Gautam Gambhir: गौतम गंभीर के सपोर्ट में उतरे वर्ल्ड कप विनिंग कोच, बोले- ‘वह शानदार कोच हैं’

गौतम गंभीर के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में वनडे और टी20 क्रिकेट में सफर काफी अच्छा रहा है। उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टेस्ट मैचों में लगातार मिली मुश्किलों के कारण अब गंभीर की कोचिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घरेलू मैदान पर टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की राह भी मुश्किल हो गई है।

शुभमन गिल की टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी मैचों में ज्यादा जीत हासिल करनी होगी। भारत की टेस्ट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में खेल रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर का सपोर्ट किया है।

गंभीर की तारीफ की

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें शानदार कोच बताया। उन्होंने कहा, “गंभीर ने कोच के तौर पर काफी सफलता हासिल की है और उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। गंभीर की उपलब्धियों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ आईपीएल में भी सफलता शामिल है, जहां वह 2024 में चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे।” कर्स्टन ने ये भी कहा कि, “जब वह खिलाड़ी थे तो मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं और मुझे पता था कि उन्हें कोच के तौर पर सफलता मिलेगी।”

गौतम गंभीर की तारीफ की है

अब श्रीलंका की टीम के साथ जुड़े गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया। कर्स्टन ने कहा, “भारतीय टीम के साथ बिताए तीन साल उनके लिए बेहद शानदार रहे और खिलाड़ियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात थी। उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और टीम ने उन्हें हमेशा अपने बीच एक अहम सदस्य की तरह स्वीकार किया।” कर्स्टन ने कहा, “वह अब श्रीलंका के साथ भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

स्पिन गेंदबाजी से परेशान भारतीय टीम

भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज में परेशानी हुई है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने इसका फायदा उठाया। अब श्रीलंका भी भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जरिए दबाव में डालना चाहेगा। हालांकि, श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने भारत की कमजोरी पर बात करने से बचते हुए अपनी टीम की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारतीय टीम को जज करने नहीं आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम एक मजबूत और क्वालिटी टीम है, जिसमें काफी डेप्थ है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्किल एग्जिक्यूशन और रणनीति, दोनों के मामले में पूरी तरह तैयार रहें। हमारा फोकस अपनी ताकत पर ही बना हुआ है।

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Sunita Ahuja: ‘तुम्हारा शुगर डैडी अमीर है अच्छे कपड़े पहनो’, सुनीता आहूजा ने गोविंदा और कोमल रानी पर कसा तंज

Sunita Ahuja: बॉलीवुड स्टार गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने उनकी फ़िल्म के प्रमोशन को एक सार्वजनिक तमाशा बना दिया है। उन्होंने गोविंदा को कोमल रानी स्वर्णकार का “शुगर डैडी” कहा, क्योंकि उन्हें उस एक्ट्रेस के साथ देखा गया था, जिस पर सुनीता ने पहले अफेयर का आरोप लगाया था। वह यहीं नहीं रुकीं। सुनीता ने कहा कि 62 साल के एक्टर को अपनी बेटी की उम्र की महिला के साथ घूमने में शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कोमल के कपड़ों का मज़ाक उड़ाया और कहा कि उनके पति का “दिमाग़ खराब हो गया है।”

गोविंदा और कोमल हाल ही में अपनी आने वाली फ़िल्म ‘रूपा’ के प्रमोशन के लिए कई बार साथ दिखे हैं, जिससे लोगों का ध्यान उन पर गया है। दोनों को सबसे पहले मुंबई एयरपोर्ट पर साथ देखा गया था। इससे कुछ महीने पहले ही सुनीता ने खुलकर इशारा किया था कि जिस महिला का उनके पति के साथ कथित तौर पर अफेयर है, वह कोमल नाम की एक नई एक्ट्रेस है। शुक्रवार को गोविंदा को फिर से उस एक्ट्रेस के साथ देखा गया, जिससे पुराने आरोप फिर से चर्चा में आ गए।

जब एक पैपराज़ी ने सुनीता से उनके बार-बार साथ में प्रमोशन के लिए बाहर निकलने के बारे में पूछा, तो उन्होंने सवाल किया कि वे ऐसी फ़िल्म का प्रमोशन क्यों कर रहे हैं जो ज़ाहिर तौर पर अभी पूरी भी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “पिक्चर बनना भी तो चाहिए। प्रमोशन होता है पिक्चर बनने के बाद। ये तो बिना प्रमोशन के ही…क्या ही बोलूं अब।”

इसके बाद सुनीता सीधे अपने पति के पास गईं। उन्होंने कहा, ”बेटी की उमर की लड़की को ले ले के घूम रहा है, शर्म तो आना चाहिए थोड़ा इसको”। लेकिन उनकी सबसे तीखी टिप्पणी कोमल के लिए आरक्षित थी। सुनीता ने कहा, “और वो भी स्टैंडर्ड तो होना चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है तो कपड़े तो ढंग के पहनो। हम लोगों को देखो क्या स्टाइल में चलते हैं। बहुत बुरा। उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है।”

