Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते टाटा पावर, HUL, LIC समेत 31 कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें HUL, Asian Paints, Tata Power, LIC, Indian Hotels, Supreme Industries और IndusInd Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों ने 22 जून से 27 जून के बीच डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है।

एक्स-डिविडेंड डेट क्या होती है?

एक्स-डिविडेंड डेट वह दिन होता है, जब किसी शेयर के अगले डिविडेंड की पात्रता खत्म हो जाती है। इस दिन शेयर की कीमत डिविडेंड के हिसाब से एडजस्ट हो जाती है।

भारत में T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू है। इसलिए सिर्फ रिकॉर्ड डेट पर शेयर खरीदने से डिविडेंड का फायदा नहीं मिलेगा। डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों को एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा।

इस हफ्ते किन कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है?

कंपनीडिविडेंडरिकॉर्ड डेट
DMR Engineering₹0.1422 जून
Panasonic Carbon India₹12.0022 जून
Sangam India₹2.0022 जून
Anand Rathi Share & Stock Brokers₹5.0023 जून
Asian Paints₹23.0023 जून
Dalmia Bharat₹5.0023 जून
Fredun Pharmaceuticals₹0.7023 जून
GNA Axles₹3.0023 जून
Hindustan Unilever (HUL)₹22.0023 जून
Indian Hotels₹3.2523 जून
Tata Power₹2.5023 जून
Thyrocare Technologies

₹7.0023 जून
Shankara Buildpro₹5.0024 जून
Wheels India₹9.1424 जून
LIC₹10.0025 जून
Allied Blenders & Distillers₹5.4026 जून
Alkyl Amines Chemicals₹10.0026 जून
Anthem Biosciences₹2.0026 जून
CARE Ratings₹14.0026 जून
GIC Housing Finance₹4.5026 जून
IndusInd Bank₹1.5026 जून
Dr Lal PathLabs₹4.0026 जून
Nippon Life India AMC₹12.5026 जून
SJS Enterprises₹3.5026 जून
Sona BLW Precision Forgings₹1.8026 जून
Supreme Industries₹25.0026 जून
Syngene International₹1.2526 जून
Uflex₹3.0026 जून
Vaibhav Global₹1.5026 जून
Visaka Industries₹1.2026 जून
Mawana Sugars₹4.0027 जून

26 जून सबसे अहम दिन

इस हफ्ते 26 जून को सबसे ज्यादा कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है। इसी दिन Supreme Industries, CARE Ratings, IndusInd Bank, Dr Lal PathLabs और कई अन्य कंपनियां डिविडेंड के लिए पात्र शेयरधारकों का तय करेंगी।

डिविडेंड कंपनियों की कमाई का वह हिस्सा होता है, जिसे वे अपने शेयरधारकों में बांटती हैं। इसलिए जो निवेशक डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट पर नजर जरूर रखनी चाहिए।

Damani Stocks: दमानी के पोर्टफोलियो में छिपे दो छोटे केमिकल स्टॉक्स, जानिए आपको क्यों रखनी चाहिए नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Damani Stocks: दमानी के पोर्टफोलियो में छिपे दो छोटे केमिकल स्टॉक्स, जानिए आपको क्यों रखनी चाहिए नजर

Damani Stocks: राधाकिशन दमानी का नाम आते ही सबसे पहले DMart की याद आती है। लेकिन उनकी कुछ छोटी और कम चर्चित होल्डिंग्स भी हैं। इनमें Mangalam Organics और Bhagiradha Chemicals शामिल हैं। दोनों ऐसी केमिकल कंपनियां हैं, जिनका कारोबार खास प्रोडक्ट्स पर है। आइए जानते हैं कि आपको इन कंपनियों पर क्यों नजर रखनी चाहिए।

Mangalam Organics

Mangalam Organics पाइन केमिस्ट्री से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कपूर, डिपेंटीन, सोडियम एसीटेट और रेजिन जैसे प्रोडक्ट तैयार करती है। इसका दावा है कि ये दुनिया की सबसे बड़ी कपूर निर्माता है।

