Horizon Reclaim India Listing: 46% से ज्यादा बढ़त में लिस्टिंग के बाद 5% टूटा शेयर, लगा लोअर सर्किट

19 जून को SME सेक्टर की कंपनी होराइजन रीक्लेम (इंडिया) की शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। लेकिन तुरंत ही थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी। शेयर BSE SME पर 46.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 151 रुपये पर लिस्ट हुआ। लेकिन फिर तुरंत ही 5 प्रतिशत लुढ़का और 143.45 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया। IPO प्राइस 103 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी रीक्लेम्ड रबर बनाती है। यह रबर पुराने टायरों, रबर ट्यूब्स, ट्रेड पीलिंग और इंडस्ट्रियल स्क्रैप जैसे इस्तेमाल किए गए रबर मैटेरियल्स से रीसाइकिल करके बनाया जाता है।

54.27 करोड़ रुपये का IPO 12 जून को खुला था ओर 16 जून को बंद हुआ। इसमें 53 लाख नए शेयर जारी हुए। पब्लिक इश्यू कुल 304.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 186.72 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 450.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 308.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

Horizon Reclaim (India) का मार्केट कैप लगभग 280 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के प्रमोटर मोहित बजाज और ​मल्लिका बजाज हैं।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

कंपनी की वित्तीय सेहत

Horizon Reclaim (India) का वित्त वर्ष 2026 के दौरान शुद्ध मुनाफा 10.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 7 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 36.39 करोड़ रुपये थी। EBITDA 16.32 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10.46 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 35.76 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

5 दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 19 जून को गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के चंद पलों के अंदर ही लगभग 832 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से लगभग 832 अंक तक फिसलकर 76,578.08 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,75,69,044.59 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,34,971.443 करोड़ रुपये की कमी।

कच्चे तेल और रुपये की चाल

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। रुपया 19 जून को शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर है। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 19 जून को HDFC Bank, HCL Tech, Bharat Forge समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स पर शेयर बाजारों को जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज सालाना आम बैठक है। इसके अलावा एसएमई सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कुछ कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड, एक्स-बोनस, एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

इन शेयरों पर रखें नजर

Wipro: कंपनी Aggne Global IT Services में अतिरिक्त 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के 30 जून, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। 15 फरवरी, 2024 को विप्रो और उसकी सब्सिडियरी Wipro IT Services, LLC ने Aggne Global IT Services और Aggne Global Inc. में 60-60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।

HDFC Bank: RBI ने HDFC बैंक के अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह कार्यकाल 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) रहेगा।

HCL Technologies: कंपनी ने चेन्नई में AI इनोवेशन जोन लॉन्च किया है। इसका मकसद कंपनियों को Intel-बेस्ड AI प्रोडक्ट्स और HCLTech AI सॉल्यूशंस में इनोवेशन करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने में मदद करना है।

Amber Enterprises India: एम्बर ग्रुप ने Oppo Mobiles India के साथ मैन्युफैक्चरिंग के लिए साझेदारी की है। OPPO India, भारत में OPPO, OnePlus और Realme ब्रांड्स के मोबाइल फोन की लाइसेंस्ड मैन्युफैक्चरर है। साझेदारी के तहत, एम्बर ग्रुप इन ब्रांड्स के लिए मोबाइल फोन बनाएगा।

ImagicaaWorld Entertainment: महाराष्ट्र सरकार के सिंचाई विभाग ने कंपनी को बांधों से पानी का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है। विभाग ने आसपास के इलाकों के बांधों में पानी का स्तर कम होने और अल-नीनो (El Niño) के असर का हवाला दिया है। इसके चलते कंपनी के मैनेजमेंट ने महाराष्ट्र के खोपोली में स्थित Imagicaa Water Park में कामकाज को 19 जून से अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक पानी की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।

Diamond Power Infrastructure: कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 2,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड एक या ज्यादा किश्तों में जुटाया जाएगा।

General Insurance Corporation of India: डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश लहेरी ने 18 जून से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पदभार संभाल लिया है। इसके साथ ही, वी. बालकृष्ण 18 जून से कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नहीं हैं। हालांकि, बालकृष्ण GIC में जनरल मैनेजर के तौर पर सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।

