वॉकिंग… स्विमिंग या HIIT, जानिए डॉक्टर ने किसे बताया सबसे अच्छा कार्डियो वर्कआउट

जब लोग ‘कार्डियो’ शब्द सुनते हैं, तो अक्सर सबसे पहले दौड़ने (रनिंग) का ख्याल आता है। लेकिन कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर करने के लिए आपको दौड़ने की ज़रूरत नहीं है। पैदल चलना, तैराकी और हाई-इंटेन्सिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) – ये सभी असरदार कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट हो सकते हैं और हर एक के अपने अलग-अलग फ़ायदे हैं।

बेंगलुरु के महादेवपुरा स्थित KIMS हॉस्पिटल्स में कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर और लीड कंसल्टेंट डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति के अनुसार, कार्डियो का सबसे अच्छा तरीका जरूरी नहीं कि सबसे जयादा जोरदार वाला ही हो। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “सबसे असरदार कार्डियो एक्सरसाइज़ वह है जिसे आप सुरक्षित रूप से, लगातार और मजे के साथ कर सकें। दौड़ना एक बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है, लेकिन यह निश्चित रूप से एकमात्र विकल्प नहीं है। अगर पैदल चलना, तैराकी और HIIT को नियमित एक्सरसाइज़ रूटीन में सही ढंग से शामिल किया जाए, तो ये सभी कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस को बेहतर बना सकते हैं।”

पैदल चलना- आसान, असरदार और जोड़ों के लिए सुरक्षित

जो लोग लंबे समय से कोई शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उनके लिए रोजाना की दिनचर्या में कार्डियो एक्सरसाइज़ शामिल करने का सबसे आसान तरीका तेज चलना (ब्रिस्क वॉकिंग) हो सकता है। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “पैदल चलने को अक्सर कम आंका जाता है क्योंकि यह बहुत आसान है, लेकिन नियमित रूप से तेज चलने से कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस में काफ़ी सुधार हो सकता है। यह खास तौर पर बुज़ुर्गों, शुरुआत करने वालों और लंबे ब्रेक के बाद दोबारा एक्सरसाइज़ शुरू करने वाले लोगों के लिए फ़ायदेमंद है।”

पैदल चलना एक कम-ज़ोर वाली (लो-इम्पैक्ट) गतिविधि भी है, जिसमें दौड़ने की तुलना में जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है। इसकी तीव्रता को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है – जैसे कि चाल तेज़ करके, चढ़ाई पर चलकर या चलने का समय बढ़ाकर।

तेज चलने के फ़ायदे

रोज़ाना तेज़ चलने से कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर हो सकती है, कैलोरी बर्न करने और वज़न कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में सुधार हो सकता है, पैरों की मांसपेशियाँ मज़बूत हो सकती हैं, स्टैमिना बढ़ सकता है और एक्टिव रहने का एक ऐसा तरीका मिल सकता है जो जोड़ों के लिए भी सुरक्षित हो।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “पहले ही दिन से बहुत तेज़ी से चलने की कोशिश करने के बजाय, ऐसी अवधि से शुरुआत करना ज़्यादा ज़रूरी है जिसे आप आसानी से कर सकें और फिर धीरे-धीरे अपनी रफ़्तार और दूरी बढ़ाएँ।”

तैराकी- पूरे शरीर का कार्डियो वर्कआउट

तैराकी एक अलग तरह की कार्डियोवैस्कुलर चुनौती देती है क्योंकि शरीर को पानी के दबाव (रेज़िस्टेंस) के ख़िलाफ़ हिलना-डुलना पड़ता है। साथ ही, पानी की उछाल (buoyancy) जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “जो लोग कम-ज़ोर वाले कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट की तलाश में हैं, उनके लिए तैराकी एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें शरीर के कई बड़े मसल्स का इस्तेमाल होता है, जबकि पानी का रेजिस्टेंस शरीर को लगातार काम करने पर मजबूर करता है।”

इस वजह से तैराकी उन लोगों के लिए खास तौर पर आकर्षक हो सकती है जिन्हें ज़्यादा ज़ोर-शोर वाली गतिविधियां (हाई-इम्पैक्ट एक्टिविटीज़) आरामदायक नहीं लगतीं या जो अपनी एक्सरसाइज़ रूटीन में कुछ नयापन लाना चाहते हैं। हालांकि, पूल तक पहुंच और तैरने की बुनियादी जानकारी होना ज़रूरी है। जो लोग शुरुआत कर रहे हैं और पानी में सहज महसूस नहीं करते, उन्हें सीधे ज़ोरदार कसरत के तौर पर तैराकी शुरू करने के बजाय, पहले तैराकी की सही तकनीक सीखनी चाहिए।

तैराकी के फ़ायदे

तैराकी से कार्डियोवैस्कुलर क्षमता बेहतर हो सकती है, शरीर की कई मांसपेशियों पर एक साथ काम होता है, मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ती है, कैलोरी बर्न होती है, कुल मिलाकर स्टैमिना बेहतर होता है, कम दबाव वाला वर्कआउट मिलता है और वज़न उठाने वाले जोड़ों पर तनाव कम होता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “क्योंकि तैराकी में कार्डियोवैस्कुलर गतिविधि और मांसपेशियों का इस्तेमाल दोनों शामिल होते हैं, इसलिए यह एक बहुत असरदार वर्कआउट हो सकता है।” “हालांकि, इसकी तीव्रता व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल के हिसाब से होनी चाहिए।”

