Stocks to Watch: 26 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 26 अगस्त को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, तो कुछ से जुड़े बड़े कॉरपोरेट अपडेट सामने आए हैं। वहीं OFS, ब्लॉक डील और मैनेजमेंट बदलाव भी चर्चा में हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर।

Cipla

फार्मा कंपनी Cipla की पीथमपुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में 17 से 25 अगस्त तक US FDA का इंस्पेक्शन हुआ। जांच के बाद Form 483 में 7 ऑब्जर्वेशन दिए गए हैं। अब कंपनी को इन कमियों पर जवाब देना होगा और जरूरी सुधार करने पड़ सकते हैं।

JSW Energy

पावर कंपनी JSW Energy से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई टल गई है। विवाद करीब ₹600 करोड़ के टैरिफ भुगतान से जुड़ा है। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने पहले यह रकम JSW Energy को देने का आदेश दिया था।

Advait Energy Transitions

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Advait Energy Transitions को ₹134.62 करोड़ का टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Madhya Pradesh Power Transmission Company से मिला है। ऑर्डर को 18 महीने में पूरा करना है।

United Breweries

बीयर कंपनी United Breweries ने Heineken Silver का विस्तार किया है। कंपनी ने इसे केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में लॉन्च किया है। United Breweries ने बताया कि जिन बाजारों में यह ब्रांड पहले से उपलब्ध है, वहां इसे अच्छी मांग मिली है।

Rainbow Children’s Medicare

हेल्थकेयर कंपनी Rainbow Children’s Medicare के CFO विकास महेश्वरी ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। CFO कंपनी के वित्तीय मामलों की अहम जिम्मेदारी संभालता है।

Varun Beverages

बेवरेज कंपनी Varun Beverages नए सेगमेंट में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी Ready-to-Drink और Alcoholic Beverages कारोबार में एंट्री के लिए KIVA Spirits and Company नाम की नई इकाई बनाएगी। इसके अलावा Tunisia में 75:25 जॉइंट वेंचर बनाने की योजना को मंजूरी मिली है।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper का OFS 26 अगस्त को रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए खुलेगा। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन OFS को 3.41 गुना सब्सक्राइब किया। इसके बाद सरकार ने पूरी ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यानी अब अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww में एक बड़े ब्लॉक डील की खबर है। जानकारी के मुताबिक Ribbit Capital करीब 1.6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस सौदे का आकार करीब ₹1,914 करोड़ बताया गया है। Block Deal के लिए ₹195 प्रति शेयर का Floor Price रखा गया है।

Tata Motors

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles ने ग्रुप कंपनी Tata Communications के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में Software-Defined Vehicles को बढ़ावा देंगी। इसकी शुरुआत नई Sierra.ev से होगी। इसमें In-built 5G Cellular Connectivity दी जाएगी।

Fedbank Financial Services

NBFC कंपनी Fedbank Financial Services के बोर्ड ने कर्ज के जरिए ₹2,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल कारोबार की जरूरतों और विस्तार के लिए कर सकती है।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी HEG का डीमर्जर 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसकी रिकॉर्ड डेट 7 सितंबर तय की गई है। डीमर्जर के बाद कंपनी का कारोबार दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगा। इनमें HEG Graphite और HEG Advanced Materials शामिल होंगी।

Welspun Corp

पाइप और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Welspun Corp में बड़े ब्लॉक डील की खबर है। Welspun Investments & Commercials और MD & CEO Vipul Mathur करीब 63 लाख शेयर, यानी कंपनी की लगभग 2.4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पावर सेक्टर में 2030 के बाद SCADA इंपोर्ट बंद होगा, देश में बनाने की तैयारी; इन स्टॉक्स पर रखें नजर

सरकार ने पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले SCADA सिस्टम का आयात 2030 के बाद बंद करने का फैसला किया है। लक्ष्य 2028-29 तक इसका स्वदेशी विकल्प तैयार करना है। अभी इन सिस्टम में लोकल कंटेंट 20% से भी कम है। सरकार इसे बढ़ाना चाहती है।

आप SCADA को पावर ग्रिड का कंट्रोल सिस्टम समझ सकते हैं। इससे पावर प्लांट, सब-स्टेशन और ग्रिड की रियल टाइम निगरानी होती है। जरूरत पड़ने पर कई इक्विपमेंट को दूर से कंट्रोल भी किया जा सकता है।

स्वदेशीकरण क्यों जरूरी हुआ?

