एक्सपायरी पर Sensex फ्लैट, लगातार दूसरे दिन Nifty मजबूत, किन घटी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज फार्मा, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इसमें से रियल्टी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी के आस-पास बंद हुए तो मेटल और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% मजबूत हुए। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश और निफ्टी पीएसयू बैंक में हल्की गिरावट रही लेकिन निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस माहौल में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 17 सितंबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 21.86 प्वाइंट्स यानी 0.03% की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.00 प्वाइंट्स यानी 0.23% की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

₹1.87 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,23,712.00 करोड़ था। आज यानी 17 सितंबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,10,906.37 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹187,194.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 21 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील, बीईएल और इंडिगो सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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113 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4535 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2686 शेयर आज मजबूत हुए तो 1642 में गिरावट रही जबकि 207 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 113 शेयर एक साल के हाई और 139 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज छा गई मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजारों में लौटी तेजी, सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा

कच्चे तेल में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 333 अंक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 74,249 अंक पर खुला और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 332.63 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 74,336.45 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत ऊपर 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत फिसलकर 108 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। इससे लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

घरेलू बाजारों में एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, धातु, मीडिया, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक ऊपर रहे। आईटी, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों में गिरावट रही।

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वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.18 प्रतिशत टूट गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में सवा दो प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर और सन फार्मा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में रहे।

अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयर भी हरे निशान में रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की टीसीएस का शेयर ढाई फीसदी से अधिक लुढ़क गया। अन्य आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सवा फीसदी से डेढ़ फीसदी के बीच गिरे। बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में बंद हुए।

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Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

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75 साल की मां ने सैलून में उड़ा दिए 4 करोड़! बिल देखकर बेटी के उड़े होश…जानें आगे क्या हुआ

रिटायरमेंट के बाद जमा की गई रकम अक्सर लोगों के लिए बड़ा सहारा होती है। नौकरी खत्म होने के बाद यही बचत रोजमर्रा के खर्च और भविष्य की जरूरतों में काम आती है। लेकिन चीन में 75 साल की एक महिला की रिटायरमेंट सेविंग्स से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने कई सालों में अपनी 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत एक ही सैलून में ब्यूटी और वेलनेस ट्रीटमेंट पर खर्च कर दी। जब उसकी बेटी को इस भारी-भरकम खर्च का पता चला, तो वह हैरान रह गई। सोशल मीडिया पर ये कहानी काफी वायरल हो रही है।

खर्च किए करोड़ो रुपए

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यू सरनेम वाली यह महिला साल 2016 से योंगकी ब्यूटी एंड हेयरड्रेसिंग कंपनी और उससे जुड़े एक मेडिकल ब्यूटी क्लिनिक में जा रही थी। कई सालों तक यहां सेवाएं लेने के दौरान उसने अपनी काफी बचत खर्च कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, यू ने कई सालों के दौरान सैलून और क्लिनिक से अलग-अलग ब्यूटी और वेलनेस सेवाएं ली थीं। इनमें स्किन-टाइटनिंग प्रोसीजर, थ्रेड लिफ्ट और मेरिडियन मसाज थेरेपी शामिल थे। रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि उसने आइब्रो और लिप टैटू जैसे कॉस्मेटिक प्रोसीजर भी करवाए थे।

होठों के लिए खर्च किए करीब 6 लाख रुपये

बेटी को मां के खर्च का पता तब चला, जब उसने सैलून के बिल और इलाज के रिकॉर्ड देखे। इनमें बड़ी रकम देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। बिल से सामने आया कि, यू ने कुछ ब्यूटी ट्रीटमेंट के लिए बाजार में आम तौर पर ली जाने वाली कीमत से कई गुना ज्यादा पैसे चुकाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सेवाओं की कीमत नॉर्मल रेट से 10 से 20 गुना तक अधिक थी। हैरान करने वाली बात यह है कि एक ही सेशन में कई लिप टैटू करवाने के लिए उनसे कथित तौर पर 39,800 युआन यानी करीब 6 लाख रुपये लिए गए।

