Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

WTC Points Table: ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद बदली WTC की तस्वीर, बांग्लादेश को हुआ बड़ा फायदा, जानें भारत का कैसा हाल

WTC 2025-27: डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में बांग्लादेश ने इतिहास रच दिया। बांग्लादेश पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा दिया। ये ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। वहीं टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह बांग्लादेश की दूसरी जीत है। बांग्लादेश ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। डार्विन टेस्ट के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में भी काफी बदलाव हुआ है। आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद भारत कौन से नंबर पर है।

बांग्लादेश चौथे स्थान पर

डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत का फायदा बांग्लादेश को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में भी मिला है। इस जीत के बाद बांग्लादेश के कुल अंक 60 हो गए हैं, जबकि उसका पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 66.67 हो गया है। पहले यह 58.33 प्रतिशत था। लेकिन, बेहतर प्रदर्शन के बावजूद बांग्लादेश की टीम WTC की मौजूदा अंक तालिका में चौथे पायदान पर ही बनी हुई है। डार्विन टेस्ट से पहले बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी और अब ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

पहले स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ हार का नुकसान WTC की अंक तालिका में तो नहीं हुआ और टीम अभी भी पहले नंबर पर बनी हुई है। इस हार के बाद भी ऑस्ट्रेलिया WTC 2025-27 की अंक तालिका में पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका पॉइंट्स परसेंटेज 87.50 से घटकर 77.77 हो गया है। मौजूदा WTC चक्र में ऑस्ट्रेलिया अब तक 9 में से 2 टेस्ट हार चुका है और खास बात यह है कि दोनों मुकाबलों में उसे अपने ही घर में हार का सामना करना पड़ा है।

5वें नंबर पर भारत

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भारत फिलहाल 48.15 प्रतिशत पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर है। अगर श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट को भारतीय टीम जीत जाती है तो भी टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा। इस जीत से भारत का पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 53.33 हो जाएगा, जिससे WTC अभियान में टीम की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर जरूर हो जाएगी।

श्रीलंका सीरीज होगी अहम

श्रीलंका के लिए भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट काफी अहम है, क्योंकि जीत मिलते ही टीम WTC की अंक तालिका में भारत को पीछे छोड़ सकती है। अगर श्रीलंका मुकाबला जीतता है तो उसका पॉइंट्स परसेंटेज 53.33 हो जाएगा और वह पांचवें स्थान पर पहुंच जाएगा, जबकि भारत 43.33 प्रतिशत के साथ छठे नंबर पर खिसक जाएगा। वहीं, मैच के ड्रॉ होने पर श्रीलंका का PCT 40.00 और भारत का 46.66 प्रतिशत रह जाएगा। हालांकि ड्रॉ की स्थिति में दोनों टीमों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।

Javed Akhtar: ‘बेनजीर से शादी कर चमकने वाले लोग’, जरदारी का बयान सुन भड़के जावेद अख्तर

Javed Akhtar: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की देश के हिंदू अल्पसंख्यकों के बारे में की गई टिप्पणी पर लेखक जावेद अख्तर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में पाकिस्तानी नेता पर “संवेदनहीन” होने का आरोप लगाया।

यह मामला तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आसिफ अली जरदारी के भाषण का एक वीडियो सामने आया। देश की हिंदू आबादी के बारे में बात करते हुए, आसिफ अली जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान और वहां की मुस्लिम बहुल आबादी 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को “बर्दाश्त” करती है।

वीडियो में आसिफ अली जरदारी ने “अखंड भारत” पर भारत के रुख का जिक्र करते हुए कहा, “भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके मन में अपना एजेंडा है। वे अखंड भारत में यकीन रखते हैं। लेकिन इसके बीच बहुत सी ऐसी बातें हैं, जिन्हें वे भूल गए हैं।”

उन्होंने कहा, “हम मुसलमान हैं। वे नहीं हैं। लेकिन हमारी सोच ऐसी है कि हम पाकिस्तान में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त करते हैं।” आसिफ अली जरदारी ने आगे दावा किया कि पाकिस्तान में हिंदू “उतने ही आजाद और अच्छी स्थिति में हैं, जितने वे कहीं और हो सकते थे” और कहा कि वे “उनके साथ रहने के बजाय हमारे साथ रहना पसंद करेंगे।”

इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जावेद अख्तर ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति की “मिस्टर 10 परसेंट” वाली छवि पर तंज कसा। यह उपनाम उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। जावेद अख्तर ने X पर लिखा, “पाकिस्तान के मिस्टर जरदारी – जो बेनजीर भुट्टो से शादी के बाद चर्चा में आए थे – कहते हैं कि वे अपने देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त करते हैं। मिस्टर जरदारी, मैं समझता हूं कि आप हमेशा से ही उन सभी के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जिनकी आबादी 10 प्रतिशत से कम है।”

