Gold Price Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: सोमवार 21 सितंबर से शुरू हो रहे नए हफ्ते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, इसके एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में हलचल पर बाजार की नजर रहेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा भी सोने को प्रभावित करेगी।

मौद्रिक नीति और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम से भरे पिछले हफ्ते के बाद अब निवेशकों की नजर नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI के आंकड़े जारी होंगे।

हफ्ते के आखिर में अमेरिका के हाउसिंग डेटा, ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े भी आएंगे। इनसे मौद्रिक नीति और सोने की मांग को लेकर बाजार को संकेत मिल सकते हैं।

MCX पर सोने-चांदी में तेजी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले हफ्ते ₹1,597 यानी 1.04 फीसदी बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का भाव ₹6,629 यानी करीब 3 फीसदी बढ़कर ₹2.41 लाख प्रति किलो हो गया।

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि MCX पर सोने की शुरुआत पिछले हफ्ते करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कमजोर रही। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से कीमतों में मजबूत रिकवरी हुई और सोना ₹1.54 लाख तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि बाजार में बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव रहा। अब कई अहम घटनाक्रम पीछे छूट चुके हैं। ऐसे में बाजार की नजर मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के अगले दौर पर रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला कॉमेक्स गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी करीब 3 फीसदी बढ़कर 67.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार हुआ। हालांकि, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। इससे सोना हफ्ते के अंत में बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेर के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कुछ बढ़त कम हुई। इसी दौरान हफ्ते के बीच तेल की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 कारोबारी हफ्तों से निवेशकों की सोने में दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। दुनियाभर के गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF में लगातार निवेश इसका संकेत है।

चीन के फैसले पर भी नजर

चांदी की कीमतों ने भी इंडस्ट्रियल मेटल्स की चाल को फॉलो किया। शुरुआती गिरावट के बाद चांदी में रिकवरी हुई और हफ्ते का अंत मजबूत बढ़त के साथ हुआ।

मेर ने कहा कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें अब खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में बाजार की नजर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पर रहेगी। बैंक सोमवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर सकता है। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Top Stock Picks : शुक्रवार दोपहर के कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाज़ार में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।। दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 192 अंक यानी 0.26% बढ़कर 74,507 पर और निफ्टी 56 अंक यानी 0.24% बढ़कर 23,327 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो सर्विसेज़,कैपिटल गुड्स और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा तेज़ी नजर आ रही है। जिनमें से हर एक में 1.4% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। वहीं ऑयल एंड गैस सेक्टर में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई है। IT सेक्टर दबाव में है। इसमें 1.39% की गिरावट आई है। स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें 1.11% की बढ़त दिख रही है। मिडकैप शेयरों में 0.54% की तेज़ी आई है। इंडिया VIX में 5% से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।

मार्केट टेक्निकल्स

मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि अब ट्रेंड साफ तौर पर निफ्टी बनाम क्रूड ऑयल का हो गया है। क्रूड ऑयल में थोड़ी नरमी जरूर देखने को मिली है। अगर क्रूड 100 $ के नीचे आ जाता है तो अभी 23100 के लेवल के आसपास सपोर्ट ले रहे निफ्टी में दो दिन से दिख रहा बाउंस बैक 23,800 तक जा सकता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी में यहां से तकरीबन 500 पॉइंट तक का बाउंस बैक देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर कहें तो हमें क्रूड ऑयल को देखकर ही ट्रेड करना चाहिए। अगर ग्लोबल सेटअप की बात करें तो अगर यूएस के 10 ईयर बॉन्ड ईल्ड्स में नरमी आती है तो इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पॉजिटिव होता हुआ दिखाई देगा। ओवरऑल अभी भी मार्केट रेंज बाउंड है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में अच्छा ट्रैक्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्टिविटी जारी है। ऐसे जब तक क्रूड ऑयल में नरमी नहीं आती है तब तक फार्मा पर फोकस करें। एक डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में हमें अच्छा ट्रैक्शन देखने को मिल सकता है। इस सेक्टर में लॉरेस लैब्स का शेयर काफी अच्छा लग रहा है। राहुल शर्मा ने डिस्क्लेमर के तौर पर बताया कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स को भी यह शेयर रेकमेंड किया है। उनके मुताबिक लॉरेस लैब्स में बहुत ही अच्छा हायर हाई हायर लो सेटअप है। गिरते बाजार में भी फार्मा सेक्टर काफी अच्छे से डटा हुआ है। अगर मार्केट थोड़े और समय ऐसा ही रहता है तो फार्मा में मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। लॉरेस लैब्स में तकरीबन 2050-2080 रुपए तक के टारगेट आते हुए दिख सकते हैं। इसमें इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। 1920 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले आएगा मोमेंटम