महंगे ट्रीटमेंट पर उठाए सवाल

महंगे ट्रीटमेंट की कीमत सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या यू को इन सेवाओं की सही कीमत और फायदे की पूरी जानकारी थी। उन्होंने 65 साल की उम्र में सैलून जाना शुरू किया था और धीरे-धीरे कई तरह के ट्रीटमेंट लेने लगीं। इस मामले की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। लोगों के मुताबिक खासकर बुजुर्ग ग्राहकों को किसी भी ब्यूटी या वेलनेस सेवा की कीमत और उसके फायदे की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। सैलून की कीमतों और बाजार के सामान्य रेट में बड़ा अंतर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरी गिरावट, सेंसेक्स 778 अंक लुढ़का

Stock Market

विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 778 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स करीब 588 अंक ऊपर 75,369.63 अंक पर खुला और एक समय 655 अंक चढ़ गया था। हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और सेंसेक्स 73,994 अंक तक टूट गया। इस प्रकार इसमें 1,375 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 प्रतिशत) नीचे 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी कारोबार की समाप्ति पर 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत नीचे 23,118.60 अंक पर रहा।

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर में लिवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। अन्य सभी सेक्टरों में बिकवाली का जोर रहा। रियल्टी समूह का सूचकांक 4.04 प्रतिशत, रसायन समूह का 3.42, धातु का 2.54 टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का 2.41, मीडिया का 2.17, ऑटो का 2.01, वित्त का 1.83, बैंकिंग का 1.43, फार्मा का 1.30, तेल एवं गैस का 1.29 और स्वास्थ्य समूह का 1.17 प्रतिशत टूट गया। वृहत बाजार में मिडकैप-50 सूचकांक 2.08 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.43 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका में लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट में खुले।

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सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल का शेयर सबसे ज्यादा छह प्रतिशत, इंडिगो का चार प्रतिशत और टाइटन, बजाज फिनसर्व तथा अडानी पोर्ट्स के तीन-तीन प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड के शेयर दो से तीन प्रतिशत नीचे बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और मारुति सुजुकी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिरे। एनटीपीसी, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी नुकसान में रहे।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब चार प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। एचडीएफसी बैंक का शेयर सवा फीसदी मजबूत हुआ। हिंदुस्तान यूनीलिवर और टाटा स्टील के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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Titan Share Price: 20% अभी ओर चढ़ सकता है शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने बताई ये वजह

Titan Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के शेयरों में शुक्रवार 11 सितंबर को दबाव देखने को मिला। जिसके चलते स्टॉक में पिछले 1 महीने से चल रही करेक्शन जारी रही। हालांकि बाजार में अपनी मजबूत स्थिति के कारण टाटा ग्रुप की इस कंपनी के अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। यहीं कारण है कि ब्रोकरेज फर्म शेयर पर बुलिश नजर आ रहा है। साथ ही ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस दिया है, जो इसमें 20 फीसदी की अपसाइड दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के मार्जिन में सुधार हो सकता है । ज्वेलरी इंडस्ट्री की एक प्रमुख कंपनी, टाइटन, अपने मजबूत पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के दम पर टॉप कंपनियों में बनी रहेगी। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, यह बड़ी ज्वेलरी कंपनी इंडस्ट्री की सकारात्मक ग्रोथ संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

हालांकि टाइटन कंपनी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन बाजार में इसकी हिस्सेदारी केवल 8.5% है। इसका बढ़ता स्टोर नेटवर्क, कई तरह के फॉर्मेट वाला पोर्टफोलियो और स्थापित ब्रांड वैल्यू इसे इस बड़े बदलाव का बहुत अधिक फायदा उठाने में मदद कर सकते हैं। कंपनी की मजबूत स्थिति, ब्रांडेड प्लेयर के तौर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन और सोने की कीमतों में स्थिरता से कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने शुक्रवार, 11 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा, “हम ज्वेलरी इंडस्ट्री में ग्रोथ को लेकर सकारात्मक हैं, खासकर टॉप कंपनियों के मामले में, जहां टाइटन एक लीडर है और अपने शानदार पुराने कामकाज के रिकॉर्ड के कारण सबसे अच्छी स्थिति में है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं।”

