Market Trend : निफ्टी-बैंक निफ्टी का रुख अभी भी पॉजिटिव, आज यह फार्मा शेयर कर सकता है कमाल

Market Trend : BSE की मंथली एक्सपायरी पर कल 27 अगस्त को शेयर बाजार में दबाव नजर आया। सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा और दोनों इंडेक्स ने फ्लैट क्लोजिंग की। फार्मा और डिफेंस शेयरों में खरीदारी रही। मेटल और तेल-गैस शेयरों में दबाव रहा। FMCG और निफ्टी बैंक इंडेक्स गिरकर बंद हुए। बैंक निफ्टी 274 प्वाइंट गिरकर 57,510 पर बंद हुआ। मिडकैप 66 प्वाइंट गिरकर 64,035 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 31 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में बिकवाली हुई। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि निफ्टी रुक-रुक कर टूट ही रहा है लेकिन इसका ओवरऑल टोन साइडवेज पॉजिटिव ही है। जब तक निफ्टी फ्यूचर्स 23950 के नीचे जाकर ट्रेड करना शुरू नहीं करेगा तब तक यह साइडवेज पॉजिटिव ही रहेगा। जिओपॉलिटिकल टेंशनंस बीच-बीच में एस्केलेट होते हुए आ रहे हैं। डॉलर इंडेक्स भी मार्केट को सपोर्ट नहीं कर रहा है। इसके चलते बाजार में थोड़ी बहुत गिरावट बनी हुई है। लेकिन ऐसा लगता है कि यह स्टॉक स्पेसिफिक मार्केट है। निफ्टी के अहम लेवल की मैं बात करें तो 23,950 के जितना करीब मिले खरीदारी की सलाह रहेगी। ऊपरी लेवल पर 23 24350 के ऊपर जाने पर काउंटर में तेजी देखने मिल सकती है जो कि 24800 तक जा सकती है।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर मैं बैंक निफ्टी की बात करें तो बहरहाल इसमें कल दिनभर में एक 0.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने मिली है और बैंक निफ्टी भी मोर और लेस एक गैप फिल करने की तरफ आ रहा है। इसमें भी 57500 के करीब मिलने पर खरीदारी की सलाह रहेगी। 57200 के स्टॉप लॉस के साथ में ऊपरी लेवल पर इस काउंटर में 58500 तक के टारगेट मिल सकते हैं। इसके भी साइडवेज पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। लेकिन यह रुक-रुक कर चलेगा। बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक मूवमेंट्स काफी अच्छे देखने को मिल सकती है।

आज की टॉप पिक

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा फार्मा का स्टॉक टोरेंट फार्मा अच्छा लग रहा है, इसके फ्यूचर्स में खरीददारी की सलाह रहेगी। इसका चार्ट स्ट्रक्चर काफी अच्छा है। कल सारे दिन इसमें तेजी रही। इस शेयर में 520-525 रुपए के आसपास फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। 4970 रुपए का एक छोटा स्टॉप लॉस यहां पर मेंटेन करना है। ऊपरी लेवल पर 5155 रुपए का टारगेट यहां पर देखने मिल सकता है। यह ट्रेड पूरी तरह से ट्रेडिंग के नजरिए से दिया गया है।

 

Stocks to Watch: 28 अगस्त को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

 

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Stock Market Holiday: रक्षाबंधन पर आज खुलेगा या बंद रहेगा शेयर बाजार? यहां देखें ट्रेडिंग का पूरा शेड्यूल

NSE BSE Open or Closed Today: आज देश भर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर क्या आज देश के प्रमुख शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) खुले रहेंगे या बंद? इस सवाल को लेकर निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच संशय बना हुआ है। अगर आप भी आज बाजार में ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

रक्षाबंधन पर खुला रहेगा बाजार, सामान्य दिनों की तरह होगी ट्रेडिंग

28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। हालांकि, BSE और NSE की आधिकारिक ट्रेडिंग हॉलिडे लिस्ट 2026 में रक्षाबंधन को अवकाश के रूप में शामिल नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि आज दलाल स्ट्रीट में किसी भी तरह की छुट्टी नहीं होगी और शेयर बाजार सामान्य दिनों की तरह ही खुलेगा।

प्री-ओपन सेशन: सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक

रेगुलर ट्रेडिंग सेशन: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक

इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O), करेंसी डेरिवेटिव्स और डेट सेगमेंट में सामान्य रूप से कामकाज चालू रहेगा।

कमोडिटी मार्केट (MCX) का क्या है शेड्यूल?

