Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Holiday: अगले 15 दिनों में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखिए RBI की ये पूरी लिस्ट

Bank Holiday October: अगर अक्टूबर के बचे हुए दिनों में बैंक से जुड़ा आपका कोई भी जरूरी काम अटका है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े यानी 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं।

दुर्गा पूजा, विजयादशमी, लक्ष्मी पूजा और करवा चौथ जैसे बड़े त्योहारों के चलते विभिन्न राज्यों में बैंकों में छुट्टियों की भरमार है। आइए आपको बताते हैं कि अगले 15 दिनों में किस-किस दिन बैंक बंद रहेंगे, ताकि आप अपनी ब्रांच जाने का प्लान पहले से बना सकें।

15 से 30 अक्टूबर 2026: बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

17 अक्टूबर (शनिवार): महा सप्तमी- केवल अगरतला में बैंक बंद (नोट: बाकी भारत के लिए यह महीने का तीसरा शनिवार है और बैंक खुले रहेंगे)

18 अक्टूबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश- पूरे देश में बैंक बंद

19 अक्टूबर (सोमवार): महा नवमी / आयुध पूजा- अगरतला, आइजोल, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी, इम्फाल, ईटानगर, कोहिमा, कोलकाता, पटना, रांची और शिलांग।

20 अक्टूबर (मंगलवार): विजया दशमी / दशहरा- लगभग पूरे देश में (गंगटोक और इम्फाल को छोड़कर)।

21 अक्टूबर (बुधवार): दुर्गा पूजा / विजया दशमी- अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम।

22–23 अक्टूबर (गुरुवार – शुक्रवार): दुर्गा पूजा / दसैन- केवल गंगटोक (सिक्किम)।

24 अक्टूबर (शनिवार): चौथा शनिवार- पूरे देश में बैंकों की छुट्टी।

25 अक्टूबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश / लक्ष्मी पूजा- पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश (ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी पूजा का विशेष अवकाश)।

26 अक्टूबर (सोमवार): लक्ष्मी पूजा / एसेशन डे / वाल्मीकि जयंती- अगरतला, चंडीगढ़, जम्मू, शिमला और श्रीनगर।

29 अक्टूबर (गुरुवार): करवा चौथ- केवल शिमला में स्थानीय अवकाश।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

त्योहारी सीजन के इन दिनों में लगातार छुट्टियों के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। वैसे राहत की बात यह है कि बैंक बंद रहने के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। इसलिए, कैश निकालने या पैसों के लेन-देन से जुड़े जरूरी काम डिजिटल माध्यम से आसानी से निपटाए जा सकते हैं।

Share Market Fall: डे-हाई से Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22600 के नीचे

Share Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज मिला-जुला रुझान दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी रेड से ग्रीन और ग्रीन से रेड जोन में झूलने लगे। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली सुस्त होने और टैक्सेशन में राहत की उम्मीद इसे ऊपर ले जाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ मुनाफावसूली और तेल की महंगाई इसे नीचे खींच रही। हालांकि शुरुआती सुस्ती के बाद सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22600 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है।

फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 313.37 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 72,720.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.45 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 22,605.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था लेकिन शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद यह एक तरफ फिसलता चला गया और डे-हाई से प्वाइंट्स टूटकर 616.51 प्वाइंट्स गिरकर 72,578.75 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा जिससे यह 199.00 प्वाइंट्स फिसलकर 22,558.95 तक आ गया।

किन वजहों से मार्केट आ रहा नीचे

मुनाफावसूली

एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार रौनक रही। सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुए। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से मार्केट पर दबाव बना और यह नीचे फिसलने लगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन खरीदारी से अधिक बिकवाली की। 13 अक्टूबर मंगलवार को FIIs ने करीब ₹1305 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

तेल की कीमतों में उछाल

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई ने सप्लाई की चिंताएं बढ़ाई हैं और कच्चे तेल में उबाल आया तो मार्केट में इसकी आंच महसूस हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $107 के करीब पहुंच गया।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल यह 2.33% की तेजी के साथ 14.45 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

किन वजहों से मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

LTCG और STT पर सरकार के नजरिए से सपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इसने मार्केट में जोश भर दिया। वित्त मंत्री ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी।

