Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कई लोगों को अपने बजट, खर्च और निवेश पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। गणेशजी की सलाह है कि किसी भी तरह का बड़ा वित्तीय फैसला जल्दबाजी में न लें और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। आइए जानते हैं 1 से 9 तक सभी मूलांक वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय की आर्थिक स्थिरता के लिए सोच-समझकर निवेश करें। बिना योजना के खर्च करने से बचें और अपने बजट का सख्ती से पालन करें। किसी भी वित्तीय फैसले से पहले दोबारा विचार करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में व्यावहारिक सोच जरूरी है। बेवजह के खर्च से बचें और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लंबी अवधि की योजना बनाएं। निवेश करते समय ज्यादा जोखिम लेने से बचना बेहतर होगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज अपने खर्च और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। अचानक आने वाले खर्च के लिए तैयार रहें। आर्थिक और बाजार से जुड़ी खबरों पर नजर रखना आपके लिए उपयोगी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर अपने बजट में बदलाव करने से पीछे न हटें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर-परिवार से जुड़े बढ़ते खर्चों के कारण सावधानी बरतनी होगी। भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने से बचें। जरूरत और गैर-जरूरी खर्च के बीच अंतर समझें। व्यवस्थित बजट बनाना भविष्य की आर्थिक परेशानियों से बचाने में मदद करेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज बजट को व्यवस्थित करने का अच्छा समय है। अनावश्यक खर्च से बचें और जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें। आर्थिक क्षेत्र में कोई नया अवसर मिल सकता है, लेकिन उससे जुड़ा फैसला लेने से पहले अपनी योजना और आय के स्रोतों की अच्छी तरह जांच करें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। अपने खर्चों की पूरी सूची बनाएं और गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च न करें। छोटी-छोटी आर्थिक जानकारियों पर ध्यान देना भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता पर ध्यान देना चाहिए। खासकर महंगी और लग्जरी चीजों पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करें। लंबी अवधि के लक्ष्यों के अनुसार वित्तीय फैसले लें। निवेश के साथ अपनी बचत को भी प्राथमिकता दें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन अच्छा रह सकता है। लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने का यह सही समय है। तुरंत होने वाले अनावश्यक खर्च से बचें और अपने निवेश व बजट की दोबारा समीक्षा करें। सही दिशा में उठाया गया कदम भविष्य में लाभ दे सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत है। मुश्किल परिस्थितियों के बीच नए अवसर तलाशें, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें। कारोबार और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना ही बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Small Cap Stocks: क्या अब स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश का सही मौका है? Ambit ने बताए अच्छे रिटर्न के 5 बड़े संकेत

Small Cap Stocks: साल 2025 की शुरुआत से आई गिरावट के बाद अब स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम और रिटर्न का संतुलन पहले से बेहतर दिख रहा है। Ambit Asset Management का कहना है कि अब कमाई, वैल्यूएशन, कैपेक्स, घरेलू निवेश और ग्लोबल माहौल जैसे कई बड़े फैक्टर स्मॉलकैप शेयरों के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

कंपनी का मानना है कि इस बार की गिरावट पहले जैसी नहीं थी। यह ज्यादातर वैल्यूएशन करेक्शन था, न कि क्रेडिट संकट या अर्थव्यवस्था में बड़ी कमजोरी की वजह से। आइए जानते हैं कि Ambit किन 5 कारणों से स्मॉल कैप स्टॉक्स पर दांव लगाने का सुझाव दे रहा है।

1. कमाई में फिर आई तेजी

Ambit के मुताबिक, जून 2026 तक Nifty Smallcap 250 कंपनियों का PAT सालाना आधार पर करीब 27% बढ़ा है। यह ग्रोथ लार्जकैप कंपनियों से भी बेहतर रही।

पिछली दो तिमाहियों में रेवेन्यू और EBITDA दोनों में सुधार आया है। साथ ही FY27 के लिए कमाई के अनुमान भी बढ़ाए गए हैं।

