अगले 6-12 महीनों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है बाजार, नीलेश शाह ने बताई वजह

बाजार अगले 6-12 महीनो में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। इनविजन कैपिटल के फाउंडर नीलेश शाह ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रहने की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ, अनुकूल पॉलिसी और बेहतर होते इनवेस्टर सेंटिमेंट से अगली कुछ तिमाही में पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रह सकती है।

बाजार अगले चरण की तेजी के लिए तैयार

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कंसॉलिडेशन के बाद शेयर बाजारों में अगले चरण की तेजी के लिए एक मजबूत बुनियाद बनी है। बैंकिंग और आईटी जैसे सेक्टर में अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ दिख सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) की खरीदारी भी फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इससे अगले 6 से 12 महीनों में बाजार के प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।

इन वजहों से बढ़ेगी कॉर्पोरेट अर्निंग्स

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने के बड़े कारण हैं। अगली कुछ तिमाहियों में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ दिख सकती है। बीती कुछ तिमाहियों में पॉलिसी के स्तर पर जो कदम उठाए गए हैं, उनका पूरा असर अभी कंपनियों की अर्निंग्स पर नहीं दिखा है।” उन्होंने कहा कि अगर सरकार नए रिफॉर्म्स करती है तो इससे विदेशी कैपिटल की आवक शुरू हो सकती है।

इन सेक्टर का प्रदर्शन कंसॉलिडेशन के दौरान भी बेहतर

शाह ने कहा कि कुल मिलाकर आउटलुक कंस्ट्रक्टिव लगता है। ऐसा लगता है कि बुरा दौर बीत चुका है। उन्होंने उन सेक्टर्स को अपनी पसंद बताया, जिनका प्रदर्शन बाजार में कंसॉलिडेशन के दौरान भी अच्छा रहा। इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनियां शामिल हैं।

आने वाले हैं बाजार में बड़े आईपीओ

उन्होंने कहा कि एनएसई और एनएसडीएल के आईपीओ आने वाले हैं। मार्केट में लिक्विडिटी का एक बड़ा हिस्सा इन शेयरों में जाएगा। हालांकि, म्यूचु्अल फंड्स और सिप के जरिए अच्छा निवेश हो रहा है, जिससे मार्केट में अतिरिक्त सप्लाई से कोई निगेटिव असर नहीं पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट अब हो रहा बेहतर

बीते कुछ महीनों में बाजार पर बड़ा दबाव दिखा था, जिसकी वजह मध्यपूर्व में टेंशन से क्रूड की कीमतों में उछाल था। अब क्रूड की कीमतें नीचे आ रही हैं। इसका पॉजिटिव असर मार्केट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील की खबर का भी बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा है।

यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

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भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

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टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया का स्टॉक मार्केट क्रैश, Kospi 9 फीसदी से ज्यादा फिसला

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 23 जून को कोहराम मच गया। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 9.99 फीसदी क्रैश कर गया। पहले 8 फीसदी क्रैश करने के बाद ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर गिरावट और बढ़ गई। अचानक आई इस बड़ी गिरावट ने इनवेस्टर्स को हैरान कर दिया है।

सेमीकंडक्टर शेयरों में आया था बड़ा उछाल

दक्षिण कोरिया का बाजार इस साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बाजारों में शामिल था। कोस्पी ने ऊंचाई के कई नए रिकॉर्ड बनाए थे। इसकी बड़ी वजह सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उछाल थी। विदेशी इनवेस्टर्स ने इन शेयरों में खूब पैसे लगाए। इससे इन कंपनियों के शेयरों में अप्रत्याशित तेजी आई थी। लेकिन, 23 जून को आई गिरावट ने इस तेजी पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है।

SK Hynix का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा फिसला

सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix के शेयरों में दिखी। यह 10 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Samsung Electronics का शेयर 7.5 फीसदी क्रैश कर गया। बताया जाता है कि सर्किट ब्रेकर हटने के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर सैमसंग के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इससे यह शेयर 9 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया।

