YES Bank Share Price: 52-वीक लो से 48% उछला यस बैंक, एक्सपर्ट्स बोले- आगे भी दिख रही है मजबूती

YES Bank Share Price: यस बैंक के शेयर बुधवार को भारी खरीदारी के दम पर करीब 7% चढ़कर 52-वीक के नए हाई पर पहुंच गए। टेक्निकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर में आने वाले दिनों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

52-वीक हाई पर पहुंचा YES Bank

बुधवार के कारोबार के दौरान YES Bank का शेयर 6.52% से ज्यादा उछलकर 25.45 रुपये तक पहुंच गया। आखिर में 5.23% की बढ़त के साथ 25.14 रुपये पर पहुंच गए। शेयर अपने 52-वीक लो से करीब 48% की तेजी दिखा चुका है। वहीं, पिछले एक महीने में इसमें 15% से ज्यादा की बढ़त आई है।

आगे किन लेवल्स पर रहेगी नजर?

Canara Bank Securities के मुताबिक YES Bank ने लंबे समय से बने डाउनवर्ड चैनल से बुलिश ब्रेकआउट दिया है। शेयर अब सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो मजबूत ट्रेंड और बेहतर मोमेंटम का संकेत देता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि 25.52 रुपये का लेवल अगला बड़ा रेजिस्टेंस है। यह पहले बने स्विंग हाई और एक अहम साइकोलॉजिकल लेवल से भी मेल खाता है।

32 रुपये तक जा सकता है शेयर?

Mirae Asset ShareKhan के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट मुथुसेल्वराज एम. का कहना है कि चौथी तिमाही (Q4FY26) के मजबूत नतीजों के बाद YES Bank में पॉजिटिव ट्रेंड बना हुआ है। वीकली चार्ट पर शेयर एक बुलिश पैटर्न बना रहा है और सभी टाइमफ्रेम के मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

उनके मुताबिक निकट अवधि में शेयर 26 रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि 20 रुपये एक अहम सपोर्ट रहेगा। अगर शेयर अपने बड़े रेजिस्टेंस को पार कर लेता है, तो मीडियम टर्म में यह 32 रुपये या उससे ऊपर के स्तर भी छू सकता है।

Anand Rathi की राय

Anand Rathi Share and Stock Brokers के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट जिगर एस. पटेल के अनुसार YES Bank ने 24.25 रुपये के अहम रेजिस्टेंस को पार करते हुए मजबूत ब्रेकआउट दिया है। यह निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है और आने वाले ट्रेडिंग सेशंस में और तेजी की संभावना बनाता है।

Stocks to Watch: 18 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 18 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 18 जून के कारोबार में कुछ शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है। इनमें नए ऑर्डर, प्रोडक्ट लॉन्च, मैनेजमेंट से जुड़े बदलाव, हिस्सेदारी बिक्री जैसी खबरें देखने को मिली हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Lupin

फार्मा कंपनी Lupin ने अमेरिका में Azilsartan Medoxomil टैबलेट लॉन्च की है। यह दवा वयस्कों में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होती है। इसके साथ कंपनी ने कार्डियोवैस्कुलर सेगमेंट में अपना पोर्टफोलियो और बढ़ाया है।

HDFC Bank

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में नए चेयरमैन की तलाश तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI ने बैंक के बोर्ड से नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है, क्योंकि मौजूदा अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री का कार्यकाल लगभग खत्म हो चुका है।

HFCL

टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL को RVNL से 2,666.09 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उत्तर प्रदेश (पश्चिम) में BharatNet Phase-III प्रोजेक्ट के लिए है। कंपनी टेलीकॉम नेटवर्क बनाएगी और 10 साल तक उसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस भी संभालेगी।

Waaree Renewable Technologies

रिन्यूएबल कंपनी Waaree Renewable Technologies को अपने 980 मेगावाट पीक (MWP) / 700 मेगावाट एसी (MWAC) सोलर प्रोजेक्ट में 30.91 करोड़ रुपये का अतिरिक्त EPC ऑर्डर मिला है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़कर 1,044.69 करोड़ रुपये हो गई है।

Bosch Home Comfort India

Bosch Global Software Technologies, Bosch Home Comfort India में अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। OFS के जरिए 21.7 लाख शेयर या 7.97% हिस्सेदारी बेची जाएगी। फ्लोर प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 10% कम है।

RVNL

सरकारी रेलवे कंपनी RVNL को East Coast Railway से 967.92 करोड़ रुपये का EPC ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है। इसके तहत Nergundi-Barang और Khurda Road-Vizianagaram सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए कई बड़े स्टील ब्रिज बनेंगे।

