Trading Plan: कंसोलिडेशन के बीच निफ्टी में 23000 का लेवल मुमकिन, बैंक निफ्टी भी 56000 की ओर कर सकता है वापसी

Trading Plan : रिकवरी और स्टेबिलिटी के संकेतों को देखते हुए, एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी में फिर से तेजी आ सकती है। यह 23,000 के पहले रेजिस्टेंस लेवल को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है,जिसके बाद 23,200 पर बड़ा रेजिस्टेंस जोन है। हालांकि,ऊपर की ओर तेजी सीमित रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी अभी भी अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। साथ ही,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाल रही हैं। नीचे की तरफ 22,800–22,700 का ज़ोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है।

उधर बैंक निफ्टी को 56,400–56,500 के स्तर तक ऊपर जाने के लिए 56,000–56,100 के ज़ोन को फिर से हासिल करना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक यह इंडेक्स कंसोलिडेशन (एक दायरे में) में रह सकता है, जिसमें 55,300–55,000 पर तत्काल सपोर्ट है और इसके बाद 54,700–54,400 का ज़ोन बड़े सपोर्ट के रूप में काम करेगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च हेड और वाइस प्रेसिडेंट,जय ठक्कर का कहना है कि हाल ही में आई रिकवरी का 23,000 के स्तर के ऊपर टिक न पाना यह दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि पिछले हफ्ते निफ्टी में एक जोरदार उछाल देखने को मिला था। लेकिन सोमवार को आई गिरावट यह चेतावनी देती है कि इस रिकवरी को एक पक्का ‘ट्रेंड रिवर्सल’मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।

नीचे की तरफ, 22,700 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो इसके बाद 22,500 और 22,200 के स्तर बड़े सपोर्ट का काम करेंगे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें,ग्लोबल घटनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता और बड़े प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में कमजोरी,मार्केट सेंटीमेंट बिगाड़ रहे हैं।

आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है,खासकर इसलिए क्योंकि बाजार में छुट्टी होने के कारण यह ट्रेडिंग सप्ताह छोटा हो गया है। इसलिए,जब तक निफ्टी वापस 23,200 के स्तर को हासिल नहीं कर लेता, तब तक निकट अवधि में बाजार के एक दायरे (साइडवेज) में रहने के आसार हैं। जब तक 22,500 का स्तर कायम रहता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (बाय-ऑन-डिप्स) की रणनीति अपनाई जा सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,000, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,700, 22,500

रणनीति: 22,650 के आसपास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसमें 22,500 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 23,000 तथा 23,200 के टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन प्राइवेट बैंकों में बिकवाली के दबाव से नहीं बच सका। बड़े प्राइवेट बैंकों का कमजोर प्रदर्शन एक बड़ी बात बन गई है जिस पर नजर रखना जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब निवेशक तिमाही नतीजों पर नजरें बनाए हुए हैं और साथ ही यह भी देख रहे हैं कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई,नकदी (लिक्विडिटी)और ब्याज दरों के अनुमानों पर क्या असर डाल सकती हैं।

तकनीकी मोर्चे पर,55,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिक जाता है तो इसमें 53,000 तक की और बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 56,000 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके बाद 57,000 के स्तर पर बड़ा रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स मजबूती से 56,000 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता,तब तक रिकवरी की कोशिशों के दौरान नई बिकवाली देखने को मिल सकती है।

हालांकि सरकारी बैंकों में मजबूती कुछ सहारा दे सकती है,लेकिन बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक तेजी का रुझान बनाने के लिए यह अभी पर्याप्त नहीं है। इसलिए,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रेडर्स के लिए बेहतर यही होगा कि वे कोई बड़ा दांव लगाने से पहले कन्फर्मेशन का इंतजार करें।

अहम रेजिस्टेंस: 56,000, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,000, 54,500

रणनीति: 56,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 55,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 तथा 57,500 के टारगेट रखें।

 

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

 

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‘ऐतिहासिक समझौता बहुत जल्द..’, इंडिया-US ट्रेड डील पर रुबियो के बाद ट्रंप ने भी दे दिया बड़ा अपडेट