विदेशी निवेशकों ने बेचे 2.6 अरब डॉलर के शेयर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने दोपहर तक 2.6 अरब डॉलर के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, रिटेल ट्रेडर्स ने इस गिरावट में अपनी पोजीशन बढ़ाई। इस महीने कोस्पी 9,000 का लेवल पार कर गया था। इसकी वजह अमेरिका-ईरान में डील की खबर थी। पहले पार कोस्पी इस लेवल पर पहुंचा था।

कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी 

दक्षिण कोरिया के बाजार में लगातार जबर्दस्त तेजी से रिस्क बढ़ गया था। कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी हो गई हैं। SK Hynix का शेयर इस साल 350 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसने प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग के शेयरों को पीछे छोड़ दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी से शेयर की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। इसमें लेवरेज्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का बड़ा हाथ है।

इन शेयरों में भी बड़ी गिरावट 

स्टॉक मार्केट में गिरने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों के मुकाबले काफी ज्यादा थी। LG Energy Solution का शेयर 2.98 फीसदी नीचे चल रहा था। Hyundai Motor का शेयर 8.78 क्रैश कर गया था। Kia Corp के शेयरों में 6.47 फीसदी गिरावट आई।

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इन वजहों से बाजार में गिरावट

एनालिस्ट्स का कहना है कि दक्षिण कोरिया में आज आई गिरावट की कई वजहें हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग है। दूसरा, इस साल आई बड़ी तेजी की वजह से कई शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई थीं। बाजार में एआई शेयरों के दम पर बाजार में आई तेजी के टिकने को लेकर संदेह जताया जा रहा था।

Market Prediction Today: गिफ्ट निफ्टी दे रहा भारतीय बाजार के फ्लैट खुलने के संकेत, US-ईरान वार्ता और फेड रेट आउटलुक पर इन्वेस्टर्स की नजर

Market Prediction Today: US-ईरान शांति समझौते को लेकर सावधानी के बीच, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, मंगलवार को फ्लैट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty के ट्रेंड भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे रहे है। गिफ्ट निफ्टी 24,130 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 6 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

सोमवार को, US-ईरान शांति वार्ता में प्रोग्रेस की खबरों के बीच भारतीय स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,100 के लेवल से ऊपर बंद हुआ।सेंसेक्स 291.17 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 77,094.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 89.80 पॉइंट्स या 0.37% बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले रहे

वॉल स्ट्रीट रात भर नीचे बंद हुआ, जिसमें टेक्नोलॉजी स्टॉक्स दबाव में रहे। नैस्डैक कंपोजिट 1.32 परसेंट गिरा और S&P 500 0.37 परसेंट गिरा, जिसकी वजह अल्फाबेट समेत बड़े टेक्नोलॉजी नामों में गिरावट रही। हालांकि, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में बढ़त से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29 परसेंट बढ़ा।

मंगलवार को एशियाई मार्केट भी धीमे रहे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 परसेंट गिरा, जबकि जापान का निक्केई 0.6 परसेंट फिसला। साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 2 परसेंट गिरा, हालांकि ताइवानी इक्विटीज़ ने नई ऊंचाई को छुआ। इस साल के आखिर में फेडरल रिजर्व के और रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच इन्वेस्टर सावधान रहे।

इस बीच, पिछले सेशन में तेज गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $78 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि US क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि इन्वेस्टर US-ईरान बातचीत में प्रोग्रेस का अंदाज़ा लगा रहे थे और होर्मुज स्ट्रेट से तेल के फ्लो की बहाली पर ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार कर रहे थे।

यह उछाल सोमवार को तेल की कीमतों में 3 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट के बाद आया है, जब अमेरिका ने ईरान को 60 दिन के बैन से छूट दी और अधिकारियों ने डिप्लोमैटिक बातचीत में प्रोग्रेस पर ज़ोर दिया। इस बढ़ोतरी के बावजूद, क्रूड तेल लड़ाई के पीक के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे है, जो भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी के लिए एक सपोर्टिव बैकग्राउंड देता है।