RBI की कोशिशों से FIIs की बिकवाली सुस्त

विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन घरेलू मार्केट में बिकवाली की। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को रोकने के लिए आरबीआई के उपायों से पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में रुपये में 1.5% की मजबूती आई है, जिससे मार्केट में FIIs की बिकवाली को काफी कम करने में मदद मिली है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश रुझान के लिए निफ्टी को 22,750 के पार जाना होगा। कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए 22,480/72,500 अहम सपोर्ट लेवल है और ऊपर की तरफ 22,850/73,500 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है। श्रीकांत के मुताबिक 22,850/73,500 के ऊपर सफल ब्रेकआउट के बाद मार्केट 23,000/74,000 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन अगर नीचे की तरफ 22,480/72,500 का लेवल टूटटा है तो बिकवाली की आंधी चल सकती है।

चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि नियर टर्म में आउटलुक पॉजिटिव है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त रिकवरी से मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली इस दबाव भी डाल रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कहा-जरूरत पड़ी तो रुपये में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग रोकने के लिए और कदम उठाएंगे

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रुपये के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय बैंक कुछ और उपायों पर विचार करेगा। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स मार्केट) और इंटरेस्ट रेट सहित कई मसलों पर अपनी राय बताई। गौरतबल है कि पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई बड़े कदम उठाए थे।

मल्होत्रा ने एक्सटर्नल सेक्टर यानी वैश्विक स्थितियों को भारत के लिए मुख्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था की ग्रोथ अच्छी है। बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत है। कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार और आरबीआई बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की मजबूती के लिए और कदम उठाएंगे।

स्पेकुलेटिव फॉरेक्स ट्रांजेक्शंस पर अंकुश लागने के लिए हाल में उठाए गए कदमों के बारे में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इसका मकसद विदेशी मुद्रा बाजार में जरूरत से ज्यादा उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है। उदाहरण के लिए कैंसिल किए गए फॉरेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की रीबुकिंग पर रोक लगा दी गई है। इससे गैरजरूरी स्पेकुलेटिव ट्रांजेक्शंस पर अंकुश लगेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे फॉरेक्स मार्केट का मुख्य मकसद अंडरलाइंग फॉरेन एक्सचेंज की जरूरत को पूरा करना या हेज करना है। यह शेयर बाजार जैसा नहीं है, जहां पार्टिसिपेंट्स शेयरों की कीमतों की दिशा पर दांव लगा सकते हैं। फॉरेक्स मार्केट मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जिन्हें वास्तविक हेजिंग की जरूरत पड़ती है।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि एक ही दिन में बड़ी संख्या में ट्रेड्स कैंसिल किए जा रहे हैं और रीबुक किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में तो करीब एक-तिहाई ट्रेड्स जिस दिन किए गए उसी दिन क्लोज्ड या कैंसिल कर दिए गए। अगर किसी पार्टिसिपेंट को सच में हेजिंग की जरूरत है तो वह उस ट्रेड को तब तक बनाए रखेगा, जब तक उसकी जरूरत पूरी नहीं हो जाती है। एक दिन कैंसिलेशंस और रीबुकिंग से पता चलता है कि फॉरेक्स डेरिवेटिव्स मार्केट में काफी स्पेकुलेटिव ट्रेड्स हो रहे हैं।

क्या आरबीआई रुपये के सहारा देने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा? इस सवाल के जवाब में मल्होत्रा ने कहा कि मैं फिर से उस सिद्धांत को दोहराउंगा जिसके बारे में मैंने कुछ दिन पहले कौटिल्य इकोनॉमिक कॉनक्लेव में बताया था। फाइनेंशियल स्टैबिलिटी के बगैर कीमतों में स्थिरता नहीं आ सकती। मॉनेटरी पॉलिसी में उठाए गए कदमों का सही असर तभी दिखता है जब फाइनेंशियल सिस्टम में स्टैबिलिटी होती है।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर हम फाइनेंशियल स्टैबिलिटी के रिस्क को कम करने के लिए मॉनेटरी पॉलिसी का इस्तेमाल नहीं करते हैं। मॉनेटरी पॉलिसी का इस्तेमाल प्राइस स्टैबिलिटी के लिए होता है। फाइनेंशियल स्टैबिलिटी के लिए रेगुलेटरी, सुपरवायजरी और मैक्रोप्रूडेंशियल टूल्स का इस्तेमाल होता है। हालांकि, दोनों को पूरी तरह से अलग नहीं किया जा सकता है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि मॉनेटरी पॉलिसी का असर फाइनेंशियल स्टैबिलिटी पर पड़ सकता है।