यह पूरा मामला सिर्फ मेक इन इंडिया तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी भी बड़ी वजह है। अभी SCADA के कई अहम सॉफ्टवेयर और कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में अपडेट, तकनीकी मदद और साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता रहती है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान यह चिंता और बढ़ी। पावर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मई 2025 में 8-10 दिनों के दौरान भारत के पावर सिस्टम पर करीब 2 लाख साइबर अटैक की कोशिशें हुई थीं। ऐसे में सरकार चाहती है कि देश के पावर ग्रिड को चलाने वाली अहम टेक्नोलॉजी पर भारत का अपना नियंत्रण हो।

2028-29 तक तैयार होगा स्वदेशी सिस्टम

CEA ने SCADA के स्वदेशीकरण के लिए रोडमैप तैयार किया है। इसमें 38 सॉफ्टवेयर मॉड्यूल और 25 हार्डवेयर कंपोनेंट शामिल हैं।

सरकार National SCADA Mission या एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें Power Grid, GRID-India और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों को साथ लाया जा सकता है।

किन स्टॉक्स पर नजर रखें?

शेयर बाजार में इस थीम का सबसे सीधा नाम Power Grid है। प्रस्तावित मॉडल में कंपनी का नाम सीधे आया है। उसके पास ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA का अनुभव भी है।

इसके अलावा Siemens, Hitachi Energy India, GE Vernova T&D और ABB India जैसी कंपनियां भी ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA के कारोबार में हैं। स्वदेशी सिस्टम के विकास और पुराने सिस्टम के अपग्रेड से इन्हें अवसर मिल सकते हैं। TCS जैसी IT कंपनियों के लिए भी सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम इंटीग्रेशन का मौका बन सकता है।

कंपनीसंभावित फायदा
Power Grid
SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन

Siemens
SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट

Hitachi Energy India
ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA

GE Vernova T&D Indiaट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन
ABB Indiaपावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड
TCSसॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और इंटीग्रेशन

निवेशकों के लिए क्या अहम?

अभी इसे सीधे खरीदने का संकेत मानना ठीक नहीं है। असली फायदा तब साफ होगा जब सरकार कंपनियों का चयन करेगी और SCADA के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑर्डर जारी होंगे। फिलहाल Power Grid समेत SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखी जा सकती है।

सीधी बात है। सरकार अब पावर ग्रिड की अहम टेक्नोलॉजी पर विदेशी निर्भरता घटाना चाहती है। Operation Sindoor के दौरान सामने आए साइबर खतरे ने इस जरूरत को और गंभीर बना दिया। इससे आने वाले वर्षों में पावर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ा घरेलू बाजार बन सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

US Stocks में निवेश का सबसे सुनहरा मौका! पराग पारिख ने 90% घटाई एंट्री फीस, जानिए अब कितने में खरीद पाएंगे Apple-Google के शेयर!

US Stock Market: भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करना अब काफी आसान और किफायती हो गया है। पराग पारिख की GIFT City स्थित इकाई ‘PPFAS GIFT’ ने अपने दो प्रमुख इंटरनेशनल फंड्स में न्यूनतम निवेश सीमा को $5000 से घटाकर सिर्फ $500 कर दिया है।

यानी अब एंट्री टिकट में सीधे 90% की कटौती कर दी गई है, जिससे आम निवेशक भी कम रकम के साथ S&P 500 और Nasdaq 100 जैसे दिग्गजों में पैसा लगा सकेंगे।

₹4.79 लाख नहीं, अब सिर्फ ₹48000 से करें शुरुआत

रुपए और डॉलर के मौजूदा एक्सचेंज रेट (लगभग ₹95.74 प्रति डॉलर) के हिसाब से इस कटौती का सीधा गणित ये है कि, पहले $5000 की न्यूनतम सीमा के कारण निवेशकों को कम से कम ₹4.79 लाख की भारी-भरकम राशि की जरूरत होती थी।अब $500 की नई सीमा लागू होने के बाद आप मात्र ₹48000 से यूएस मार्केट में अपना पोर्टफोलियो शुरू कर सकते हैं।

PPFAS GIFT ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस कदम का मकसद छोटे निवेशकों के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग के दरवाजे खोलना है।

किन दो फंड्स में घटा न्यूनतम निवेश?

