Infosys Share Price: इंट्राडे में छह साल के निचले स्तर पर आया इंफोसिस, अब खरीदें या बेचने में भलाई?

Infosys Share Price: आईटी कंपनी Infosys के शेयर मंगलवार को NSE पर छह साल के निचले स्तर ₹980.40 तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी आई और यह ₹1,015.40 पर बंद हुआ। दिन में शेयर 1.2% चढ़ा।

Nifty IT के शेयरों में Infosys ही बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, Nifty IT इंडेक्स 1.5% गिर गया। LTIMindtree और Mphasis में 4% तक की गिरावट रही।

चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक इंफोसिस के डेली चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ दिख रहा है। शेयर लगातार निचले हाई और निचले लो बना रहा है।

20-डे, 50-डे और 200-डे जैसे प्रमुख मूविंग एवरेज भी नीचे जा रहे हैं। इससे शेयर पर दबाव बना हुआ है। शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज फिलहाल रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है।

₹980-1,000 का सपोर्ट अहम

मयंक जैन का कहना है कि इंफोसिस अभी ₹980-1,000 के अहम सपोर्ट जोन के आसपास है। मौजूदा स्तर से शेयर में कुछ समय के लिए रिकवरी हो सकती है।

अगर सपोर्ट से खरीदारी आती है तो शेयर ₹1,100-1,150 तक जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत वाली तेजी हो सकती है।

अगर शेयर भारी वॉल्यूम के साथ ₹980 के नीचे बंद होता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। ऐसे में आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

₹1,180-1,200 पर बड़ी चुनौती

जैन के मुताबिक, ऊपर की तरफ ₹1,180-1,200 का जोन अहम रेजिस्टेंस है। यह शेयर के पिछले ब्रेकडाउन का स्तर है। यहां पहुंचने पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।

उनका कहना है कि इंफोसिस में मजबूत तेजी का ट्रेंड तभी बन सकता है जब शेयर ₹1,200 के ऊपर टिके। इसके साथ 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर जाना भी जरूरी होगा।

फंडामेंटल पर भी दबाव

129 Wealth & Research के फंड मैनेजर और एनालिस्ट प्रसेनजित पॉल के मुताबिक कंपनी AI, टैलेंट और प्लेटफॉर्म में निवेश बढ़ा रही है। Q1 FY27 में कंपनी का मार्जिन 21.1% था।

हालांकि, इन निवेशों का असर आने वाले समय में ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। पॉल का कहना है कि फंडामेंटल आउटलुक अभी सकारात्मक नहीं है। टेक्निकल चार्ट भी कमजोरी दिखा रहा है।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

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Nifty Outlook: लगातार 7 हफ्ते गिरा निफ्टी, अब 28 सितंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते बुधवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को निफ्टी संभला। इंडेक्स 77 अंक चढ़कर 23,140 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते निफ्टी 0.88% नीचे रहा। यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है।

निफ्टी दिन के निचले स्तर से करीब 142 अंक संभला। इसके बावजूद अगस्त की शुरुआत के 24,772 के स्तर से इंडेक्स अब 1,750 अंक से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इन शेयरों में दिखी तेजी

Axis Bank, Asian Paints और M&M शुक्रवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। दूसरी तरफ Max Healthcare, Tata Motors Passenger Vehicles और Infosys सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में भी तस्वीर मिली-जुली रही। Consumer Durables, Realty और Auto में खरीदारी दिखी। वहीं Healthcare, Media और IT कमजोर रहे।

ब्रॉडर मार्केट में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.14% की गिरावट आई। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.15% की बढ़त रही।

रुपये में भी मजबूती

भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर करीब 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशियाई करेंसी में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का भी फायदा मिला। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावित बातचीत से भी बाजार को राहत मिली।

अगले हफ्ते किन चीजों पर नजर?

अगले हफ्ते बाजार की नजर कच्चे तेल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। पश्चिम एशिया की खबरें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब और हूती तनाव पर भी नजर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर होर्मुज रूट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है।

ग्लोबल मार्केट से मिलेंगे ये संकेत

चीन के आधिकारिक और Caixin PMI आंकड़े अगले हफ्ते अहम रहेंगे। अमेरिका के Consumer Confidence और JOLTS Job Openings के आंकड़ों पर भी नजर होगी।

यूरोजोन की सितंबर की महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तीन अधिकारियों के बयान और Bank of Japan की बैठक के मिनट्स भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

23,000 है सबसे अहम सपोर्ट

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम है। अगर इंडेक्स इसके नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में 22,600 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की तरफ 23,350 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। यानी इस स्तर के ऊपर टिकना भी बाजार के लिए अहम होगा।

23,000 के नीचे और दबाव संभव

Angel One के ओशो कृष्णन भी 23,000 को अहम सपोर्ट मानते हैं। उनके मुताबिक, इसके नीचे तेज गिरावट आती है तो निफ्टी 22,800-22,700 के जोन तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,280-23,350 का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,500-23,550 का जोन अहम रहेगा।

