Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्चों पर रखें कंट्रोल, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 29 अगस्त का दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने और भविष्य की तैयारी करने का संकेत दे रहा है। आज कुछ लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के पैसा लगाना या अचानक खर्च करना नुकसान पहुंचा सकता है। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज बजट, बचत और लंबे समय की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। जानिए मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का आर्थिक भविष्यफल।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दें। आकर्षक ऑफर या अचानक मिलने वाले अवसर देखकर तुरंत पैसा खर्च न करें। निवेश और बचत की योजनाओं को दोबारा देखें। धैर्य और सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर भविष्य में आर्थिक फायदा मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में भविष्य की योजना बनाने का समय है। अपने आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखें और बेवजह खर्च करने से बचें। बजट के अनुसार खर्च करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेकर फैसला करना भी मददगार हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। नए निवेश या कमाई के अवसरों के बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। जरूरत के अनुसार अपने बजट में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। रिसर्च और सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। बजट को व्यवस्थित करने से आपकी स्थिति बेहतर होगी। गैर-जरूरी खर्चों से दूरी बनाए रखें। नए आर्थिक अवसर सामने आएं तो उन्हें अच्छी तरह समझकर ही फैसला लें। आपकी व्यावहारिक सोच आपको सही दिशा देगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखें और अचानक आने वाले खर्च के लिए कुछ रकम बचाकर रखें। सही योजना से आर्थिक दबाव कम किया जा सकता है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपने पैसों का हिसाब व्यवस्थित करने पर ध्यान दें। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और गैर-जरूरी चीजों पर पैसा लगाने से बचें। बजट की समय-समय पर समीक्षा करते रहें। पुरानी गलतियों से सीखकर आगे की आर्थिक योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देने का दिन है। लग्जरी और महंगी चीजों पर जरूरत से ज्यादा खर्च न करें। अपने वित्तीय लक्ष्यों को दोबारा देखें और उसी के अनुसार निवेश की योजना बनाएं। उपलब्ध पैसों और संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी होगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। लंबे समय के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। अचानक होने वाले खर्च से बचें। सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने पुराने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार उनमें बदलाव करें। लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

क्या RSS पर बैन लगाएंगे ट्रम्प:अमेरिका के धार्मिक कमीशन ने क्यों की ये सिफारिश; मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे पर हंगामा बढ़ा

संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर हैं। इस बीच वहां मांग उठ रही हैं- RSS पर बैन लगे। यह मांग अमेरिकी सरकार का धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद और कमिश्नर जीन मिल्स ने की है। मार्च में इसी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भी RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी। इस मांग का आधार क्या है, RSS पर क्या आरोप लगाए गए हैं और क्या ट्रम्प RSS पर बैन लगाएंगे; इसी पर आज का एक्सप्लेनर… सवाल-1: अमेरिका में RSS पर पाबंदी को लेकर कौन सवाल उठा रहा है? जवाब: मोहन भागवत 25 अगस्त से 19 दिन के विदेश दौरे पर हैं। पहला पड़ाव अमेरिका है, फिर कनाडा और ब्रिटेन। RSS पर प्रतिबंधों को लेकर तीन प्रमुख लोगों ने बयान दिए हैं- 19 अगस्त को USCIRF के कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा, ‘RSS नेता भले ही भारतीय सरकार से जुड़े हों, लेकिन उन्हें अमेरिका में हाई-लेवल मीटिंग्स और डिप्लोमेसी में तरजीह नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के दोषी पाए गए RSS सदस्यों पर बैन लगाना चाहिए।’ USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद ने भी कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं। ये एक ऐसा भारतीय संगठन है, जिससे जुड़े समूहों ने ईसाई और मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत अमेरिका आ रहे हैं।’ कमीशन की पूर्व चेयरपर्सन नादिन मेंजा ने भी अमेरिकी मैगजीन ‘प्रोविडेंस’ में लिखा, ‘भागवत जिस एकता और सद्भाव की बात करते हैं, वह संघ की जमीनी हरकतों से बिल्कुल अलग है। संघ के रवैये के लिए उसे बैन किया जाना चाहिए।’ सवाल-2: तो फिर इन बयानों का आधार क्या है और इसके पीछे की दलील क्या है? जवाब: RSS पर पाबंदी की बात मार्च 2026 से शुरू हुई। अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की। इसमें भारत से जुड़े 2 पन्ने हैं। इनमें 23 घटनाओं का जिक्र है- इन 10 प्रमुख घटनाओं के अलावा 13 और घटनाओं का जिक्र है, जिसमें 28 में से 12 राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों, रेवरेंड फ्रैंकलिन ग्राहम का वीजा रद्द करने और गौ संरक्षण के नाम पर हत्या करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में USCIRF ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसकी सरकारों, हिंदू राष्ट्रवादी नेता और संगठन का जिक्र किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सिर्फ एक जगह जिक्र है। वो भी Targeted Sanctions, यानी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के सेक्शन में। USCIRF का कहना है कि RSS की संपत्तियां जब्त कर लेनी चाहिए और उसके सदस्यों के अमेरिका आने पर रोक या वीजा रद्द कर देना चाहिए। सवाल-3: RSS पर बैन की मांग करने वाला ये USCIRF आखिर है क्या?
जवाब: USCIRF की शुरुआत 3 दशक पहले हुई… आयोग बनने की कहानी आयोग का स्ट्रक्चर USCIRF में संसद के जरिए नियुक्त 9 कमिश्नर होते हैं, जो दोनों पार्टियों से होते हैं। एक कमिश्नर को चेयरमैन बनाया जाता है। फिलहाल पाकिस्तानी मूल के डॉ. आसिफ महमूद इसके चेयरमैन हैं। आयोग का काम आयोग की ताकत आयोग अपनी सालाना रिपोर्ट अमेरिकी विदेश मंत्रालय को सौंपता जरूर है, लेकिन खुद कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, सिर्फ सिफारिशें देता है। सवाल-4: क्या वाकई अमेरिका में RSS पर बैन लग सकता है?
जवाबः नहीं, फिलहाल ऐसा नहीं लगता। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… सवाल-5: पाबंदी की इस मांग पर भारत सरकार और RSS का क्या रुख है?
जवाबः भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF को पूर्वाग्रह से ग्रसित और जीरो भरोसे वाली संस्था बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को कहा, ‘USCIRF सालों से भारत के खिलाफ भ्रामक, गलत और भड़काऊ बयान देती रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि ये अपने छिपे हुए एजेंडे के तहत काम करती हैं और इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।’ वहीं RSS ने फिलहाल इस पर कोई बात नहीं कही है। हालांकि 24 अगस्त को VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा, ‘USCIRF के मन में सनातन धर्म, हिंदू समाज और भारत के प्रति गहरी नफरत है। हाल में RSS के प्रति जो नफरत दिखाई है, वह हिंदूफोबिया से प्रेरित उसके जाने-पहचाने एजेंडे का एक हिस्सा है।’ मार्च में भारत के पूर्व जजों और अधिकारियों ने एक बयान जारी कर USCIRF रिपोर्ट को दिमागी तौर पर दिवालिया और स्वार्थी बताया था। 275 अफसरों ने इस बयान पर दस्तखत किए थे, जिसमें 25 रिटायर्ड जज, 10 राजदूतों समेत 119 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और 131 आर्म्ड फोर्सेस के अधिकारी थे। सवाल-6: USCIRF पर क्यों उठ रहे हैं सवाल, पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?
जवाबः USCIRF के मौजूदा चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी हैं। वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के खारियान गांव में जन्मे। उन्होंने कराची के सिंध मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली, फिर 1990 के दशक के आखिर में अमेरिका चले गए। अमेरिका के कैलिफोर्निया में महमूद प्रैक्टिस करने लगे। बाद में अमेरिका की नागरिकता मिल गई। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी से राजनीति भी की है। 2008 से 2016 तक डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में डेलिगेट रहे। 2022 में कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिर 2024 में डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हाकीम जेफ्रीज ने उन्हें USCIRF में नियुक्त हुए। जुलाई 2026 में चेयरमैन चुने गए। 2019 में जब भारत सरकार ने आर्टिकल 370 हटाया, तब महमूद ने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए अमेरिकी संसदीय सुनवाई कराने के लिए लॉबिंग की थी। महमूद ने कहा था, ‘कश्मीरी अकेले नहीं हैं। हम तब तक उनके साथ खड़े रहेंगे, जब तक कि उन सभी के मानवाधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते।’ महमूद पर सवाल उठते रहे हैं- ——————————–
ये भी पढ़ें- ‘मोहन भागवत का कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं’: आयोजक बोले- 16 धर्मों के लोग आएंगे, विरोध करने वाले भी आएं HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत…