उनकी बातें नई नहीं थीं। इस साल की शुरुआत में, सुनीता ने दावा किया था कि कोमल एक “शुगर डैडी” की तलाश में थीं और गोविंदा को ब्लैकमेल कर रही थीं। अफ़ेयर की अफ़वाहों पर बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा था, “मुझे कोमल नाम से नफ़रत है।”बाद में गोविंदा ने चुप रहने के लिए कोमल की तारीफ़ की और कहा कि सार्वजनिक रूप से जवाब न देने के उनके फ़ैसले ने उन्हें और ज़्यादा मुश्किलों से बचाया।

गोविंदा और कोमल के एयरपोर्ट पर दिखने के बाद, सुनीता ने एक कहावत के ज़रिए घुमा-फिराकर जवाब दिया था – “विनाश काले विपरीत बुद्धि,” जिसका मतलब है कि जब बुरा समय या पतन नज़दीक होता है, तो इंसान की सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। उनका ताज़ा रिएक्शन पहले के मुक़ाबले काफ़ी साफ़ और सीधा था।

अफगानिस्तान जाने की तैयारी…TTP आतंकी से चैट और भारत पर हमले की साजिश, बंगाल का युवक गिरफ्तार

बेंगलुरु पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 25 साल के एक युवक को हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि उसने आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक सदस्य से संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, युवक ने संगठन में शामिल होने और पाकिस्तान की सेना व भारत के खिलाफ जवाबी हमले की योजना को लेकर बातचीत करने की कोशिश की थी।

युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नाओपारा गांव निवासी असाफुल मल्लिक के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे बेंगलुरु के जिगनी इलाके से हिरासत में लिया। उस पर संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और आतंकी संगठनों से संपर्क रखने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, बोम्मासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया में गश्त के दौरान अधिकारियों को मल्लिक की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। पूछताछ में मल्लिक ने कथित तौर पर बताया कि वह पाकिस्तान में मुसलमानों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई से नाराज था। उसका दावा था कि वहां मस्जिदों और आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मल्लिक इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर पाकिस्तान के रुख से भी नाराज था। आरोप है कि उसे इस तरह से उकसाया जा रहा था कि अगर भारत में मुसलमानों को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़े, तो वह उसके जवाब में कार्रवाई करे।

टीटीपी के संपर्क में था

पुलिस का दावा है कि मल्लिक ने फेसबुक के जरिए अफगानिस्तान के रहने वाले इमरान हैदर नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि हैदर का संबंध आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से हो सकता है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, मल्लिक ने अफगानिस्तान जाने में मदद के लिए हैदर से संपर्क किया था। उसने अफगानिस्तान जाने के लिए वीजा का आवेदन भी किया था। हालांकि, बाद में पैसों की कमी और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते उसने यह योजना छोड़ दी।

इसके बाद पुलिस ने मल्लिक का मोबाइल फोन जांच के लिए अपने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार, फोन में मल्लिक और हैदर के बीच हुई चैट, कई वॉयस कॉल और ऑडियो बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। जांचकर्ता अब इन चैट, रिकॉर्डिंग और फोन में मिली दूसरी सामग्री की जांच कर रहे हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि मल्लिक का हैदर और टीटीपी से कथित संपर्क कितना गहरा था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच हुई बातचीत में भारत या पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किसी हमले की कोई ठोस योजना बनाई गई थी या नहीं।

7000mAh बैटरी, 50MP Sony कैमरा और 120Hz डिस्प्ले… Motorola ने लॉन्च किया धांसू फोन

Moto G Max: अगर आप एक ऐसा स्मार्टफोन लेना चाहते हैं, जो कम बजट में बेहतरीन फीचर्स दे तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, Motorola ने भारत में अपना नया Moto G Max स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इसमें आपको 7000mAh की बड़ी बैटरी, 50MP का Sony LYTIA कैमरा, 120Hz डिस्प्ले, Snapdragon प्रोसेसर और Android 16 जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, इस नए फोन को तीन कलर ऑप्शन में भी खरीद सकेंगे- Pantone Stargazer, Pantone Alaskan Blue और Pantone Malaga।

Moto G Max की भारत में कीमत, कलर और उपलब्धता

भारत में Moto G Max की कीमत 27,999 रुपये रखी गई है। यह कीमत फोन के 6GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की है। हालांकि, खरीदारों को 1,000 रुपये का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट भी मिल सकता है, जिसके बाद फोन की प्रभावी कीमत 26,999 रुपये रह जाएगी।

बता दें कि यह फोन 20 अगस्त से Flipkart, Motorola की वेबसाइट और प्रमुख रिटेल स्टोर पर उपलब्ध होगा।

Moto G Max के स्पेसिफिकेशन्स

इस स्मार्टफोन में 6.72-इंच का Full HD+ LCD डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 1050 निट्स तक की ब्राइटनेस, डिस्प्ले कलर बूस्ट और वॉटर टच टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करता है। डिवाइस में IP64 वॉटर रेजिस्टेंस और Corning Gorilla Glass 7i भी दिया गया है।