India US Trade Deal: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एक साल से भी अधिक समय तक चली वार्ता के बाद भारत और अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वहीं, भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि दोनों देश अब तकनीकी विवरणों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अगले कुछ हफ्तों के भीतर इस समझौते पर सहमति बन सकती है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वे डील करना चाहते हैं। हम भी डील करने जा रहे हैं। हां, हम इसके बेहद करीब हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता ‘काफी अलग तरह का सौदा हो सकता है’, हालांकि उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

मार्को रुबियो बोले: ‘महीनों नहीं, हफ्तों में हो सकती है डील’

भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘नेटवर्क18’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कुछ ही हफ्तों में अंतिम रूप दिया जा सकता है।

रुबियो ने कहा, ‘हम बेहद करीब हैं। मुझे लगता है कि हम अब उन तकनीकी विवरणों पर आ गए हैं जिन्हें सुलझाया जाना बाकी है। तकनीकी बारीकियां इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि दोनों पक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि समझौते की भाषा और प्रावधानों का अर्थ दोनों देशों के लिए एक समान हो।’

रुबियो ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे सीधे तौर पर बातचीत की मेज पर नहीं हैं और यह प्रक्रिया अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा संभाली जा रही है, लेकिन वे इसकी प्रगति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘वाशिंगटन को उम्मीद है कि यह समझौता महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों के भीतर पूरा हो जाएगा।’

क्या भारत को मिलेंगे बेहतर टैरिफ रेट्स?

जब रुबियो से पूछा गया कि क्या भारत अन्य देशों की तुलना में अधिक अनुकूल टैरिफ दरों की उम्मीद कर सकता है, तो उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य मौजूदा दरों की तुलना में बेहतर शर्तें हासिल करना होता है।

उन्होंने कहा, ‘जाहिर है कि डील करने का मकसद यही होता है कि अभी जो दरें हैं, उनसे बेहतर दरें मिलें।’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह समझौता लंबे समय तक टिकाऊ तभी रहेगा जब यह दोनों देशों के आर्थिक हितों को पूरा करेगा।

रुबियो ने स्वीकार किया कि भारत भी अन्य देशों की तरह बातचीत के दौरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा, लेकिन दोनों देशों के मजबूत रिश्ते मतभेदों को दूर करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘जब आप दोस्त और सहयोगी होते हैं, तो यही बात आपको मतभेदों को मिटाने और एक ऐसे समझौते पर पहुंचने में मदद करती है जो दोनों के लिए फायदेमंद हो।’

रणनीतिक स्तर पर बढ़ी उम्मीदें

दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से लंबे समय से रुके इस व्यापार समझौते को लेकर उत्साह बढ़ा है। हाल ही में नई दिल्ली में ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे ने कहा था कि ‘मुख्य मुद्दों का समाधान हो गया है’ और दोनों देश समझौते के बहुत करीब हैं।

दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बातचीत की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष एक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।

कुल मिलाकर ट्रंप और रुबियो ने संकेत दिए हैं कि भारत और अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील के बेहद करीब हैं। रुबियो के अनुसार, वार्ता अब अंतिम चरण में है और केवल तकनीकी बारीकियों को सुलझाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में दोनों देश पारस्परिक रूप से फायदेमंद और बेहतर टैरिफ दरों वाले व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकस

बुधवार, 21 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। लिस्ट में पीसी ज्वेलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, बजाज फाइनेंस, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस, हिंदुस्तान जिंक, SML महिंद्रा, IREDA जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बुधवार को मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में 1-1 लिस्टिंग है। वहीं 3 शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इटर्नल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, विशाल मेगा मार्ट, अदाणी ग्रीन एनर्जी, इंडियन होटल्स कंपनी, केईआई इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, पीसी ज्वेलर, SRF, इंडोसोलर, वेल्सपन स्पेशिएलिटी सॉल्यूशंस

इन शेयरों पर रहेगी नजर

बजाज फाइनेंस: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 ​तिमाही) में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 29% बढ़कर 6,367 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 24% बढ़कर 13,335 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.06% रह गया। नेट NPA घटकर 0.42% रह गया।

L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 66.8% बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 12.1% बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 29.8% बढ़कर 496.6 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 220 bps बढ़कर 16.3% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर 20 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 30% घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 36.5% बढ़कर 1,057.8 करोड़ रुपये हो गया।

