सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत:मरने वाले सभी सऊदी के नागरिक, हेलिकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था

सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक है। यह सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व में है। इसकी स्थापना 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ समझौते के तहत हुई थी। 1980 में यह पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आ गई। कंपनी का मुख्यालय धहरान में स्थित है। अरामको के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और यह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा बाजार की प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गई है। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी कंपनी की आय पर निर्भर करती है। अरामको केवल कच्चे तेल का उत्पादन ही नहीं करती, बल्कि रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सक्रिय है। इसके नियंत्रण में दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरिक तेल क्षेत्र, गवार, भी आता है। 2019 में कंपनी ने शेयर बाजार में अपना आईपीओ लॉन्च किया, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ माना गया। हाल के वर्षों में अरामको रिन्यूबल एनर्जी, हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर जैसी तकनीकों में निवेश बढ़ा रही है। एक महीने में तीन बड़े हैलिकॉप्टर हादसे… 13 जून: चीन में जमीन पर गिरकर हेलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा चीन में हेलिकॉप्टर क्रैश का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक हेलिकॉप्टर खेत में क्रैश होकर दो हिस्से में टूट गया, इसके बावजूद उसके रोटर ब्लेड तेज रफ्तार में काफी देर तक घूमते रहे। कॉकपिट के अंदर फंसे पायलट और उसका साथी इधर-उधर झटके खाते रहे। एक पायलट तो हेलिकॉप्टर के दरवाजे से आधा बाहर लटका हुआ था। वह कई बार जमीन और हेलिकॉप्टर के किनारे से टकराया। पास की सड़क पर मौजूद लोग यह सब देखकर इकट्ठा हो गए, लेकिन हेलिकॉप्टर के रोटर ब्लेड लगातार घूम रहे थे, इसलिए कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सका। दोनों पायलटों की जान सीट बेल्ट की वजह से बच गई। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना चीन के वुजिन शहर में हुई। पूरी खबर पढ़ें… 10 जून: PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुधवार को पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि हेलिकॉप्टर में कुल कितने लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये सुरक्षाकर्मी PoK के नीलम घाटी सेक्टर जा रहे थे। वहां पर विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। इस वजह से सरकार वहां एक्स्ट्रा सैनिक तैनात कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… 29 मई: शादी के दिन हेलिकॉप्टर क्रैश में भारतवंशी पायलट की मौत अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। उनकी पत्नी घायल हो गईं और करीब 6 घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। डेव फिजी और जेस्नी की शादी 29 मई को डॉसनविल के ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। नवविवाहित जोड़ा शादी के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर से अटलांटा के लिए रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना की पूरी कहानी 1 जून को सामने आई है। अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) जांच कर रही है। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना की वजह नहीं बताई है। पूरी खबर पढ़ें…

SIP ने संभाल लिया भारतीय मार्केट, दो वजहों से शेयरों में आया ताबड़तोड़ निवेश, लेकिन जेपीमॉर्गन ने जारी किया यह अलर्ट

टैक्स और पॉलिसी में कई बदलाव ने भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश को अधिक आकर्षक बना दिया है। यह दावा जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार से सुस्त रिटर्न के बावजूद इन बदलावों के चलते घरेलू शेयर मार्केट में निवेश की रफ्तार यानी इनफ्लो के लगातार मजबूत बने रहने की संभावना है। जेपीमॉर्गन के मुताबिक लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स, डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर टैक्स में हालिया बदलावों ने रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो को ऐसा बना दिया कि इक्विटी में निवेश अधिक आकर्षक हो गया।

पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

जेपी मॉर्गन ने अपनी इक्विटी स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में कहा कि पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। इक्विटी पर 12.5% ​​LTCG टैक्स लगता है, और इंडेक्सेशन हटाने, इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलने वाले पैसे पर टैक्स और डेट म्यूचुअल फंड के लिए स्लैब-रेट टैक्स से इक्विटी की चमक बढ़ी। ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि इन स्ट्रक्चरल बदलाव और SIP के जरिए खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से इक्विटी मार्केट में घरेलू निवेश लगातार मजबूत बना रहेगा।