23,600 के ऊपर तस्वीर बदल सकती है

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, 23,300 और 23,600 निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस हैं। 23,600 का स्तर हाल के फ्लैग पैटर्न के ब्रेकडाउन लेवल से भी जुड़ा है।

नीचे की तरफ 23,000 के बाद 22,700 अगला सपोर्ट है। शाह के मुताबिक, 23,600 के ऊपर निफ्टी टिकता है तो शॉर्ट टर्म का रुझान बदलकर न्यूट्रल हो सकता है।

23,300 के ऊपर मजबूती के संकेत

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, 23,000 तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 22,700 अगला अहम स्तर है।

ऊपर की तरफ 23,200-23,300 तत्काल रेजिस्टेंस है। निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकता है तो टेक्निकल तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर कमजोरी फिर बढ़ सकती है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

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बाजार में आ सकती है बड़ी गिरावट, Nifty 22,600 तक गिर सकता है

शेयर बाजारों में 24 सितंबर को आई बड़ी गिरावट ने मार्केट का सेंटिमेंट खराब कर दिया है। 8 जुलाई के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट में विदेश से आने वाली खबरों के साथ ही घरेलू खबरों का हाथ रहा। रुपये में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 105 डॉलर के पार हो गया। इधर, आईआरडीईए के इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कमीशन घटाने के प्रस्ताव से फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

निफ्टी के 23000 से नीचे जाने पर बड़ी गिरावट

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी ने कहा कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड काफी ज्यादा निगेटिव हो गया है। अगर निफ्टी 23,000 से नीचे जाता है तो यह गिरकर 22,600 तक फिसल सकता है। तेजी की स्थिति में इसे 23,300 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। इसी ब्रोकरेज फर्म के नंदीश शाह का कहना है कि ब्रेकडाउन ने निफ्टी को 23,100-23,600 की कंसॉलिडेशन रेंज के निचले स्तर तक धकेल दिया है।

22700 पर मिल सकता है सपोर्ट

शाह ने कहा कि पोजीशनल सपोर्ट 22,700 पर है, जबकि 23,300 अगला रेसिस्टेंस लेवल है। अब 23,500-23,600 का जोन बड़ा रेसिस्टेंस साबित हो सकता है। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि आज बाजार में बिकवाली के दबाव की बड़ी वजह 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड है। क्रूड की कीमतों में उछाल ने आग में घी का काम किया।

करीब सभी सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव

मार्केट के बेयरिश ट्रेंड का अंदाजा इस बात से लग जाता है कि बाजार के करीब सभी सूचकांकों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 2.25 फीसदी, निफ्टी स्मॉलकैप 100 1.53 फीसदी और निफ्टी माइक्रोकैप सूचकांक 1.48 फीसदी गिर गया। इसका मतलब है कि छोटे-बड़े सभी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। नजरें अब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और क्रूड की कीमतों पर टिकी हैं।

भारत के लिए क्रूड ऑयल की कीमतें काफी अहम

एक्सिस डायरेक्ट में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमंग गोर ने कहा, “भारत के लिए क्रूड की कीमतें काफी अहम हैं। कुछ समय तक 100 डॉलर से नीचे जाने के बाद फिर से क्रूड में उछाल दिख रहा है। इससे क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार की रिकवरी पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि निफ्टी जब तक 23,500 से नीचे बना रहता है, मार्केट का ट्रेंड बेयरिश बना रहेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan: उम्मीद है कि बाज़ार में सतर्कता का रुख बना रहेगा और नीयर टर्म में सीमित दायरे में कारोबार होगा,क्योंकि निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और ये एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिखा है। हालांकि वे मंदी के मोमेंटम में कुछ कमी आने का संकेत दे रहे हैं। इसके अलावा, US के 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में तेज़ी आई है और यह 5.1 प्रतिशत के पार चला गया है। जबकि तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। ऐसे में उम्मीद है कि मदड़िए 23,200 के सपोर्ट लेवल को चुनौती देंगे। अगर यह लेवल टूटता है तो निफ्टी गिरकर 23,100-23,000 के अहम सपोर्ट ज़ोन तक जा सकता है। वहीं,ऊपर की तरफ़ 23,500 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना रहेगा,जिस पर नजर रखनी होगी।

उधर बैंक निफ्टी को 56,000 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखने की जरूरत है। इसके नीचे जाने पर यह 55,700 तक गिर सकता है। जानकारों के मुताबिक,ऊपर की तरफ़ 56,800-57,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि 23,116 के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निफ्टी में 300 से ज्यादा अंकों की रिकवरी हुई है। इस रिकवरी के बावजूद,इंडेक्स अभी भी अपने अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्गटर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। ये एवरेज अभी भी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो इस बात का संकेत हैं कि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है।

मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर निचले स्तरों से सुधार के संकेत दे रहे हैं। डेली RSI 22.23 से बढ़कर 40.25 पर आ गया है और अपने 9-दिन के औसत से ऊपर चला गया है,जो मोमेंटम में रिकवरी का संकेत है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक ने स्लो स्टोकेस्टिक लाइन को पार कर लिया है,जो मंदी के दबाव में धीरे-धीरे कमी आने का संकेत है।

आगे 23,250-23,200 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह 23,200 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और मौजूदा गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है।

ऊपर की तरफ,23,600-23,650 का 20-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह 23,650 के ऊपर बना रहता है,तो इससे चल रही रिकवरी मज़बूत होगी और पुलबैक रैली के और आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,650

अहम सपोर्ट: 23,250, 23,200

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,450 के ऊपर खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,280 और टारगेट 23,750 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1,300 अंकों के सीमित रेंज में ही घूम रहा है। कंसोलिडेशन के इस लंबे दौर की वजह से सभी अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। इससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं दिख रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ऐसा ही पैटर्न दिखा रहे हैं,जो इंडेक्स में अनिश्चितता का संकेत है।

आगे 56,900-57,000 का 100-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। नीचे की तरफ 55,800-55,700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया होगा,क्योंकि यह पिछली अपवर्ड रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट से मेल खाता है।

57,000 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट या 55,700 के नीचे ब्रेकडाउन से नई दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है और इससे इंडेक्स में एक अहम ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,900, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,800, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,700 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, जिसमें स्टॉप-लॉस 56,250 और टारगेट 57,400 रखें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: निफ्टी 23500 के लेवल को फिर से हासिल करने की कर सकता है कोशिश, जानिए इंडेक्स में क्या ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार के संकेतों और तेल की कीमतों में और नरमी के साथ बेंचमार्क निफ्टी आने वाले सेशन में 23,500 के जोन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है। इसके बाद, 23600 पर एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर जाकर टिकता है तो 23,800 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 23,300–23,200 पर है और उसके बाद 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके 56,800–57,000 के दायरे की ओर बढ़ने की उम्मीद है। अगर यह इस दायरे से ऊपर बढ़ता है तो 57,500–58,000 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक 56,000 का स्तर इसके लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा और इसके बाद 55,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल होगा।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ़ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बावजूद निफ़्टी पिछले ट्रेडिंग हफ़्ते में 23,000 के लेवल से काफी ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जो यह दिखाता है कि यह एक बहुत अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। ऊपर की तरफ,23,600 पर तत्काल रेजिस्टेंस है। उसके बाद 23,800 के लेवल पर बड़ा रेजिस्टेंस है। इसलिए, निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 23,600–23,200 है। जबकि बड़ी रेंज 23,000–23,800 है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो इस वीकली एक्सपायरी के लिए 23,400 और 23,300 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। कॉल साइड पर वीकली एक्सपायरी के लिए 23,500 पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है।

वीकली PCR 1.46 है,जो ओवरबॉट स्थिति के करीब है। इसलिए,अगर यह 23,500 के ऊपर बंद होता है तो इसमें और तेज़ी आ सकती है। वरना,इंडेक्स में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।

इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है। हालांकि,ट्रेंड में पूरी तरह बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। इसलिए,इस बात की और पुष्टि की जरूरत है कि कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं। जब तक ऐसा नहीं होता,इंडेक्स के साइडवेज या नेगेटिव रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,800

अहम सपोर्ट: 23,200, 23,000

स्ट्रैटेजी: 23,600 के ऊपर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,500 के नीचे स्टॉप-लॉस और 23,800 का टारगेट रखें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि बैंक निफ्टी में 57,000 के स्ट्राइक पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट जमा था और अब यह उससे काफी नीचे ट्रेड कर रहा है,जो कमजोरी का संकेत है। यह क्लोजिंग बेसिस पर 56,000 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा है। हालांकि और मजबूती पाने के लिए 57,000 के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट की जरूरत है,जो इंडेक्स को हाल की ऑल-टाइम रेजिस्टेंस यानी 58,500 के स्तर तक ले जा सकता है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो कॉल साइड पर 57,000–58,000 के लेवल पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट है। इंडेक्स के लिए इन लेवल्स को आसानी से पार करना और उनके ऊपर बंद होना मुश्किल लग रहा है। पुट साइड पर 56,000 का लेवल आखिरी उम्मीद है,क्योंकि अभी के हिसाब से सबसे ज़्यादा पुट बेस यहीं है। इस लेवल के नीचे कोई बड़ा सपोर्ट नहीं है और इंडेक्स तेज़ी से 55,000–54,000 की तरफ गिर सकता है। PCR 0.97 पर है,जो न्यूट्रल है। इसलिए यहां से यह एक्सपायरी साइडवेज से नेगेटिव रह सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,000, 58,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,000

स्ट्रैटेजी: 57,000 के आस-पास बढ़त पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,500 के ऊपर और टारगेट 56,000 रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market Insight : EMS और पावर इक्विपमेंट शेयरों पर रखें नजर, निफ्टी में ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ रहें लॉन्ग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।