शोभा: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 54.6% गिरकर 33 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% घटकर 967.1 करोड़ रुपये पर आ गया।

डेल्टा कॉर्प: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने 106.4 करोड़ रुपये का घाटा देखा। पिछले साल यह 25.1 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू 12.85% घटकर 159.5 करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान जिंक: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 142.1% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गया।

जस्ट डायल: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 9.7% गिरकर 107.8 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 342.8 करोड़ रुपये हो गया।

गैलेंट इस्पात: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 32% घटकर 60.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 1,145.9 करोड़ रुपये हो गया।

पिरामल फाइनेंस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 67% उछलकर 545 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 35% बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये रही।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 0.91% बढ़कर 554 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर 904 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस NPA घटकर 3.57% हो गया। नेट NPA घटकर 1.08% हो गया।

SML महिंद्रा: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 44.4% गिरकर 11.7 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.7% बढ़कर 669.8 करोड़ रुपये हो गया।

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स: कंपनी ने भारत में माइकोप्रोटीन के एक्सक्लूसिव उत्पादन के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘प्लैनेटरी SA’ के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है।

सीगल इंडिया: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘जाम खंभालिया जामनगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ ने ‘सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया’ के साथ एक ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास और संचालन के लिए है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

ट्रांसरेल लाइटिंग: कंपनी के बोर्ड ने ‘NOPL पेस ग्रीन एनर्जी’ में 49% इक्विटी हिस्सेदारी को 20 करोड़ रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। NOPL, भारत सरकार की ‘PM-कुसुम’ योजना के कंपोनेंट C के तहत महाराष्ट्र में लगभग 990 MW (AC) कुल क्षमता वाला सोलर पावर पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ने) में मदद करना और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में सुधार करना है।

JSW ड्यूलक्स: कर्नाटक GST विभाग ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड को संशोधित करते हुए 42.04 करोड़ रुपये का आदेश जारी किया है। इस संशोधित डिमांड में 14.07 करोड़ रुपये का टैक्स, 13.9 करोड़ रुपये का ब्याज और 14.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को 5 अगस्त को कर्नाटक GST विभाग से एक कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट को अमान्य ठहराते हुए 118.33 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई थी। इस डिमांड में 40.09 करोड़ रुपये का टैक्स, 38.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 40.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।

बल्क डील्स

एक्सप्रो इंडिया: आशीष कचोलिया ने कंपनी में 2.22 लाख इक्विटी शेयर 21.53 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की यह संख्या कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 0.94% के बराबर है।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

HD फायर प्रोटेक्ट

SME लिस्टिंग

वैभव व्यापार

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स

एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Price 21 October 2026: घरेलू गैस सस्ती या महंगी? बुकिंग से पहले जानें ताजा रेट

LPG Price 21 October 2026: घर का महीनेभर का हिसाब-किताब बनाना हो, तो रसोई गैस का खर्च नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिलेंडर की कीमत में थोड़ा-सा बदलाव भी परिवार के बजट को प्रभावित कर सकता है। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए कमर्शियल गैस के दाम कारोबार के खर्च से जुड़े होते हैं। ऐसे में अगर आप 20 अक्टूबर को LPG सिलेंडर बुक करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर की कीमतों पर नजर डाल लीजिए।

फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में इस महीने कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। आइए, समझते हैं कि अलग-अलग शहरों में गैस के क्या भाव हैं और इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है।

एक टेबल में देखें 10 शहरों के घरेलू और कमर्शियल LPG रेट

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
मुंबई₹941.50₹2,764.50
कोलकाता₹968₹2,954
चेन्नई₹957.50₹2,983
नोएडा₹939.50₹2,810
गुरुग्राम₹950.50₹2,828
लखनऊ₹979.50₹2,932.50
जयपुर₹945.50₹2,839
पटना₹1,031.50₹3,100.50
हैदराबाद₹994₹3,065

हर महीने कब बदलते हैं LPG सिलेंडर के दाम?

तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव एक जैसा नहीं होता।

घरेलू गैस की कीमतें कई महीनों तक स्थिर रह सकती हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के रेट में अपेक्षाकृत ज्यादा बार बदलाव देखने को मिलता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं और कारोबारियों, दोनों के लिए नई कीमतों पर नजर रखना जरूरी है।

बुकिंग से पहले जरूर करें रेट चेक: घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन शहर के अनुसार कीमत अलग हो सकती है। इसलिए LPG बुक कराने से पहले अपने स्थानीय वितरक या आधिकारिक गैस बुकिंग माध्यम से लागू कीमत की पुष्टि कर लें।

Petrol Diesel Price Today: 21 अक्टूबर को क्या हैं पेट्रोल और डीजल के भाव? देखें लेटेस्ट अपडेट

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

Trade setup for today : 19 अक्टूबर को निफ्टी में लगातार दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया और इसमें 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले दो सत्रों में 20-डे EMA के ऊपर बंद होने के बावजूद, इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा। तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और बड़ा टेक्निकल ढांचा भी कमजोर बना हुआ है। इंडेक्स अपने मिड और लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है,जिससे बाजार पर मंदी हावी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 20-डे EMA (जो अभी 22,900 के आसपास है) के नीचे बना रहता है तो इसमें 22,800 तक की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद 22,500 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ, 23,000–23,200 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है तो और बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,अगर यह इसे पार नहीं कर पाता है तो बाजार कंसोलिडेशन (एक दायरे में रहने) के दौर में बना रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,889) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,096, 23,174 और 23,300

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,844, 22,766 और 22,640

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ये बाजार में कमजोरी का संकेत है। निफ्टी अपने 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के EMA से भी नीचे रहा,जो एक कमजोर ट्रेंड का संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 47.72 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा। इस बीच,मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा और ज़ीरो लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ता रहा। लगातार चौथे सत्र में हरे रंग का हिस्टोग्राम बार भी बड़ा हुआ। ये संकेत बताते हैं कि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है, हालांकि MACD मोमेंटम में सुधार निकट भविष्य में संभावित रिकवरी का संकेत देता है।

बैंक निफ्टी (55,488) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,779, 55,909 और 56,120

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,357, 55,226 और 55,015

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,238, 56,819

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने छोटी ऊपरी और निचली विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है। पिछले दो सत्रों में 55,500 के स्तर के ऊपर रहने के बाद, यह 20-डे EMA के थोड़ा नीचे बंद हुआ है। यह बिकवाली के नए दबाव का संकेत है। हाल की रिकवरी के दौरान भी इंडेक्स 50-डे EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ही ट्रेड करता रहा जो बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक कमजोरी का संकेत है।

RSI गिरकर 48.25 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। वहीं, MACD ऊपर की ओर बढ़ता रहा और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका रहा। हालांकि, लगातार पांच सेशन तक बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम में गिरावट आई। ये इंडिकेटर बताते हैं कि MACD मोमेंटम में सुधार के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हिस्टोग्राम में आई हालिया गिरावट यह भी संकेत देती है कि बुलिश मोमेंटम में कुछ कमी आ सकती है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार के डर का पैमाना माने जाने वाला ‘इंडिया VIX’ 5.33 प्रतिशत बढ़कर 14.77 पर पहुंच गया है। इसका ऊंचे स्तर पर बने रहना यह संकेत देता है कि तेजी की तेजड़ियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। अगर यह मजबूती से 15 के स्तर के ऊपर जाता है तो तेजी वाले सौदों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। वहीं,अगर इसमें गिरावट आती है और यह लगातार 13 के स्तर के नीचे बना रहता है तो इससे तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 अक्टूबर को गिरकर 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.21 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: मंगलवार को दशहरा की छुट्टी के बाद भारतीय शेयर बाजार में फिर से कारोबार शुरू हुआ है। पिछले हफ्ते आई तेजी के बाद, अब बाजार का रुख ‘बुल्स’ (तेजी लाने वालों) के पक्ष में जाता नहीं दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं; मंगलवार को तो ये 112 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गई थीं।

तेल की ऊंची कीमतों के साथ-साथ, स्पेसएक्स (SpaceX) और सुपर माइक्रो (Super Micro) के नतीजों के बाद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों में भी वापसी देखने को मिल रही है। सोमवार रात नैस्डैक (Nasdaq) ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था, और आज फ्यूचर्स भी 200 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सोमवार को हुई ‘प्रॉफिट बुकिंग’ के बाद IT शेयरों का इस पर क्या असर होता है।

