इंडोनेशिया में फिर आया जोरदार भूकंप, इस बार 6.5 तीव्रता का लगा झटका…38 लोगों की हो चुकी है मौत

इंडोनेशिया में एक बार फिर भूकंप आया है। इस बार 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि भूकंप 15 अगस्त को शाम 4:24 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर काफी गहराई में था। यह करीब 165 किलोमीटर की गहराई में आया था। एनसीएस ने भूकंप की जगह इंडोनेशिया बताई है। भूकंप के बाद फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं मिली है। यह भूकंप ऐसे समय आया है, शनिवार तड़के इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया. इसमें कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई और कई इमारतें व घर ढह गए।

38 लोगों की हुई मौत

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, पूर्वी नुसा तेंगारा के नागेकेओ जिले में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 11 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप प्रभावित इलाकों से करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

कई इमारतों को पहुंचा नुकसान 

तेज भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और जगह-जगह भूस्खलन हुआ। कुछ सड़कें भी बंद हो गईं। संचार व्यवस्था और प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में परेशानी के कारण राहत और बचाव अभियान में भी दिक्कतें आईं। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद सुनामी का बड़ा खतरा नहीं होने की बात कही और चेतावनी वापस ले ली।

बचाव दल भूकंप के केंद्र के आसपास के इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। मुख्य भूकंप के बाद कई बाद के झटके (आफ्टरशॉक्स) भी महसूस किए गए हैं। शनिवार को आए ये दोनों भूकंप एक ही घटना का हिस्सा नहीं थे। 7.7 तीव्रता वाला जानलेवा भूकंप पूर्वी इंडोनेशिया में फ्लोरेस के पास आया था। वहीं, भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने जिस 6.5 तीव्रता के भूकंप की जानकारी दी, वह एक अलग जगह पर और जमीन के काफी नीचे आया था। इसलिए दोनों भूकंपों को अलग-अलग घटनाओं के तौर पर देखा जा रहा है।

VIDEO:‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग में बवाल! कपल के स्पॉइलर से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। फिल्म ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान एक कपल ने फिल्म में आगे क्या होने वाला है, इस बारे में जोर-जोर से बातचीत शुरू कर दी। उनकी बातचीत की वजह से आसपास बैठे लोगों को फिल्म के सीन पहले ही पता चल गए, जिससे उनका सिनेमाघर में फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया। वहीं ये मामला मारपीट तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

थिएटर में हुई मारपीट

इस घटना का एक वीडियो X अकाउंट @gharkekalesh से शेयर किया गया, जिसके बाद ये मामला चर्चा में आ गया। पोस्ट के मुताबिक, कपल फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कथित तौर पर मेक आउट भी कर रहा था। दोनों फिल्म के सीन पर जोर-जोर से बात कर रहे थे। इससे उनके आसपास बैठे दर्शक परेशान हो गए और उन्हें फिल्म देखने में दिक्कत हुई। इंटरवल के दौरान मामला और बिगड़ गया, जब तीन लोगों ने कपल के व्यवहार को लेकर युवक से बहस शुरू कर दी।

देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि उसकी गर्लफ्रेंड भी उसे बचाने के लिए बीच में आई और विवाद में शामिल हो गई।

लोगों ने किया रिएक्ट

पोस्ट में दावा किया गया कि, कपल के व्यवहार की वजह से थिएटर में मौजूद दूसरे लोगों का फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया और बाद में मामला हिंसा तक पहुंच गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने कपल के व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ ने विवाद के दौरान मारपीट किए जाने पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा, “लोग इस तरह का बर्ताव कैसे कर सकते हैं? अगर आपको फिल्म के सभी सीन पहले से पता हैं, तो आप थिएटर क्यों आ रहे हैं?” एक अन्य यूजर ने कहा, “हम गीदड़ों का देश हैं या क्या? तीन या चार आदमी एक आदमी से भिड़ रहे हैं? कुछ तो शर्म करते। लेकिन लड़की बहादुर है।” एक यूजर ने लिखा, “वीडियो में जीरो टेस्टोस्टेरोन! मैंने अब तक के सबसे हल्के पंच देखे हैं।”