यह इशारा “मिस्टर 10 परसेंट” वाले उपनाम की ओर था, जो लंबे समय से आसिफ अली जरदारी के साथ जुड़ा हुआ है। यह नाम उन पर सरकारी ठेकों से कमीशन लेने के आरोपों के कारण पड़ा था। यह पहली बार नहीं है, जब जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की नीतियों और भारत के प्रति उसके रवैये पर खुलकर बात की है।

पिछले साल मई में, मुंबई में एक किताब के लॉन्च के दौरान, उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की थी और कहा था कि भारत ने रिश्ते सुधारने की कोशिशें की हैं, जिसमें पाकिस्तानी कलाकारों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के रास्ते खोलना भी शामिल है। आसिफ अली जरदारी अभी पाकिस्तान के राष्ट्रपति हैं। उन्होंने 10 मार्च, 2024 को देश के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी।

₹5 करोड़ vs ₹10 करोड़: रिटायरमेंट के बाद कितने फंड में मिलेगी असली आजादी? जानिए एक्सपर्ट्स का ‘नो रिस्क’ फॉर्मूला

Rs 5 Crore vs Rs 10 Crore Retirement Corpus: भारत में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस या अर्ली रिटायरमेंट का सपना देखने वाले ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक ‘मैजिक नंबर’ होता है। अधिकतर भारतीय निवेशकों के लिए यह नंबर ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ के बीच झूलता रहता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ₹5 करोड़ का फंड जुटाने के बाद आपकी पैसों की चिंताएं पूरी तरह खत्म हो जाती हैं, या ₹10 करोड़ का कॉर्पस ही असली आजादी दिला पाता है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों पड़ावों के बीच का असली फर्क केवल पैसों का नहीं, बल्कि फ्लेक्सिबिलिटी, सुरक्षा और लाइफस्टाइल में मिलने वाले मार्जिन का है। आइए आसान भाषा में समझते हैं ₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ के फंड का पूरा गणित।

क्या ₹5 करोड़ का फंड रिटायरमेंट के लिए काफी है?

आपकी उम्र, खर्च, निर्भर सदस्यों, मेडिकल जरूरतों और लाइफस्टाइल के आधार पर ₹5 करोड़ का फंड फाइनेंशियल फ्रीडम दिला सकता है। लेकिन इस लेवल पर आपको कड़े वित्तीय अनुशासन और सोच-समझकर पैसे निकालने की जरूरत होती है।

MIRA Money के इनवेस्टमेंट रिसर्च एनालिस्ट रोहन गोयल के अनुसार, अगर आप 4% के स्टैंडर्ड विड्रॉल रेट से पैसे निकालते हैं, तो ₹5 करोड़ के फंड से आपको सालाना ₹20 लाख या करीब ₹1.6 लाख महीना मिल सकता है (जो महंगाई के हिसाब से एडजस्ट होगा)।

यह रकम नौकरी छोड़ने, करियर से ब्रेक लेने या कम तनाव वाली नौकरी चुनने के लिए काफी है, लेकिन जोखिम भी है। अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी, बच्चे की विदेश में पढ़ाई या शेयर बाजार में लंबी मंदी आपके पूरे प्लान को बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि ₹5 करोड़ वाले लेवल पर ज्यादातर लोग कोई न कोई पैसिव इनकम या काम जारी रखते हैं।

कॉर्पस ₹10 करोड़ पहुंचने पर क्या-क्या बदल जाता है?

जब आपका कॉर्पस बढ़कर ₹10 करोड़ हो जाता है, तो 4% के नियम के हिसाब से आपकी सालाना आय दोगुनी होकर ₹40 लाख (लगभग ₹3.33 लाख महीना) हो जाती है। यह रकम आपको केवल आराम ही नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं से निपटने की बड़ी ढाल भी देती है।

₹10 करोड़ के लेवल पर हेल्थकेयर, अंतरराष्ट्रीय यात्राएं या बच्चों/माता-पिता की मदद करना आपके बजट पर भारी नहीं पड़ता।

अगर रिटायरमेंट के शुरुआती सालों में ही शेयर बाजार गिर जाता है, तब भी आपके पोर्टफोलियो पर इसका असर कम पड़ता है क्योंकि आपका विड्रॉल रेट आपके कुल फंड के मुकाबले काफी सुरक्षित होता है।

क्या ₹10 करोड़ होने का मतलब ज्यादा फिजूलखर्ची करना है?