इसके अलावा, यह फोन Qualcomm Snapdragon 6s Gen 4 चिपसेट पर चलता है, जिसमें 6GB LPDDR5X RAM और 128GB UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है। Motorola के RAM बूस्ट फीचर से RAM को वर्चुअली 18GB तक बढ़ाया जा सकता है।

इस फोन के अन्य फीचर्स में Dolby Atmos के साथ स्टीरियो स्पीकर, 3.5mm हेडफोन जैक, डुअल सिम सपोर्ट, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और 5G कनेक्टिविटी दी गई है।

फोटोग्राफी के लिए, इस Moto G Max में 50MP का Sony LYTIA 600 प्राइमरी कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है। इसमें सेल्फी के लिए 32MP का फ्रट कैमरा भी है।

वहीं, कैमरा फीचर्स की बात करें तो इसमें नाइट विजन, पोर्ट्रेट मोड, प्रो मोड, अल्ट्रा-रेस, ऑटो स्माइल कैप्चर और Google Lens इंटीग्रेशन शामिल हैं। यह फोन Google Photos के जरिए AI-पावर्ड एडिटिंग टूल्स को भी सपोर्ट करता है, जिनमें Magic Eraser, Photo Unblur और Reimagine शामिल हैं।

इस स्मार्टफोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जिसके बारे में Motorola का दावा है कि यह 63 घंटे तक की बैटरी लाइफ दे सकती है। इसके अलावा, यह फोन Android 16 पर चलता है और इसमें दो Android OS अपग्रेड और तीन साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं।

Motorola India के मैनेजिंग डायरेक्टर T.M. नरसिम्हन ने एक बयान में कहा, “नए Moto G Max के साथ, हमने प्रीमियम डिजाइन और शानदार साटन फिनिश को बेहतरीन फोटोग्राफी, जबरदस्त बैटरी लाइफ, स्मूद परफॉर्मेंस और मजबूती के साथ जोड़ा है। इससे एक ऐसा स्मार्टफोन बना है जो आज की तेजी से बदलती लाइफस्टाइल के हिसाब से बनाया गया है।”

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Saptadhara Explained: ‘सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी ने बताया विकसित भारत का 7-सूत्रीय रोडमैप

Saptadhara Explained: सात धाराओं के पवित्र हिंदू विचार से लेकर विकसित भारत के लिए सात-सूत्रीय रोडमैप तक: ‘सप्तधारा’ का क्या अर्थ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2026 पर इसका जिक्र क्यों किया? दरअसल, ‘सप्तधारा’ शब्द असल में ‘सप्त’ (यानी सात) और ‘धारा’ (यानी बहाव या प्रवाह) से मिलकर बना है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसे विकास के एक फ्रेमवर्क के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से बहुत पहले से ही, सात पवित्र धाराओं का यह विचार हिंदू धार्मिक परंपराओं में मौजूद था।

बता दें कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने जो घोषणा की, उसका आधार यही सांस्कृतिक और सभ्यतागत सोच थी। उन्होंने एक नई “सप्तधारा” — यानी ताकत की सात धाराएं — की बात की, जो 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर भारत के सफर को आगे बढ़ाएंगी।

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले ‘सप्त सिंधु’ यानी सात नदियों की पुरानी अवधारणा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कभी भारत अपनी ताकत के लिए सप्त सिंधु के कारण जाना जाता था और तर्क दिया कि अब एक विकसित भारत को ताकत की नई धाराओं की जरूरत है।

तो, सप्तधारा का हिंदू मूल क्या है, और इस शब्द को नीति के संदर्भ में नया अर्थ कैसे मिला है?

हिंदू परंपरा में ‘सप्तधारा’ का क्या अर्थ है?

सबसे बुनियादी स्तर पर, सप्तधारा का अर्थ है ‘सात धाराएं’। हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में सात की संख्या का विशेष महत्व है—चाहे वह सात ऋषि (सप्तर्षि) हों, सात पवित्र नदियां हों या हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान में वर्णित सात लोक हों।

पद्म पुराण में एक विशिष्ट ‘सप्तधारा-तीर्थ’ का भी वर्णन मिलता है।

संबंधित अध्याय के अनुवाद के अनुसार, सप्तधारा को एक महत्वपूर्ण पवित्र स्थान माना जाता था और यह ऋषियों से जुड़ा हुआ था। इस ग्रंथ में पवित्र जल की सात धाराओं का जिक्र मिलता है, जिन्हें गंगा के सात शुभ रूपों से जोड़ा गया है। इस स्थान का संबंध पांडवों से भी बताया गया है।

पद्म पुराण में सप्तधारा का उल्लेख खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सात धाराओं में बहने वाले पवित्र जल को गंगा की पवित्रता, तीर्थ यात्रा और पूर्वजों से जुड़े धार्मिक कर्मकांडों से जोड़ा गया है।

सप्तधारा या सप्तसरोवर नामक स्थानों से जुड़ी अन्य हिंदू परंपराएं भी हैं। उदाहरण के लिए, हरिद्वार में एक स्थानीय मान्यता है कि गंगा सात धाराओं में विभाजित हो गई थी ताकि सप्तऋषि (सात प्राचीन ऋषि) बिना किसी व्यवधान के अपनी तपस्या कर सकें।

दूसरे शब्दों में, “सात धाराएं” कोई नई गढ़ी गई उपमा नहीं है। लंबे समय से यह पवित्र प्रवाह, समृद्धि, निरंतरता और किसी शक्तिशाली चीज के विभिन्न दिशाओं में फैलने का प्रतीक रही है।

सप्तधारा और सप्त सिंधु: क्या है इनका संबंध?