वहीं, कुछ दर्शकों ने वायरल क्लिप की सच्चाई पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि वीडियो ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग का नहीं, बल्कि ‘स्पाइडर-मैन’ की स्क्रीनिंग के दौरान हुई एक घटना का है। कुछ यूजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए यह एक पेड PR स्टंट हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Karnataka: कार-बाइक चलाने वालों की ढीली होगी जेब! PUC की फीस बढ़ी, 15 अगस्त से लागू हुए नए नियम

कर्नाटक सरकार ने वाहनों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक (पीयूसी) जारी करने वाले अधिकृत केंद्रों की जांच फीस में बदलाव किया है। नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं। नई दरों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच फीस 65 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। वहीं, ऑटो रिक्शा की जांच फीस 75 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी से चलने वाली कारों की जांच फीस अब 115 रुपये की जगह 150 रुपये होगी। जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए यह फीस 160 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है।

कर्नाटक में गाड़ी का PUC कराना हुआ महंगा! 

सरकार ने परिवहन आयुक्त और सड़क सुरक्षा आयुक्त के प्रस्ताव के बाद 13 अगस्त को पीयूसी जांच फीस बढ़ाने का आदेश जारी किया। यह बदलाव कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ की मांग के बाद किया गया है। संघ ने लंबे समय से मौजूदा फीस में बदलाव की मांग की थी। पीयूसी प्रमाणपत्र आमतौर पर छह महीने तक मान्य होता है। हालांकि, बीएस-4 और बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों के लिए नियमों के तहत पीयूसी की वैधता एक साल तक हो सकती है। कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ के अध्यक्ष योगेश ने फीस बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फीस में बदलाव की मांग काफी समय से की जा रही थी और यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था।

बाइक-कार समेत जानें किस वाहन के लिए कितने रुपये देने होंगे

सरकार ने कहा कि संचालन लागत बढ़ने की वजह से पीयूसी जांच की फीस बढ़ाना जरूरी हो गया था। इन लागतों में कच्चे माल, पेट्रोल-डीजल की कीमत, प्रदूषण जांच केंद्रों का किराया, इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का रखरखाव, प्रिंटर की स्याही, बिजली का खर्च और कर्मचारियों की सैलरी शामिल है। सरकार ने बताया कि नई फीस को कर्नाटक मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 231-बी(13) के तहत लागू किया गया है। नई दर के मुताबिक फीस लेने का अधिकार सिर्फ कंप्यूटर से चलने वाले अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों को होगा। यह फीस केवल वाहनों के उत्सर्जन की जांच करने और पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए ली जाएगी।

आदेश में प्रदूषण जांच केंद्रों के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। केंद्रों को प्रदूषण जांच के लिए प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा। साथ ही, गैस की जांच करने वाली मशीन यानी गैस एनालाइजर की समय-समय पर सही तरीके से री-कैलिब्रेशन करानी होगी। केंद्र पर गैस एनालाइजर की सबसे हाल की री-कैलिब्रेशन की तारीख और समय साफ तौर पर दिखाई देने वाली जगह पर लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पीयूसी प्रमाणपत्र में किसी भी तरह की हाथ से लिखी गई एंट्री या बदलाव नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के मुताबिक, पीयूसी प्रमाणपत्र केवल उन्हीं वाहनों को जारी किया जा सकता है जिनका प्रदूषण स्तर तय सीमा के अंदर हो। आदेश में यह भी बताया गया है कि वाहन की श्रेणी और उसके उत्सर्जन मानकों के आधार पर पीयूसी प्रमाणपत्र कितने समय तक मान्य रहेगा, इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है।

Govinda: ‘अब ज्यादा हो रहा है हद में रहिए…,’ सुनीता के ‘शुगर डैडी’ वाले तंज पर गोविंद का पलटवार

Govinda: गोविंदा और सुनीता आहूजा की मैरिड लाइफ में एक बार फिर दरार आ गई है, जब सुनीता आहूजा ने गोविंदा को प्रेमिका कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर देखा। सुनीता ने गोविंदा को कोमल का “शुगर डैडी” कहा, जबकि हीरो नंबर 1 अभिनेता ने अपनी पत्नी को कोई जवाब नहीं दिया और कहा, “अपनी हद में रहो।”