क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, डिप्लोमैटिक डेवलपमेंट सेंटीमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय बाज़ारों में सावधानी से पॉज़िटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है क्योंकि US-ईरान बातचीत में डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस से इन्वेस्टर सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल रहा है। US वाइस प्रेसिडेंट के इस कमेंट से कि प्रस्तावित एग्रीमेंट को फ़ाइनल करने के लिए ‘अच्छी नींव’ है, इस उम्मीद को और मज़बूत किया है कि बातचीत कंस्ट्रक्टिव रास्ते पर है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक स्थायी समाधान की उम्मीदें बढ़ रही हैं।”

जियोपॉलिटिक्स के अलावा, इन्वेस्टर ट्रेड के मोर्चे पर भी डेवलपमेंट पर नज़र रखेंगे। US ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के इस हफ़्ते कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों देश बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम कर रहे हैं। टैरिफ़ में छूट या बड़े ट्रेड सहयोग पर कोई भी प्रोग्रेस मार्केट सेंटिमेंट को और सपोर्ट कर सकती है।

एफआईआई फ्लो मिला-जुला

इंस्टीट्यूशनल फ़्लो मिले-जुले रहे। 22 जून को फ़ॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) नेट सेलर थे, जिन्होंने Rs 635 करोड़ के इक्विटी बेचे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (DII) ने Rs 1,000 करोड़ के शेयर खरीदकर सपोर्ट देना जारी रखा।

टेक्निकल मोर्चे पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी ज़रूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। अभी की रुकावट 24,200 का निशान है, और इस लेवल से ऊपर लगातार ब्रेकआउट 24,400 की ओर बढ़ने का रास्ता बना सकता है। नीचे की तरफ, 24,000-23,900 ज़ोन एक ज़रूरी सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इस रेंज से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

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अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

वोडाफोन आइडिया को प्रमोटर ग्रुप से मिलेगा ₹4730 करोड़ तक का फंड, 430 करोड़ वारंट मंजूर

Vodafone Idea Share: टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea Ltd ने सोमवार को बताया कि उसकी कैपिटल रेजिंग कमेटी ने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Suryaja Investments Pte. Ltd. को 430 करोड़ वारंट जारी करने को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के लिए फंड जुटाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है। वारंट बाद में शेयरों में बदले जा सकेंगे।

वोडाफोन आइडिया ने इन वारंट्स का इश्यू प्राइस ₹11 प्रति वारंट रखा है। नियमों के मुताबिक निवेशक को फिलहाल सिर्फ 25% रकम जमा करनी होती है। इसी के तहत Suryaja Investments ने ₹2.75 प्रति वारंट के हिसाब से कुल ₹1,182.50 करोड़ का भुगतान किया है।

आगे और आएंगे ₹3,500 करोड़ से ज्यादा

वारंट जारी होने के बाद भी पूरी रकम अभी कंपनी को नहीं मिली है। जब ये वारंट शेयरों में बदले जाएंगे, तब निवेशक को बाकी 75% रकम यानी ₹8.25 प्रति वारंट का भुगतान करना होगा। इससे Vodafone Idea को आगे चलकर करीब ₹3,547.50 करोड़ और मिल सकते हैं। यानी कुल मिलाकर कंपनी को इस फंड जुटाने से करीब ₹4,730 करोड़ मिलने की संभावना है।

कंपनी ने बताया कि इस फंड जुटाने की योजना को 16 मई 2026 को बोर्ड से मंजूरी मिली थी। इसके बाद 11 जून 2026 को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने भी विशेष प्रस्ताव के जरिए इसे मंजूरी दे दी थी।

वारंट को शेयर में बदलने का समय

वोडाफोन आइडिया के मुताबिक, हर वारंट को ₹10 फेस वैल्यू और ₹1 प्रीमियम वाले एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। निवेशक आवंटन की तारीख से 18 महीने के भीतर किसी भी समय एक या एक से ज्यादा चरणों में इन वारंट्स को शेयरों में बदल सकते हैं।

कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल सिर्फ वारंट जारी किए गए हैं। वारंट के शेयरों में बदलने तक कंपनी की Paid-up Equity Share Capital में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

