Hero Xtreme 250R Carbon launched at Rs 1.98 lakh

Hero Xtreme 250R Carbon launched at Rs 1.98 lakh
Hero Xtreme 250R static

Alongside the heavily revised Xtreme 160R 4V, Hero has also taken the wraps off an updated Xtreme 250R that brings a significant addition of electronics and rider aids.

  1. Gets a TFT display, bi-directional quickshifter, riding modes and traction control
  2. Adds segment-first Frequency Selective Damping (FSD) rear suspension
  3. 249cc liquid-cooled single makes 30hp and 25.3Nm

What’s new on the updated Hero Xtreme 250R?

The engine and overall design remain largely unchanged

For starters, the Xtreme 250R now features a 4.2 inch TFT instrument cluster (from the Xpulse 210) that replaces the older LCD unit, enabling multiple features, including smartphone connectivity, turn-by-turn navigation, and a lap timer. The addition of a ride-by-wire throttle system introduces four riding modes – Rain, Road, Sport and Track – along with traction control. Each mode gets its own traction control calibration. A bi-directional quickshifter is also new, as are cruise control and a tyre pressure monitoring system.

Other notable additions include a rear monoshock with Frequency Selective Damping (FSD). It uses a secondary valve system to automatically vary damping stiffness based on the frequency of road inputs, making the suspension firmer over high-frequency surface chatter and softer over low-frequency bumps. The 43mm USD fork at the front remains unchanged.

Not much has changed with regard to the powertrain, and the bike continues to be powered by a 249cc liquid-cooled, single-cylinder engine producing 30hp at 9,250rpm and 25.3Nm at 7,500rpm – the latter represents a 0.3Nm bump, delivered 250rpm higher in the rev band.

The new Xtreme 250R will be available in three new colour options – Carbon Red, Carbon Black and Carbon White. At Rs 1.98 lakh, the added features come at a substantial Rs 25,000 premium over the existing standard Xtreme 250R, bringing it much closer to rivals like the KTM 250 Duke, which is priced at Rs 2.28 lakh.

All prices ex-showroom, Delhi. 

Technical View: अगले हफ्ते ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘उछाल पर बिकवाली’की रणनीति करेगी काम, इंडेक्स में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Technical View : 16 अक्टूबर को निफ्टी में 0.65 प्रतिशत की तेजी आई। यह तेजी औसत से अधिक वॉल्यूम के साथ दर्ज की गई और लगातार दूसरे सत्र में बाजार में बढ़त देखने को मिली। बाजार पर बुल्स की पकड़ बनी रही। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर अपनी पोजीशन बनाए रखी। इसके अलावा,इसके 10-डे और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जो एक मजबूत होते शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर का संकेत हैं। हालांकि,बड़ा रुझान अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज (जिसमें 50-डे और 200-डे EMA शामिल हैं) के नीचे ही कारोबार कर रहा है।

आगे चलकर,निफ्टी 50 को अपनी रिकवरी को जारी रखने के लिए अगले हफ्ते भी खरीदारी का सिलसिला बनाए रखना होगा और 23,300–23,350 के जोन को मजबूती से फिर से हासिल करना होगा। यह रेंज 50-डे EMA और 24 सितंबर को बने ‘बेयरिश गैप’ के ऊपरी हिस्से से मेल खाती है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिका रहता है तो यह 23,600–23,700 के स्तर तक और तेजी आने का रास्ता खोल सकता है।

अक्टूबर के निचले स्तर 22,180 से लगभग 1,000 अंकों की अच्छी तेजी के बाद,सपोर्ट बेस ऊपर खिसककर 22,800–22,900 के स्तर पर आ गया है। बाजार जानकारों का कहना है कि 22,550–22,600 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है।

अच्छी शुरुआत के बाद पहले घंटे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर के ऊपर बना रहा और 23,146 पर बंद हुआ। यह 23 सितंबर के बाद का इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। इंडेक्स में 149 अंकों यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

डेली चार्ट पर, इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई है,जो एक पॉजिटिव रुझान और निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी आने का संकेत है। इसके अलावा, 24,774 और 22,180 के बीच आई गिरावट के आधार पर गणना करने पर, यह 23,173 के 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर के करीब पहुंच गया है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी और सुधार देखने को मिला। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के स्तर से ऊपर बढ़कर 52.81 पर पहुंच गया और इसके साथ ही एक पॉजिटिव क्रॉसओवर भी हुआ। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और यह जीरो लाइन के और करीब आ गया,जबकि हरे हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में और बड़े हो गए।

इस हफ्ते निफ्टी में 2.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 के बाद से इसकी सबसे मजबूत वीकली तेजी है। इस इंडेक्स ने ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ के छह हफ्तों के क्रम को भी तोड़ दिया है। वीकली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी है, जिसके निचले हिस्से में एक ‘विक’ (wick) है। यह बाजार में नई खरीदारी आने का संकेत है।