₹67,999 में लॉन्च हुआ Acer का नया AI Laptop, 32GB RAM और 1TB स्टोरेज से है लैस

Acer ने भारत में Swift Neo AI लैपटॉप लॉन्च किया है। इसके साथ कंपनी ने भारत में AI से लैस लैपटॉप की अपनी रेंज को और बढ़ाया है। यह नया पतला और हल्का लैपटॉप Intel Core Ultra प्रोसेसर से लैस है। इसे खासतौर पर प्रोफेशनल्स, छात्रों और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें AI की मदद से बेहतर परफॉर्मेंस, प्रीमियम मेटल डिजाइन और लेटेस्ट कनेक्टिविटी फीचर्स मिलते हैं।

इस लैपटॉप में Microsoft Copilot इंटीग्रेशन, Intel AI Boost और हल्का डिजाइन भी है, जो इसे प्रोडक्टिविटी, कंटेंट क्रिएशन और रोजाना के मल्टीटास्किंग कामों के लिए बेहतरीन बनाता है।

कीमत और उपलब्धता

Acer Swift Neo AI लैपटॉप की शुरुआती कीमत ₹67,999 है। यह Flipkart, Acer E-store और पूरे भारत में दूसरे रिटेल चैनलों पर उपलब्ध होगा।

फीचर्स

Acer Swift Neo AI में लेटेस्ट Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H प्रोसेसर के साथ Intel AI Boost दिया गया है, जो प्रोडक्टिविटी, कोलेबोरेशन और क्रिएटिव ऐप्स में AI-पावर्ड अनुभव देता है। बता दें कि तेज मल्टीटास्किंग और बेहतर सिस्टम रिस्पॉन्स के लिए इस लैपटॉप को 32GB तक LPDDR5 RAM और 1TB PCIe NVMe SSD स्टोरेज के साथ कॉन्फिगर किया जा सकता है।

इसके अलावा, इसमें 16:10 आस्पेक्ट रेशियो, 1920 x 1200 रिजॉल्यूशन और 300 निट्स तक की ब्राइटनेस वाला 14-इंच WUXGA IPS डिस्प्ले है, जबकि कुछ खास वेरिएंट्स में OLED डिस्प्ले का ऑप्शन भी मिलता है।

डिजाइन की बात करें तो लैपटॉप में ऊपर और नीचे प्रीमियम मेटल कवर दिया गया है। इसका वजन सिर्फ 1.25 किलोग्राम है और मोटाई 17.2mm है। इसमें 180-डिग्री हिंज, बैकलिट कीबोर्ड, प्रिसीजन टचपैड और फिंगरप्रिंट रीडर जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

कनेक्टिविटी के लिए, Swift Neo AI में चार्जिंग, डेटा ट्रांसफर और डिस्प्ले आउटपुट सपोर्ट वाले दो फुल-फंक्शन USB Type-C पोर्ट, HDMI, अतिरिक्त USB पोर्ट और Wi-Fi 6 की सुविधा है। इसमें फुल HD 1080p वेबकैम, डुअल स्पीकर और 52Wh की बैटरी भी है, साथ ही यह 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह लैपटॉप Windows 11 Home पर चलता है और इसमें Microsoft Copilot का इंटीग्रेशन मिलता है। इसकी मदद से यूजर्स प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिव कामों के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Acer के मुताबिक, Swift Neo AI को बेहतर परफॉर्मेंस, आसानी से साथ ले जाने वाले डिजाइन और AI फीचर्स का संतुलन देने के लिए बनाया गया है। कंपनी इसे ऐसे यूजर्स के लिए पेश कर रही है जो एक मॉडर्न AI लैपटॉप चाहते हैं।

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बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? जानिए वक्त के साथ तस्वीर कैसे बदली

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर ने पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। तीनों ने अलग-अलग समय में अलग रिटर्न दिया है। कुछ अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं लंबी अवधि में सिल्वर ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

कम अवधि में बिटकॉइन आगे

1 महीने और 6 महीने के रिटर्न में बिटकॉइन सबसे आगे रहा। 1 महीने में इसका रिटर्न 17.23% रहा। 6 महीने में यह बढ़कर 22.26% हो गया। गोल्ड ने भी लगातार बढ़त दिखाई। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बिटकॉइन की तेजी ज्यादा रही।

3 साल में सिल्वर ने मारी बाजी

3 साल की अवधि में तस्वीर बदल जाती है। यहां सिल्वर सबसे आगे रहा। इसका सालाना औसत रिटर्न 48.97% रहा। इसी अवधि में बिटकॉइन ने 47.46% और गोल्ड ने 41.06% का सालाना औसत रिटर्न दिया। यानी लंबी अवधि में सिल्वर ने बिटकॉइन और गोल्ड दोनों को पीछे छोड़ दिया।

₹10,000 की SIP का क्या हुआ?

एक साल की अवधि में अगर हर महीने ₹10,000 की SIP बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में की जाती, तो तीनों में निवेश का नतीजा अलग होता। इससे पता चलता है कि नियमित निवेश करने पर अलग-अलग एसेट ने कैसा प्रदर्शन किया। यहां SIP का मतलब हर महीने एक तय रकम निवेश करना है। इससे बाजार के अलग-अलग भाव पर निवेश होता रहता है।

बिटकॉइन ने 3 साल में भी शानदार कमाई की

CoinDCX की ग्रोथ और क्रिप्टो बिजनेस हेड मीनल ठुकराल के मुताबिक, बिटकॉइन का लंबी अवधि का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।

उनके मुताबिक, 24 अगस्त 2023 को लगाए गए $26,162 बढ़कर $77,472 हो गए। यानी निवेश पर 244% से ज्यादा रिटर्न मिला। रकम करीब 3.44 गुना हो गई। हालांकि, इस दौरान बिटकॉइन में कई बड़ी गिरावट भी आईं। इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश करना सही नहीं है। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना अहम रहा।

बिटकॉइन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा

बिटकॉइन ने 7 अक्टूबर 2025 को $1,25,752 का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2026 में यह 15 जनवरी को $96,931 तक पहुंचा। इसके बाद कीमत में गिरावट आई। 1 जुलाई को बिटकॉइन $58,562 तक फिसल गया।

अगस्त के पहले हफ्ते में यह करीब $62,000 से $65,000 के स्तर पर था। 26 अगस्त तक बिटकॉइन करीब $80,000 से $80,300 के बीच कारोबार कर रहा था।

गोल्ड में भी तेज उतार-चढ़ाव

गोल्ड जनवरी 2026 में $5,500 प्रति औंस तक पहुंचा था। जुलाई में इसकी कीमत $4,000 प्रति औंस से नीचे आ गई। इसके बाद गोल्ड में फिर तेजी आई। 26 अगस्त तक यह $4,630 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा था। कमजोर डॉलर और अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता ने गोल्ड को सपोर्ट दिया है।

सिल्वर भी तेजी से पलटा

सिल्वर जनवरी में करीब $120 प्रति औंस पर था। जुलाई में यह गिरकर $55 से $60 के दायरे में आ गया। इसके बाद सिल्वर में तेजी लौटी। 26 अगस्त तक इसकी कीमत करीब $63 से $70 प्रति औंस के बीच थी। सिल्वर की तेजी को गोल्ड की मजबूती से भी सपोर्ट मिला।

निवेश से पहले क्या समझें?

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन हर अवधि में अलग रहा है। छोटी अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं 3 साल में सिल्वर ने सबसे ज्यादा सालाना औसत रिटर्न दिया।

इसलिए सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बिटकॉइन और सिल्वर में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश से पहले जोखिम और अपने निवेश के लक्ष्य को जरूर देखना चाहिए।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा, कथित वाल्मीकि घोटाले में भूमिका से किया इनकार

B. Nagendra: कर्नाटक कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि यह इस्तीफा ‘कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम’ में कथित तौर पर 89 करोड़ रुपये की गड़बड़ी को लेकर बीजेपी की रायचूर से बेल्लारी तक 10 दिन की पदयात्रा से ठीक पहले दिया गया।

योजना और सांख्यिकी विभाग संभालने वाले नागेंद्र ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कथित वाल्मीकि घोटाले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के नेताओं से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

उन्होंने कहा, “मैं अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरे मुख्यमंत्री का भी मानना ​​है कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है। विकास और मुख्यमंत्री के विजन में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। बीजेपी ने मुझे आरोपी बताकर एक बेगुनाह को आरोपी बना दिया है।”