राहुल शर्मा ने आगे कहा कि अगर क्रूड ऑयल में नरमी आती है तो बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले मोमेंटम देखने को मिलेगा। इसमें पीएसयू बैंक से PNB बैंक सबसे बेहतर पिक है। यह शेयर अपने 20 दिन के मूविंग एवरेज के आसपास लगातार कंसोलीडेट हो रहा है। गिरते बाजार में भी इसमें कमजोरी नहीं आई है। क्रूड ऑयल में नरमी आते ही इस शेयर में ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। शॉर्ट टर्म में इस शेयर में 130 रुपए तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 112 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करें

 

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Redmi Note 17 Pro सीरीज भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले के साथ, जानें कीमत

अगर आप मिड रेंज में Android फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, आज यानी मंगलवार को Redmi ने अपना Redmi Note 17 Pro सीरीज लॉन्च कर दिया है। इस लाइनअप में Redmi Note 17 Pro Max और Redmi Note 17 Pro शामिल हैं, जो हाल ही में लॉन्च हुए Redmi Note 17 के बाद Note 17 सीरीज़ में दूसरे और तीसरे मॉडल के तौर पर आए हैं। नए Redmi Note 17 Pro Max में 10,000mAh की बैटरी और ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 सीरीज का चिपसेट लगा है। जबकि Note 17 Pro में 9,000mAh की बैटरी दी गई है और Snapdragon 6s सीरीज का SoC है। अब चलिए जानते हैं दोनों फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में।

भारत में Redmi Note 17 Pro और Note 17 Pro Max की कीमत और उपलब्धता

भारत में Redmi Note 17 Pro के बेस वेरिएंट (8GB RAM और 128GB स्टोरेज) की कीमत 36,999 रुपये से शुरू होती है। वहीं, इसके 8GB + 256GB RAM और स्टोरेज वाले हायर-एंड मॉडल की कीमत 39,999 रुपये है। दूसरी ओर, Redmi Note 17 Pro Max के बेस 8GB + 256GB मॉडल की कीमत 49,999 रुपये से शुरू होती है।

आखिर में, Redmi Note 17 Pro Max के सबसे महंगे 12GB + 256GB वाले मॉडल की कीमत Rs. 55,999 है। वहीं, कंपनी SBI, Axis Bank और IDFC First Bank के कार्ड्स पर Rs. 5,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट या HDB Financial Services के साथ Rs. 5,000 तक का कैशबैक भी दे रही है।

बता दें कि Redmi Note 17 Pro की भारत में बिक्री 17 सितंबर से शुरू होगी, जबकि Redmi Note 17 Pro Max की बिक्री 23 सितंबर से शुरू होगी। दोनों स्मार्टफोन को Amazon के जरिए खरीदा जा सकेगा। Redmi Note 17 Pro Max को Matcha Green, Secret Sunrise और Stealth Black कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जबकि Redmi Note 17 Pro Cloud Blue, Purple Vibe और Stealth Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा।

Redmi Note 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Redmi Note 17 Pro Max एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है, जो Android 16 पर आधारित HyperOS 3 के साथ आता है। कंपनी का कहना है कि फोन को 4 साल तक OS अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे।

इस स्मार्टफोन में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसका रेजोल्यूशन 1,280 x 2,772 पिक्सल है और इसमें 120Hz तक का रिफ्रेश रेट मिलता है। डिस्प्ले में 12-बिट कलर डेप्थ, 3,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 3,200Hz तक का इंस्टेंट टच सैंपलिंग रेट, HDR10+ सपोर्ट और Dolby Vision दिया गया है। फोन की स्क्रीन 100 प्रतिशत DCI-P3 कलर गैमट को सपोर्ट करती है। इसमें Wet Touch 2.0 फीचर भी दिया गया है, जिससे गीली स्क्रीन पर भी टच का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Redmi Note 17 Pro Max में Qualcomm का 4nm ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.6GHz तक है। फोन में 12GB तक LPDDR5x RAM, Adreno GPU और 256GB तक UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है।