आज की सबसे बड़ी घटना जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का IPO है। 30,213 करोड़ रुपये का यह इश्यू आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है और यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO है।

कंपनियों के नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। बजाज फाइनेंस, IREDA और अन्य कंपनियों के शेयरों में उनके नतीजों के आधार पर हलचल दिख रही है। आज आने वाले प्रमुख नतीजों में एटरनल (Eternal), KEI इंडस्ट्रीज और SRF शामिल हैं।

निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 22,800 का स्तर काफी अहम है। अगर यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 22,550 से 22,750 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, अगर बाजार में कोई रिकवरी आती है, तो 23,000 के स्तर पर रुकावट आ सकती है। निफ्टी बैंक के लिए, फिलहाल 55,000 से 56,000 के बीच की रेंज बनी हुई है।

गिफ्ट निफ्टी लगभग 23,031 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से करीब 96 अंक या 0.41% ऊपर है। इससे भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के सकारात्मक शुरुआत करने के संकेत मिलते हैं।

 

Gold Price Today: सोने का भाव और नीचे; दिल्ली, लखनऊ, जयपुर में ₹134040 पर आया 22 कैरेट

21 अक्टूबर को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। अलग-अलग शहरों में 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव लुढ़का है। सुबह के वक्त राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146220 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में भाव 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,125.90 डॉलर प्रति औंस पर है। निवेशक अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग 27-28 अक्टूबर को है। सितंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क ओवरनाइट ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद ये 3.75%-4.00% की रेंज में आ गईं। सोने की वैश्विक कीमत इस साल जनवरी में 5,594.82 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146220 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 133890 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134890 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 133890 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली134040146220
मुंबई133890146070
अहमदाबाद133940146120
चेन्नई134890147160
कोलकाता133890146070
हैदराबाद133890146070
जयपुर134040146220
भोपाल133940146120
लखनऊ134040146220
चंडीगढ़134040146220

Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 21 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.86 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

रिलायंस के पास रिफाइनिंग की असाधारण क्षमता! जामनगर दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान

Marco Rubio Jamnagar Refinery: गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी के दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने कंपनी की रिफाइनिंग क्षमताओं की जमकर तारीफ की है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि रिलायंस ग्लोबल एनर्जी सेक्टर में एक बेहद महत्वपूर्ण प्लेयर है और उनका दौरा वेनेजुएला तथा पश्चिमी गोलार्ध से कच्चे तेल के आयात और प्रसंस्करण को बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

‘रिलायंस के पास रिफाइनिंग की असाधारण क्षमता’

बुधवार को जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी का दौरा करने जा रहे अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘रिलायंस एक बेहद महत्वपूर्ण कंपनी है। उसके पास कच्चे तेल को रिफाइन करने की असाधारण क्षमता है।’ रुबियो ने ये भी कहा कि रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमताएं भारत को अपनी ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने में बड़ी मदद कर सकती हैं।

वेनेजुएला के कच्चे तेल पर रिलायंस के साथ सहयोग का बड़ा प्लान

रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ रहा है और भारत का इतिहास रहा है कि वह वेनेजुएला के भारी और उच्च-सल्फर तेल को आसानी से रिफाइन कर लेता है।

उन्होंने स्पष्ट किया, ‘पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले तेल को जब भारत में रिफाइन किया जाता है, तो यह भारत के लिए भी फायदेमंद है और हमारे लिए भी।’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस के मौजूदा निवेश और रिफाइनिंग क्षमताओं की भी सराहना की।

जामनगर में है दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स

रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है, जिसकी कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रति दिन है।

इस कॉम्प्लेक्स में दो बड़ी रिफाइनरी शामिल हैं, जो वेनेजुएला द्वारा उत्पादित भारी और उच्च-सल्फर ग्रेड जैसे जटिल कच्चे तेल को भी आसानी से प्रोसेस करने में सक्षम हैं।

‘बस कुछ हफ्तों की बात…’, भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत

Disclaimer: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।