इक्विटी मार्केट की तरह ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर भी रक्षाबंधन के अवसर पर कोई ट्रेडिंग ब्रेक नहीं रहेगा। MCX पर दोनों सत्र (सुबह का 9:00 AM से 5:00 PM और शाम का 5:00 PM से रात 11:30/11:55 PM) सामान्य रूप से चालू रहेंगे।

अगली स्टॉक मार्केट छुट्टी कब होगी?

रक्षाबंधन पर बाजार खुला रहने के बाद, अब अगस्त महीने में कोई भी अतिरिक्त ट्रेडिंग हॉलिडे नहीं है। शेयर बाजार की अगली छुट्टी 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर है जब BSE और NSE दोनों में ट्रेडिंग बंद रहेगी।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।

Happiest Minds के शेयर 6 फीसदी फिसले, इस खबर के बाद शेयर में बढ़ी बिकवाली

हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरों में 27 अगस्त को बड़ी गिरावट आई। सीएनबीसी-आवाज ने खबर दी की आईटीसी इंफोटेक इसके प्रमोटर की हिस्सेदारी खरीदेगी। यह डील प्रति शेयर 390-400 की कीमत पर हो सकती है। इस खबर के बाद शेयर में गिरावट आई।

इस डील को अगले हफ्ते मिल सकती है बोर्ड की मंजूरी

सीएनबीसी-आवाज ने खबर दी कि कंपनी का बोर्ड इस डील को अगले हफ्ते मंजूरी दे सकता है। उसने यह बताया कि हैपिएस्ट माइंड्स शेयर बाजार से डीलिस्ट हो सकती है। 27 अगस्त को हैपिएस्ट माइंड्स के शेयर 6.26 फीसदी गिरकर 419.80 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर करीब 26 फीसदी चढ़ा है।

22 फीसदी हिस्सेदारी सीधे तौर पर खरीदने का प्लान 

खबर के मुताबिक, ITC Infotech हैपिएस्ट माइंड्स में प्रमोटर की 22 फीसदी हिस्सेदारी सीधे तौर पर खरीदेगी। कंपनी में प्रमोटर की 44 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी 22 फीसदी शेयरों के लिए आईटीसी इंफोटेक अपने शेयर ऑफर कर सकती है। उसके बाद कंपनी को ओपन ऑफर लाना होगा।

आईटीसी इंफोटेक खुद को शेयर बाजार में लिस्ट करा सकती है

सीएनबीसी-आवाज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ITC Infotech अलग से शेयर बाजार में खुद को लिस्ट करा सकती है। पिछले महीने मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि आईटीसी इंफोटेक इस आईटी कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में आगे है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, हैपिएस्ट माइंड्स के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन अशोक सूता की कंपनी में सीधे तौर पर 32 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। उनकी 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी दूसरे प्रमोटर होल्डिंग्स के जरिए है।

हाई ग्रोथ वाले बिजनेसेज में आईटीसी इंफोटेक की स्थिति मजबूत होगी

Ashok Soota Medical Research LLP की हैपिएस्ट माइंड्स में करीब 11.8 फीसदी हिस्सेदारी है। अगर यह डील होती है तो यह डिजिटल इंजीनियरिंग और एआई-आधारित टेक्नोलॉजी सर्विसेज बिजनेस के विस्तार पर आईटीसी इंफोटेक का सबसे बड़ा दांव होगा। हैपिएस्ट माइंड्स में हिस्सेदारी खरीदने से क्लाउड, डेटा, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे ज्यादा ग्रोथ वाले क्षेत्रों में आईटीसी इंफोटेक की स्थिति मजबूत होगी।

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2011 में हुई थी हैपिएस्ट माइंड्स की शुरुआत