दमानी के पास मार्च 2026 तक कंपनी में करीब 2.2% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025 में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने फिर हिस्सेदारी बढ़ाई। मौजूदा कीमतों पर यह हिस्सेदारी करीब 10 करोड़ रुपये की है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 338 करोड़ रुपये से बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि मुनाफे में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। FY23 में कंपनी को 27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। FY26 में 26 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। कंपनी विस्तार पर खर्च कर रही है, जिसकी वजह से कर्ज बढ़ा है और फ्री कैश फ्लो दबाव में है।

शेयर अपने 1,300 रुपये के ऑल-टाइम हाई से करीब 60% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। फिलहाल इसका PE करीब 15 है, जो इंडस्ट्री औसत 23 के मुकाबले कम है।

Bhagiradha Chemicals

Bhagiradha Chemicals एग्रोकेमिकल एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बनाती है। कंपनी के पास 30 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। यह अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात करती है।

दमानी ग्रुप की कंपनी Derive Trading and Resorts के जरिए इसमें करीब 3.3% हिस्सेदारी रखी गई है। यह हिस्सेदारी 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई है। इसकी वैल्यू करीब 74 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 318 करोड़ रुपये से बढ़कर 536 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि एग्रोकेमिकल सेक्टर में सुस्ती के चलते मुनाफा दबाव में रहा। FY26 में नई क्षमता शुरू होने के बाद कंपनी की ग्रोथ पर बाजार की नजर है। शेयर अपने 448 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से करीब 42% नीचे है।

कंपनी का PE करीब 185 है, जो काफी ऊंचा माना जाता है। प्रमोटर हिस्सेदारी भी 20% से नीचे है और हाल के वर्षों में इसमें गिरावट आई है। ऐसे में निवेशकों की नजर नई क्षमता के इस्तेमाल और मुनाफे में सुधार पर रहेगी।

निवेशकों को क्यों रखनी चाहिए नजर

दोनों ने हाल के वर्षों में क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश किया है। अगर मांग में सुधार आता है और नई क्षमता का पूरा इस्तेमाल होता है, तो रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

वहीं, राधाकिशन दमानी की मौजूदगी भी इन शेयरों से उम्मीदें जगाती है। हालांकि, आपको सिर्फ बड़े के नाम की वजह से किसी शेयर पर दांव नहीं लगाना चाहिए। कंपनी के नतीजों, कर्ज और कारोबार की प्रगति पर भी नजर रखनी चाहिए। जब सारी चीजें बेहतर लगे, तभी एंट्री लेनी चाहिए। तब तक ऐसे शेयरों को आप अपने वॉचलिस्ट में रख सकते हैं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Upcoming IPO: पैसे रखें तैयार! इस हफ्ते खुलेंगे 6 आईपीओ, मेनबोर्ड से होंगे 3 इश्यू

Upcoming IPO: कुछ समय की सुस्ती के बाद IPO बाजार अगले हफ्ते रफ्तार पकड़ने वाला है। 23 से 29 जून के बीच निवेशकों के पास कई नए IPO में निवेश का मौका होगा। इस दौरान मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में नए इश्यू खुलेंगे। वहीं, कुछ पहले से खुले IPO में भी निवेश जारी रहेगा। इसके अलावा कई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी होने वाली है।

मेनबोर्ड के तीन IPO पर रहेगी नजर

Waterways Leisure Tourism IPO: यह अगले हफ्ते का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। कंपनी 585 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूरी तरह फ्रेश इश्यू ला रही है। यह IPO 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। कंपनी ने 769-808 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। शेयरों की लिस्टिंग 1 जुलाई को हो सकती है।

Advit Jewels IPO: ज्वेलरी सेक्टर की Advit Jewels भी 23 जून को IPO लेकर आ रही है। कंपनी करीब 165 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। IPO 25 जून तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 130-138 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