यह बदलाव PPFAS Alternate Asset Managers IFSC द्वारा GIFT City से ऑफर किए जाने वाले दो आउटबाउंड पैसिव फंड्स पर लागू हुआ है:

Parag Parikh IFSC S&P 500 Fund of Fund: यह फंड अमेरिका की 500 सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों के इंडेक्स (S&P 500) को ट्रैक करने वाले एक्यूपुलेटिंग ETFs और UCITS में निवेश करता है। यह अमेरिकी लार्ज-कैप मार्केट में ब्रॉड एक्सपोजर देता है।

Parag Parikh IFSC Nasdaq 100 Fund of Fund: यह फंड Nasdaq 100 इंडेक्स में पैसिव निवेश की सुविधा देता है। इसमें अमेरिका की टॉप 100 गैर-वित्तीय कंपनियां शामिल हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी और टेक-ओरिएंटेड ग्रोथ कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।

आम निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

जो निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियो का 5% या 10% हिस्सा ही अमेरिकी बाजार में लगाना चाहते थे, उनके लिए ₹4.8 लाख एकमुश्त लगाना काफी मुश्किल था।

अब केवल ₹48000 में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को ग्लोबल डाइवर्सिफाई कर सकते हैं। GIFT City के जरिए इन फंड्स में निवेश करने पर भारतीय निवासियों को अलग से किसी विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट खोलने का झंझट नहीं रहता।

GIFT City के जरिए कैसे काम करता है निवेश?

गुजरात स्थित GIFT City भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) है। यहां वित्तीय सेवाएं भारतीय रुपए के बजाय विदेशी मुद्रा (यूएस डॉलर) में ऑफर की जाती हैं। निवासी भारतीय नागरिक लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम(LRS) नियमों के तहत अपनी गाढ़ी कमाई को डॉलर बेस करेंसी वाले इन दोनों फंड्स में पार्क कर सकते हैं।

कम एंट्री टिकट का मतलब जोखिम कम होना नहीं!

न्यूनतम निवेश घटने से फंड में एंट्री आसान हुई है, लेकिन इससे जुड़ा मार्केट रिस्क कम नहीं हुआ है। निवेशकों का रिटर्न अमेरिकी शेयर बाजार के प्रदर्शन के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल पर निर्भर करेगा। S&P 500 इंडेक्स स्थिर और ब्रॉड मार्केट एक्सपोजर देता है, जबकि Nasdaq 100 इंडेक्स ज्यादा टेक-फोकस्ड होने के कारण ज्यादा वोलेटाइल हो सकता है।

अगर आप अपने निवेश को एपल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल या एनवीडिया जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों में लगाना चाहते थे, तो GIFT City के रास्ते PPFAS का यह फैसला आपके एंट्री बैरियर को 90% तक खत्म कर देता है। हालांकि, किसी भी इंटरनेशनल फंड में दांव लगाने से पहले अपनी रिस्क कैपेसिटी और करेंसी रिस्क का आकलन जरूर कर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

TCS Share Price: पोर्शे के साथ बड़ी डील के बाद भी क्यों गिरा TCS का शेयर? सिटी और HSBC ने जताई ये बड़ी चिंता

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।

10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।

बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।

इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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Stock Market Holiday: क्या रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को बंद रहेगा शेयर बाजार? जानिए NSE और BSE का आधिकारिक अपडेट

Raksha Bandhan Holiday 2026: रक्षाबंधन का त्योहार इस हफ्ते शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 28 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

अगर आप भी 28 अगस्त को ट्रेडिंग का प्लान बना रहे हैं, तो NSE और BSE की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट का यह अपडेट जरूर जान लें।

क्या 28 अगस्त, रक्षाबंधन को खुला रहेगा शेयर बाजार?

