Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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IPOs This Week: 22 जून से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 6 कंपनियां होंगी लिस्ट

22 जून से शुरू हफ्ते में देश में 8 नए IPO खुलने वाले हैं। इनमें से 3 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का है। शेयर बाजार में होने जा रही नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 6 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। ये सभी SME हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

Advit Jewels IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में यह इश्यू 23 जून को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹130-₹138 प्रति शेयर है। लॉट साइज 100 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹165.16 करोड़ जुटाने का है। 25 जून को इश्यू की क्लोजिंग होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Waterways Leisure Tourism IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹585 करोड़ का इश्यू 23 जून को ओपन होगा और क्लोजिंग 25 जून को होगी। प्राइस बैंड ₹769-₹808 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shreedhar Spinners IPO: ₹30.68 करोड़ का इश्यू 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹51-₹53 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद लिस्टिंग NSE SME पर 1 जुलाई को होने वाली है।

Jivial Industries IPO: यह 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। कंपनी ₹31.99 करोड़ जुटाना चाहती है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹196 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। शेयर BSE SME पर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: यह 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। इश्यू साइज ₹26.73 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹95-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 2 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

CSM Technologies IPO: कंपनी ₹145.78 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹107-₹113 प्रति शेयर और लॉट साइज 132 शेयर है। लिस्टिंग NSE और BSE पर 2 जुलाई को हो सकती है।

Sri Priyanka Geo Commex IPO: यह ₹94.51 करोड़ का है। ओपनिंग 24 जून को होगी। बोली ₹207-₹212 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 600 शेयर है। 29 जून को इश्यू बंद होने के बाद शेयर NSE SME पर 2 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

IC Electricals IPO: यह 25 जून को खुलेगा और 30 जून को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं हुआ है। शेयर NSE SME पर 3 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

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पहले से खुले IPO

Riyaasat Lifestyle IPO: ₹30.77 करोड़ का इश्यू 18 जून को खुला था और 22 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹102-₹108 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। अभी तक यह महज 8 प्रतिशत भरा है। शेयर BSE SME पर 25 जून को लिस्ट हो सकते हैं।

Avience Biomedicals IPO: ₹30.24 करोड़ का इश्यू 22 जून को बंद होगा। 18 जून से अब तक यह 43.79 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। प्राइस बैंड ₹196-₹208 प्रति शेयर है। लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 25 जून को लिस्ट हो सकते हैं।

Anubhav Plast IPO: यह 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा। कंपनी ₹24 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 1.21 गुना भर चुका है। बोली ₹77-₹80 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में लगा सकते हैं। लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी के BSE SME पर 29 जून को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Turtlemint Fintech Solutions IPO: यह इश्यू भी 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा। साइज ₹882.67 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹144-₹152 प्रति शेयर और लॉट साइज 98 शेयर है। अभी तक यह IPO 46 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जून को हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 24 जून को NSE SME पर Clay Craft की लिस्टिंग होने वाली है। इसी दिन BSE SME पर Diksha Polymers, Leapfrog Engineering और Liotech Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद 25 जून को BSE SME पर Riyaasat Lifestyle के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसी दिन NSE SME पर Avience Biomedicals की लिस्टिंग हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Holiday: 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी रहेगी या नहीं? क्या कहता है हॉलिडे कैलेंडर

शुक्रवार, 26 जून को देश के शेयर बाजारों में छुट्टी रहने वाली है। इसके पीछे वजह है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। वैसे तो शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी मार्केट बंद रहता है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे रहेगा। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

इसी तरह NSE में भी कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

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19 जून को कैसी रही थी बाजार की चाल

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर से 19 जून को पर्दा हट गया। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आज ही सेबी के पास पेपर्स फाइल करेगी। अब देश की सबसे टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास जो डीआरएचपी फाइल किया है, उससे कंपनी के बारे में कई अहम बातें पता चलती हैं। इस आईपीओ में बोली लगाने से पहले इनवेस्टर्स को ये बातें जरूर जाननी चाहिए। इनसे जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति, फ्यूचर प्लान और स्ट्रेंथ का पता चलेगा।

1. रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें अच्छी सब्सक्राइबर ग्रोथ, ज्यादा ARPU और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार का हाथ है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बिजनेस शुरू करने के सिर्फ 10 सालों में यह उपलब्धि हासिल की है।

2. आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल

कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह आईपीओ से आने वाले करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स पर कर्ज का बोझ नहीं रह जाएगा। इससे फ्यूचर्स की टेक्नोलॉजी में उसे निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी इनवेस्टर्स को करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

3. कस्टमर्स की संख्या

जियो प्लेटफॉर्म्स के डीआरएचपी के मुताबिक, सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या इस साल मार्च के अंत में 52.44 करोड़ थी। एक साल पहले यह 48.82 करोड़ थी। इसका मतलब है कि FY26 में कंपनी ने 3.62 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स बनाए। यह FY25 में बनाए गए 64 लाख नए कस्टमर्स की संख्या से काफी ज्यादा है।

4. कंपनी का भविष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स का फोकस डिजिटल सर्विसेज पर है। इसकी सेवाओं का दायरा काफी व्यापक है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में देश में ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज पर लोगों की निर्भरता बढ़ेगी। कंपनी का फोकस इंटिग्रेटेड डिजिटल एक्सपीरियंस ऑफर करने पर है। कंपनी अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा निवेश कर रही है। उसका जोर दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर है। इससे आने वाले समय में उसे ARPU बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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5. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66% हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। दुनिया की कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी हिस्सेदारी है। इसमें Meta, Google, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबादला, जीए सिंगापुर, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और टीपीजी कैपिचल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को पूंजी के लिए कभी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में पूंजी की काफी जरूरत पड़ती है।

ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी

Jio Platforms enters top 20 of global patent ranking

– WIPO की PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ने 320 पायदान की छलांग लगाई

– आकाश अंबानी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित है यह उपलब्धि

– 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए

Jio Platforms : जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी यानी PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में पहुंच गई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी इकाई है। नई रैंकिंग के साथ जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। कंपनी अब हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है।

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जियो की पेटेंट फाइलिंग अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

 

इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई वर्षों की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा।

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आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनाने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है।

 

खास बात यह है कि जियो की 320 पायदान की छलांग ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर PCT फाइलिंग की वृद्धि 1 प्रतिशत से भी कम रही। WIPO की यह रैंकिंग जियो प्लेटफॉर्म्स की R&D क्षमता और उसके बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो की मजबूती को वैश्विक स्तर पर मान्यता देती है।

 

31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं।

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जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और Agentic AI की अगली दिशा JioBrain जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है।

 

जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर, भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
Edited By : Chetan Gour

MP-CG में Jio का धमाका! जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, TRAI रिपोर्ट में खुलासा

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जियो ने एक बार फिर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में सबसे अधिक मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े हैं। जनवरी 2026 में जियो से 6.2 लाख नए मोबाइल ग्राहक जुड़े जबकि JioFiber और Jio AirFiber ब्रॉडबैंड सेवाओं को 66 हजार से अधिक नए ग्राहकों ने अपनाया। 

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TRAI के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.49 करोड़ से अधिक हो चुकी है जबकि फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और वायरलाइन ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 31.6 लाख से ज्यादा है। इनमें जियो के 4.9 करोड़ मोबाइल ग्राहक और 19.1 लाख से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक शामिल हैं, जो इसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं। 

 

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को नई गति देते हुए रिलायंस जियो की JioFiber और AirFiber सेवाएं तेजी से लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। इन सेवाओं के माध्यम से अब तक दोनों राज्यों में 19 लाख से अधिक घर हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुके हैं, जिससे शिक्षा, रोजगार, व्यापार और घरेलू जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। 

 

शिक्षा, रोजगार और जीवनशैली में बदलाव

JioFiber की उपलब्धता ने छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नई डिजिटल स्किल्स सीखने के अवसर बढ़ाए हैं। वहीं, कामकाजी लोगों के लिए वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल कार्यप्रणाली पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गई है।

गृहिणियां भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हुनर को पहचान दिलाते हुए घर बैठे छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। 

 