Bosch Home Comfort India: बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज ने ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में 2.02 लाख शेयरों तक के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 19.63 लाख शेयरों के बेस ऑफर साइज के अलावा है। अब कुल ऑफर साइज बढ़कर 21.66 लाख शेयर हो जाएगा। OFS 19 जून को बंद होगा।

Bharat Forge: कंपनी के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली डिफेंस सब्सिडियरी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स ने यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो में मिलिट्री व्हीकल और मोबाइल डिफेंस क्षमताएं देने वाली प्रमुख कंपनी AM जनरल के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद बड़े पैमाने पर सहयोगी डिस्ट्रीब्यूशन को सपोर्ट करना है। साथ ही इस प्लेटफॉर्म को उन सहयोगी देशों के लिए एक स्केलेबल और एक्सपोर्ट-योग्य आर्टिलरी सॉल्यूशन के तौर पर पेश करना है, जो आधुनिक, मोबाइल और सुरक्षित 155mm फायरपावर क्षमताएं चाहते हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Anthem Biosciences: प्रमोटर अरुणा गणेश एंथम बायोसाइंसेज में अपनी 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकल गए। उन्होंने यह बिक्री 1,274.7 करोड़ रुपये में की। प्रमोटर द्वारा बेची गई 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी को कई घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने खरीदा, जिनमें 360 ONE MF, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी केनरा रोबेको MF, घिसालो मास्टर फंड, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज़ एशिया, व्हाइटओक कैपिटल MF, महिंद्रा मैनुलाइफ MF, PI अपॉर्च्युनिटीज़ AIF V, प्रूडेंशियल हांगकांग, SBI MF, सोसिएट जेनरल और UTI MF शामिल हैं।

Shaily Engineering Plastics: प्रमोटर वनिता एल. नागडा ने शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में 1.4 प्रतिशत हिस्सेदारी 170.3 करोड़ रुपये में बेच दी है।

SME लिस्टिंग

होरिजॉन रिक्लेम (इंडिया)

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HDFC बैंक

HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स

अंबा एंटरप्राइजेज

AWL एग्री बिजनेस

कोरोना रेमेडीज

GHCL टेक्सटाइल्स

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

इंडियामार्ट इंटरमेश

इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

पॉलीकैब इंडिया

राघव प्रोडक्टिविटी एनहांसर्स

सैनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया

सॉलिटेयर मशीन टूल्स

टाटा कम्युनिकेशंस

टोरेंट पावर

ये स्टॉक करेंगे एक्स-स्प्लिट और एक्स-बोनस ट्रेड

दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया

स्ट्रिंग मेटावर्स

दुनिया की टेंशन खत्म… ईरान-अमेरिका पीस डील होते ही होर्मुज से बेखौफ गुजरने लगे जहाज, दनादन लुढ़क रहा तेल; अब शेयर बाजार लगाएगा लंबी छलांग?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुरुवार को एक उत्साहजनक तस्वीर सामने आई। सऊदी अरब के तीन विशाल तेल टैंकर, जिनमें करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल भरा था, बिना किसी रुकावट के इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजर गए। हफ्तों की तनातनी के बाद यह नजारा इस बात का संकेत था कि ईरान-अमेरिका के बीच कुछ बदल रहा है

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Stock in Focus: एक साल में 53% का रिटर्न, अब प्रमोटर ने ब्लॉक डील में बेचे 4 लाख शेयर

Stock in Focus: इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनी Shaily Engineering Plastics की प्रमोटर वनीता नागदा ने 18 जून को ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के 4 लाख शेयर बेच दिए।

एक्सचेंज पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह सौदा औसतन ₹2,635.05 प्रति शेयर के भाव पर हुआ। इस हिसाब से डील की कुल वैल्यू करीब ₹105.4 करोड़ रही। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इन शेयरों को किस निवेशक ने खरीदा है।

हाल के महीनों में चर्चा में रही कंपनी

Shaily Engineering Plastics पिछले कुछ महीनों से लगातार निवेशकों की नजर में बनी हुई है। इसकी वजह कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर और मजबूत वित्तीय नतीजे हैं।

इस साल कंपनी को एक बड़ी घरेलू फार्मा कंपनी से करीब ₹423 करोड़ का मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस समझौते के तहत कंपनी अगले चार साल तक पेन इंजेक्टर की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे आने वाले वर्षों में कारोबार को सहारा मिल सकता है।