2. वैल्यूएशन पहले से ज्यादा आकर्षक

स्मॉलकैप शेयरों में सबसे बड़ा वैल्यूएशन रीसेट देखने को मिला है। जुलाई 2026 तक करीब 47% स्मॉलकैप शेयर अपने 10 साल के औसत वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहे थे।

तुलना करें तो मिडकैप में यह आंकड़ा 31% और लार्जकैप में 27% था। 18 में से 12 स्मॉलकैप सेक्टर अब अपने लंबे समय के औसत वैल्यूएशन से नीचे आ चुके हैं।

3. कैपेक्स मजबूत बना हुआ है

FY26 में लिस्टेड कंपनियों का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 9% बढ़कर ₹11.5 लाख करोड़ पहुंच गया। इसमें मिडकैप कंपनियों का कैपेक्स 16% और स्मॉलकैप कंपनियों का 13% बढ़ा।

Ambit का अनुमान है कि अगले चार साल में पावर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में ₹20-25 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश हो सकता है।

4. घरेलू निवेशकों का बढ़ा भरोसा

स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ा है। FY22 में जहां नेट इनफ्लो ₹10,145 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹51,872 करोड़ पहुंच गया।

साथ ही Nifty Smallcap 250 में ट्रेडिंग एक्टिविटी भी फरवरी 2025 के मुकाबले जून 2026 तक काफी बढ़ गई है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बेहतर हुई है।

5. ट्रेड डील से मिल सकता है फायदा

Ambit का कहना है कि भारत के नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का सबसे ज्यादा फायदा स्मॉलकैप कंपनियों को मिल सकता है। खासकर कैपिटल गुड्स, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, टेक्सटाइल, पावर और मेटल सेक्टर की कंपनियां इससे लाभ उठा सकती हैं।

इसके अलावा अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद बने सीजफायर माहौल और भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता में प्रगति से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

Ambit Asset Management का मानना है कि स्मॉलकैप शेयरों में फिर से तेजी के लिए जरूरी कई हालात बनते दिख रहे हैं। हालांकि, हर स्मॉलकैप शेयर एक जैसा नहीं होता। इसलिए मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर कमाई और उचित वैल्यूएशन वाली कंपनियों का चयन करना ज्यादा अहम रहेगा।

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IND vs PAK: ‘भारतीय टीम हमसे बेहतर..’ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले से पहले PAK कप्तान ने मानी हार? जानें क्या कहा

FIH वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला 19 अगस्त को होगा। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट की शुरुआत की है। वहीं, पाकिस्तान को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। अब दोनों टीमें अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान को दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है। वहीं मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अबू बकर महमूद ने बड़ा बयान दिया है। अबू बकर महमूद को उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हार का सिलसिला खत्म करेगी।

भारत की रैंकिंग काफी अच्छा

इस बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने PTI से कहा कि, “मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच में रैंकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन जरूरी है। ये मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।” पाकिस्तान ने आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में FIH प्रो लीग के लंदन लेग में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से मात दी थी। पाकिस्तान की हॉकी टीम आठ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है।

भारत ने जीते लगातार 2 मेडल

महमूद ने कहा, “भारत इकलौती एशियाई टीम है, जिसने लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है और हम उन्हें वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, इस बार हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं।” महमूद को प्रो लीग में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कप्तान ने क्या कहा

वर्ल्ड कप के लिए टीम के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के डच हेड कोच हरमन क्रुइस अपने घर लौट गए। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब-जोहान वेल्डहोफ ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। कप्तान अबू बकर महमूद ने कहा कि, “कोच अदनान जाकिर, बॉब और सपोर्ट स्टाफ ने पिछले एक महीने में टीम के साथ काफी मेहनत की है, जिसका अच्छा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि टीम को हर मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, लेकिन वर्ल्ड कप में टीम की कोशिश अंतिम आठ में जगह बनाने की होगी।”