HIIT- छोटा लेकिन ज़ोरदार

जिन लोगों के पास समय कम है, उनके लिए HIIT (हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) कार्डियो का एक अच्छा और समय बचाने वाला तरीका हो सकता है। HIIT में ज़ोरदार एक्सरसाइज़ और आराम या कम-तीव्रता वाली गतिविधि के बीच बारी-बारी से बदलाव किया जाता है। व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल के आधार पर, एक सेशन में तेज़ साइकलिंग, दौड़ना, बॉडीवेट एक्सरसाइज़ या दूसरी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “HIIT कम समय में कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को मजबूत स्टिमुलस दे सकता है। लेकिन क्योंकि इसकी तीव्रता ज़्यादा होती है, इसलिए यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है।” शुरुआत करने वालों को सीधे बहुत मुश्किल HIIT सेशन नहीं करने चाहिए। जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें भी ज़ोरदार ट्रेनिंग शुरू करने से पहले सही मेडिकल और एक्सरसाइज़ से जुड़ी सलाह लेनी चाहिए।

HIIT के फ़ायदे

सही तरीके से करने पर, HIIT कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस को बेहतर बना सकता है, कम समय के वर्कआउट में एक्सरसाइज़ की तीव्रता बढ़ा सकता है, सहनशक्ति (एंड्योरेंस) बढ़ा सकता है, कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकता है, एक्सरसाइज़ रूटीन में विविधता ला सकता है, कार्डियोवैस्कुलर और मस्कुलर सिस्टम दोनों को चुनौती दे सकता है, और उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें लंबे वर्कआउट के लिए समय नहीं मिल पाता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति बताते हैं, “HIIT का मतलब सिर्फ़ जितनी हो सके उतनी ज़ोरदार एक्सरसाइज़ करना नहीं है। इंटरवल, रिकवरी पीरियड और एक्सरसाइज़ की तीव्रता को व्यक्ति की फ़िटनेस और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार एडजस्ट किया जाना चाहिए।”

तो कौन सी कार्डियो एक्सरसाइज़ सबसे अच्छी है?

कार्डियो के मामले में कोई एक चीज़ सबसे अच्छी नहीं होती। वॉकिंग, स्विमिंग और HIIT अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करते हैं, और सही चुनाव व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल, सेहत, पसंद, उपलब्ध समय और सुरक्षित रूप से एक्सरसाइज़ करने की क्षमता पर निर्भर करता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “जो लोग रोज़ाना आसान कार्डियो करना चाहते हैं, उन्हें तेज़ी से चलने (ब्रिस्क वॉकिंग) से बहुत फ़ायदा हो सकता है। जो लोग कम-इम्पैक्ट वाला, पूरे शरीर का वर्कआउट चाहते हैं, उनके लिए स्विमिंग बेहतर हो सकती है, जबकि HIIT उन लोगों के लिए सही हो सकता है जो पहले से ही फ़िट हैं और ज़्यादा ज़ोरदार, कम समय में होने वाला सेशन चाहते हैं।”

परफ़ेक्ट वर्कआउट चुनने से ज़्यादा ज़रूरी है उसे लगातार करना

लोग सबसे बड़ी गलतियों में से एक यह करते हैं कि वे सिर्फ़ “सबसे अच्छी” एक्सरसाइज़ खोजने पर बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं और उसे नियमित रूप से करने पर बहुत कम। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “कार्डियो के फ़ायदे लगातार करने से मिलते हैं। अगर आप बहुत मुश्किल वर्कआउट को कभी-कभार करते हैं और उसे जारी नहीं रख पाते, तो उसका कोई खास फ़ायदा नहीं होता।”

अलग-अलग तरह के कार्डियो को मिलाने से एक्सरसाइज़ ज़्यादा मज़ेदार भी हो सकती है। कोई व्यक्ति अपनी फ़िटनेस और मेडिकल स्थिति के आधार पर ज़्यादातर दिन टहल सकता है, हफ़्ते में एक या दो बार तैर सकता है और कभी-कभी ज़्यादा ज़ोरदार सेशन भी कर सकता है।

ऐसा कार्डियो चुनें जिसे आप लंबे समय तक कर सकें

दौड़ना (रनिंग) एक बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ है, लेकिन यह एकमात्र विकल्प नहीं है। तेज़ी से चलना (ब्रिस्क वॉकिंग) शुरुआत करने का एक आसान तरीका हो सकता है, स्विमिंग से पूरे शरीर का कम-इम्पैक्ट वाला वर्कआउट मिल सकता है, और समय कम होने पर HIIT एक ज़ोरदार सेशन दे सकता है।

आखिरकार, सबसे अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज़ वही है जो आपकी क्षमताओं के अनुकूल हो और जिसे आप सुरक्षित रूप से और लगातार कर सकें। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “यह पूछने के बजाय कि वॉकिंग, स्विमिंग या HIIT में से कौन सा सबसे अच्छा है, यह पूछें कि आप कौन सी गतिविधि नियमित रूप से और सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। यही बात एक्सरसाइज़ रूटीन को लंबे समय तक जारी रखने लायक और आखिरकार दिल की सेहत के लिए फ़ायदेमंद बनाती है।”

4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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दुश्मन के बंकर, एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काल है भारत का पहला स्वदेशी ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ड्रोन! लखनऊ की कंपनी ने रचा इतिहास

Divyastra Mk3: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। 11 अगस्त 2026 को देश में बने Divyastra Mk3 ने पहली बार उड़ान भरी। यह एक बिना पायलट वाला जेट-पावर्ड ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ है। जिसे लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी और तय लक्ष्य पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस एयरक्राफ्ट ने उत्तर प्रदेश में एक तय टेस्टिंग एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी और इसे भारत में बने जेट इंजन से पावर मिली। लखनऊ की डिफेंस स्टार्टअप कंपनी ‘Kawa UAV Pvt. Ltd.’ (HoverIt) द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म को कॉन्सेप्ट से उड़ान तक पहुंचने में आठ महीने से भी कम समय लगा।

बता दें कि ‘Divyastra Mk3’ को टर्बोजेट इंजन से पावर मिलती है, जिसे पूरी तरह से भारतीय प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी कंपनी ‘DG प्रोपल्शन’ ने बनाया है। कंपनी के अनुसार, ट्रायल के दौरान इंजन ने सभी तय ऑपरेशनल पैरामीटर्स (कामकाज के मानकों) को पूरा किया है।

यह पहली उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहली बार है जब देश में डिजाइन, विकसित और तैयार किया गया जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन पूरी तरह स्वदेशी पावरप्लांट के साथ आसमान में उड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2026 की शुरुआत में हुई थी और महज कुछ महीनों में अगस्त में इसकी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में न तो विदेश से आयात किए गए जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया और न ही जरूरी तकनीक के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता रही।

कंपनी ने दी जानकारी

HoverIt ने X पर एक पोस्ट में इस प्लेटफॉर्म को “भारत का पहला स्वदेशी जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन” बताया, जो सफलतापूर्वक उड़ान भर सकता है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि इसमें भारतीय एयरफ्रेम, भारतीय जेट इंजन, स्वदेशी तकनीक और भारतीय फायरपावर का इस्तेमाल किया गया है।

कंपनी ने कहा, “इसमें कोई इम्पोर्टेड जेट इंजन नहीं। कोई विदेशी क्रिटिकल सब-सिस्टम नहीं। भारत में बना। भारत में उड़ाया गया।”

(HoverIt) के को-फाउंडर्स ने कहा, “यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट नहीं है – यह इरादे का इजहार है। भारत ने बड़े पैमाने पर और तेजी से यह साबित कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर ही जेट-पावर्ड प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम की कल्पना, इंजीनियरिंग और उड़ान को अंजाम दे सकता है। ‘Divyastra Mk3’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जीता-जागता उदाहरण है।”

यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब भारत प्रिसिजन स्ट्राइक और ऑटोनॉमस एयर सिस्टम में अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म और प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में भारतीय प्राइवेट-सेक्टर की डिफेंस कंपनियों की बढ़ती भूमिका भी उजागर होती है।

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Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, 30 मीटर नीचे बन रहा BKC स्टेशन, सूरत स्टेशन ने लिया भव्य आकार

Bullet Train Update: भारत की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) तेजी से आकार ले रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात में इस 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट के दो सबसे चुनौतीपूर्ण स्टेशनों मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और गुजरात के सूरत स्टेशन पर काम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। BKC टर्मिनल हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के दक्षिणी शुरुआती पॉइंट के तौर पर काम करेगा। बीकेसी (BKC) स्टेशन जमीन से लगभग 30 मीटर गहराई में बनाया जा रहा है।

BKC में देश के सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशनों में से एक तैयार किया जा रहा है। यह पूरे प्रोजेक्ट का सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां खुदाई और नींव (फाउंडेशन) का काम लगभग पूरा होने की कगार पर है, जिससे स्टेशन के निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ है। वहीं, सूरत स्टेशन का ढांचा और छत का काम पूरा हो चुका है। अब वहां फिनिशिंग का काम बुलेट ट्रेन की रफ्तार से चल रहा है।

क्यों अहम है BKC स्टेशन?

News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई का BKC स्टेशन इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का दक्षिणी टर्मिनल होगा। इसे जमीन से करीब 30 मीटर नीचे बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इसे पूरी परियोजना के सबसे जटिल निर्माण कार्यों में शामिल किया गया है। स्टेशन के लिए खुदाई और फाउंडेशन से जुड़े प्रमुख काम अब अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं। अंडरग्राउंड स्टेशन होने के कारण यहां निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग, सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। BKC स्टेशन तैयार होने के बाद मुंबई से बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सूरत स्टेशन का स्ट्रक्चर तैयार, अब इंटीरियर का काम जारी

गुजरात के सूरत में बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेशन का मुख्य स्ट्रक्चरल फ्रेम और रूफिंग का काम पूरा हो चुका है। अब यहां फर्श, क्लैडिंग और सीलिंग लगाने समेत अन्य इंटीरियर फिनिशिंग का काम चल रहा है। सूरत स्टेशन का डिजाइन भी खास तरीके से तैयार किया गया है। इसकी वास्तुकला में सूरत की पहचान यानी हीरा काटने और पॉलिश करने के उद्योग से प्रेरणा ली गई है। स्टेशन की डिजाइन के जरिए शहर की कारोबारी और औद्योगिक पहचान को दर्शाने की कोशिश की गई है।