क्या दिया टारगेट प्राइस

मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक के लिए ₹6,000 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ Buy की रेटिंग दी है। हम FY26-29E के दौरान बिक्री में 17% CAGR, EBITDA में 21% और APAT में 23% CAGR का अनुमान लगाते हैं। हम सितंबर 2028 के अनुमानित EPS के 60 गुना (60x) के आधार पर ₹6,000 के टारगेट प्राइस (TP) के साथ इस स्टॉक पर अपनी ‘खरीदने’ (BUY) की रेटिंग को दोहराते हैं।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

शुक्रवार को एनएसई पर टाइटन कंपनी का शेयर 0.23% गिरकर ₹5009 प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर ने ₹5,014.30 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई और ₹4,943.75 प्रति शेयर का इंट्राडे लो छुआ।

कंपनी के शेयर का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 35.39% है। पिछले एक महीने में इसके शेयर की कीमत में 2.58% की गिरावट आई है। इस शेयर ने तीन महीनों में 23.8% और एक साल में लगभग 38.99% का रिटर्न दिया है।

ESDS Software Share: निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले, 6 ट्रेडिंग सेशन में 300% चढ़ा शेयर, आज भी हिट किया अपर सर्किट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

Gold Price : शुक्रवार,28 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशक US फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में होने वाले भाषण से पहले मुनाफावसूली कर रहे है। फिलहाल 12 बजे के आसपास MCX पर सोने का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 716 रुपए यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 158,282 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी का सितंबर फ्यूचर्स 101 रुपए यानी 0.04 फीसदी गिरकर 240,550 रुपए प्रति किलोग्राम पर दिख रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक वॉर्श के भाषण पर नजरें बनाए हुए है। US गोल्ड फ्यूचर्स के दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.40% गिरकर 4,627.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं।

गोल्ड पर जेफरीज की राय

इस बीच गोल्ड पर जारी अपनी रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज में कहा है कि भारत में आज भी सबसे बड़ा भरोसा सोने पर ही है। भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी है। उसके मुताबिक देश में करीब 4 लाख करोड़ डॉलर का सोना है,जो आगे चलकर इकोनॉमी और मार्केट दोनों को चमका सकता है। गोल्ड ही भारत का सुपर पावर है। भारत के गोल्ड की वैल्यू 4 लाख करोड़ डॉलर है जो कुल इक्विटी निवेश का 4 गुना है। देश में गोल्ड का भाव 10 फीसदी बढ़ने पर जीडीपी में 0.80 फीसदी का उछाल देखने को मिलता है।

जेफरीज का कहना है कि सोने के दाम बढ़ने से इकोनॉमी और मार्केट दोनों को फायदा होता है। देश में सोना बढ़ेगा तो खर्च बढ़ेगा। गोल्ड लोन के बढ़ते क्रेज से भी फायदा होगा। लोग घर में सोना रखने के बजाय गोल्ड लोन लेकर पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोल्ड लोन के पैसे से इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।

जेफरीज का गोल्डन पोर्टफोलियो

जेफरीज के गोल्ड थीम में मणप्पुरम और सिल्वर थीम में हिंदुस्तान जिंक शामिल है। इसके अलावा उसके मॉडल पोर्टफोलियो में कंजम्पशन थीम से मीशो और केमिकल थीम से नवीन फ्लोरीन शामिल है। वहीं, इसने अपने मॉडल पोर्टफोलियो से जिंदल स्टेनलेस और अंबुजा सीमेंट को बाहर कर दिया है। जेफरीज की राय है कि सोना चढ़ा तो टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स, MCX, IIFL फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस की बल्ले-बल्ले होगी।

 

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Lalithaa Jewellery Listing: 66 गुना सब्सक्राइब आईपीओ, ₹201 के शेयर चमकाएंगे पोर्टफोलियो या रेड लिस्ट?

Lalithaa Jewellery Listing: आईपीओ को 66 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर शानदार संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹72 यानी 35.82% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 24 अगस्त को करीब 36% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹201 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Lalithaa Jewellery चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Lalithaa Jewellery चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Lalithaa Jewellery IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

आईपीओ को लेकर क्या था ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई सिक्योरिटीज ने ललिता ज्वैलरी आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि वह अभी की बजाय लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाही तक कंपनी के परफॉरमेंस को ट्रैक करेगी। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी की वैल्यू वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 11.1 गुना पर थी जोकि ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडस्ट्री पियर्स के हिसाब से है। हालांकि हेजिंग पॉलिसी नहीं होने को एक रिस्क बताया था। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक गोल्ड के भाव स्थिर होने पर कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।

एक और ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने ललिता ज्वैलरी को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने लिस्टिंग गेन के साथ-साथ रिस्क उठा सकने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कल्याण ज्लैवर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले P/E बेसिस पर यह आईपीओ 75% डिस्काउंट पर है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने ₹1066 करोड़ के जीएसटी विवाद और प्रमोटर से जुड़े मामले को अहम रिस्क के तौर पर जिक्र किया है लेकिन यह भी कहा कि टैक्स से जुड़े पुराने मामले काफी हद तक सुलझ चुके हैं।

Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट से लिस्टिंग को लेकर मिल रहे ये संकेत

Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rakesh Jhunjhunwala: सिर्फ ₹3 के शेयर ने राकेश झुनझुनवाला को बना दिया अरबपति! जानें ‘बिग बुल’ के उस सबसे बड़े मास्टर स्ट्रोक के बारे

Rakesh Jhunjhunwala Inspirational Journey: जब 1985 में 25 साल का एक नौजवान हाथ में महज 5 हजार रुपये लेकर शेयर बाजार के दंगल में उतरा, तो दलालों ने उसे सिर्फ एक ‘मुंगेरीलाल’ समझा था। पिता की सख्त हिदायत थी कि, ‘एक भी रुपया उधार मत लेना!’ लेकिन उस लड़के की आंखों में दलाल स्ट्रीट को फतह करने का जुनून था। फिर शुरू हुआ सही दांव, सटीक टाइमिंग और लोहे जैसे धैर्य का वो खेल, जिसने उस मामूली लड़के को भारत का ‘बिग बुल’ बना दिया।

₹5,000 से ₹40,000 करोड़ का विशाल साम्राज्य खड़ा करने वाले राकेश झुनझुनवाला की यह कहानी सिर्फ शेयर बाजार का गणित नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का सबसे रोमांचक और प्रेरणादायक सफर है। आइए जानते हैं उस एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ के बारे में जिसने रातों-रात उनकी किस्मत बदल दी।

शुरुआती जीवन और शेयर बाजार में पहला कदम

राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को हुआ था। उनके पिता इनकम टैक्स ऑफिसर थे, जो अक्सर अपने दोस्तों के साथ शेयर बाजार की बातें किया करते थे। वहीं से युवा राकेश के मन में बाजार को लेकर उत्सुकता जागी।

पिता की सलाह पर उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और वर्ष 1985 में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बने। जब उन्होंने शेयर बाजार में उतरने की इच्छा जताई, तो उनके पिता ने अनुमति तो दी लेकिन दो सख्त शर्तें रखीं। पिता या दोस्तों से पैसा उधार नहीं लेना है, और किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। राकेश झुनझुनवाला ने 1985 में अपनी बचत के ₹5000 के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कदम रखा। उस समय सेंसेक्स महज 150 अंकों के आसपास था।

