कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा, कथित वाल्मीकि घोटाले में भूमिका से किया इनकार

B. Nagendra: कर्नाटक कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि यह इस्तीफा ‘कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम’ में कथित तौर पर 89 करोड़ रुपये की गड़बड़ी को लेकर बीजेपी की रायचूर से बेल्लारी तक 10 दिन की पदयात्रा से ठीक पहले दिया गया।

योजना और सांख्यिकी विभाग संभालने वाले नागेंद्र ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कथित वाल्मीकि घोटाले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के नेताओं से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

उन्होंने कहा, “मैं अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरे मुख्यमंत्री का भी मानना ​​है कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है। विकास और मुख्यमंत्री के विजन में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। बीजेपी ने मुझे आरोपी बताकर एक बेगुनाह को आरोपी बना दिया है।”

इससे पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा

बता दें कि यह दूसरी बार है जब नागेंद्र ने सरकार से इस्तीफा दिया है। इससे पहले, 2024 में कर्नाटक अनुसूचित जनजाति विकास बोर्ड से जुड़े ₹94 करोड़ के फंड डायवर्जन घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने सिद्धारमैया की कैबिनेट से ST कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

वहीं, कर्नाटक विधानसभा का हालिया मॉनसून सत्र हंगामे की वजह से बेकार चला गया, क्योंकि बीजेपी ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की थी।

नागेंद्र ने कहा, “साजिश वाली राजनीति के कारण, हमने कई बार अपील की और विपक्ष से कहा कि वे नोटिस दें और चर्चा के लिए आएं। वे सूखे, KPSC और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नहीं आए। बिना किसी आधार या मुद्दे के, उन्होंने घोटाले होने का झूठा दावा करते हुए विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने झूठा दावा किया कि वाल्मीकि घोटाला हुआ और निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी।”

उन्होंने आगे कहा, “SIT और CID ने इस मामले की जांच की। साजिश के तहत CBI जांच शुरू करवाई गई और ED ने मुझे गिरफ्तार कर लिया। मैं तीन महीने जेल में भी रहा और फिर बाहर आया। दूसरी चार्जशीट में, उन्होंने बेवजह मेरा नाम शामिल कर दिया।”

बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने कथित वाल्मीकि घोटाले को लेकर नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। दोनों पार्टियों ने 1 सितंबर से रायचूर से बल्लारी तक 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है।

बीजेपी एमएलसी एन. रवि कुमार ने कहा, “नागेंद्र को आज नहीं तो कल इस्तीफा देना ही होगा क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार किया है। 600 खातों में पैसे जमा किए गए। वह सरकारी फंड था… कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना और बेल्लारी लोकसभा चुनावों में और परिवार के लिए सोना खरीदने में सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया।”

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Varanium Cloud और प्रमोटर साबले पर SEBI का बड़ा एक्शन, ₹33 करोड़ का जुर्माना; 7 साल के लिए बाजार से बाहर

SEBI ने मंगलवार को SME कंपनी Varanium Cloud, उसके प्रमोटर हर्षवर्धन हनमंत साबले (Harshawardhan Hanmant Sabale) और सात अन्य लोगों पर कुल ₹33.08 करोड़ का जुर्माना लगाया है। मामला कंपनी के वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने और IPO से जुटाए गए पैसे के डायवर्जन से जुड़ा है।

SEBI ने Varanium Cloud और साबले को 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। साबले को किसी भी लिस्टेड कंपनी या SEBI-रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी में डायरेक्टर के तौर पर जुड़े रहने से भी 7 साल के लिए रोक दिया गया है।

₹62.51 करोड़ वापस लाने का आदेश

SEBI ने Varanium Cloud को ₹62.51 करोड़ वापस लाने का आदेश दिया है। रेगुलेटर के मुताबिक, यह रकम कंपनी से डायवर्ट की गई थी। इसके साथ संबंधित तारीखों से 12% सालाना ब्याज भी देना होगा।

वहीं साबले को ₹128.77 करोड़ के अवैध लाभ को वापस करने का निर्देश दिया गया है। इस रकम पर भी शेयरों की बिक्री की तारीख से जमा होने तक 12% सालाना ब्याज देना होगा।

IPO और राइट्स इश्यू का पैसा डायवर्ट

SEBI के 155 पेज के आदेश में कहा गया है कि Varanium Cloud, साबले, विनायक वसंत जाधव, मुकुंदन राघवन और फहीम शेख ने कंपनी के प्रॉस्पेक्टस में गलत जानकारी देने में भूमिका निभाई।

रेगुलेटर ने यह भी पाया कि कंपनी ने लेटर ऑफ ऑफर में चल रहे मुकदमों की जानकारी नहीं दी। इसके अलावा पब्लिक इश्यू से जुटाए गए पैसों में से ₹18.98 करोड़ और राइट्स इश्यू से जुटाए गए ₹43.53 करोड़ को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया। यानी दोनों इश्यू से कुल ₹62.51 करोड़ की रकम डायवर्ट की गई।

साबले ने शेयरों से कमाया ₹128.77 करोड़

SEBI के मुताबिक साबले का कंपनी के IPO और राइट्स इश्यू से मिले पैसों की आवाजाही पर पूरा कंट्रोल था। उन्होंने फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी थी। रेगुलेटर के अनुसार, डायवर्ट की गई ₹62.51 करोड़ की रकम में से ₹32.73 करोड़ साबले से जुड़े ट्रांसफर में गए।

SEBI ने यह भी पाया कि साबले ने Varanium Cloud के शेयरों में ट्रेडिंग की। इससे करीब ₹128.77 करोड़ का अवैध लाभ कमाया।

दो अन्य लोगों पर भी कार्रवाई

SEBI के मुताबिक Athos Capital Advisors और BM Traders के प्रोपराइटर राज जगतानी को भी Varanium Cloud और साबले से रकम मिली। रेगुलेटर ने कहा कि इन दोनों ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण लाभ कमाया।

SEBI के होलटाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने अपने आदेश में कहा कि साबले ने IPO और राइट्स इश्यू से मिले पैसों की आवाजाही पर पूरा नियंत्रण रखा और फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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