आज पैप से बात करते हुए, गोविंदा ने सुनीता आहूजा के कमेंट पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा, “देश के सभी बड़े कलाकारों ने उन सभी लड़कियों के साथ काम किया है, जो यंगस्टर्स राही हैं। आप एक भी कसार नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिलों से उतर जाऊं। शोहरत, इज्जत, दौलत सब मिली हुई हैं।” ऊपरवाले ने दी है। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास नहीं है, आप जलील करें।

गोविंदा और कोमल के बार-बार साथ दिखने पर सुनीता आहूजा ने कहा, “फिल्म बननी भी तो चाहिए। फिल्म बनने के बाद ही प्रमोशन होता है। क्या कहें… अपनी बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूम रहे हैं, उन्हें थोड़ी शर्म आनी चाहिए। और कुछ तो स्टैंडर्ड होना चाहिए। तुम्हारा ‘शुगर डैडी’ इतना अमीर है, तो ढंग के कपड़े तो पहनो। हमें देखो, हम कितने स्टाइल में चलते हैं। बहुत बुरा है, उनका दिमाग खराब हो गया है।”

इससे पहले, ANI से बात करते हुए गोविंदा ने सुनीता के उन दावों पर बात की जिनमें उनके कथित अफेयर की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, “वह मुझे बहुत प्यार से डांटती-फटकारती हैं, और मैं उसे प्यार से स्वीकार कर लेता हूं। मुझे लगता है कि लोग जहां भी हों और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी हो, या जो भी खास जगह उन्हें मिली हो, उनके बिना हम सफलता हासिल नहीं कर पाते।

हम आज जो हैं, वो नहीं हो पाते। हमारे परिवार के जो बच्चे अब बड़े हो गए हैं, उन पर उनका पूरा हक है। उन्होंने उनके साथ भी बहुत अच्छा व्यवहार किया।” गोविंदा और सुनीता की शादी 11 मार्च 1987 को एक निजी समारोह में हुई थी और उन्होंने अपनी शादी की बात तब तक गुप्त रखी जब तक कि उनकी पहली संतान, टीना आहूजा, का जन्म नहीं हो गया।

नई Royal Enfield Continental GT 650 भारत में लॉन्च, कीमत और नए फीचर्स ने खींचा ध्यान

Royal Enfield ने भारत में अपनी अपडेटेड Continental GT 650 लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस बाइक के डिजाइन और फीचर्स में कुछ छोटे बदलाव किए हैं, जबकि इसके इंजन और बाकी मुख्य मैकेनिकल चीजों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। वहीं, इसकी कीमत कलर और स्पेसिफिकेशन के आधार पर 3.58 लाख रुपये से शुरू होकर 3.88 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

बता दें कि अपडेटेड Continental GT 650 को चार कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। Rocker Red वेरिएंट, जिसमें अब ब्लैक फिनिश वाला इंजन, एग्जॉस्ट और कास्ट-अलॉय व्हील मिलते हैं। इसकी कीमत 3.58 लाख रुपये है। वहीं, British Racing Green की कीमत भी 3.58 लाख रुपये है। इसमें पॉलिश्ड इंजन और स्पोक व्हील दिए गए हैं।

ब्लैक-आउट इंजन और कास्ट-अलॉय व्हील्स वाले Apex Grey की कीमत 3.81 लाख रुपये है, जबकि पॉलिश्ड इंजन और स्पोक व्हील्स वाले मिस्टर क्लीन वेरिएंट की कीमत सबसे ज्यादा, यानी 3.88 लाख रुपये है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

2026 Continental GT 650 में अब ब्लैक कलर का इंस्ट्रूमेंट काउल और नए LED इंडिकेटर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, बाइक में USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी जोड़ा गया है। इससे राइडर सफर के दौरान स्मार्टफोन और दूसरे डिवाइस आसानी से चार्ज कर सकेंगे।

वहीं, Rocker Red वेरिएंट में अब ब्लैक फिनिश वाला इंजन, एग्जॉस्ट और कास्ट-अलॉय व्हील दिए गए हैं। पहले यह सेटअप सिर्फ Apex Grey कलर में मिलता था। इस बदलाव के बाद British Racing Green और Mr Clean ही ऐसे वेरिएंट हैं, जिनमें स्पोक व्हील और पॉलिश्ड इंजन फिनिश दी गई है।

ये अपडेट मुख्य रूप से दिखावट से जुड़े हैं और इनसे मोटरसाइकिल के बेसिक डिजाइन या राइडिंग के अनुभव में कोई बदलाव नहीं आता है। मैकेनिकल तौर पर Continental GT 650 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें अभी भी 648cc का एयर- और ऑयल-कूल्ड पैरेलल-ट्विन इंजन लगा है, जो 47hp की पावर और 52.3Nm का टॉर्क देता है। पावर को पिछले पहिये तक पहुंचाने के लिए छह-स्पीड गियरबॉक्स का इस्तेमाल किया गया है।

Royal Enfield की लाइनअप में Continental GT 650 की अपनी अलग पहचान है। यह बाइक क्लासिक कैफे रेसर लुक के साथ मॉडर्न और भरोसेमंद तकनीक का कॉम्बिनेशन देती है।

USB Type-C चार्जिंग पोर्ट और डिजाइन में किए गए छोटे बदलाव इसे मिड-वेट परफॉर्मेंस बाइक सेगमेंट में और बेहतर बनाए रखने में मदद करेंगे। वहीं, Royal Enfield आने वाले समय में ज्यादा बड़े इंजन वाली बाइक्स भी पेश करने की तैयारी कर रही है।

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Lalithaa Jewellery Mart IPO: 22 एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹508 करोड़, 17 अगस्त को खुलेगा ₹1700 करोड़ का इश्यू

मेनबोर्ड सेगमेंट में ललिता ज्वेलरी मार्ट का ₹1,700 करोड़ का IPO 17 अगस्त को खुलने वाला है। ओपनिंग से पहले कंपनी ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, ICICI प्रूडेंशियल AMC समेत कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 2.53 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कुल एंकर एलोकेशन में से 1.14 करोड़ शेयर 4 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 9 स्कीमों के जरिए अलॉट किए गए। इनमें ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, सैमको म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड का नाम शामिल है।

कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने भी 21.49 लाख शेयरों के लिए ₹43.19 करोड़ का निवेश किया। इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर और लॉट साइज 74 शेयर है। इश्यू में ₹1,200 करोड़ के 5.97 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹500 करोड़ के 2.49 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर किरण कुमार जैन शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ललिता ज्वेलरी मार्ट लिमिटेड की दक्षिण भारत में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी ललिता ब्रांड नेम के तहत सोने, चांदी, हीरे और कीमती व सेमी-कीमती (अर्ध-कीमती) पत्थरों वाली ज्वेलरी की पेशकश करती है। यह कई तरह की ज्वेलरी स्कीम भी पेश करती है। IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ललिता ज्वेलरी मार्ट अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल 10 नए स्टोर खोलने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 11.94 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

Lalithaa Jewellery Mart की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर ₹25,039.80 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 177 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1,009.82 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में ललिता ज्वेलरी मार्ट का रेवेन्यू ₹16,907.88 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹364.73 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका में 43 लाख की सर्जरी भारत में सिर्फ 4.3 लाख में हुई! फिर भी अमेरिकी महिला ने बताईं ये 3 कमियां

अमेरिका की एक महिला की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों तेजी से चर्चा में है। उन्होंने अपनी मां के इलाज से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने अलग-अलग देशों में मेडिकल खर्च को लेकर बहस छेड़ दी। मां की सर्जरी के लिए अमेरिका में मिले खर्च के अनुमान ने परिवार को दूसरे विकल्प तलाशने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने विदेश में इलाज कराने के बारे में सोचा और कई देशों पर विचार किया। इसी दौरान भारत का विकल्प भी उनके सामने आया। परिवार के लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इलाज के साथ नए देश में अस्पताल, सुविधाओं और पूरी प्रक्रिया को लेकर भी भरोसा जरूरी था।

लेकिन भारत पहुंचने के बाद सामने आया अनुभव उनके लिए उम्मीद से अलग रहा। महिला ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद भारत की मेडिकल सुविधाओं और इलाज की लागत को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।

डॉक्टर की सलाह पर भारत आए

इसी दौरान महिला के एक डॉक्टर दोस्त ने उन्हें भारत में इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद परिवार ने भारत आने का फैसला किया। महिला के अनुसार, भारत के एक बड़े अस्पताल में उनकी मां की सर्जरी हुई। अस्पताल में रहने का खर्च भी इसमें शामिल था।

सिर्फ ₹4.3 लाख में हुआ इलाज

महिला ने बताया कि भारत में सर्जरी और अस्पताल में रहने समेत कुल खर्च करीब 4,500 डॉलर यानी 4.3 लाख रुपये आया। अमेरिका में मिले अनुमान से तुलना करें तो यह रकम करीब दस गुना कम थी। हालांकि, इलाज का वास्तविक खर्च मरीज और बीमारी के हिसाब से अलग हो सकता है।

इलाज की गुणवत्ता ने किया प्रभावित

महिला ने केवल कम खर्च की तारीफ नहीं की। उन्होंने भारत में मिली मेडिकल सुविधाओं और देखभाल को भी अच्छा बताया। उनके मुताबिक, इलाज उनकी उम्मीद से बेहतर रहा। इसी वजह से उन्होंने भारत में मेडिकल टूरिज्म की संभावनाओं पर भी बात की।

भारत में मेडिकल टूरिज्म का बड़ा मौका

महिला का मानना है कि भारत अगर विदेशी मरीजों के लिए यात्रा, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को और बेहतर करे, तो मेडिकल टूरिज्म में देश और आगे बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, भारत के पास इस क्षेत्र में काफी बड़ी संभावनाएं हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने अमेरिका और भारत में इलाज की लागत पर चर्चा शुरू कर दी। कई यूजर्स ने सवाल किया कि अमेरिका जैसे विकसित देश में मेडिकल ट्रीटमेंट इतना महंगा क्यों है कि लोग इलाज के लिए विदेश जाने पर मजबूर हो रहे हैं।

निजी अस्पतालों की भी हुई तारीफ

कुछ यूजर्स ने भारत के निजी अस्पतालों की तारीफ की। उनका कहना था कि कई अस्पताल कम लागत में अच्छी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत की सरकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में अभी सुधार की जरूरत है।

विदेशी मरीजों को मिलती है मदद

मेडिकल टूरिज्म से जुड़े लोगों के मुताबिक, कई भारतीय अस्पताल विदेशी मरीजों को इलाज के साथ दूसरी सुविधाओं में भी मदद करते हैं। इनमें एयरपोर्ट ट्रांसफर, रहने की व्यवस्था, अपॉइंटमेंट और इलाज का शेड्यूल शामिल हो सकता है।

 

Vikrant Massey: मारने की धमकियों से लेकर गाली गलौज तक की गई, जब ‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बाद विक्रांत मैसी का लीक हो गया था नंबर

Vikrant Massey: विक्रांत मैसी ने बताया कि सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना का उनकी मानसिक सेहत पर कैसा असर पड़ा। विक्रांत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफ़रत के बारे में बात की और बताया कि कैसे इसने उनकी भावनाओं और मानसिक सेहत पर असर डाला। उन्होंने कहा, “मैंने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ नाम की एक फ़िल्म की थी, और मुझे उस फ़िल्म पर बहुत गर्व है।

एक्टर ने कहा जब मैंने वह फ़िल्म की, तो लोगों ने वही शब्द इस्तेमाल किया जो आपने किया – प्रोपेगैंडा। लोगों ने उस फिल्म को प्रोपेगैंडा कहा। हमने इसे गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर बनाया था। हमने इसे साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना पर बनाया था। मुझे बहुत सारी गालियां सुननी पड़ीं। मेरा WhatsApp नंबर लीक हो गया। मेरी कार का नंबर लीक हो गया। लोगों ने मुझे खुलेआम धमकियां दीं।”

उन्होंने आगे बताया कि वह समय उनके लिए बहुत मुश्किल था क्योंकि उनका बेटा सिर्फ़ छह महीने का था। उन्होंने कहा, “उस समय मेरा बेटा बस पैदा ही हुआ था। वह सिर्फ़ छह महीने का था। मुझ पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा और मैंने मीडिया में खुलकर यह बात कही। हालांकि, समय के साथ मुझे एहसास हुआ कि वे सब डरपोक हैं, और इससे मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं। मायने यह रखता है कि मेरे अपने लोग मेरी ज़िम्मेदारी हैं। मैं उनके प्रति जवाबदेह हूं।”

‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बारे में

‘द साबरमती रिपोर्ट’ 2024 की एक हिंदी पॉलिटिकल थ्रिलर फ़िल्म है, जिसे धीरज सरना ने डायरेक्ट किया है और इसमें विक्रांत मैसी, राशी खन्ना और रिद्धि डोगरा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना से प्रेरित है, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। यह फ़िल्म 15 नवंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी।

कहानी पत्रकार समर कुमार (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें इस त्रासदी की रिपोर्टिंग के लिए गोधरा भेजा जाता है। कई सालों बाद, पत्रकार अमृता गिल (राशी खन्ना) को समर की पुरानी रिपोर्ट मिलती है और वह घटना की जांच में उनके साथ शामिल हो जाती हैं।

विक्रांत मैसी के आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में

‘मुसाफिर कैफ़े’ सीज़न 1 की सफलता के बाद, नेटफ़्लिक्स ने इस शो को दूसरे सीज़न के लिए रिन्यू किया है। विक्रांत, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना, सिद्धार्थ, अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा और सादिया सिद्दीकी के साथ ‘चंदर’ का अपना किरदार फिर से निभाएंगे। शो अभी प्रोडक्शन स्टेज में है; पहले सीज़न के इमोशनल फिनाले ने दूसरे सीज़न के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

अंतरिक्ष में मिला 100 अरब गुना शक्तिशाली ‘ब्लैक होल स्टार’, करीब 1 लाख सूर्यों जितना मास, दुनिया चकित!

अंतरिक्ष से जुड़ी एक रहस्यमयी खोज ने वैज्ञानिकों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी ध्यान खींचा है। खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) को अंतरिक्ष में एक ऐसी अनोखी वस्तु के संकेत मिले हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए काफी दिलचस्प बनी हुई है। खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) ने इसे संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है। माना जा रहा कि, इसमें एक तेजी से बढ़ता ब्लैक होल घनी गैस के बीच छिपा हो सकता है। अगर इस खोज की पुष्टि होती है, तो इससे शुरुआती ब्रह्मांड में विशाल ब्लैक होल के तेजी से बढ़ने का रहस्य समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल शोधकर्ता इस संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ की प्रकृति और इसकी खासियतों का अध्ययन कर रहे हैं।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह वस्तु एक विशाल तारे और तेजी से बढ़ते ब्लैक होल का अनोखा मिश्रण हो सकती है। इसकी पुष्टि होने पर JWST की कुछ रहस्यमयी खोजों को समझने में मदद मिल सकती है।

‘ब्लैक होल स्टार’ के बारे में

इस संभावित खोज ने तब लोगों का ध्यान खींचा, जब X अकाउंट @latestinspace से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। पोस्ट में दावा किया गया कि खगोलविदों को एक नई तरह की अंतरिक्षीय वस्तु मिली है, जिसे ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है। पोस्ट के मुताबिक, ये वस्तु आकार में लगभग हमारे सोलर सिस्टम जितनी हो सकती है और सामान्य तारों के मुकाबले कई गुना ज्यादा ऊर्जा पैदा करने में सक्षम हो सकती है।

वैज्ञानिकों ने क्या कहा

वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ JWST से शुरुआती ब्रह्मांड में दिखाई दिए रहस्यमयी ‘छोटे लाल डॉट्स’ को समझने में मदद कर सकता है। इस अनोखी वस्तु को लेकर वैज्ञानिकों का मानना कि बाहर से ये एक बहुत बड़ा तारा नजर आता है, लेकिन इसके अंदर या केंद्र में एक बेहद भारी ब्लैक होल हो सकता है। यह ब्लैक होल अपने आसपास मौजूद घने गैस के बादल से घिरा हुआ हो सकता है, जिससे यह वस्तु सामान्य तारों से काफी अलग दिखाई देती है। इस संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ की चमक नॉर्मल तारों से अलग तरीके से पैदा होने की बात कही जा रही है। आम तारों के उलट, इस वस्तु की चमक न्यूक्लियर फ्यूजन के बजाय ब्लैक होल में गिरने वाले पदार्थ से पैदा होने वाली ऊर्जा से हो सकती है।

MIT के वैज्ञानिकों ने शुरुआती ब्रह्मांड में मौजूद चमकीले स्रोत MoM-BH-1 का अध्ययन किया है। यह बिग बैंग के करीब 66 करोड़ साल बाद का है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके केंद्र में एक ब्लैक होल हो सकता है, जो घनी गैस से घिरा हुआ है। JWST ने शुरुआती ब्रह्मांड में कई रहस्यमयी ‘छोटे लाल डॉट्स’ देखे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इनमें से कुछ घनी गैस से घिरे ब्लैक होल हो सकते हैं, जो बाहर से तारों जैसे दिखते हैं। इसी तरह की संभावित संरचना को ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है।

यूजर ने किया कमेंट

वायरल पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने कहा, “ब्लैक होल स्टार नाम रखना सही नहीं है, क्योंकि यह बिल्कुल भी तारा नहीं है। इसकी तेज चमक फ्यूजन की वजह से नहीं, बल्कि गैस के ब्लैक होल में जाने से पैदा होती है। लेकिन, ‘चमकते लाल बादल वाला ब्लैक होल’ नाम भी काफी मुश्किल लगता है।” दूसरे यूजर ने कहा, “इनके बारे में 2012 से ही थ्योरी मौजूद है। इन्हें क्वासी-स्टार कहा जाता है। मुझे खुशी है कि आखिरकार इन पर ध्यान दिया जा रहा है।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “ध्यान रखें कि हम इस वस्तु को बिग बैंग के करीब 660 मिलियन साल बाद की स्थिति में देख रहे हैं और इसकी चमक शायद एडिंगटन लिमिट से ज्यादा है। आज यह वस्तु शायद सुपरमैसिव ब्लैक होल को बहुत कम मात्रा में फीड कर रही हो।”

iQOO और Xiaomi के स्मार्टफोन हुए महंगे, यहां देखें नई कीमतों की पूरी लिस्ट

iQOO ने भारत में कई हाई-एंड और प्रीमियम स्मार्टफaन की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिसकी वजह शायद मेमोरी की कमी का संकट है। इसके अलावा, Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi ने भी Redmi Turbo 5 की कीमत बढ़ा दी है। यह भारत में लॉन्च होने वाला Turbo सीरीज का पहला हैंडसेट है। बता दें कि यह कदम तब उठाया गया है जब कई स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां अपने अलग-अलग डिवाइस की कीमतें बढ़ा रही हैं।

iQOO 15R, iQOO 15, iQOO Neo 10, Redmi Turbo 5: नई कीमतें

स्मार्टफोनवेरिएंटनई कीमतकीमत में बढ़ोतरी
iQOO 1512GB + 256GB₹85,999₹13,000
iQOO 15512GB₹93,999
iQOO 15R8GB + 256GB₹53,999₹9,000
iQOO 15R12GB + 256GB₹59,999₹9,000
iQOO 15R12GB + 512GB₹66,999₹9,000
iQOO Neo 108GB + 256GB₹43,999
iQOO Neo 1012GB + 256GB₹48,999
Redmi Turbo 58GB + 256GB₹41,999₹4,000
Redmi Turbo 512GB + 256GB₹46,999

भारत में iQOO के तीन स्मार्टफोन – iQOO 15, iQOO 15R और iQOO Neo 10 – की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। फ्लैगशिप iQOO 15 की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गी है। इसके बेस वेरिएंट 12GB + 256GB RAM और स्टोरेज मॉडल की शुरुआती कीमत अब ₹85,999 है। यह इसके लॉन्च के समय की ₹72,999 की कीमत से ₹13,000 ज्यादा है। वहीं, इसका 512GB मॉडल अब ₹93,999 में मिल रहा है।

इसके बाद, iQOO 15R के बेस 8GB + 256GB मॉडल की शुरुआती कीमत अब ₹53,999, 12GB + 256GB मॉडल की ₹59,999 और 12GB + 512GB वैरिएंट की ₹66,999 है। लॉन्च के बाद से इस फोन की कीमत में ₹9,000 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, iQOO Neo 10 के 8GB + 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹43,999 है, जबकि 12GB + 256GB मॉडल की कीमत अब ₹48,999 है। बता दें कि यह फोन पिछले साल मई में बेस मॉडल 8GB + 128GB ऑप्शन के लिए ₹31,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था, जिसे अब बंद कर दिया गया है।

Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi ने भी अपने Redmi Turbo 5 स्मार्टफोन की कीमत बढ़ा दी है। अब इसके 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाले बेस मॉडल की कीमत 41,999 रुपये हो गई है। वहीं, इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत अब 46,999 रुपये है।

बता दें कि Redmi Turbo 5 को करीब दो महीने पहले 37,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। यानी इसके बेस मॉडल की कीमत में 4,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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