डस्ट और पानी से बचाव के लिए फोन को IP66, IP68 और IP69K रेटिंग मिली है। यानी स्मार्टफोन को धूल और पानी से काफी हद तक सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

कैमरे की बात करें तो Redmi Note 17 Pro Max में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन के साथ 50MP (f/1.5) का प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल है। Pro Max मॉडल में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 32MP (f/2.2) का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। यह फोन 4K/30 fps तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है।

Redmi Note 17 Pro Max में 10,000mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, ब्लूटूथ 6.0 और USB Type-C पोर्ट जैसे फीचर्स भी हैं। इसमें प्रॉक्सिमिटी सेंसर, एम्बिएंट लाइट सेंसर, एक्सेलेरोमीटर, ई-कंपास, IR ब्लास्टर और सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे ऑनबोर्ड सेंसर भी शामिल हैं। फोन का साइज 163.44×78.27×8.57mm है और वजन लगभग 229 ग्राम है।

Redmi Note 17 Pro के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Redmi Note 17 Pro में Redmi Note 17 Pro Max जैसा ही OS, सॉफ्टवेयर सपोर्ट, डिस्प्ले और इनग्रेस प्रोटेक्शन रेटिंग मिलती है। हालांकि, इस फोन में ऑक्टा-कोर Snapdragon 6s Gen 4 SoC प्रोसेसर है, जो 2.4GHz तक की पीक क्लॉक स्पीड देता है। इसमें Pro Max मॉडल जैसा ही रियर कैमरा सेटअप भी मिलता है।

इसके अलावा, इस फोन के फ्रंट में 16MP (f/2.4) का सेल्फी कैमरा है, जो 1080p/30 fps तक वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। साथ ही, Redmi Note 17 Pro Max में 9,000mAh की बैटरी है, जो 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 22.5W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

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iPhone Duo vs Investment: ₹4.49 लाख का फोन खरीदना सही या इसी पैसे को निवेश करना? समझिए पूरा हिसाब

iPhone Duo vs Investment: अमेरिकी टेक कंपनी Apple का iPhone Duo 2TB भारत में ₹4.49 लाख का है। इतनी कीमत में यह फोन लग्जरी खरीदारी की कैटेगरी में आता है। ऐसे में सवाल सिर्फ ये नहीं कि आप इसे खरीद सकते हैं या नहीं। सवाल ये भी है कि अगर यही ₹4.49 लाख निवेश कर दिए जाएं, तो आगे कितनी रकम बन सकती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फैसला सिर्फ फोन की कीमत देखकर नहीं करना चाहिए। आपकी आमदनी, बचत, निवेश और दूसरे खर्च भी देखने होंगे। साथ ही ये भी देखना होगा कि इस पैसे को खर्च करने की निवेश करने की सूरत क्या रहेगी।

क्या ₹4.49 लाख का iPhone खरीदना सही है?

₹4.49 लाख का स्मार्टफोन खर्च है। इसे निवेश नहीं माना जा सकता। इसलिए खरीदारी तभी ठीक है, जब यह पैसा आपकी अतिरिक्त आय से आ रहा हो। इससे आपके दूसरे वित्तीय लक्ष्य भी प्रभावित नहीं होने चाहिए।

MidasX के को-फाउंडर और CIS अनिल गुप्ता ने कहा, ‘वेल्थ क्रिएशन के नजरिए से ₹4.49 लाख का प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदना कंजम्पशन डिसीजन है, निवेश का फैसला नहीं।’ उनके मुताबिक, सवाल सिर्फ फोन की कीमत का नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि अगर यही ₹4.49 लाख कहीं निवेश किए जाते, तो आगे कितनी रकम बन सकती थी।

गुप्ता का कहना है कि इंडेक्स फंड में लगाया पैसा समय के साथ बढ़ सकता है। वहीं फोन खरीदते ही उसकी वैल्यू कम होने लगती है। अगर आपके पास पहले से इमरजेंसी फंड है। पर्याप्त इंश्योरेंस है। लंबे समय के निवेश भी चल रहे हैं। तब इसे लाइफस्टाइल खर्च माना जा सकता है।

कम कीमत का फोन लेकर बाकी पैसा लगाएं?