बिल्कुल नहीं। बड़ा कॉर्पस आपको तभी तक वित्तीय आजादी दे सकता है जब तक आपकी लाइफस्टाइल और खर्च नियंत्रण में रहें। वाइज फिनसर्व की डायरेक्टर और सीओओ चारू पहूजा चेतावनी देती हैं कि यहाँ ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ यानी अमीर होने के साथ खर्च बढ़ाने की आदत सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। बड़ा घर, महंगी गाड़ियां और बार-बार महंगे वेकेशन आपके मंथली बजट को इतना बढ़ा सकते हैं कि ₹10 करोड़ का बड़ा फंड भी कम पड़ने लगे।

₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

आपके लिए कौन सा आंकड़ा सही है?

फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब केवल पैसों का ढेर लगाना नहीं, बल्कि काम को मजबूरी के बजाय ‘अपनी पसंद’ बनाना है। ₹5 करोड़ आपको काम छोड़ने की आजादी दे सकता है, लेकिन ₹10 करोड़ आपको जिंदगी में किसी भी अनचाहे मोड़ या मंदी से बेफिक्र होने का सुकून देता है। सही कॉर्पस वही है जो आपकी मौजूदा लाइफस्टाइल को बनाए रखे और महंगाई को पछाड़ते हुए आपको कभी दोबारा मजबूरी में काम पर न लौटने दे।

डिस्क्लेमर: यह खबर वित्तीय विशेषज्ञों के विचारों और सैद्धांतिक कैलकुलेशन पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत निवेश या रिटायरमेंट सलाह न माना जाए। अपनी उम्र और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) से सलाह जरूर लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच के दौरान अचानक पिस्तौल से चली गोली! Air India Express के 2 कर्मचारी घायल

Varanasi Airport Firing: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार (16 अगस्त) सुबह जांच के दौरान एक यात्री के लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल जाने से हड़कंप मच गया। गोली की चपेट में आने से एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए आजमगढ़ निवासी कमलेश राय पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान पिस्टल की जांच और उसमें मौजूद गोलियों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक फायरिंग हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी के साथ जा रहा था मुंबई

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-1810 से मुंबई जा रहा था। उसके पास एक पिस्तौल और मैगजीन थी। उसने फ्लाइट में चढ़ने से पहले अधिकारियों को हथियारों की जानकारी दी। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, जब हथियार और उसके कागजात की जांच हो रही थी, तभी बंदूक अचानक से चल गई। उन्होंने बताया कि हथियार और उसके कागजात की जांच के समय हथियार का मालिक और एयरपोर्ट का स्टाफ दोनों मौजूद थे।

फायरिंग में दो कर्मचारी घायल

गोली पहले जमीन पर लगी और फिर पास खड़े दो स्टाफ सदस्यों को जा लगी। एक महिला स्टाफ सदस्य की जांघ में गोली लगी। जबकि एक पुरुष स्टाफ सदस्य के हाथ में चोट आई। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त, 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। गुप्ता ने बताया कि घायल दोनों स्टाफ सदस्यों की हालत स्थिर है। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है। ANI के मुताबिक, एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।

वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “आज सुबह करीब 9:30 बजे, मुंबई जाने वाली फ्लाइट IX-1810 में अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने फ्लाइट में हथियार ले जाने की जानकारी दी। हथियारों की जांच के दौरान यात्री ने एक राउंड गोली चलाई, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।” पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारी अब इस घटना की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

जेब में अचानक गर्म हुआ Samsung Galaxy S26, कुछ ही पल बाद हुआ कथित धमाका; जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन

वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।

एक महीने पहले खरीदा था फोन?

वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Samsung से जवाब मांग रहे यूजर्स

ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस

इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।

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Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के त्योहार पर बन रहा ये खास संयोग, भूल कर भी न करें ये गलतियां

Nag Panchami 2026: हर साल की तरह इस बार भी नाग पंचमी सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होगी। 17 अगस्त 2026 दिन सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। यह और भी खास हो गई है, क्योंकि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। ऐसे शुभ दिन पर नाग पंचमी और सावन सोमवार का यह संयोग पर्व के महत्व और ज्यादा बढ़ा देता है। माना जाता है कि इस विशेष संयोग में शुभ मुहूर्त पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को 4 गुना ज्यादा फल मिलता है। पूजा मन लगाकर विधि विधान से करनी चाहिए।

