7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

Yash: ‘फ्री में तो नहीं करूंगा…’, ‘टॉक्सिक’ गाने ‘तबाही’ की कंडोम एड से तुलना करने वाले ट्रोलर्स पर यश का पलटवार

Yash: यश की फिल्म ‘टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ इस साल की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली फ़िल्मों में से एक है। फ़िल्म की रिलीज़ पास आ रही है। मेकर्स ने हाल ही में कियारा आडवाणी वाला गाना ‘तबाही’ रिलीज़ किया। इस गाने की काफ़ी आलोचना हुई और लोगों ने इसकी तुलना ‘कॉन्डम ऐड’ से कर दी।

अब जब आलोचना बढ़ रही है, तो यश ने इस ट्रोलिंग पर मज़ेदार अंदाज़ में जवाब दिया है। ‘आप की अदालत’ शो में यश से गाने को लेकर हो रही आलोचना के बारे में पूछा गया। ‘कॉन्डम ऐड’ वाली तुलना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “अगर कॉन्डम ऐड करना है, तो पैसे लेकर करूंगा। ऐसे मुफ़्त में नहीं करूंगा…” उनके इस जवाब पर दर्शकों ने ठहाके लगाए।

यश ने फिल्म ‘टॉक्सिक’ में इंटीमेट पर अपनी राय रखी

यश ने फिल्म ‘टॉक्सिक’ में इंटीमेट सीन्स को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि उनकी फिल्म में कुछ भी अश्लील नहीं है। उन्होंने कहा, “अश्लीलता गलत है। मैंने तो किस भी नहीं किया है, अगर आपने देखा होगा तो। एक सीमा होती है और हम उसे समझते हैं। आपको सीन्स को कलात्मक रूप से फिल्माना होता है और जो सीन आकर्षक लगता है, वही बाद में सिनेमा का प्रभाव होता है। यही एक रचनाकार की आवाज़ होती है।”

एक्टर ने कहा कि “टॉक्सिक जनरेशन-जेड के लिए है। यह उन बातचीत के बारे में है जो आप लोग करते हैं, बड़ों के साथ आपकी जो समस्याएं हैं। उस पीढ़ी के बारे में आप लोग जो सवाल पूछते हो उसमें क्या गलतियां हैं, क्यों ऐसे तय नियम हैं, क्यों ऐसा ही करना चाहिए। आपके जो भी विचार हों, फिल्म का मुख्य विषय वही है।

फिल्म टॉक्सिक

टॉक्सिक इस साल 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। अंग्रेजी और कन्नड़ में एक साथ शूट की गई टॉक्सिक का हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में डब संस्करण भी होगा। गीतु मोहनदास के निर्देशन में बनी फिल्म ‘टॉक्सिक’ को केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने संयुक्त रूप से समर्थन दिया है।

जहाज से दिखा सोता Polar Bear, शख्स ने बजाया हॉर्न और कर दी बड़ी गलती, अब देना पड़ा 4.5 लाख रुपये

नॉर्वे के स्वालबार्ड में एक शख्स को सो रहे ध्रुवीय भालू को जहाज का हॉर्न बजाकर जगाना भारी पड़ गया। तेज आवाज से भालू की नींद खुली और वह दूसरी जगह चला गया। अधिकारियों ने इस हरकत को जानबूझकर वन्यजीव को परेशान करने का मामला माना। इसके बाद शख्स पर 50,000 नॉर्वेजियन क्रोन यानी करीब 4.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। खास बात यह रही कि जहाज पर मौजूद अन्य लोगों ने खुद इस घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। मामला सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि जंग

ली जानवरों को करीब से देखने की उत्सुकता में उन्हें परेशान करना कितना महंगा साबित हो सकता है। स्वालबार्ड में ध्रुवीय भालू प्राकृतिक वातावरण में रहते हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू हैं। ऐसे में कुछ पल के मजाक के लिए बजाया गया जहाज का हॉर्न शख्स की जेब पर लाखों रुपये का बोझ डाल गया।