कोटक नियो में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स के लिए ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘तेजी पर बिकवाली’की रणनीति अपनाना सही रहेगा।

नीचे की तरफ, 23,000 और 22,800 के आसपास का 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ, 23,300 और 23,500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस ज़ोन हो सकते हैं। अठावले ने आगे कहा कि 22,800 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटिमेंट बदल सकता है, ऐसे में ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं।

बैंक निफ्टी

बैंक निफ्टी में लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह पिछले दिन के 56,050–56,100 के उच्च स्तर को पार करने में विफल रहा। यह दायरा 50-दिवसीय EMA के स्तर के साथ भी मेल खाता है। आगे 56,500–56,700 और उसके बाद 57,000 के स्तर तक पहुंचने के लिए, इस दायरे के ऊपर एक स्पष्ट बढ़त दर्ज करना बहुत जरूरी है। 57,000 का स्तर तेजी के रुख को और मजबूत करने के लिए एक अहम बाधा बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पोजीशनल स्तर पर कंसोलिडेशन जारी है और अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

शाह के अनुसार, 55,200–55,300 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है, तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह 54,800 के स्तर तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ, 56,300–56,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर इस रेंज के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट आता है, तो इससे नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56,700–57,000 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crompton Greaves Q2 Results: इस कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनी के प्रॉफिट में दिखा 68% का जबरदस्त उछाल, रेवेन्यू भी बढ़ी

Crompton Greaves Q2 Results: क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने शुक्रवार को सितंबर तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 68% की उछाल दर्ज किया। कंपनी ने रेवेन्यू और EBITDA के मामले में CNBC-TV18 के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, क्योंकि कंपनी ने अपने सभी सेगमेंट में डबल डिजिट में रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की। नेट प्रॉफिट एक साल पहले के ₹71 करोड़ से बढ़कर ₹119.3 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹2,263.2 करोड़ हो गया, जो कि ₹1,916 करोड़ था। यह आंकड़ा ₹2,123 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

EBITDA सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹205 करोड़ हो गया, जो ₹185 करोड़ के अनुमान से अधिक है। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 8.6% से बढ़कर 9% हो गया, जो 8.7% के अनुमान से बेहतर है।

कमोडिटी की लागत के दबाव के बावजूद मार्जिन में सुधार

लागत के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच, कंपनी ने अपने EBITDA मार्जिन में 40 बेसिस पॉइंट्स का विस्तार किया। इसमें ‘उन्नति’ (Unnati) प्रोग्राम के तहत लागत बचाने के उपायों और ऑपरेटिंग लीवरेज से मदद मिली।

ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई (EBIT) मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 7% हो गया, जबकि टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) मार्जिन 210 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 7.4% हो गया।

हालांकि, कमोडिटी की कीमतों में तेजी (महंगाई) के कारण इनपुट लागत पर दबाव बना रहा। क्रॉम्पटन ने बताया कि जून तिमाही में सप्लाई चेन में जो रुकावटें आई थीं, वे अब सामान्य हो गई हैं, जिससे कंपनी ने अपनी इन्वेंट्री (स्टॉक) के स्तर को उचित रूप से बढ़ा लिया है। इन्वेंट्री बढ़ने से नेट वर्किंग कैपिटल में भी इजाफा हुआ है।

पंखों के कारोबार में फिर से डबल डिजिट  की ग्रोथ

क्रॉम्पटन ने अपने सभी सेगमेंट में दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जिसमें दक्षिणी और पश्चिमी बाजारों की बदौलत जनरल ट्रेड में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी ने अपनी अब तक की सबसे अधिक तिमाही एक्सपोर्ट बिक्री भी दर्ज की।

कंपनी का पंखों (Fans) का कारोबार नौ लगातार तिमाहियों के बाद फिर से दोहरे अंकों की ग्रोथ पर लौट आया है। इसमें BLDC (ब्रशलेस डायरेक्ट करंट), स्टैंडर्ड और TPW (टेबल, पैडेस्टल और वॉल) पंखों का अहम योगदान रहा। कंपनी ने BLDC डिस्ट्रीब्यूशन में क्रमिक बढ़ोतरी और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने से बनी तेजी को भी दर्ज किया।

पंप सेगमेंट में, नॉन-सोलर बिजनेस ने डबल-डिजिट में ग्रोथ दर्ज की, साथ ही विभिन्न सब-कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर भी बढ़ा। मजबूत जनरल ट्रेड और ग्रामीण मांग के चलते वॉटर हीटर सेगमेंट में भी दोहरे अंकों की ग्रोथ देखने को मिली, और इस कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर भी बढ़ा।

बेहतर प्रोडक्ट और चैनल मिक्स की बदौलत, छोटे घरेलू उपकरणों (स्मॉल डोमेस्टिक अप्लायंसेज) में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई। एयर फ्रायर और इंडक्शन कुकटॉप का प्रदर्शन शानदार रहा, जबकि मिक्सर ग्राइंडर कैटेगरी में कंपनी ने अपना मार्केट शेयर बढ़ाया।