जेपीमॉर्गन का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में अपना निवेश कम किया लेकिन फिर भी घरेलू निवेशक डटे रहे। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स ने भले ही बहुत ज्यादा रिटर्न नहीं दिया, लेकिन रिटेल निवेशकों ने एसआईपी के जरिए निवेश जारी रखा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे बाजार में लॉन्ग टर्म बदलाव का संकेत मिल रहा है।

SIP से मिला सपोर्ट लेकिन इस बात को लेकर किया अलर्ट

जेपीमॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में एसआईपी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया, जो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश आने का मुख्य जरिया बन गए हैं। जेपीमॉर्गन के मुताबिक हर महीने एसआईपी में निवेश का लगातार बढ़ना दिखाता है कि घरों की बचत का अधिकतर हिस्सा अब फाइनेंशियल एसेट्स में जा रहा है और आने वाले वर्षों में भी इस रुझान के बने रहने की उम्मीद है। हालांकि जेपीमॉर्गन ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक एसआईपी में मासिक निवेश ₹25 हजार करोड़ से कम रहता है, तो निवेशकों के नजरिए पर दबाव पड़ सकता है।

एक और रिस्क रेगुलेटरी बदलावों से जुड़ा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इन बदलावों से डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20% से अधिक की गिरावट आ सकती है और इसका असर मार्केट की एक्टिविटीज पर पड़ सकता है।

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Dividend Stocks: इस हफ्ते 40 से ज्यादा कंपनियां देंगी डिविडेंड का तोहफा, बजाज और M&M जैसे नाम शामिल

Dividend Stocks: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नया हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। 29 जून से 3 जुलाई के बीच 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें Bajaj Holdings & Investment के स्पेशल डिविडेंड और Mahindra & Mahindra (M&M) के अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

इसके अलावा Shriram Finance, Bharat Forge, Union Bank of India, Bajaj Finserv, Bajaj Finance समेत कई कंपनियां भी इस हफ्ते डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगी। आइए जानते हैं किस दिन कौन-कौन से शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

29 जून: Raymond और Kalpataru समेत ये कंपनियां 

29 जून को Raymond Lifestyle का शेयर एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 1 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

Kalpataru Projects भी 29 जून को एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। 13 अगस्त या उससे पहले डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा Jyothy Labs भी 3.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगा। वहीं, Kansai Nerolac Paints ने 2.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

30 जून: Bajaj Group के तीन शेयरों पर रहेगी नजर

30 जून को Bajaj Group की तीन बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। इनमें Bajaj Finserv, Bajaj Holdings & Investment और Bajaj Finance शामिल हैं। इसी दिन Maharashtra Scooters भी 60 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

Bajaj Finserv ने 1.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। Bajaj Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

Bajaj Holdings & Investment ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 80 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। यानी कुल 130 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।

1 जुलाई: DCM Shriram और Grovy India

1 जुलाई को DCM Shriram Fine Chemicals का शेयर 0.40 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

वहीं, रियल एस्टेट कंपनी Grovy India भी 0.10 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

2 जुलाई: Chembond Material और Lloyds Enterprises

2 जुलाई को Chembond Material Technologies का शेयर 2 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

इसके अलावा Lloyds Enterprises भी 0.05 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर रहेगा।

3 जुलाई: M&M, Bharat Forge, Shriram Finance समेत 33 कंपनियां

3 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहने वाला है। इस दिन 33 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

  • Mahindra & Mahindra ने 33 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है।
  • Bharat Forge निवेशकों को 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड देगी।
  • Shriram Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।
  • Union Bank of India ने 5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड तय किया है।
  • Thermax ने 14 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 6 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Akums Drugs & Pharmaceuticals ने 1 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Biocon अपने निवेशकों को 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

इन सभी कंपनियों ने 3 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होगा, वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

