Red Sea Attack: यमन के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सदस्य सुरक्षित

विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यमन के तट के पास लाल सागर (Red Sea) में भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MSV Faize Noore Oliya पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। हमले के बाद जहाज पलट गया और डूब गया। जहाज पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। मंत्रालय ने कहा कि सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

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यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 लोगों को बचाया

 

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया और उन्हें मोखा बंदरगाह (Port of Mokha) पहुंचाया। सोनोवाल के मुताबिक, भारतीय जहाज MSV Faize Noore Oliya को यमनी जलक्षेत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। इसके बाद जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। उन्होंने इस हमले को निहत्थे और असुरक्षित मशीनीकृत नौकायन जहाज पर किया गया हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए दिए निर्देश

 

सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने Director General Maritime Administration (DGMA) को क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, बचाए गए क्रू सदस्यों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

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रियाद स्थित भारतीय दूतावास कर रहा निगरानी

 

विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है और क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। MEA ने बचाव अभियान में सहायता के लिए यमनी अधिकारियों का भी आभार जताया।

 

लाल सागर में लगातार हो रहे हमलों पर भारत की चिंता

 

विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले बंद होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए बिना किसी बाधा के नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री आवाजाही और व्यापार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए।

अल हुदायदाह के पास हुआ हमला

 

अनादोलु न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के हवाले से बताया गया कि जहाज पर हमला अल हुदायदाह से करीब 13 नॉटिकल मील दक्षिण में हुआ था। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। बचाए गए नाविकों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

 

Red Sea और Bab al-Mandab को लेकर बढ़ी चिंता

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यह घटना ऐसे समय हुई है जब लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बाब-अल-मंदब एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में भारतीय जहाज पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

 

Houthis और क्षेत्रीय तनाव का भी असर

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब के आसपास सक्रिय नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) का नेतृत्व तारेक सालेह करते हैं, जो यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य हैं। यह घटना क्षेत्र में जारी अन्य तनावों के बीच हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान समर्थित यमनी हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ कथित 'नौसैनिक नाकाबंदी' की घोषणा की थी। इसके बाद रियाद ने अपने जहाजों को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

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खाद्य नियामक FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने Dabur India के कई खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कार्रवाई उन उत्पादों की पैकेजिंग और बिक्री में किए गए ‘100 per cent’ यानी 100 प्रतिशत दावों को लेकर की गई है। FSSAI का कहना है कि इस तरह के दावे भ्रामक हो सकते हैं और खाद्य नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

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FSSAI ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उसने Dabur India Ltd के खिलाफ prohibition order जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी की वेबसाइट पर ऐसे खाद्य उत्पादों की बिक्री को लेकर की गई, जिन पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’, ‘100% Organic’ और ‘100% Tender Coconut Water’ जैसे दावे किए गए थे। नियामक के अनुसार ऐसे दावे अस्पष्ट, सत्यापित करना मुश्किल और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हो सकते हैं। ‘100%’ दावे पर FSSAI ने क्यों उठाया सवाल?

FSSAI के मुताबिक खाद्य उत्पादों पर ऐसे absolute claims यानी पूर्णता का दावा करने वाले शब्द उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति या गुणवत्ता को लेकर गलत धारणा दे सकते हैं। नियामक ने इन्हें ambiguous, unverifiable and likely to mislead यानी अस्पष्ट, सत्यापन योग्य नहीं और भ्रामक होने की आशंका वाला बताया है। FSSAI के खाद्य दावों संबंधी दिशा-निर्देशों में भी दावों को सच्चा, स्पष्ट, सार्थक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित रखने पर जोर दिया गया है। उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब?