शेयर में रही हल्की कमजोरी

Vodafone Idea का शेयर सोमवार को NSE पर 0.87% की गिरावट के साथ ₹14.79 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.81% बढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 125% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.61 लाख करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: 23 जून के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर चर्चा में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, जबकि कुछ ने फंड जुटाने, हिस्सेदारी बिक्री और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन 10 शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

TCS

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के नतीजों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। टाटा ग्रुप की यह कंपनी निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान भी कर सकती है।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की कंपनी Hindustan Zinc ने Advantek Associates LLP और Aero Eagle Automobiles Pvt Ltd के साथ एक समझौता किया है। इस साझेदारी का मकसद कंपनी के अलग-अलग ऑपरेशंस में ग्रीन हाइड्रोजन और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशना है।

JSW Infrastructure

सज्जन जिंदल की JSW Infrastructure ने 22 जून से अपना QIP खोलने को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹290.35 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। इश्यू में अधिकतम 230 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, Sajjan Jindal Family Trust अधिकतम 33.25 करोड़ शेयरों की OFS लाएगी।

Craftsman Automation

Craftsman Automation के प्रमोटर शेयरहोल्डर श्रीनिवासन रवि ने ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 2.01% तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। टर्म शीट के मुताबिक इस सौदे का आकार करीब ₹484 करोड़ है। शेयरों के लिए ₹925 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।

Info Edge

Naukri.com की पैरेंट कंपनी Info Edge ने कहा है कि उसके AI स्टार्टअप पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर ₹1,268 करोड़ पहुंच गई है। कंपनी ने अब तक 28 AI स्टार्टअप्स में कुल ₹614 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश पर उसे 2.1 गुना रिटर्न मिला है, जबकि अनुमानित ग्रॉस IRR करीब 31% रही है।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Electronics (BEL) को 25 मई 2026 के बाद ₹1,081 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के मुताबिक इन ऑर्डर्स में कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, रडार, CBRN सुरक्षा सिस्टम, सीकर्स, एवियोनिक्स, अपग्रेडेशन, स्पेयर्स और सर्विसेज शामिल हैं। नए ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी और आने वाले समय में रेवेन्यू को सहारा मिल सकता है।

GHV Infra Projects

GHV Infra Projects को GHV (India) Private Ltd से करीब ₹213 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में GST भी शामिल है। कंपनी को सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिग्नल एवं टेलीकॉम से जुड़े कई काम करने होंगे। यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा।

APAR Industries

APAR Industries ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी APAR Industries Middle East Ltd, KSA ने Saudi Aramco Base Oil Company के साथ एक समझौता किया है। यह करार कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि दोनों कंपनियों ने समझौते की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

Birla Corporation

Birla Corporation ने कहा है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित उसकी बिक्रम कोयला खदान में 22 जून 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि अब उसे अपने सीमेंट कारोबार के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

MSP Steel & Power

MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने 16 से 18 जून 2026 के बीच खुले बाजार से कुल 64.50 लाख शेयर खरीदे हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रमोटर ग्रुप की पांच संस्थाओं ने यह खरीदारी की है। आमतौर पर प्रमोटरों की बड़ी खरीदारी को कंपनी के भविष्य और कारोबार को लेकर उनके भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।

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Experts View : बाजार में तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार, कल डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग रहेगी सबसे अच्छी रणनीति

Experts View : आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी और सेंसेक्स 90 और 291 अंक ऊपर बंद हुए। बाजार में इस सकारात्मक माहौल की मुख्य वजह भू-राजनीतिक तनावों में कमी आना रही। एक और अच्छी बात कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रही,जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली।

कंपनी स्पेसिफिक खबरों के चलते कई शेयरों में एक्शन देखने को मिला। वोल्टास ने बताया कि उसके एयर-कंडीशनर की बिक्री वित्त वर्ष 2027 में रिकॉर्ड समय में दस लाख यूनिट के पार पहुंच गई,जो ग्राहकों की मज़बूत मांग को दर्शाता है। वहीं, एसबीआई (SBI) के चेयरमैन ने कहा कि बैंक फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने और भविष्य में लोन ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए अपने होम लोन पोर्टफोलियो के एक हिस्से को सिक्युरिटाइज़ करने पर विचार कर रहा है।