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HDFC Bank और ICICI Bank के Q1 नतीजे एक ही दिन होंगे जारी, जुलाई में इस तारीख को है बोर्ड मीटिंग

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के नतीजों का सीजन जुलाई से शुरू होने वाला है। प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank और ICICI Bank की बात करें तो दोनों के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे एक ही दिन जारी होने वाले हैं। दोनों बैंकों के बोर्ड की मीटिंग 18 जुलाई, 2026 को होगी। इस बारे में शेयर बाजारों को सूचना दे दी गई है।

HDFC Bank का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 19221.05 करोड़ रुपये रहा। कुल इनकम लगभग फ्लैट रहकर 89808.90 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज आय 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 33,281.5 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 में बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 370054.65 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 74671.29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह ICICI Bank का मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13701.68 करोड़ रुपये हो गया। कुल इनकम एक साल पहले से लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 50584.38 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज आय 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 22,979.2 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.32 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 200,703.68 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 50146.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

दोनों बेंकों की एसेट क्वालिटी अभी कैसी

मार्च 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.15 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.33 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.38 प्रतिशत रहा। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.43 प्रतिशत था। मार्च 2026 तिमाही में ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA रेशियो 1.40 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.67 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.33 प्रतिशत पर आ गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.39 प्रतिशत था।

PTC Industries जुटाएगी ₹1800 करोड़, उधार लेने की सीमा बढ़ाई; सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर की चाल

ICICI Bank के शेयर की कीमत अभी BSE पर 1387.90 रुपये है। शेयर 3 महीनों में 10 प्रतिशत चढ़ा है। बैंक का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के करीब है। HDFC Bank की बात करें तो शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 796.05 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत नीचे आया है। ये दोनों बैंक सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में शामिल हैं। मोस्ट वैल्यूड फर्म्स में HDFC Bank का नंबर दूसरा, जबकि ICICI Bank का चौथा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PTC Industries जुटाएगी ₹1800 करोड़, उधार लेने की सीमा बढ़ाई; सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

PTC इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार, 29 जून को फोकस में रहने वाले हैं। कंपनी के बोर्ड ने 1800 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। साथ ही उधार लेने की सीमा को भी बढ़ाया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि वह 1800 करोड़ रुपये तक का फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और/या प्रिफरेंशियल इश्यू और/या शेयरों में कनवर्ट हो सकने वाले वॉरंट्स को प्रेफरेंशियल बेसिस पर जारी करके जुटाएगी।

फंड को एक या एक से ज्यादा राउंड में जुटाया जाएगा। इसके लिए कंपनी के सदस्यों की मंजूरी और अन्य जरूरी रेगुलेटरी या कानूनी मंजूरियां लिया जाना बाकी है। इश्यू की खास शर्तें, जैसे- इश्यू का मकसद, नेट कमाई का इस्तेमाल, इश्यू का साइज, प्राइसिंग और टाइमिंग, इश्यू लॉन्च करने से पहले बोर्ड और ऑडिट कमिटी के सामने मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।

इसके अलावा पीटीसी इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव पर भी अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

क्या करती है PTC Industries

कंपनी क्रिटिकल और सुपर क्रिटिकल एप्लीकेशंस के लिए हाई क्वालिटी इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। यह एयरोस्पेस, LNG प्रोसेसिंग, ऑयल एंड गैस मरीन, एनर्जी, पल्प एंड पेपर, पेट्रोकेमिकल, सस्टेनेबिलिटी और अन्य तरह की इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को सर्विसेज देती है। इसके 75% से ज्यादा प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होते हैं। कंपनी के कस्टमर्स में रॉल्स रॉयस, Siemens, GE, Alstom, मेटसो, एमर्सन जैसे नाम शामिल हैं।

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शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत चढ़ा

PTC Industries के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 17432.10 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 26100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 59.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत और 5 साल में 2000 प्रतिशत चढ़ा है। 10 साल में यह 21600 प्रतिशत मजबूत हुआ है। गोल्डमैन सैक्स ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ 25,770 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।