मार्च तिमाही में बढ़ा मुनाफा

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने मजबूत नतीजे दर्ज किए। Q4 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.3% बढ़ा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 40.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कारोबार की बेहतर लाभप्रदता को दिखाती है।

हालांकि, तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग रही। पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में 4% की गिरावट आई। इसके बावजूद नेट प्रॉफिट 7.4% बढ़ने में सफल रहा। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) ₹8.88 रही।

Shaily Engineering के शेयरों का हाल

Shaily Engineering Plastics का शेयर 18 जून को 5.49% की गिरावट के साथ ₹2,725 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.87% चढ़ा है। वहीं, एक साल में इसने करीब 53% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.54 हजार करोड़ रुपये है।

Shaily Engineering इंजीनियरिंग प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी है। यह फार्मा, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट्स और डिवाइस तैयार करती है। कंपनी पेन इंजेक्टर, ड्रग डिलीवरी डिवाइस और अन्य हाई-प्रिसिजन प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग भी करती है।

टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: शुक्रवार 19 जून को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार 19 जून शुक्रवार कई कंपनियां खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। कहीं नए CEO की नियुक्ति हुई है, तो कहीं फंड जुटाने और रणनीतिक साझेदारी जैसे फैसले लिए गए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank को RBI से बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने केकी मिस्त्री का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 18 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। साथ ही बैंक ने 5 अगस्त 2026 को 32वीं AGM बुलाने की मंजूरी भी दी है।

IT Stocks

ग्लोबल IT कंपनी Accenture के ताजा नतीजों उम्मीद से कमजोर रहे। कंपनी की कमाई बढ़ी है, लेकिन रेवेन्यू मार्केट की उम्मीद से थोड़ा कम रहा। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है। ऐसे में टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसे शेयरों में हलचल दिख सकती है।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge की सहयोगी Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी डिफेंस कंपनी AM General के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए आधुनिक मोबाइल तोप सिस्टम विकसित करेंगी।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने यूरोप की रिटेल कंपनी Metro AG का बड़ा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इससे Metro AG को AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का ज्यादा फायदा मिलेगा।

Quick Heal Technologies

साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस देने वाली Quick Heal Technologies ने हरीश कुमार जीएस को नया CEO नियुक्त किया है। उनके पास साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है।

Bosch Home Comfort India

वॉटर हीटर और होम कम्फर्ट प्रोडक्ट्स बनाने वाली Bosch Home Comfort India के प्रमोटर ने OFS में ओवर-सब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद ऑफर का आकार बढ़ाकर 21.67 लाख शेयर कर दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिलती है।

Manappuram Finance

गोल्ड लोन कंपनी Manappuram Finance का बोर्ड 23 जून को फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। कंपनी कर्ज के जरिए पूंजी जुटाने के विकल्पों पर चर्चा करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, ज्यादा लोन देने और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

Diamond Power Infrastructure

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Diamond Power Infrastructure के बोर्ड ने QIP के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को इक्विटी शेयर जारी करके जुटाएगी।

MSP Steel & Power

स्टील और पावर सेक्टर में काम करने वाली MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने खुले बाजार से 38.25 लाख शेयर खरीदे हैं। प्रमोटर्स की तरफ से हिस्सेदारी बढ़ाना आमतौर पर कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत माना जाता है।

Brigade Enterprises

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Brigade Enterprises को चेन्नई में अपने एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर झटका लगा है। प्रोजेक्ट की एनवायरमेंटल क्लीयरेंस रद्द कर दी गई है। कंपनी इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है।

Tata Capital

टाटा ग्रुप की NBFC Tata Capital ने अगले कुछ वर्षों के लिए अपने ग्रोथ टारगेट दोहराए हैं। कंपनी का लक्ष्य AuM और मुनाफे दोनों को मजबूत करना है। मैनेजमेंट का कहना है कि कारोबार में फिलहाल कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही। आने वाले समय में गोल्ड लोन, Micro LAP और किफायती होम लोन पर ज्यादा फोकस रहेगा।

