All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV

All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV
All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV

MG launched the Hector Tomahawk in India in both all-electric (EV) and plug-in hybrid (PHEV) versions, with prices starting from Rs 19.50 lakh and Rs 25.70 lakh, respectively. Both models are offered with a lot of new-age technology and have piqued the interest of enthusiasts. Here’s everything you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and Hector Tomahawk PHEV. 

1. What are the exterior differences between the EV and PHEV?

Both versions get different grilles, front bumpers, and alloy wheels

EV
PHEV
 

Both the Hector Tomahawk’s EV and PHEV versions have some design differences. While the EV gets a blanked-off gloss-black grille, the PHEV gets a functional grille with chrome inserts and black trims underneath the headlights. The front bumper design is also different, with the PHEV getting a silver bullbar-like element in the centre that the EV misses. The headlights and illuminated MG logo are, however, shared. 

Not much is different in the side profile, except for the 18-inch alloy designs and red callipers on the top-spec Hector Tomahawk PHEV. If you opt for a dual-tone shade, the EV will have a black roof, while the PHEV will have a white roof. The rear design, however, is identical for both versions of the SUV.

2. What are the interior differences between the EV and PHEV?

Save for a luggage cover and different cabin themes, everything else is the same

MG Hector Tomahawk EV gets a beige and black cabin theme.

Save for a rolling luggage shade on the 5-seater variants of the EV, and a different cabin theme – brown and black on the EV and a darker brown and black on the PHEV – there is no visible difference. Everything else is the same, including the feature suite: a 15.6-inch touchscreen infotainment system, an 8.8-inch digital driver’s display, a 10-speaker Infinity sound system, a panoramic sunroof, powered and ventilated front seats with memory function for the driver’s seat, and a 50W fast wireless charger. 

MG Hector Tomahawk PHEV gets a brown and black cabin theme.

The safety suite is also identical in both Hector Tomahawk versions, which includes 6 airbags, a 360-degree camera with an under-bonnet view, Level 2 advanced driver assistance systems (ADAS) and a tyre pressure monitoring system (TPMS). 

3. What is the boot space on the MG Hector Tomahawk EV and PHEV?

EV and PHEV versions offer up to 610 litres and 192 litres of boot space, respectively

5-seater MG Hector Tomahawk EV’s boot space. 

The MG Hector Tomahawk EV is offered in either a 5-seater or a 7-seater version. The 5-seater offers 610-litre boot space, with all rows up, which can be expanded to 1,053 litres by folding down the rear row. The 7-seater version offers a 192-litre boot space with all rows up,  and 528 litres when the third row is folded. 

The PHEV, offered only as a 7-seater, offers 192-litre boot space like the EV’s 7-seater version, expandable to 528 litres by folding the third row. Neither the EV nor the PHEV version of the Hector Tomahawk are offered with a frunk (storage space under the bonnet). 

4. What are the powertrain specifications of the MG Hector Tomahawk PHEV and EV?

PHEV gets a 1.5L engine and 20.5kWh battery; EV offers a 69.2kWh battery pack

The MG Hector Tomahawk PHEV gets a 1.5-litre naturally aspirated petrol engine and a 20.5kWh battery pack, offering a combined output of 198hp and 230Nm. The front-wheel-drive (FWD) SUV has an all-electric range of around 115km and a total range including the petrol engine of around 1,100km. 

The MG Hector Tomahawk EV, on the other hand, gets a 69.2kWh battery pack, mated to a front-axle-mounted electric motor producing 204hp and 310Nm. It has a claimed range of 517km.  

5. Can the Hector Tomahawk PHEV be charged at a public EV charging station?

It supports 25kW DC fast charging

Yes, being a plug-in hybrid (PHEV), the MG Hector Tomahawk PHEV supports 25kW DC fast charging. This can replenish the battery from 30 to 80 percent in 35 minutes, like a typical EV. MG is also offering it with a 3.3kW home charger, which can recharge the battery pack from 10 to 100 percent in 7.5 hours.