जहाज से दिखा आराम फरमाता भालू

घटना अगस्त में Svalbard के Lomfjorden, Hinlopenstretet इलाके में हुई। एक जहाज पर मौजूद लोगों की नजर जमीन पर आराम से सो रहे Polar Bear पर पड़ी। भालू अपने शांत माहौल में सो रहा था, लेकिन तभी जहाज पर मौजूद एक व्यक्ति ने कुछ ऐसा कर दिया, जिससे उसकी नींद टूट गई।

एक हॉर्न और टूट गई भालू की नींद

Governor of Svalbard के कार्यालय के मुताबिक, जहाज पर मौजूद व्यक्ति ने जानबूझकर शिप का हॉर्न बजाया। तेज आवाज सुनकर Polar Bear जाग गया और वहां से दूसरी जगह चला गया। शायद हॉर्न बजाने वाले को यह सिर्फ कुछ सेकंड का मजाक लगा हो, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

साथियों ने ही कर दी शिकायत

इस मामले की खास बात यह रही कि जहाज पर मौजूद अन्य लोगों ने घटना की जानकारी बाद में Governor of Svalbard को दे दी। जांच के बाद अधिकारियों ने माना कि Polar Bear को जानबूझकर परेशान किया गया था।

मजाक पड़ा बेहद महंगा

अधिकारियों ने इस घटना को Polar Bear को परेशान करने यानी wildlife disturbance माना और व्यक्ति पर 50,000 नॉर्वेजियन क्रोन (NOK) का जुर्माना लगाया, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹4.5 लाख बैठता है। यानी कुछ पल के मनोरंजन के लिए बजाया गया एक हॉर्न जेब पर लाखों रुपये का बोझ डाल गया। यह मामला यह भी याद दिलाता है कि जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक वातावरण में परेशान करना सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।

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Mukul Agrawal Portfolio: स्टार निवेशक का बदला मूड, पोर्टफोलियो में एक स्टॉक की एंट्री तो दूसरी ओर 3 की विदाई

Mukul Agrawal Portfolio: दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में पिछली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बड़े बदलाव हुए। एक तरफ उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस को शामिल किया तो दूसरी तरफ उन्होंने लक्ष्मी फाइनेंस समेत तीन स्टॉक्स का वजन और बढ़ाया। उन्होंने सिर्फ खरीदारी ही नहीं की बल्कि कुछ मुनाफा भी बुक किया। जून तिमाही में उनके पोर्टफोलियो से रेमंड लाइफस्टाइल समेत पांच स्टॉक्स का वजन हल्का हुआ तो तीन स्टॉक्स ऐसे रहे, जिनमें उनकी होल्डिंग या तो जीरो हो गई या 1% से नीचे आ गई। सेबी के नियमों के मुताबिक कंपनियों को सिर्फ 1% या इससे अधिक की होल्डिंग वाले शेयरहोल्डर्स के नाम का खुलासा करना अनिवार्य है।

इन स्टॉक्स में की और खरीदारी और एक की हुई एंट्री

मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में जून 2026 तिमाही में एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस की एंट्री हुई। उन्होंने इसके 13 लाख शेयर खरीदे जो कंपनी में 1.6% होल्डिंग के बराबर है। इसके अलावा जून तिमाही में उन्होंने लक्ष्मी फाइनेंस में अपनी हिस्सेदारी 0.8 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 4.6% (24 लाख शेयर), वेलर एस्टेट में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 1.6% (85 लाख शेयर) और लक्स इंडस्ट्रीज में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 1.6% (4,65,246 शेयर) कर ली।

इन स्टॉक्स में की बिकवाली तो ये हुए बाहर

मुकुल अग्रवाल ने जून तिमाही में कुछ स्टॉक्स में अपनी होल्डिंग हल्की की। उन्होंने जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स में अपनी होल्डिंग 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर 2.6% (19,30,920 शेयर), केआरएन हीट एक्सचेंजर में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कम कर 1.5% (10 लाख शेयर), इंटेलेक्ट डिजाइन एरेना में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेचकर 1.3% (17.90 लाख), विधि स्पेशल्टी फूड में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर (6,90,924 शेयर) और रेमंड लाइफस्टाइल में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर (7 लाख शेयर) कर ली। वहीं दूसरी तरफ रेडिको खेतान, सूर्या रोशनी और विक्रान इंजीनियरिंग के इतने शेयर बेचे कि उनकी होल्डिंग या तो जीरो हो गई या 1% से कम हो गई। इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में रेडिको खेतान में उनकी होल्डिंग 1.1%, सूर्या रोशनी की 1.0% और विक्रान इंजीनियरिंग की 1.4% थी।