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इस कार्रवाई का मुख्य फोकस उत्पादों की गुणवत्ता पर सामान्य प्रतिबंध लगाने के बजाय लेबलिंग और मार्केटिंग में किए गए ‘100%’ दावों पर है। इसलिए इसे सीधे तौर पर यह नहीं समझना चाहिए कि सूची में शामिल सभी Dabur उत्पाद असुरक्षित घोषित कर दिए गए हैं। मामला मुख्य रूप से इस बात से जुड़ा है कि पैकेजिंग और बिक्री के दौरान उत्पाद के बारे में किस तरह के दावे किए जा सकते हैं।

MP-CG में Jio का जलवा! ब्रॉडबैंड ग्राहक 21 लाख के पार, नए सस्ते Wi-Fi और TV कॉम्बो प्लान लॉन्च

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मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में रिलायंस जियो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई है।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, MP-CG सर्किल में जियोफाइबर और FWA आधारित जियोएयरफाइबर सेवाओं से 46 हजार से अधिक नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े हैं। इसी अवधि में एयरटेल के करीब 14 हजार नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े।
 

रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सभी टेलीकॉम कंपनियों के कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 35 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें अकेले जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख से ज्यादा है। वहीं, मोबाइल सेवाओं में भी जियो का मजबूत प्रदर्शन जारी है और कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5.05 करोड़ से अधिक हो चुकी है।

 

इस उपलब्धि के साथ जियोहोम ने डिजिटल मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट को हर घर तक पहुंचाने के लिए नए और बेहद किफायती सर्विस पैक पेश किए हैं। कंपनी ने विशेष रूप से टीवी मनोरंजन पसंद करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए ‘टीवी-ओनली’ पैक लॉन्च किया है।
 

‘टीवी-ओनली’ पैक

इस पैक के तहत ग्राहक प्रभावी रूप से मात्र 400 रुपये प्रति माह की लागत पर टीवी मनोरंजन का लाभ ले सकते हैं। यह पैक 2 महीने और 5 महीने की अवधि के विकल्पों में उपलब्ध है। इसके माध्यम से ग्राहक 1,000 से अधिक लाइव टीवी चैनलों का आनंद ले सकते हैं। इनमें 200 से अधिक HD चैनल और 15 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल शामिल हैं।

‘वाई-फाई-ओनली’ पैक

इसी तरह, केवल इंटरनेट की सुविधा चाहने वाले ग्राहकों के लिए ‘वाई-फाई-ओनली’ पैक भी उपलब्ध हैं। 30 Mbps स्पीड वाला पैक 2,200 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 450 रुपये प्रति माह है। वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला पैक 3,000 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 600 रुपये प्रति माह है।

 

ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जियोहोम ने ऑल-इन-वन  विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। 3-इन-1 कॉम्बो पैक में 30 Mbps की इंटरनेट स्पीड, 1,000  लाइव टीवी चैनल और 12 OTT ऐप्स की सुविधा उपलब्ध है। यह पैक 2,222 रुपये में 4 महीने के लिए लिया जा सकता है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 555 रुपये प्रति माह है।वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला कॉम्बो पैक 2,122 रुपये में 3 महीने के लिए उपलब्ध है। इसकी प्रभावी मासिक लागत 707 रुपये प्रति माह है।

 

इन नए पैक्स के माध्यम से जियोहोम ग्राहकों को उनकी जरूरतों और बजट के अनुरूप टीवी, मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट के किफायती तथा सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध करा रहा है।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

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iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max सितंबर में हो सकते हैं लॉन्च, बड़ी बैटरी, 2nm चिप और DSLR जैसे कैमरे की चर्चा

 Apple के अगली पीढ़ी के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर नई लीक्स सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस साल सितंबर में इन दोनों मॉडल्स को लॉन्च कर सकती है। लीक्स में दावा किया गया है कि नए iPhone Pro मॉडल्स में 2nm A20 प्रोसेसर, बड़ी बैटरी, बेहतर OLED डिस्प्ले और पहली बार Variable Aperture Camera जैसे बड़े अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। हालांकि Apple ने अभी तक इन फीचर्स या लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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सितंबर में हो सकता है लॉन्च

 