इससे पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा

बता दें कि यह दूसरी बार है जब नागेंद्र ने सरकार से इस्तीफा दिया है। इससे पहले, 2024 में कर्नाटक अनुसूचित जनजाति विकास बोर्ड से जुड़े ₹94 करोड़ के फंड डायवर्जन घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने सिद्धारमैया की कैबिनेट से ST कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

वहीं, कर्नाटक विधानसभा का हालिया मॉनसून सत्र हंगामे की वजह से बेकार चला गया, क्योंकि बीजेपी ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की थी।

नागेंद्र ने कहा, “साजिश वाली राजनीति के कारण, हमने कई बार अपील की और विपक्ष से कहा कि वे नोटिस दें और चर्चा के लिए आएं। वे सूखे, KPSC और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नहीं आए। बिना किसी आधार या मुद्दे के, उन्होंने घोटाले होने का झूठा दावा करते हुए विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने झूठा दावा किया कि वाल्मीकि घोटाला हुआ और निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी।”

उन्होंने आगे कहा, “SIT और CID ने इस मामले की जांच की। साजिश के तहत CBI जांच शुरू करवाई गई और ED ने मुझे गिरफ्तार कर लिया। मैं तीन महीने जेल में भी रहा और फिर बाहर आया। दूसरी चार्जशीट में, उन्होंने बेवजह मेरा नाम शामिल कर दिया।”

बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने कथित वाल्मीकि घोटाले को लेकर नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। दोनों पार्टियों ने 1 सितंबर से रायचूर से बल्लारी तक 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है।

बीजेपी एमएलसी एन. रवि कुमार ने कहा, “नागेंद्र को आज नहीं तो कल इस्तीफा देना ही होगा क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार किया है। 600 खातों में पैसे जमा किए गए। वह सरकारी फंड था… कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना और बेल्लारी लोकसभा चुनावों में और परिवार के लिए सोना खरीदने में सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया।”

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POCO X8 Power 5G भारत में इस दिन होगा लॉन्च, मिलेगा 50MP कैमरा और 10,000mAh बैटरी

POCO X8 Power भारत में लॉन्च होने के लिए तैयार है और खुद ब्रांड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। डिवाइस से जुड़े प्रमोशनल मटीरियल के अनुसार, यह कन्फर्म हो गया है कि डिवाइस अगले हफ्ते देश में लॉन्च होगा। वहीं, अगर डिजाइन की बात करें तो यह एक साफ-सुथरा डिवाइस लगता है, जिसमें पीले रंग का रियर पैनल और स्क्वायर शेप का कैमरा आइलैंड है, जिसमें दो सेंसर कटआउट और एक फ्लैश दिया गया है। इसी के साथ, यहां वे सभी बातें बताई गई हैं जो आपको कन्फर्म जानकारी, लीक, अफवाहों और अनुमानों के आधार पर इस फोन के बारे में जाननी चाहिए।

भारत में POCO X8 Power 5G की कीमत और बिक्री का प्लेटफॉर्म

आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, POCO X8 Power 5G भारत में 4 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे (IST) लॉन्च होगा। इसके बाद यह ई-कॉमर्स स्टोर Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है। लेकिन सामने आई अफवाहों के मुताबिक, POCO X8 Power 5G की भारत में शुरुआती कीमत ₹34,999 हो सकती है।

POCO X8 Power 5G के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

POCO X8 Power में 6.83-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3500 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर के साथ 8GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज भी हो सकता है। हालांकि, POCO ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि इस हैंडसेट में 10,000mAh की बैटरी और 100W हाइपरचार्ज सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होगा और इसमें HyperOS 3 स्किन मिलेगी।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा भी दिया जाएगा।

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Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Gold Price Today: सोने की कीमत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 टूटकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को इसका भाव ₹1,65,700 था।

तीन दिन में सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को इसका भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेजी के बाद अब कारोबारी मुनाफावसूली कर रहे हैं।

चांदी भी ₹5,000 सस्ती

चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट रही। घरेलू बाजार में इसका भाव ₹5,000 गिरकर ₹2,45,500 प्रति किलो हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,500 प्रति किलो थी।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर 99.15 के स्तर से ऊपर चला गया। इसका असर सोने पर पड़ा। हाल की तेजी के बाद कारोबारी लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली कर रहे हैं।