508 किमी लंबा होगा पूरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत की पहली हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट है। करीब 508 किलोमीटर लंबी यह समर्पित रेल लाइन मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगी। यह कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इसके रास्ते में कई प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी शहर इससे जुड़ेंगे।

इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन होंगे

मुंबई (BKC)

ठाणे

विरार

बोइसर

वापी

बिलिमोरा

सूरत

भरूच

वडोदरा

आनंद

अहमदाबाद

साबरमती

320 km प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक होने की उम्मीद है। इस रफ्तार से मुंबई से अहमदाबाद के बीच करीब 508 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में तय की जा सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, पूरी लाइन तैयार होने से पहले इसके कुछ हिस्सों पर चरणबद्ध तरीके से सेवा शुरू की जा सकती है। यानी यात्रियों को पूरे कॉरिडोर के पूरा होने का इंतजार जरूरी नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी। इसके साथ ही भारत के हाई-स्पीड रेल युग की शुरुआत हुई।

हर स्टेशन की डिजाइन में दिखेगी शहर की पहचान

इस प्रोजेक्ट से जुड़े रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र के रूप में नहीं। बल्कि संबंधित शहर की पहचान से जोड़कर तैयार किया जा रहा है। स्टेशनों में आधुनिक वास्तुकला, यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं और अलग-अलग परिवहन माध्यमों से कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। साबरमती स्टेशन को विशेष रूप से एक बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बुलेट ट्रेन के साथ मेट्रो, BRTS और सामान्य रेलवे को जोड़ा जाएगा। स्टेशन के आसपास के क्षेत्र का विकास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट के सिद्धांतों के आधार पर किए जाने की योजना है।

कब शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन?

बुलेट ट्रेन से सफर करने का सपना देख रहे लोगों को अभी करीब एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा। भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सर्विस अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए केवल स्टेशन और ट्रैक ही नहीं, बल्कि ट्रेनों के रखरखाव की अत्याधुनिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। इस रेलवे कॉरिडोर पर हाई-स्पीड ट्रेनों की नियमित जांच, मरम्मत और रखरखाव के लिए तीन अत्याधुनिक रोलिंग स्टॉक डिपो बनाए जा रहे हैं। इनमें एक महाराष्ट्र के ठाणे और दो गुजरात के सूरत और साबरमती में होंगे।

ठाणे डिपो में पहली बार इस्तेमाल होंगी ये टेक्नोलॉजी

मुंबई कॉरिडोर का दक्षिणी टर्मिनस होने के कारण ठाणे का रोलिंग स्टॉक डिपो बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसे अत्याधुनिक मशीनरी से लैस किया जा रहा है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, यहां कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा जिन्हें भारत में पहली बार इस्तेमाल किए जाने की योजना है। डिपो में हाई-स्पीड ट्रेन सेट की जांच और रखरखाव किया जाएगा। ताकि ट्रेनें नियमित सेवा के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

साबरमती डिपो में छोटी-बड़ी मरम्मत की पूरी व्यवस्था

गुजरात के साबरमती डिपो में ट्रेनों की छोटी और बड़ी दोनों तरह की मरम्मत की सुविधा होगी। यहां इमरजेंसी रिपेयर एरिया, पहियों की री-प्रोफाइलिंग के लिए उपकरण, कोच बॉडी की मरम्मत और बोगी वर्कशॉप बनाई जाएंगी। ट्रेनों की नियमित जांच के लिए विशेष ट्रैक और इंस्पेक्शन रोड भी तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा ट्रेन की नियमित सफाई के लिए ट्रेन-वॉशिंग प्लांट भी लगाए जाएंगे।

पर्यावरण का भी रखा जा रहा ध्यान

बुलेट ट्रेन के रखरखाव केंद्रों को तैयार करते समय पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा रहा है। डिपो में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट और ग्राउंडवॉटर रिचार्ज सिस्टम लगाए जाएंगे। ट्रेन धोने में इस्तेमाल होने वाले पानी को अधिक से अधिक दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश की जाएगी, जिससे पानी की खपत कम की जा सके।

जापान में ट्रेनिंग ले रहे रेलवे कर्मचारी

बुलेट ट्रेन के संचालन और रखरखाव के लिए भारतीय कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को जापान में सीधे ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इन कर्मचारियों को जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन हाई-स्पीड रेल सिस्टम के संचालन और रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई है। इस तरह मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी केवल ट्रैक और स्टेशनों तक सीमित नहीं है। स्टेशन, डिपो, रखरखाव व्यवस्था, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और आधुनिक यात्री सुविधाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है।

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HDFC Bank का शेयर कई साल के निचले स्तर पर, लेकिन लोन पर ट्रेडर्स का रिकॉर्ड निवेश

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयरों की हालिया तेजी पूरी गायब हो चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ इस शेयर में लेवरेज लेकर किए जा रहे निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। 13 अगस्त 2026 एनएसई के मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी (MTF) के आंकड़ों के अनुसार एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार पहुंच गई थी। एमटीएफ बुक में इतनी बड़ी एक्सपोजर वाला यह एकमात्र शेयर बन गया है।