CSM Technologies IPO: टेक्नोलॉजी सेक्टर की CSM Technologies तीसरी मेनबोर्ड कंपनी होगी। कंपनी करीब 146 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 107-113 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयरों की लिस्टिंग 2 जुलाई को प्रस्तावित है।

SME IPO भी रहेंगे चर्चा में

SME सेगमेंट में भी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। Jivial Industries का IPO 23 जून को खुलेगा। इसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगी।

टेक्सटाइल सेक्टर की Shreedhar Spinners भी 23 जून को IPO लॉन्च करेगी। कंपनी करीब 31 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड 51-53 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

Dhanwel Hybrid Seeds का IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। कंपनी करीब 27 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसका प्राइस बैंड 95-99 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

पहले से खुले IPO में भी निवेश का मौका

इस हफ्ते खुले कुछ IPO अगले हफ्ते भी निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम Turtlemint Fintech Solutions का है। कंपनी फ्रेश इश्यू और OFS के जरिए करीब 883 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह IPO 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा।

SME सेगमेंट में Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के IPO में 22 जून तक निवेश किया जा सकेगा। वहीं Anubhav Plast का IPO 23 जून तक खुला रहेगा।

अगले हफ्ते 6 कंपनियों की लिस्टिंग

IPO के साथ-साथ अगले हफ्ते लिस्टिंग कैलेंडर भी व्यस्त रहेगा। 24 जून को Clay Craft, Diksha Polymers, Leapfrog Engineering और Liotech Industries के शेयर SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

इसके बाद 25 जून को Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के शेयर बाजार में डेब्यू करेंगे।

Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

Park Medi World के शेयर में 26% तक उछाल का दम, एमके ग्लोबल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू किया कवरेज

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ITR Filing 2026: रिटर्न फाइल करने के बाद रिवाइज कर रहे हजारों टैक्सपेयर, जानिए क्या है इसकी वजह

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद उसे रिवाइज्ड करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसकी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की बढ़ती डेटा निगरानी है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई लोगों को रिटर्न भरने के बाद पता चलता है कि उनकी कुछ कमाई या लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़ गए हैं। इसके बाद उन्हें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करनी पड़ती है।

क्यों बढ़ रहे हैं रिवाइज्ड रिटर्न?

इसकी सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) है। AIS एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें आपकी कमाई और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी एक जगह दिखाई देती है। इसमें सैलरी, ब्याज, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड और शेयरों के सौदे, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, विदेशी धन भेजने और बड़े खर्च जैसी जानकारी शामिल होती है।

समस्या यह है कि AIS एक बार में पूरी तरह तैयार नहीं होता। बैंक, कंपनियां और दूसरी संस्थाएं समय-समय पर डेटा अपडेट करती रहती हैं। ऐसे में जो लोग जल्दी ITR भर देते हैं, उन्हें बाद में AIS में नई एंट्री दिखाई दे सकती है। इसके बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना जरूरी हो जाता है।

आज इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़े पैमाने डेटा जुटा रहा है। ऐसे में रिटर्न भरते समय छूटी हुई जानकारी बाद में सामने आ जाती है।

टैक्स रिकॉर्ड्स बदलते रहते हैं

AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS) अब स्थिर दस्तावेज नहीं हैं। इनमें रिटर्न दाखिल होने के बाद भी बदलाव हो सकता है। यानी आपने जिस दिन ITR भरी, उसके बाद भी आपके रिकॉर्ड में नई जानकारी जुड़ सकती है। यही वजह है कि कई बार रिटर्न सही भरने के बावजूद बाद में बदलाव की जरूरत पड़ जाती है।

इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब डेटा एनालिटिक्स और फेसलेस स्क्रूटनी का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है। सिस्टम अपने आप आंकड़ों का मिलान करता है। अगर कोई अंतर दिखाई देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है।

पहले छोटी-मोटी गड़बड़ियां नजरअंदाज हो जाती थीं। अब ऐसा नहीं है। ऐसे में कई टैक्सपेयर नोटिस आने का इंतजार करने के बजाय खुद ही रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना बेहतर समझते हैं।

AY 2026-27 के लिए डेडलाइन?

