UP News: सरकारी स्कूलों के रसोइयों की सैलरी में ₹1000 की बढ़ोतरी, 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिड-डे मील’ योजना के तहत काम करने वाली रसोइयों के हित में चार अहम ऐलान किया है। योगी सरकार ने दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश यानी मैटरनिटी लीव लेने की अनिवार्य दो साल की उम्र-अंतर की शर्त खत्म कर दी है। यानी अब दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने पर भी पात्र महिला कर्मचारी मैटरनिटी लीव ले सकेंगी। इसके अलावा करीब 3.5 लाख रसोइयों का मासिक मानदेय सितंबर से 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो साल में 10 महीने मिलेगा।

साथ ही योगी सरकार ने 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य के मिड-डे मील प्रोग्राम के तहत काम करने वाले 3.54 लाख रसोइयों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने इस पहल को उनकी सेहत, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल की रसोई में खाना बनाना सिर्फ भोजन तैयार करने तक सीमित नहीं है, क्योंकि यह लाखों बच्चों की सेहत, शिक्षा और भविष्य में योगदान देता है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए रविवार को कैशलेस मेडिकल कार्ड वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

सीएम योगी ने रविवार को X पर लिखा, “रक्षाबंधन के पहले प्रदेश के रसोइयों हेतु चार उपहार…1- मानदेय में वृद्धि…2- दुर्घटना होने पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता…3- प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार… 4- साड़ी के लिए धनराशि बढ़ाकर ₹1,000।” सीएम योगी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “रसोइयों का मानदेय ₹1,000 से बढ़ाकर अब ₹3,000 कर दिया गया है..।”

मुख्यमंत्री ने ‘पीएम पोषण योजना’ के तहत रसोइयों के तौर पर काम करने वाली महिलाओं की तारीफ की। सीएम योगी ने उन्हें प्रोग्राम की ‘बुनियादी ताकत’ बताते हुए स्कूली बच्चों को खाना खिलाने में उनके योगदान का जिक्र किया।

उनके ट्वीट में लिखा, “हमारी रसोइया माताएं और बहनें, जो अपनी मेहनत और ममता से इस पवित्र काम को पूरा करती हैं, वे पीएम पोषण की असली बुनियादी ताकत हैं।” मंत्रिमंडल ने बुलंदशहर में नए बस अड्डों और अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को चार लेन करने की संशोधित परियोजना को भी मंजूरी दी है।

जर्जर स्कूलों के वीडियो पर CM योगी का SP पर हमला

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सोशल मीडिया पर प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों के वीडियो साझा कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। जबकि इनमें से कई इमारतें 2017 से पहले की हैं, जब प्रदेश में सपा की सरकार थी।

लखनऊ में आयोजित ‘मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को चिन्हित कर उन्हें नए भवनों से बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पुराने भवनों की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने कई पुराने और खराब हो चुके स्कूल भवनों को नए भवनों से बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जो भवन अभी भी जर्जर स्थिति में हैं, उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों की स्थिति खराब थी। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में गरीबों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई तथा प्रदेश में दंगे और अव्यवस्था आम बात थी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित भवन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Yojana) के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में काम कर रहे करीब 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान भी किए। सीएम योगी ने कहा कि मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोइये बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार उनके हितों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल स्कूल भवनों तक सीमित नहीं है। बल्कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों और रसोइयों के कल्याण पर भी सरकार का ध्यान है।

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Shubhra Shetty: कौन हैं शुभ्रा शेट्टी? 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड संग इस वहज से शादी नहीं कर पा रहे अनुराग कश्यप

Shubhra Shetty: शुभ्रा शेट्टी लगभग 11 सालों से फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के साथ रिलेशनशिप में हैं। यह कपल अक्सर अपने रिश्ते को लाइमलाइट से दूर रखता है, लेकिन हाल ही में उन्होंने जेनिस सिकेरा के साथ बातचीत में अपनी लव स्टोरी, उम्र के अंतर और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की।

शुभ्रा शेट्टी कौन हैं?