ITC Infotech ने अक्तूबर 2024 में क्लाउड सर्विसेज कंपनी Blazeclan Technologies का अधिग्रहण 485 करोड़ रुपये में किया था। जहां तक Happiest Minds की बात है तो इस डील से करीब एक दशक के बाद कंपनी के कंट्रोल में बदलाव होगा। इस कंपनी की शुरुआत में 2011 में अशोक सूता ने की थी। इस कंपनी का हेडक्वार्टर बेंगलुरु है।

Nepal Stock Market: तबाही से नेपाल का शेयर बाजार धड़ाम! हाइड्रोपावर और इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों में मची भगदड़

Nepal Stock Exchange Impact: नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड का असर अब वहां के शेयर बाजार (NEPSE) पर साफ देखने को मिला है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, बैंक शाखाओं, सीमा शुल्क प्वाइंट और व्यावसायिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

इस नेचुरल डिजास्टर से कंपनियों को होने वाले वित्तीय नुकसान और भारी इंश्योरेंस क्लेम की आशंका से निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसके चलते नेपाल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स NEPSE ट्रेडिंग सेशन के दौरान 35.92 अंक गिरकर 2,550 के करीब आ गया।

हाइड्रोपावर शेयरों पर सबसे बड़ी मार: 748 MW क्षमता प्रभावित

बाढ़ के केंद्र रसुवा में स्थित बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की खबरों से सबसे ज्यादा बिकवाली हाइड्रोपावर शेयरों में देखने को मिली। हाइड्रोपावर सब-इंडेक्स ट्रेडिंग के दौरान 104 अंक या 2.84% टूट गया।

13 प्रोजेक्ट्स की बिजली उत्पादन ठप: नेपाल इंश्योरेंस अथॉरिटी के मुताबिक, करीब 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

748 MW का झटका: इसमें 354 मेगावाट क्षमता वाले चालू प्रोजेक्ट्स और 394 मेगावाट क्षमता वाले निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यानी कुल 748 MW बिजली क्षमता प्रभावित हुई है।

लिस्टेड कंपनियां भी चपेट में: अपर त्रिशूली-1, रसुवागढ़ी, रसुवा भोटेकोशी, अपर मैलुंग ‘ए’, संजेन खोला, लंगटांग खोला और चिलिमे हाइड्रोपावर प्रमुख रूप से प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

बीमा कंपनियों में भी भारी गिरावट

बाढ़ से तबाह हुई परियोजनाओं के कारण बीमा कंपनियों पर दावों का बड़ा बोझ आने की संभावना है। इसी आशंका में नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सब-इंडेक्स 404 अंक यानी 3.90% तक गिर गया।

गौरतलब है कि नेपाल की नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां पहले से ही मुनाफे के दबाव से जूझ रही थीं। वित्त वर्ष 2082-83 में प्रभु को छोड़कर लगभग सभी कंपनियों के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई थी। अब इस आपदा के बाद इंश्योरेंस क्लेम बढ़ने से इनका मार्जिन और प्रभावित हो सकता है। यहां आपको बता दें कि नेपाल में वित्त वर्ष पारंपरिक विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार चलता है।

री-इंश्योरेंस से मिल सकती है राहत

हालांकि, बीमा कंपनियों को री-इंश्योरेंस व्यवस्था से कुछ राहत मिल सकती है। इंश्योरेंस अथॉरिटी के अनुसार, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स का आमतौर पर ‘इंजीनियरिंग इंश्योरेंस’ होता है, जिसमें लगभग 80% रिस्क री-इंश्योरर्स को ट्रांसफर कर दिया जाता है।

साथ ही चालू प्रोजेक्ट्स पर ‘प्रॉपर्टी इंश्योरेंस’ होता है, जहां मूल बीमा कंपनियां 50% तक रिस्क अपने पास रखकर बाकी री-इंश्योरेंस कंपनियों को ट्रांसफर करती हैं। घरेलू प्रॉपर्टी री-इंश्योरेंस के तहत ट्रांसफर रकम का 30% हिस्सा नेपाल की घरेलू री-इंश्योरेंस कंपनियों के पास रखना अनिवार्य होता है।