अगर Apple अपने पुराने लॉन्च शेड्यूल का पालन करता है तो iPhone 18 Pro सीरीज का अनावरण सितंबर में किया जा सकता है। लीक्स में 12 सितंबर को संभावित लॉन्च डेट बताया जा रहा है। कुछ टिप्स्टर्स का दावा है कि कंपनी पहले Pro मॉडल्स लॉन्च कर सकती है, जबकि रेगुलर iPhone 18 को बाद में पेश किया जा सकता है। साथ ही Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की भी चर्चा है, लेकिन फिलहाल यह केवल अफवाहों तक सीमित है।

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डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं, नए कलर ऑप्शन मिल सकते हैं

 

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro सीरीज का डिजाइन पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा। हालांकि कंपनी Dark Cherry, Light Blue और Dark Grey जैसे नए रंग पेश कर सकती है। वहीं iPhone 18 Pro Max में बड़ी बैटरी के कारण फोन थोड़ा मोटा और भारी हो सकता है।

 

डिस्प्ले होगा ज्यादा ब्राइट और पावर एफिशिएंट

 

iPhone 18 Pro में 6.3 इंच और iPhone 18 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। दोनों फोन में अपग्रेडेड LTPO+ OLED पैनल दिया जा सकता है, जिससे स्क्रीन ज्यादा ब्राइट होगी और बैटरी की खपत भी कम होगी।

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छोटा होगा Dynamic Island

लीक्स के मुताबिक Apple Face ID टेक्नोलॉजी का बड़ा हिस्सा डिस्प्ले के नीचे शिफ्ट कर सकता है। इससे Dynamic Island का आकार करीब 35 प्रतिशत तक छोटा हो सकता है और यूजर्स को ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिलेगा।

 

पहली बार मिल सकता है Variable Aperture Camera

iPhone 18 Pro सीरीज में पहली बार Variable Aperture Camera मिलने की चर्चा है। यह कैमरा रोशनी के हिसाब से अपने आप अपर्चर एडजस्ट करेगा, जिससे कम रोशनी में बेहतर फोटो, अधिक प्राकृतिक पोर्ट्रेट, कम ओवरएक्सपोजर और बेहतर वीडियो रिकॉर्डिंग संभव हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यूजर इसे मैन्युअली कंट्रोल कर पाएंगे या नहीं।

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A20 2nm चिप दे सकती है दमदार परफॉर्मेंस

नई Pro सीरीज में Apple का A20 चिपसेट मिलने की संभावना है, जिसे TSMC की 2nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जा सकता है। यह प्रोसेसर पहले से ज्यादा तेज और ऊर्जा की बचत करने वाला हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Apple का नया C2 5G मॉडेम और बेहतर सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी देखने को मिल सकती है।

 

बड़ी बैटरी से बढ़ सकती है बैकअप

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro Max में 5,200mAh तक की बैटरी मिल सकती है, जबकि iPhone 18 Pro की बैटरी क्षमता में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। नई बैटरी और 2nm प्रोसेसर के साथ बेहतर बैटरी बैकअप मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 

भारत में कीमत बढ़ सकती है

लीक्स के मुताबिक iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत भारत में मौजूदा मॉडल्स की तुलना में 20,000 से 30,000 रुपये तक बढ़ सकती है। फिलहाल iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,34,999 और iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,49,999 है। ऐसे में नई Pro सीरीज और अधिक महंगी हो सकती है। वैश्विक बाजार में भी कीमत करीब 200 डॉलर तक बढ़ने की चर्चा है, जिसकी वजह महंगे कंपोनेंट्स और बढ़ी हुई सप्लाई चेन लागत बताई जा रही है।

अभी कुछ भी आधिकारिक नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि Apple ने अभी तक iPhone 18 Pro सीरीज की लॉन्च डेट, फीचर्स या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में फिलहाल इन सभी जानकारियों को केवल लीक्स और रिपोर्ट्स के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

Google Pixel 11 के लॉन्च से पहले बड़ा झटका! पूरी सीरीज की कीमतों में हो सकती है भारी बढ़ोतरी