पीएम मोदी के भाषण को समझने के लिए यह कड़ी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

‘सप्त सिंधु’ का शाब्दिक अर्थ है “सात नदियां” और यह शुरुआती वैदिक काल से जुड़ा एक प्राचीन भौगोलिक और सांस्कृतिक शब्द है।

पीएम मोदी ने अपनी ‘सप्तधारा’ को पौराणिक ‘सप्तधारा-तीर्थ’ की हूबहू नकल के तौर पर पेश नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अपने आज के विचार को समझाने के लिए पुरानी ‘सप्त सिंधु’ की अवधारणा का इस्तेमाल एक पुल की तरह किया।

सात ही क्यों?

भारतीय परंपराओं में ‘सात’ का बहुत गहरा महत्व है। सप्तऋषि (सात ऋषि) और सप्तसिंधु (सात नदियां) जैसी अवधारणाएं हैं। साथ ही हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान, रीति-रिवाजों और साहित्य में भी सात के समूहों का कई बार जिक्र मिलता है।

इसलिए, यह संख्या पूर्णता और विविधता को दिखाने के लिए एक बेहतरीन प्रतीक है: अलग-अलग धाराएं मिलकर एक बड़ा प्रवाह बनाती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर इसी तरह इस विचार का इस्तेमाल किया। उनकी ‘सप्तधारा’ कोई एक योजना या नया मंत्रालय नहीं है। बल्कि, यह सात हिस्सों वाला एक रणनीतिक ढांचा है। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए जरूरी आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे से जुड़ी, सैन्य, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक मजबूती दे सकते हैं।

PM मोदी की सात ‘सप्तधाराएं’ क्या हैं?

  1. मैन्युफैक्चरिंग पावर: पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में अपनी ताकत बढ़ानी होगी। इसमें पार्ट्स और कंपोनेंट्स बनाने से लेकर डिजाइन और तैयार उत्पादों तक हर स्तर शामिल है। साथ ही भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक भरोसेमंद हिस्सा बनना होगा। उन्होंने तीन जरूरतों पर ज़ोर दिया: लागत, क्वालिटी और स्केल।

उन्होंने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रहे मेरे भाइयों और बहनों के लिए, यह एक बड़ मौका है। इस मौके को हाथ से न जाने दें। और इसके लिए, हमें लागत, क्वालिटी और स्केल के मामले में ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा करना होगा। हमारी फैक्ट्रियां कॉम्पिटिटिव होनी चाहिए। हमारे प्रोडक्ट यूजर-फ्रेंडली होने चाहिए।”

इसका बड़ा लक्ष्य यह है कि भारत सिर्फ दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार न रहे, बल्कि दुनिया के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बने।

  1. खेती और फ़ूड प्रोसेसिंग: दूसरा क्षेत्र खेती और फूड प्रोसेसिंग का है। यहां जोर सिर्फ खेती से होने वाले उत्पादन को बढ़ाने पर नहीं, बल्कि खेत से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचने पर है। पीएम मोदी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), मसालों, फलों और सब्जियों जैसे उत्पादों का जिक्र किया और कहा कि भारत के पारंपरिक खाद्य उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बनने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे किसान केमिकल-मुक्त खेती को बढ़ावा देंगे। दुनिया में इन उत्पादों की मांग बढ़ रही है। और अगर हमारे कृषि उत्पाद हर तरह से ग्लोबल मानकों पर खरे उतरते हैं, तो हम आसानी से दुनिया भर के बाजारों तक पहुंच पाएंगे।”

इसका मकसद खेती से होने वाले उत्पादन में प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के जरिए वैल्यू जोड़ना है, न कि किसानों को मुख्य रूप से कच्चे माल (रॉ-कमोडिटी) के स्तर पर ही छोड़ देना।

  1. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: तीसरी धारा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की है। पीएम मोदी ने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत के अनुभव का जिक्र किया और कहा कि देश को अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग लगानी चाहिए।

उन्होंने खास तौर पर डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, उभरती हुई टेक्नोलॉजी और अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन (जिसमें ‘मेड-इन-इंडिया 6G’ भी शामिल है) जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया। इसका मुख्य संदेश यह है कि भारत उभरती हुई टेक्नोलॉजी का सिर्फ एक बड़ा उपभोक्ता बनकर नहीं रह सकता। बल्कि उसे इनका डेवलपर और निर्यातक भी बनना होगा।