6. Are the MG Tomahawk EV and PHEV more affordable with BaaS?

BaaS reduces the EV’s and PHEV’s initial prices by up to Rs 6.01 lakh and 3.91 lakh, respectively 

MG Hector Tomahawk EV, PHEV BaaS vs non-BaaS prices (in Rs, lakh)

 

Without BaaS

With BaaS

Initial cost difference

EV

19.50 to 23.50

13.99 to 17.49*

Up to 6.01

PHEV

25.70 to 27.80

21.79 to 23.89^

3.91

*Battery subscription fee is Rs 4.9 per km per month

^Asks for a battery subscription fee of Rs 3.2 per km per month

The BaaS (Battery-as-a-Service) option reduces the upfront price of the MG Hector Tomahawk EV by Rs 6.01 lakh and the PHEV by Rs 3.91 lakh. However, you then pay a battery rental fee for every kilometre you drive: Rs 4.90 per km for the EV and Rs 3.20 per km for the PHEV. At these rates, the upfront savings from BaaS are effectively used up after around 1.22 lakh km. The break-even point is 1,22,653 km for the EV and 1,22,187 km for the PHEV.

In simple terms, if you expect to drive less than 1.22 lakh km over the entire ownership period, BaaS could be the more affordable option because of its lower initial cost. However, if you plan to drive more than 1.22 lakh km, buying the Hector Tomahawk with the battery included is likely to save you more money in the long run.

There is also another factor to consider. Under the BaaS plan, you do not own the battery, so your long-term costs depend on the rental agreement. If MG increases the per-kilometre fee or changes the contract in the future, your running costs could also increase. So, while BaaS would be more affordable for most buyers, purchasing the vehicle with the battery included may offer greater certainty in running cost calculations.

Prices are ex-showroom, India.

Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

 

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CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

cm yogi

उत्तर प्रदेश की बेटियों को मंच मिला तो उनकी भावनाएं शब्दों में उतर आईं। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सामने बेटियां आत्मिक भाव से अपने हृदय के उद्गार व्यक्त करती रहीं, जिसे मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए बड़े ही उत्साह से सुना। उन्होंने बेटियों से संवाद किया, उन्हें सफल जीवन का 'आशीष' दिया और हर कदम पर सरकार के साथ होने का विश्वास भी दिलाया। 

 

रक्षाबंधन पर स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाकर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को उपहार स्वरूप चॉकलेट और ओडीओपी बैग भेंट किए। एक छात्रा के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उसकी पॉकेट डायरी पर संदेश भी लिखा। छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां जो दृश्य देखने को मिला है, यही उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन को दिखा रहा है। 

 

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बेटियां इस तरह सुरक्षित और उन्मुक्त वातावरण में मुख्यमंत्री से न तो मिल सकती थीं और न ही सीधे संवाद कर सकती थीं। आज बड़ी संख्या में बेटियां मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर बिना किसी भय के सवाल और बातचीत कर अनुभव साझा कर रही हैं। आज न असुरक्षा का भय है और न ही किसी प्रोटोकॉल का डर है।

 

2017 से पहले स्कूल भेजने में अभिभावकों को होती थी चिंता

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बड़ा संकट यह था कि बेटियां स्कूल तक नहीं जा पाती थीं। कई अभिभावक बेटियों की पढ़ाई बंद कर देते थे या उन्हें घर से दूर दूसरे प्रदेशों के हॉस्टल में रखने को मजबूर होते थे। जिस समय बेटी को अपने माता-पिता का सबसे अधिक संरक्षण मिलना चाहिए, उस समय उसका दूर रहना मजबूरी बन जाता था। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और बेटियां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा हासिल कर रही हैं।

 

जन्म से लेकर स्नातक तक बेटियों के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटियों को सहायता दी जा रही है। शादी योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए मदद उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली बेटियों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। मेधावी छात्राओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए स्नातक स्तर की 50 हजार मेधावी बेटियों को स्कूटी प्रदान करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। 

 

यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी किसी से कम नहीं है।  2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या महज करीब 10 हजार थी। आज यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने वाला है। इसका परिणाम है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

 

यूपी अब 'बीमारू' नहीं, देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सीधा संबंध प्रदेश के विकास से है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़कर प्रदेश और देश को आगे ले जाने में योगदान दे रही हैं। यह बदलाव केवल योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन इसी परिवर्तन की महत्वपूर्ण तस्वीर है।

 