‘LTCG और STT पर निवेशकों की राय सुनेगी सरकार’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से शेयर बाजार में तूफानी तेजी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इन दोनों टैक्स को लेकर निवेशक लगातार अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को टैक्स का बोझ कम करना चाहिए।

सीतारमण ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह बात कही। उन्होंने बताया कि LTCG टैक्स को लेकर भारत ही नहीं, विदेश के निवेशक भी सवाल उठा रहे हैं।

LTCG और STT पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

सीतारमण ने कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सोच-समझकर बोलना चाहती हैं।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘यह सवाल उठता है कि शेयर बाजार में LTCG टैक्स और STT दोनों क्यों लगाए जाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इनमें से कोई एक टैक्स ही होना चाहिए। सभी तरह की संपत्तियों पर एक जैसा टैक्स लगाने का मुद्दा भी लंबे समय से चर्चा में है।’

LTCG और STT के पीछे मकसद

सीतारमण ने कहा कि दो साल पहले सरकार ने अलग-अलग एसेट क्लास पर टैक्स को एक समान स्तर पर लाने की कोशिश की थी। उस समय कुछ लोगों को लगा कि सरकार टैक्स बढ़ा रही है। हालांकि, सीतारमण ने कहा कि ऐसा नहीं था। सरकार का मकसद अलग-अलग एसेट क्लास के बीच टैक्स का अंतर कम करना था।

इससे निवेशकों को सिर्फ टैक्स में मिलने वाले फायदे के आधार पर निवेश का विकल्प चुनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वित्त मंत्री ने कहा, ‘इन मुद्दों पर बहस होना अच्छी बात है। मैं इस मामले में सभी पक्षों की राय सुनना चाहूंगी।’

बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी

वित्त मंत्री के बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी और बढ़ गई। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों 1.5% से ज्यादा चढ़ गए। निफ्टी दिनभर 22,600 के स्तर को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा था। हालांकि, बाद में यह इस स्तर के ऊपर निकल गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,650 के पार भी पहुंचा।

कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आई। BSE, CDSL और NSDL के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

रुपये की गिरावट पर क्या बोलीं सीतारमण?

वित्त मंत्री ने रुपये की कमजोरी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये को संभालने के लिए कई कदम उठा रहा है।

हालांकि, रुपये में गिरावट की कई वजहें हैं। इनमें से ज्यादातर का संबंध दूसरे देशों से है। सीतारमण ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है।

फिस्कल डिसिप्लिन पर निवेशकों को चिंता की जरूरत नहीं

सीतारमण ने राजकोषीय अनुशासन यानी फिस्कल डिसिप्लिन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा अहम मुद्दा रहा है।

उनके मुताबिक, गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी मोदी राजकोषीय अनुशासन पर जोर देते थे। वित्त मंत्री ने कहा कि फिस्कल डिसिप्लिन को लेकर निवेशकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

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Stocks to Watch: 13 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, IRCON से RBL बैंक तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इनसे तिमाही नतीजे, नए ऑर्डर और बड़े कारोबारी समझौतों तक कई अहम अपडेट सामने आए हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 11 शेयरों पर रहने वाली है।

RBL Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक RBL Bank का सितंबर तिमाही में मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 179 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। नेट इंटरेस्ट इनकम 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.02% पर आ गया।

HCL Tech

आईटी कंपनी HCL Tech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 2.5% से 4% रखा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 4,624 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBIT मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया।

Karur Vysya Bank

प्राइवेट बैंक Karur Vysya Bank ने Zurich Kotak General Insurance के साथ समझौता किया है। इसके तहत बैंक अपने ग्राहकों को जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध कराएगा। इस साझेदारी का मकसद ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बीमा सेवाएं देना है।

ICICI Prudential AMC

म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI Prudential AMC का सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% घटकर 888.9 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू 7% बढ़कर 1,676.7 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने हर शेयर पर 30 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Can Fin Homes

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes का सितंबर तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 274.61 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ऑपरेशंस से नेट इनकम 7.8% बढ़कर 1,131.18 करोड़ रुपये रही। वहीं, प्रति शेयर कमाई (EPS) पिछले साल के 18.88 रुपये से बढ़कर 20.62 रुपये हो गई।