शुभ्रा पहले अनुराग कश्यप के प्रोडक्शन हाउस, ‘फैंटम फिल्म्स’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। दोनों को पहली बार 2015 में साथ देखा गया था और कश्यप ने 2018 में सबके सामने अपने रिश्ते की बात मानी थी। शुभ्रा 30s में हैं, जबकि कश्यप 53 साल के हैं। यानी दोनों की उम्र में लगभग 20 साल का अंतर है। वह ज़्यादातर लाइमलाइट से दूर रही हैं और अपने फिल्ममेकर पार्टनर की तरह लोगों की नज़रों में ज़्यादा एक्टिव नहीं रही हैं।

शुभ्रा और अनुराग कश्यप का रिश्ता कैसे शुरू हुआ?

अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए शुभ्रा ने बताया कि कश्यप ने प्रपोज किया था। उन्होंने कहा कि कश्यप ने उनसे कहा था कि अपनी ज़िंदगी के अनुभवों की वजह से उन्हें पता था कि वह क्या महसूस कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने शुभ्रा को अपना समय लेने और ज़िंदगी का अनुभव करने की आज़ादी भी दी थी।

शुभ्रा ने बताया कि कश्यप चाहते थे कि वह अपने फ़ैसले खुद ले, न कि उनके रिश्ते की वजह से बंधा हुआ महसूस करें। उन्होंने शुभ्रा से कहा था कि वह बाहर जा सकती हैं, दुनिया देख सकती हैं और अगर चाहें तो वापस उनके पास आ सकती हैं। दोनों के बीच किताबें, फ़िल्में और फ़िल्म फ़स्टिवल के लिए एक जैसी पसंद की वजह से भी अच्छी बॉन्डिंग बनी। शुभ्रा ने बताया कि शुरुआती सालों में वे अपने रिश्ते को प्राइवेट रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आख़िरकार उनका रोमांस सबके सामने आ ही गया।

उम्र के फ़र्क़ के बारे में शुभ्रा ने क्या कहा है?

उम्र के फ़र्क़ की वजह से इस कपल पर लोगों का ध्यान गया। कश्यप ने माना कि जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई और शुभ्रा काफ़ी कम उम्र की दिखने लगीं, उन्हें इस बात की ज़्यादा चिंता होने लगी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब अपनी इनसिक्योरिटीज़ की वजह से उन्होंने शुभ्रा से दूरी बनाने की कोशिश की थी। हालाँकि, बाद में दोनों ने इस स्थिति को संभाला और अपना रिश्ता जारी रखा।

शुभ्रा ने इस बारे में भी बात की कि उनके माता-पिता ने उनके रिश्ते पर कैसी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि वह उनके माता-पिता की चिंताओं को समझती थीं, क्योंकि जब उन्होंने कश्यप को डेट करना शुरू किया था, तब वह 20s में थीं, जबकि कश्यप उनसे काफ़ी बड़े थे और उनकी दो बार शादी हो चुकी थी।

वहीं, उम्र को लेकर होने वाली आलोचना (age-shaming) पर अनुराग ने कहा, “हमारे बीच भी ऐसे पल आए हैं। हम थोड़े असहज (self-conscious) महसूस करते रहे हैं। मैं ज़्यादा असहज रहा हूँ… और सिर्फ़ असहज ही नहीं, एक समय तो मैं इतना ज़्यादा सोचने लगा था कि इसे नज़रअंदाज़ करने की पूरी कोशिश कर रहा था। असल में, उनके चेहरे से उनकी उम्र का पता नहीं चलता। वह आज भी वैसी ही दिखती हैं। अपनी उम्र की नहीं लगतीं। तो बात यह है कि जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा असहज महसूस करने लगा।”

शादी के बारे में शुभ्रा और अनुराग का क्या कहना है?

इस जोड़े ने शादी करने की योजना के बारे में भी बात की है। कश्यप ने बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वह अपने रिश्ते से खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ बने रहना चाहते हैं और जो रिश्ता उन्होंने मिलकर बनाया है, उसे खोना नहीं चाहते।

जब शादी की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो अनुराग ने जेनिस सिकेरा को बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उनके साथ रहना चाहता हूं। तो, इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा। ज़िंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की इनसिक्योरिटी (असुरक्षा की भावना) क्या होती है? मैं इतना स्वस्थ रहना चाहता हूं कि जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं, उनके बाद भी जीवित रहूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उसके बाद क्या होगा? दुनिया का दस्तूर यही है। तो, मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं। लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमें वह मिल गया है जो अभी हमारे पास है, मैं किसी भी चीज़ से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।”फ़िल्ममेकर और शुभ्रा अभी मुंबई छोड़कर बेंगलुरु में रह रहे हैं।