एनएमडीसी (NMDC) से 2,977 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने के बाद आरवीएनएल (RVNL) के शेयरों में तेजी आई,जिससे उसकी प्रोजेक्ट पाइपलाइन मज़बूत हुई। विदेशी मुद्रा फंड आकर्षित करने के लिए बड़े FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बंधन बैंक भी चर्चा में रहा।

कुल मिलाकर,बाज़ार को तेल की कम कीमतों और बेहतर होते वैश्विक माहौल का फायदा मिला। हालांकि,मॉनसून में देरी,अमेरिका-ईरान बातचीत में अनिश्चितता और कमजोर ग्लोबल आईटी खर्च के रुझान जैसे जोखिमों के कारण हम सतर्क बने हुए हैं।

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। निफ्टी 90 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 291 अंकों की बढ़त देखने को मिली। सेक्टर की बात करें तो डिफेंस,मीडिया और फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि कुछ चुनिंदा कंज्यूमर और FMCG शेयरों में इंट्राडे प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।

टेक्निकल तौर पर,एक बार फिर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को 24,150/77,300 के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे आ गया। इंट्राडे चार्ट पर मार्केट ने’डबल टॉप’पैटर्न बनाया है और डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडल बनी है,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है।

डे ट्रेडर्स के लिए,24,150/77,300 और 24,200/77,500 तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेंगे,जबकि 24,000/76,800 एक अहम सपोर्ट एरिया होगा। ऊपर की तरफ,24,200/77,500 के पार जाने पर मार्केट 24,325-24,350/77,800-78,000 तक जा सकता है। दूसरी ओर 24,000/76,800 के नीचे जाने पर हम 23,900-23,850/76,500-76,400 तक तेज इंट्राडे करेक्शन देख सकते हैं। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड साफ नहीं है। इसलिए डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी आज के पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर एक दायरे में ही रहा,लेकिन इसमें तेजी का रुख बना रहा क्योंकि यह अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो बताता है कि तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार है।

आगे भी ट्रेंड के पॉज़िटिव रहने की उम्मीद है,हालांकि ऊपर की ओर बढ़ने की रफ़्तार धीमी रह सकती है। ऊपरी स्तर पर,24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर जाता है,तो 24,500 की ओर रैली शुरू हो सकती है। निचले स्तर पर,24,000 पर सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है। कल के वीकली एक्सपायरी सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है,हालांकि कुल ट्रेडिंग रेंज छोटी रह सकती है।

SBI सिक्योरिटीज के हेड, टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्चसुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक अपसाइड गैप के साथ खुला और उसके बाद 95 अंकों की सीमित रेंज में ट्रेड किया,जो 1 जनवरी 2026 के बाद से इसकी सबसे कम इंट्राडे रेंज थी। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स दोनों की ओर से कोई मजबूत कमिटमेंट नहीं दिखा। सेशन के दौरान,इंडेक्स कुछ समय के लिए अपने 100-दिन के EMA के ऊपर गया,लेकिन ऊंचे लेवल पर टिक नहीं पाया और इसमें कुछ करेक्शन देखा गया। आखिरकार यह 0.37% की मामूली बढ़त के साथ 24100 के लेवल के पास बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक’डोजि कैंडल’बनाई,जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाती है। इंडेक्स अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स साइडवेज ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं,जो शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन के दौर का संकेत है।

इंडेक्स में शामिल शेयरों में सिप्ला और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे,जबकि एशियन पेंट्स और टाइटन में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर ज्यादातर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी मीडिया,निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा बढ़त रही।

ब्रॉडर मार्केट भी पॉजिटिव नोट पर बंद हुआ,जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.60% की बढ़त हासिल की। ​​मार्केट की ब्रेथ मजबूत रही क्योंकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो में बढ़त वाले शेयरों का पलड़ा भारी रहा और निफ्टी 500 यूनिवर्स के 326 शेयर पॉजिटिव टेरिटरी में बंद हुए। यह बाजार में व्यापक भागीदारी का संकेत है।