समरी

स्टॉक जून तिमाही के आखिरी में होल्डिंग बदलाव (पर्सेंटेज प्वाइंट) शेयरों की संख्या शेयर का मौजूदा भाव 52 हफ्ते का निचला स्तर (तारीख) 52 हफ्ते का हाई लेवल (तारीख)
Arisinfra Solutions1.6%नया13,00,000₹134.09₹82.18 (09/02/26)₹178.30 (23/10/25)
Laxmi Finance4.6%0.824,00,000₹124.38₹71.06 (30/03/26)₹180.90 (18/09/25)
Valor Estate1.6%0.185,00,000₹111.91₹83.50 (30/03/26)₹187.05 (13/08/25)
Lux Industries1.6%0.14,65,246₹1,188.10₹824.05 (30/03/26)₹1,823.35 (24/04/26)
J Kumar Infraprojects2.6%(-)0.119,30,920₹497.65₹425.00 (30/03/26)₹685.40 (18/08/25)
KRN Heat Exchanger1.5%(-)0.110,00,000₹1,468.30₹589.80 (27/01/26)₹1,468.30 (14/08/26)
Intellect Design Arena1.3% (-)0.217,90,000₹700.60₹595.20 (30/03/26)₹1,244.60 (03/11/25)
Vidhi Specialty Food1.4%(-)0.26,90,924₹309.90₹258.60 (30/03/26)₹410.00 (04/09/25)
Raymond Lifestyle1.2%(-)0.27,00,000₹741.20₹677.00 (03/08/26)₹1,350.00 (16/09/25)
Radico Khaitan1% के नीचे₹4,650.00₹2,500.00 (02/03/26)₹4,675.20 (13/09/26)
Surya Roshni1% के नीचे₹222.98₹187.35 (30/03/26)₹320.15 (13/08/26)
Vikran Engineering1% के नीचे₹62.22₹51.10 (30/03/26)₹118.40 (20/11/25)

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shubhra Shetty: कौन हैं शुभ्रा शेट्टी? 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड संग इस वहज से शादी नहीं कर पा रहे अनुराग कश्यप

Shubhra Shetty: शुभ्रा शेट्टी लगभग 11 सालों से फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के साथ रिलेशनशिप में हैं। यह कपल अक्सर अपने रिश्ते को लाइमलाइट से दूर रखता है, लेकिन हाल ही में उन्होंने जेनिस सिकेरा के साथ बातचीत में अपनी लव स्टोरी, उम्र के अंतर और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की।

शुभ्रा शेट्टी कौन हैं?

शुभ्रा पहले अनुराग कश्यप के प्रोडक्शन हाउस, ‘फैंटम फिल्म्स’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। दोनों को पहली बार 2015 में साथ देखा गया था और कश्यप ने 2018 में सबके सामने अपने रिश्ते की बात मानी थी। शुभ्रा 30s में हैं, जबकि कश्यप 53 साल के हैं। यानी दोनों की उम्र में लगभग 20 साल का अंतर है। वह ज़्यादातर लाइमलाइट से दूर रही हैं और अपने फिल्ममेकर पार्टनर की तरह लोगों की नज़रों में ज़्यादा एक्टिव नहीं रही हैं।

शुभ्रा और अनुराग कश्यप का रिश्ता कैसे शुरू हुआ?

अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए शुभ्रा ने बताया कि कश्यप ने प्रपोज किया था। उन्होंने कहा कि कश्यप ने उनसे कहा था कि अपनी ज़िंदगी के अनुभवों की वजह से उन्हें पता था कि वह क्या महसूस कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने शुभ्रा को अपना समय लेने और ज़िंदगी का अनुभव करने की आज़ादी भी दी थी।

शुभ्रा ने बताया कि कश्यप चाहते थे कि वह अपने फ़ैसले खुद ले, न कि उनके रिश्ते की वजह से बंधा हुआ महसूस करें। उन्होंने शुभ्रा से कहा था कि वह बाहर जा सकती हैं, दुनिया देख सकती हैं और अगर चाहें तो वापस उनके पास आ सकती हैं। दोनों के बीच किताबें, फ़िल्में और फ़िल्म फ़स्टिवल के लिए एक जैसी पसंद की वजह से भी अच्छी बॉन्डिंग बनी। शुभ्रा ने बताया कि शुरुआती सालों में वे अपने रिश्ते को प्राइवेट रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आख़िरकार उनका रोमांस सबके सामने आ ही गया।

उम्र के फ़र्क़ के बारे में शुभ्रा ने क्या कहा है?

उम्र के फ़र्क़ की वजह से इस कपल पर लोगों का ध्यान गया। कश्यप ने माना कि जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई और शुभ्रा काफ़ी कम उम्र की दिखने लगीं, उन्हें इस बात की ज़्यादा चिंता होने लगी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब अपनी इनसिक्योरिटीज़ की वजह से उन्होंने शुभ्रा से दूरी बनाने की कोशिश की थी। हालाँकि, बाद में दोनों ने इस स्थिति को संभाला और अपना रिश्ता जारी रखा।

शुभ्रा ने इस बारे में भी बात की कि उनके माता-पिता ने उनके रिश्ते पर कैसी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि वह उनके माता-पिता की चिंताओं को समझती थीं, क्योंकि जब उन्होंने कश्यप को डेट करना शुरू किया था, तब वह 20s में थीं, जबकि कश्यप उनसे काफ़ी बड़े थे और उनकी दो बार शादी हो चुकी थी।

वहीं, उम्र को लेकर होने वाली आलोचना (age-shaming) पर अनुराग ने कहा, “हमारे बीच भी ऐसे पल आए हैं। हम थोड़े असहज (self-conscious) महसूस करते रहे हैं। मैं ज़्यादा असहज रहा हूँ… और सिर्फ़ असहज ही नहीं, एक समय तो मैं इतना ज़्यादा सोचने लगा था कि इसे नज़रअंदाज़ करने की पूरी कोशिश कर रहा था। असल में, उनके चेहरे से उनकी उम्र का पता नहीं चलता। वह आज भी वैसी ही दिखती हैं। अपनी उम्र की नहीं लगतीं। तो बात यह है कि जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा असहज महसूस करने लगा।”

शादी के बारे में शुभ्रा और अनुराग का क्या कहना है?

इस जोड़े ने शादी करने की योजना के बारे में भी बात की है। कश्यप ने बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वह अपने रिश्ते से खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ बने रहना चाहते हैं और जो रिश्ता उन्होंने मिलकर बनाया है, उसे खोना नहीं चाहते।

जब शादी की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो अनुराग ने जेनिस सिकेरा को बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उनके साथ रहना चाहता हूं। तो, इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा। ज़िंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की इनसिक्योरिटी (असुरक्षा की भावना) क्या होती है? मैं इतना स्वस्थ रहना चाहता हूं कि जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं, उनके बाद भी जीवित रहूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उसके बाद क्या होगा? दुनिया का दस्तूर यही है। तो, मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं। लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमें वह मिल गया है जो अभी हमारे पास है, मैं किसी भी चीज़ से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।”फ़िल्ममेकर और शुभ्रा अभी मुंबई छोड़कर बेंगलुरु में रह रहे हैं।

आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेट

IMD Weather Today: देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज यानी 16 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 5 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और खाड़ी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

मैदानी, पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल समेत इन 5 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन पांचों राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली गिरने की आशंका

बारिश के साथ-साथ आज कई राज्यों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली कड़कने और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेगी हवाओं की रफ्तार, समुद्र में मौसम खराब

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के कारण मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अरब सागर से लगे इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुारियों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय में रविवार (16 अगस्त) सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है।

उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, बंगाल के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

Video: हजारों जूतों के बीच गुम हुई एक चप्पल, शख्स ने अपनाया AI का अनोखा जुगाड़; वीडियो हुआ वायरल