Azad Engineering

प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Azad Engineering को सरकारी कंपनी BHEL से 52.68 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी भारी गैस टर्बाइन के लिए जरूरी ब्लेड की सप्लाई करेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 9 अक्टूबर 2028 तक चलेगा।

IRCON International

सरकारी रेल कंपनी IRCON International को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 862.46 करोड़ रुपये का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत सोन नगर-आंडाल प्रोजेक्ट की तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए ट्रैक बिछाने और जोड़ने का काम करना है। कंपनी रेलवे ट्रैक की गिट्टी और दूसरी जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करेगी।

Indian Hotels Company

होटल कंपनी Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 47 नए होटल साइन किए और 20 होटल शुरू किए। इसके साथ ही कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल 670 होटल हो गए हैं।

Vikran Engineering

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vikran Engineering की सब्सिडियरी NOPL Solar Projects ने IREDA के साथ 2,941.19 करोड़ रुपये का लोन एग्रीमेंट किया है। इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 152 जगहों पर 969 MWac क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसकी कुल अनुमानित लागत 4,201.70 करोड़ रुपये है।

Bank of India

सरकारी बैंक Bank of India ने Future Enterprises के 575.40 करोड़ रुपये के बकाया खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने इस मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दे दी है। बैंक के मुताबिक, यह खाता पहले से ही NPA था। बैंक ने बकाया रकम के बराबर 575.40 करोड़ रुपये का प्रोविजन भी किया है।

Nazara Technologies

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने मिथुन पदम सचेटी को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और होल-टाइम डायरेक्टर बनाया है। यह नियुक्ति 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। कंपनी के CFO राकेश शाह ने भी इस्तीफा दे दिया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा।

Q2 नतीजे घोषित करने वाली कंपनियां

कई कंपनियां 13 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Anand Rathi Share and Stock Brokers, Hero Motors, ICICI Prudential Life Insurance Company और Tata Elxsi शामिल हैं। इसके अलावा, GTPL Hathway भी अपने नतीजे घोषित करेगी।

Q2 Results: हर शेयर पर ₹30 डिविडेंड देगी म्यूचुअल फंड कंपनी, दूसरी तिमाही में ₹889 करोड़ का मुनाफा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: नवरात्र में सोना ₹1400 सस्ता हुआ, चांदी भी फिसली; जानिए आगे कैसी रहेगी चाल

Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट आई। दिल्ली में सोना 1,400 रुपये सस्ता हो गया। अब 10 ग्राम सोने का भाव 1.53 लाख रुपये रह गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और रुपये में मजबूती से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा।

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सोमवार को यह घटकर 1,53,000 रुपये पर आ गया।

चांदी भी सस्ती हुई। इसकी कीमत 2,000 रुपये गिरकर 2,26,500 रुपये प्रति किलो रह गई। शुक्रवार को यह 2,28,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

रुपये की मजबूती से सोने को झटका

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से कमजोर संकेत मिले। इसके अलावा, रुपये में मजबूती ने भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।

सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 पर बंद हुआ। छह महीने से ज्यादा समय में रुपये की यह एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को संभालने के लिए कई कदम उठाए थे।

गांधी के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की मांग फिलहाल मिली-जुली है। कीमतें बढ़ने के बाद खरीदारी कमजोर पड़ी है। हालांकि, चीन में छुट्टियों के बाद सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरा सोना

विदेशी बाजार में भी सोने की कीमत नीचे आई। हाजिर सोना 17.36 डॉलर यानी 0.41% गिरकर 4,176.88 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी मामूली गिरावट के साथ 60.66 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,179 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 18 महीने के ऊंचे स्तर के करीब बना हुआ है। इससे सोने की कीमतों में तेजी पर दबाव पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि रूस से ऊर्जा की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री रास्तों पर जोखिम के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।

आगे कैसी रहेगी सोने की चाल?

निवेश प्लेटफॉर्म Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक, फिलहाल सोने का आउटलुक चांदी के मुकाबले मजबूत दिख रहा है। वहीं, चांदी की धीमी बढ़त को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

आने वाले दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल पर रहेगी। अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम होंगे। इनसे ब्याज दरों को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में आगे की दिशा तय हो सकती है।

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