगा। हालांकि, नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने बाद में कहा कि भोटे कोशी क्षेत्र में बड़े स्तर की बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन नदी के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की अपील है कि नदी किनारे रहने वाले लोग किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

मरने वालों की संख्या 691 हुई

अधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, नेपाल और चीन के तिब्बत इलाके में मरने वालों की कुल संख्या 691 हो गई है। जबकि 3,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों ने 675 मौतों और 2,498 लोगों के लापता होने की सूचना दी है। जबकि चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 16 मौतों और 546 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। अब तक नेपाल में 3,700 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। यह भयानक आपदा 26 अगस्त को आई थी। पहाड़ी सीमावर्ती इलाके में मलबे का भारी बहाव और अचानक आई बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य चीजों को नष्ट कर दिया था।

बचाव अभियान जारी

खराब मौसम के कारण कुछ समय के लिए रोके जाने के बाद नेपाली अधिकारियों ने खोज और बचाव अभियान फिर से शुरू किया। बचे हुए लोगों को निकालने और अलग-थलग पड़े समुदायों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। बचाव दल कई अहम जगहों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिनमें रसुवा में अपर त्रिशूली-1 पनबिजली परियोजना भी शामिल है, जहां अधिकारियों का मानना ​​है कि 100 से ज्यादा लोग कीचड़ से भरी सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं।

चीनी तरफ बुरी तरह क्षतिग्रस्त ग्यिरोंग सीमा क्रॉसिंग के आसपास भी खोज अभियान जारी है। इस बीच, भारत ने भोजन, दवाइयों और कंबल जैसी राहत सामग्री भेजी है। उन इलाकों में संपर्क बहाल करने में मदद के लिए तकनीकी टीमें और पहले से तैयार पुल (प्री-फैब्रिकेटेड ब्रिज) देने की भी पेशकश की है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर बह गया है।

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तिनसुकिया में ‘हॉल ऑफ शेम’ ने मचाई खलबली, LED में दिखाया जा रहा सड़कों पर यूरिन करने और कचरा फैलाने वालों का चेहरा

लोगों को सार्वजनिक सड़कों पर गंदगी करने से पहले दोबारा सोचने पर मजबूर करने के लिए शीशे काफी नहीं थे। इसलिए तिनसुकिया ने अब कुछ ऐसा किया है जिसे नजरअंदाज़ करना बहुत मुश्किल है- एक बड़ी सार्वजनिक स्क्रीन। आदतन ऐसा करने वालों में थोड़ी शर्मिंदगी का एहसास जगाने के लिए सड़क किनारे शीशे लगाने के प्रयोग के बाद, तिनसुकिया म्युनिसिपल बोर्ड ने अपनी नई सफाई मुहिम शुरू की है0″हॉल ऑफ़ शेम” कैंपेन।

इसमें सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करते या कचरा फैलाते हुए पकड़े गए लोगों का CCTV फ़ुटेज शहर भर में लगी LED स्क्रीन पर दिखाया जाता है। संदेश साफ है- अगर नागरिक बोध आपको नहीं रोकता, तो सार्वजनिक शर्मिंदगी शायद रोक दे।

नगर निकाय ने सफाई के नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए कई संवेदनशील जगहों पर निगरानी कैमरे लगाए हैं, जो लोग ऐसा करते हुए पकड़े जाएंगे, वे अनचाहे ही सड़क किनारे लगे डिजिटल डिस्प्ले पर दिखाई दे सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद लोगों में नागरिक जिम्मेदारी की भावना जगाना और सजा देने के बजाय जागरूकता के जरिए बार-बार नियम तोड़ने वालों को रोकना है।

यह कैंपेन जल्द ही शहर में चर्चा का विषय बन गया है। इसके समर्थकों का तर्क है कि कभी-कभी अजीब समस्याओं के लिए अनोखे समाधान की जरूरत होती है; कई लोग खुले में पेशाब करने और कचरा फैलाने जैसी पुरानी समस्याओं से निपटने के लिए नगरपालिका के इस नए और अनोखे तरीके की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, हर कोई इससे सहमत नहीं है।

आलोचकों ने सवाल उठाया है कि क्या नियम तोड़ने वालों के फुटेज को सार्वजनिक रूप से दिखाना, नागरिक नियमों के पालन और लोगों को शर्मिंदा करने के बीच की सीमा को पार करना है। कुछ लोगों ने प्राइवेसी और इस बात पर भी चिंता जताई है कि क्या ऐसे उपाय व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं।

इस बहस ने तिनसुकिया के सफाई अभियान में एक नया पहलू जोड़ दिया है—सार्वजनिक स्वच्छता और व्यक्तिगत प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाना। फिलहाल, एक बात तो तय है- तिनसुकिया में सफाई की राह पर चलने पर लोगों का ध्यान आप पर जा सकता है। जो नागरिक पहले “पेशाब करना मना है” के साइन को नजरअंदाज कर देते थे, उन्हें अब लग सकता है कि शहर के लोग उन्हें देख रहे हैं।