हजारों जूतों और चप्पलों के बीच अपनी एक जोड़ी तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में एक शख्स ने इस उलझन को सुलझाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। बताया जा रहा है कि उसके सामने 1,000 से ज्यादा जोड़ी फुटवियर का ढेर था, जिसमें उसकी एक चप्पल कहीं गुम हो गई थी। हर जोड़ी को खुद देखकर तलाशने में काफी समय लग सकता था, इसलिए उसने तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया। शख्स ने पूरे ढेर की तस्वीर खींची और उसे ChatGPT के सामने रखकर अपनी खोई हुई चप्पल पहचानने में मदद मांगी।

दावा है कि AI ने तस्वीर का विश्लेषण कर उसे संभावित जगह बताई, जिससे चप्पल तलाशना आसान हो गया। इस अनोखे इस्तेमाल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और यूजर्स ने AI के इस ‘जुगाड़’ पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।

तस्वीर खींची और AI से मांगी मदद

Instagram यूजर शुभांग बोरकर द्वारा शेयर किए गए वीडियो में बड़ी संख्या में फुटवियर एक साथ रखे नजर आते हैं। पोस्ट के मुताबिक, इस ढेर में 1,000 से ज्यादा जोड़ी जूते-चप्पल थे और शख्स की एक clog कहीं गुम हो गई थी। उसने पूरे ढेर की तस्वीर खींचकर ChatGPT से पूछा कि उसकी खोई हुई चप्पल कहां हो सकती है। दावा है कि AI ने तस्वीर देखकर उसे सही जगह तक पहुंचने में मदद की और आखिरकार चप्पल मिल गई।

20 लाख से ज्यादा बार देखा गया वीडियो

यह अनोखा AI इस्तेमाल सोशल मीडिया यूजर्स को खूब पसंद आया। वीडियो को 20 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब ChatGPT का इस्तेमाल रोजमर्रा की छोटी-छोटी परेशानियां सुलझाने के लिए भी होने लगा है। एक यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता था कि ChatGPT का इस्तेमाल इस तरह भी कर सकते हैं।” वहीं दूसरे ने मजाक करते हुए कहा कि सबसे सुंदर जोड़ी चुनकर वहां से निकल जाना चाहिए।

किसी ने कहा- AI तो रो रहा होगा!

वीडियो पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “AI कोने में बैठकर रो रहा होगा।” वहीं किसी ने सुझाव दिया कि इसके लिए Google के AI चैटबॉट Gemini Live का इस्तेमाल किया जा सकता था। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे मजाक के बजाय तकनीक के स्मार्ट इस्तेमाल के तौर पर देखा। एक कमेंट में लिखा गया, “आधुनिक समस्याओं के लिए आधुनिक समाधान चाहिए।”

सिर्फ चप्पल नहीं, किताब खोजने में भी AI की मदद

इस पोस्ट ने लोगों को अपने ऐसे अनुभव साझा करने का मौका भी दिया। एक महिला ने बताया कि उसके पति को एक किताब की तलाश थी। बुक सेल में मौजूद किताबों की तस्वीरें खींचकर उन्होंने ChatGPT की मदद ली और कथित तौर पर AI ने किताब का स्थान पहचानने में सहायता की।

Instagram पर यह पोस्ट देखें

AI का बढ़ता अनोखा इस्तेमाल

यह घटना दिखाती है कि लोग AI का इस्तेमाल अब सिर्फ लेख लिखने, सवालों के जवाब पाने या कोडिंग तक सीमित नहीं रख रहे हैं। तस्वीरों के जरिए चीजों को पहचानने और खोजने जैसे छोटे-छोटे कामों में भी AI मददगार साबित हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें बताई गई पूरी घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

Ather Energy प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाएगी ₹1200 करोड़, शेयरहोल्डर्स से ग्रीन सिग्नल; चढ़ सकता है शेयर

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली एथर एनर्जी लिमिटेड प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹1200 करोड़ तक का फंड जुटाना चाहती है। इस प्रपोजल पर कंपनी के शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल गई है। 14 अगस्त को कंपनी की असाधारण आम बैठक थी। इसी में प्रपोजल पास हुआ। इसके पक्ष में 97.72 प्रतिशत वोट रहे। इस डेवलपमेंट के चलते सोमवार, 17 अगस्त को एथर एनर्जी के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।

