अंतरिक्ष से जुड़ी एक रहस्यमयी खोज ने वैज्ञानिकों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी ध्यान खींचा है। खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) को अंतरिक्ष में एक ऐसी अनोखी वस्तु के संकेत मिले हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए काफी दिलचस्प बनी हुई है। खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) ने इसे संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है। माना जा रहा कि, इसमें एक तेजी से बढ़ता ब्लैक होल घनी गैस के बीच छिपा हो सकता है। अगर इस खोज की पुष्टि होती है, तो इससे शुरुआती ब्रह्मांड में विशाल ब्लैक होल के तेजी से बढ़ने का रहस्य समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल शोधकर्ता इस संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ की प्रकृति और इसकी खासियतों का अध्ययन कर रहे हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह वस्तु एक विशाल तारे और तेजी से बढ़ते ब्लैक होल का अनोखा मिश्रण हो सकती है। इसकी पुष्टि होने पर JWST की कुछ रहस्यमयी खोजों को समझने में मदद मिल सकती है।
‘ब्लैक होल स्टार’ के बारे में
इस संभावित खोज ने तब लोगों का ध्यान खींचा, जब X अकाउंट @latestinspace से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। पोस्ट में दावा किया गया कि खगोलविदों को एक नई तरह की अंतरिक्षीय वस्तु मिली है, जिसे ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है। पोस्ट के मुताबिक, ये वस्तु आकार में लगभग हमारे सोलर सिस्टम जितनी हो सकती है और सामान्य तारों के मुकाबले कई गुना ज्यादा ऊर्जा पैदा करने में सक्षम हो सकती है।
NEWS Astronomers have discovered an entirely new type of cosmic object called a “black hole star”
It’s the size of our solar system, emits 100 billion times more energy than any star, and may finally explain JWST’s mysterious “little red dots” pic.twitter.com/uBILVcoGdF
— Latest in space (@latestinspace) August 13, 2026
वैज्ञानिकों ने क्या कहा
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ JWST से शुरुआती ब्रह्मांड में दिखाई दिए रहस्यमयी ‘छोटे लाल डॉट्स’ को समझने में मदद कर सकता है। इस अनोखी वस्तु को लेकर वैज्ञानिकों का मानना कि बाहर से ये एक बहुत बड़ा तारा नजर आता है, लेकिन इसके अंदर या केंद्र में एक बेहद भारी ब्लैक होल हो सकता है। यह ब्लैक होल अपने आसपास मौजूद घने गैस के बादल से घिरा हुआ हो सकता है, जिससे यह वस्तु सामान्य तारों से काफी अलग दिखाई देती है। इस संभावित ‘ब्लैक होल स्टार’ की चमक नॉर्मल तारों से अलग तरीके से पैदा होने की बात कही जा रही है। आम तारों के उलट, इस वस्तु की चमक न्यूक्लियर फ्यूजन के बजाय ब्लैक होल में गिरने वाले पदार्थ से पैदा होने वाली ऊर्जा से हो सकती है।
MIT के वैज्ञानिकों ने शुरुआती ब्रह्मांड में मौजूद चमकीले स्रोत MoM-BH-1 का अध्ययन किया है। यह बिग बैंग के करीब 66 करोड़ साल बाद का है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके केंद्र में एक ब्लैक होल हो सकता है, जो घनी गैस से घिरा हुआ है। JWST ने शुरुआती ब्रह्मांड में कई रहस्यमयी ‘छोटे लाल डॉट्स’ देखे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इनमें से कुछ घनी गैस से घिरे ब्लैक होल हो सकते हैं, जो बाहर से तारों जैसे दिखते हैं। इसी तरह की संभावित संरचना को ‘ब्लैक होल स्टार’ कहा जा रहा है।
यूजर ने किया कमेंट
वायरल पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने कहा, “ब्लैक होल स्टार नाम रखना सही नहीं है, क्योंकि यह बिल्कुल भी तारा नहीं है। इसकी तेज चमक फ्यूजन की वजह से नहीं, बल्कि गैस के ब्लैक होल में जाने से पैदा होती है। लेकिन, ‘चमकते लाल बादल वाला ब्लैक होल’ नाम भी काफी मुश्किल लगता है।” दूसरे यूजर ने कहा, “इनके बारे में 2012 से ही थ्योरी मौजूद है। इन्हें क्वासी-स्टार कहा जाता है। मुझे खुशी है कि आखिरकार इन पर ध्यान दिया जा रहा है।”
एक अन्य यूजर ने कहा, “ध्यान रखें कि हम इस वस्तु को बिग बैंग के करीब 660 मिलियन साल बाद की स्थिति में देख रहे हैं और इसकी चमक शायद एडिंगटन लिमिट से ज्यादा है। आज यह वस्तु शायद सुपरमैसिव ब्लैक होल को बहुत कम मात्रा में फीड कर रही हो।”