13 अगस्त को इस पर लेवरेज्ड बेट ₹3,212 करोड़ पर पहुंच गया जबकि 31 जुलाई 2026 को यह ₹2,360 करोड़ पर था यानी कि कुछ ही दिनों में इस पर दांव 36% बढ़ गया। जून के आखिरी में यह आंकड़ा ₹1,790 करोड़ था यानी जून के आखिरी से अगस्त के मध्य तक एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन लगभग 80% बढ़ गई।

क्या है Margin Trading Facility (MTF)?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसा तरीका है जिसमें ट्रेडर्स कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा देकर शेयरों की डिलीवरी ले सकते हैं। बाकी पैसे ब्रोकर लोन के तौर पर देता है और शेयरों को गिरवी रखकर रोजाना के आधार पर ब्याज वसूलता है। जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कम निवेश लागत के कारण मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन स्टॉक की कीमत गिरने पर नुकसान भी कई गुना बढ़ जाता है और ब्याज का खर्च और भी दबाव डालता है। हालांकि अगर स्टॉक की कीमत तेजी से गिरती है और ट्रेडर अतिरिक्त फंड नहीं डाल पाता है, तो ब्रोकर को स्टॉक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

कैसी है एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के लिए यह साल 2026 शेयरों की तेजी को लेकर अब तक के सबसे खराब वर्षों में से एक रहा है। इस साल इसमें अब तक 25% की गिरावट आ चुकी है। पिछले कम से कम 10 वर्षों से लगातार इस स्टॉक ने सालाना पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अभी इसके शेयरों पर जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने दबाव बनाया है। जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे पिछले साल से चली आ रही लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी का असर खत्म हो गया। हालांकि एसेट क्वालिटी अपनी कैटेगरी में सबसे अच्छी बनी रही।

एचडीएफसी बैंक का परफॉरमेंस इतना खराब रहा है कि मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने तेजी से उसकी बराबरी कर ली है। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं, तो आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। मार्केट कैप के मामले में दोनों के बीच का अंतर अब दस साल में सबसे कम है। एचडीएफसी बैंक फिलहाल बीएसई पर 0.28% की गिरावट के साथ ₹725.30 पर है तो आईसीआईसीआई बैंक 0.05% की बढ़त के साथ ₹1418.65 पर। एचडीएफसी बैंक का एक साल का हाई ₹1020.35 और आईसीआईसीआई बैंक का 1,479.90 है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दुनिया के सबसे जगमग नाइट व्यू वाले शहर, जहां शाम के बाद बढ़ जाती है रौनक!

आजकल ट्रैवलर सिर्फ दिन में नहीं घूमना चाहते, बल्कि रात को भी अपनी खास ट्रिप कर रहे हैं। जिसे नाइट टूरिज्म कहते है इसमें लोग लोकल फूड, नाइट मार्केट, लाइव म्यूजिक, थिएटर, स्पोर्ट्स और शहर की नाइट लाइफ का मजा लेते हैं। कई शहर है जो इस ट्रेंड के लिए दुनिया भर में मशहूर हो रहे हैं। आप भी ऐसे ही नाईट ट्रिप को मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इन शहरों की नाइट लाइफ का एक्सपीरियंस जरूर करें।

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मैड्रिड – देर रात तक रहती है चहल-पहल

यहां देर रात तक चहल-पहल रहती है जो बाकी शहरों से काफी अलग है। यहां लोग देर से डिनर करते हैं और देर रात तक दोस्तों और परिवार के साथ घूमते हैं। शाम के समय प्लाजा में टहलना, तपस बार में लोकल डिश खाना और फ्लेमेंको डांस शो देखना यहां की पहचान है। रात में शहर की गलियां, कैफे और टेरेस लोगों से भर जाती हैं। आप स्पेन कल्चर को देखना चाहते हैं, तो मैड्रिड में रात में में जरूर घूमने निकले।

न्यू ऑरलियन्स – संगीत से भरी रातें

न्यू ऑरलियन्स अपनी म्यूजिक कल्चर के लिए दुनिया भर में पॉपुलर है। यहां पर जब शाम होती है तो रोड पर लाइव जैज म्यूजिक की धुनें सुनाई देने लगती हैं। फ्रेंचमेन स्ट्रीट और फ्रेंच क्वार्टर जैसी जगहों में कई छोटे-बड़े म्यूजिक क्लब और बार हैं, जहां हर रात शानदार परफॉर्मेंस होती है। यहां घूमते समय ऐसा लगता है जैसे शहर में कोई म्यूजिक फेस्टिवल हो। इसके साथ ही खाने का टेस्ट और पुराने बाजारों की शॉपिंग इस शहर की रात को और भी शानदार बना देती है।

बैंकॉक – रात में खाने का असली स्वाद

बैंकॉक में घूमने का असली मजा सूरज ढलने के बाद ही आता है। यहां के नाइट मार्केट रंग-बिरंगी दुकानों और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड से भरे रहते हैं। आप यहां थाई खाने का स्वाद ले सकते है। कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और कई यादगार चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। चाओ फ्राया नदी के किनारे बैठकर डिनर करना और रूफटॉप बार से पूरे शहर की चमक देखना एक बहुत ही यादगार पल होता है। आपको खाने पीने और घूमने का शौक है, तो बैंकॉक की रातें आपको जरूर पसंद आएंगी।