रूफटॉप सोलर रोलआउट और FY29 के लक्ष्य

रूफटॉप सोलर के मामले में, क्रॉम्पटन ने बताया कि आंध्र प्रदेश टेंडर का काम सही दिशा में चल रहा है और अब तक लगभग 20,000 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। कंपनी ने ‘बिजनेस-टू-कंज्यूमर’ (B2C) के साथ-साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में भी अपना काम शुरू कर दिया है।

कंपनी FY29 के लिए अपने तीन साल के कई लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है। इनमें 11-12% का एग्जिट EBITDA मार्जिन, डिविडेंड और/या बायबैक के जरिए लगभग 35% का कैश पेआउट रेशियो, और ग्रीनफील्ड निवेश को छोड़कर लगभग ₹120 करोड़ का सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) शामिल है।

एनएसई पर क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर 0.02% की गिरावट के साथ ₹215.50 पर बंद हुए

Cyient DLM share price: नतीजों के बाद स्टॉक क्रैश, 16% लुढ़का, खरीदें, बेचें या रहे बनें, जानें एनालिस्ट की राय

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Google Pixel 11 पर ₹26,000 तक की बचत, Pixel 11 Pro और Fold पर भी ऑफर, जानें पूरी डिटेल

भारत में नवरात्रि 2026 के जश्न के बीच Google ने दिवाली से पहले ही अपनी सेल शुरू कर दी है। अगर आप Google के नए Pixel 11 स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। Google Store पर यह सेल शुरू हो चुकी है और 8 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान ग्राहकों को फोन की कीमत में छूट, बैंक से तुरंत कैशबैक, पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त छूट और चुनिंदा खरीदारी पर बिना ब्याज वाली EMI जैसे फायदे मिल सकते हैं।

Google Store की जानकारी के मुताबिक, Pixel 11 के 512GB मॉडल पर कुल ₹26,000 तक के ऑफर मिल रहे हैं। इसके अलावा, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL, Pixel 11 Pro Fold और पुराने Pixel स्मार्टफोन पर भी छूट दी जा रही है। Google की यह सेल ऐसे समय में आई है, जब भारत में Amazon और Flipkart की फेस्टिव सेल भी जारी है।

Google Pixel 11 दिवाली सेल: जानें ऑफर्स और डिस्काउंट

भारत में Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत ₹89,999 है। दिवाली सेल के दौरान ग्राहक इसके 512GB वेरिएंट पर Google Store से ₹10,000 की छूट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है। Google Pixel 9 को एक्सचेंज करने पर ₹34,000 तक की कीमत मिल सकती है।

वहीं, HDFC Bank और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड से चुनिंदा EMI ट्रांजैक्शन करने पर ₹7,000 तक का इंस्टेंट कैशबैक मिल सकता है।

दिए गए ऑफर्स के मुताबिक, सभी लागू छूट और कैशबैक को मिलाकर Pixel 11 के 512GB वेरिएंट पर कुल ₹26,000 तक की बचत हो सकती है। इससे फोन की प्रभावी कीमत ₹70,000 से कम हो सकती है। हालांकि, इसका फायदा ग्राहकों की पात्रता और ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेगा।

Google Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold पर ऑफर्स

Google की दिवाली सेल में कंपनी के प्रीमियम स्मार्टफोन पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक चुनिंदा बैंक क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹10,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है।

Google के मुताबिक, Pixel 9 को एक्सचेंज करने वाले ग्राहकों को अलग-अलग ऑफर्स मिलाकर कुल ₹46,000 तक की बचत हो सकती है। Google Store की वेबसाइट पर बिना ब्याज वाली EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है। हालांकि, ये सभी फायदे ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेंगे।

कीमत की बात करें तो Google Pixel 11 Pro की कीमत ₹1,19,999 और Pixel 11 Pro XL की कीमत ₹1,34,999 है। वहीं, Google Store India की वेबसाइट पर Pixel 11 Pro Fold को ₹1,86,999 में लिस्ट किया गया है।

ग्राहकों को फोन कितने में पड़ेगा, यह उनके चुने गए मॉडल, भुगतान के तरीके और पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू पर निर्भर करेगा।

Google दिवाली सेल: Pixel 10 और Pixel 10a पर छूट

जो ग्राहक Google के पुराने स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भी दिवाली सेल में अच्छे ऑफर्स मिल रहे हैं। Google Pixel 10 को ₹64,000 से कम और Pixel 10a को ₹46,000 से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। इन कीमतों का फायदा Google Store की छूट, बैंक से मिलने वाले इंस्टेंट कैशबैक और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर मिलने वाले बोनस के साथ मिल सकता है।

हालांकि, कितनी बचत होगी, यह फोन के मॉडल, उपलब्ध ऑफर्स और ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगा। इसलिए ऑर्डर करने से पहले Google Store के चेकआउट पेज पर दिखाई देने वाली अंतिम कीमत जरूर देख लें।