अब रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं हम

28 साल के महमूद ने कहा कि वर्ल्ड कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं। अगर कोई टीम इन दोनों में नहीं खेलती है, तो वह विश्व हॉकी का हिस्सा नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्मत है या फिर हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा कि हम आठ साल बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में खेलने जा रहे हैं।” कैप्टन ने कहा, “प्रो लीग शुरू होने से पहले हम दुनिया में 14वें नंबर पर थे, लेकिन अब 12वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेला, जिससे हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। प्रो लीग के पहले दो चरणों के बाद हमने वर्ल्ड कप क्वालिफायर में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रो लीग के आखिरी दो चरणों में कुछ नई चीजों को आजमाया। हम प्रो लीग में खिताब जीतने के इरादे से नहीं, बल्कि सीखने के लिए गए थे, क्योंकि हमने काफी समय से दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मुकाबले नहीं खेले थे। अब वर्ल्ड कप में हमारा प्रदर्शन बताएगा कि हमने वहां से कितना सीखा है।”

Dividend Stocks: RVNL और HUDCO समेत 4 सरकारी कंपनियां दे रहीं डिविडेंड का तोहफा, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: अगले हफ्ते डिविडेंड पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। HUDCO, NBCC, RVNL और Mazagon Dock Shipbuilders समेत चार सरकारी कंपनियां 17 से 20 अगस्त के बीच एक्स-डिविडेंड होने जा रही हैं। इन चारों कंपनियों ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी जारी किए हैं। कहीं मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी हुई है तो कहीं रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

HUDCO

सरकारी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी HUDCO 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।

इस सरकारी कंपनी का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹851 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,717 करोड़ पहुंच गया। बेहतर लोन ग्रोथ और मजबूत एसेट क्वालिटी ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) भी 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ₹0.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड दे रही है।

NBCC का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 17.2% बढ़कर ₹154.83 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹2,259.53 करोड़ पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक आगे के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL 18 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹0.71 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹4,321 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में भी मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जिससे ऑपरेटिंग प्रदर्शन बेहतर रहा।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders 20 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी अपने शेयरधारकों को ₹4.62 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देगी।

जून तिमाही में मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.41 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,942.70 करोड़ हो गया। EBITDA में करीब 48% की बढ़त और बेहतर मार्जिन ने तिमाही प्रदर्शन को मजबूत बनाया।

एक नजर में पूरी लिस्ट

कंपनीडिविडेंडEx-Date
HUDCO₹1.5017 अगस्त
NBCC₹0.1517 अगस्त
RVNL₹0.7118 अगस्त
Mazagon Dock₹4.6220 अगस्त

डिविडेंड पाने के लिए क्या करना होगा?

डिविडेंड का फायदा लेने के लिए निवेशकों के पास Ex-Date से पहले संबंधित कंपनी के शेयर डीमैट खाते में होने चाहिए। भारत में T+1 सेटलमेंट नियम लागू है, इसलिए एक्स-डेट वाले दिन शेयर खरीदने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आपको एक दिन पहले ही शेयर खरीदना होगा।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

UGC NET के इन तीन सब्जेक्ट का रि-एग्जाम कराएगा NTA, जारी हुआ शेड्यूल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 की कुछ परीक्षाओं को दोबारा कराने का फैसला किया है। ये फैसला अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्नपत्र को लेकर उठाई गई आपत्ति के बाद लिया गया है। एजेंसी इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी सब्जेक्ट्स का रिएग्जाम कराने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने इन तीन सब्जेक्ट्स के लिए डेट का भी ऐलान कर दिया है। NTA के इस फैसले का मकसद परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को दूर करना है। बता दें UGC-NET की जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी।

क्वेश्चन पेपर में मिली थी गड़बड़ी

X पर NTA ने बताया कि एक कमेटी ने अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच की, जिसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया। जांच में प्रश्नपत्रों में कई तरह की बड़ी गलतियां सामने आईं। इनमें तथ्यों से जुड़ी गलतियां, टाइपिंग और अनुवाद की समस्याएं, प्रसिद्ध विद्वानों के नाम का छूट जाना, किताबों के नाम में गड़बड़ी और कुछ सवालों की भाषा में कमी जैसी शिकायतें शामिल थीं।

वहीं जांच में पाया गया कि, क्वेश्चन पेपर में ग्रामर और नंबर से जुड़ी गलतियां, सही तरीके से स्पष्ट न किए गए ऑप्शन, कुछ विषयों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल और सवालों या उनके विकल्पों का दोहराव शामिल था। NTA के मुताबिक, इन सभी दिक्कतों को परीक्षा के बाद केवल गलत सवालों को हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। इसलिए इन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

कब होगा एग्जाम

UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा अब नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी। इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा, जबकि कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं, सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की नई तारीख और समय की जानकारी ध्यान से चेक कर लें।

रीएग्जाम के लिए नहीं देनी होगी कोई फीस

NTA ने साफ किया कि दोबारा होने वाली UGC-NET परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे समय-समय पर वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि परीक्षा से जुड़ा कोई जरूरी अपडेट न छूटे।

कब जारी होंगे बाकि एग्जाम के रिजल्ट

NTA ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी तय करने के लिए UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 85 सब्जेक्ट्स में 22 से 30 जून के बीच कराई थी। इनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। बाकी 84 विषयों के रिजल्ट तय समय पर जारी किए जाएंगे। NTA ने कहा है कि इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होने से बाकी विषयों के रिजल्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की दोबारा होने वाली परीक्षा के बाद भी पात्रता का नियम पहले जैसा ही रहेगा।

Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

Amber Enterprises: ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के फोन बनाएगी कंपनी, अगले साल से प्रोडक्शन शुरू होगा

दिल्ली मेट्रो में CISF जवान के इस हरकत पर भड़की लड़की, खूब हुआ हंगामा, देखें वीडियो

दिल्ली के AIIMS मेट्रो स्टेशन पर रविवार रात CISF जवान और यात्रियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। इस विवाद के बाद के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एक CISF जवान ने एक लड़की की बिना अनुमति तस्वीर खींची। इस बात को लेकर एक यात्री ने जवान से सवाल किया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस बढ़ गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस में कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। घटना के बाद मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला

रविवार रात करीब 9 बजे दिल्ली मेट्रो में ये विवाद हुआ। आरोप है कि एक लड़की ने जवान पर बिना उसकी अनुमति फोटो खींचने का आरोप लगाया। लड़की के सवाल करने पर CISF जवान ने पहले फोटो खींचने की बात से इनकार किया। इसके बाद उसने जवान से मोबाइल दिखाने को कहा। आरोप है कि फोन की गैलरी में युवती की तस्वीरें मिलने के बाद उसने उन्हें हटाने की मांग की। इसी दौरान एक यात्री ने जवान का मोबाइल अपने पास ले लिया और मामला और बढ़ गया। वायरल वीडियो में कई यात्री जवान से सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं।

 

हाथ में थी पिस्टल

घटना के बाद आरोपी जवान मेट्रो कोच से बाहर निकलकर प्लेटफॉर्म पर आ गया। आरोप है कि उस समय भी उसके हाथ में पिस्टल थी, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में डर का माहौल बन गया। लेकिन वायरल हो रहे वीडियो में ये नजर नहीं आ रहा है। वहीं, CISF सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो सामने आने के बाद से जवान को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच की जा रही है।

लड़की ने नहीं की लिखित शिकायत

मामले की सूचना मेट्रो पुलिस को भी दी गई। पुलिस के अनुसार, रात करीब 12:40 बजे AIIMS मेट्रो स्टेशन से घटना को लेकर PCR कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लेकिन, लड़की ने पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसके बाद CISF अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।

पानी से भी सस्ती बीयर! इस देश में सिर्फ ₹32 में मिलता है पूरा ग्लास…खास है ये ट्रेडिशन

आमतौर पर बार या रेस्तरां में लोगों को बीयर पीने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में कुछ ऐसे देश और शहर भी हैं जहां बीयर काफी सस्ते दाम में मिल जाती है। कई जगहों पर स्थानीय बीयर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खान-पान का हिस्सा है, इसलिए इसकी कीमत भी कम रहती है। इस स्थानीय बीयर की कीमत पानी की बोतल से भी कम हो सकती है। टूरिस्ट भी कम पैसे में वहां की बीयर और स्थानीय माहौल का आनंद ले सकते हैं। वहीं ये ध्यान देने वाली बात है कि, इसकी कीमत जगह और दुकान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

वियतनाम में मिलती है बिया होई बियर

वियतनाम में बिया होई नाम की स्थानीय बीयर काफी मशहूर है। ये हल्की और ताजी बीयर होती है, जो छोटी दुकानों और स्थानीय जगहों पर आसानी से मिल जाती है। इसकी सबसे खास बात इसकी कम कीमत है। कुछ जगहों पर एक गिलास बिया होई की कीमत करीब 10,000 से 15,000 वियतनामी डोंग यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 32 से 48 रुपये के बराबर है। कम कीमत और ताजगी के कारण यह बीयर स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

इसको लंबे समय तक नहीं रख सकते

बिया होई को सामान्य बोतल या कैन वाली बीयर से अलग माना जाता है, क्योंकि इसे अक्सर ताजा तैयार करके सीधे केग से गिलास में परोसा जाता है। इसे लंबे समय तक रखने के लिए नहीं बनाया जाता, इसलिए इसका स्वाद और ताजगी बनाए रखने के लिए इसे जल्दी इस्तेमाल किया जाता है। बिया होई आमतौर पर हल्की होती है और इसमें अल्कोहल की मात्रा भी कम रहती है। इसी वजह से यह वियतनाम के स्थानीय स्ट्रीट फूड और रोजमर्रा के खाने-पीने के माहौल का एक लोकप्रिय हिस्सा बन गई है।

स्थानीय जीवनशैली का बन चुकी है हिस्सा

हनोई में बिया होई लोगों के लिए सिर्फ कम कीमत वाली बीयर नहीं है, बल्कि यह शहर की स्थानीय जीवनशैली का भी हिस्सा बन चुकी है। शाम के समय कई छोटे बीयर स्टॉल पर स्थानीय लोग और पर्यटक एक साथ नजर आते हैं। लोग ताजी बीयर के साथ स्थानीय स्नैक्स और खाना खाते हैं और दोस्तों के साथ बातचीत करते हैं। वियतनाम में बीयर पीने का ये तरीका काफी साधारण और मिलनसार है। यहां बीयर सिर्फ पीने की चीज नहीं, बल्कि लोगों के साथ बैठने, खाने और समय बिताने का एक तरीका भी है।

ये बीयर भी फेमस

वियतनाम में बिया होई के अलावा बीयर के कई घरेलू ब्रांड भी लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। बिया साइगॉन, 333 और हनोई बीयर वहां के चर्चित नाम हैं, वहीं हाल के वर्षों में क्राफ्ट बीयर का चलन भी बढ़ा है। अलग-अलग स्वाद और बेहतर क्वालिटी की वजह से क्राफ्ट बीयर को प्रीमियम विकल्प माना जाता है। हालांकि बोतल, कैन और क्राफ्ट बीयर की कीमत आमतौर पर बिया होई से ज्यादा होती है, लेकिन बीयर पसंद करने वालों के लिए यहां कई तरह के विकल्प मौजूद हैं।

Amber Enterprises: ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के फोन बनाएगी कंपनी, अगले साल से प्रोडक्शन शुरू होगा

Amber Enterprises: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Amber Enterprises India अगले साल से चीन की स्मार्टफोन कंपनियों Oppo, OnePlus और Realme के लिए भारत में फोन बनाना शुरू करेगी। कंपनी ने कहा है कि ट्रायल प्रोडक्शन वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही में शुरू होगा। वहीं, कमर्शियल प्रोडक्शन FY28 की पहली तिमाही यानी मार्च 2027 के बाद शुरू होने की उम्मीद है।

पहले साल 80 लाख का टारगेट

एंबर एंटरप्राइजेज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और CEO जसबीर सिंह ने बताया कि पहले साल करीब 80 लाख स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य है। दूसरे साल इसे बढ़ाकर 1.5 से 1.6 करोड़ यूनिट तक पहुंचाने की योजना है। कंपनी ने अपने मोबाइल कारोबार के लिए नया COO भी नियुक्त किया है।