उन्होंने कहा, “मेड-इन-इंडिया दुनिया के हर कोने तक पहुंचना चाहिए। यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए और हमें इस दिशा में अपनी कोशिशें तेज करनी चाहिए। इस दिशा में हमारे प्रयास कम नहीं होने चाहिए।”

  1. गति शक्ति: चौथी धारा है ‘गति शक्ति’ – यानी रफ्तार और कनेक्टिविटी की ताकत। इसमें हाई-स्पीड रेल, हाईवे, अंदरूनी जलमार्ग, एयरपोर्ट, बंदरगाह और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

इसका मकसद पूरे भारत में लोगों और सामान को लाने-ले जाने में लगने वाले समय और खर्च को कम करना है। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर आधारित अर्थव्यवस्था के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ निर्माण का काम नहीं है। यह भारत की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता) का हिस्सा बन जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें एयरपोर्ट्स की जरूरत है। हमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सिस्टम की जरूरत है। हमें अपने बंदरगाहों को सिर्फ सामान चढ़ाने और उतारने की जगह के तौर पर नहीं देखना चाहिए। दुनिया भर से जहाजों का वहां आकर रुकना ही काफी नहीं है। हमें अपने बंदरगाहों को ‘पोर्ट-लेड डेवलपमेंट’ (बंदरगाह-आधारित विकास) और ग्रोथ की दिशा में आगे ले जाना होगा।”

इसलिए, पीएम मोदी ने बिना रुकावट वाली कनेक्टिविटी को देश के बड़े आर्थिक लक्ष्यों से जोड़ा।

  1. रक्षा शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा: पांचवां क्षेत्र डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज की अनिश्चित दुनिया में रणनीतिक आत्मनिर्भरता और भी जरूरी हो गई है।

उन्होंने उस जोखिम का जिक्र किया जो तब पैदा होती है जब जरूरी चीजों – जैसे एनर्जी, फर्टिलाइजर, दवाइयां और टेक्नोलॉजी – की सप्लाई पर जियोपॉलिटिकल तनाव का असर पड़ सकता है। वहीं, इसका समाधान है घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन को मजबूत करना और ड्रोन व काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी विकसित करना, ताकि भारत को एक ग्लोबल डिफेंस सप्लायर बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, “हमें डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना होगा। अगली जनरेशन की डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करके, हमें ग्लोबल सप्लायर बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा।”

  1. ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी:

छठी धारा दो क्षेत्रों को मिलाती है: ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी

ग्रीन हिस्से में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज शामिल हैं। ब्लू हिस्सा भारत की तटरेखा, महासागरों, मछली पालन, समुद्री गतिविधियों और तटीय पर्यटन पर केंद्रित है। इसका बड़ा मकसद आर्थिक विकास को एनर्जी ट्रांजिशन के साथ जोड़ना और साथ ही भारत की समुद्री क्षमता का इस्तेमाल करना है।

  1. भारत की सॉफ्ट पावर: सातवीं और आखिरी धारा ‘सॉफ्ट पावर’ है।

यहीं पर मोदी की ‘सप्तधारा’ पारंपरिक आर्थिक पैमानों से आगे निकल जाती है। उन्होंने योग, हस्तशिल्प, डिजिटल कंटेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का सांस्कृतिक प्रभाव खुद एक आर्थिक और भू-राजनीतिक संपत्ति बन सकता है।

इसका मकसद भारत के उत्पादों, संस्कृति, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और विचारों को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाना है।

पीएम मोदी ने कहा, “हम अपनी क्षमताओं को दुनिया तक ले जा सकते हैं। चाहे वह हस्तशिल्प हो, संस्कृति हो, हमारी फिल्में हों, हमारी क्रिएटिव दुनिया हो, VFX, एनिमेशन, गेमिंग या डिजिटल कंटेंट हो – भारत क्रिएटिव दुनिया में अपनी ताकत दिखा सकता है। हमें इसे एक ग्लोबल क्षमता के तौर पर विकसित करना होगा।”

उन्होंने आगे कहा: “भारत के पास वन संपदा का विशाल भंडार है। हमारे यहां 100 से ज्यादा नेशनल पार्क हैं। इसमें बहुत संभावनाएं हैं, लेकिन हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रहे हैं। हमारे पास अपनी सॉफ्ट पावर के जरिए दुनिया भर के पर्यटकों को भारत की ओर आकर्षित करने का मौका है। हमें दुनिया के सामने अपनी क्षमताओं को दिखाना होगा।”

सप्तधारा के पीछे की सोच क्या है?