Google की इस दिवाली सेल में Pixel स्मार्टवॉच पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक Pixel Watch 5 पर ₹2,500 तक और Pixel Watch 4 पर ₹1,500 तक का बैंक डिस्काउंट पा सकते हैं। Google Store India की वेबसाइट पर Pixel Watch 5 की कीमत ₹42,900 और Pixel Watch 4 की कीमत ₹39,900 है।

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SIP Calculator: 40 साल तक जीरो सेविंग के बाद भी 60 तक बना सकते हैं 3 करोड़ का रिटायरमेंट फंड, ये है मंथली एसआईपी कैलकुलेशन

SIP Calculator: कई लोगों को सेविंग्स और इनवेस्टमेंट का ख्याल देर से आता है। फिर उन्हें लगता है कि इसके लिए समय उनके हाथ से निकल गया है। लेकिन, यह पूरा सच नहीं है। जल्द सेविंग्स और निवेश शुरू करने के कई फायदे हैं। लेकिन, देर से निवेश शुरू करने पर भी रिटायरमेंट के लिए अच्छा फंड बन सकता है।

40 की उम्र में भी रिटायरमेंट के लिए शुरू कर सकते हैं निवेश

अगर आपकी उम्र 40 हो गई है तो भी आप रिटायरमेंट फंड के लिए निवेश शुरू कर सकते हैं। लेकिन, आपको हर महीने ज्यादा इनवेस्ट करना होगा। अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में रिटायरमेंट फंड के लिए निवेश शुरू करता है तो उसके पास इसके लिए 20 साल बचते हैं। यह समय ज्यादा नहीं है तो बहुत कम भी नहीं है।

रिटायरमेंट फंड के कैलकुलेशन में इनफ्लेशन को ध्यान में रखना होगा

आम तौर पर यह माना जाता है कि आपका रिटायरमेंट फंड आपके सालाना खर्च का 25 से 30 गुना होना चाहिए। मान लीजिए किसी व्यक्ति के परिवार का मंथली खर्च आज 30,000 रुपये है। अगर इनफ्लेशन 6 फीसदी मान लिया जाए तो यह 20 साल बाद 96,000 रुपये हो जाएगा। इसका 25 गुना करीब 2.9 करोड़ रुपये होगा।

मंथली 15000 रुपये सिप निवेश से 1.5 करोड़ का फंड बन सकता है

अगर आप हर महीने सिप से 15,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं तो आप 20 साल में आप 36 लाख रुपये निवेश करेंगे। अगर आपके निवेश पर सालाना 10 फीसदी रिटर्न मिलता है तो 20 साल बाद आपका पैसा बढ़कर 1.15 करोड़ हो जाएगा। अगर सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लिया जाए तो यह पैसा करीब 1.5 करोड़ रुपये होगा। यह सिर्फ एक उदाहरण है। इक्विटी फंड में निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं होती है।

3 करोड़ रुपये के फंड के लिए बढ़ाना होगा मंथली सिप अमाउंट 

अगर आप 2.9 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड चाहते हैं तो आपको हर महीने करीब 29,000 रुपये इनवेस्ट करना होगा। इस कैलकुलेशन में सालाना रिटर्न 12 फीसदी माना गया है। यह अमाउंट आपको ज्यादा लग सकता है। इसकी वजह यह है कि 40 साल के व्यक्ति पर परिवार सहित कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन, इसका एक दूसरा तरीका है।

हर साल सिप 10 फीसदी बढ़ाने से मिल सकती है काफी मदद  

अगर आप मंथली 15,000 रुपये के सिप को हर साल 10 फीसदी बढ़ाते हैं तो निवेश पर 12 फीसदी रिटर्न से आपके लिए करीब 3 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। आपको हर साल इनकम बढ़ने के साथ सिप का अमाउंट बढ़ाना होगा। आपको गैरजरूरी खर्चों में कटौती करनी होगी। जरूरत पड़ने पर आप रिटायरमेंट की उम्र 62 या 63 साल मान सकते हैं।

पीपीएफ में भी निवेश करने से रिटायरमें फंड बनाना होगा आसान

अगर आप नौकरी करते हैं तो ईपीएफ में रेगुलर कंट्रिब्यूशन से भी बड़ा फंड बनेगा। सबसे पहले आपको यह चेक कर लेना चाहिए कि इससे कितना बड़ा फंड बनेगा। दूसरा, आप पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड में भी निवेश शुरू कर सकते हैं। पीपीएफ 15 साल में मैच्योर हो जाता है। दिसंबर तिमाही में पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। सरकार हर तिमाही पीपीएफ सहित स्मॉल सेविंग्स स्कीम के इंटरेस्ट रेट की समीक्षा करती है।