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Pivot Path में मेजॉरिटी स्टेक बेचेगी Strides Pharma, ₹100 करोड़ में होगी डील

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस लिमिटेड ने अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी पिवट पाथ में मेजॉरिटी स्टेक निवेशकों के एक समूह को बेचने की घोषणा की है। यह बिक्री 100 करोड़ रुपये में की जाएगी। निवेशकों के इस समूह का नेतृत्व एसेंट कैपिटल कर रही है, जिसमें सह-निवेशक विंटेज क्लासिक भी शामिल है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि स्ट्राइड्स फार्मा साइंस के बोर्ड ने 27 जून की मीटिंग में इस रणनीतिक निवेश को मंजूरी दी।

डील के तहत एसेंट कैपिटल, पिवट पाथ में 50 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश करेगी। यह निवेश 31 जुलाई 2026 तक कंप्लीट होने की उम्मीद है। सौदे के शुरुआती चरण में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस को 75 करोड़ रुपये और इसके कंप्लीट होने की पहली वर्षगांठ पर बाकी के 25 करोड़ रुपये मिलेंगे। शेयर बिक्री 30 जून 2026 तक कंप्लीट होने की उम्मीद है।

लेनदेन के बाद स्ट्राइड्स के पास पिवट पाथ में 19.95 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। निवेशकों की हिस्सेदारी 65.05 प्रतिशत होगी। बाकी का 15 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी स्टॉक विकल्प के तहत रिजर्व रहेगा। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं हैं।

Pivot Path की वैल्यूएशन 230 करोड़ रुपये

एक अलग फाइलिंग में, स्ट्राइड्स ने कहा कि इस डील में पिवट पाथ की वैल्यूएशन पोस्ट-मनी बेसिस पर 230 करोड़ रुपये आंकी गई है। पाइवट पाथ की शुरुआत स्ट्राइड्स के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आर्को लैब प्राइवेट लिमिटेड के भीतर हुई थी। इसने लाइफ साइंसेज कंसल्टिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्वालिटी और कंप्लायंस, और टेक्नोलॉजी-बेस्ड ऑपरेशनल सर्विस में क्षमताएं विकसित कीं।

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शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में हुआ है भारी नुकसान? तब भी क्यों जरूरी है ITR फाइल करना, जानें टैक्स छूट का यह सीक्रेट फॉर्मूला

ITR Filing Rules: क्या शेयर बाजार में मुनाफे की बजाय नुकसान होने पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना चाहिए? अक्सर देखा जाता है कि जिन निवेशकों को किसी फाइनेंशियल ईयर के दौरान इक्विटी या म्यूचुअल फंड में घाटा होता है, वे मान लेते हैं कि उन्हें ITR फाइल करने की कोई जरूरत नहीं है। खासकर तब, जब उनकी कोई अन्य टैक्स योग्य आय न हो।

लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो घाटे वाले साल में आईटीआर फाइल न करना लंबे समय में आपको बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आप तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आप अपने इस कैपिटल लॉस को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड का अधिकार खो देते हैं।

इसका सीधा असर यह होगा कि भविष्य में जब आपको प्रॉफिट होगा, तब आप इस घाटे को उस मुनाफे से एडजस्ट नहीं कर पाएंगे और आपको ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नुकसान के बावजूद आईटीआर भरना क्यों फायदेमंद है।

लॉस कैरी फॉरवर्ड करने का क्या है नियम?

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नुकसान के बावजूद समय पर आईटीआर भरने से आपको अपने नुकसान को भविष्य के मुनाफे से एडजस्ट करने की कानूनी अनुमति मिलती है। एनए शाह एसोसिएट्स के टैक्स पार्टनर गोपाल बोहरा बताते हैं कि भले ही किसी टैक्सपेयर की कोई टैक्स देनदारी न बन रही हो और सिर्फ इक्विटी या म्यूचुअल फंड से कैपिटल लॉस हुआ हो, तब भी ड्यू डेट पर या उससे पहले आईटीआर फाइल करना बेहद फायदेमंद है।

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समय पर आईटीआर दाखिल करने से आप इस नुकसान को अगले 8 सालों तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। भविष्य के सालों में जब भी आपको शेयरों या म्यूचुअल फंड से कमाई होगी, तो आप इस पुराने घाटे को उस मुनाफे से घटाकर अपनी टैक्स देनदारी को काफी कम या शून्य कर सकते हैं।

क्या इक्विटी, डेट म्यूचुअल फंड और गोल्ड ETF के नियम अलग हैं?