75 जनपदों की छात्राओं ने दी रक्षाबंधन की बधाई

इस दौरान 75 जनपदों की छात्राओं की वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई। इसमें छात्राओं ने अपना परिचय देते हुए मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की बधाई दी और उन्हें राखी भेजने की बात कही। इस दौरान कई छात्राओं ने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री के सामने अपनी आकांक्षाएं और सवाल भी रखे। कक्षा आठ की शैल कुमारी ने कहा कि उनके स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा है और वह कंप्यूटर चलाना भी सीख चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

 

टीवी पर देखते थे सीएम सर को, आज सामने हैं

पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की छात्रा समृद्धि वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से आमने-सामने मिलना मेरे लिए गोल्डेन अपॉर्च्युनिटी रहा। बचपन से सीएम सर को टीवी पर देखती थी। उनसे आमने-सामने मिलने की इच्छा रक्षाबंधन पर पूरी हो गई। श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा आयशा बानो ने सीएम से कहा कि आपसे मिलकर और आपका आशीर्वाद पाकर बेहद खुशी हुई। आपका आशीर्वाद हमेशा बच्चों पर बना रहे।

 

मुझे भी आपके जैसा नेता बनना है

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद की कक्षा नौ की छात्रा वैष्णवी पाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को जीवन का बेहद खास अवसर बताया। उसने कहा कि टीवी पर मुख्यमंत्री को देखकर मेरे मन में भी उनकी तरह नेता बनने की इच्छा पैदा हुई। मुख्यमंत्री से मिलने की जानकारी मिलने के बाद वह इस दिन का इंतजार कर रही थी। वैष्णवी ने बताया कि वह हॉकी खिलाड़ी है और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुई है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में मिली सुविधाओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया।

 

इसी विद्यालय की छात्रा दिव्या ने बताया कि पहले उसका स्कूल कक्षा आठ तक था, लेकिन अब कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलने से वह बेहद खुश है। वह फुटबॉल खेलती है और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। कक्षा सात की छात्रा अंजावती सिंह ने भी मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि वह हॉकी और कराटे खिलाड़ी है। हॉकी में उनका राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है, जबकि कराटे में उसने राज्य स्तर पर कांस्य पदक हासिल किया है।

 

सोशल मीडिया के दौर में चुनौतियों पर सवाल

द संस्कृति स्कूल लखनऊ की छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। एक छात्रा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। कक्षा आठ की श्रेयशी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर सवाल किया। उसने पूछा कि सोशल मीडिया के दौर में जब कुछ खराब चीजें भी सामने आती हैं, तो विद्यार्थी उनसे दूर रहकर अपना ध्यान पढ़ाई और लक्ष्य पर कैसे केंद्रित रख सकते हैं।

 

स्मार्ट फोन से दूरी और अच्छी पुस्तकों की आदत

छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अच्छी सोच विकसित करनी होगी और अपने लक्ष्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। आज के दौर में तकनीक महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी भी सीमा और आवश्यकता है। तकनीक का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। स्मार्टफोन आज की पीढ़ी का बहुत अधिक समय खर्च कर रहा है। अगर किसी मशीन या तकनीक पर हमारी निर्भरता इतनी बढ़ जाए कि वह हमारी सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता को कमजोर करने लगे, तो उससे दूरी बनाना जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री ने उदाहरण दिया कि एक समय लोग बिना कैलकुलेटर के गिनती और पहाड़े याद रखते थे तथा गणित के सवालों का तत्काल जवाब दे देते थे। कैलकुलेटर पर निर्भरता बढ़ने के साथ लोगों की याददाश्त पर भी इसका असर पड़ा। स्मार्टफोन डिजिटल लाइब्रेरी, अच्छे शैक्षिक कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षा के लिए उपयोगी माध्यम हो सकता है। पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन इसमें उपलब्ध हर सामग्री हमारे हित में हो, यह जरूरी नहीं है। अनावश्यक कंटेंट से दूरी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अत्यधिक स्मार्टफोन इस्तेमाल के दुष्परिणामों के प्रति भी आगाह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक स्मार्टफोन देखने से आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है और सोचने-समझने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। जो बच्चे चार से छह घंटे स्मार्टफोन पर बिताते हैं, उन्हें धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करने का प्रयास करना चाहिए।

 

सोशल मीडिया पर अच्छे-बुरे दोनों कंटेंट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छे और बुरे, दोनों कंटेंट मौजूद हैं। इसलिए केवल आवश्यकता, पाठ्यक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी सामग्री ही देखनी चाहिए। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की भी सीमा निर्धारित होनी चाहिए। सीएम योगी ने प्रदेश के बच्चों से स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय खर्च करने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा भी अच्छी किताबें पढ़ना और लिखने की आदत डालना आपके व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास में लाभदायक होगा।

 

“मैं स्वयं मुश्किल से आधा घंटा स्मार्टफोन इस्तेमाल करता हूं”

मुख्यमंत्री ने छात्रा से अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं बहुत कम बमुश्किल आधा घंटा स्मार्टफोन का उपयोग करता हूं और वह भी राज्य से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय या मुद्दे के लिए। अन्यथा स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता। मुझे मालूम है कि स्मार्टफोन मेरा अधिक समय खराब कर सकता है और इससे प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर काम करने के लिए जरूरी समय प्रभावित हो सकता है। सीएम ने छात्राओं से कहा कि आपको भी स्मार्टफोन से दूरी बनानी चाहिए। 

 

छात्रा ने पूछा, कैसे संभालते हैं सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश

संवाद के दौरान संस्कृति विद्यालय की छात्रा श्रेजा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि देश में सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश को वह कैसे संभालते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक आबादी रहती है, लेकिन यह आबादी चुनौती नहीं बल्कि प्रदेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जो लोग आबादी को चुनौती मानते थे, उन्होंने यूपी को बीमारू बना दिया था। हमारी सरकार ने इसी आबादी को डेमोग्राफिक डिविडेंड से जोड़ते हुए युवाओं की स्किलिंग, रोजगार और प्रदेश के विकास से जोड़ने का काम किया।

 

25 करोड़ लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ा यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्केल के अनुरूप स्किलिंग के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए गए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने का प्रयास हुआ है। रोजगार को प्रदेश के विकास और विकास को मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया। जब इतनी बड़ी आबादी एक साथ आगे बढ़ती है और एक साथ सोचती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। आज यूपी बीमारू प्रदेश नहीं है, बल्कि देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। नौ वर्ष पहले प्रदेश की गिनती देश के पिछड़े राज्यों में होती थी, लेकिन आज सबसे प्रगतिशील राज्यों में यूपी की गिनती होती है। 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शुद्ध नीयत और स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ाने का परिणाम प्रदेश के सामने है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में नीयत शुद्ध और लक्ष्य स्पष्ट हो तो परिणाम जरूर प्राप्त होता है।

 

अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा

अटल आवासीय विद्यालय की कक्षा छह की छात्रा अग्रिमा ने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ अपने ग्रुप की फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने खुशी से फोटो खिंचवाने के लिए सहमति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए इन विद्यालयों की शुरुआत की है। निर्माण श्रमिकों के माता-पिता काम के सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर जाते रहते हैं, जिसके कारण उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं तथा यहां पढ़ने वाले बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

टीवी पर देखा, आज आमने-सामने मिलने की खुशी

कार्यक्रम में एनएस पब्लिक स्कूल की छात्रा सौम्या ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जताई। सौम्या ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को अब तक टीवी पर देखती थी, लेकिन आज उनसे वास्तविक रूप से मिलकर उसे बहुत अच्छा लग रहा है। कक्षा तीन की छात्रा याशिका सोनकर ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। छात्रा ने अपना परिचय देते हुए बताया कि मैंने आपको कई बार टीवी पर देखा है और आज मैं आपसे आमने-सामने बात कर रही हूं। याशिका ने भी मुख्यमंत्री से अपने ग्रुप के साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई और 'जय हिंद-जय भारत' नारे के साथ अपनी बात पूरी की।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

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Sonia Gandhi Book Row: ‘हम पुस्तक को पब्लिश करने के लिए तैयार थे, लेकिन…’; Penguin ने सोनिया गांधी की किताब छापने से किया इनकार? दी ये सफाई

Sonia Gandhi Book Row: ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने शुक्रवार (28 अगस्त) को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव (Belonging: A Journey of Love)’ किताब का भारत में प्रकाशक यानी पब्लिशर नहीं है। पेंगुइन का यह बयान अमेरिकी पब्लिशर ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ सप्ताह बाद आया है कि किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ (Alfred A Knopf)’, पेंगुइन रैंडम हाउस का एक प्रकाशन संस्थान है।

 ‘हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार थे’

कंपनी ने एक बयान में कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में ‘बिलॉन्गिंग’ की प्रकाशक नहीं है। यह कहना परिस्थितियों की सही तरीके से प्रस्तुति नहीं है कि लेखिका (सोनिया) द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है।” यह बयान अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ‘संपादकीय बदलाव’ करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया।

‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने कहा कि वह ‘किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक’ था। लेकिन लेखकों की तथ्य-जांच करना और उन्हें सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया के सामान्य हिस्से के रूप में उसका विशेषाधिकार और जिम्मेदारी है। कंपनी ने कहा, “संबंधित चर्चाओं के दौरान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख यही था कि हम किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक बने हुए हैं। हम लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।”

‘किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी साफ नहीं’

इस बीच, भारत में किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon के एक पेज पर ‘बिलॉन्गिंग’ का ई-बुक वर्जन 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध दिखा। ई-कॉमर्स वेबसाइट के अनुसार, ई-बुक का पब्लिशर ‘हार्पर कॉलिन्स’ यूके का एक प्रकाशन संस्थान विलियम कॉलिन्स है।

क्या है किताब में?

अल्फ्रेड ए. नॉफ की घोषणा के बाद से ही भारत में किताब के पब्लिशर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा कुछ दिनों पहले कहा गया था कि सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा में भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक में विवाह के बाद अपने जीवन, पति राजीव गांधी की हत्या के दुखद दौर और 2004 में प्रधानमंत्री पद अस्वीकार करने सहित कई निजी अनुभव शेयर करेंगी।

सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बहुत कम ही बात करने वालीं 79 वर्षीय सोनिया ने इस किताब में युद्ध के बाद के इटली में अपने बचपन से लेकर अपने प्रेम-प्रसंग और उसकी वजह से भारत आने तक की कहानी का वर्णन किया है। इससे पहले जून में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पत्रकार और लेखक जो सैको के 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित ग्राफिक उपन्यास को स्थानीय कानूनी, रेगुलेटरी, कमर्शियल और मार्केट संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हटा दिया था।

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खबरों में दावा किया गया था कि प्रकाशक ने गलत मानचित्र के कारण किताब के डिस्ट्रीब्यूट से हाथ खींच लिया था और मूल पब्लिशर की ओर से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस साल फरवरी में भी पब्लिशर उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को प्रिंट नहीं किया है। यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब की एक कॉपी दिखाए जाने के कुछ दिन बाद आया था।

10,000mAh बैटरी के साथ नया Redmi फोन लॉन्च! मिलेगा 50MP OIS कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, जानें कीमत

Xiaomi ने चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में Redmi Note 17 Pro Max 5G लॉन्च कर दिया है, जिसमें 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट और 512GB तक की स्टोरेज दी गई है। इस स्मार्टफोन में OIS के साथ 50MP का मेन कैमरा, 32MP का फ्रंट कैमरा और 100W वायर्ड चार्जिंग वाली 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी भी दी गई है। अब चलिए जानते हैं फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में।

Redmi Note 17 Pro Max 5G की कीमत और उपलब्धता

जापान में Redmi Note 17 Pro Max 5G के 8GB + 256GB वेरिएंट की कीमत JPY 79,980 (लगभग ₹47,900) और 8GB + 512GB मॉडल की कीमत JPY 99,980 (लगभग ₹59,900) है। यह Cloudbrush, Purple और Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

Redmi Note 17 Pro Max 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 1.5K और रिफ्रेश रेट 120Hz तक है। यह पैनल 3,500 निट्स तक की ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है और इसमें 12-बिट कलर डेप्थ, DCI-P3 कलर गैमट, HDR10+ और डॉल्बी विजन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसे कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 से सुरक्षा दी गई है और यह 3,840Hz PWM डिमिंग और वेट टच टेक्नोलॉजी 2.0 को भी सपोर्ट करता है।