  • असेसमेंट ईयर 2026-27 के रिटर्न अभी भी Income Tax Act, 1961 के तहत दाखिल किए जाएंगे। यह बात तब भी लागू रहेगी, जब 1 अप्रैल 2026 से नया Income Tax Act, 2025 लागू हो चुका होगा।
  • मौजूदा नियमों के अनुसार Section 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि असेसमेंट पूरा होने के बाद यह सुविधा नहीं मिलेगी।
  • फाइनेंस बिल 2026 में इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन दिसंबर 2026 के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर शुल्क देना पड़ सकता है।
  • अगर यह समय सीमा भी निकल जाती है, तो Section 139(8A) के तहत Updated Return दाखिल करने का विकल्प मिलता है। यह सुविधा 48 महीने तक उपलब्ध रहती है। हालांकि इसमें अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

पहली बार में सही ITR भरना क्यों जरूरी?

बार-बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से बेहतर है कि पहली बार में ही सही रिटर्न भरी जाए। ITR दाखिल करने से पहले AIS, TIS और Form 26AS का मिलान अपने रिकॉर्ड से जरूर करना चाहिए। इसमें Form 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर स्टेटमेंट, ब्याज के सर्टिफिकेट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।

अगर AIS में कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, तो ‘Report Incorrect Information’ सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

जिन लोगों की कमाई के कई स्रोत हैं, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने वाले, म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले, विदेशी लेनदेन करने वाले या कैपिटल गेन कमाने वाले लोगों को ITR भरने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान जरूर कर लेना चाहिए।

थोड़ी-सी सावधानी बाद में रिवाइज्ड रिटर्न भरने की जरूरत को कम कर सकती है। साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच या नोटिस का जोखिम भी घट सकता है।

ITR Filing 2026: टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा अपडेट! AY 2026-27 के लिए ITR-3 यूटिलिटी लाइव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: रेलवे से डिफेंस तक… इन 6 कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, 22 जून को शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रेलवे, डिफेंस, डेटा सेंटर, पावर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं। इनसे कंपनियों की ऑर्डर बुक और रेवेन्यू को सहारा मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि सोमवार के कारोबार में इन शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है। यह KMEW का पहला बाहरी कमर्शियल शिपबिल्डिंग ऑर्डर है। इसके जरिए कंपनी ग्रीन शिपबिल्डिंग सेगमेंट में भी कदम रख रही है।

इस बीच SBI Funds Management ने कंपनी में 1.64% हिस्सेदारी खरीदी है। वहीं प्रमोटर्स ने ब्लॉक डील के जरिए कुछ हिस्सेदारी बेची है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.91% की बढ़त के साथ 2,072.90 रुपये पर बंद हुआ।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

यह हाल के दिनों में कंपनी को मिला दूसरा बड़ा ऑर्डर है। इससे पहले जून में Adani Infrastructure Management Services से 266 करोड़ रुपये मिला था। अप्रैल में मुंबई मोनोरेल के संचालन-रखरखाव के लिए 296 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। शुक्रवार को Power Mech Projects का शेयर NSE पर 1.24% की बढ़त के साथ 2,849 रुपये पर बंद हुआ।

RVNL

सरकारी रेल कंपनी RVNL को एक अन्य सरकारी कंपनी NMDC से 2,977 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10 मिलियन टन सालाना क्षमता वाला बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही लौह अयस्क और दूसरे कच्चे माल की ढुलाई व हैंडलिंग को भी आसान बनाएगा।

