Success Story: छत पर शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, ऐसे होने लगी लाखों की कमाई, महिला ने अपनाया ये तरीका

रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोग आराम और परिवार के साथ समय बिताने की योजना बनाते हैं। लेकिन केरल की पूर्व हेडमिस्ट्रेस रेमाभाई एस की जिंदगी में रिटायरमेंट के बाद एक अलग ही अध्याय शुरू हुआ। अकेलेपन से निपटने के लिए घर में पौधे लगाने से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे ऐसे बिजनेस में बदल गया, जिससे अब वह करीब ₹4 लाख महीने की कमाई कर रही हैं।

मां की मौत के बाद बढ़ गया था अकेलापन

रेमाभाई ने 31 मई 2022 को 30 साल से ज्यादा समय तक जूलॉजी पढ़ाने के बाद रिटायरमेंट लिया। उनके पति रिटायर्ड सीनियर बैंक मैनेजर हैं और उस समय भी एक इंजीनियरिंग कॉलेज में काम कर रहे थे। वहीं उनका बेटा और बहू दोनों डॉक्टर हैं और दिल्ली में रहते थे। उसी साल उनकी मां का निधन हो गया। रिटायरमेंट और मां की मौत के बाद घर में अकेलापन उन्हें ज्यादा महसूस होने लगा। इसी दौरान उन्होंने खुद को व्यस्त रखने के लिए घर में पौधे उगाने का फैसला किया।

52 विदेशी फलों पर की रिसर्च, फिर चुना ड्रैगन फ्रूट

रेमाभाई ने शुरुआत किसी जल्दबाजी में नहीं की। उन्होंने जर्नल, ऑनलाइन जानकारी और अलग-अलग फार्म की यात्राओं के जरिए करीब 52 विदेशी फलों के बारे में जानकारी जुटाई। काफी रिसर्च के बाद उन्होंने Malaysian King Red Dragon Fruit किस्म को चुना। सीमित जगह में ज्यादा पौधे लगाने के लिए उन्होंने हाई-डेंसिटी फार्मिंग का तरीका अपनाया।

1,750 वर्ग फुट में लगाए 360 पौधे

घर के करीब 1,750 वर्ग फुट के हिस्से में उन्होंने 360 ड्रैगन फ्रूट पौधे लगाए। इसके लिए 90 स्थानीय स्तर पर बने कंक्रीट पोल लगाए गए और हर पोल पर चार पौधों को सहारा दिया गया। उन्होंने खर्च कम रखने के लिए GI पाइप और पुराने टायरों का भी इस्तेमाल किया। शुरुआती दौर में एक पौधे की स्टेम करीब ₹100 में खरीदी गई थी। मेहनत का नतीजा जल्दी दिखा। करीब छह महीने में पौधों में फूल आने लगे और मार्च 2023 से उन्होंने फल की पहली फसल लेना शुरू कर दिया।

शुरुआत में ₹50 हजार, फिर बढ़कर ₹1.5 लाख महीना

पहले 360 पौधों से उन्हें हर महीने ₹50 हजार से ज्यादा की आमदनी हुई। पौधों के बड़े होने के साथ कमाई बढ़कर करीब ₹1.5 लाख महीने तक पहुंच गई। उत्पादन के चरम समय में वह लगभग 750 किलो ड्रैगन फ्रूट हर महीने तैयार करने लगीं। वह फल करीब ₹175 प्रति किलो की दर से बेचती थीं। खास बात यह रही कि थोक खरीदार और ऑर्गेनिक स्टोर उनके घर से ही फल उठा लेते थे।

नई जमीन नहीं खरीदी, छत को बनाया अगला फार्म

बिजनेस बढ़ाने के लिए रेमाभाई के सामने अगली चुनौती थी बिना जमीन खरीदे उत्पादन बढ़ाना। घर की छत पर बड़ी मात्रा में मिट्टी ले जाना उन्हें सही नहीं लगा। इसलिए उन्होंने सोइल-लेस यानी कम मिट्टी वाली खेती के विकल्प पर प्रयोग शुरू किया। उन्होंने सामान्य मिट्टी और घर में तैयार किए गए कंपोस्ट की तुलना की। कंपोस्ट में पौधों की ग्रोथ बेहतर दिखने के बाद उन्होंने इसी तरीके को आगे बढ़ाया।

बैरल में लगाए 100 और पौधे

रेमाबाई ने छत पर 50 बैरल लगाए। इनमें कंपोस्ट और गोबर की खाद का मिश्रण इस्तेमाल किया गया और हर बैरल में दो पौधे लगाए गए। इस तरह छत पर 100 और ड्रैगन फ्रूट पौधे तैयार हो गए। करीब पांच महीने में इन पौधों पर फल आने लगे। अक्टूबर 2023 तक छत की खेती भी उत्पादन देने लगी थी। एक पौधे पर एक समय में करीब 10 से 20 फल तक दिखाई देते थे।

घर के कचरे से तैयार करती हैं खाद और लिक्विड फर्टिलाइजर

रेमाबाई की खेती की खासियत सिर्फ ड्रैगन फ्रूट उगाना नहीं है। वह घर और बगीचे से निकलने वाले जैविक कचरे का इस्तेमाल भी खेती में करती हैं। किचन वेस्ट, पत्तियां, कटहल का बचा हिस्सा, प्याज और सब्जियों के अवशेष जैसी चीजों से वह कंपोस्ट तैयार करती हैं। उनके पास तीन कंपोस्टिंग यूनिट हैं और वह 15 से ज्यादा तरह के लिक्विड प्रिपरेशन भी तैयार करती हैं। मछली के कचरे से वह फिश अमीनो एसिड भी बनाती हैं। उनके मुताबिक, अब तक 5,000 लीटर से ज्यादा यह तैयारी तैयार की जा चुकी है।