कंपनी ने जून महीने में कई तरीकों से ₹2,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कहा गया था कि इन तरीकों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल इश्यू और फॉरेन करेंसी कनवर्टिबल बॉन्ड (FCCB) जारी करना शामिल है। कंपनी हाल ही में ₹1,300 करोड़ का QIP लाई थी। इसे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं। QIP में देश और दुनिया के बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया।

प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हीरो मोटोकॉर्प, एथर एनर्जी के को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन के साथ मिलकर, ₹1,260 प्रति वॉरंट के हिसाब से निवेश करेगी। यह कीमत ₹1,175.74 के फ्लोर प्राइस से 7.2 प्रतिशत ज्यादा है। स्ट्रैटेजिक इनवेस्टर इंडिया-जापान फंड ₹1,230 प्रति शेयर के हिसाब से इक्विटी शेयर खरीदेगा, जो फ्लोर प्राइस से 4.6% ज्यादा है। हीरो मोटोकॉर्प लगभग ₹960 करोड़ का निवेश करेगी, जबकि इंडिया-जापान फंड ₹200 करोड़ का निवेश करेगा। को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन दोनों ₹20-20 करोड़ का निवेश करेंगे।

Ather Energy का शेयर एक साल में 263 प्रतिशत चढ़ा

एथर एनर्जी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर ₹1511.05 है। कंपनी का मार्केट कैप ₹59600 करोड़ से ज्यादा है। यह मई 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 2980.76 करोड़ रुपये का था। एक साल में शेयर 263 प्रतिशत और 6 महीनों में 113 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 60 प्रतिशत और 2 सप्ताह में करीब 20 प्रतिशत उछली है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 39.58 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में एथर एनर्जी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹51.09 करोड़ रह गया। एक साल पहले घाटा 178.23 करोड़ था। थोक बिक्री 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 83,173 यूनिट्स की रही, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 46,078 यूनिट्स की थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4 नियम पड़े रिटेल इंवेस्टर्स पर भारी, SEBI ने लाया था खास वजह से और पड़ा ऐसा असर

पिछले दो वर्षों में मार्केट रेगुलेटर सेबी देश के कैपिटल मार्केट को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और लेस स्पेक्यूलेटिव यानी कम सट्टेबाजी वाला बनाने के लिए कई नियम लागू किए हैं। इसका उद्देश्य रिटेल इंवेस्टर्स को बचाना, लेवरेज कम करना और रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करना है। ब्रोकरेज फर्म सैम्को सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी के मुताबिक सेबी की यह पहल बेहतर तो है रेगुलेशन के साथ-साथ मार्केट की एफिसिएंसी, लिक्विडिटी और फेयर एक्सेस भी बनी रहनी चाहिए। यहां ऐसे ही 4 नियमों के बारे में बताया जा रहा है, जिनसे रिटेल इंवेस्टर्स काफी प्रभावित हुए और जिमीत मोदी ने रिटेलर्स पर इसके असर को लेकर जिक्र किया है।

4 नियम और उनके असर

1.F&O पर लगाम से घटी सट्टेबाजी लेकिन एक्सेस भी हुआ कम

सेबी ने सबसे बड़ा दखल इक्विटी डेरिवेटिव्स में दिया है। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट का साइज बढ़ाया गया, वीकली एक्सपायरी के ऑप्शन कम किए गए, एक्सपायरी-डे पर रिस्क कवर बढ़ाया गया, ऑप्शन प्रीमियम पहले से जमा करना जरूरी किया गया और पोजिशन लिमिट की इंट्रा-डे मॉनिटरिंग शुरू की गई। इसका उद्देश्य बहुत अधिक शॉर्ट-टर्म स्पेक्यूलेटिव को रोकना और रिटेल इन्वेस्टर्स को बड़े नुकसान से बचाना था।

हालांकि वित्त वर्ष 2026 में F&O में रिटेलर्स का नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया लेकिन F&O में हिस्सेदारी भी लगभग 20% घटकर 78.6 लाख रह गई। रिटेलर्स का नुकसान कम तो हुआ लेकिन प्रति ट्रेडर औसत नुकसान ₹1.14 लाख से बढ़कर ₹1.17 लाख हो गया। इससे एक अहम सवाल उठता है कि क्या हम समस्या को हल कर रहे हैं, या हिस्सेदारी कम करके एक्सपोजर को कम कर रहे हैं?