Google Pixel 11 Leaks: Google Pixel 11 सीरीज के लॉन्च में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। इस सीरीज में Google Pixel 11, Google Pixel 11 Pro, Google Pixel 11 Pro XL और Google Pixel 11 Pro Fold शामिल होंगे। 9 to 5 Google की एक रिपोर्ट के अनुसार, Google के डिवाइस और सर्विस के वाइस प्रेसिडेंट शकील बरकत ने कहा, “Google ने जहां तक ​​संभव हो सका, अपने ग्राहकों को सप्लाई में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाकर रखा है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाजार की आर्थिक परिस्थितियां अब पूरी तरह बदल चुकी हैं और Google भी इससे प्रभावित हो रहा है। इसका असर सिर्फ Pixel 11 सीरीज के बेस मॉडल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सीरीज की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Google ने यह भी कहा कि वह यूजर्स को किफायती कीमत पर प्रीमियम अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है। शकील बरकत के मुताबिक, ग्राहक अभी भी प्रमोशन, ट्रेड-इन ऑफर और Google One जैसे बंडल बेनिफिट्स का फायदा उठा सकेंगे। ये ऑफर्स Pixel सीरीज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा हैं।

Google Pixel 11 Leaks: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 में 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस फोन में Google Tensor G6 प्रोसेसर और 8GB RAM होगी, साथ ही इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 256GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी। इसके अलावा, लॉन्च के समय हमें इसके कई RAM और स्टोरेज वेरिएंट भी देखने को मिल सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले मॉडल की तुलना में इस डिवाइस में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 48MP का प्राइमरी कैमरा, 100X जूम वाला 48MP का कैमरा और एक और सेंसर शामिल होगा, जिसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। कुछ अटकलों के अनुसार, इस डिवाइस में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 50MP का फ्रंट कैमरा हो सकता है।

वहीं, कीमत को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत भारत में करीब 85,999 रुपये हो सकती है। अगर यह कीमत सही साबित होती है, तो Pixel 11 सीधे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में मुकाबला करेगा।

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रामदेव अग्रवाल ने कहा-बाजार के लिए ऑयल और रुपया बड़े रिस्क, यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का सही समय

शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहा। आज यानी 24 जुलाई को लगातार पांचवें दिन शेयर बाजारों में गिरावट दिख रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अभी बाजार के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन बाजार की सबसे बड़ी चिंता

अग्रवाल ने कहा कि बाजार के लिए अब सबसे बड़ी चिंता वैल्यूएशन नहीं बल्कि जियोपॉलिटिकल स्थितियां हैं। मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ रही हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। रुपये में कमजोरी जब तक जारी रहेगी तब तक विदेशी निवेशकों के भारत लौटने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति अनिश्चित दिख रही है, जिससे विदेशी निवेशक खरीदारी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।

मार्केट करेक्शन का असर लंबी अवधि के निवेश पर नहीं पड़ेगा

बाजार में हालिया गिरावट के बारे में उन्होंने कहा कि इसका असर लंबी अवधि के निवेशकों की खरीदारी पर नहीं पड़ेगा। दरअसल, यह अच्छी क्वालिटी के शेयरों को खरीदने या उनमें निवेश बढ़ाने का मौका है। इसकी वजह यह है कि इंडिया की ग्रोथ स्टोरी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। अब भी भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ दुनिया के कई बड़े देशों की ग्रोथ से ज्यादा है।

क्रूड 100 के पार जाने पर बाजार पर दबाव बढ़ेगा

उन्होंने कहा, “बाजार एक दिशा में नहीं चलता है। शेयरों पर अच्छे और बुरे दोनों वजहों का असर पड़ता है। सही तरीका यह है कि करेक्शंस के बाद शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव होने पर लंबी अवधि में अच्छे प्रदर्शन की संभावना वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर को पार कर जाती है तो बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा।

