IPO News: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने पारस हेल्थकेयर और एमके सन्स के आईपीओ प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। सेबी की साइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक अब ये दोनों कंपनियों अपनी आईपीओ योजना पर आगे बढ़ सकती हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया था। अब इन्हें हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन अभी तक आईपीओ खुलने की तारीख या प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है। आईपीओ की सफलता के बाद इनके शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।
Paras Healthcare IPO
पारस हेल्थकेयर ने ₹1,800 करोड़ तक का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कंपनी की योजना ₹500 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी करने की है को ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1,300 करोड़ तक के शेयरों की बिक्री हो सकती है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने में करेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना आईपीओ के पैसों को सब्सिडियरी PMHPL में भी निवेश की है ताकि इसका भी कर्ज हल्का हो सकते है। इसके अलावा आईपीओ के बाकी पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
पारस हेल्थकेयर पारस हेल्थ ब्रांड के तहत काम करती है और टर्शियरी और क्वाटर्नरी हेल्थकेयर सर्विसेज देती है। 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में कुल 2,211 बेड की क्षमता वाले आठ अस्पताल चला रही थी। इसके अस्पताल हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में हैं।
MK Sons Fine Jewels IPO
एमके सन्स फाइन ज्वेल्स रिटेल-फोकस्ड ज्वैलरी कंपनी है। इसकी योजना आईपीओ के तहत 1.36 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की है और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत प्रमोटर शेयरहोल्डर रामचंद मुरलीधर रायमलानी अधिकतम 34 लाख शेयरों की बिक्री कर सकते हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम खोलने, गुजरात में अपने मौजूदा शोरूम को बड़ा करने, कर्ज हल्का करने और आम कॉर्रपोरेट उद्देश्यों में करेगी। एमके सन्स फाइन ज्वेल्स अपने शोरूम के जरिए सोने, हीरे और क्यूबिक जिर्कोनिया के गहने बेचती है। अभी मुंबई और अहमदाबाद में इसके पांच शोरूम हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Jio Platforms IPO: देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। 37,000 करोड़ रुपये के इस मेगा आईपीओ के लिए आपको तैयार रहने की जरूरत है। सेबी से मंजूरी मिलने के बाद अब ह्यूंडई मोटर इंडिया के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड टूटने जा रहा है। ह्यूंडई मोटर इंडिया का आईपीओ पिछले साल आया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था।
Jio Platforms देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries की डिजिटल इकाई है। Jio Platforms की सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm आज देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन के सब्सक्राइबर्स हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं होगा।
SEBI से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अब आईपीओ में शेयर का प्राइस-बैंड तय करेगी। इनवेस्टर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि Jio Platforms रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटेल बिजनेसेज की होल्डिंग कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की Jio Platforms में 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। इस कंपनी में दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी ब़ड़ी हिस्सेदारी है। इनमें Meta Platforms और Google शामिल हैं, जिनकी हिस्सेदारी क्रमश: 9.98 फीसदी और 7.73 फीसदी शामिल हैं।
शेयर बाजार में हाल में लिस्ट होने वाली रिलायंस इडस्ट्रीज की यह दूसरी कंपनी होगी। इससे पहले RIL ने अपनी फाइनेंशियल बिजनेसेज की सब्सिडियरी Jio Financial Services को लिस्ट कराया था। यह आईपीओ अगस्त 2023 में आया था, जिसे इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी का शेयर 28 अगस्त को मामूली गिरावट के साथ 238 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 23 फीसदी गिरा है।
निवेशकों को यह भी ध्यान में रखने की जरूरत है कि Reliance Jio Infocomm दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल सर्विसेज कंपनी है। चीन की China Mobile पहले पायदान पर है। Jio Platforms का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। इसके अलावा ओएफएस, बल्क डील, ब्लॉक डील से भी कंपनियां काफी पैसे जुटा रही हैं। उधर, देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का IPO भी जल्द आने वाला है। रिटेल इनवेस्टर्स जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के आईपीओ का काफी समय से इंतजार कर रहे हैं।
Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
Stock in Focus: इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की KP Green Engineering को कुल ₹258.02 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर सोलर, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़े हैं। कंपनी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
सोलर से मिले ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर
नए ऑर्डर्स में सबसे बड़ा हिस्सा सोलर का है। कंपनी को ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें फिक्स्ड टिल्ट मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर शामिल हैं। ट्रैकर टाइप मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर भी हैं। इसके अलावा दूसरे स्ट्रक्चरल कंपोनेंट्स की सप्लाई भी होगी।