कंपनी ने Oppo Mobiles India के साथ मैन्युफैक्चरिंग सहयोग समझौता किया है। इसके तहत कंपनी Oppo, OnePlus और Realme तीनों ब्रांड के स्मार्टफोन बनाएगी।

चीन की कंपनियां अपना मॉडल बदल रहीं

ये कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि चीन की स्मार्टफोन कंपनियां भारत में खुद फैक्ट्री चलाने की बजाय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल अपनाने लगी हैं। अभी Oppo के कुछ फोन Vivo की नोएडा फैक्ट्री में भी बनते हैं। वहीं, Vivo अपनी फैक्ट्री को Dixon Technologies के साथ जॉइंट वेंचर में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में है।

भारतीय बाजार में मजबूत पकड़

Counterpoint Research के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में Vivo की भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 17.8% हिस्सेदारी रही। Samsung 17.6% के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि Oppo की हिस्सेदारी 13.6% रही। अगर Vivo, iQOO, Oppo, Realme और OnePlus को मिलाकर देखें, तो इन ब्रांड्स की संयुक्त हिस्सेदारी 45.6% रही।

PCB कारोबार में दबाव

एंबर एंटरप्राइजेज ने बताया कि उसके PCB कारोबार में फिलहाल मार्जिन पर दबाव है। इसकी वजह Copper-Clad Laminate (CCL) की बढ़ती कीमतें हैं। हालांकि, कंपनी धीरे-धीरे इस अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहकों तक पहुंचा रही है।

Amber Enterprises की योजना 2029-30 तक अपना CCL प्लांट लगाने की भी है। इससे भविष्य में कच्चे माल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

एंबर एंटरप्राइजेज के शेयरों का हाल

एंबर एंटरप्राइजेज का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.68% बढ़कर 7,224 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 9.89% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 2.88% टूटा है। हालांकि, बीते 5 साल में इसने 158% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 24.48 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कौन है दुनिया का सबसे पुराना देश? भारत, मिस्र, चीन समेत इन देशों इतिहास है हजारों साल पुराना

दुनिया भर में 200 से ज्यादा देश मौजूद हैं। वहीं दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है। ये देश हजारों सालों से पुरानी सभ्यताओं, संस्कृति और परंपराओं को आज भी बनाए हुए है। मिस्र, भारत और चीन जैसे देशों से लेकर सैन मैरिनो तक, कई देशों ने सदियों के बदलाव के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे पुराने देश कौन-कौन है। आइए जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे पुराने देशों के बारे में, जिनका इतिहास आज भी लोगों को हैरान करता है।

दुनिया का सबसे पुराना देश कौन सा है, इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। किसी देश की उम्र उसकी प्राचीन सभ्यता, राज्य के गठन या लंबे राजनीतिक इतिहास के आधार पर तय की जा सकती है। इसलिए कई देशों को दुनिया के सबसे पुराने देशों में गिना जाता है।

मिस्र (लगभग 3100 ईसा पूर्व): मिस्र का इतिहास हजारों साल पुराना है और इसे दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में गिना जाता है। नील नदी के किनारे विकसित मिस्र की सभ्यता अपनी भव्य वास्तुकला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां के पिरामिड और प्राचीन मंदिर आज भी इसके समृद्ध इतिहास की गवाही देते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक, करीब 3100 ईसा पूर्व राजा नार्मर के शासन में ऊपरी और निचले मिस्र का एकीकरण हुआ था, जिसे प्राचीन मिस्र के शुरुआती राजवंशीय दौर की शुरुआत माना जाता है।