देश के एक्सटर्नल अकाउंट पर भी दबाव बढ़ रहा

अग्रवाल ने कहा कि महंगे क्रूड से करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने और विदशी निवेश कमजोर रहने से भारत के एक्सटर्नल अकाउंट पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से ही करेंट अकाउंट का बड़ा घाटा दिख रहा है। अब तो कैपिटल अकाउंट में भी घाटा दिखने लगा है। इसका खराब असर मार्केट के मनोविज्ञान पर पड़ेगा। उनका मानना है कि बाजार में कई आईपीओ आने वाले हैं, इससे भी विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली दिख सकती है।

बड़े आईपीओ में निवेश के लिए शेयर बेच सकते हैं FIIs

उन्होंने कहा, “Zepto, jio और NSE जैसे आईपीओ आने वाले हैं। इनमें विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी दिख सकती है। ऐसे में उन्हें इसके लिए अपने पोर्टफोलियो में जगह बनानी होगी। इसका मतलब है कि वे अपने पोर्टफोलियो के कुछ शेयर बेच सकते हैं।” उन्होंने कहा कि इससे बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा। पहले से ही क्रूड में उछाल से बाजार पर दबाव दिख रहा है।

भारत के लिए बेहतर हो रही हैं स्थितियां 

अग्रवाल ने कहा कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं। उन्होने कहा, “मानसून में इम्प्रूवमेंट है। अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी दिख रही है। रुपये में स्थिरता है। हालांकि, हमें रुपये पर नजर बनाए रखनी होगी। उधर, दुनियाभर में AI स्टोरी कमजोर होती दिख रही है।” उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी अच्छी है, जिससे वैश्विक अनिश्चितता पर इसका असर कम पड़ेगा। अगर जियोपॉटिलिक्स को छोड़ दिया जाए तो भारत असल में अच्छी स्थिति में है।

Stocks to Watch: HDFC Bank, Cipla और PNB समेत इन स्टॉक्स पर फोकस, खास वजहों से तेज हलचल की उम्मीद

Stocks to Watch:  कच्चे तेल में उबाल पर वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एक कारोबारी दिन पहले 17 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 964.58 प्वाइंट्स यानी 1.25% के उछाल के साथ 78,151.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 261.55 प्वाइंट्स यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

Reliance Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़, ग्रास रेवेन्यू 24.5% उछलकर ₹3.4 लाख करोड़, ईबीआईटीडीए 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18% से 15.9% पर आ गया।

Jio Platforms Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़, रेवेन्यू 11.8% उछलकर ₹39,173 करोड़, ईबीआईटीडीए 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ और मार्जिन 51.8% से 53.3% पर पहुंच गया।

HDFC Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,059.7 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 78.8% गिरकर ₹3,059.8 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.15% से बढ़कर 1.17% तो नेट एनपीए 0.38% से उछलकर 0.41% पर पहुंच गया।

ICICI Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 12.7% बढ़कर ₹24,384.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 30.5% गिरकर ₹1,260.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.40% से गिरकर 1.38% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.33% से उछलकर 0.35% पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 9.2% चढ़कर ₹7,928.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 44.7% गिरकर ₹668.1 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.20% से गिरकर 1.18% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.25% से उछलकर 0.27% पर पहुंच गया।

Axis Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 8% चढ़कर ₹14,646.1 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 43.7% गिरकर ₹2,222.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.23% से बढ़कर 1.28% और नेट एनपीए 0.37% से उछलकर 0.39% पर पहुंच गया।

Punjab National Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब नेशनल बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 213.6% बढ़कर ₹5,253.3 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% चढ़कर ₹10,798.4 करोड़ और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 67.5% उछलकर ₹541.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का टैक्स पर खर्च 66% घटकर ₹1,724.7 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से फिसलकर 0.28% पर आ गया।

Oberoi Realty Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओबेराय रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹543.5 करोड़ और रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,300.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