रेलवे के लिए ₹92.38 करोड़ का काम
कंपनी को ₹92.38 करोड़ के क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिले हैं। इनमें रेलवे ट्रैक फेंसिंग से जुड़े काम भी शामिल हैं।
सोलर और क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिलाकर करीब ₹207 करोड़ के हैं। यानी नए ऑर्डर्स का करीब 80% कारोबार इन्हीं दो सेगमेंट से आया है।
बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन से भी ऑर्डर
KP Green Engineering को ₹33.76 करोड़ के प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग स्ट्रक्चर के ऑर्डर मिले हैं। पावर ट्रांसमिशन कारोबार से कंपनी को ₹15.42 करोड़ के ऑर्डर मिले।
इसके अलावा पोल और हाईमास्ट प्रोडक्ट्स के लिए ₹0.97 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। 220 kV, 66 kV और 33 kV नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले आइसोलेटर्स के लिए ₹0.96 करोड़ का ऑर्डर मिला है।
FY27 में अब तक ₹497.64 करोड़ के ऑर्डर
नए ऑर्डर के बाद चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल कन्फर्म्ड ऑर्डर इनटेक ₹497.64 करोड़ हो गया है।
कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स से कैपेसिटी का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे आने वाले समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी। हालांकि, कंपनी ने अलग-अलग ऑर्डर के ग्राहकों और उन्हें पूरा करने की समयसीमा नहीं बताई है।
KP Green के शेयरों का हाल
KP Green Engineering का शेयर शुक्रवार को 0.33% गिरकर ₹260.05 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.67% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 53% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप
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Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।
Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।
सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।
इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।
जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा
Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।
53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस
जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।
कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।
इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी
SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
While both models here are hybrids and have 7 seats across three rows, they offer different hybrid technologies. With the ADAPT platform-based JSW MG Hector Tomahawk PHEV, India has its first-ever mass-market plug-in hybrid vehicle making its entry in the hugely popular SUV segment. On the other hand, the TNGA-C platform-based Toyota Innova Hycross is an MPV and offers a strong-hybrid powertrain. Here’s how they stack up in their fully loaded trims.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Dimensions
The Innova Hycross is larger and offers a slightly bigger boot with all seats in place
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) dimensions
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Length (mm)
4,745
4,755
Width (mm)
1,850
1,850
Height (mm)
1,770
1,790
Wheelbase (mm)
2,810
2,850
Boot space (litres)
192
239
Wheel size (inches)
18
18
The Innova Hycross Hybrid is 10mm longer and 20mm taller than the Hector Tomahawk PHEV. The Toyota MPV also has a wheelbase that’s longer by 40mm, while both cars have identical width figures and sport 18-inch alloy wheels in their top-spec trims. The Innova Hycross Hybrid’s luggage capacity with the third row in place is greater by 47 litres. One of the factors limiting the outright cargo volume of the Hector Tomahawk PHEV is its more space-consuming plug-in hybrid tech.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Powertrain
The plug-in hybrid powertrain of the MG SUV is more fuel-efficient and offers more power
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) powertrain options
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Engine
1.5-litre naturally aspirated petrol
2.0-litre naturally aspirated petrol
Battery size
20.5kWh
1.6kWh
Electric motor type
Permanent magnet synchronous motor
Permanent magnet synchronous motor
Drive configuration
FWD
FWD
Total system output
198hp, 230Nm
184hp, 188Nm
Transmission
DHT
eCVT
0-100kph
9.0 seconds
10.69 seconds*
Claimed mileage
50kpl
22.16kpl
Fuel tank
52 litres
52 litres
AC charging
7.5 hrs at 3.3kW (10-100%)
–
DC fast charging
35 mins at 25kW (30-80%)
–
*Autocar India-tested 0-100kph time.
The strong hybrid powertrain of the Toyota Innova Hycross offers a couple of drive modes – including pure-electric and engine + electric. However, its compact nickel metal hydride (NiMH) battery means that the EV mode of the Innova Hycross Hybrid is understandably more limited than the MG Hector Tomahawk PHEV’s, requiring the 2.0-litre petrol engine to step in more often.