निवेशकों के लिए आगे का नजरिया

बाजार में यह गिरावट फिलहाल नुकसान के वास्तविक आंकड़ों के बजाय अनिश्चितता और डर के कारण है। जब तक क्षतिग्रस्त परियोजनाओं के वास्तविक नुकसान और इंश्योरेंस क्लेम की सटीक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आने वाले ट्रेडिंग सेशन में कंपनियों की रीस्टोरेशन टाइमलाइन और क्लेम सेटलमेंट से जुड़ी खबरें बाजार के लिए अहम ट्रिगर साबित होंगी।

TD Power Share Price: एक साल में इस शेयर ने पैसा तीन गुना किया, अभी और 107% चढ़ सकता है

TD Power Share Price: आप अगर जोरदार रिटर्न देने वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप टीडी पावर सिस्टम्स के शेयर पर विचार कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने इस शेयर पर ‘होल्ड’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन, उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,512 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 107 फीसदी चढ़ सकता है।

शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की रिपोर्ट के बाद TD Power Systems के शेयरों में जारी गिरावट पर 27 अगस्त को ब्रेक लग गया। 3 बजे शेयर का प्राइस 2.02 फीसदी चढ़कर 742.50 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 194 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इसने सिर्फ एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।

बीते दो कारोबारी सत्रों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था शेयर 

एक समय यह शेयर एनएसई पर करीब 5 फीसदी चढ़कर 765.50 रुपये पर पहुंच गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था। मोनार्क नेटवर्क कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कंपनी ग्लोबल एआई और डेटा-सेंटर पावर साइकिल का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

क्षमता बढ़ने पर कंपनी को ऑर्डर पूरा करने में आसानी होगी

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एक्सपोर्ट्स की मीडियम टर्म में कंपनी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका होगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया है। इससे उसे स्ट्रॉन्ग ऑर्डर पाइपलाइन पूरी करने में मदद मिलेगी। कंपनी का प्लान बड़े जेनरेटर्स के फील्ड में एंट्री करने का है। इससे कंपनी के लिए बाजार का आकार बढ़ जाएगा।

जून तिमाही में कंपनी को 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर 

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एआई और डेटा-सेंटर की बिजली की बढ़ती जरूरतों की वजह गैस इंजन और गैस टर्बाइन की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। FY27 की पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर ऑर्डर इनफ्लो 87.4 फीसदी बढ़कर 730 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ऑर्डर फ्लो में एक्सपोर्ट्स और डीम्ड एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी 93.1 करोड़ रुपये रही।

FY27 की पहली तिमाही में सेल्स 72 फीसदी बढ़ी

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स बाद प्रॉफिट की सीएजीआर क्रमश: 32.3 फीसदी, 36.8 फीसदी और 34.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 72.1 फीसदी बढ़कर 640.1 करोड़ रुपये रही। इसमें स्ट्रॉन्ग एग्जिक्यूशन और अच्छी डिमांड का हाथ रहा।

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27 अगस्त को शेयर बाजारों के सूचकांकों पर दबाव

TD Power के शेयर में तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर बड़ा दबाव था। 3:20 बजे निफ्टी और सेंसेक्स में 0.37 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन कैसी होगी बाजार की चाल, जानें ग्लोबल बाजार और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। Nvidia के अच्छे आउटलुक ने पूरे एशिया में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों को बढ़ावा दिया है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट से भारतीय शेयरों को सहारा मिल रहा है। हालांकि, उम्मीद से ज़्यादा US महंगाई के आंकड़ों और जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह करीब 7:40 बजे GIFT Nifty 30 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय शेयर पिछले सेशन की बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और Nifty दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। Sensex 183.15 अंक या 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 पर आ गया, जबकि Nifty 126.80 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ।

Nvidia के आउटलुक से एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल

Nvidia द्वारा बिक्री का अच्छा आउटलुक जारी करने के बाद एशियाई शेयरों में बढ़त हुई। इससे उन चिंताओं में कमी आई कि AI से जुड़े कैपिटल खर्च में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है। हाल के हफ़्तों में AI पर खर्च के पैमाने और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंताओं के कारण इस सेक्टर में ज़बरदस्त बिकवाली हुई थी, ऐसे में यह अच्छा आउटलुक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें सेमीकंडक्टर शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। दक्षिण कोरिया के Kospi में 1.1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जिसे SK Hynix और Samsung Electronics जैसे शेयरों का सहारा मिला, जबकि जापान के Topix में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई। Nvidia के शेयरों में US में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 4.7 प्रतिशत का उछाल आया, क्योंकि इसके आउटलुक ने बिक्री में लगातार मज़बूत बढ़ोतरी का संकेत दिया। इस घोषणा के बाद Nasdaq 100 फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत तक की बढ़त हुई, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत ऊपर थे।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