RailTel

सरकारी टेलीकॉम और IT कंपनी RailTel को 52.57 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी डिजास्टर रिकवरी IT इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। इसके बाद 5 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम भी करेगी।

Apollo Hospitals

हेल्थकेयर कंपनी Apollo Hospitals के खिलाफ चल रही कार्रवाई RBI ने बंद कर दी है। कंपनी ने मामले के निपटारे के लिए 17.8 करोड़ रुपये की कंपाउंडिंग राशि जमा की है।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी Balkrishna Industries ने सरोज कुमार खुंटिया को नया CFO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 18 जून 2026 से प्रभावी होगी।

Vedanta Power

डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में लिस्ट हुई Vedanta Power ने भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा प्लान बनाया है। कंपनी Hydro Power, Battery Energy Storage Systems (BESS) और Nuclear Energy जैसे नए क्षेत्रों में उतरने की तैयारी कर रही है। बढ़ती बिजली मांग और बदलते ऊर्जा बाजार को देखते हुए कंपनी पारंपरिक बिजली उत्पादन से आगे बढ़कर नए कारोबार के अवसर तलाश रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: ₹4800 सस्ता हुआ सोना, ₹5300 टूटी चांदी; जानिए क्यों आई बड़ी गिरावट

Gold Price Today: घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत रुपये और वैश्विक बाजार में कमजोरी के बीच कारोबारियों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई। इससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। एक दिन पहले सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में भी बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। चांदी 5,300 रुपये टूटकर 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गई।

मंगलवार को चांदी 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

एनालिस्टों के मुताबिक, लगातार दूसरे दिन घरेलू मांग कमजोर रही। वहीं शेयर बाजार में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान दूसरी एसेट की ओर बढ़ा है।

इसके अलावा निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले समेत कई अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से सोने में खरीदारी कमजोर रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.18% फिसलकर 69.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी हुई है। इस वजह से फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर

बाजार की नजर शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित बैठक पर भी है। एनालिस्टों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति होती है तो भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित माने वाले निवेश की मांग घट सकती है।

वहीं अगर बातचीत में कोई बाधा आती है या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सोने और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं।

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“सुधर जाओ, वरना फिर से सिर पर गिराएंगे बम”! G7 समिट में ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, डील से पहले दी खुली चेतावनी

फ्रांस के एवियान शहर में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) से एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और कड़े तेवर दिखाए हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अपना रवैया नहीं सुधारा, तो अमेरिका एक बार फिर उस पर बम बरसाना शुरू कर देगा।

यह तीखी चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब दोनों देश पश्चिमी एशिया (Middle East) में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए राजी हो चुके हैं। इसी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों के बीच एक समझौते (MoU) पर दस्तखत होने वाले हैं। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह समझौता अभी फाइनल नहीं है।

ट्रंप ने अपने ही अंदाज में कहा, “यह सिर्फ एक समझौता (MoU) है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम फिर से उन पर गोलियां चलाना और उनके सिर पर बम गिराना शुरू कर देंगे। अगर वे ढंग से बर्ताव नहीं करेंगे, तो मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आएगा। हम सीधे उनके सिर के ठीक बीचों-बीच बम गिराने के लिए वापस लौट आएंगे।”

‘यह डील कई मायनों में अच्छी है’

हालांकि, ईरान को घुड़की देने के साथ-साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने इस होने वाले समझौते की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि यह समझौता कई मायनों में अच्छा है, सबसे खास बात यह कि यह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेगा। ट्रंप हमेशा से यह मांग करते रहे हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

ट्रंप ने इस समझौते के फायदे गिनाते हुए कहा:

सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल: इस समझौते की खबर से ही शेयर बाजार का ग्राफ ऊपर जा रहा है और फ्यूल की कीमतें नीचे आ रही हैं।

खुल जाएगा समुद्री रास्ता: समझौता साइन होने के अगले दो दिनों के भीतर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से दोबारा खोल दिया जाएगा।

अमेरिका नहीं देगा एक भी पैसा: ट्रंप ने साफ किया कि इस समझौते के तहत वॉशिंगटन (अमेरिका) ईरान को कोई पैसा नहीं दे रहा है। हालांकि, उन्होंने किसी तीसरे देश के निवेश किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया।

ओबामा पर साधा निशाना: “ईरान ने उन्हें धोखा दिया”