NPS भी हालिया बदलाव के बाद सब्सक्राइबर्स के लिए काफी अट्रैक्टिव

NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम भी अब काफी अट्रैक्टिव हो गया है। हाल में पीएफआरडीए ने इसमें कई बदलाव किए हैं। अगर आपके एनपीएस में 12 लाख या इससे ज्यादा हैं तो आप 60 साल की उम्र में एकमुश्त 80 फीसदी पैसे निकाल सकते हैं। सिर्फ 20 फीसदी पैसे का इस्तेमाल एन्युटी के लिए होगा। दूसरा, सब्सक्राइबर्स 85 साल की उम्र तक इनवेस्टमेंट बनाए रख सकते हैं।

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हर महीने निवेश करने में इन बातों का रखना होगा खास ख्याल 

40 की उम्र में निवेश शुरू करने पर आपको ज्यादातर पैसा इंडेक्स या फ्लेक्सीकैप फंड जैसे डायवर्सिफायड इक्विटी फंड में लगाना होगा। आपको निवेश सिप के जरिए करना होगा। रिटायरमेंट नजदीक आने पर कई एक्सपर्ट्स पैसा इक्विटी फंड से निकालकर धीरे-धीरे हाइब्रिड या डेट फंड्स में लगाने की सलाह देते हैं। इससे अचानक बाजार में गिरावट आने पर आपके रिटायरमेंट फंड पर खराब असर नहीं पड़ेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

TomTom Layoffs: नीदरलैंड की कंपनी फिर करेगी छंटनी, इस बार 200 लोगों की जा सकती है नौकरी

नीदरलैंड्स की लोकेशन डेटा कंपनी टॉमटॉम एनवी (TomTom NV) एक बार फिर रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इसके तहत वैश्विक स्तर पर 200 नौकरियां कम की जाएंगी। इससे सालाना लगभग 2.1 करोड़ यूरो (2.36 करोड़ डॉलर) की बचत होने की उम्मीद है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। कंपनी AI को अपनाने के लिए पहले ही साल 2025 में 300 नौकरियां कम कर चुकी है। टॉमटॉम अब नए ड्राइविंग समाधान विकसित करने के लिए धीरे-धीरे अपना फोकस पार्टनरशिप्स पर शिफ्ट कर रही है।

इसके तहत कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ जेनरेटिव AI पर और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के साथ ऑटोमेटेड ड्राइविंग पर काम कर रही है। टॉमटॉम अपने नए मैपिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉमटॉम ऑर्बिस’ (TomTom Orbis) में निवेश भी कर रही है। TomTom का शेयर इस साल अब तक लगभग 30 प्रतिशत नीचे आया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बढ़ाया

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने 2026 के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4 प्रतिशत कर दिया है। इसमें चौथी तिमाही में होने वाले 1.5 करोड़ यूरो के रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का प्रभाव भी शामिल है। टॉमटॉम ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू के अनुमान को भी रिवाइज किया है। अब रेवेन्यू 50.5 करोड़ से 53 करोड़ यूरो के बीच रहने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 49.5 करोड़ से 55.5 करोड़ यूरो के बीच था। तीसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में टॉमटॉम का रेवेन्यू गिरकर लगभग 13 करोड़ यूरो रह गया। यह कंपनी के अनुमान से कम है।

Kroger Layoffs: अमेरिकी ग्रॉसरी चेन में फिर छंटनी की तैयारी, 3000 जॉब हो सकती हैं कट

नेटफ्लिक्स में 1000 लोगों की छंटनी

नेटफ्लिक्स अपने 6% कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। लगभग 1,000 लोगों की नौकरी जाने वाली है। यह साल 2022 के बाद से कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जानकारी को-CEO ग्रेग पीटर्स और टेड सारंडोस की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से सामने आई है। छंटनी मुख्य रूप से नेटफ्लिक्स की प्रोडक्ट, टेक, लीगल और ह्यूमन रिसोर्सेज टीमों में होगी। पिछले साल के अंत में कंपनी के पास लगभग 16,000 कर्मचारी थे।

जेलेंस्की ने बेल्जियम से और एफ-16 लड़ाकू विमानों तथा गोला-बारूद की मांग की

यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर जारी रूसी हमलों के कारण हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और राजधानी कीव समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गयी है।

इस बीच, अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को बेल्जियम से अतिरिक्त एफ-16 लड़ाकू विमानों और गोला-बारूद की मांग की है।

श्री जेलेंस्की यूरोपीय संघ (ईयू) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने बेल्जियम की राजधानी आये थे, जहां उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया।

श्री डी वेवर के साथ बातचीत में श्री जेलेंस्की ने बताया कि ऊर्जा सुविधाओं पर रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के वॉलिन क्षेत्र में लगभग 15,000 लोग बिना बिजली के रह रहे हैं, जबकि कीव के कुछ जिलों और आसपास के इलाकों में भी बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में मरम्मत दल काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्हीं स्थानों को दोबारा रूसी हमलों का निशाना बनाये जाने का खतरा बना हुआ है।