बेहतर एंटरटेनमेंट और डिजिटल अनुभव

JioFiber और Jio AirFiber कनेक्शन के साथ उपभोक्ताओं को 4K में क्रिकेट देखने का शानदार अनुभव, 1000+ टीवी चैनल,लाइव टीवी फीचर्स (जिसमें 350+ HD चैनल शामिल हैं), 13+ OTT ऐप्स और अनलिमिटेड वाई-फाई जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। ये सेवाएं घर को एक स्मार्ट डिजिटल हब में बदल रही हैं। 

 

हर गांव तक पहुंच रही 5G ताकत

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में जियो के पास कुल 5G स्पेक्ट्रम क्षमता का 70% से अधिक हिस्सा है, जो दोनों राज्यों के सभी  जिलों के 10 हजार से अधिक गांवों तक उपलब्ध है। जियो की स्टैंडअलोन ट्रू 5G सेवा अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma

मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, डेटा की तरह सस्ती होगी AI, Jio जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से

Mukesh Ambani's big announcement regarding Jio AI

– 7 साल में करेंगे 10 लाख करोड़ रुपए निवेश, जामनगर में गीगावॉट-स्केल AI इंफ्रा

– अंबानी ने कहा- AI, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को नई गति देगा

– शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए AI प्लेटफॉर्म लॉन्च

Mukesh Ambani's big announcement : उद्योगपति मुकेश अंबानी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'भारत इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता' और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब 'इंटेलिजेंस एरा' से जोड़ेगा।

 

इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा कि यह निवेश भारत में मजबूत AI ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

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कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। साथ ही जियो अपने नेटवर्क के जरिए देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध कराएगा, जिससे AI सेवाएं कम लागत और तेज़ गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें।

 

अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। इसी क्रम में शिक्षा के लिए जियो शिक्षा AI, स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य AI, कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत IQ जैसे प्लेटफॉर्म पेश किए गए, जो स्थानीय भाषाओं में AI आधारित सहायता उपलब्ध कराएंगे।

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मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी AI शक्ति बन सकता है, बशर्ते तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। जियो की इन घोषणाओं से संकेत मिलता है कि कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी AI को अगला राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

 

AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नए अवसर पैदा करेगा।

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अपने संबोधन की शुरुआत में अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि AI आधारित विकास की यह पहल भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकती है।
Edited By : Chetan Gour

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में Jio ने रखा ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ का खाका

Jio AI Stack

– 'जियो AI स्टैक' को 'सॉवरेन' AI इकोसिस्टम के रूप में किया प्रस्तुत

– ग्रीन डेटा सेंटर से भारतीय भाषाओं तक पूरी AI वैल्यू चेन पर फोकस

– स्वदेशी और सॉवरेन AI इकोसिस्टम पर जोर

Jio AI Stack : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने अपने 'नेशन-फर्स्ट AI स्टैक' की रूपरेखा पेश की। कंपनी तकनीकी रूप से इसे 'जियो AI स्टैक' नाम देती है और दावा करती है कि इसे भारत की जरूरतों और बड़े पैमाने की मांग को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। जियो इंटेलिजेंस के तहत विकसित किया जा रहा यह स्टैक केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक फुल-स्टैक AI इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जा रहा है। 

 

'जियो AI स्टैक' में गीगावॉट स्तर के ग्रीन डेटा सेंटर, उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग व्यवस्था, प्लेटफॉर्म और फ्रेमवर्क, भारतीय भाषाओं पर आधारित डेटा फाउंडेशन, बहुभाषी इंटेलिजेंस लेयर और विभिन्न क्षेत्रों के लिए एप्लिकेशन शामिल हैं। देश में मल्टी-गीगावॉट AI डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जो 100 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर की टिकाऊ AI क्षमता तैयार की जा सके।

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'जियो AI स्टैक'  को एक 'सॉवरेन' AI इकोसिस्टम के रूप में प्रस्तुत किया गया है यानी ऐसा ढांचा जो देश में विकसित हो और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हो। कंपनी का कहना है कि इसके जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, छोटे व्यवसायों और रोजमर्रा की सेवाओं में AI आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

 