कई निवेशकों को लगता है कि यह नियम सिर्फ शेयरों के लिए है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि निवेश का माध्यम कोई भी हो, नियम सभी के लिए बिल्कुल एक समान हैं। चाहे आपका नुकसान इक्विटी शेयर्स से हुआ हो, इक्विटी म्यूचुअल फंड से हो, डेट म्यूचुअल फंड से हो या फिर गोल्ड ईटीएफ से, अगर आप इस अन-एडजस्टेड लॉस को आगे ले जाना चाहते हैं, तो आपको तय तारीख के भीतर ही आईटीआर भरना होगा। नियत तारीख चूकने पर घाटे को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

इक्विटी के घाटे को क्या दूसरे एसेट्स के मुनाफे से एडजस्ट कर सकते हैं?

हां, नियमों के दायरे में रहकर आप इक्विटी के घाटे को दूसरे कैपिटल एसेट्स से हुए मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट कर सकते हैं और अपना टैक्स बचा सकते हैं:

शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस(STCL): अगर आपको शेयरों से शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस हुआ है, तो इसे आप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के कैपिटल गेन्स से एडजस्ट कर सकते हैं। फिर चाहे वह मुनाफा शेयरों से हो, प्रॉपर्टी बेचने से हो, गोल्ड से हो या डेट म्यूचुअल फंड से।

लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस(LTCL): अगर आपको शेयरों में लंबी अवधि में घाटा हुआ है, तो नियम कड़े हैं। इसे केवल और केवल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के खिलाफ ही एडजस्ट किया जा सकता है।

निवेशकों को कौन सा ITR फॉर्म चुनना चाहिए?

सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई या नुकसान के स्रोत क्या हैं:

ITR-2: जो निवेशक शेयरों, म्यूचुअल फंड या अन्य कैपिटल एसेट्स से होने वाले केवल कैपिटल गेन्स या कैपिटल लॉस को रिपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें आमतौर पर ITR-2 फॉर्म भरना होता है।

ITR-3: लेकिन, अगर आप शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड करते हैं, जिसे टैक्स की भाषा में बिजनेस इनकम माना जाता है, तो आपको ITR-3 फॉर्म चुनना चाहिए।

कैपिटल लॉस रिपोर्ट करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

टैक्सपेयर्स को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि केवल वही नुकसान आगे ले जाए जा सकते हैं जो समय सीमा के भीतर फाइल किए गए रिटर्न में दिखाए गए हों। इसके अलावा, अपने कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, ब्रोकर स्टेटमेंट्स और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट्स जैसे सभी जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें, क्योंकि टैक्स अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर ये सबूत के तौर पर काम आते हैं।

गोपाल बोहरा सलाह देते हैं कि आईटीआर दाखिल करने से पहले निवेशकों को अपने AIS और TIS में दर्ज ट्रांजैक्शन का मिलान अपने ब्रोकर की रिपोर्ट से जरूर कर लेना चाहिए। आईटीआर में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म नुकसान का सही खुलासा सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में टैक्स छूट का लाभ लेने में कोई रुकावट न आए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहते हैं? पहले ये बातें ठीक तरह से समझ लीजिए

शेयर बाजार इकोनॉमी के अलग-अलग चरणों से गुजरता है। इस वजह से सेक्टर का प्रदर्शन भी बदलता रहता है। अगर किसी एक वक्त में फाइनेंशियल स्टॉक्स का प्रदर्शन अच्छा होता है तो दूसरे वक्त में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी या हेल्थकेयर का प्रदर्शन अच्छा हो सकता है। एक इनवेस्टर के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि आगे किस सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। इस समस्या का समाधान बिजनेस साइकिल फंड है।