श्री जेलेंस्की ने कहा, “जेट-संचालित ‘शाहिद’ ड्रोन के हमलों को नाकाम करने में एफ-16 लड़ाकू विमान काफी मददगार साबित हो रहे हैं।” उन्होंने बताया कि यूक्रेन जल्द से जल्द अतिरिक्त विमान हासिल करने के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। दोनों नेताओं ने इन लड़ाकू विमानों के लिए अधिक गोला-बारूद की आपूर्ति की संभावना पर भी चर्चा की।

श्री जेलेंस्की ने बेल्जियम के राजा फिलिप से भी अलग से मुलाकात की और लगातार समर्थन के लिए उनके, बेल्जियम सरकार और यहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ यूक्रेन की हवाई रक्षा को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

उन्होंने मांग की कि युद्ध जारी रहने तक रूस की जब्त संपत्तियों को जब्त ही रखा जाये तथा उसे ये फंड दोबारा न दिये जायें, ताकि इनका इस्तेमाल नये हमलों या यूरोप में अस्थिरता फैलाने में न हो सके।

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यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ बैठकों के दौरान भी यही चिंताएं उठायी और अतिरिक्त सैन्य एवं वित्तीय सहायता की मांग की।

यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ मुलाकात के बाद श्री जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार होने का कोई संकेत नहीं दिया है, बल्कि वह लगातार यूक्रेनी शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को यूक्रेनी शहर खारकीव पर हुए एक रूसी हमले में दो लोगों की मौत हो गयी और 17 अन्य घायल हो गये, जबकि एक अन्य हमला रिव्ने के एक शॉपिंग मॉल और चार क्षेत्रों की ऊर्जा सुविधाओं पर हुआ।

श्री जेलेंस्की ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और हवाई रक्षा के लिए यूरोप से अधिक सहयोग की मांग की, साथ ही अगले वर्ष तक देश की वित्तीय स्थिरता बनाये रखने के लिए सहायता की गुहार लगायी।

सुश्री फ्रेडरिक्सन के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि रूस ने प्रतिबंधों में ढील देने के संकेतों को एक प्रोत्साहन के रूप में लिया है, जिस कारण वह आवासीय भवनों, सब-स्टेशनों और दैनिक जीवन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचों पर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने यूरोपीय देशों से सर्दियों से पहले अपनी तैयारियां तेज करने का आग्रह किया, जिसमें विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट-संचालित ड्रोन को हवा में ही ध्वस्त करने में सक्षम वायु रक्षा प्रणालियों को प्राथमिकता दी जाये।

इस बीच, श्री कोस्टा ने यूक्रेन को राजनीतिक, वित्तीय और सैन्य रूप से समर्थन देने की यूरोपीय संघ की प्रतिबद्धता दोहरायी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को अपनी सहायता जारी रखनी चाहिए, रूस पर दबाव बढ़ाना चाहिए और यूरोपीय संघ में यूक्रेन की सदस्यता की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।

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₹1,49,900 वाला iPhone 17 Pro Max अब ₹71,990 में? जानें डिस्काउंट और एक्सचेंज की पूरी डिटेल

अगर आप iPhone 17 Pro Max खरीदना चाहते हैं, लेकिन इसकी ज्यादा कीमत के कारण अब तक फैसला नहीं कर पाए हैं, तो आपके लिए एक खास ऑफर है। भारत में Apple के एक अधिकृत रिटेलर के यहां यह फोन डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कैशबैक के साथ मिल रहा है। ऑफर की शर्तें पूरी होने पर इसके 256GB वेरिएंट को ₹71,990 की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है। इसकी लिस्टेड MRP ₹1,49,900 है।

इस डील में ग्राहकों को फोन की कीमत पर ₹9,910 का इन-स्टोर डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा, पुराना योग्य फोन एक्सचेंज करने पर उसकी कीमत ₹55,000 तक मिल सकती है। ग्राहकों को ₹10,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹3,000 का कैशबैक भी दिया जा रहा है।

इन सभी फायदों को जोड़ने के बाद फोन की प्रभावी कीमत ₹71,990 हो जाती है। हालांकि, एक्सचेंज में मिलने वाली रकम पुराने फोन की स्थिति और मॉडल पर निर्भर करेगी। इसलिए खरीदारी से पहले रिटेलर से ऑफर की शर्तें जरूर जांच लें।

iPhone 17 Pro Max डील: कैसे मिलेगा डिस्काउंट?

iPhone 17 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत ₹1,49,900 है। इस पर ₹9,910 का इन-स्टोर डिस्काउंट मिल रहा है, जिसके बाद फोन की कीमत घटकर ₹1,39,990 रह जाती है।

इसके बाद ग्राहक अपना पुराना योग्य स्मार्टफोन एक्सचेंज कर सकते हैं। इसके बदले अधिकतम ₹55,000 तक की कीमत मिल सकती है। रिटेलर की ओर से ₹10,000 का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस और ₹3,000 का कैशबैक भी दिया जा रहा है। वहीं, इन सभी फायदों को मिलाने के बाद फोन की प्रभावी कीमत ₹71,990 हो जाती है।