प्रोजेक्ट को 42 महीने में पूरा करना है। बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड की मदद से स्टॉक का बेहतर मैनेजमेंट किया जा सकता है। इससे ग्राहकों को एक जैसी गुणवत्ता वाला माल उपलब्ध कराने में भी मदद मिलती है। RVNL के शेयरों में शुक्रवार को 1.32% की गिरावट आई थी और ये 244.31 रुपये पर बंद हुए थे।

Kirloskar Oil

इंजन बनाने वाली Kirloskar Oil Engines (KOEL) को HyperNext से भारत में बन रहे एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी 192 मेगावाट क्षमता के पावर जनरेशन सिस्टम उपलब्ध कराएगी। इसके तहत KOEL के 2500 kVA Optiprime Dual Core सिस्टम की 96 यूनिट लगाई जाएंगी। इनका इस्तेमाल AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली बैकअप देने के लिए होगा।

कंपनी का कहना है कि AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच डेटा सेंटरों को मजबूत बैकअप पावर सिस्टम की जरूरत है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.83% की बढ़त के साथ 2,000 रुपये पर बंद हुआ।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए Gas Turbine Generators (GTGs) की सप्लाई करेगी। ये 1.25 मेगावाट क्षमता वाले सिस्टम जहाजों पर बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल होंगे और मौजूदा कम क्षमता वाले सिस्टम की जगह लेंगे। इस ऑर्डर को अगले 5 साल में पूरा किया जाएगा।

इससे एक दिन पहले Bharat Forge की रक्षा इकाई Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी कंपनी AM General के साथ साझेदारी की थी। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए 155mm आर्टिलरी गन प्लेटफॉर्म पेश करेंगी। शुक्रवार को Bharat Forge का शेयर 1.45% की बढ़त के साथ 2,048 रुपये पर बंद हुआ।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं। इन गाड़ियों का इस्तेमाल ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG, सीमेंट, स्टील, माइनिंग, एयरपोर्ट ऑपरेशन्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपनाए जाने का संकेत है।

हाल ही में कंपनी ने पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की सरकारी योजना में शामिल होने के लिए MoRTH के साथ समझौता किया है। शुक्रवार को Tata Motors का शेयर 401.95 रुपये पर बंद हुआ।

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Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स के शेयरों में सोमवार, 22 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि इन ऑर्डर्स में लगभग 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल्स और पिक-अप्स, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

इनका इस्तेमाल कई तरह के कामों में होगा, जैसे कि ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG और FMCD डिस्ट्रीब्यूशन, शहर के अंदर आवाजाही, और साथ ही सीमेंट, स्टील, माइनिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भी। इसके अलावा, ये वाहन शहर के अंदर और शहरों के बीच यात्री परिवहन के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल असल हालात में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों पर ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। साथ ही, यह पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह के कामों में EV को बड़े पैमाने पर और ऑपरेशनल तौर पर शामिल करने की दिशा में एक अहम बदलाव का संकेत है। टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 401.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है।

12 महीनों में eCV पोर्टफोलियो किया काफी मजबूत

कंपनी ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। अलग-अलग तरह के कामों और ऑपरेशंस की स्थितियों के हिसाब से नई पीढ़ी के eCV पेश किए हैं। टाटा मोटर्स की पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चल रही हैं। कई शहरों में इसकी 3,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें ऑपरेशनल हैं। ये बसें कुल मिलाकर 55 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट की बात करें तो सड़कों पर 17,000 से ज्यादा Tata eSCV चल रहे हैं।

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हाल ही में सरकार के साथ किया है एक समझौता

हाल ही में टाटा मोटर्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को नई और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी। योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी।

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी। योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बाजार की गिरावट में छुपा है अमीरी का सीक्रेट! कब गिरेगा बाजार यह सोचना छोड़ें, SIP के इन 4 सीक्रेट्स से बुढ़ापे में बरसेंगे नोट

The Secret behind SIP Success: शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हर निवेशक के मन में एक सवाल हमेशा घूमता रहता है ‘क्या मुझे अभी निवेश करना चाहिए या मार्केट के गिरने का इंतजार करना चाहिए?’ यह चिंता जायज भी है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसके निवेश करते ही बाजार में गिरावट आ जाए।