कंपनी के मुताबिक जियो AI स्टैक का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हर भारतीय, साथ ही एंटरप्राइज और सरकारी संगठनों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। इसके तहत भारतीय भाषाओं को समझने और स्थानीय चुनौतियों का समाधान करने वाली AI क्षमताओं पर विशेष जोर दिया गया है।

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स्थानीय संदर्भ में विकसित इंटेलिजेंस के लिए व्यापक भारतीय भाषाओं के डेटा सेट तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षित, बहुभाषी वॉयस AI और एजेंटिक प्लेटफॉर्म पर काम किया जा रहा है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी भाषा में सहज AI इंटरैक्शन कर सकें।

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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में AI की दौड़ अब केवल तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा संप्रभुता, ऊर्जा दक्षता, भाषाई विविधता और बड़े पैमाने पर पहुंच जैसे पहलुओं से भी जुड़ गई है। ऐसे में जियो AI स्टैक जैसे मॉडल देश के दीर्घकालिक डिजिटल और आर्थिक विकास में किस हद तक योगदान देते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
Edited By : Chetan Gour

जियो आरोग्य AI से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

Jio Aarogya AI introduces clinic model for primary healthcare sector

– AI करेगा शुरुआती जांच, जरूरत पड़ने पर सीधे डॉक्टर से जोड़ेगा

– 'वॉयस AI डॉक्टर' करेगा प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद 

– प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड बनाने का दावा

Jio Arogya AI Enabled : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो पैवेलियन पर प्रदर्शित 'जियो आरोग्य AI' ने प्राइमरी हेल्थकेयर के क्षेत्र में AI आधारित क्लिनिक मॉडल पेश किया है। यह AI पावर्ड सिस्टम कुछ ही मिनटों में मरीज के अहम हेल्थ पैरामीटर्स की स्क्रीनिंग कर उनका एनालिसिस करता है, संभावित रिस्क की पहचान करता है और जरूरत के मुताबिक स्पेशलिस्ट रेफरल की सलाह देता है। कंपनी का दावा है कि इसका मकसद देश के प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड क्लिनिक में बदलना है, ताकि दूरदराज़ इलाकों में भी फास्ट और अफोर्डेबल हेल्थकेयर उपलब्ध हो सके।

 

इस सिस्टम में मरीज एक AI-एनेबल्ड डायग्नोस्टिक डिवाइस यानी स्मार्ट मिरर के सामने खड़ा होता है, जो आंखों, त्वचा और अन्य विज़ुअल संकेतों के आधार पर जरूरी रीडिंग लेता है। AI इन आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रारंभिक हेल्थ असेसमेंट तैयार करता है। मरीज अपनी समस्या बोलकर ‘वॉयस AI डॉक्टर’ को बता सकता है। जरूरत पड़ने पर वॉयस AI डॉक्टर मरीज से अतिरिक्त सवाल भी पूछता है। इसकी खासियत यह है कि यह कई प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद कर सकता है।

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‘जियो आरोग्य AI’ मरीजों को अलग-अलग कैटेगरी में वर्गीकृत कर सकता है और जिन मामलों में तुरंत डॉक्टर की जरूरत हो, उन्हें प्राथमिकता से रेफर करता है। इससे डॉक्टरों का रूटीन वर्कलोड कम होने और गंभीर मामलों पर ज्यादा ध्यान देने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार, AI सिस्टम केवल प्रारंभिक असेसमेंट तैयार करता है और दवा या अन्य मेडिकल सहायता डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं दी जाती।

 

कंपनी का कहना है कि यह मॉडल मौजूदा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जहां कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां AI क्लिनिक स्थापित किए जा सकते हैं। पोर्टेबल एक्स-रे और पोर्टेबल ईसीजी जैसे डिवाइस भी इससे जोड़े जा सकते हैं। साथ ही मरीज जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन कंसल्टेशन और दवाओं की डिजिटल ऑर्डरिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।

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देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार का फायदा उठाते हुए यदि जियो आरोग्य AI जैसे मॉडल बड़े पैमाने पर लागू होते हैं, तो यह शुरुआती जांच और विशेषज्ञ सलाह के बीच की दूरी कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Edited By : Chetan Gour