बिजनेस साइकिल फंड म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है। यह फंड इकोनॉमी और मार्केट की स्थितियों के हिसाब से निवेश के लिए सेक्टर बदलता रहता है। बिजनेस साइकिल फंड एक तरह की डायवर्सिफायड इक्विटी स्कीम है, जो उन सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट का ऐलोकेशन करता है जनके प्रदर्शन आगे बेहतर रहने की उम्मीद होती है।

बिजनेस साइकिल फंड और थिमैटिक फंड्स में फर्क है। थिमैटिक फंड का फोकस किसी एक इंडस्ट्री या थीम पर होता है। लेकिन, बिजनेस साइकिल फंड के पास समय के साथ निवेश के लिए सेक्टर बदलने की आजादी होती है। बिजनेस साइकिल फंड का फंड मैनेजर इकोनॉमिक ग्रोथ ट्रेंड्स, इंटरेस्ट रेट्स, पॉलिसी डेवलपमेंट्स, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर ऐलोकेशन का फैसला करता है।

बिजनेस साइकिल फंड सेक्टर रोटेशन के कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग समय में अलग-अलग सेक्टर के पास मार्केट लीडरशिप होती है। म्यूचुअलफंडइंडियाडॉटकॉम के मुताबिक, महिंद्रा मनुलाइफ बिजनेस साइकिल फंड ने 9 महीने, एक साल और 2 साल में अच्छा रिटर्न दिया है।

कोटक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और एक्सिस म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के अपने बिजनेस साइकिल फंड हैं। ऐसे फंड को उन इनवेस्टर्स के लिए विकल्प के रूप में देखा जाता है जो इक्विटी में निवेश में डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं। यह समझना जरूरी है कि इस फंड का प्रदर्शन भी इकोनॉमी की स्थितियों और फंड मैनेजर्स के फैसले पर निर्भर करता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिजनेस साइकिल फंड उन निवेशकों के लिए है, जिन्हें बाजार की समझ हैं। नए निवेशकों को इस फंड में सोचसमझकर निवेश करना चाहिए। अगर कोई निवेशक बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहता है तो वह इस बारे में अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय ले सकता है।

सुदीप शाह ने कहा-Nifty 24500-24600 तक पहुंचा तो बाजार में आएगी बड़ी तेजी, इन 3 शेयरों पर दांव लगाने की दी सलाह

अमेरिका-ईरान डील के बाद शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। लेकिन, निफ्टी के लिए 24,500-24,600 के जोन को पार करना आसान नहीं होगा। यह कहना है कि सुदीप शाह का। शाह एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति और आगे की चाल के बारे में कई अहम बाते बताईं। उनका मानना है कि हालिया रिकवरी के बावजूद निफ्टी में स्ट्रॉन्ग डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिख रही है।

मार्केट का शॉर्ट टर्म ट्रेंड पॉजिटिव

शाह के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव दिख रहा है, क्योंकि निफ्टी में उसके 20-डे और 50-डे EMA से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। लेकिन, अभी स्ट्रॉन्ग ब्रेकआउट के लिए मोमेंटम इंडिकेटर्स का सपोर्ट नहीं दिख रहा। इसका मतलब है कि निफ्टी के लिए 24,500-24,600 के जोन को पार करना आसान नहीं होगा। इस हफ्ते शेयर बाजार में पांच की जगह चार दिन कारोबार हुआ। इस दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

24250-24300 पर पहला रेसिस्टेंस

उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में 24,250-24,300 के जोन में निफ्टी को पहला रेसिस्टेंस मिलेगा। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 24,300 के ऊपर निकल जाता है तो इसके 24,500-24,600 के जोन तक जाने की संभावना बढ़ जाएगी। उसके बाद निफ्टी के लिए नए रिकॉर्ड हाई बनाने का रास्ता खुल जाएगा। गिरावट की स्थिति में 23,800-23,750 पर निफ्टी के लिए बड़ा सपोर्ट उपलब्ध है। जब तब यह सपोर्ट लेवल बना हुआ है, ट्रेंड पॉजिटिव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी में दिख रहा निफ्टी से ज्यादा स्ट्रेंथ