टोक्यो – रात में भी रहती है रौनक

टोक्यो को उन शहरों में गिना जाता है, जो रात में भी पूरी रफ्तार से चलते हैं। यहां शिंजुकु और शिबुया जैसे इलाके रंग-बिरंगी नियॉन लाइट्स से जगमगा उठते हैं। देर रात तक खुले रहने वाले रामेन रेस्टोरेंट, जापानी पब, कराओके और गेमिंग सेंटर लोगों को खूब पसंद आते हैं। अगर आपको शॉपिंग का शौक है, तो कई मार्केट और स्टोर देर रात तक खुले रहते हैं। यहां के रूफटॉप कैफे और बार से रात में चमकते शहर का नजारा देखने का अपना अलग ही मजा है। टोक्यो की रातें हर उम्र के ट्रैवलर के लिए कुछ न कुछ खास जरूर लेकर आती हैं।

फिलाडेल्फिया – खेल और मस्ती से भरी शाम

फिलाडेल्फिया उन शहरों में से है, जहां शाम होते ही माहौल पूरी तरह बदल जाता है। अगर आपको खेल पसंद हैं, तो यहां प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैच का रोमांच देखने को मिलेगा। मैच का टिकट न होने पर भी आप स्पोर्ट्स बार में बैठकर टीवी पर इसे लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा यहां लाइव म्यूजिक, थिएटर शो, बॉलिंग, गेमिंग और मिनी गोल्फ जैसी कई एक्टिविटीज रात को और मजेदार बना देती हैं। खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां के लोकल कैफे, फूड टूर और खास रेस्टोरेंट आपको शहर के असली स्वाद चखाते हैं। आपको एक ही शाम में मनोरंजन, स्वाद और लोकल कल्चर का एक्सपीरियंस लेना हैं, तो फिलाडेल्फिया परफेक्ट जगह है।

सियोल – कैफे और नाइट मार्केट का मजा

सियोल की रातें काफी शांत, खूबसूरत और रंगीन होती हैं। यहां के नाइट मार्केट में घूमने के साथ आप लोकल स्ट्रीट फूड का स्वाद ले सकते हैं और आसपास की दुकानों से खरीदारी भी कर सकते हैं। हान नदी के किनारे शाम बिताना और शहर की रोशनी देखना यहां आने वाले टूरिस्ट का पसंदीदा एक्सपीरियंस होता है। इसके अलावा थीम कैफे, देर रात तक खुले शॉपिंग एरिया और खूबसूरत गलियां इस शहर को खास बनाती हैं। यहां घूमने के लिए बिकुल भी जल्दबाजी न करें आपम से समय निकालकर सियोल नाईट के मजे ले।

बढ़ रहा है नाइट टूरिज्म

आज के समय में लोग सिर्फ फोटो खींचने के लिए ट्रैवल नहीं करते, बल्कि उन शहरों की असली जिंदगी को भी जीना चाहते हैं। यही कारण है कि नाइट टूरिज्म तेजी से पॉपुलर हो रहा है। रात के समय लोग लोकल फूड का मजा लेते हैं, लाइव म्यूजिक सुनते हैं, नाइट मार्केट में शॉपिंग करते हैं और शहर कल्चर को जानते हैं। इससे ट्रैवलर को एक अलग एक्सपीरियंस मिलता है और दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल और मनोरंजन से जुड़े कारोबार को भी फायदा होता है। आप भी इन शहरो को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जोड़कर ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

पासपोर्ट खोने की गलती पड़ सकती है भारी, तुरंत अपनाएं ये आसान ट्रिक

विदेश ट्रैवलिंग करते समय यदि अचानक आपका पासपोर्ट खो जाए, तो घबराहट हो ही जाती है। लेकिन ऐसी सिचुएशन में जल्दबाजी करने से बेहतर सही कदम उठाना जरूरी होता है। थोड़ी समझदारी और सही जानकारी के साथ आप नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवा सकते हैं और अपनी जर्नी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकते हैं।

पहले ढूंढें और शिकायत करें

अगर विदेश में आपका पासपोर्ट नहीं मिल रहा है, तो घबराएं नहीं। होटल का कमरा, बैग, कैब, एयरपोर्ट या जिन जगहों पर आप गए थे, वहां अच्छी तरह से चेक करें। अगर फिर भी पासपोर्ट नहीं मिलता या चोरी होने का शक है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में कम्प्लेन कराएं। पुलिस रिपोर्ट बहुत जरूरी होती है, क्योंकि नया पासपोर्ट या इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवाते समय इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए कम्प्लेन करने में देर न लगाएं।

एम्बेसी से तुरंत कांटेक्ट करें

पुलिस में कम्प्लेन करने के बाद अपने देश के पास के इंडियन एम्बेसी (Embassy) या वाणिज्य दूतावास (Consulate) से कांटेक्ट करें। वहां के ऑफिसर आपको पूरी प्रोसेस समझाएंगे और बताएंगे कि आगे क्या करना है। अगर आपके पास आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट या उनकी कॉपी हैं, तो उन्हें साथ रखें। इससे आपकी आइडेंटिटी जल्दी चेक हो जाती है और नया डॉक्यूमेंट बनवाने में आसानी होती है।