Capwise Financial Services के फाउंडर और CEO नरेश बियानी के मुताबिक, फैसला सिर्फ फोन और इंडेक्स फंड के बीच नहीं होना चाहिए। आप कम कीमत का फोन भी खरीद सकते हैं। बची रकम को निवेश किया जा सकता है।

लोन लेकर फोन खरीद रहे हैं तो मामला और अहम हो जाता है। Anand Rathi Wealth के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनीष श्रीवास्तव के मुताबिक, ₹4.5 लाख के फोन पर दो साल की EMI करीब ₹18,000-19,000 महीने हो सकती है। अगर ये आपकी इनहैंड सैलरी के 5-10% से ज्यादा है और पहले से दूसरी EMI चल रही है, तो ये बड़ा बोझ बन सकता है।

₹4.49 लाख निवेश करने पर कितनी रकम बन सकती है?

मान लीजिए ₹4.49 लाख को एकमुश्त इंडेक्स फंड में लगाया गया। 11% CAGR मानने पर यह रकम 10 साल में करीब ₹12.7 लाख हो सकती है। 15 साल में करीब ₹21.5 लाख और 20 साल में करीब ₹36.2 लाख हो सकती है।

अगर Diversified Equity Fund में 13% CAGR मानें, तो यही रकम 10 साल में करीब ₹15.25 लाख हो सकती है। 15 साल में करीब ₹28.1 लाख और 20 साल में करीब ₹51.8 लाख हो सकती है।

ब्रोकिंग फर्म आनंद राठी के मुताबिक, Nifty 50 ने लंबे समय में करीब 10-11% रिटर्न दिया है। Diversified Equity Funds एक्टिव मैनेजमेंट के जरिए ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं।

खरीदने से पहले इन बातों पर गौर करें

सबसे पहले देखें कि ₹4.49 लाख आपकी सरप्लस रकम है या बचत का हिस्सा। नरेश बियानी ने इसे मासिक खर्च के हिसाब से देखने की भी सलाह दी है। तीन साल में इस खर्च को बांटें तो यह करीब ₹12,500 महीने बैठता है।

मनीष श्रीवास्तव के मुताबिक, बड़ी खरीदारी से पहले 6-8 महीने का इमरजेंसी फंड होना चाहिए। हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस भी पर्याप्त होना चाहिए। हाई-इंटरेस्ट कर्ज नहीं होना चाहिए। वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश भी चलता रहना चाहिए। उनके मुताबिक, आपकी कुल मासिक EMI और फिक्स्ड खर्च आपकी आय के 40-50% से ज्यादा नहीं होने चाहिए।

आईफोन डुओ खरीदें या फिर निवेश करें?

Rupyaapaisa.com के फाउंडर और MD मुकेश पांडे के मुताबिक, अगर फोन खरीदने के बाद भी पर्याप्त खर्च करने लायक रकम बचती है। और इससे जरूरी वित्तीय लक्ष्य प्रभावित नहीं होते, तो खरीदारी की जा सकती है। लेकिन अगर ₹4.49 लाख आपकी बचत का बड़ा हिस्सा है, तो पैसा निवेश करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।

आखिर में फैसला आपकी जेब और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। अगर फोन सरप्लस इनकम से खरीदा जा रहा है, तो यह जरूरी नहीं कि फैसला गलत हो। लेकिन अगर इसके लिए निवेश रोकना पड़ रहा है या इमरजेंसी फंड खत्म हो रहा है, तो ₹4.49 लाख की Opportunity Cost काफी बड़ी हो सकती है।

Personal Loan EMI: ₹5 लाख का पर्सनल लोन लेने पर कितना ब्याज देना होगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Manoj Jewellers Rights Issue: 29 सितंबर को बंद होगा राइट्स इश्यू, ₹17.97 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

चेन्नई की ज्वैलरी कंपनी Manoj Jewellers Limited ने राइट्स इश्यू लॉन्च किया है। यह इश्यू 31 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। अब 29 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी इस इश्यू से अधिकतम ₹17.97 करोड़ जुटाना चाहती है।

कंपनी 20 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 89,85,628 तक पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर जारी कर रही है। राइट्स इक्विटी शेयरों को 5 अक्टूबर 2026 को BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