साल में ज्यादा लंबे समय तक मिलता है फल

उनके खेती के तरीके का एक फायदा यह भी है कि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन लंबे समय तक चलता है। जहां आमतौर पर इसकी मुख्य फसल करीब पांच से छह महीने तक रहती है, वहीं रेमाबाई लगभग 10 महीने तक फल प्राप्त कर लेती हैं। जनवरी और फरवरी में उत्पादन में मुख्य अंतराल रहता है। उनके बगीचे में महीने में करीब तीन बार फसल होती है और हर बार लगभग 250 किलो फल निकलता है।

अब पौधों की कटिंग भी बन गई कमाई का जरिया

समय के साथ रेमाभाई के ड्रैगन फ्रूट पौधों की स्टेम कटिंग की मांग भी बढ़ने लगी। उन्होंने इसे अलग आय के स्रोत के रूप में विकसित कर लिया। वह एक कटिंग करीब ₹70 में बेचती हैं और अब तक भारत, मालदीव और श्रीलंका में उनके 2,500 से ज्यादा ग्राहक बताए जाते हैं। बड़े ऑर्डर कुरियर के जरिए भेजे जाते हैं। एक दिन में तेलंगाना के लिए 5,500 स्टेम कटिंग का ऑर्डर भी भेजा गया।

सिर्फ पौधे नहीं बेचतीं, तरीका भी सिखाती हैं

रेमाबाई अपने ग्राहकों को सिर्फ कटिंग देकर नहीं छोड़तीं। वह उन्हें पौधे लगाने और उनकी देखभाल के बारे में जानकारी देती हैं और आगे की ग्रोथ पर भी नजर रखती हैं। उनके मुताबिक, सही परिस्थितियों में स्टेम से करीब छह महीने में फल मिलना शुरू हो सकता है।

रिटायरमेंट का शौक बना पूरा बिजनेस

रेमाबाई की कहानी की खास बात यह है कि उन्होंने बिजनेस शुरू करने के लिए न बड़ी जमीन खरीदी और न ही भारी निवेश किया। घर के आंगन और छत जैसी सीमित जगह का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पहले पौधे लगाए, फिर रिसर्च की, प्रयोग किए और धीरे-धीरे खेती को कमाई के मॉडल में बदल दिया।

आज ड्रैगन फ्रूट, छत पर खेती और स्टेम कटिंगइन अलग-अलग स्रोतों से उनकी कुल मासिक कमाई करीब ₹4 लाख बताई जाती है। रिटायरमेंट के बाद अकेलेपन से बचने के लिए शुरू हुआ पौधों का शौक अब उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी बन चुका है।

₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

कारोबार में पहली कोशिश नाकाम हो जाए तो बहुत से लोग दोबारा जोखिम लेने से बचते हैं। लेकिन भोपाल के अभिषेक साहू की कहानी कुछ अलग है। करीब 15 साल पहले शुरू किया गया उनका इंटरनेट कैफे एक साल के अंदर बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय महज ₹30 हजार के लोन से एक छोटे से सैंडविच कार्ट की शुरुआत की। आज उनका यही छोटा कारोबार सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

पहला बिजनेस एक साल में ही हो गया बंद

अभिषेक साहू करीब 15 साल पहले भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने शुरुआत इंटरनेट कैफे से की। उस दौर में इंटरनेट कैफे एक अच्छा बिजनेस आइडिया माना जाता था, लेकिन उनका कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला।

करीब एक साल बाद ही उन्हें इंटरनेट कैफे बंद करना पड़ा। पहली कोशिश की असफलता के बावजूद अभिषेक ने कारोबार करने का विचार नहीं छोड़ा। इस बार उन्होंने ऐसा बिजनेस चुना, जिसमें कम पूंजी लगाकर शुरुआत की जा सके।

₹30 हजार जुटाए और बदल दी दिशा

पहले कारोबार के बाद अभिषेक ने फूड बिजनेस की तरफ रुख किया। उन्होंने ₹30 हजार का लोन लिया और एक छोटा सा सैंडविच कार्ट शुरू किया। खास बात यह थी कि उनके पास सैंडविच बनाने की कोई बड़ी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं थी। उन्होंने YouTube की मदद से अलग-अलग सैंडविच की रेसिपी सीखीं और फिर उन्हें अपने छोटे से कार्ट पर आजमाना शुरू किया। यानी दूसरी शुरुआत बड़े निवेश या बड़े सेटअप से नहीं, बल्कि सीमित पैसे और खुद सीखने की कोशिश से हुई।

धीरे-धीरे लोगों को पसंद आने लगा स्वाद

शुरुआत में यह एक छोटा सा सैंडविच कार्ट था, लेकिन समय के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। लोगों को सैंडविच पसंद आने लगे और धीरे-धीरे इस छोटे कारोबार ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। अभिषेक के बिजनेस की कहानी में सोशल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सैंडविच कार्ट पर बनी एक Instagram Reel वायरल हो गई। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनके सैंडविच का स्वाद लेने पहुंचने लगे।