Rajratan Global Wire

स्टील वायर बनाने वाली Rajratan Global Wire को ICRA से पॉजिटिव अपडेट मिला है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी है। यह इस बात का संकेत माना जाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर एजेंसी का भरोसा कायम है।

Vijay Kedia Stock: विजय केडिया की इस लॉजिस्टिक्स कंपनी में एंट्री, एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है स्टॉक

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Gold Silver Rates Today: लगातार तीसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी 6660 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 960 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी 6660 प्रति किलोग्राम फिसल गई। शेयर बाजारों में तेजी का असर बुलियन की डिमांड पर पड़ा।

17 जून को भी गिरा था सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाला सोना 960 रुपये गिरकर 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम (टैक्स सहित) पर आ गया। 17 जून को यह 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी भी बिकवाली दबाव में टूटी

चांदी पर भी बिकवाली का दबाव दिखा। यह 6,660 रुपये गिरकर 2,48,740 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर बंद हुई। 17 जून को यह 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

शेयर बाजारों में मजबूती का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती जारी है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। इससे इनवेस्टर्स बुलियन की जगह शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, विदेश में बुलियन में तेजी का रुख है।

फेड की पॉलिसी का बुलियन पर असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी का असर भी बुलियन पर दिखा। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बाद गोल्ड में कमजोरी दिखी। फेड की पॉलिसी से यह संकेत मिलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मजबूती बनी रहती है तो इस साल इंटरेस्ट रेट एक बार बढ़ सकता है।

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विदेश में बुलियन में हल्की तेजी

विदेश में गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। यह 4,266.47 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.38 फीसदी के उछाल के साथ 68.17 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रपति और उन्होंने यूएस-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

Bajaj Auto Buyback: ₹5633 करोड़ का शेयर बायबैक, 19% मिलेगा प्रीमियम; रिकॉर्ड डेट भी हुई तय

Bajaj Auto Buyback: दोपहिया और तिपहिया गाड़ी बनाने वाली Bajaj Auto ने अपने 5,633 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक के लिए 24 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। रिकॉर्ड डेट वही तारीख होती है, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-से शेयरधारक बायबैक ऑफर में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

कंपनी ने कहा है कि उसकी बायबैक कमेटी ने 24 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर मंजूरी दी है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे बायबैक में हिस्सा ले सकेंगे।

कितने शेयर वापस खरीदेगी कंपनी?

Bajaj Auto के बोर्ड ने 6 मई 2026 को बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद 18 जून 2026 को शेयरधारकों से भी मंजूरी मिल गई। बायबैक के तहत कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 46.94 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी। इसके लिए कंपनी ने 12,000 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है। निवेशकों को भुगतान कैश में किया जाएगा।

कंपनी का कुल बायबैक साइज 5,633 करोड़ रुपये तक होगा। हालांकि, इसमें ब्रोकरेज, टैक्स, फाइलिंग फीस, कानूनी सलाह, पब्लिकेशन और अन्य संबंधित खर्च शामिल नहीं हैं।

Bajaj Auto का बायबैक कैसे होगा?

Bajaj Auto अपने शेयर टेंडर ऑफर रूट के जरिए वापस खरीदेगी। भारत में फिलहाल शेयर बायबैक का यही सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है। टेंडर ऑफर रूट में कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों से पहले से तय कीमत पर शेयर खरीदती है। इस मामले में यह कीमत 12,000 रुपये प्रति शेयर है।

अगर आपके पास रिकॉर्ड डेट तक Bajaj Auto के शेयर हैं और आप पात्र निवेशकों की सूची में शामिल होते हैं, तो आप अपने शेयर कंपनी को बेचने के लिए ऑफर कर सकते हैं।

2024 के बायबैक से क्या अलग है?

Bajaj Auto ने इससे पहले 2024 में भी बायबैक किया था। उस समय कंपनी ने अपने कुल इक्विटी शेयरों का 1.41% हिस्सा 10,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदा था।

मौजूदा बायबैक भी टेंडर ऑफर रूट के जरिए ही किया जा रहा है। हालांकि, इस बार कंपनी 12,000 रुपये प्रति शेयर का भाव दे रही है, जो पिछले बायबैक प्राइस से ज्यादा है।

कंपनी में किसके पास कितनी हिस्सेदारी?