भारत (लगभग 3300 ईसा पूर्व): भारत को दुनिया के सबसे पुराने देशों में से एक माना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता तक जाती हैं। करीब 3300 ईसा पूर्व के आसपास विकसित हुई सिंधु घाटी सभ्यता को दुनिया की शुरुआती शहरी सभ्यताओं में गिना जाता है। इसके बाद भारत में वैदिक काल के साथ कई राजवंशों और साम्राज्यों का विकास हुआ। प्राचीन भारत ने गणित, विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन और साहित्य जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज भी देश की कई पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं लोगों के जीवन का हिस्सा हैं।

चीन (लगभग 2070 ईसा पूर्व): चीन का इतिहास दुनिया के सबसे पुराने इतिहासों में शामिल है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, शिया राजवंश की शुरुआत करीब 2070 ईसा पूर्व हुई थी। अलग-अलग राजवंशों ने चीन की संस्कृति और तकनीक को आगे बढ़ाया। कागज, छपाई, बारूद और कंपास जैसे आविष्कारों के लिए भी चीन प्रसिद्ध है।

जॉर्जिया (लगभग 1500 ईसा पूर्व): जॉर्जिया का इतिहास हजारों साल पुराना है और इसका संबंध कोल्चिस व आइबेरिया जैसे प्राचीन राज्यों से माना जाता है। कई साम्राज्यों के प्रभाव के बावजूद जॉर्जिया ने अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखा है।

इथियोपिया (लगभग 980 ईसा पूर्व): इथियोपिया का इतिहास अफ्रीका के सबसे पुराने और समृद्ध इतिहासों में शामिल है। यहां कई प्राचीन राज्य और संस्कृतियां विकसित हुईं। यूरोपीय देशों के औपनिवेशिक विस्तार के दौर में भी इसने अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखी, हालांकि 1936 से 1941 तक इटली ने यहां कब्जा किया था।

ग्रीस (लगभग 800 ईसा पूर्व): ग्रीस का प्राचीन इतिहास दुनिया की सबसे प्रभावशाली सभ्यताओं में गिना जाता है। दर्शन, विज्ञान, कला और राजनीति में इसके योगदान का असर आज भी दिखता है। सुकरात, प्लेटो और अरस्तू जैसे दार्शनिकों ने दुनिया की सोच को प्रभावित किया।

ईरान (लगभग 550 ईसा पूर्व): ईरान का इतिहास प्राचीन फारस से जुड़ा है। करीब छठी शताब्दी ईसा पूर्व में साइरस द ग्रेट ने अकेमेनिड साम्राज्य की नींव रखी, जो पश्चिम एशिया की बड़ी शक्तियों में शामिल था।

जापान (परंपरागत रूप से 660 ईसा पूर्व): जापान के इतिहास में 660 ईसा पूर्व का समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इसी समय सम्राट जिम्मू ने जापान की गद्दी संभाली थी। लेकिन, इतिहासकार इस तारीख को प्रमाणित नहीं मानते। जापान आज भी अपनी पुरानी संस्कृति और आधुनिक तकनीक के मेल के लिए जाना जाता है।

आर्मेनिया (पारंपरिक रूप से 2492 ईसा पूर्व): आर्मेनिया का इतिहास और संस्कृति काफी पुरानी है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, आर्मेनियाई लोगों का संबंध हायक नामक पूर्वज से जोड़ा जाता है। यह क्षेत्र कई प्राचीन राज्यों का केंद्र रहा है। करीब 301 ईस्वी में आर्मेनिया ने ईसाई धर्म को राजकीय धर्म बनाया था।

सैन मैरिनो (301 ईस्वी): इटली से घिरा सैन मैरिनो दुनिया के सबसे पुराने गणराज्यों में से एक है। मान्यता है कि सेंट मैरिनस ने 301 ईस्वी में इसकी स्थापना की थी। आज भी यह अपनी पुरानी राजनीतिक पहचान बनाए हुए है।

समय के साथ दुनिया में कई बड़े साम्राज्य आए और उनका अंत भी हुआ, लेकिन कुछ देशों ने अपनी पुरानी संस्कृति और विरासत को आज तक संभालकर रखा है। भारत, मिस्र और ग्रीस इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन देशों का लंबा इतिहास उनकी समृद्ध सभ्यता और परंपराओं की खास पहचान को दर्शाता है