Redmi Note 17 5G सीरीज के Pro Max वेरिएंट में Snapdragon 6 Gen 5 SoC प्रोसेसर है, जिसके साथ 8GB LPDDR5X RAM और 512GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलता है। यह फोन Android 16 पर आधारित Xiaomi के HyperOS 3 पर चलता है और इसमें AI Eraser Pro, AI Reflection Removal, AI Image Enhancement, AI Sky और AI Bokeh जैसे AI फीचर्स दिए गए हैं। फोन Google Gemini फीचर्स को भी सपोर्ट करता है, हालांकि Xiaomi का कहना है कि इनकी उपलब्धता इलाके और सॉफ्टवेयर वर्जन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो, फोन में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा है। रियर कैमरा 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा भी 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है।

कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G, डुअल सिम, Wi-Fi 6, Bluetooth 6.0 और NFC का सपोर्ट मिलता है। इसमें इन्फ्रारेड ब्लास्टर भी दिया गया है, जिसकी मदद से फोन को कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के रिमोट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेंसर की बात करें तो फोन में एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, इलेक्ट्रॉनिक कंपास, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और एम्बिएंट लाइट सेंसर दिए गए हैं।

बैटरी और सिक्योरिटी

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है और यह 100W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यह 27W तक की वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। सुरक्षा के लिए, इसमें इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट सेंसर और फेशियल रिकग्निशन की सुविधा है।

Redmi का दावा है कि Note 17 Pro Max 5G मॉडल पानी और धूल से बचाव के लिए IP66 और IP68 रेटिंग को पूरा करता है। इसके अलावा, फोन की ऊंचाई 163.44mm, चौड़ाई 78.27mm और मोटाई 8.65mm है, जबकि Cloudbrush वेरिएंट की मोटाई 8.57mm है। इसका वजन 229.5 ग्राम है।

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Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation

Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation
Yamaha RayZR on a production line

Yamaha Motor India has begun evaluating additional manufacturing capacity as it expects its existing 1.5 million unit annual output to be fully utilised within the next two to three years. The Japanese two-wheeler maker operates plants in Surajpur, Uttar Pradesh and Kanchipuram, Tamil Nadu, with a combined annual capacity of 1.5 million units, and is weighing whether to expand within its current footprint or invest at a new location.

  1. Yamaha India’s 1.5 million unit annual capacity expected to be fully utilised within 2-3 years
  2. Domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in H1 2026
  3. Annual sales target of 50,000 units set for the newly launched YZF-R2

Yamaha India capacity expansion: Key details

New plant requires 3-4 years of lead time; expansion within existing sites also being considered

Hajime Aota, Chairman of the Yamaha Motor India Group, said the company still has space to expand at its existing facilities, reducing the immediate pressure to acquire new land. The decision on expansion – whether at Surajpur, Kanchipuram or elsewhere – will depend on manufacturing processes, supplier allocation and longer-term domestic and export requirements. “At this moment, we have capability and we have space,” Aota said, while noting that planning for a new greenfield facility typically requires a lead time of three to four years.

Yamaha expects its total volumes (including exports) to exceed 1.1 million units in 2026, with domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in the first half of the year. The company expects H2 volumes to be higher, supported by festive demand and new product launches. On the YZF-R2, which debuted yesterday at Rs 2.30 lakh, Yamaha has set an annual domestic sales target of 50,000 units.

Aota described India and Indonesia as Yamaha’s two biggest global growth engines, with India offering the stronger long-term growth opportunity. However, he noted that India must continue improving manufacturing productivity and technical capabilities to narrow the gap with Indonesia and expand its role in Yamaha’s global manufacturing network. The company employs approximately 10,000 people across its Indian operations and has invested over Rs 2,000 crore in research, development and manufacturing in India over the past eight to ten years. The quantum of investment required for the next phase of expansion has not been disclosed.

Aja Ekadashi 2026 Date: भादों की पहली एकादशी होगी अजा एकादशी, इस दिन बन रहे दुर्लभ संयोग में पूजा और व्रत का मिलेगा राजसुख

Aja Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। ऐसा ही एक व्रत है अजा एकादशी का भी। यह व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। यह भादों माह की पहली एकादशी होती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा, किस दुर्लभ योग में पूजा और व्रत करने से मिलेगा राजसुख और इसका महत्व क्या है?

अजा एकादशी 2026 तारीख

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर को शाम 07:29 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर दिन सोमवार को रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 8 सितंबर मंगलवार को सुबह में 6 बजकर 2 मिनट से सुबह 8 बजकर 33 मिनट के बीच कर सकते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग में अजा एकादशी

इस बार की अजा एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग शाम को 06 बजकर 14 मिनट पर बनेगा और यह अगले दिन 8 सितंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। व्रत वाले दिन प्रात:काल से लेकर सुबह 06:41 ए एम तक व्यतीपात योग है, उसके बाद से वरीयान् योग बनेगा, जो 8 सितंबर को तड़के 03:38 ए एम तक है, फिर परिघ योग होगा।

अजा एकादशी 2026 मुहूर्त

यदि आपको अजा एकादशी का व्रत रखना है तो पूजा का मुहूर्त सुबह में 06:02 ए एम से 07:36 ए एम तक है, उसके बाद सुबह में 09:10 ए एम से 10:45 ए एम तक है। इस समय में आप भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:31 ए एम से 05:16 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:54 ए एम से दोपहर 12:44 पी एम तक है।

अजा एकादशी महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने अपने खोए हुए राज्य, परिवार और सम्मान को वापस पाने के लिए महर्षि गौतम के सुझाव पर अजा एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें उनका सब कुछ पुनः प्राप्त हो गया था। माना जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से अजा एकादशी का व्रत रखता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके समस्त पाप और पूर्व जन्म के बुरे कर्म नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि

  • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल, धूप और दीप अर्पित करें।
  • अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में भगवान विष्णु की आरती करें।
  • इस दिन गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण किया जाता है।

NPS Equity: किस पेंशन फंड ने NPS इक्विटी में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? समझिए 10 साल का पूरा हिसाब

NPS Equity: NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में रिटायरमेंट के लिए निवेश के सबसे अच्छे विकल्पों में गिना जाता है। इसमें इक्विटी यानी Scheme E एक अहम विकल्प है। इसमें आपके निवेश का पैसा मुख्य रूप से शेयरों और शेयर से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है।

इसलिए इसमें डेट या सरकारी सिक्योरिटीज की तुलना में ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है। लेकिन बाजार गिरने पर नुकसान का जोखिम भी होता है। यह विकल्प खासतौर पर लंबे समय के रिटायरमेंट निवेश के लिए देखा जाता है।

NPS Scheme E में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया?

NPS Scheme E के 10 साल के आंकड़ों में HDFC पेंशन सबसे आगे है। सरकारी सेक्टर में इसने 10 साल में 13.01% का सालाना रिटर्न दिया। बेंचमार्क का रिटर्न 13.12% रहा। ICICI Prudential 12.90% के साथ दूसरे नंबर पर रहा। Kotak ने 12.75% रिटर्न दिया।

पेंशन फंड10 साल का रिटर्नशुरुआत से रिटर्न
HDFC Pension13.01%13.93%
ICICI Prudential12.90%12.44%
Kotak12.75%11.82%
UTI12.54%12.19%
LIC11.69%12.24%
SBI11.64%10.66%

नोट : आंकड़े NPS Trust के हैं। डेटा 25 अगस्त 2026 तक का है।

प्राइवेट सेक्टर में भी HDFC आगे

नॉन गवर्नमेंट सेक्टर में भी HDFC Pension का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसने 10 साल में 12.99% का सालाना रिटर्न दिया। ICICI Prudential का रिटर्न 12.88% रहा। Kotak ने 12.74% रिटर्न दिया।

NPS में 100% इक्विटी का विकल्प

NPS में इक्विटी में ज्यादा पैसा लगाने के विकल्प भी हैं। Active Choice में निवेशक खुद एसेट अलोकेशन तय कर सकता है। Auto Choice में उम्र के हिसाब से इक्विटी का हिस्सा बदलता रहता है। Multiple Scheme Framework के तहत नॉन गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए 100% तक इक्विटी का विकल्प भी है।

सिर्फ रिटर्न देखकर फैसला न करें

किसी NPS फंड को चुनते समय सिर्फ रिटर्न देखना ठीक नहीं है। लंबी अवधि का प्रदर्शन देखना जरूरी है। बाजार गिरने पर फंड ने कैसा प्रदर्शन किया, यह भी देखना चाहिए।

इसके अलावा बेंचमार्क से तुलना करें। पोर्टफोलियो और जोखिम भी देखें। रिटायरमेंट के लिए निवेश है, इसलिए सिर्फ पिछले एक साल के अच्छे रिटर्न के पीछे भागना सही नहीं है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।