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सप्तधारा’ की घोषणा को ‘विकसित भारत 2047’ के बड़े लक्ष्य से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 साल बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि जो काम पिछले पांच से सात दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें अब आने वाले पांच से सात सालों में पूरा करना होगा। उन्होंने इस पहल को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” (सुधार की गति बढ़ाने वाला कदम) भी कहा और सिस्टम, सोच और काम करने की रफ्तार में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

इस वजह से ‘सप्तधारा’ सिर्फ सरकार की एक अलग योजना नहीं रह जाती, बल्कि सरकार के विकास के एजेंडे के अगले चरण के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा बन जाती है।

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Apollo Hospitals Share Price: इस साल 25% चढ़ा है शेयर, क्या अभी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

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14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

17 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से जबरदस्त रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 5 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। ये सभी SME हैं। स्टॉक मार्केट में नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 12 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 5 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Horizon Industrial Parks IPO: ₹2,600 करोड़ का इश्यू 17 अगस्त को खुलेगा और 19 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹57-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 250 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 24 अगस्त को हो सकती है।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: यह ₹1,700 करोड़ का है। ओपनिंग 17 अगस्त को और क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर है। लॉट साइज 74 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Shankesh Jewellers IPO: यह 18 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ₹367.18 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें 20 अगस्त तक ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 160 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के NSE और BSE पर 25 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Sunshine Pictures IPO: यह भी 18 अगस्त को खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹282.14 करोड़ जुटाने का है। शेयर NSE और BSE पर 25 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Gaja Alternative Asset Management IPO: कंपनी ₹550 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 19 अगस्त को खुल रहा है। क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। प्राइस बैंड ₹152-₹160 प्रति शेयर और लॉट साइज 93 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 26 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: ₹26.73 करोड़ का पब्लिक इश्यू 19 अगस्त को खुलेगा क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। बोली ₹95-₹99 प्रति शेयर के भाव पर और 1200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 26 अगस्त को हो सकती है।

Mopshop Distribution IPO: यह ₹27.26 करोड़ का है। ओपनिंग 19 अगस्त को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹138 प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है। 21 अगस्त को IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 26 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Tempsens Instruments (India) IPO: यह 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं है। IPO बंद होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 27 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले 5 IPO

Credent Connect IPO: ₹93.90 करोड़ का यह इश्यू 13 अगस्त को खुला था और 17 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 12.14 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹179-₹189 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 20 अगस्त को हो सकती है।

Technocrats Plasma Systems IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹60.98 करोड़ जुटाने का है। इश्यू अब तक 42 प्रतिशत भरा है। बोली ₹125-₹132 प्रति शेयर के भाव पर और 1,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 21 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ENS Enterprises IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹33.14 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 63 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है। बोली ₹87-₹92 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 21 अगस्त को होने वाली है।

Skytech Infinite Platform IPO: ₹22.68 करोड़ का यह इश्यू भी 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 46 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। प्राइस बैंड ₹73-₹77 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 21 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹64.83 करोड़ का पब्लिक इश्यू 11 अगस्त को खुला था और 19 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 51 प्रतिशत भर चुका है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹142-₹151 प्रति शेयर है। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 17 अगस्त को NSE और BSE पर Dhoot Transmission, Molbio Diagnostics की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर Milky Mist Dairy Food के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Sham Foam की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर Behari Lal Engineering और Shiprocket के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Q&T Foods और NSE SME पर Pramodini Medicare के शेयर लि​स्ट होने की उम्मीद है।

20 अगस्त को NSE SME पर Credent Connect की लिस्टिंग होगी। 21 अगस्त को BSE SME पर Technocrats Plasma Systems, ENS Enterprises और NSE SME पर Skytech Infinite Platform की लिस्टिंग होने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hrithik Roshan: क्या ऋतिक रोशन-सबा आजाद का हो गया ब्रेकअप? ‘राया’ डेटिंग एप प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट ने इंटरनेट पर मचाई खलबली

Hrithik Roshan: ऋतिक रोशन और सबा आजाद के रिश्ते पर एक बार फिर चर्चा हो रही है और इस बार वजह है एक रहस्यमयी डेटिंग ऐप प्रोफाइल। सोशल मीडिया पर ‘राया’ (Raya) नाम के एक खास डेटिंग ऐप का कथित स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिससे इस कपल के रिश्ते को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं।

इस स्क्रीनशॉट में एक प्रोफ़ाइल दिख रही है जिसमें ऋतिक रोशन की फोटो, उम्र और इंस्टाग्राम हैंडल का इस्तेमाल किया गया है। प्रोफ़ाइल के बायो में उन्हें मुंबई में रहने वाला “एक्टर/प्रोड्यूसर/एंटरप्रेन्योर” बताया गया है। इस कथित प्रोफ़ाइल ने ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है और इसके स्क्रीनशॉट रेडिट और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर घूम रहे हैं।

हालांकि, इस बात की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं है कि यह अकाउंट असल में ऋतिक का है या यह अभी एक्टिव है। इससे पहले भी एक्टर की ‘राया’ प्रोफ़ाइल होने का दावा करने वाले ऐसे ही स्क्रीनशॉट सामने आए थे। ऋतिक या सबा आज़ाद में से किसी ने भी इस कथित अकाउंट या अपने रिश्ते को लेकर चल रही नई अटकलों पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है।

Reddit पर स्क्रीनशॉट शेयर होने के तुरंत बाद, लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “लेकिन… सबा का क्या?” दूसरे यूज़र ने लिखा, “क्या वह सबा से आज़ाद हो गए हैं?” तीसरे यूज़र ने कमेंट किया, “ग्रीक गॉड (हैंडसम एक्टर) मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो फिर हमारा क्या होगा?” एक कमेंट में यह भी लिखा था, “राया (Raya) भी एक नेटवर्किंग ऐप है, और इसमें अकाउंट डिलीट नहीं होते; यहाँ लोगों को शामिल करने का रेट प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज़ से भी कम है, lol। मुझे नहीं लगता कि वह एक्टिव हैं।”

No way DAWG- Spotted on Raya again

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u/Mr_mojorisin18 in

BollyBlindsNGossip

दिलचस्प बात यह है कि ‘राया’ (Raya) से जुड़ा ऋतिक का नाम पहली बार सामने नहीं आया है। सितंबर 2024 में, उर्वशी रौतेला ने दावा किया था कि उन्हें इस खास डेटिंग ऐप पर ऋतिक और आदित्य रॉय कपूर के प्रोफ़ाइल दिखे थे। हालांकि, उनकी बातों से यह पक्के तौर पर साबित नहीं हुआ कि वे प्रोफ़ाइल असली थे, एक्टिव थे या डेटिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे थे, इसलिए ये दावे बिना पुष्टि के ही रह गए।

ऋतिक रोशन और सबा आज़ाद 2021 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। उन्होंने करण जौहर के 50वें जन्मदिन के जश्न में एक साथ शामिल होकर अपने रिश्ते को सबके सामने ज़ाहिर किया था। अक्टूबर 2025 में इस कपल ने साथ में चार साल पूरे किए और ऋतिक ने सोशल मीडिया पर दोनों की अनदेखी तस्वीरें शेयर कीं। पिछले कुछ सालों में उन्हें अक्सर कई इवेंट्स और सेलिब्रेशन में एक साथ देखा गया है।

न बड़ा रेस्टोरेंट, न महंगा खाना… ₹100 की थाली से लाखों की बिक्री, जानें कैसे चल रहा ये कारोबार?

गांव के पास मुख्य सड़क पर मौजूद एक छोटी-सी खाने की दुकान इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। आमतौर पर लोग बड़ी दुकानों और शहरों के कारोबार को ही ज्यादा कमाई वाला मानते हैं, लेकिन इस दुकान की कहानी कुछ अलग तस्वीर दिखाती है। यहां कम कीमत में मिलने वाला खाना और लगातार आने वाले ग्राहक लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। दुकान के मालिक से हुई बातचीत में रोजाना ग्राहकों और टिफिन ऑर्डर को लेकर कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी चर्चा करने लगे।

खास बात यह है कि दुकान किसी बड़े शहर या महंगे बाजार में नहीं, बल्कि गांव के पास स्थित है। इसके बावजूद कारोबार को लेकर सामने आई जानकारी ने छोटे और स्थानीय बिजनेस की क्षमता पर नई बहस छेड़ दी है। आखिर इस छोटी दुकान की कमाई का पूरा गणित क्या है और लोग इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों कर रहे हैं? आगे जानिए।

₹100 में मिलती है पूरी थाली

सोशल मीडिया यूजर नलिनी उनागर ने इस दुकान की जानकारी X पर साझा की। पोस्ट के मुताबिक, दुकान पर सिर्फ 100 रुपये में पूरी थाली मिलती है। इसमें दो सब्जियां, रोटी, दाल, चावल, पापड़ और सलाद शामिल हैं। यानी ग्राहक को कम कीमत में काफी कुछ खाने को मिल जाता है। दुकान की यही खासियत इसे आसपास के लोगों के लिए पसंदीदा विकल्प बनाती है।

रोज 25 से ज्यादा लोग खाते हैं खाना

नलिनी उनागर ने दुकान के मालिक से बातचीत में पूछा कि रोज कितने लोग यहां खाना खाते हैं। मालिक के अनुसार, हर दिन 25 से ज्यादा ग्राहक दुकान पर बैठकर खाना खाते हैं। दुकान मुख्य सड़क पर होने के कारण वहां आने-जाने वाले लोगों को भी आसानी से खाना मिल जाता है। यही लोकेशन कारोबार के लिए बड़ा फायदा साबित होती दिखाई दे रही है।

40 से ज्यादा टिफिन ऑर्डर भी

दुकान की कमाई सिर्फ सामने बैठकर खाना खाने वाले ग्राहकों से नहीं होती। मालिक के अनुसार, रोजाना 40 से ज्यादा पक्के टिफिन ऑर्डर भी मिलते हैं। जब दोनों आंकड़ों को जोड़ा जाए तो रोजाना 65 से ज्यादा थाली बिकने का दावा सामने आता है।

गांव में कौन मंगाता है टिफिन?

यह सवाल भी दिलचस्प है कि गांव में टिफिन की जरूरत किसे पड़ती है। मालिक ने बताया कि उनके ग्राहकों में खेतों में काम करने वाले लोग और अकेले रहने वाले बुजुर्ग शामिल हैं। ऐसे लोगों के लिए रोज खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सस्ती और तैयार थाली उनके लिए सुविधाजनक विकल्प बन जाती है।

₹100 की थाली से कितनी कमाई?

अगर रोजाना 65 थाली 100 रुपये के हिसाब से बिकती हैं, तो गणित कुछ ऐसा बनता है:

एक दिन की बिक्री: ₹6,500

30 दिन की बिक्री: ₹1.95 लाख

एक साल की बिक्री: ₹23.4 लाख

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कुल बिक्री का अनुमान है, मुनाफा नहीं।

दुकान में कर्मचारी भी नहीं रखने पड़ते

पोस्ट के अनुसार, दुकान का खाना मालिक और उनकी पत्नी खुद तैयार करते हैं। इससे कर्मचारियों की सैलरी का अतिरिक्त खर्च बचता है। इतना ही नहीं, मालिक की अपनी खेती भी है और वह वहां सब्जियां उगाते हैं। इससे दुकान के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ सब्जियों की लागत कम हो जाती है।

हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा मुनाफे का दावा

सोशल मीडिया पोस्ट में दुकान के 60 फीसदी तक मुनाफे का दावा किया गया। इस हिसाब से हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा होने की बात कही गई। लेकिन यही दावा ऑनलाइन बहस का कारण भी बन गया।

मुनाफे के हिसाब पर क्यों उठे सवाल?

कुछ यूजर्स ने कहा कि 1.95 लाख रुपये की मासिक बिक्री का हिसाब तो आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन 1 लाख रुपये से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा तय करने के लिए सभी खर्चों को देखना जरूरी है।इन खर्चों में सब्जी और राशन, LPG, बिजली, पैकिंग, खाना खराब होने का नुकसान, डिलीवरी और किराया शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मालिक और उनकी पत्नी की मेहनत को भी लागत में जोड़ना होगा। इसलिए 60 फीसदी का मुनाफा एक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने कहा कि छोटे कारोबार को कम नहीं आंकना चाहिए। उनके मुताबिक, कम कीमत, लगातार ग्राहक और कम खर्च मिलकर छोटे बिजनेस को भी बड़ा बना सकते हैं। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार पर निर्भर हैं, इसलिए ऐसी दुकान का सफल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।

₹100 में इतनी चीजें, लोगों को लगा शानदार सौदा

कई लोगों ने दुकान की कीमत और खाने की मात्रा की तारीफ भी की। उनका कहना था कि 100 रुपये में इतनी चीजें मिलना ग्राहकों के लिए काफी अच्छा सौदा है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि खाने के कारोबार में कम कीमत के साथ साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक ग्राहक बनाए रखने के लिए स्वाद के साथ हाइजीन भी जरूरी है।

 

‘वैचारिक नक्सलवादियों की पहचान कर अलग-थलग करना होगा’ लाल किले से PM मोदी की बड़ी चेतावनी

PM Modi Red Fort Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को कमजोर करने में बड़ी सफलता हासिल की है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि “वैचारिक नक्सलवाद” या “दिमागी नक्सलवाद” अभी भी हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने के मौके तलाश रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने भारत को नक्सली हिंसा से मुक्त करने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि माओवादी विद्रोहियों में अब उन इलाकों में टिके रहने की ताकत नहीं बची है, जो कभी हथियारबंद संघर्ष से प्रभावित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने को याद करते हुए कहा, “नक्सलवाद ने धरती को खून से सराबोर कर दिया था।” तब उस समय सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि जो इलाके कभी नक्सली हिंसा के लिए जाने जाते थे, वहां अब विकास हो रहा है और लोगों में भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “जहां कभी नक्सली गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती खून से सनी रहती थी, आज उन्हीं नक्सल प्रभावित इलाकों में… विकास, भरोसे और कोशिशों का तिरंगा लहरा रहा है।”

“वैचारिक नक्सलवाद” को लेकर पीएम मोदी की चेतावनी

हालांकि, पीएम मोदी की सबसे कड़ी चेतावनी उस चीज के लिए थी जिसे उन्होंने “वैचारिक नक्सलवाद” कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सालों तक, माओवादी सोच वाले लोग देश में सत्ता के गलियारों में जमे रहे। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के तौर पर भी, इस माओवादी सोच ने नीतियों को प्रभावित किया।”

उन्होंने हथियारबंद माओवादी विद्रोहियों और उन लोगों के बीच फर्क बताया जो माओवादी विचारधारा को मानते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हम जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल रहे। हथियारबंद नक्सली तो चले गए हैं, लेकिन वैचारिक नक्सलवाद यानी दिमागी नक्सलवाद अभी भी मौके की तलाश में है।”

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि यह वैचारिक धारा “हिंसा और अराजकता का रास्ता बनाने” की कोशिश कर रही है और उन्होंने इसे मानने वाले लोगों की पहचान करके उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “इन वैचारिक नक्सलियों की पहचान की जानी चाहिए। इन वैचारिक नक्सलियों को अलग-थलग किया जाना चाहिए।”

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