लेकिन कड़वा सच यह है कि बड़े-बड़े दिग्गज फंड मैनेजर भी मार्केट की टाइमिंग का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। ऐसे में आम निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन और परखा हुआ फॉर्मूला है- सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी। 4 आसान पॉइंट्स में समझिए लॉंग टर्म में वेल्थ क्रिएशन का असली सीक्रेट।

1. मार्केट की टाइमिंग नहीं, टाइम मायने रखता है

ज्यादातर लोग सही एंट्री पॉइंट की तलाश में सालों खराब कर देते हैं। छोटे समय में बाजार उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। लेकिन जब आप अपने निवेश का नजरिया 10, 15 या 20 साल का कर देते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। लंबे समय में अर्थव्यवस्था बढ़ती है, कंपनियां बड़ी होती हैं और बाजार हर बड़े झटके से उबरकर नया हाई बनाता है। इसलिए बाजार कब ऊपर-नीचे हो रहा है, यह देखने के बजाय यह मायने रखता है कि आप कितने लंबे समय तक टिके रहते हैं।

2. मंदी ही है वो समय, जहां भविष्य का मुनाफा बनता है

जब बाजार ऊपर जाता है, तो हर किसी को अपनी एसआईपी का पोर्टफोलियो देखना अच्छा लगता है। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है। समझदार निवेशक जानते हैं कि मंदी का समय एसआईपी के लिए ‘सेल’ की तरह होता है।

जब बाजार गिरता है, तो आपकी तय रकम जैसे- ₹5000 महीना में आपको उस म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। और जब बाजार दोबारा रिकवर होता है, तो यही मंदी के समय खरीदी गई ज्यादा यूनिट्स आपके रिटर्न को रॉकेट बना देती हैं।

3. इंसानी इमोशन और डर हो जाते हैं दूर

मार्केट की खबरों, हेडलाइंस और लोगों की बातों को सुनकर निवेशक अक्सर डर में गलत फैसले ले लेते हैं। एसआईपी इस डर को निवेश से पूरी तरह बाहर कर देती है। चूंकि हर महीने एक निश्चित तारीख को आपका पैसा खुद-ब-खुद कट जाता है, इसलिए आपको यह सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ती कि आज मार्केट तेज है या मंदा। यह ऊंचे बाजार में कम यूनिट्स और गिरे हुए बाजार में ज्यादा यूनिट्स खरीदकर आपके निवेश की लागत को खुद ही एवरेज कर देता है।

4. निवेशक का अपना बर्ताव ही है उसका सबसे बड़ा दुश्मन

वेल्थ क्रिएशन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बाजार का उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि खुद निवेशक का व्यवहार होता है। जब बाजार गिरता है और चारों तरफ नकारात्मक खबरें होती हैं, तो कई लोग घबराकर अपनी एसआईपी रोक देते हैं या घाटे में म्यूचुअल फंड बेच देते हैं। ऐसा करके वे ‘मंहगे में खरीदने और सस्ते में बेचने’ के जाल में फंस जाते हैं। एसआईपी में सफल वही होता है जो बाजार के सबसे खराब दौर में भी बिना डरे अपनी किस्त चालू रखता है।

EPF से पैसा निकालने की ये भूल मत करें, नहीं तो लगेगा तगड़ा फटका; देख लें एक्सपर्ट का ये पूरा कैलकुलेशन

एसआईपी आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं बचा सकती और न ही यह रातों-रात अमीर बनने की गारंटी देती है। लेकिन यह आपको बिना ज्यादा परेशान हुए, हर महीने अनुशासित तरीके से बचत करने की आदत डालती है। निवेश में कामयाबी एक दिन में सही फैसला लेने से नहीं, बल्कि हर महीने सही फैसले को सालों तक दोहराने से मिलती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।