ट्रंप ने इस मौके पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी जमकर भड़ास निकाली। ओबामा के कार्यकाल में हुए मशहूर ईरान न्यूक्लियर डील (JCPOA) का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया, “ईरानियों ने ओबामा को धोखा दिया था और उनसे अरबों डॉलर ऐंठ लिए थे।”

बता दें कि ट्रंप शुरू से ही ओबामा की इस न्यूक्लियर डील के खिलाफ रहे हैं। यही वजह थी कि जब वे पहली बार राष्ट्रपति बने थे, तो उन्होंने 2018 में अमेरिका को इस डील से बाहर कर लिया था।

क्या है इस अमेरिका-ईरान डील में?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए समझौते (MoU) में मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:

व्यापार का रास्ता खुलेगा: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को तुरंत खोला जाएगा। यह दुनिया का वो बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग 20% (पांचवा हिस्सा) तेल और गैस का व्यापार होता है।

पाबंदियां हटेंगी: इसके बदले में ईरान पर लगे अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र (UN) के कड़े प्रतिबंधों को हटाने का रास्ता साफ होगा।

परमाणु हथियारों पर रोक: ईरान वादा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

60 दिनों का सीजफायर: दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हुए हैं, ताकि शांति से आगे की बातचीत हो सके।

हर मोर्चे पर जंग का खात्मा: इस डील का फोकस लेबनान सहित सभी मोर्चों पर दुश्मनी और लड़ाई को पूरी तरह खत्म करना है, जिसकी मांग ईरान लगातार कर रहा था।

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अमेरिका में मिलने वाले प्रति घंटा वेतन में गिरावट जारी:मध्यम वर्ग की आय धीमी गति से बढ़ रही, एआई से भी बढ़ी समस्या

अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय एक विरोधाभास से गुजर रही है, जहां एक ओर अरबपतियों की संपत्ति नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, वहीं आम वर्कर्स बढ़ती महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। पिछले सप्ताह इसकी झलक दो घटनाओं में दिखाई दी। बुधवार को लेबर ब्यूरो ने बताया कि ऊर्जा कीमतों(बिजली, पेट्रोल, गैस, डीजल) में बढ़ोतरी ने औसत अमेरिकी कर्मचारी की पिछले डेढ़ साल की वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग खत्म कर दी। वहीं शुक्रवार को स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन गए। अर्थशास्त्रियों गैब्रियल जकमैन और इमैनुएलसाएज के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध के तथाकथित “गिल्डेड एज’ में सबसे अमीर अमेरिकियों की संपत्ति देश के वार्षिक आर्थिक उत्पादन के लगभग 3% के बराबर थी। आज अमेरिका के शीर्ष 0.00001% यानी लगभग 20 लोगों की संपत्ति राष्ट्रीय उत्पादन (अमेरिकी कंपनियों द्वारा अमेरिका और अन्य देशों में सालाना किया जाने वाला उत्पादन ) के 12% तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में शीर्ष स्तर पर संपत्ति का इतना बड़ा केंद्रीकरण पहले कभी नहीं देखा गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर स्टीफेनी स्टेंटचेवा केअनुसार, शेयर बाजार में लगातार उछाल ने लोगों में यह भावना पैदा की है कि आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के लिए अधिक काम कर रही है। हालांकि आधे से अधिक अमेरिकी परिवार प्रत्यक्ष रूप से या रिटायरमेंट फंड के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश रखते हैं और उन्हें भी लाभ मिला है, लेकिन फेडरल रिजर्व के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दशक में मध्यम वर्ग की संपत्ति अमीरों की तुलना में कहीं धीमी गति से बढ़ी है। ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण मई में अमेरिका की मुद्रास्फीति तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। महंगाई को समायोजित करने के बाद प्रति घंटे मिलने वाला वास्तविक वेतन लगातार तीन महीनों से घट रहा है। नतीजतन, ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल के शुरुआती दौर में हुई वेतनवृद्धि का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। अमेरिकी परिवार पहले ही कोविड-19 महामारी,चार दशक की सबसे ऊंची महंगाई, ऊंची ब्याज दरों, टैरिफ और मंदी की आशंकाओं का सामना कर चुके हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई तकनीकी कंपनियों के प्रमुख चेतावनी दे चुके हैं कि एआई आने वाले वर्षों में अनेक श्रेणियों की नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। कोलंबिया बिजनेस स्कूल के अर्थशास्त्री ग्लेन हबार्ड का कहना है कि जब तकनीकी कंपनियां स्वयं यह संदेश देती हैं कि उनकी तकनीक लोगों की नौकरियां खत्म कर सकती है, तो उसके खिलाफ प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इसी वजह से अमेरिका में आर्थिक असमानता, सुपररिच वर्ग के बढ़ते प्रभाव और आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर बहस पहले से अधिक तेज हो गई है। महंगाई बढ़ने के साथ कमाई घटी – अमेरिका में महामारी के बाद महंगाई चार दशक में सबसे अधिक हो गई । – राष्ट्रीय आय में वर्कर्स के हिस्से में लगातार गिरावट। – अमीरों की तुलना में मध्यमवर्ग की संपत्ति में बढ़ोतरी की गति धीमी। – लंबे समय तक महंगाई रहने से कंज्यूमर खर्च से बचते हैं। – प्रति घंटा वेतनों में तीन माह से गिरावट जारी। एआई कंपनियों के कई बड़े आईपीओ आएंगे टेक कंपनियों को अभी हाल में शेयर मार्केट की तेजी से फायदा हुआ है। स्पेसएक्स के बाद एआई कंपनियों के बड़े-बड़े आईपीओ की श्रृंखला आ सकती है। महंगाई और आय में गिरावट की चिंता के बीच एआई में उछाल से लोगों का अमीरों की संपत्ति में बढ़ोतरी से असहज होना असामान्य नहीं है। कम आय वालों को करना पड़ रहा संघर्ष अर्थशास्त्रियों के अनुसार महंगाई के दौर से कंज्यूमर का आर्थिक व्यवहार लंबे समय तक प्रभावित रहता है। यह उनके बजट पर बोझ के साथ अनुचित भी है, क्योंकि अमीर लोग तो महंगाई का सामना अपेक्षाकृत आसानी से कर लेते हैं जबकि कम आय वाले परिवारों को संघर्ष करना पड़ता है। कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटरों का विरोध सर्वेक्षणों के अनुसार कई वर्कर्स करिअर पर एआई टेक्नोलॉजी के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। अमेरिका के कई राज्यों में वोटर अपने इलाके में डेटा सेंटरों के निर्माण पर विरोध जता चुके हैं। वे अपने बिजली के बिल, पानी सप्लाई और हवा की क्वालिटी पर इसके असर की बात कह रहे हैं।