जरूरी डॉक्यूमेंट रखें तैयार 

जब भी आप ट्रिप पर निकले तो पहले पासपोर्ट, वीजा और दूसरे जरूरी आइडेंटिटी कार्ड की डिजिटल और प्रिंट कॉपी अपने पास जरूर रखें। ओरिजिनल पासपोर्ट खो जाए, तो यही कॉपियां आपके काम आ सकती हैं। नया पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस रिपोर्ट, पहचान का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, पते का प्रमाण और पासपोर्ट खोने का एफिडेबिट डॉक्यूमेंट लिए जा सकते हैं। पहले से तैयारी होने पर परेशानी कम होती है।

नया पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट

अगर आपकी ट्रिप अभी बाकी है, तो आप नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसमें कुछ दिन या करीब एक हफ्ते लग सकते है। लेकिन अगर आपको सिर्फ भारत वापस लौटना है, तो एम्बेसी आपको इमरजेंसी सर्टिफिकेट या टेम्परेरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इससे आप अपने देश वापस आ सकते हैं। यह फैसिलिटी ट्रैवल के बेस पर दी जाती है।

वीजा और इंश्योरेंस का रखें ध्यान 

पुराने पासपोर्ट में किसी देश का वैलिड वीजा होने पर उसके लिए भी अलग से प्रोसेस पूरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में उस देश के एम्बेसी से कांटेक्ट करें और नया वीजा बनाने की प्रोसेस जाने। साथ ही अपनी एयरलाइन, होटल और ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनी को भी पासपोर्ट खोने के बारे में बताये। कई ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसीस इस केस में ज्यादा रहने, आने-जाने और जरूरी डॉक्यूमेंट बनवाने का खर्च भी कवर करती हैं।

आगे के लिए रखें ये सावधानी 

पासपोर्ट खोने जैसी परेशानी से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन थोड़ी तैयारी आपका काफी टाइम और स्ट्रेस बचा सकती है। टॉवल से पहले पासपोर्ट और वीजा की स्कैन कॉपी क्लाउड स्टोरेज में सेव करें, एक कॉपी ईमेल में रखें और एक प्रिंट अपने सामान से अलग रखें। किसी भरोसेमंद फैमिली मेंबर के पास भी इसकी कॉपी होना अच्छा रहता है। यह तैयारी मुश्किल समय में आपकी ट्रिप को एक बड़ी मदद कर सकती है।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन में लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट पर रूस का मिसाइल अटैक! 2 की मौत, ब्लास्ट-फर्नेस तबाह

Russian Attack on ArcelorMittal Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाले ‘आर्सेलरमित्तल’ (ArcelorMittal) के यूक्रेन स्थित विशाल स्टील प्लांट पर रूस ने भीषण मिसाइल हमला किया है। यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह (Kryvyi Rih) में स्थित प्लांट पर हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 14 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

रॉयटर्स के अनुसार, इस हमले से देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट की पावर-जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्लांट का उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा है।

ब्लास्ट-फर्नेस और पावर यूनिट तबाह, उत्पादन ठप

कंपनी ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर जारी एक बयान में पुष्टि की कि रात के समय हुए इस मिसाइल हमले ने प्लांट के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने कहा कि पावर जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस सेक्टर की प्रमुख सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण विनिर्माण प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।

यह प्लांट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसरों में से एक है। ऊर्जा आपूर्ति और ब्लास्ट-फर्नेस को नुकसान पहुंचने से देश के स्टील उद्योग को बड़ा झटका लगा है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का गृहनगर बना निशाना, दागे 62 मिसाइलें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूसी सेना नागरिक और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पिछले केवल एक हफ्ते में ही रूस ने यूक्रेन के शहरों पर 1,550 से अधिक अटैक ड्रोन, करीब 1,560 गाइडेड एरियल बम और 62 मिसाइलें दागी हैं। क्रिवी रिह के अलावा कीव और अन्य शहरों में हुए हमलों में भी कई नागरिक घायल हुए हैं और इमारतों में आग लग गई।

रूस ने कीव और क्रिवी रिह के सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को बनाया निशाना

रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए अपनी दलील दी कि उसने क्रिवी रिह के मेटलर्जिकल प्लांट और कीव में स्थित सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं को ही निशाना बनाया था। इसके साथ ही मॉस्को ने दावा किया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रहे 822 यूक्रेनी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।

जवाब में यूक्रेन का रूस पर भीषण ड्रोन हमला

यूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहराई तक जाकर लंबी दूरी के ड्रोनों से करारा पलटवार किया है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था, जिसमें 83 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पोडॉल्स्क में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर ‘वाइल्डबेरीज’ (Wildberries) के एक बड़े गोदाम पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया।

बेलगोरोड शहर के पास एक बस पर हुए ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई, जबकि रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र में यूक्रेन ने रूस की मिसाइल ईंधन उत्पादन इकाई को निशाना बनाने का दावा किया।

नाटो क्षेत्र में घुसा संदिग्ध रूसी ड्रोन, स्पेनिश लड़ाकू विमान ने मार गिराया

युद्ध का यह तनाव अब नाटो (NATO) देशों की सीमा तक पहुंच गया है। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मोलदोवा की दिशा से एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस आया।

नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेनिश वायुसेना के F-18 फाइटर जेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस ड्रोन को मार गिराया। नाटो प्रवक्ता के अनुसार यह एक संदिग्ध रूसी ड्रोन था। चालू वर्ष में रोमानियाई सीमा पर इस तरह की यह चौथी घटना है।