NATCO Pharma

नाटको फार्मा को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से ओलापारिब 100 mg और 150 mg टैबलेट के लिए टेंटेटिव अप्रूवल मिला है। ये टैबलेट एस्ट्राजेनेका फार्मा की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्रग लिनपार्जा (Lynparza) टैबलेट की बायोइक्विवेलेंट हैं। यह टैबलेट नाटको बनाएगी औक अमेरिका में इसे एलेम्बिक फार्मा बेचेगी। इंडस्ट्री के सेल्स डेटा के अनुसार मार्च 2026 को खत्म होने वाले 12 महीनों में ओलापारिब टैबलेट की अमेरिका में अनुमानित बिक्री लगभग $140 करोड़ रही।

Samvardhana Motherson International

समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल को जापान की अदालत से युताका गिकेन में 81% हिस्सेदारी और युताका गिकेन की सब्सिडियरी शिनिची कोग्यो कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने की मंज़ूरी मिल गई है। शिनिची में युताका गिकेन की 62% हिस्सेदारी है।

GAIL India

गेल (इंडिया) ने देश की लॉन्ग-टर्म रिसोर्स सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए अहम मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए खनिज विदेश इंडिया (KABIL) के साथ एक एमओयू किया है।

Aditya Birla Capital

आदित्य बिड़ला कैपिटल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी शेयरों में राइट्स इश्यू के जरिए ₹484.5 करोड़ का निवेश किया है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की अमेरिकी सब्सिडियरी एसटीएल ऑप्टिकल कनेक्टिविटी ने अमेरिका की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक के नेटवर्क पर फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना नया एडवांस्ड FTTH सॉल्यूशन CONCAT लॉन्च किया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13-17 जुलाई के बीच न्यूयॉर्क में सिप्ला की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनवाजेन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नियमित तौर पर होने वाली cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) जांच की और आखिरी में एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Power Grid Corporation of India

पावर ग्रिड ने फतेहगढ़-II ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सफल बोली लगाई है। इस प्रोजेक्ट में फतेहगढ़-II पावर स्टेशन पर दो सिंक्रोनस कंडेंसर और उनसे जुड़े बे (bays) को लगाने और चालू करने का काम है।

Force Motors

अमित प्रमोद जोशी ने निजी कारणों से फोर्स मोटर्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जुलाई से प्रभावी है।

SpiceJet

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस के इस्तेमाल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

बल्क डील्स

Landmark Cars

हेलियोस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹520.28 के भाव पर लग्जरी कार रिटेलर लैंडमार्क कार्स के 2.45 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹12.79 करोड़ में खरीदे।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के 5.94 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹138.4 करोड़ में ₹2,330.03 के भाव पर बेचे।

Updater Services

एसआईएस ने प्रति शेयर ₹193.71 के भाव पर अपडेटर सर्विसेज के 6.53 लाख शेयर (0.97% हिस्सेदारी) ₹12.66 करोड़ में और खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में पहले से ही 4.88% हिस्सेदारी थी। वहीं दूसरी तरफ हेज फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड I ने अपडेटर सर्विसेज में अपनी लगभग पूरी हिस्सेदारी बेच दी। फंड ने ₹15.8 करोड़ में 8.17 लाख शेयर ₹193.27 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक फंड के पास कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी (8.39 लाख शेयर) थी।

Rappid Valves India

एजिस इन्वेस्टमेंट फंड ने रैपिड वाल्व्स (इंडिया) के 2.06 लाख शेयर (3.97% हिस्सेदारी) ₹6.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.4 के भाव पर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड ने ₹323.7 के भाव पर रैपिड वाल्व्स के 1.45 लाख शेयर (2.79% होल्डिंग) ₹4.7 करोड़ में और अशोक कुमार धारीवाल ने प्रति शेयर ₹338 के भाव पर ₹1.25 करोड़ में 37,200 शेयर बेचे। मार्च 2026 तक महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड के पास रैपिड वाल्व्स में 5.58% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आदित्य इन्फोटेक, एक्सेलरेटबीएस इंडिया, फेयरकेम ऑर्गेनिक्स, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पी फोर्जिंग्स, केपीआर मिल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट्स, नेलकास्ट, नेस्को, पोकरना, क्वेस्ट कैपिटल मार्केट्स और एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