अब 30-50 मिनट तक इंतजार करते हैं ग्राहक

कभी जिस कारोबार की शुरुआत एक छोटे कार्ट से हुई थी, आज उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्राहक सैंडविच के लिए इंतजार करने को भी तैयार रहते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, कई ग्राहकों को ऑर्डर के लिए करीब 30 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद लोगों की भीड़ कम नहीं हुई।

हर दिन सैकड़ों सैंडविच की बिक्री

सोशल मीडिया पर अभिषेक की कहानी शेयर करने वाले यूजर प्रथम के मुताबिक, उनका Hari Har Sandwich अब हर दिन लगभग 600 से ज्यादा सैंडविच बेचता है। वीकेंड पर यह संख्या और बढ़ जाती है। पोस्ट में दावा किया गया है कि शनिवार और रविवार जैसे दिनों में 1,000 से ज्यादा सैंडविच बिकते हैं। इसी पोस्ट के अनुसार, इस छोटे से फूड बिजनेस का मासिक टर्नओवर करीब ₹25 लाख तक पहुंच चुका है।

असफलता से शुरुआत, लेकिन वहीं नहीं रुके

अभिषेक साहू की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा सिर्फ ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं है। असली बात यह है कि पहला बिजनेस बंद होने के बाद उन्होंने खुद को दोबारा आजमाया।

इंटरनेट कैफे के अनुभव के बाद उन्होंने कम पैसे वाला बिजनेस चुना, YouTube से स्किल सीखी और धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बनाया। यही छोटा कदम आगे चलकर बड़े कारोबार में बदलता गया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

प्रथम ने X पर अभिषेक की कहानी शेयर करते हुए उनके सफर को उजागर किया। पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनकी दोबारा शुरुआत करने की हिम्मत की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि इस कहानी की सबसे खास बात ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं, बल्कि पहली असफलता के बाद सिर्फ ₹30 हजार से दोबारा शुरुआत करने का फैसला है। दूसरे यूजर ने इसे एक शानदार ‘कमबैक’ बताया।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Video: भगवान को अकेला नहीं छोड़ सकता… चित्रकूट बाढ़ के बीच भावुक करने वाला नजारा! DM-SP जोड़ते रहे हाथ फिर भी मंदिर से नहीं निकले पुजारी

Salary vs EMI: सैलरी आते ही EMI से खाली हो जाता है अकाउंट? कर्ज के जाल से निकलने के लिए अपनाएं ये 3 आसान स्टेप्स

Debt Management Tips: महीने की पहली तारीख को सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है और कुछ ही घंटों में EMIs कटने के बाद अकाउंट खाली लगने लगता है। अगर आपकी सैलरी का भी एक बड़ा हिस्सा पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बिल और होम लोन की किश्तों में जा रहा है, तो बचत करना तो दूर, रोजमर्रा के खर्चे संभालना भी चुनौती बन जाता है।

ऐसी स्थिति में अक्सर लोग किसी इमरजेंसी खर्च से निपटने के लिए एक और नया लोन या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर लेते हैं, जो उन्हें एक गंभीर ‘डेट ट्रैप’ यानी कर्ज के जाल में फंसा देता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपने वित्तीय साक्षरता अभियानों में बार-बार आगाह करता है कि पुराना कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप भी EMI के दबाव से परेशान हैं, तो इन 3 आसान स्टेप्स के जरिए अपनी वित्तीय स्थिति पर दोबारा नियंत्रण पा सकते हैं।

कर्ज के दबाव को कम करने का 3-स्टेप फॉर्मूला

स्टेप 1: जानिए पैसा कहां जा रहा है और महंगे कर्ज पहले खत्म कीजिए

कोई भी रणनीति बनाने से पहले आपको अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ देखनी होगी। अपनी हर EMI, क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया, यूटिलिटी बिल्स और राशन/किराए जैसे फिक्स्ड खर्चों को एक कागज पर लिखें। क्रेडिट कार्ड बकाया और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बहुत ज्यादा होती हैं, जबकि होम लोन या कार लोन तुलनात्मक रूप से सस्ते होते हैं।

सभी कर्जों को एक साथ भरने के बजाय सबसे महंगे कर्ज (हाई-इंटरेस्ट लोन) को पहले चुकाने का लक्ष्य बनाएं। बाकी कर्जों की सिर्फ मिनिमम EMI देते रहें और जितनी भी एक्स्ट्रा बचत हो, उसे सबसे महंगे लोन को बंद करने में लगाएं।

स्टेप 2: एक छोटा कैश बफर जरूर तैयार करें

जब बजट पहले से टाइट हो, तो महीने के ₹1,000 या ₹2,000 बचाना भी मुश्किल लगता है। लेकिन यही छोटी बचत आपकी ढाल बनती है। अगर अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी या गाड़ी की खराबी आ जाए, तो इमरजेंसी फंड न होने पर आपको दोबारा क्रेडिट कार्ड का सहारा लेना पड़ता है।

रिजर्व बैंक का मानना है कि हर परिवार के पास एक छोटा कैश बफर होना चाहिए ताकि आपात स्थिति में नया कर्ज न लेना पड़े। शुरुआत में ₹5,000 से ₹10,000 का छोटा बफर बनाएं, फिर धीरे-धीरे इसे 3-6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर ले जाएं।

स्टेप 3: सैलरी इंक्रीमेंट या बोनस का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करें

साल में जब भी सैलरी बढ़े, बोनस मिले या कोई टैक्स रिफंड आए, तो उस पूरे पैसे को नए शौक या लाइफस्टाइल पर खर्च करने की गलती न करें। मिली हुई एक्स्ट्रा राशि का कम से कम 50% से 70% हिस्सा अपने सबसे महंगे लोन के प्रिंसिपल को चुकाने में लगाएं। इससे आपका आने वाला ब्याज काफी घट जाता है।

लोन की प्री-पेमेंट करने से पहले अपने बैंक के नियमों और प्री-पेमेंट चार्जेस की जांच जरूर कर लें। RBI के नियमों के अनुसार बैंकों को लोन की शर्तों में प्री-पेमेंट चार्जेस का पारदर्शी खुलासा करना अनिवार्य है।

पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी न लें नया लोन!

कई बार लोग EMI कम करने के लिए लोन कंसोलिडेशन या री-फाइनेंसिंग का सहारा लेते हैं। जब बैंक किसी नए लोन में कम EMI दिखाता है, तो लोग आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि EMI इसलिए कम दिखती है क्योंकि लोन की अवधि बढ़ा दी जाती है।

लोन की अवधि बढ़ाने से आपकी महीने की किस्त तो छोटी हो सकती है, लेकिन बैंक को जाने वाला कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर से भुगतान करने पर आपको न केवल लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा, बल्कि आपका CIBIL स्कोर भी खराब होगा, जिससे भविष्य में इमरजेंसी लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या हो लोन रीपेमेंट की बेस्ट स्ट्रेटजी

कर्ज के जाल से बाहर निकलने का रास्ता किसी जादुई फॉर्मले से नहीं, बल्कि सही वित्तीय अनुशासन से निकलता है। जब धीरे-धीरे आपकी एक-एक EMI खत्म होगी, तो उससे बचने वाला पैसा ही आपकी भविष्य की बचत और निवेश की नींव बनेगा। पहला लक्ष्य स्थिति को बिगड़ने से रोकना है, और दूसरा लक्ष्य हर एक्स्ट्रा रुपये को किसी नए कर्ज में फंसाने के बजाय उससे निकलने का जरिया बनाना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5000 अमेरिकी थाईलैंड पहुंचे, 5 दिन पटाया में छुट्टियां मनाएंगे:9 महीने से USS अब्राहम लिंक पर तैनाती; पुलिस का देह व्यापार के खिलाफ एक्शन

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन बुधवार सुबह थाईलैंड पहुंच गया है। इस एयरक्राफ्ट पर पिछले 9 महीनों से 5 हजार सैनिक तैनात हैं। लंबे सैन्य अभियान के बाद अब उन्हें पटाया में करीब 5 दिन की छुट्टी मिलेगी।

USS अब्राहम लिंकन के साथ अमेरिकी नौसेना के दो और जहाज भी पहुंचे हैं। लाम चाबांग पोर्ट पर उतरने के बाद सैनिकों को बसों से करीब 96 किमी दूर पटाया ले जाया जाएगा। हालांकि पटाया पहुंचने से पहले ही थाई पुलिस ने शहर में देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, पुलिस ने पिछले वीकेंड में छापेमारी कर 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया। शहर के समुद्र तट और नाइटलाइफ वाले इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटी पुलिस पटाया में अमेरिकी नौसेना के बड़ी संख्या में जवानों और मरीन के आने से पहले पुलिस ने शहर में छापेमारी और जांच बढ़ा दी है। बार, समुद्र तट और दूसरी भीड़भाड़ वाली जगहों पर पुलिस खास नजर रख रही है। इसी दौरान पब्लिक प्लेस पर ग्राहकों की तलाश करने के आरोप में कम से कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया। इनमें थाईलैंड के साथ लाओस और युगांडा की महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग कार्रवाइयों में 40 से 50 लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि अमेरिकी जवानों के आने से पहले शहर में गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। अमेरिकी नौसैनिकों को भी ड्रग्स और गांजा बेचने वाली दुकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। हालांकि उन्हें नाइटलाइफ वाली जगहों पर जाने से नहीं रोका गया है, लेकिन देर रात तक बार और मनोरंजन की जगहों पर रुकने से बचने को कहा गया है। कारोबारियों को बड़ी कमाई की उम्मीद अमेरिकी नौसैनिकों के पटाया पहुंचने से शहर के कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है। करीब 5 हजार अमेरिकी जवानों के आने से होटल, रेस्तरां, बार, शॉपिंग और दूसरे पर्यटन कारोबारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। खासकर नाइटलाइफ़ और मनोरंजन से जुड़े कारोबारियों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय कारोबारियों के लिए यह ऐसे समय में बड़ा मौका है, जब पर्यटन कारोबार में पहले जैसी तेजी नहीं है। हजारों अमेरिकी जवान कुछ दिनों के लिए शहर में रहेंगे और इस दौरान खाने-पीने, होटल में ठहरने, घूमने-फिरने और मनोरंजन पर पैसा खर्च करेंगे। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े होटल और रेस्तरां तक कई तरह के कारोबारों को फायदा मिल सकता है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक अमेरिकी नौसैनिक रोजाना करीब 1,000 (₹2800) से 3,000 (₹8500) थाई बाहत तक खर्च कर सकता है। इस हिसाब से अगर करीब 5 हजार नौसैनिक शहर में आते हैं तो उनके खर्च से स्थानीय कारोबार में करोड़ों थाई बाहत का पैसा आ सकता है। पटाया और अमेरिकी सेना का पुराना कनेक्शन पटाया शहर का अमेरिकी सेना से रिश्ता 1960 और 1970 के दशक के वियतनाम युद्ध के समय से है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिक छुट्टियां मनाने और आराम करने के लिए यहां आते थे। इससे स्थानीय होटल, बार, रेस्तरां और दूसरे कारोबार तेजी से बढ़े। धीरे-धीरे यह छोटा मछुआरा गांव दुनिया भर के पर्यटकों के बीच मशहूर शहर बन गया। यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड क्यों आया? यूएसएस अब्राहम लिंकन हाल ही में वेस्ट एशिया में लंबी तैनाती पूरी करके लौटा है। यह अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जिसने नौ महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताया। इस दौरान यह ईरान से जुड़े तनाव के बीच वेस्ट एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा। लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर तैनात नौसैनिकों की मानसिक सेहत और रहने की परिस्थितियों को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं। अब थाईलैंड में पांच दिन के इस पड़ाव के दौरान जहाज को जरूरी सप्लाई दी जाएगी, रखरखाव का काम होगा और हजारों नौसैनिकों को लंबे समय बाद आराम का मौका मिलेगा।

Market Trend : बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव बने रहने की उम्मीद, चुनिंदा IT शेयर कर सकते हैं आउटपरफॉर्म

Market Trend : US-ईरान टेंशन,कच्चे तेल में उछाल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से बाजार डर गया है। निफ्टी करीब दो सौ प्वाइंट टूटकर 23850 के नीचे है। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का ज्यादा प्रेशर है। हालांकि बैंक निफ्टी की रिकवरी की कोशिश हो रही है। इधर क्रूड 96 डॉलर के ऊपर है तो इंडिया VIX 4 परसेंट उछला है। आज ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। ऑटो इंडेक्स 2 परसेंट से ज्यादा नीचे आया है। आयशर, बजाज ऑटो निफ्टी के टॉप लूजर हैं। वहीं रियल्टी, IT, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिफेंस में भी कमजोरी है। लेकिन चुनिंदा PSU बैंकों में खरीदारी दिख रही है।

बाजार: आज कहां हो नजर

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर काफी दबाव हो सकता है। बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव दिख सकता है। सबसे ज्यादा दबाव गोल्ड फाइनेंस शेयरों पर रह सकता है। पिछले 2-3 दिनों से आवाज़ पर मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस पर निगेटिव नजरिया रहा है। हालांकि निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके भी हैं। हिंद जिंक और बाकी मेटल शेयरों में भी काफी दबाव दिख सकता है। श्रीराम फाइनेंस, चोला फाइनेंस जैसे ऑटो फाइनेंस शेयर भी गिर सकते हैं। रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में भी दबाव संभव है।

चुनिंदा IT शेयर आज Outperform कर सकते हैं। कल IT शेयरों ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। डॉलर और कच्चे तेल का ऊपर आना और कोस्पी का नीचे आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। आखिर में, India VIX अपनी Complacency से बाहर आ रहा है। गिरते बाजार में VIX का ना बढ़ना ठीक संकेत नहीं था।

FIIs लगातार शॉर्टिंग कर रहे हैं और उनका ट्रैक रिकॉर्ड बढ़िया है। इस तरह की शॉर्टिंग वो आमतौर पर 500-1000 अंकों के लिए करते हैं। 24,600 से हम पहले ही 24,000 तक आ चुके हैं। 23,950 नहीं बचा तो 23,600-23,800 भी संभव है। 24,200 के ऊपर निकले तभी कोई शॉर्ट कवरिंग संभव है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 23,950-24,000 पर है। इसके नीचे फिसले तो अगला बड़ा सपोर्ट सिर्फ 23,800 पर होगा। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। 24,000-24,050 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। सख्त SL 24,100 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब 23,900-23,950 को बचाए,सख्त SL 23,875 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि बैंक निफ्टी कल ठीक 200 DMA पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में अब तक 57,000-58,000 की रेंज रही है। आज 57,000 टूटने का रिस्क रहेगा। 57,400-57,500 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें,SL 57,600 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 57,900-58,000 को बचाए, SL 57,800 पर सेट करें।

 

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

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क्या है सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का केस जिसकी अब CBI करेगी जांच? 2020 से अबतक ये सब हुआ

Disha Salian Case: दिवंगत बॉलीवुड सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार (2 सितंबर) को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का आदेश दिया। इस दौरान अदालत ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि जांच अधिकारी को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिल जाएं। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि जांच के लिए एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।

यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका के बाद एक बार फिर बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने आया था। सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?

‘बिना सबूत किसी को भी आरोपी न माना जाए’

हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक जांच में किसी के खिलाफ ठोस सबूत न मिल जाएं, तब तक किसी को भी आरोपी न माना जाए। अदालत ने कहा, “अगर कोई गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) बनता है, तो इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता है, तो जजों ने जांच अधिकारी (I.O.) को आदेश दिया है कि वे सक्षम अदालत में मामले को बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करें।” दिशा के पिता को प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने की इजाजत दी गई है।

CBI दर्ज करेगी FIR, वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे जांच

हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद CBI जांच को आगे बढ़ाएगी। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में मामले को लेकर कई सवाल और आरोप सामने आए तथा दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की।

सतीश सालियान का बयान भी दर्ज होगा

CBI जांच के दौरान दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाएगा। उनके आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि किसी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को मामले में उचित निष्कर्ष और न्यायिक रूप से स्वीकार्य क्लोजर मिल सके।

आदित्य ठाकरे को लेकर कोर्ट का अहम रुख

मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।

Disha Salian Case_

जांच एजेंसी को उपलब्ध सबूतों, बयानों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ानी होगी। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों या राजनीतिक दावों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। ठाकरे की ओर से पहले भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। उनके वकील ने अदालत में याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों का विरोध किया था।

कोर्ट के फैसले के बाद भावुक हुए दिशा के पिता

हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अदालत के आदेश के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी। दिशा सालियान की मौत के मामले में पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावे और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुंबई पुलिस ने पहले मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश से इनकार किया था। जबकि दिशा के परिवार की ओर से बाद में गंभीर संदेह जताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की गई।

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Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Trading Picks : बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग में VP टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता का कहना है कि निफ्टी कल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान 24,000 के स्तर से ऊपर आ गया, लेकिन 1 सितंबर को थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख सतर्क और कंसोलिडेशन वाला बना हुआ है।

टेक्निकल सेटअप नियर टर्म में निगेटिव रुझान के साथ सतर्क और रेंज-बाउंड बाजार का संकेत दे रहा है। निफ्टी में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसके लिए 23,950–24,000 मेन सपोर्ट जोन और 24,200 तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।

अगर निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर बना रहता है तो 24,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है,जबकि 23,950 से नीचे की गिरावट आने पर यह 23,800 और 23,600 तक गिर सकता है।

थिंक्रेडब्लू (Thincredblu) को फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी अभी एक अहम टेक्निकल लेवल पर है,जहां 23,900–24,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोनन का काम कर रहा है। निफ्टी के लिए इस रेंज को बनाए रखना ज़रूरी होगा। अगर यह लगातार 23,900 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और गिरावट और गहरी हो सकती है।

ऊपर की तरफ,24,200–24,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज बना हुआ है। जब तक कि जबरदस्त खरीदारी न हो इन लेवल्स की ओर किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। हाल की अस्थिरता को देखते हुए,ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए और आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। फ़लहाल,कोई भी दिशा तय करने से पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि निफ्टी 23,900–24,000 के सपोर्ट जोन के आसपास कैसा व्यवहार करता है।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24160-24222 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24266-24289/24331 पर है। इसके लिए पहला बेस 23977-23909 पर और बड़ा बेस 23869-23834/23809 पर है। टेक्निकली 24000 टूटा है। क्लोजिंग में सिर्फ CAS क्लोजिंग ने बचाया। ब्रेंट,बॉन्ड यील्ड और US मार्केट तीनों के संकेत निगेटिव हैं। FIIs की इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में भारी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट बढ़कर 2.22 लाख पर पहुंचे हैं। अब कॉल राइटर्स की पकड़ मजबूत है, 23500 पुट में भारी OI है। 23977 के नीचे बेस-1 और बेस-2 में से कोई भी टेस्ट कर सकता है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोर रहेगी, SELL ON RISE बेहतर रणनीति होगी। 24160-24222 के ऊपर मजबूती आई तो शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57841-58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57189-56931 पर और बड़ा बेस 56745-56561/56414 पर है। टेक्निकली 50 DEMA पर क्लोजिंग हुई है,लेकिन कच्चे तेल में तेजी से चिंता है। 57189-56931 बेस को बहुत सम्मान दें। 57500-57800-58000 पर कॉल राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 के नीचे टिकने पर 56561 के जोन तक दबाव संभव है। लेकिन सावधानी जरूरी है,बैंक निफ्टी अचानक सरप्राइज दे सकता है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी इंफोसिस में 1140 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1170 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। ONGC में भी इनकी 235 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 241 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

निफ्टी 23,900 के नीचे, सेंसेक्स 460 अंक टूटा, कोल इंडिया, TBZ, HDFC बैंक सबसे ज्यादा एक्टिव शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nepal Flood News: नेपाल की उस लड़की की कहानी जिसके घर के 17 लोग विनाशकारी बाढ़ में मारे गए

Nepal Flood News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक रासुवा में तबाही का मंजर अभी भी साफ दिखाई दे रहा है। घर, सड़कें और पुल बह चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों से विस्थापित होकर अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस त्रासदी के बीच एक युवती की कहानी ने इस आपदा की भयावहता को सामने ला दिया है।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, रासुवा के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रहने वाली एक युवती ने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। उसका घर भी बाढ़ में बह गया। उसके पास अब अपने परिवार की यादों के तौर पर सिर्फ मोबाइल फोन में मौजूद तस्वीरें बची हैं। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,100 के पार हो गई है।

एक झटके में पूरा परिवार उजड़ गया

कॉपिला तमांग नाम की इस युवती के परिवार ने इससे पहले 2015 के विनाशकारी भूकंप की त्रासदी भी झेली थी। उस आपदा में उनका घर तबाह हुआ था। लेकिन परिवार ने दोबारा जिंदगी शुरू की और नया घर बनाया। इस बार बाढ़ ने उस नए घर को भी नहीं छोड़ा। अमेरिकी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ में उनकी मां, बहन, दादी समेत परिवार के कुल 17 सदस्य मारे गए। इनमें महज एक महीने का एक बच्चा भी शामिल था।

वापस लौटने पर सबकुछ बर्बाद!

कॉपिला उस समय काठमांडू में थीं। जैसे ही उन्हें पहाड़ी इलाके में बाढ़ आने और परिवार के फंसने की खबर मिली, वह वापस लौट गईं। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने CNN से कहा कि उन्हें बेहद अकेलापन महसूस हो रहा है। परिवार के छोटे बच्चे के लिए यह त्रासदी और भी मुश्किल है। उनका सात साल का छोटा भाई अभी यह समझ नहीं पा रहा कि उसकी मां अब वापस नहीं आएगी। कॉपिला ने कहा कि अब उसे अपने छोटे भाई के लिए खुद मजबूत बनना होगा।

राहत शिविर में रात होते ही सताने लगता है डर

बाढ़ से बचाए गए और विस्थापित परिवारों को फिलहाल अस्थायी शिविरों, स्कूलों और अधूरी इमारतों में शरण दी गई है। लेकिन यहां पहुंचने के बाद भी लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई परिवारों को अब भी डर है कि कहीं दोबारा बाढ़ न आ जाए। रात में जब भी पानी बढ़ने या नई बाढ़ की चेतावनी मिलती है, कुछ लोग सुरक्षित ऊंचाई की तलाश में जंगल और पहाड़ी इलाकों की ओर चले जाते हैं।

कई विस्थापित लोग खुले या अधूरे भवनों की छतों पर रात गुजार रहे हैं। एक 17 वर्षीय युवक ने सीएनएस से बातचीत में बताया कि उसके दो छोटे भाई-बहन भी बाढ़ में मारे गए। राहत शिविरों में रात के समय लोग अपने परिवार के सदस्यों को याद कर रोते हैं। कई लोगों के लिए नींद तक मुश्किल हो गई है।

13 साल की बच्ची भी बाढ़ के बीच फंसी

नेपाल की इस आपदा में बच्चों की मुश्किलें भी बेहद गंभीर हैं। एक 13 वर्षीय बच्ची ने बताया कि बाढ़ आने के समय वह अपने परिवार से अलग हो गई थी। उसे कुछ समय तक यह तक पता नहीं था कि उसके माता-पिता कहां हैं। UNICEF के अनुसार, 26 अगस्त को आई बाढ़ से नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धादिंग इलाकों में कम से कम 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं।

इस विनाशकारी तबाही में कई स्कूल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। एक अन्य मामले में स्कूल से लौटते समय बाढ़ की चपेट में आए बच्चों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागना पड़ा। कुछ बच्चों ने पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाई।

लोगों के सामने सिर्फ घर नहीं, पूरी जिंदगी दोबारा बसाने की चुनौती

इस बाढ़ ने नेपाल के प्रभावित इलाकों में लोगों से सिर्फ उनके घर और सामान ही नहीं छीने। बल्कि कई परिवारों के पूरे के पूरे सदस्य खत्म हो गए। कई लोगों को अभी तक अपने लापता परिजनों के शव नहीं मिले हैं, जिससे उनके लिए इस त्रासदी को स्वीकार करना और भी मुश्किल हो गया है।

CNN के अनुसार, कुछ परिवारों के लापता सदस्य अभी तक आधिकारिक लापता लोगों की लिस्ट में भी दर्ज नहीं हो पाए थे। अब राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगली रात सुरक्षित होगी या फिर एक और बाढ़ उन्हें अपना सब कुछ छोड़कर भागने पर मजबूर कर देगी। उनके पास घर लौटने के लिए कई जगह घर ही नहीं बचे हैं।

मृतकों की संख्या 1,100 के पार

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 1,127 हो गई। हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी बचावकर्मी हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहूं से 38 शव बरामद हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता परिजनों की पहचान में परिवारों की मदद के लिए 911 अज्ञात शवों का विवरण नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों से 6,541 लोगों को सुरक्षित निकाला है। जबकि 4,858 लापता लोगों की तलाश अभी जारी है।

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अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।  नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी।

2 सितंबर मौसम: यूपी-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिल्ली-बिहार समेत 15+ राज्यों के लिए जारी की ये चेतावनी

Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।

बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।

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समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

अमीर बनने का फॉर्मूला बताते-बताते खुद ₹10000 करोड़ के कर्ज में डूबे रिच डैड पुअर डैड वाले रॉबर्ट कियोसाकी! रिपोर्ट ने किया ये दावा

Robert Kiyosaki Debt News: पूरी दुनिया को गरीबी के दुचक्र से निकलने, नौकरी छोड़कर बिजनेस करने और रातों-रात अमीर बनने का ‘फॉर्मूला’ बताने वाले रॉबर्ट कियोसाकी आज खुद $1.2 बिलियन यानी करीब ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के भारी-भरकम कर्ज के पहाड़ तले दबे हुए हैं।

‘रिच डैड पुअर डैड’ (Rich Dad Poor Dad) बेस्ट-सेलिंग किताब लिखकर दुनिया भर के करोड़ों युवाओं को फाइनेंशियल फ्रीडम की पाठ पढ़ाने वाले इस सेल्फ-हेल्प गुरु का खुद का क्या हाल हो गया है, इसका खुलासा न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में हुआ है। दुनिया को यह सिखाने वाले कि ‘पैसा कैसे काम करता है’, खुद कर्ज के खेल में इस कदर उलझे हुए हैं कि आंकड़े देखकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए।

‘हां, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं!’- कियोसाकी का बेबाक कुबूलनामा

79 वर्षीय कियोसाकी को इस 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज पर न तो कोई शर्मिंदगी है और न ही कोई मलाल। उल्टा, वह खुलेआम पॉडकास्ट में अपनी इस ‘कर्जदार शख्सियत’ का ढोल पीट रहे हैं। ‘गेट रिच एजुकेशन’ पॉडकास्ट में उन्होंने बड़े गर्व से कहा, ‘तो क्या हुआ, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने तंजिया लहजे में यह भी जोड़ दिया, ‘लोगों को वो नहीं करना चाहिए जो मैं करता हूं, समझे? अगर आप कर्ज का इस्तेमाल करना सीखना चाहते हैं, तो पहले आपको पढ़ाई करनी होगी।’ यानी गुरुजी खुद अरबों के कर्ज में डूबकर भी ज्ञान बांटने की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

क्या है कियोसाकी का ‘अमीर बनने और टैक्स बचाने’ का खेल?

न्यूयॉर्क पोस्ट ने वैनिटी फेयर की रिपोर्ट के हवाले से कियोस्की के इस ‘कर्ज साम्राज्य’ की परतें खोली हैं। कियोसाकी रियल एस्टेट में भारी कर्ज लेकर अपार्टमेंट और संपत्तियां खरीदते हैं। जब इन प्रॉपर्टीज की कीमतें बढ़ती हैं, तो वे बढ़े हुए मूल्य के बदले बैंकों से और नया कर्ज ले लेते हैं। चूंकि बैंक से लिया गया लोन कानूनी रूप से ‘इनकम’ नहीं माना जाता, इसलिए कियोसाकी इस कर्ज के पैसे को टैक्स-फ्री कैश की तरह खर्च करते हैं।

कियोसाकी अपनी हर प्रॉपर्टी को अलग-अलग लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) के तहत रखते हैं। वैनिटी फेयर के मुताबिक, अगर उनकी कोई एक प्रॉपर्टी डूब भी जाए, तो वे बाकी संपत्तियों को कानूनी फायरवॉल से बचा लेते हैं। कियोसाकी कहते हैं, ‘अगर सब कुछ बर्बाद हो जाए, तो जाकर मेरे वकील से बात करो। अमीर लोग ऐसे ही गेम खेलते हैं।’

पूर्व पत्नी ने ही खोल दिया धागा

कियोसाकी की पूर्व पत्नी और बिजनेस पार्टनर किम कियोसाकी ने वैनिटी फेयर को बताया कि लोग 1.2 बिलियन डॉलर के इस आंकड़े को गलत समझ रहे हैं। किम के अनुसार, यह $1.2 बिलियन का कुल कर्ज उनकी पार्टनरशिप वाली 1,500 से अधिक अपार्टमेंट यूनिट्स से जुड़ा है। इसमें कियोसाकी का व्यक्तिगत हिस्सा मात्र 30 मिलियन से 60 मिलियन डॉलर के बीच ही है।

किम ने खुलासा किया, ‘रॉबर्ट को ऐसी बातें कहना पसंद है जिससे लोग हैरान रह जाएं। वे लोगों का ध्यान खींचने के लिए 1 बिलियन डॉलर के कर्ज की बात करते हैं ताकि बाद में समझा सकें कि गुड डेट क्या होता है।’

‘रिच डैड’ का खेल, आम निवेशक को बना देगा ‘पुअर डैड’!

फाइनेंशियल कंसल्टेंसी JPTD पार्टनर्स के संस्थापक जॉन पूले (John Poole) ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कियोसाकी की इस खतरनाक रणनीति को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, ‘बाजार में तेजी रहने तक लेवरेज बहुत खूबसूरती से काम करता है। लेकिन जैसे ही बाजार नीचे आता है, यही कर्ज आपकी गर्दन पर चलती हुई आरी बन जाता है। कियोसाकी भले ही इसे ‘रिच डैड का कर्ज’ कहें, लेकिन अगर किसी आम निवेशक ने उनकी नकल करने की कोशिश की, तो वह बहुत जल्द ‘पुअर डैड’ बनकर कंगाल हो जाएगा।’

4.4 करोड़ किताबें बेचीं, पर खुद बने कर्ज के बादशाह!

1997 में खुद प्रकाशित की गई किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ की अब तक दुनिया भर में 4.4 करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इस किताब में कियोसाकी ने अपने असली पिता सरकारी नौकरी वाले ‘पुअर डैड’ और अपने दोस्त के बिजनेसमैन पिता ‘रिच डैड’ के विचारों की तुलना करके दुनिया को संपत्ति और देनदारी का अंतर सिखाया हुआ है।

लेकिन आज विडंबना देखिए जिस इंसान ने पूरी दुनिया को ‘लायबिलिटी से दूर रहने और एसेट बनाने’ की सीख दी, वह खुद 1.2 बिलियन डॉलर की भयंकर लायबिलिटी के ऊपर बैठा हुआ है। अब इसे कियोसाकी की मास्टरमाइंड फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी कहें या दुनिया को ज्ञान बांटने वाले गुरु का सबसे बड़ा विरोधाभास।