कस्टम ड्यूटी घटने की खबर का भी असर

घरेलू बाजार में कस्टम ड्यूटी घटाने की खबरों से भी सोने पर दबाव आया। बढ़ती तस्करी के बीच सरकार कस्टम ड्यूटी घटा सकती है। ऐसी खबरें बाजार में चल रही हैं।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, इन खबरों से घरेलू सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में अंतर भी बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ $4,599.70 प्रति औंस पर था। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के बयान पर नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख अहम होगा। ऊंची यील्ड के बीच बाजार को उनके भाषण से संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार में फिलहाल सख्त रुख वाले बयान की उम्मीद है। अगर वार्श निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाते हैं, तो डॉलर कमजोर हो सकता है। ऐसे में सोने को फिर तेजी मिल सकती है।

Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को तोहफा! बताया कब मिलेगी 50,000 छात्राओं को फ्री स्कूटी

UP News: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अक्टूबर-नवंबर में यूपी की 50,000 महिला अंडरग्रेजुएट छात्राओं को स्कूटी दिए जाएंगे। सीएम योगी शुक्रवार (28 अगस्त) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में यह ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक और आगे भी सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा, “हमने एक और व्यवस्था की है। हमारे लिए पहले ये काम बड़ा था कि रक्षाबंधन पर इस कार्यक्रम को करेंगे, अभी हम अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की 50,000 बेटियों को जो स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। 50,000 बेटियों को हम स्कूटी भी प्रदान करने जा रहे हैं…।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “यूपी में पहले पहचान का संकट था आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न स्वावलंबन था, तो हमारी आर्थिक स्थिति बदहाल होनी ही होनी थी। यूपी उस दौर को जब याद करता है, तो रोंगटे खड़े होते हैं। कहीं दंगे, कहीं कर्फ्यू, कहीं असुरक्षा, कहीं उपद्रव, हर योजना में बेईमानी और भ्रष्टाचार, लेकिन धर्म चक्र बदलता है। अगर उस समय उपद्रव था, तो पीएम मोदी के नेतृत्व में जब डबल इंजन की सरकार यूपी में आई, तो उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया है, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बना दिया गया है।”

‘योजना का केंद्र बिंदु बेटी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है, आधी आबादी है। हमारा पहला संकल्प था उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे। उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे और मुझे खुशी है कि हमने जो कहा था, बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे, यह केवल एक फिजिकल सिक्योरिटी नहीं थी, यह मेंटल सिक्योरिटी भी थी, हेल्थ सिक्योरिटी भी थी। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ महिलाएं हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा में भागीदार है। हमारी नीति है कि हर बेटी, बहन और मां को आत्मनिर्भर महसूस होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने बेटी की यात्रा को जन्म से शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान तक एक इकोसिस्टम से जोड़ा है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी करीब 10 हजार थीं, अब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गई है। 32 हजार पदों पर भर्ती चल रही है, जिसके बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी।”

बुजुर्गों के लिए बस फ्री

सीएम योगीने कहा कि इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के मुफ्त रहने की व्यवस्था रहेगी।

महिला बीट पुलिस की तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो।

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उन्होंने आगे कहा, “हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी। बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना शुरू किया।”

All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV

All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV
All you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and PHEV

MG launched the Hector Tomahawk in India in both all-electric (EV) and plug-in hybrid (PHEV) versions, with prices starting from Rs 19.50 lakh and Rs 25.70 lakh, respectively. Both models are offered with a lot of new-age technology and have piqued the interest of enthusiasts. Here’s everything you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and Hector Tomahawk PHEV. 

1. What are the exterior differences between the EV and PHEV?

Both versions get different grilles, front bumpers, and alloy wheels

EV
PHEV
 

Both the Hector Tomahawk’s EV and PHEV versions have some design differences. While the EV gets a blanked-off gloss-black grille, the PHEV gets a functional grille with chrome inserts and black trims underneath the headlights. The front bumper design is also different, with the PHEV getting a silver bullbar-like element in the centre that the EV misses. The headlights and illuminated MG logo are, however, shared. 

Not much is different in the side profile, except for the 18-inch alloy designs and red callipers on the top-spec Hector Tomahawk PHEV. If you opt for a dual-tone shade, the EV will have a black roof, while the PHEV will have a white roof. The rear design, however, is identical for both versions of the SUV.

2. What are the interior differences between the EV and PHEV?

Save for a luggage cover and different cabin themes, everything else is the same

MG Hector Tomahawk EV gets a beige and black cabin theme.

Save for a rolling luggage shade on the 5-seater variants of the EV, and a different cabin theme – brown and black on the EV and a darker brown and black on the PHEV – there is no visible difference. Everything else is the same, including the feature suite: a 15.6-inch touchscreen infotainment system, an 8.8-inch digital driver’s display, a 10-speaker Infinity sound system, a panoramic sunroof, powered and ventilated front seats with memory function for the driver’s seat, and a 50W fast wireless charger. 

MG Hector Tomahawk PHEV gets a brown and black cabin theme.

The safety suite is also identical in both Hector Tomahawk versions, which includes 6 airbags, a 360-degree camera with an under-bonnet view, Level 2 advanced driver assistance systems (ADAS) and a tyre pressure monitoring system (TPMS). 

3. What is the boot space on the MG Hector Tomahawk EV and PHEV?

EV and PHEV versions offer up to 610 litres and 192 litres of boot space, respectively

5-seater MG Hector Tomahawk EV’s boot space. 

The MG Hector Tomahawk EV is offered in either a 5-seater or a 7-seater version. The 5-seater offers 610-litre boot space, with all rows up, which can be expanded to 1,053 litres by folding down the rear row. The 7-seater version offers a 192-litre boot space with all rows up,  and 528 litres when the third row is folded. 

The PHEV, offered only as a 7-seater, offers 192-litre boot space like the EV’s 7-seater version, expandable to 528 litres by folding the third row. Neither the EV nor the PHEV version of the Hector Tomahawk are offered with a frunk (storage space under the bonnet). 

4. What are the powertrain specifications of the MG Hector Tomahawk PHEV and EV?

PHEV gets a 1.5L engine and 20.5kWh battery; EV offers a 69.2kWh battery pack

The MG Hector Tomahawk PHEV gets a 1.5-litre naturally aspirated petrol engine and a 20.5kWh battery pack, offering a combined output of 198hp and 230Nm. The front-wheel-drive (FWD) SUV has an all-electric range of around 115km and a total range including the petrol engine of around 1,100km. 

The MG Hector Tomahawk EV, on the other hand, gets a 69.2kWh battery pack, mated to a front-axle-mounted electric motor producing 204hp and 310Nm. It has a claimed range of 517km.  

5. Can the Hector Tomahawk PHEV be charged at a public EV charging station?

It supports 25kW DC fast charging

Yes, being a plug-in hybrid (PHEV), the MG Hector Tomahawk PHEV supports 25kW DC fast charging. This can replenish the battery from 30 to 80 percent in 35 minutes, like a typical EV. MG is also offering it with a 3.3kW home charger, which can recharge the battery pack from 10 to 100 percent in 7.5 hours.

6. Are the MG Tomahawk EV and PHEV more affordable with BaaS?

BaaS reduces the EV’s and PHEV’s initial prices by up to Rs 6.01 lakh and 3.91 lakh, respectively 

MG Hector Tomahawk EV, PHEV BaaS vs non-BaaS prices (in Rs, lakh)

 

Without BaaS

With BaaS

Initial cost difference

EV

19.50 to 23.50

13.99 to 17.49*

Up to 6.01

PHEV

25.70 to 27.80

21.79 to 23.89^

3.91

*Battery subscription fee is Rs 4.9 per km per month

^Asks for a battery subscription fee of Rs 3.2 per km per month

The BaaS (Battery-as-a-Service) option reduces the upfront price of the MG Hector Tomahawk EV by Rs 6.01 lakh and the PHEV by Rs 3.91 lakh. However, you then pay a battery rental fee for every kilometre you drive: Rs 4.90 per km for the EV and Rs 3.20 per km for the PHEV. At these rates, the upfront savings from BaaS are effectively used up after around 1.22 lakh km. The break-even point is 1,22,653 km for the EV and 1,22,187 km for the PHEV.

In simple terms, if you expect to drive less than 1.22 lakh km over the entire ownership period, BaaS could be the more affordable option because of its lower initial cost. However, if you plan to drive more than 1.22 lakh km, buying the Hector Tomahawk with the battery included is likely to save you more money in the long run.

There is also another factor to consider. Under the BaaS plan, you do not own the battery, so your long-term costs depend on the rental agreement. If MG increases the per-kilometre fee or changes the contract in the future, your running costs could also increase. So, while BaaS would be more affordable for most buyers, purchasing the vehicle with the battery included may offer greater certainty in running cost calculations.

Prices are ex-showroom, India.