ऑफर की जानकारी के मुताबिक, अधिकतम ₹55,000 का एक्सचेंज वैल्यू iPhone 15 Pro के बदले मिल सकता है। हालांकि, पुराने फोन का मॉडल, उसकी स्थिति और एक्सचेंज की पात्रता के आधार पर मिलने वाली रकम अलग-अलग हो सकती है। इसलिए फोन खरीदने से पहले रिटेलर से ऑफर की शर्तें जरूर जांच लें।

iPhone 17 Pro Max EMI ऑफर

जो ग्राहक किश्तों में भुगतान करना चाहते हैं, वे 12 महीने के ‘नो-कॉस्ट EMI’ प्लान का विकल्प चुन सकते हैं। ऑफर के अनुसार, इसमें मासिक भुगतान 6,249 रुपये से शुरू होता है।

यह डील स्टोर से खरीदारी करने पर उपलब्ध है। ग्राहक रिटेलर के ‘स्टोर लोकेटर’ का इस्तेमाल करके अपने आस-पास का आउटलेट ढूंढ सकते हैं और वहां iPhone 17 Pro Max की उपलब्धता की जांच कर सकते हैं।

iPhone 17 Pro Max डील: क्या आपको इसे खरीदना चाहिए?

यह ऑफर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो अपने पुराने iPhone को अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, खासकर उनके लिए जिन्हें अधिकतम एक्सचेंज वैल्यू और अतिरिक्त लाभ मिल सकते हैं। हालांकि, 71,990 रुपये की प्रभावी कीमत (effective price) पाने के लिए आपको एक्सचेंज वैल्यू, एक्सचेंज बोनस और कैशबैक को एक साथ जोड़ना होगा। यानी यह स्मार्टफोन पर मिलने वाला कोई सीधा डिस्काउंट नहीं है।

खरीदने से पहले, ग्राहकों को रिटेलर से फाइनल एक्सचेंज वैल्यू, कैशबैक मिलने की पात्रता और EMI की शर्तों के बारे में अच्छी तरह पता कर लेना चाहिए।

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बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदला, जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : कल की तूफानी तेजी के बाद मार्केट में आज भी मोमेंटम देखने को मिल रहा है। निफ्टी 23100 के ऊपर कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप स्पेस में भी एक्शन वापस लौटा है। लेकिन बैंक निफ्टी और मिडकैप का अंडरपरफॉमेंस देखने को मिल रहा है। बाजार को IT, मेटल और ऑटो का सपोर्ट है। लेकिन FMCG और एनर्जी में सुस्ती है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बड़े बदलाव किए हैं। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग भी बदली गई है। ये फैसले 7 दिसंबर से लागू होंगे। हालांकि कैपिटल मार्केट थीम में CAS पर बड़े बदलाव के बाद सेल ऑन न्यूज का रुझान देखने को मिल रहा है।

बाजार में तेजी की कमान IT के हाथ में नजर आ रही है। 4 दिनों में IT इंडेक्स करीब 10 फीसदी चला है। टेक महिंद्रा और विप्रो की जोरदार जुगलबंदी देखने को मिल रही है। अच्छे नतीजों के बाद दोनों शेयर 7 फीसदी तक भागे हैं। इधर दिग्गज इंफोसिस और TCS में भी अच्छी खरीदारी आई है। वहीं बड़े गैप-डाउन के बाद परिस्टेंट में रिकवरी की कोशिश हो रही है।

त्योहार और छुट्टियों के दौरान एयरफेयर बढ़ाने के मामले में जल्द नए नियम जारी किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा है कि अगले दो हफ्ते के अंदर नए रूल्स जारी किए जाएं। इस खबर के बाद इंडिगो का शेयर दबाव के साथ ट्रेड कर रहा है।

जानें अब कैसी रह सकती है बाजार की चाल

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ट्रेडर्स के लिए एक और शानदार दिन देखने को मिला है। निफ्टी बिल्कुल पहले सपोर्ट लेवल से घूमा है। गिरावट में खरीदारी की रणनीति कारगर रही। एक बार फिर निफ्टी IT ने कमान संभाली है। मल्टी डे निफ्टी IT की हमारी कॉल सटीक पड़ी है। बैंक निफ्टी और मिडकैप आज थोड़े ढीले दिख रहे हैं। हालांकि स्मॉल कैप में एक्शन लौटा है। विप्रो और टेक महिंद्रा आज के हीरो बने हैं। दोनों सुबह आज के दांव में टॉप पिक्स थे। इसके अलावा टाटा एलेक्सी और KPIT TECH पर भी पैसा बना है। कैपिटल मार्केट शेयरों में मुनाफावसूली दिखी है। इंटरग्लोब में गिरावट है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि त्योहारों में फेयर रेगुलेशन का प्रस्ताव है।

बाजार:अब क्या?