1:1 का है राइट्स इश्यू

यह राइट्स इश्यू उन शेयरधारकों के लिए है, जिनके पास 21 अगस्त 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के पूरी तरह पेड-अप शेयर थे। उन्हें हर 1 शेयर के बदले 1 राइट्स इक्विटी शेयर मिलेगा।

शेयर के लिए आवेदन करते समय ही ₹20 प्रति राइट्स इक्विटी शेयर की पूरी रकम देनी होगी। इस इश्यू की रजिस्ट्रार Skyline Financial Services Private Limited है।

₹13.53 करोड़ वर्किंग कैपिटल में लगाएगी कंपनी

Manoj Jewellers इश्यू से मिलने वाली नेट रकम का बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च करेगी। इसके लिए ₹13.53 करोड़ रखे गए हैं।

इसके अलावा ₹4 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इससे वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, मौजूदा कारोबार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रमोटर ने क्या कहा?

कंपनी के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि राइट्स इश्यू से वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे होलसेल और रिटेल कारोबार की बढ़ती जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि फंड का इस्तेमाल इन्वेंट्री को बेहतर तरीके से मैनेज करने और रोजमर्रा के कारोबार की जरूरतें पूरी करने में किया जाएगा। कंपनी ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए नए प्रोडक्ट लाने पर भी काम कर रही है। इसमें हल्का ‘Thanga Kovil Collection’ भी शामिल है।

FY26 में रेवेन्यू 91.5% बढ़ा

Manoj Jewellers Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024-25 के 5,961.81 लाख रुपये से बढ़कर 2025-26 में 11,416.12 लाख रुपये हो गया। यानी इसमें करीब 91.5% की बढ़ोतरी हुई।

इसी दौरान कंपनी का टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 476.49 लाख रुपये से बढ़कर 902.36 लाख रुपये हो गया। यानी यह करीब दोगुना हो गया।

EPS और नेट एसेट वैल्यू भी बढ़ी

Manoj Jewellers की प्रति शेयर कमाई यानी EPS 7.96 रुपये से बढ़कर 10.40 रुपये हो गई। वहीं, प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू 24.28 रुपये से बढ़कर 43.25 रुपये हो गई।

कंपनी सोने, हीरे और चांदी के गहनों के होलसेल और रिटेल कारोबार में है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एथर एनर्जी ने टेस्ला और BYD को पीछे छोड़ा, इस साल शेयर 130% उछला; आगे और तेजी की उम्मीद

Ather Energy Share Price: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने इस साल शेयर बाजार में Tesla, BYD और Xiaomi जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के शेयर 2026 में अब तक करीब 130% चढ़ चुके हैं। विश्लेषकों को बढ़ते मार्केट शेयर की वजह से स्टॉक में आगे भी तेजी की उम्मीद है।

Ather के शेयर में तेजी ने ग्लोबल निवेशकों का भी ध्यान खींचा है। सोमवार को BlackRock Global Funds ने ओपन मार्केट से कंपनी में 1% से कम हिस्सेदारी खरीदी है।

इसके उलट EV कंपनियों से जुड़े 104 शेयरों को ट्रैक करने वाला ब्लूमबर्ग इंडेक्स इस साल करीब 1% गिरा है। Tesla, BYD और Xiaomi जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर इस इंडेक्स पर पड़ा है।

पिछले महीने शेयर 36% से ज्यादा चढ़ा

Hero MotoCorp की हिस्सेदारी वाली Ather Energy इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसिंग करती है। कंपनी का अपना चार्जिंग नेटवर्क भी है। भारत में EV की बढ़ती मांग का कंपनी को फायदा मिल रहा है।

बेंगलुरु की कंपनी का शेयर पिछले महीने 36% से ज्यादा चढ़ा। मई 2025 में लिस्टिंग के बाद यह किसी एक महीने में कंपनी की सबसे बड़ी तेजी है। बाजार में कंपनी की ग्रोथ को लेकर भरोसा बढ़ा है।

FY28 तक 26% मार्केट शेयर का अनुमान

Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि FY28 तक Ather Energy का मार्केट शेयर बढ़कर 26% हो सकता है। मार्च के अंत में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 17% था।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोडक्ट लॉन्च और कंपनी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी से Ather को फायदा मिल सकता है। इससे कंपनी घरेलू प्रतिद्वंद्वी Ola Electric को कड़ी टक्कर दे सकती है। पिछले हफ्ते Ather ने Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया था। इसे कंपनी की अपनी EV आर्किटेक्चर पर बनाया गया है। यह मास मार्केट सेगमेंट के लिए तैयार किया गया है।