Realme Narzo Power 5G : 10,001mAh की महाबली बैटरी, भारत का सबसे पतला फोन, जानिए क्या है कीमत

Realme Narzo Powe 5G

 Realme  ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Realme Narzo Power 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को एक अनोखे 'कॉमिक स्ट्रिप' (Comic Strip) स्टाइल में पेश किया है, जो युवाओं और डिजिटल-फर्स्ट उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ग्राहकों को खरीदारी पर 3,999 रुपए तक के अन्य बेनिफिट्‍स भी मिलेंगे।

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Realme Narzo Power 5G

10,001mAh बैटरी के साथ सबसे स्लिम डिजाइन

रियलमी का दावा है कि यह भारत का सबसे पतला (Slimest) स्मार्टफोन है, जिसमें 10,001mAh की विशाल बैटरी दी गई है। कंपनी ने इसे “अनस्टॉपेबल पावर” (अजेय शक्ति) की थीम पर पेश किया है, जो गेमिंग और भारी इस्तेमाल के दौरान भी खत्म नहीं होगी।

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कीमत और उपलब्धता

Realme Narzo Power 5G दो आकर्षक रंगों— टाइटन सिल्वर और टाइटन ब्लू में उपलब्ध होगा।

वेरिएंट: 8GB + 128GB और 8GB + 256GB

कीमत: पहली सेल के दौरान इसकी प्रभावी कीमत 23,999 रुपए रखी गई है। 

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क्या है 'NERO' कॉमिक की कहानी

इस स्मार्टफोन को लॉन्च करने के लिए रियलमी ने 'NERO: Unstoppable Power Awakens' नाम से एक कॉमिक जारी की है। यह कहानी एक भविष्यवादी (Futuristic) दुनिया पर आधारित है जहाँ लोग बैटरी खत्म होने की समस्या से जूझ रहे हैं। कहानी के तीन मुख्य पात्र- नेरो, सारा और दीप- एक ऐसी जादुई डिवाइस (Narzo Power 5G) की खोज में निकलते हैं, जिसमें कभी न खत्म होने वाली ऊर्जा है। कॉमिक के जरिए दिखाया गया है कि कैसे आम स्मार्टफोन गेमिंग के दौरान लैग (Lag) करते हैं, जबकि Narzo Power 5G अपनी ड्यूल चिपसेट आर्किटेक्चर और विशाल बैटरी की बदौलत स्मूथ परफॉर्मेंस देता है।  Edited by : Sudhir Sharma

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