The claimed mileage figure of the Innova Hycross Hybrid is 27.84kpl worse than the MG plug-in hybrid SUV, and despite the same fuel tank size, the former’s combined range tops out at around 800km, as per our real-world test of the Toyota MPV. Meanwhile, the plug-in hybrid system of the MG Hector Tomahawk PHEV offers more flexibility and comes with four main drive modes. The larger 20.5kWh battery pack and 1.5-litre engine allow for a combined claimed range of over 1,100km.
The Hector Tomahawk PHEV not only offers a claimed pure-electric range of over 115km, but it can also have the engine charging the battery pack while the electric motor drives the front wheels. This is a drive mode that isn’t offered with the Toyota Innova Hycross Hybrid. To extract the highest possible efficiency from its hybrid system, the Hector Tomahawk PHEV needs to be plugged in to an AC or a DC charger in order to fully top up its battery pack.
Depending on the battery’s SoC, both cars can rely entirely on their petrol engine to drive the wheels. Compared to the Innova Hycross Hybrid’s e-CVT (electronically controlled continuously variable transmission), the Hector Tomahawk PHEV gets a DHT (Dedicated Hybrid Transmission) with an e-clutch. The combined output of the MG Hector Tomahawk PHEV is 14hp and 42Nm more than what the Toyota Innova Hycross Hybrid offers.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Exterior features
Different body styles aside, both cars are similarly equipped on the outside
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) exterior features
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Auto LED headlamps
Yes
Yes
LED DRLs
Yes
Yes
Backlit logo
Yes
No
Sequential turn signals
Yes
Yes
Front fog lamps
No
Yes (LED)
Rear fog lamps
Yes (LED)
No
Welcome lights
No
Yes
Powered ORVMs
Yes (with auto-fold function)
Yes (with auto-fold function)
Body cladding
Yes
No
Roof rails
Yes
No
Rear spoiler
Yes
Yes
Powered tailgate
Yes
Yes
Radio antenna
Windscreen-integrated
Sharkfin
Colours
Mono-tone and dual-tone
Mono-tone
The MG Hector Tomahawk PHEV is offered in two dual-tone colour options and six mono-tone shades, including a couple of bolder choices. The Toyota Innova Hycross Hybrid is restricted to six simpler-looking colours. The SUV body style aside, the Hector Tomahawk PHEV also sports a backlit ‘MG’ logo up front plus prominent roof rails and body cladding.
Where the Innova Hycross Hybrid gets the traditional sharkfin radio antenna, the Hector Tomahawk PHEV has its antenna embedded in the windscreen. The Toyota Innova Hycross Hybrid gets front LED fog lamps, whilst the MG Hector Tomahawk PHEV features rear LED fog lamps. While the top-spec trims of both cars get automatic LED headlamps and sequential turn indicators, it’s only the Toyota that offers ‘welcome’ lights.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Interior features
The Hector Tomahawk PHEV offers even more modern on-board tech than the Hycross
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) interior features
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Infotainment screen
15.6-inch (with swipe gestures)
10.1-inch
Digital driver’s display
8.8-inch
7.0-inch MID
Panoramic sunroof
Yes (dual-pane)
Yes (dual-pane)
Steering adjustment
Tilt & telescopic
Tilt & telescopic
Driver’s seat adjustment
6-way powered
8-way powered
Memory powered
Yes (with ‘retreat’ function)
Yes
Co-driver’s seat adjustment
4-way powered
4-way manual
Sliding & reclining second row
Yes
Yes (powered ottoman seats)
Split rear seats
Yes (second & third rows)
Yes (second & third rows)
Ventilated front seats
Yes
Yes
Leatherette upholstery
Yes
Yes
Rear sunblinds
Yes
Yes
Rear armrest
Yes (with cupholders)
Yes (individual armrests)
Wireless charger
Yes (50W)
No
Automatic climate control
Yes (dual-zone)
Yes (single-zone)
Ambient lighting
Yes (256 colours)
Yes (single-colour)
Audio system
10-speaker Infinity
9-speaker JBL
Wireless Apple CarPlay & Android Auto
Yes
Yes (CarPlay only)
USB ports
Yes (5 ports)
Yes (4 ports)
Connected car tech
Yes
Yes
Voice assistant
Yes (AI-powered & multilingual)
Yes
OTA updates
Yes
No
Multi-app support
Yes
No
The infotainment features of the top-spec MG Hector Tomahawk PHEV are more comprehensive. It comes with a larger touchscreen that supports swipe-gesture functionalities, along with an AI-powered voice assistant with six languages supported. MG’s tie-up with Jio means that there are plenty of apps offered – including gaming, streaming and more. The Hector Tomahawk PHEV also offers OTA software updates, wireless connectivity for both Apple CarPlay and Android Auto and a built-in 50-watt wireless charger.
The MG SUV’s convenience features further include a more comprehensive 256-colour ambient lighting system, a fully digital instrument panel, dual-zone AC, a powered front passenger seat, a ‘retreat’ function for the driver’s seat when the door is opened, armrest-integrated cupholders for the second row, and an additional USB port over the top-spec Toyota Innova Hycross Hybrid.
However, the latter offers individual & powered captain chairs for the second row with a fold-away ottoman function. The 7-seat capability of the Innova Hycross comes by way of a three-seat third bench. The minimalist interior of the Hector Tomahawk PHEV looks modern but the increased reliance on the touchscreen can come in the way of everyday usability, especially while on the move. The Innova Hycross Hybrid’s interior, meanwhile, offers plenty of physical switchgear that are much easier to use.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Safety features
Both cars are relatively well-equipped on the safety front
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) safety features
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Airbags
6
6
ABS with EBD
Yes
Yes
Electronic stability program
Yes
Yes
Traction control system
Yes
No
Hill-hold assist
Yes
Yes
TPMS
Yes
Yes
Parking sensors
Yes (front & rear)
Yes (front & rear)
360-degree camera
Yes
Yes
Electronic parking brake
Yes (with auto-hold function)
Yes (with auto-hold function)
Auto-dimming IRVM
Yes
Yes
Rain-sensing wipers
Yes
No
ISOFIX
Yes
Yes
Rear wiper and defogger
Yes
Yes
All-wheel disc brakes
Yes
Yes
ADAS
Yes
Yes
The fully loaded trims of both these cars offer all the basic passive and active safety aids that buyers at this price bracket expect. While both come with ADAS (Advanced Driver Assistance Systems), it’s the MG Hector Tomahawk PHEV that packs in more features within its ADAS suite. Its adaptive cruise control aid integrates Bend Cruise Assistance (BCA), which slows down the vehicle when approaching corners. There’s also Traffic Jam Assist, which works alongside other active lane-keeping measures.
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O): Other features
The MG SUV adds a few nice-to-have features over the equivalent Innova Hycross
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) other features
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Drive modes
Yes (4)
Yes (3)
Paddle shifters
No
Yes
V2V and V2L
Yes
No
The MG Hector Tomahawk PHEV offers Eco, Normal, Sports and Custom drive modes, whereas the Toyota Innova Hycross Hybrid gets Eco, Normal and Power – one less than the MG. The latter also lacks Vehicle to Vehicle (V2V) and Vehicle to Load (V2L) functionalities that are available with the Hector Tomahawk PHEV.
Conclusion
MG Hector Tomahawk PHEV Essence vs Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) prices
MG Hector Tomahawk PHEV
Toyota Innova Hycross Hybrid
Prices (In Rs, lakh)
27.79
31.84
While the prices of the MG Hector Tomahawk PHEV are currently introductory, the delta between the two cars here is steep. The top-spec Toyota Innova Hycross Hybrid ZX (O) is priced Rs 4.05 lakh more than fully loaded Essence trim of the MG plug-in hybrid SUV. Its affordability factor notwithstanding, the Hector Tomahawk PHEV Essence trim gets a more comprehensive & punchier hybrid powertrain that offers better mileage, along with a better-finished and more premium-looking interior. Moreover, if you prefer an SUV body style, the MG Hector Tomahawk PHEV would be worth a serious look.