पूजा विधि

इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाने वाली है। ज्योतिष के मुताबिक नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा होती है, जिससे सर्प दंश (काटने) का भय न हो, जीवन में सुख शांति समृद्धि बनी रहे, और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान करने का भी ये एक जरिया है। इस दिन यदि आप सावन सोमवार का व्रत कर रहे हैं, तो आपको नागव्रत का संकल्प नहीं कर सकते हैं। एक बार में एक व्रत किया जा सकता है। इसके बाद शिव जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। फिर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। जल अर्पित कर तिलक, चावल, फूल, भोग चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें। वहीं दूध और खीर चढ़ाना न भूलें।

ये काम करने से बचें

1-सांपों का बिल जमीन के अंदर होता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन गलती से भी जमीन, खेत वगैरह की खुदाई न करें। ऐसा करने से सांपों को चोट पहुंच सकती है, जो अशुभ होगा।

2-नाग पंचमी वाले दिन लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

3-इस दिन नुकीलीं चीजें जैसे चाकू, सुई आदि का यूज करने से बचें।

4-नाग पंचमी वाले दिन भूलकर भी किसी जीव जंतु खासकर सापों को नुकसान न पहुंचाए।

5-इस दिन मदिरा और तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।

कथा

सबसे फेमस कथा के मुताबिक एक खेत जोतता किसान था। हल चलाते समय गलती से उसने नागिन के बच्चों को मार दिया ता। दुखी और क्रोधित नागिन ने किसान के पूरे परिवार को डंस लिया था। बाद में किसान की बेटी ने श्रद्धा से नाग देवता की पूजा की और उनसे क्षमा याचना की थी।

उसकी भक्ति को देख नागिन ने प्रसन्न होकर पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया था। तभी से नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार सुरक्षित रहता है और जीवन में आने वाले संकट कटते हैं।

Lek Ladki Yojana: बेटी को मिलेंगे 1.01 लाख रुपये! ‘लेक लाडकी स्कीम’ के लिए अप्लाई करना हुआ अब और आसान, डॉक्युमेंट्स भी कम हुए

Lek Laadki scheme: महाराष्ट्र सरकार ने लड़कियों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘लेक लाडकी योजना’ की आवेदन प्रक्रिया को आसान बना दिया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब पात्र लाभार्थी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और वित्तीय सहायता की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, उन्हें सशक्त बनाना और उनके प्रति समाज में एक सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है।

आपले सरकार पोर्टल से होगा ऑनलाइन आवेदन, डॉक्युमेंट्स हुए कम

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक बयान जारी कर बताया कि पात्र बेटियों के माता-पिता अब आपले सरकार (Aaple Sarkar) पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या को पहले से काफी कम कर दिया गया है। अब आधार का इस्तेमाल करके लाभार्थी का पूरा विवरण ऑटोमेटिकली फेच किया जाएगा।

इसके साथ ही पात्र बालिका, उसकी माता और पिता का ई-केवाईसी पूरा किया जाएगा। योजना के तहत मिलने वाली पूरी आर्थिक मदद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

आवेदन की समय-सीमा और अगले चरणों का नियम

पहले वंचित रह गए पात्र लाभार्थियों को इस योजना का लाभ उठाने का अवसर देने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किया है। 1 अप्रैल 2023 से पात्र बालिकाएं अब 15 अगस्त 2027 तक आवेदन कर सकती हैं। नए जन्म लेने वाले मामलों में बच्ची के जन्म के एक वर्ष के भीतर आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह योजना बालिका के जीवन के अलग-अलग चरणों में वित्तीय सहायता देती है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को बाद के चरणों में लाभ प्राप्त करने के लिए अलग से नया आवेदन जमा नहीं करना पड़ेगा।

किस उम्र में कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?

मंत्री अदिति तटकरे के मुताबिक लेक लाडकी योजना के तहत बेटियों को कुल 1.01 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद जन्मी लड़कियों को जन्म के तुरंत बाद 5000 रुपये की पहली किस्त मिलेगी। कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर 6000 रुपये की सहायता मिलेगी। इसी कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 7000 रुपये की राशि मिलेगी। कक्षा 11 में प्रवेश लेने पर 8000 रुपये मिलेंगे। बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के बाद 75000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।

कौन हैं इस योजना के लिए पात्र?

योजना के तहत पात्रता की शर्तें यहां नीचे दी गई हैं:-

  • परिवार का महाराष्ट्र का निवासी होना अनिवार्य है।
  • परिवार के पास पीला या नारंगी राशन कार्ड होना चाहिए।
  • परिवार को सरकार द्वारा निर्धारित आय और अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 2,98,695 लाभार्थियों को ‘लेक लाडकी’ योजना की पहली किस्त मिल चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सरलीकृत प्रक्रिया से आवेदन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनेगी, जिससे अधिक से अधिक पात्र बेटियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

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