Nvidia पर सकारात्मक प्रतिक्रिया तब आई जब बुधवार को रेगुलर ट्रेडिंग में अमेरिकी शेयर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि उम्मीद से ज़्यादा महंगाई के आंकड़ों ने सेंटीमेंट पर असर डाला था। Dow Jones Industrial Average 0.21 प्रतिशत गिरकर 53,463.88 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.02 प्रतिशत गिरकर 7,675.70 पर और Nasdaq Composite 0.08 प्रतिशत गिरकर 26,130.20 पर बंद हुआ।

महंगाई के आंकड़े अमेरिकी ब्याज दरों और ट्रेजरी यील्ड के आउटलुक पर फोकस बनाए रख सकते हैं। हाल के हफ्तों में, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें और ज़्यादा बॉन्ड यील्ड ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए, खासकर ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयरों और उभरते बाजारों की एसेट्स के लिए, एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं।

ब्रेंट में लगातार चौथे दिन गिरावट

कच्चे तेल की गिरती कीमतें भारतीय बाजारों के लिए एक अच्छा संकेत हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत गिरकर $87.24 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे लगातार चौथे सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। US West Texas Intermediate क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $81.67 प्रति बैरल पर आ गया, जो लगातार पांचवां सेशन था जब इसमें गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

Bajaj Broking ने कहा कि निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए; इस स्तर के ऊपर जाने (ब्रेकआउट) से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 पर देखा जा रहा है।

बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में नेट बायर रहे और उन्होंने 26 अगस्त को 502 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने कहीं ज़्यादा खरीदारी की और शेयरों में 6,425 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ITR Filing Deadline: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन छूटने पर क्या होगा? फिर कैसे भर सकते हैं रिटर्न, कितना देना पड़ेगा जुर्माना

अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।

अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।

31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।

अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।

क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?

हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।

लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत

डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।

यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।

ITR में गलती हो गई तो क्या करें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।

लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Welspun Corp में ₹1433 करोड़ की ब्लॉक डील, प्रमोटर ग्रुप और CEO ने बेची 2.4% हिस्सेदारी

पाइप और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Welspun Corp में बुधवार यानी 26 अगस्त को बड़ी ब्लॉक डील हुई। NSE पर करीब ₹1,433 करोड़ के शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। इस डील में प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Welspun Investments and Commercials और कंपनी के MD और CEO विपुल माथुर ने मिलकर करीब 63 लाख शेयर बेचे।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, ये शेयर औसतन ₹2,275.30 प्रति शेयर के भाव पर बिके। कुल शेयर कंपनी की करीब 2.4% हिस्सेदारी के बराबर हैं।

Capital Group ने खरीदे ज्यादातर शेयर

इस ब्लॉक डील में Capital Group की तीन कंपनियां बड़ी खरीदार बनकर सामने आईं। तीनों ने मिलकर करीब 42.3 लाख शेयर खरीदे। यह Welspun Corp की करीब 1.64% हिस्सेदारी है।

Euro Pacific Growth Fund सबसे बड़ा खरीदार रहा। उसने करीब 29.5 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 1.12% हिस्सेदारी है। इस खरीद के लिए फंड ने करीब ₹670.3 करोड़ खर्च किए।

New World Fund ने करीब 8.4 लाख शेयर खरीदे। यह करीब 0.32% हिस्सेदारी है। इसके लिए करीब ₹191.51 करोड़ खर्च किए गए। Capital Group Europacific Growth Trust ने करीब 4.4 लाख शेयर खरीदे। इसकी हिस्सेदारी करीब 0.2% है और डील की वैल्यू करीब ₹100.9 करोड़ रही।

इन तीनों फंड ने मिलकर करीब ₹963 करोड़ के शेयर खरीदे। बाकी करीब 20.7 लाख शेयर किसने खरीदे, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में नहीं है।

कंपनी को नहीं मिलेगा डील का पैसा

यह डील सेकेंडरी शेयर सेल है। यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। शेयर मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे हैं। इसलिए डील से मिला पैसा Welspun Corp के खाते में नहीं जाएगा। यह रकम Welspun Investments and Commercials और विपुल माथुर को मिलेगी।

2026 में बढ़ी ब्लॉक डील

Welspun Corp की यह डील इस साल भारतीय बाजार में बढ़ी सेकेंडरी शेयर सेल्स की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। Prime Database के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक प्रमोटर्स, फाउंडर्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने 9,616 ब्लॉक और बल्क डील के जरिए करीब ₹3.63 लाख करोड़ के शेयर बेचे हैं।

इस दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों ने बाजार में आई इस सप्लाई का कुछ हिस्सा खरीदा है। वहीं विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों को लेकर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

Welspun Corp का शेयर बुधवार को NSE पर 1.49% गिरकर ₹2,310.50 पर बंद हुआ।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

पैकेजिंग कंपनी Mold-Tek Packaging के बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। यानी आपके पास कंपनी का जितना शेयर है, उतने ही बोनस शेयर और मिलेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी ने बुधवार यानी 26 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट बाद में घोषित की जाएगी।

1:1 बोनस शेयर का मतलब क्या है?

अगर आपके पास कंपनी के 100 शेयर हैं, तो बोनस इश्यू के बाद आपके पास 200 शेयर हो जाएंगे। कंपनी कुल 3.32 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू ₹5 होगी। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक मौजूद फ्री रिजर्व और रिटेन अर्निंग्स में से ₹16.61 करोड़ का इस्तेमाल किया जाएगा।

बोनस के बाद कंपनी के कुल शेयर करीब 3.32 करोड़ से बढ़कर 6.65 करोड़ हो जाएंगे। वहीं पेड-अप शेयर कैपिटल भी ₹16.61 करोड़ से बढ़कर ₹33.23 करोड़ हो जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि बोर्ड की मंजूरी के बाद दो महीने के भीतर बोनस इश्यू की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बोनस से पैसा दोगुना नहीं होता

यहां एक बात समझना जरूरी है। 1:1 बोनस का मतलब ये नहीं है कि निवेशक का पैसा सीधे दोगुना हो जाएगा। मान लीजिए आपके पास 100 शेयर हैं और शेयर की कीमत ₹700 है। आपकी कुल निवेश वैल्यू ₹70,000 हुई। बोनस के बाद शेयरों की संख्या 200 हो जाएगी, लेकिन शेयर की कीमत आम तौर पर एडजस्ट होकर करीब आधी हो जाती है।

यानी बोनस के तुरंत बाद आपकी कुल वैल्यू करीब उतनी ही रहती है। असली फायदा आगे हो सकता है। अगर कंपनी का कारोबार और मुनाफा बढ़ता है, तो ज्यादा शेयर होने का फायदा निवेशक को मिल सकता है।

कंपनी के पास ₹655 करोड़ से ज्यादा रिजर्व

31 मार्च 2026 तक Mold-Tek Packaging के पास कैपिटलाइजेशन के लिए ₹655.12 करोड़ के फ्री रिजर्व और शेयर प्रीमियम उपलब्ध थे। यानी बोनस इश्यू के लिए कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को भी बढ़ाने का फैसला किया है।

अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ किया जाएगा। इसके लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ जाएगी।

₹3 का फाइनल डिविडेंड भी मिलेगा

बोनस शेयर के साथ कंपनी ने डिविडेंड की भी घोषणा की है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी यह डिविडेंड फेस वैल्यू का 60% है।

इस डिविडेंड को AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। यहां एक बात ध्यान रखें। ₹3 का डिविडेंड मौजूदा शेयरों पर है और यह प्रस्तावित बोनस शेयर से अलग है।

Mold-Tek Packaging के शेयर का हाल

Mold-Tek Packaging के शेयर में बुधवार को 0.26% की बढ़त के साथ 708.65 रुपये बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 23.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, 1 साल में यह 10.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.36 हजार करोड़ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।