Asian Market : US-Iran तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, एशियाई बाजारों पर बना दबाव

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Polycab India Share Price: अपने हाई से 12% से ज्यादा टूटा शेयर, Q1 नतीजों के बाद आज 4% गिरा, क्या निवेश का है ये सही मौका

Polycab India Share Price: वायर्स एंड केबल्स कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) के शेयर शुक्रवार को लगभग 4 फीसदी गिरा है, जिससे लगातार तीसरे सेशन में नुकसान बढ़ा। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर फाइनेंशियल पहली तिमाही की कमाई बताई। ब्रोकरेज जेफरीज और HSBC ने स्टॉक पर अपनी बुलिश रेटिंग बनाए रखी।

दोपहर के ट्रेड में पॉलीकैब के शेयर 3.96 परसेंट गिरकर 8,850 रुपये पर आ गए, जिससे यह स्टॉक NSE मिडकैप 50 पर टॉप लूजर बन गया। गुरुवार को 1.2 फीसदी गिरने के बाद, स्टॉक अब शुक्रवार समेत तीन सेशन में 7.2 फीसदी गिर चुका है।

हालिया करेक्शन के बावजूद, पॉलीकैब के शेयर 2026 में अब तक 15.5 फीसदी ऊपर हैं । कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.33 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।

यह गिरावट तब आई जब पॉलीकैब ने जून तिमाही के नतीजे बताए जो सभी ज़रूरी पैरामीटर पर स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर थे। रेवेन्यू साल-दर-साल 39 फीसदी बढ़कर 8,209 करोड़ रुपये हो गया, जो CNBC-TV18 पोल के 7,902 करोड़ रुपये के अनुमान से ज़्यादा है। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 5,906 करोड़ रुपये था।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

कमाई के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में, मैनेजमेंट ने कहा कि उसका घरेलू वायर्स और केबल्स (W&C) बिज़नेस साल-दर-साल 43% बढ़ा, जबकि कुल W&C रेवेन्यू 38% बढ़ा, जो स्ट्रीट की लगभग 35% की उम्मीदों से ज़्यादा है। कंपनी ने कहा कि वॉल्यूम ग्रोथ हाई बेस पर लो-टू-मिड सिंगल डिजिट में रही, जिसमें वायर्स ने केबल्स से बेहतर परफॉर्म किया।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट में साल-दर-साल 12% की गिरावट आई, जिससे सेल्स में उनका योगदान एक साल पहले के 5.2% से घटकर 3.3% हो गया।

पॉलीकैब ने अपने मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस 11-13% को दोहराया और कहा कि उसका फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) बिज़नेस FY30 तक 8-10% मार्जिन हासिल करने के लिए ट्रैक पर है। उसे यह भी उम्मीद है कि भारतनेट प्रोजेक्ट का काम तेज़ी से पूरा होगा, और FY27 में ₹800-1,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की संभावना है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

नतीजों के बाद, जेफरीज ने अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई और अपना टारगेट प्राइस ₹10,920 से बढ़ाकर ₹11,100 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से लगभग 25% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अपने कमाई के अनुमान 2-3% बढ़ा दिए हैं और FY26-FY29 के दौरान 22% EPS CAGR की उम्मीद है, पॉलीकैब को भारत के पावर और कैपिटल खर्च साइकिल पर एक दांव के तौर पर बताया है।

वहीं HSBC ने भी ₹10,160 के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 14% की बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वायर और केबल बिज़नेस में मजबूत रियलाइज़ेशन और FMEG के मज़बूत परफॉर्मेंस की वजह से कमाई में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई, जबकि डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाने और FMEG स्केल-अप से FY26-FY29 के दौरान 21% EPS CAGR की उम्मीद है। इसने कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य रिस्क बताया।

पॉलीकैब पर कवरेज करने वाले 34 एनालिस्ट में से 23 ने “Buy” रेटिंग दी है, 9 ने “Hold” रेटिंग दी है और दो ने “Sell” रेटिंग दी है।

सुबह 13.22 बजे तक स्टॉक 3.72% गिरकर ₹8,872 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले साल इसमें लगभग 29% की बढ़त हुई है।  पिछले तीन महीनों में इसमें 48 फीसदी की ज़बरदस्त तेज़ी आई थी। स्टॉक 22 जून, 2026 को ₹10,126 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। अपने हाई से स्टॉक 12.5 परसेंट नीचे आ चुका है। 12 अगस्त, 2025 को यह 52 हफ़्ते के सबसे निचले स्तर ₹6,620 पर पहुंच गया।

Jio Financial share price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 4% दौड़ा, अब खरीदें, बेचें या रहें बने, जानिए क्या कहते है बाजार जानकार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jio Financial share price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 4% दौड़ा, अब खरीदें, बेचें या रहें बने, जानिए क्या कहते है बाजार जानकार

Jio Financial share price: रिलायंस ग्रुप का शेयर Jio Financial Services शुक्रवार, 17 जुलाई को 4 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। हालांकि शेयर आज सुबह के काराबोर में 6 फीसदी चढ़ा था। शेयर में यह तेजी कंपनी के जून तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद देखने को मिली। जून तिमाही में कंपनी का टैक्स के बाद प्रॉफ़िट (PAT) पिछले साल के 325 करोड़ से 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। यह कंसोलिडेटेड बेसिस पर पिछली तिमाही के ₹272 करोड़ से 205% ज़्यादा था।

वहीं प्री-प्रोविज़निंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) बढ़कर ₹505 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के 366 करोड़ से 38% और लगातार ₹327 करोड़ से 54% ज़्यादा है। पहली तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) या कोर इनकम बढ़कर ₹544 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹264 करोड़ से 106% और पिछली तिमाही के ₹345 करोड़ से 58% ज़्यादा है।

जून तिमाही में इसके NBFC बिजनेस का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 163% बढ़कर ₹30,667 करोड़ हो गया। इस बीच, इसका तिमाही डिस्बर्समेंट ₹11,250 करोड़ को पार कर गया।

क्या है स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ पर “Buy” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 315 रुपये का टारगेट दिया है जो मौजूदा स्तर से इसमें 34 फीसदी की बढ़त दिखाता है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने एक अच्छी तिमाही दर्ज की, जिसमें जियो क्रेडिट बढ़ा और साथ ही इसका AUM 30,000 करोड़ को पार कर गया। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि इसके दूसरे बिज़नेस में भी लगातार तरक्की हुई है, जिसमें पेमेंट्स बिज़नेस में प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार और इसके इंश्योरेंस और AMC फ्रेंचाइजी में लगातार बढ़ोतरी शामिल है।

हालांकि, नए बिजनेस को इनक्यूबेट करने और मौजूदा ऑपरेशन को बढ़ाने में चल रहे इन्वेस्टमेंट के कारण इसका ऑपरेटिंग खर्च ज़्यादा बना हुआ है।

ब्रोकरेज ने मौजूदा बिजनेस में इन्वेस्टमेंट की वजह से ज़्यादा ऑपेक्स को ध्यान में रखते हुए FY27 और FY28 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमान में क्रमशः 4% और 6% की कटौती की है।स्टॉक FY27 के अनुमानित प्राइस-टू-बुक वैल्यू के 1x पर ट्रेड कर रहा है। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि यह FY26-28 के दौरान 46% की कंसोलिडेटेड PAT कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का मॉडल बनाता है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इसके सम-ऑफ-द-पार्ट्स में इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, ब्रोकिंग और मार्केटप्लेस जैसे बिज़नेस के वैल्यूएशन को शामिल नहीं किया गया है, जो अभी भी अपने इनक्यूबेशन फेज में हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।