Konarc से दोगुना हो सकता है बाजार

Nomura Holdings के एनालिस्ट्स का कहना है कि Konarc की वजह से Ather का एड्रेसेबल मार्केट दोगुना हो सकता है। यानी कंपनी के पास पहले के मुकाबले ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का मौका होगा।

एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का बाजार अब अहम मोड़ पर पहुंच रहा है। इस सेगमेंट में लंबी अवधि के लिए Ather को सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल माना जा रहा है।

लिस्टिंग के बाद 440% चढ़ा शेयर

लिस्टिंग के बाद से Ather Energy का शेयर करीब 440% चढ़ चुका है। पिछले पांच साल में ₹2,500 करोड़ या उससे ज्यादा का IPO लाने वाली भारतीय कंपनियों में Ather Energy का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।

तेजी के बावजूद एनालिस्ट्स अभी भी स्टॉक को लेकर बुलिश हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी को कवर करने वाले सभी 14 एनालिस्ट्स शेयर पर खरीदारी की सलाह दे रहे हैं।

Axis Capital ने Ather Energy का टारगेट प्राइस ₹2,100 रखा है। सोमवार के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले इसमें करीब 22% की तेजी की संभावना बताई गई है।

अगले 3-4 साल में शेयर दोगुना हो सकता है

Emkay के एनालिस्ट चिराग जैन का मानना है कि अगले तीन से चार साल में मौजूदा स्तर से भी Ather Energy का शेयर दोगुना हो सकता है।

उनका कहना है कि Ather सिर्फ फीचर्स हटाकर कीमत कम करने के पक्ष में नहीं है। कंपनी लागत कम करके कीमत घटाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि ब्रांड और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर न पड़े।

एथर एनर्जी का शेयर मंगलवार को 1.07% की तेजी के साथ 1,736 रुपये पर बंद हुआ।

गोदरेज ग्रुप का स्टॉक 55% उछल सकता है, कोटक ने ₹1010 का टारगेट दिया

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

Market Insight : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इंडेक्स तो अभी भी रेंज बाउंड ही हैं। कल के सेशन में हमने देखा कि निफ्टी में ब्रेकडाउन की कोशिश जरूर हुई थी। निफ्टी ने 24,000 का लेवल तोड़ने की कोशिश तो हुए लेकिन क्लोजिंग तक वापस निफ्टी रेंज में आ गया। ऐसे में लगता है कि जब तक निफ्टी में 24,000 का लेवल क्लोजिंग बेसिस पर नहीं टूटता रेंज बाउंड एक्टिविटी जारी रहेगी। बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन बना हुआ है। चाहे हम बैंक निफ्टी लें या निफ्टी लें दोनों ही दायरे में फंसे हुए हैं।

इस समय ऑटो स्टॉक्स में बहुत अच्छा अट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। कल और आज में हमने देखा कि टू व्हीलर ऑटो जैसे बजाज ऑटो में बहुत बेहतरीन मूव रहा है। अब हमें लगता है कि कहीं ना कहीं ऑटो एंसिलरी स्टॉक्स में इसका फॉलोअप देखने मिल सकता है।

ऑटो एंसिलरी में Minda का सेटअप सबसे अच्छा लग रहा है। स्टॉक में एक बहुत ही अच्छे कंसोलिडेशन के बाद आज के सेशन में ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। स्टॉक 1300 के ऊपर है। यह बुल्स के ग्रुप में है। इस स्टॉक में 1380 रुपए तक के लेवल्स आते हुए दिख सकते हैं। इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें ओवरऑल 1265 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