Stocks to Watch: गुरुवार 27 अगस्त के कारोबार में कुछ शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। किसी कंपनी को बड़ा ऑर्डर मिला है। किसी में ब्लॉक डील की खबर है। वहीं कुछ कंपनियों पर रेगुलेटरी एक्शन या निवेश से जुड़ी खबर आई है।
BEL
सरकारी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी BEL को पिछले 16 दिनों में करीब ₹730 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स में रडार, एवियोनिक्स, कम्युनिकेशन सिस्टम और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े काम शामिल हैं।
Hindustan Copper
सरकारी मेटल कंपनी Hindustan Copper में सरकार का ऑफर फॉर सेल यानी OFS सफल रहा है। इस इश्यू को निवेशकों से जोरदार रिस्पॉन्स मिला। दोनों दिन OFS ओवरसब्सक्राइब हुआ, जिसके बाद सरकार ने पूरा ग्रीन-शू ऑप्शन भी इस्तेमाल किया।
Jio Financial Services
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services की Jio Credit यूनिट तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के CEO हितेश सेठिया ने बताया कि Q1 FY27 में Jio Credit का ग्रॉस AUM ₹30,000 करोड़ के पार पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 163% की बढ़त है, जबकि तिमाही में डिस्बर्समेंट 173% बढ़कर ₹11,252 करोड़ रहा।
ICICI Prudential AMC
एसेट मैनेजमेंट कंपनी ICICI Prudential AMC में गुरुवार को करीब ₹2,964 करोड़ से ₹3,122 करोड़ की बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। इस डील के जरिए कंपनी की करीब 2% हिस्सेदारी बिकने की खबर है।
Max Healthcare
हेल्थकेयर कंपनी Max Healthcare को DGGI मुंबई से ₹165.7 करोड़ का टैक्स डिमांड ऑर्डर मिला है। इसमें ₹110.5 करोड़ की पेनल्टी भी शामिल है।
IRB Infra
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infra के बोर्ड ने IRB InvIT Fund में ₹351 करोड़ निवेश को मंजूरी दी है। कंपनी ₹65 प्रति यूनिट की कीमत पर करीब 5.4 करोड़ अतिरिक्त यूनिट खरीद सकती है। यह निवेश IRB InvIT को दो प्रोजेक्ट SPV खरीदने में मदद करेगा।
Fino Payments Bank
बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank को RBI से बड़ा अपडेट मिला है। RBI ने Ketan Merchant के Interim CEO के तौर पर कार्यकाल को तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दी है।
GK Energy
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी GK Energy को ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने और उनके ऑपरेशन व मेंटेनेंस का ₹454.5 करोड़ का LoE मिला है। यानी कंपनी को इस काम के लिए पैनल में शामिल किया गया है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Market Mantra : बाजार पर दबाव बना हुआ है। क्रूड में तेजी है और यह 92 डॉलर के आसपास बना हुआ है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रिकवरी की कोशिश के बावजूद ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पा रहे हैं। ऐसे में मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए कंप्लीट सर्किल (Complete Circle) के मैनेजिंग पार्टनर और CIO गुरमीत चड्ढा ने कहा कि आज मंथली एक्सपायरी भी है ऐसे में अभी कुछ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। लेकिन यह कहा जा सकता है कि पिछले 8-10 दिनों में वापस से मार्केट का सेंटीमेंट थोड़ा बदला है। बाजार में फंडामेंटली तो कोई चेंज नहीं हुआ है लेकिन सेंटीमेंट थोड़ा चेंज हुआ है।
लार्ज कैप्स को लेकर थोड़ा सा सरप्राइज लग रहा है। तमाम अच्छे इंडिकेटर्स और अच्छी अर्निंग्स के बावजूद इनमें सुस्ती है। ऑटो नंबर्स बहुत अच्छे रहे हैं। पावर, स्टील का और कमोडिटी का ऑफटेक अच्छे रहे हैं। इकोनमिक मोमेंटम अच्छा है। Q1 जीडीपी के आंकड़े में भी पॉजिटिव सरप्राइज की उम्मीद है। बैंक क्रेडिट ग्रोथ 17-18% पर है। ऐसे में बाजार का न चलना थोड़ा निराश करने वाला है। लेकिन ऐसा लगता है कि यह एफआईआई की पोजीशनिंग का असर है। देर-सबेर बाजार फंडामेंटल्स को जरूर अहमियत देगा। बाजार हमारे धीरज की परीक्षा ले रहा है। बाजार अक्सर ऐसा करता है। लेकिन बार परीक्षा का पीरियड थोड़ा लंबा हो गया। लेकिन उम्मीद है कि इस लंबी परीक्षा के बाद अच्छा रिवॉर्ड मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस समय भी बाजार अच्छे स्टॉक पिकर्स को रिवॉर्ड कर रहा है, चाहे ये फाइनेंशियल्स हो, ऑटो हो, एनर्जी हो डिफेंस हो केमिकल हो हर सेक्टर में विनर्स हैं। आईटी सेक्टर सर्विज में भी मिड कैप आईटी में तमाम विनर्स है। ऐसा लगता है कि कुछ और समय तक स्टॉक पिकर्स मार्केट रहेगा। लेकिन इस साल की दूसरी छमाही काफी बेहतर रहने वाली है। जिन निवेशकों में 2-2.5 तक धीरज रखा है उनको बाजार मीठा फल देगा।
टेलीकॉम स्पेस में क्या Vodafone Idea एक अच्छा बेट हो सकता है? इसके जवाब में गुरमीत चड्ढा ने कहा कि वे इस समय इस शेयर पर दांव लगाने के पक्ष में नहीं हैं। अभी भी इसका नेटवर्थ नेगेटिव है। इससे उबरने के लिए कंपनी के ARPU में लंबे जंप की जरूरत है। इसके अलावा इस सेक्टर में विस्तार के लिए बड़े निवेश की जरूरत होती है। अभी कंपनी ने 5G का रोल आउट शुरू किया है। उसके बाद 6G का नंबर आ जाएगा। लेकिन एक बात है कि अब कंपनी के बंद होने का डर खत्म हो गया है। कंपनी में अब सरकार का 48 49% हिस्सेदारी हो गई है। लेकिन इस सेक्टर में भारती एयरटेल ज्यादा अच्छा लग रहा है।
जब Jio का आईपीओ आएगा तो यह भारती के लिए एक अच्छा रीरेटिंग इवेंट हो सकता है क्योंकि Jio का वैल्यू्यूएशन 110-120 बिलियन डॉलर के आसपास हो सकता है। वहीं, भारती आपको 100-105 बिलियन डॉलर पर मिल रहा है। अभी-अभी कंपनी ने मिनिमम रिचार्ज भी बंद कर दिया है ऐसे में इस क्वार्टर और अगले क्वार्टर में कंपनी के ARPU में थोड़ा और जंप देखने को मिलेगा। शायद अगले दो क्वार्टर में में इसका ARPU 300 रुपए के आसपास जाता दिख सकता है। भारतीय Airtel अफ्रीका बिनेस में मोनेटाइजेशन हो रहा है। यह बिज़नेस भी काफी स्टेबल है। एंटरप्राइज मोबिलिटी का सारा बिज़नेस अच्छा कर रहा है। ऐसे में भारती एयरटेल सबसे बेहतर लॉर्ज कैप शेयरों में से एक है। इस स्टॉक को पोर्टफोलियो में होना चाहिए। किसी गिरावट में इस शेयर में खरीदारी की सलाह होगी।
मर्जर की खबर के बाद इंडियन होटल्स के शेयरों पर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि उनके पोर्टफोलियो में इंडियन होटल्स है। इसमें उनकी पुरानी होल्डिंग है। यह शेयर प्रीमियम कंजम्प्शन का बहुत अच्छा प्ले है। पुनीत जी के आने के बाद इसका कैपिटल एलोकेशन बहुत टाइट हुआ है। लेकिन इस शेयर में अभी खरीदारी करने के सलाह नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि कंजम्प्शन थीम में उनको क्विक कॉमर्स और यूपीआई रिलेटेड कंपनियां जैसे Paytm और MSHO अच्छी लग रही हैं। लेंसकार्ट ने भी आईपीओ के बाद में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी बहुत अच्छी यूनिट इकोनॉमिक्स है। बहुत सारे न्यू बिज़नेस में अगले एक-डेढ़ साल में प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर बहुत बड़ा बदलाव दिखेगा। कंजम्प्शन थीम को ऑटो और न्यू एज बिनेस से प्ले करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
गुरमीत चड्ढा ने आगे कहा कि गोल्ड की ज्वेलरी कंपनियां इस समय महंगी लग रही हैं लेकिन गोल्ड एनबीएफी में खरीदारी की जा सकती है। इस समय पोर्टफोलियो में गोल्ड का एलोकेशन 5-7 फीसदी होना चाहिए। इसके अलावा दूसरी कमोडिटीज की बात करें तो कॉपर और एल्यूमीनियम पर फोकस होना चाहिए। इन दोनों मेटल्स को एआई बूम से भी फायदा होगा।
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Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।
अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?
निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव
ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक
अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।
Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।
पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।
SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।
LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।
HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।
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Stocks to Watch : गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर बाजार में 15 स्टॉक्स पर खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार में हलचल दिख सकती है। वहीं, कमजोर नतीजों वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और कारोबारी अपडेट भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
Apollo Hospitals
हेल्थकेयर कंपनी Apollo Hospitals का Q1 FY27 में नेट प्रॉफिट 38.4% बढ़कर ₹610 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 20.6% बढ़कर ₹7,044 करोड़ रहा। EBITDA 28.2% बढ़कर ₹1,092 करोड़ पहुंचा, जबकि EBITDA मार्जिन 14.6% से बढ़कर 15.5% हो गया।
IRCTC
सरकारी रेलवे कंपनी IRCTC का Q1 FY27 में नेट प्रॉफिट करीब स्थिर रहा। मुनाफा ₹330 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹331 करोड़ था। रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,369.5 करोड़ हुआ, लेकिन EBITDA मार्जिन 34.3% से घटकर 28.2% रह गया।
Jio Financial Services
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services ने Bank of America के साथ जॉइंट वेंचर समझौता किया है। इसके तहत Bank of America, Jio Credit में 49.9% तक हिस्सेदारी लेगा। Jio Credit का AUM 30 जून 2026 तक ₹30,667 करोड़ पहुंच चुका है।
GMR Airports
एयरपोर्ट कंपनी GMR Airports को जून तिमाही में ₹91 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ। पिछले साल कंपनी को ₹212 करोड़ का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹3,964 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 24% बढ़कर ₹1,447 करोड़ पहुंचा और मार्जिन 36.3% से बढ़कर 36.5% हो गया।
Lenskart
आईवियर कंपनी Lenskart के जून तिमाही नतीजे मजबूत रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 270% बढ़कर ₹222 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹60 करोड़ था। रेवेन्यू 43.3% बढ़कर ₹2,714.2 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 17.7% से बढ़कर 21.7% हो गया।
Tata Motors CV
टाटा की कंपनी कमर्शियल व्हीकल कंपनी Tata Motors CV का प्रदर्शन भी शानदार रहा। नेट प्रॉफिट 83.3% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹20,667 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 11.98% से बढ़कर 15.83% हो गया।
Abbott India
दवा कंपनी Abbott India का Q1 FY27 में नेट प्रॉफिट 17.12% बढ़कर ₹429 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 4.3% बढ़कर ₹1,813.6 करोड़ रहा। EBITDA 17.3% बढ़कर ₹522.4 करोड़ पहुंचा, जबकि EBITDA मार्जिन 25.63% से बढ़कर 28.81% हो गया।
Gujarat Pipavav
पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनी Gujarat Pipavav के नतीजे मजबूत रहे। नेट प्रॉफिट 41.8% बढ़कर ₹147.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 32.6% बढ़कर ₹331.7 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 58.86% से बढ़कर 64.49% हो गया।
Vascon Engineers
कंस्ट्रक्शन कंपनी Vascon Engineers को ₹126.39 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसके तहत महाराष्ट्र के वर्धा में 300 बेड का जनरल अस्पताल बनाया जाएगा। कंपनी को यह काम 24 महीने में पूरा करना होगा।
Astral
बिल्डिंग मैटेरियल्स कंपनी Astral का मुनाफा 51.8% बढ़कर ₹120 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 15.9% बढ़कर ₹1,578 करोड़ रहा। EBITDA 23% बढ़कर ₹231 करोड़ पहुंचा। EBITDA मार्जिन 13.8% से बढ़कर 14.7% हुआ।
Bajel Projects
इंजीनियरिंग कंपनी Bajel Projects को ₹600 करोड़ से ज्यादा का बड़ा ट्रांसमिशन लाइन ऑर्डर मिला है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में 765kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बनाई जाएगी। यह प्रोजेक्ट देश के पश्चिमी और पूर्वी पावर ग्रिड के बीच बिजली ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाएगा।
Sun TV
मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Sun TV का नेट प्रॉफिट 16.93% बढ़कर ₹618.8 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹529.2 करोड़ था। रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹1,457.8 करोड़ हुआ। EBITDA मार्जिन भी 48% से बढ़कर 50.44% हो गया।
IRCON International
सरकारी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी IRCON International के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 43.62% घटकर ₹92.74 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹1,955.8 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 11.19% से घटकर 10.49% हो गया।
UltraTech Cement
सीमेंट कंपनी UltraTech Cement में बड़ी ब्लॉक डील पर नजर रहेगी। Pilani Investment करीब 17 लाख शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की करीब 0.6% हिस्सेदारी है। डील से करीब ₹1,909 करोड़ जुटाए जा सकते हैं। Floor Price ₹11,481 प्रति शेयर रखा गया है।
JSW Energy
पावर कंपनी JSW Energy ने भूटान की Druk Green Power Corporation के साथ 920 MW की हाइड्रोपावर परियोजना के लिए समझौता किया है। प्रोजेक्ट में DGPC की 51% और JSW Neo Energy की 49% हिस्सेदारी होगी। यह भारत के बाहर JSW Energy का पहला पावर जेनरेशन प्रोजेक्ट है।
डिफेंस स्टॉक्स
सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए करीब ₹1 लाख करोड़ का बड़ा टेंडर जारी किया है। इसके तहत 60 मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे। सरकारी रक्षा कंपनी HAL के साथ घरेलू कंपनियां इन विमानों का निर्माण करेंगी। Tata Advanced Systems और Mahindra Group भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं।
तिमाही नतीजे
रियल्टी, इलेक्ट्रिकल्स, हॉस्पिटैलिटी, एनर्जी और मीडिया समेत कई कंपनियां कल जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें A B Infrabuild, Aditya Birla Real Estate, Artemis Electricals and Projects, Asian Hotels (East), Asian Energy Services, Awfis Space Solutions और Balaji Telefilms शामिल हैं।
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Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Vivo S2 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह फोन कंपनी की फ्लैगशिप X-सीरीज के नीचे रखा गया है। इस फोन में आपको कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, बड़ी 7050mAh बैटरी और MediaTek का नया Dimensity 7360-Turbo प्रोसेसर दिया गया है। अब आइए इस फोन की कीमत, स्पेसिफिकेशन, लॉन्च ऑफर और उपलब्धता से जुड़ी सभी जानकारी के बारे में जानते हैं।
Vivo S2 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स
चीनी कंपनी Vivo S2 में 6.83-इंच का 1.5K 3D कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, HDR10+ और 3,000 निट्स तक की लोकल पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इस स्मार्टफोन में 4nm प्रोसेस पर बना MediaTek Dimensity 7360-Turbo चिपसेट दिया गया है, साथ ही इसमें 8GB RAM और 256GB तक का स्टोरेज ऑप्शन मिलता है। इसके अलावा, इस हैंडसेट में 44W सपोर्ट वाली 7050mAh की बैटरी है और यह Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर चलता है।
कैमरे की बात करें तो, इस फोन में 50MP का Sony प्राइमरी रियर कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करते हैं। कैमरे के अन्य फीचर्स में AI Erase 2.0, पोर्ट्रेट मोड, नाइट मोड, सुपरमून, डुअल व्यू वीडियो, टाइम-लैप्स और प्रो मोड शामिल हैं।
चीन की यह टेक कंपनी अपने इस हैंडसेट में IP68 और IP69 रेटिंग, मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी, स्टीरियो स्पीकर, Google Gemini इंटीग्रेशन, Circle to Search, AI Smart Call Assistant, AI Captions, Super Documents, Private Space और Vivo Office Kit जैसे फीचर्स भी देती है।
Vivo S2 की कीमत, ऑफर, कलर और उपलब्धता
भारत में Vivo S2 Silk White, Sapphire Blue और Regal Bronze कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। इसके 8GB + 128GB वेरिएंट की कीमत ₹39,999 है, जबकि 8GB + 256GB वर्जन की कीमत ₹49,999 है। इसकी बिक्री 11 अगस्त से Vivo के ऑफिशियल ऑनलाइन स्टोर, Flipkart, Amazon और देश भर के ऑथराइज्ड रिटेल आउटलेट्स पर शुरू होगी।
लॉन्च ऑफर के तहत, इच्छुक ग्राहक चुनिंदा बैंक कार्ड पर 10% तक का इंस्टेंट कैशबैक, एक्सचेंज बोनस, डिस्काउंटेड V-शील्ड प्रोटेक्शन प्लान, एक साल की एक्सटेंडेड वारंटी और Jio के फायदे पा सकते हैं। वहीं, इन फायदों में 18 महीने के लिए 5TB क्लाउड स्टोरेज और Google Gemini Pro का एक्सेस शामिल है।