अनुज सिंघल की राय है कि बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदल चुका है। जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति काम करेगी। अगर ये लेवल टूटते हैं तो शॉर्ट के बारे में सोचें। IT में लॉन्ग रहें और गिरावट पर खरीदारी करें। अर्निंग सीजन की शुरुआत तो बढ़िया हुई है। अगर ऐसे ही नंबर आते रहे तो बाजार के लिए राहत की बात होगी। बस रिस्क है कच्चे तेल और FIIs की बिकवाली का।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,050-23,100 पर सपोर्ट और 23,200-23,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,500-55,700 पर सपोर्ट और 56,000-56,200 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

अगले 5 साल में क्रिटिकल मिनरल्स बिजनेस 5 गुना बढ़ाएगा वर्ल्ड बैंक ग्रुप, जानिए क्या है भारत और दुनिया के लिए प्लान

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के एड-हॉक बोनस का ऐलान, जानिए कौन है एलिजिबल और खाते में आएंगे कितने रुपये

केंद्र सरकार ने अपने एलिजिबल एंप्लॉयीज के लिए 30 दिन के एड-हॉक बोनस के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह अकाउंटिंग ईयर 2025-26 के लिए होगा। यह जानकारी 15 अक्टूबर को डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर की तरफ से जारी ऑफिस मेमोरंडम पर आधारित है।

इस बोनस के दायरे में ग्रुप सी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी के एंप्लॉयीज आएंगे जो किसी प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस स्कीम के तहत नहीं आते हैं। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज और आर्म्ड फोर्सेज के एलिजिबिल एंप्लॉयीज भी इस बोनस के हकदार होंगे। इनके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों के ऐसे एंप्लॉयीज भी इस बोनस के हकदार होंगे जो केंद्र सरकार के पे स्ट्रक्चर को फॉलो करते हैं।

बोनस के कैलकुलेशन के लिए 7,000 रुपये के मथली एमॉलुमेंट्स की सीमा तय की गई है। अगर किसी एंप्लॉयी का एवरेज मंथली एमॉलुमेंट्स इस सीमा से ज्यादा है तो बोनस के कैलकुलेशन के लिए 7000 रुपये का इस्तेमाल बेस के रूप में होगा। पहले से तय फॉर्मूला के आधार पर 30 दिन का बोनस करीब 6,908 रुपये बनेगा।

अगर किसी एंप्लॉयी का एवरेज मंथली एमॉलुमेंट्स लिमिट से नीचे है या एंप्लॉयी साल के सिर्फ कुछ हिस्से के लिए बोनस का हकदार है तो बोनस का एक्चुअल अमाउंट कम हो सकता है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि बोनस के दायरे में आने के लिए एंप्लॉयी का 31 मार्च, 2026 को नौकरी में होना जरूरी है और 2025-26 में उसकी कंटिन्यूअस सर्विस कम से कम 6 महीने पूरी होनी चाहिए।

ऐसे एंप्लॉयीज जिन्होंने छह महीने और पूरे साल के बीच नौकरी की है, उन्हें प्रो-राटा बेसिस (काम की अवधि के अनुपात में) बोनस मिलेगा। एलिबिजिल सर्विस पीरियड का कैलकुलेशन महीनों में होगा। मेमोरंडम में कैजु्अल लेबरर्स के लिए अलग एलिजिबिलिटी शर्तों के बारे में बताया गया है।

कैजुअल लेबरर्स के मामले में अगर व्यक्ति ऐसे ऑफिस में काम करता है, जिसमें हफ्ते में छह दिन काम का नियम है तो उसे पहले के तीन सालों में से प्रत्येक में काम के कम से कम 240 दिन पूरा होना जरूरी है। जिन ऑफिसेज में हफ्ते में काम के 5 दिन लागू हैं उनमें पहले के तीन सालों में से प्रत्येक में काम के 206 दिन पूरे होने चाहिए।

बोनस के कैलकुलेशन के लिए एक फॉर्मूला का इस्तेमाल होगा। फॉर्मूला के तहत एवरेज मंथली एमॉलुमेंट्स में 30 से गुणा करने के बाद उसमें 30.4 से भाग दिया जाएगा। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। अगर किसी एंप्लॉयी का एवरेज मंथली एमॉलुमेंट्स 7000 रुपये है तो इसमें 30 से गुना करना होगा। फिर जो नंबर आएगा, उसे 30.4 से डिवाइड करना होगा।

₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89, राउंड फीगर में ₹6,908.

ऐसे एंप्लॉयीज जिन्होंने एलिजिबिल सर्विस से 12 महीने से कम पूरी की है, उन्हें उसी अनुपात में बोनस मिलेगा। बोनस का पैसा संबंधित मंत्रालयों के सैंक्शंड बजट प्रोविजन से खर्च होगा।