एफआई की शॉर्टिंग हो रही है। ऐसे में क्या मार्केट में ब्रेकडाउन का रिस्क दिख रहा है आपको? इसके जवाब में राहुल शर्मा ने कहा कि हां ऐसा हो सकता है। यह ऐसा ब्रेकडाउन है जो अभी तक तो आया नहीं है। कहीं ना कहीं जो कैश में जो एफआई सेलिंग थी वो काफी टेप डाउन हो चुकी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद निफ्टी में मंथली चार्ट्स पर अभी भी एक तरह से हायर हाई हायर लो बना हुआ है। ऐसे में लगता है कि ये टाइम करेक्शन है। प्राइस करेक्शन नहीं है। जीडीपी नंबर्स काफी अच्छे हैं। Q1 भी ठीक रहा। देर सबेर मार्केट इस रेंज से बाहर निकलेगा। फिलहाल अभी की रेंज 24500 की रेंज की ओर शिफ्ट होती हुई दिखेगी। सितंबर सीरीज के दूसरे भाग में हमें बाजार में तेजी आ सकती है। लेकिन अभी के लिए सलाह यह होगी जब तक बाजार रेंज से बाहर नहीं निकलता तब तक खास करके इंडेक्स में वेट एंड वॉच करना चाहिए।

वैसा इस मार्केट में इंडेक्स भले ही रेंज बाउंड है लेकिन स्माल कैप्स और माइक्रो कैप्स एक अलग ही तेजी में चल रहे है। जहां पर एक्शन है जहां पर सबसे ज्यादा लिक्विडिटी जा रही है और वहीं पर फोकस करना चाहिए। इस समय छोटे स्टॉक्स पर फोकस रहना चाहिए, वहां पर हमें ट्रैक्शन अच्छा दिखाई दे रहा है।

 

हैप्पिएस्ट माइंड्स में ITC की सब्सिडियरी ने की शॉपिंग, कंपनी मैनेजमेंट से जाने क्या होगा इसका असर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Deepa Jewellers IPO: 1 सितंबर से ₹460 करोड़ का इश्यू खुलेगा, 30% पर है GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Deepa Jewellers IPO: ज्वेलरी कंपनी Deepa Jewellers का IPO 1 सितंबर से खुलेगा। हैदराबाद की यह कंपनी 22 कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी की प्रोसेसिंग और सप्लाई करती है। इसने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर तय किया है।

कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹459.7 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1,701.4 करोड़ होगा। IPO में ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं प्रमोटर OFS के जरिए 1.18 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेंगे। OFS का साइज करीब ₹209.7 करोड़ है।

1 सितंबर से खुलेगा IPO

Deepa Jewellers का IPO निवेशकों के लिए 1 सितंबर को खुलेगा। इसमें 3 सितंबर तक बोली लगाई जा सकेगी। एंकर निवेशकों के लिए बुक 31 अगस्त को एक दिन के लिए खुलेगी। IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB के लिए रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा रिजर्व है। बाकी 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखा गया है।

निवेशकों को कम से कम 84 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद 84 शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,868 लगाने होंगे। अधिकतम निवेश ₹1,93,284 तक किया जा सकता है।

Deepa Jewellers IPO का GMP

दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP फिलहाल ₹53 है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से करीब 30% प्रीमियम का संकेत है। हालांकि, GMP लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। यह बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसमें लगातार बदलाव भी होता रहता है।

क्या करती है कंपनी?

Deepa Jewellers एक संगठित B2B कंपनी है। यह गोल्ड ज्वेलरी को डिजाइन करती है और आउटसोर्स्ड मॉडल के जरिए उसकी प्रोसेसिंग कराती है। कंपनी के पास 41 कारीगरों का नेटवर्क है।

कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन और अलग-अलग ज्वेलरी स्टोर्स को अपने प्रोडक्ट सप्लाई करती है। इसके अलावा कंपनी जॉब वर्क भी करती है। यह सिल्वर ज्वेलरी, 18 और 20 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी, कीमती पत्थर और गोल्ड बुलियन का कारोबार भी करती है।

वर्किंग कैपिटल पर खर्च होंगे ₹215 करोड़

IPO से जुटाई जाने वाली नई पूंजी में से ₹215 करोड़ कंपनी अपनी लंबी अवधि की वर्किंग कैपिटल जरूरतों पर खर्च करेगी।

इसमें ज्वेलरी का स्टॉक खरीदना, उसे बनाए रखना और कारोबार बढ़ने के साथ इन्वेंट्री का विस्तार शामिल है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

Deepa Jewellers की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में Deepa Jewellers का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा ₹40.6 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37.9% बढ़कर ₹1,926.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,397 करोड़ था।

Emkay Global Financial Services और Valmiki Leela Capital इस IPO के मर्चेंट बैंकर हैं।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।