Bajaj Auto के पास अब करीब 3 लाख रिटेल शेयरधारक हैं। रिटेल निवेशक वे होते हैं जिनकी अधिकृत शेयर पूंजी 2 लाख रुपये तक होती है। दिसंबर 2023 के अंत में कंपनी के पास 1.87 लाख रिटेल निवेशक थे। यानी पिछले ढाई साल में रिटेल निवेशकों की संख्या काफी बढ़ी है। हालांकि, उनकी हिस्सेदारी में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। दिसंबर 2023 में रिटेल निवेशकों के पास 5.43% हिस्सेदारी थी, जो अब बढ़कर 5.62% हो गई है।

मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी के प्रमोटरों के पास 55% हिस्सेदारी थी। वहीं, म्यूचुअल फंड्स का भरोसा भी कंपनी पर बढ़ा है। पिछले दो साल में उनकी हिस्सेदारी 5.32% से बढ़कर 7.17% हो गई है।

शेयर का क्या रहा हाल?

Bajaj Auto का शेयर गुरुवार को मामूली बढ़त के साथ 10,088.50 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने बायबैक के लिए 12,000 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है, जो मौजूदा बाजार कीमत से करीब 1,912 रुपये या लगभग 19% ज्यादा है।

Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

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Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

Max Healthcare Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (Max Healthcare) के शेयर गुरुवार 18 जून को 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह निफ्टी 50 पर टॉप गेनर बना। दोपहर के ट्रेड में मैक्स हेल्थकेयर का स्टॉक 1,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे हॉस्पिटल ऑपरेटर की वैल्यू लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह रैली बड़े मार्केट से काफी आगे निकल गई, उस समय निफ्टी 50 0.12 फीसदी की तेजी दिखा रहा था।

बता दें कि सिटी ने पिछले साल स्टॉक में करेक्शन के बाद एक फेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल पर जोर दिया और अगले कई सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया। सिटी ने मैक्स हेल्थकेयर स्टॉक पर 1,240 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले साल स्टॉक में लगभग 18 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे वैल्यूएशन हिस्टोरिकल एवरेज पर वापस आ गए हैं।

सिटी के मुताबिक, वैल्यूएशन करेक्शन से स्टॉक का अट्रैक्शन बेहतर हुआ है, ऐसे समय में जब कंपनी मीडियम-टर्म में मज़बूत ग्रोथ प्रोफाइल दे रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैक्स हेल्थकेयर FY26 और FY30 के बीच 20 परसेंट EBITDA कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देगी, जिसे कैपेसिटी बढ़ाने और इसके हॉस्पिटल नेटवर्क में ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा।

सिटी को FY27 में लगभग 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और कहा कि FY28 में ग्रोथ और तेज़ हो सकती है क्योंकि एक्सपेंशन के काम ज़्यादा असरदार तरीके से होने लगेंगे। हालांकि, ब्रोकरेज ने एग्ज़िक्यूशन में देरी को एक बड़ा रिस्क बताया है जो ग्रोथ की रफ़्तार पर असर डाल सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के अपने फिस्कल चौथी तिमाही के रिज़ल्ट बताने के कुछ हफ़्ते बाद ब्रोकरेज की यह पॉज़िटिव कमेंट्री आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के लिए नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 387 करोड़ रुपये पोस्ट किया, जबकि रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 2,664 करोड़ रुपये हो गया।

रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से ज़्यादा पेशेंट थ्रूपुट की वजह से हुई, जिसमें एक साल पहले की तुलना में ऑक्यूपाइड बेड डेज़ में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पूरे नेटवर्क में बेड ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी पर स्थिर रही, जो हेल्थकेयर सर्विसेज़ की लगातार डिमांड को दिखाता है।

हालांकि, एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स परफॉर्मेंस को मिला-जुला माना। वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन एग्रेसिव हायरिंग और चल रही कैपेसिटी बढ़ाने की वजह से मार्जिन पर दबाव आया। नतीजों के बाद स्टॉक में गिरावट आई थी क्योंकि अर्निंग्स एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रही थीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स मिस का कारण ज़्यादातर ज़्यादा टैक्स रेट बताया था, हालांकि ब्रोकरेज ने कहा कि ऑपरेटिंग ट्रेंड्स मोटे तौर पर स्थिर रहे।

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