बैंक निफ्टी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसमें निफ्टी 50 के मुकाबले ज्यादा टेक्निकल स्ट्रेंथ दिख रहा है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है तो इसके निफ्टी 50 से पहले रिकॉर्ड हाई पर पहुंच जाने की संभावना है। बीते हफ्ते बैंक निफ्टी ने 7 दिनों के कंसॉलिडेशन फेज से ब्रेकआउट किया। पहले इसने 58,706 के लेवल को टच किया। इससे वीकली चार्ट पर हाई लेवल कैंडल बना है। यह हायर लेवल के करीब कुछ अनिर्णय की स्थिति का संकेत दे रहा है।

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अगले हफ्ते इन शेयरों में हो सकती है कमाई

अगले हफ्ते किन शेयरों में पैसा बन सकता है? इस सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि Samvardhana Motherson तकनीकी रूप से काफी स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। इसने डेली चार्ट पर सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकआउट किया है। इससे इस शेयर में आगे तेजी जारी रहने की संभावना दिख रही है। CrditAccess Grameen में भी ट्रेंड स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। इसने अपने 20-डे EMA से अच्छा पुलबैक दिखाया है। इसमें भी आगे तेजी दिख सकती है। Max Healthcare Institute में भी ट्रेंड स्ट्रॉन्ग दिख रहा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

IPOs This Week: 29 जून से शुरू हफ्ता रहने वाला है जबरदस्त, खुलेंगे 10 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

29 जून से शुरू हफ्ते में देश का IPO मार्केट गुलजार रहने वाला है। इसका कारण है कि 10 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 3 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का है। शेयर बाजार में होने जा रही नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 10 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

Aastha Spintex IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹170 करोड़ का इश्यू 29 जून को खुलेगा और 1 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹125-₹136 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 जुलाई को हो सकती है।

Adon Agro Commodities IPO: यह 29 जून को खुलेगा। कंपनी ₹44.03 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली ₹66-₹70 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 2,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। 1 जुलाई को इश्यू बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 6 जुलाई को हो सकती है।

Twinkle Papers IPO: ₹27.52 करोड़ का यह इश्यू भी 29 जून को खुलेगा और क्लोजिंग 1 जुलाई को होगी। प्राइस बैंड ₹64-₹69 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Kratikal Tech IPO: यह इश्यू 30 जून को खुलेगा और 2 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹128-₹135 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹39.69 करोड़ जुटाने का है। शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Vinit Mobile IPO: यह भी 30 जून को खुल रहा है। साइज ₹34.13 करोड़ है। क्लोजिंग 2 जुलाई को होगी। बोली ₹150-₹158 प्रति शेयर के भाव पर और 800 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 7 जुलाई को हो सकती है।

Sampark India Logistics IPO: ₹27.22 करोड़ का इश्यू 30 जून को खुलकर 2 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹80-₹84 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

Seemax Resources IPO: ₹19.74 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू भी 30 जून से 2 जुलाई के बीच खुला रहेगा। ₹134-₹141 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकते हैं। लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Atharva Polyplast IPO: यह 30 जून को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹55-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी ₹27 करोड़ जुटाना चाहती है। 2 जुलाई को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Teja Engineering Industries IPO: यह भी 30 जून को खुलेगा और 2 जुलाई को बंद होगा। साइज ₹37.36 करोड़ है। फाइनल IPO प्राइस ₹220 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Knack Packaging IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में एक और इश्यू 1 जुलाई को ओपन होगा। क्लोजिंग 3 जुलाई को होगी। कंपनी का इरादा ₹439.50 करोड़ जुटाने का है। इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹161-₹170 प्रति शेयर और लॉट साइज 88 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग