Market Technicals : ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के चलते शुक्रवार को बाजार में लगातार चार दिनों से चल रही गिरावट थम गई और सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त लेकर बंद हुए। US के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बड़ा असर पड़ सकता है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर बंद हुआ। इंट्राडे में इसने 730.28 अंक यानी 0.95 प्रतिशत उछलकर 76,883.14 का हाई हिट किया।
निफ्टी में 24,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि इंडेक्स ने सेशन के दौरान रिकवरी की कोशिश की लेकिन 24,000 के जोन के आसपास आई प्रॉफिट बुकिंग ने एक बार फिर इसकी ऊपर जाने की रफ्तार को सीमित कर दिया। अंत में निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स कल ज़्यादातर समय हरे निशान में रहा और इंट्राडे में 24,000 के स्तर को पार करते हुए 24,005.75 का हाई छुआ। हालांकि,क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में यह बढ़त कुछ कम हो गई। इसके चलते इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर
मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 40 के आसपास है,जो सुस्त मोमेंटम और लगातार बने मंदी के दबाव का संकेत है। MACD भी नेगेटिव जोन में है। MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे है और हिस्टोग्राम नेगेटिव बना हुआ है जो मौजूदा कमजोर मोमेंटम को और मजबूत कर रहा है।
शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आगे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना है क्योंकि इंडेक्स अभी भी आवरली चार्ट पर 50-EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के जोन के नीचे बना रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का सेंटीमेंट बना रह सकता है। वहीं, निचले स्तर पर इसके लिए 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि टेक्निकल नजरिए से मार्केट का स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। निफ्टी लगातार एक डिसेंडिंग चैनल में और अपने अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। निफ्टी के लिए 24,000 का लेवल अभी भी तत्काल रेसिस्टेंस जोन बना हुआ है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार के लिए 24,000 के ऊपर की टिकाऊ क्लोजिंग और उसके बाद 24,200 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत होगी।
उन्होंने आगे कहा नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,800 का जोन में अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर इंडेक्स 23,800 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।
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