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2.लॉट साइज में बढ़ोतरी: सुरक्षित मार्केट या हाई एंट्री बैरियर्स?

मिनिमम कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़ाने का मकसद छोटे निवेशकों को बहुत बड़ी स्पेक्यूलेटिव वाली पोजिशन लेने से रोकना था। हालांकि डेरिवेटिव्स रिस्क-मैनेजमेंट टूल का भी एक बड़ा जरिया है, खासतौर से उन निवेशकों के लिए जो अपने कैश-मार्केट एक्सपोजर को हेज करना चाहते हैं। लॉट साइज बड़ा होने से ऐसे हेज के लिए अधिक कैपिटल की जरूरत पड़ने लगी जिससे अंडरलाइंग पोजिशन के साथ हेज का तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए मार्केट में हिस्सा लेना मुश्किल बनाने करने की बजाय इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि वे रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं।

3.एक्सपायरी और मार्जिन के नियम

सेबी ने एक्सपायरी के समय मिलने वाले कई मार्जिन बेनेफिट्स को हटा दिया और वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों को तार्किक बनाया। इसका उद्देश्य बहुत अधिक रिस्क वाली पोजिशन और एक्सपायरी के दिन होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को कम करना था, लेकिन इनसे ट्रेडिंग और हेजिंग की चली आ रही स्ट्रैटेजीज भी बदल गई हैं। सेबी की साल 2025 की स्टडी से पता चला कि इससे इक्विटी डेरिवेटिव्स में यूनिक इंडिविजुअल ट्रेडर्स की संख्या सालाना आधार पर 20% गिर गई तो प्रीमियम के हिसाब से इंडिविजुअल टर्नओवर 11% घट गया। ऐसे में सेबी का नियम सिर्फ खराब तरीके ही नहीं हटा रहा, बल्कि मार्केट के तरीके को भी बदल रहा है।

4.क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS): बेहतर प्राइस डिस्कवरी लेकिन

3 अगस्त 2026 से सेबी ने F&O स्टॉक्स के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ (CAS) शुरू किया, जिसने पहले के 30 मिनट वाले VWAP-बेस्ड क्लोजिंग सिस्टम की जगह ली। इसका उद्देश्य कीमत तय करने के तरीके को बेहतर बनाना, आखिरी मिनट के ट्रेड के असर को कम करना और भारतीय मार्केट को ग्लोबल तौर-तरीकों से जोड़ना। हालांकि शुरुआती कुछ सेशन में स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों में असामान्य अंतर दिखा और शुरुआत में लोगों की भागीदारी कम रही। सेबी के मुताबिक इसमें कोई मैनिपुलेशन नहीं मिला है, और तब से भागीदारी में सुधार भी हुआ है। हालांकि इससे यह सबक मिलता है कि अच्छे ढंग से बनाए गए सुधार भी मार्केट में हिस्सा लेने वालों के लिए थोड़े समय के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

कहां आई दिक्कत?

सेबी के नियमों से एफएंडओ एक्टिविटी कम हुई। इसकी वित्त वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स 51.5% और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 17.7% घट गया। इसकी वजह एसटीटी में बढ़ोतरी के साथ-साथ सेबी के नियम भी हैं। जिमीत के मुताबिक स्पेक्यूलेशन में कमी तब अच्छी है, जब इससे अच्छा रुख दिखे लेकिन अगर वॉल्यूम भी गिरे क्योंकि मार्केट में एंट्री बहुत महंगी या कठिन हो गई है तो इससे लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि लक्ष्य सड़क को सुरक्षित बनाना होना चाहिए, सड़क को खाली करना नहीं। जिमीत के मुताबिक भारतीय मार्केट को देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत निवेश की जरूरत है। जिमीत के मुताबिक बैरियर बढ़ाने की तुलना में बेहतर डिस्क्लोजर, इंवेस्टर एडुकेशन, सूटेबिलिटी चेक्स और रिस्क-बेस्ड सेफगार्ड्स अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

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