GIFT Nifty दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत, क्या HDFC बैंक और IT आज संभालेंगे बाजार की कमान

Gift Nifty Indicator: 5 अक्टूबर को भारतीय बाजार में गैप-अप ओपनिंग की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty 140 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसे US में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (monetary tightening) को लेकर कम होती चिंताओं और तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिल रहा है।

5 अक्टूबर को सुबह 7:47 बजे, GIFT Nifty 143 अंक ऊपर 22,633.5 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले हफ्ते Nifty 50 और Sensex दोनों में लगातार आठवीं बार साप्ताहिक गिरावट देखी गई। इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ बढ़ोतरी जैसे कारण थे, जिन्होंने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया।

संभावित गैप-अप ओपनिंग के पीछे ये चार मुख्य कारण हैं

1) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के बढ़ते एक्सपोर्ट और G7 देशों द्वारा तेल स्टॉक जारी करने से सप्लाई बढ़ रही है, जबकि ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान की चिंताएं बनी हुई हैं।

0115 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 35 सेंट या 0.34% गिरकर $101.90 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.49 प्रति बैरल पर था, जिसमें 62 सेंट या 0.68% की गिरावट आई।

पिछले हफ्ते ब्रेंट ने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी थी, जबकि WTI 1.6% नीचे था। यह गिरावट तब आई जब शुक्रवार को G7 देशों ने इमरजेंसी रिज़र्व से 100 मिलियन बैरल डीज़ल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई और US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद एनर्जी एक्सपोर्ट पर पाबंदियां न लगाने का वादा किया।

2) Accenture के Q4 नतीजे

1 अक्टूबर को Accenture के शेयरों में 22% की ज़बरदस्त उछाल आई, जो उनके लिए अब तक का सबसे अच्छा दिन साबित हुआ। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया, जिससे IT कंसल्टिंग बिज़नेस की मज़बूती का पता चला। इस बिज़नेस पर AI-आधारित बदलावों (disruption) की चिंताओं का असर पड़ा था।

इस आउटलुक से पता चला कि ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियाँ उन कंपनियों की मज़बूत मांग का फायदा उठा रही हैं जो जटिल कामों को ऑटोमेट करने और AI को अपनाने में मदद के लिए बाहरी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश कर रही हैं। इससे इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेज़ी आई। कॉग्निजेंट के शेयरों में लगभग 8% और IBM में लगभग 3% की बढ़त हुई। भारतीय प्रतिद्वंद्वियों विप्रो और इंफोसिस के ADRs में भी 6% से 7% के बीच बढ़त देखी गई।

3) ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेत

सोमवार को एशिया में शेयरों की शुरुआत मजबूत रही, जबकि डॉलर में थोड़ी गिरावट आई और बॉन्ड की कीमतें स्थिर रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी टाइटनिंग साइकिल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपनी उम्मीदें कम कर दीं।

चीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में छुट्टियों के कारण एशिया में ट्रेडिंग कम रही, जिससे बाजारों को शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट की चालों से संकेत लेने पड़े।

पिछले हफ्ते के डेटा से पता चला कि सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, निवेशक अब इस महीने फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना केवल 22% मान रहे हैं, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 64% थी।

इस महीने फेड द्वारा दरें न बढ़ाने (पॉज़) की बढ़ती संभावना से जापान के निक्केई में सत्र की शुरुआत में 2% की बढ़त हुई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी हुई और जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.15% की बढ़त दर्ज की गई।

4) HDFC बैंक को नया CEO मिला

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने अनूप बागची को तीन साल के लिए अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति इस संस्थान का नेतृत्व करेगा।

55 वर्षीय बागची, शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन ने अगस्त में फैसला किया था कि 26 अक्टूबर को उनका दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जिससे उत्तराधिकार की एक अनियोजित और तेज प्रक्रिया शुरू हो गई।

वे ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और धीमी परफॉर्मेंस से जूझ रहा है।

नए CEO की घोषणा के बाद HDFC बैंक के ADR शेयरों में लगभग 5% की बढ़त हुई।

टेक्निकल आउटलुक

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी ने कहा “निफ्टी के लगभग 115 अंक ऊपर, यानी 22,535 के आसपास खुलने की उम्मीद है, जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। हाल की कमजोरी और इंडेक्स के अहम 22,500 ज़ोन के आसपास बंद होने के बाद, यह रिकवरी उत्साहजनक है, लेकिन बढ़त को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

“तत्काल सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है, जबकि 22,750–22,850 पहला रेजिस्टेंस ज़ोन होगा। अगर निफ्टी 22,850 के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी 23,000 की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, मैं शुरुआती चाल के पीछे भागने से बचूंगा और इसके बजाय गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशूंगा, बशर्ते इंडेक्स अहम सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। व्यापक ट्रेंड सतर्कता वाला बना हुआ है, और निकट अवधि के सेटअप में सार्थक सुधार के लिए 23,050 के ऊपर लगातार बने रहना जरूरी होगा। तब तक, उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में अचानक बड़े बदलावों से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

Market Insight : निफ्टी में अब 52-वीक लो भी मुमकिन, 22180-22300 के स्तर टेस्ट होने की संभावना ज्यादा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kalyan Jewellers Share Price: कमजोर बाजार में उछला शेयर, ब्रोकरेज बुलिश, मिलेगा 60% का रिटर्न

Kalyan Jewellers India Share Price: ज्वेलरी मेकिंग कंपनी कल्याण ज्वैलर्स इंडिया (Kalyan Jewellers India) के शेयरों में 2 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह मिडकैप सेगमेंट में सबसे ज़्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई। ऐसा UBS की ओर से इस ज्वैलरी रिटेलर के लिए सकारात्मक नजरिए को दोहराने के बाद हुआ। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में पिछले साल के हाई बेस के बावजूद मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

शुरुआती कारोबार में यह स्टॉक 2.5 फीसदी बढ़कर 578 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे इस साल अब तक इसमें लगभग 19 फीसदी की बढ़त हो चुकी है। इसकी तुलना में, निफ्टी 50 में इस साल अब तक 13.3 फीसदी की गिरावट आई है। कल्याण ज्वैलर्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 59,600 करोड़ रुपये था। बाजार में कमज़ोरी के बावजूद यह बढ़त देखने को मिली। हालांकि इसमें बाद में मुनाफावसूली देखने को मिली।

स्टॉक पर क्या है UBS की राय

UBS ने कल्याण ज्वैलर्स के लिए ‘बाय’ (खरीदने) की रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 900 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस टारगेट का मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है।

कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बातचीत के आधार पर, UBS ने कहा कि कल्याण ज्वैलर्स के लिए फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में ग्रोथ की संभावना मजबूत है, भले ही कंपनी को ऊंचे बेस (high base) का सामना करना पड़ रहा हो। ब्रोकरेज के अनुसार, सोने की बढ़ी हुई कीमतों का डिमांड और औसत टिकट साइज़ (खरीद मूल्य) पर असर अलग-अलग कस्टमर सेगमेंट में अलग-अलग होता है। इस बीच, कल्याण ज्वैलर्स अपने स्टोर और नेटवर्क का तेजी से विस्तार जारी रखने की योजना बना रही है।

UBS ने कंपनी की गोल्ड सेविंग्स स्कीम पर भी ज़ोर दिया, जो ‘सेम-स्टोर ग्रोथ’ (मौजूदा स्टोर से होने वाली बिक्री में बढ़ोतरी) के बारे में बेहतर जानकारी देती हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज एक्टिविटी के ऊंचे बने रहने की उम्मीद है, जबकि कंपनी इससे मार्जिन पर पड़ने वाले असर को मैनेज करने की योजना बना रही है।

नेटवर्क का विस्तार ग्रोथ का मुख्य कारण है

ताज़ा कमेंटरी UBS के इस महीने की शुरुआत वाले इन्वेस्टमेंट थीसिस को और मजबूत करती है, जब ब्रोकरेज ने कल्याण ज्वैलर्स पर ‘buy’ रेटिंग और 900 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया था।

UBS ने ज्वैलर के पैन-इंडिया रिटेलर के तौर पर उभरने और तेज़ी से विस्तार में मदद करने वाले इसके ‘कैपिटल-लाइट’ फ्रैंचाइज़ी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) मॉडल को मुख्य वजह बताया था। ब्रोकरेज के अनुसार, कल्याण ज्वैलर्स टाइटन की तुलना में लगभग दोगुनी रफ़्तार से स्टोर जोड़ रही है।

UBS के अनुसार, कंपनी के रेवेन्यू में FY22 और FY26 के बीच लगभग 35 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की गई। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि नेटवर्क विस्तार जारी रहने से अगले पांच वर्षों में रेवेन्यू और कमाई में सालाना लगभग 23 प्रतिशत की कंपाउंड ग्रोथ होगी।

UBS ने यह भी तर्क दिया था कि FY22 और FY26 के बीच स्टॉक में छह गुना बढ़ोतरी के बावजूद इसमें और री-रेटिंग की गुंजाइश है। कवरेज शुरू करते समय, ब्रोकरेज का अनुमान था कि कल्याण ज्वैलर्स FY28 की कमाई के लगभग 30 गुना पर ट्रेड कर रही थी, जो टाइटन की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत कम (डिस्काउंट) था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 299 अंक ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स में सुबह से ही तेजी रही। यह 119 अंक ऊपर 74,648 अंक पर खुला और पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 299.17 अंक (0.40 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,828.25 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग ऐसा ही रही। यह 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर 23,446.80 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही थी।

वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.57 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.89 प्रतिशत मजबूत हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी 0.87 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.50 प्रतिशत गिर गया। धातु समूह के सूचकांक में 2.40 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.32 प्रतिशत और रियल्टी में 1.10 प्रतिशत की तेजी रही। फार्मा, वित्त, बैंकिंग, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक सवा तीन प्रतिशत और बजाज फाइनेंस का तीन प्रतिशत चढ़ गया। आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स से शेयर एक से दो प्रतिशत तक की तेजी में रहे। हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

आईटी सेक्टर में गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस के शेयर एक प्रतिशत से अधिक गिर गये। टीसीएस, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।

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शुरुआती तेजी के बाद 330 अंक लुढ़का सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी खोते हुए प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए और बीएसई का सेंसेक्स 330 अंक रहा।

सेंसेक्स 42 अंक ऊपर 74,901.50 अंक पर खुला और ऊपर 75,038.93 अंक तक गया। हालांकि पहले घंटे के कारोबार के बाद बिकवाली शुरू हो गयी। अंत में यह 329.91 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 74,529.08 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपर रहे थे।

वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत फिसल गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में मीडिया, रियल्टी, धातु और रसायन समूहों में तेजी रही। वहीं, आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर एक से डेढ़ फीसदी टूट गए।

भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

इटरनल का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंडिगो का डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़ा। टाइटन और टाटा स्टील में भी तेजी देखी गई।

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कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

Pic Credit : UNI

शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

Share Market Crash

कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

Share Market

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

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