टाटा टी ने दिया पहला बड़ा ब्रेकआउट

राकेश झुनझुनवाला को अपनी पहली बड़ी सफलता 1986 में मिली, जब उन्होंने टाटा टी के शेयरों पर बड़ा दांव लगाया। उन्होंने ₹43 के भाव पर टाटा टी के 5000 शेयर खरीदे। महज 3 महीने के भीतर ही उस शेयर की कीमत ₹43 से बढ़कर ₹143 हो गई।

इस एक सौदे से उन्हें करीब ₹5 लाख का बड़ा मुनाफा हुआ। 1986 से 1989 के बीच उन्होंने कई सही दांव लगाकर लगभग ₹20-25 लाख का मुनाफा कमाया, जिसने उन्हें बाजार में बड़ी पूंजी के साथ खेलने का मौका दिया।

वो एक शेयर जिसने बना दिया अरबपति

अगर किसी एक शेयर ने उनकी जिंदगी बदली, तो वो था टाटा ग्रुप का टाइटन कंपनी।उन्होंने वर्ष 2002-03 के दौरान टाइटन के लगभग 6 करोड़ शेयर औसतन ₹3 प्रति शेयर के बेहद सस्ते भाव पर खरीदे। बाजार में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने टाइटन में अपनी हिस्सेदारी को सालों-साल बनाए रखा। आगे चलकर टाइटन का शेयर हजारों रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अकेले टाइटन के शेयर से ही उनकी नेटवर्थ में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का इजाफा हुआ।

इसके अलावा सिल्सा लैब (Sesa Goa), लुपिन, क्रिसिल और स्टार हेल्थ जैसे शेयरों में उनके शुरुआती निवेश ने उन्हें भारतीय बाजार का सबसे सफल रिटेल निवेशक बना दिया। अपने जीवन के आखिरी दौर में उन्होंने भारत की नई एयरलाइन अकासा एयर में भी बड़ा निवेश किया।

राकेश झुनझुनवाला की सफलता के 4 सबसे बड़े मंत्र

1. लंबी अवधि का धैर्य: वे ट्रेडिंग से ज्यादा लंबी अवधि के वैल्यू इन्वेस्टिंग पर भरोसा करते थे। उनका मानना था कि अगर कंपनी का फंडामेंटल मजबूत है, तो समय के साथ शेयर बढ़ेगा ही।

2. भारत की ग्रोथ पर पक्का भरोसा: वे हमेशा कहते थे कि भारत की अर्थव्यवस्था पर दांव लगाओ। वे भारतीय बाजार को लेकर हमेशा बेहद बुलिश रहते थे।

3. गलतियों से सीखना: झुनझुनवाला का मानना था कि बाजार में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी गलती को जल्दी स्वीकार करना और घाटे को काटना ही असली समझदारी है।

4. जब सब डरें, तब निवेश करें: 1992 के हर्षद मेहता घोटाले या 2008 की वैश्विक मंदी उन्होंने हर बड़े संकट और मंदी को एक बेहतरीन खरीदारी के मौके के रूप में देखा।

निवेशकों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे ‘बिग बुल’

14 अगस्त 2022 को 62 वर्ष की उम्र में भले ही भारत के ‘बिग बुल’ ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी छोड़ी हुई विरासत आज भी दलाल स्ट्रीट की हर धड़कन में जिंदा है। ₹5000 की मामूली पूंजी से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी एविएशन कंपनी और बहुचर्चित इन्वेस्टमेंट फर्म्स में विशाल हिस्सेदारी बनाने का उनका यह सफर सिर्फ एक निवेशक की कामयाबी नहीं, बल्कि हर आम इंसान के बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की सबसे बड़ी मिसाल है। राकेश झुनझुनवाला भले आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनका एक-एक सबक आज भी करोड़ों निवेशकों को बाजार के तूफानों से टकराने और अपनी किस्मत खुद लिखने का हौसला देता है।

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