BSE और NSE के आधिकारिक हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर शेयर बाजार में कोई छुट्टी नहीं है। बाजार सामान्य रूप से अपने तय समय पर खुला रहेगा और ट्रेडिंग चालू रहेगी।

किन सेगमेंट्स में होगा कारोबार: इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो समेत सभी सेगमेंट्स में सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कमोडिटी मार्केट में भी मॉर्निंग और इवनिंग दोनों सेशंस में कामकाज चालू रहेगा।

साल 2026 के बचे हुए महीनों में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?

स्टॉक एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 के बाकी बचे महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुल 6 ट्रेडिंग हॉलीडे शेड्यूल हैं:

सितंबर: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर अगला ट्रेडिंग हॉलीडे रहेगा।

अक्टूबर: 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर बाजार बंद रहेगा।

नवंबर: 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा और 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव जी के अवसर पर छुट्टी रहेगी।

दिसंबर: 25 दिसंबर को क्रिसमस के उपलक्ष्य में बाजार में कारोबार स्थगित रहेगा।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह चालू रहेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार का दिन सामान्य कारोबारी दिन रहेगा। ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग बिना किसी रुकावट के बना सकते हैं।

Stocks to Watch: 25 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 25 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों के शेयर खबरों की वजह से फोकस में रह सकते हैं। इनमें डील, बड़े ऑर्डर, OFS, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव से जुड़ी खबरें शामिल हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर खास नजर रहेगी।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper में सरकार OFS के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इसमें 3% की बेस हिस्सेदारी और 3% का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है। OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर रखा गया है।

TCS

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने Porsche AG की 100% हिस्सेदारी वाली MHP को खरीदने की मंजूरी दी है। यह सौदा करीब 320 मिलियन यूरो का है। इसके अलावा Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल का 1.25 बिलियन यूरो का समझौता किया है।

Suzlon Energy

विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy आंध्र प्रदेश में 1,325 MW के नए विंड प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना बना रही है। ये प्रोजेक्ट अनंतपुर जिले के Rayadurg विधानसभा क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इससे राज्य में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक ICICI Bank ने अपने IFSC Banking Unit के जरिए 5 साल के $1 बिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की कीमत तय की है। इन डेट सिक्योरिटीज को S&P Global Ratings ने ‘BBB’ रेटिंग दी है।

Ceigall India

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी Ceigall India को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से करीब ₹704.70 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर अरुणाचल प्रदेश में Frontier Highway के निर्माण से जुड़ा है।

Lenskart

आईवियर और रिटेल कंपनी Lenskart में अगले 2-3 दिनों में करीब ₹2,800-2,900 करोड़ की ब्लॉक डील की खबर है। सूत्रों के मुताबिक Alfa अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है। Alfa के पास कंपनी में करीब 3.4% हिस्सेदारी बताई गई है।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank के बोर्ड ने 1 बिलियन डॉलर तक रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक इस रकम का इस्तेमाल अपनी जरूरतों और कारोबार को आगे बढ़ाने में कर सकता है।

Afcons Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Afcons Infrastructure को Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority से जुड़े मामले में ₹335.50 करोड़ का Arbitral Award मिला है। मध्यस्थता प्रक्रिया के बाद फैसला कंपनी के पक्ष में आया है।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने सिंगापुर में अपनी नई Wholly Owned Subsidiary बनाई है। इसका नाम CIL Global है। यह कंपनी दूसरे देशों में Critical Minerals से जुड़े कारोबारी अवसर तलाशेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping के बोर्ड की 27 अगस्त को बैठक होगी। इसमें कंपनी के शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव पर विचार करने की जानकारी है। अंतिम फैसला बोर्ड की बैठक में होगा।

HEG

ग्रेफाइट और इलेक्ट्रिकल कार्बन प्रोडक्ट कंपनी HEG ने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। Riju Jhunjhunwala को 1 सितंबर 2026 से CEO बनाया गया है। वहीं Neha Rajvanshi को CFO नियुक्त किया गया है। दोनों नियुक्तियों के कारण शेयर पर नजर रह सकती है।

Brigade Hotel Ventures

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Brigade Hotel Ventures ने Vinay Gupta को नया CEO नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शेयर बाजार बंद होने के बाद सामने आई। मैनेजमेंट में बदलाव के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की रणनीति पर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।