फ्रंटलाइन पर युद्ध की गति धीमी पड़ने और शांति वार्ताओं के अधर में लटके होने के कारण, अब रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के ऊर्जा, औद्योगिक और आर्थिक ठिकानों को मिसाइल व ड्रोनों से नष्ट करने की रणनीति अपना रहे हैं। लक्ष्मी मित्तल के प्लांट पर हुआ यह हमला इस बात का प्रमाण है कि यह युद्ध अब वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापार परिसंपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।

IGNOU Admission Update: 4 साल की ग्रेजुएशन के बाद अब 1 साल में होगी मास्टर डिग्री, इग्नू ने इन विषयों में लॉन्च किए कोर्स

IGNOU Admission Update: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानी IGNOU ने छात्रों के लिए खास सुविधा को शुरू कर दिया है। यूनिवर्सिटी 1 साल में पूरी होने वाली मास्टर डिग्री के लिए 9 नए कोर्सेज लॉन्च कर रही हैं। यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी NEP 2020 के की जा रही है, जिसका मकसद छात्रों को पढ़ाई में ज्यादा सहजता देना है।

लेकिन यह सुविधा हर किसी के लिए नहीं उपलब्ध होगी। यह सिर्फ उन छात्रों के लिए है, जिन्होंने 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम यानी FYUP कम्पलीट कर लिया है। जिन छात्रों ने सामान्य तरीके से सिर्फ 3 साल की ग्रेजुएशन डिग्री पूरी की है, वे इस 1 साल वाले कोर्स के लिए मान्य नहीं माने जाएंगे। उन्हें IGNOU के पुराने वाले 2 साल के मास्टर डिग्री कोर्स में ही दाखिला लेना होगा।

IGNOU ने 9 नए 1 साल के मास्टर डिग्री कोर्स शुरू कर दिए हैं। इनमें MA इकोनॉमिक्स, MA सोशियोलॉजी, MA हिस्ट्री, MCom, MA जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, MA इंग्लिश, MA हिंदी, MA संस्कृत और MA उर्दू को शामिल किया गया हैं। इन कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को सबसे पहले अपना आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन के दौरान उपयोग करना होगा। इन नए कोर्सेज के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। छात्र इस मौके का फायदा जल्द से जल्द आवेदन करके उठा सकते हैं।

आवेदन कैसे करें

इन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। छात्रों को IGNOU के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल ignouadmission.samarth.edu.in पर क्लिक करना होगा। फिर “New Registration” के ऑप्शन पर क्लिक करके अपनी वैलिड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालें।

रजिस्ट्रेशन होने के बाद उसी लॉगिन डिटेल्स से साइन इन करके अपनी पसंद का कोर्स और स्टडी सेंटर का चुनाव करें। इसके बाद जरूरी पर्सनल, एकेडमिक और कम्युनिकेशन डिटेल्स डालें। मांगे गए दस्तावेज तय फॉर्मेट में अपलोड करें। सारी डिटेल्स भरने के बाद आवेदन फीस जमा करके फॉर्म सबमिट कर दें। यह नई सुविधा उन छात्रों के लिए सहज है, जिन्होंने 4 साल की ग्रेजुएशन पूरी कर ली है। अब उन्हें मास्टर डिग्री के लिए 2 साल की जगह सिर्फ 1 साल में ही करनी होगी।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : सोमवार, 17 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कम होने से सोने-चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। हांलांकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरेध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण महंगाई का डर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों में होने वाली बढ़त सीमित रही है।

11.40 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 685 रुपए यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 155,191 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर का सितंबर वायदा 2,692 रुपए यानी 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 238,616 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए $4,400 और $4,364 पर सपोर्ट है, जबकि $4,470 और $4,500 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए $63.40 और $62.60 पर सपोर्ट है, जबकि $65.80 और $67 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

उन्होंने आगे कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,53,650 -1,52,800 रुपए पर सपोर्ट और 1,55,500-1,56,100 रुपए पर रेजिस्टेंस है। जबकि सिल्वर के लिए 2,34,000 -2,31,600 रुपए पर सपोर्ट और 2,38,000- 2,41,000 पर रेजिस्टेंस है।

1,53,000 और 1,52,500 के आस-पास गिरावट पर सोने में खरीदारी की सलाह होगी। जिसमें 1,51,800 रुपए से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 1,55,500 और 1,56,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है। साथ ही, 2,33,300 और 2,32,000 रुपए के आस-पास चांदी में खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 2,29,800 से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 2,38,000 और 2,40,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 17.80 रुपए यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के साथ 1,396.30 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, क्रूड ऑयल का सितंबर वायदा 36.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,771 रुपए पर दिख रहा था। वहीं, नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 9.30 रुपए यानी 3.53 फीसदी की गिरावट के साथ 254.50 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, ELECDMBL का अगस्त वायदा 18.00 रुपए यानी 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,581 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज जिंक और नैचुरल गैस में कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स जिंक अगस्त वायदा में इनकी 398.5 रुपए के आसपास, 396.0 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 403 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स नैचुरल गैस वायदा में इनकी 264 रुपए के आसपास, 268 रुपए के स्टॉप लॉस के के साथ 256 रुपए के टारेगट के लिए खरीदने की सलाह है।

 

 

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