आगे 24200–24230 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24230 के ऊपर बना रहता है,तो 24400 के लेवल की ओर तेज अपसाइड रैली शुरू हो सकती है। नीचे की तरफ,23970–23950 की रेंज से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

बैंक निफ्टी का नजरिया

सुदीप शाह ने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी पिछले कुछ हफ्तों से फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सोमवार को यह 57935 के लेवल पर बंद हुआ,जिसमें 0.43% की बढ़त दर्ज की गई। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो इसकी मजबूती को दिखाता है। साथ ही,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर लगातार तेजी के संकेत दे रहे हैं।

मौजूदा चार्ट स्ट्रक्चर को देखते हुए,हमें उम्मीद है कि इंडेक्स ऊपर की ओर बढ़ता रहेगा और जल्द ही 58500 के लेवल को छुएगा और उसके बाद 59100 के लेवल तक जा सकता है। नीचे की तरफ,57500–57400 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhivery Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश रिपोर्ट, शेयर ने लगाई 5% की छलांग, 26% अपसाइड की और बढ़त संभव

Delhivery Share Price: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी डेल्हीवरी ( DELHIVERY) के शेयर में आज शानदार तेजी देखने को मिली। शेयर करीब 5 फीसदी की उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना हुआ है। शेयर में आई तेजी की मुख्य वजह ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की बुलिश रिपोर्ट के बाद देखी गई है। दरअसल, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और कॉस्ट कंट्रोल का हवाला देते हुए स्टॉक में 26 फीसदी तक की बढ़त का अनुमान लगाया।

NSE पर स्टॉक दोपहर 2.33 बजे 5 फीसदी बढ़कर 484.30 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कंपनी के शेयर लगातार चार सेशन से बढ़ रहे हैं और इस दौरान 4 फीसदी से ज़्यादा ऊपर हैं।

MOSL ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 580 रुपये प्रति शेयर रखा है, जिसका मतलब है कि शुक्रवार के 461.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 26 प्रतिशत की बढ़त।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, डेल्हीवरी के एक्सप्रेस सेगमेंट ने FY26 की चौथी तिमाही में 73 प्रतिशत साल-दर-साल वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की, जिसमें ECOM एक्सप्रेस एक्विजिशन का योगदान भी शामिल है, जबकि वेस्ट एशिया संकट के कारण चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल और त्योहारों वाली तीसरी तिमाही के बाद देखी जाने वाली सामान्य नरमी के बावजूद दिखी। ब्रोकरेज ने कहा कि ग्रोथ को अच्छी कंजम्प्शन-ड्रिवन डिमांड, कस्टमर्स द्वारा ज़्यादा आउटसोर्सिंग और बड़े ई-कॉमर्स प्लेयर्स से लगातार मोमेंटम का सपोर्ट मिला।

ब्रोकरेज ने आगे कहा कि मार्जिन मजबूत बने रहे, जिसमें मजबूत वॉल्यूम और कड़े कॉस्ट कंट्रोल उपायों से मदद मिली।

MOSL ने यह भी बताया कि कंपनी के PTL बिजनेस में स्ट्रक्चरल टर्नअराउंड हो रहा है, जिसमें सर्विस EBITDA मार्जिन FY24 की पहली तिमाही में नेगेटिव 8.5 प्रतिशत से बढ़कर FY26 की चौथी तिमाही में 13.4 प्रतिशत हो गया।

ब्रोकरेज के अनुसार सुधार ज़्यादा यील्ड वाले SME और रिटेल कस्टमर्स की ओर कस्टमर मिक्स में एक अच्छा बदलाव, कम प्रॉफिट वाले कॉन्ट्रैक्ट्स को रैशनलाइज़ करने और कस्टमर एक्विजिशन और प्राइसिंग डिसिप्लिन को मज़बूत करने के लिए सेल्स टीम के विस्तार से हुआ, जिससे यील्ड में बढ़ोतरी हुई।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।