Market Technicals : LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे से जानें कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Market Technicals : 14 अक्टूबर को निफ्टी में 99 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,623 पर बंद हुआ,जबकि बैंक निफ्टी 165 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 55,316 पर आ गया। बेंचमार्क सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद, NSE पर मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। यहां 1,421 शेयरों में गिरावट के मुकाबले लगभग 1,850 शेयरों में तेजी देखी गई। अब सवाल यह है कि आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल और इंडेक्स में क्या हो कमाई की रणनीति। इस अपनी राय साझा कर रहे हैं LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे।

निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे ने कहा कि 30-मिनट के चार्ट पर निफ्टी को 200SMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इसमें भारी गिरावट देखी गई। 30-मिनट के चार्ट पर RSI अभी भी ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ की स्थिति में है। इसके अलावा, डेली RSI में ‘हिडन नेगेटिव डाइवर्जेंस’ बना है, जो बाजार में अंदरूनी कमजोरी का संकेत देता है।

हालांकि हालिया रिकवरी अच्छी रही है और इसमें मुख्य रूप से बैंकिंग और IT सेक्टर का योगदान रहा है,लेकिन निफ्टी या किसी अन्य प्रमुख इंडेक्स ने अभी तक किसी ‘रिवर्सल’ (रुझान में बदलाव) की पुष्टि नहीं की है। इसलिए, हम मौजूदा तेजी को एक ‘रिलीफ रैली’ (राहत भरी तेजी) के रूप में ही देख रहे हैं, न कि किसी लंबे समय तक चलने वाले ‘अपट्रेंड’ (तेजी के दौर) की शुरुआत के रूप में।

ऊपर की तरफ, 22,650 और 22,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है। नीचे की तरफ,22,500 पर तत्काल सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है,तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है,जिससे बाजार में तेज गिरावट आ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,850, 23,000

अहम सपोर्ट: 22,500, 22,300

रणनीति: 19 अक्टूबर की एक्सपायरी वाली निफ्टी 22,500 PE को लगभग 90 रुपये पर खरीदें। इसमें 60 रुपये का स्टॉप-लॉस और 140 रुपये का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर बैंकिंग इंडेक्स बैंक निफ्टी को 20EMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। आवरली चार्ट पर RSI में ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ हुआ है, जो तेजी के रुझान के कमजोर पड़ने का शुरुआती संकेत है। इसके अलावा,आवरली चार्ट पर इंडेक्स अभी भी 200SMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे पता चलता है कि निकट अवधि का रुझान दबाव में बना हुआ है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,200 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट मौजूद है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टूटता है, तो इससे नई बिकवाली का दबाव बन सकता है, जिससे इंडेक्स 54,900 और 54,400 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 55,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,800

अहम सपोर्ट: 54,900, 54,400

रणनीति: बैंक निफ्टी अक्टूबर 54,900 PE को लगभग 400 रुपये पर खरीदें। इसमें 300 रुपये का स्टॉप-लॉस और 560 रुपये का टारगेट रखें।

 

Trading Plan: बाजार का टेक्निकल ढ़ाचा अभी की कमजोर, एक्सपर्ट से जानें निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे बनेगा पैसा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: जब तक निफ्टी 22480 के लेवल को बनाए रखता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के सेशन में यह देखना अहम होगा कि पिछले सेशन में दिखी तेजी बनी रहती है या नहीं। हालांकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है,लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती के संकेत दिखे हैं। अगर निफ्टी अपने 10 डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) यानी 22,600 के इमीडिएट सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहता है तो कुछ कंसोलिडेशन की संभावना के बावजूद यह 22,800 और फिर 23,000 के लेवल तक जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स 22600 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ऐसे में 22,300–22,200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

बैंक निफ्टी को भी सेलिंग प्रेशर से बचने के लिए 55,400 और 55,100 पर सपोर्ट बनाए रखने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए ऊपर की तरफ, 56,100 और 56,500 पर रेजिस्टेंस है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ आशीष क्याल का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी की वजह से बाजार में फिर से खरीदारी लौटी। दोपहर में आई तेजी की एक मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान था,जिससे इनकी समीक्षा की उम्मीद जगी। इस पॉजिटिव माहौल को और सपोर्ट देते हुए, HCLTech और TCS के शानदार तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह इंडेक्स की रिकवरी में अहम योगदान देने वाला सेक्टर बन गया।

डेली चार्ट पर चल रही गिरावट के बाद आई थोड़ी रिकवरी (पुलबैक) के ‘डायमेट्रिक पैटर्न’ की ‘वेव F’ के रूप में जारी रहने की उम्मीद है। लगातार चार सेशन के बाद,निफ्टी आखिरकार पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ,जो चल रही गिरावट में कुछ समय के लिए विराम का संकेत है। कम समय के फ्रेम में, निफ्टी अहम POC (पॉइंट ऑफ़ कंट्रोल) वॉल्यूम प्रोफ़ाइल एरिया से ऊपर चला गया है,जो एक अच्छा संकेत है। इसके आधार पर सपोर्ट लेवल 22,620 (फ्यूचर्स) के आस-पास है, जो लगभग 22,480 स्पॉट लेवल के बराबर है।

निफ्टी निचले स्तरों से वापसी (पुलबैक) दिखा रहा है। फिलहाल, जब तक निफ्टी 22,480 के निचले स्तर को बनाए रखता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (buy on dips) का ट्रेंड है और टारगेट 22,820 है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,820

अहम सपोर्ट: 22,480

स्ट्रेटेजी: अगर निफ्टी फ्यूचर्स 22,630 से 22,650 की ओर बढ़ता है और वहां से वापस घूमता है (रिवर्स होता है), तो 22,520 के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी करें। इसके लिए टारगेट 22,730-22,760 और उसके बाद 22,820 होंगे।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी एक हफ्ते से ज़्यादा समय से 54,200–55,400 की सीमित रेंज में बना हुआ था। पिछले सेशन में इंडेक्स आखिरकार इस रेंज से ऊपर निकला और 31 अगस्त के बाद पहली बार डेली चार्ट पर मिडिल बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद हुआ,जो शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में हाल की रिकवरी रैली में प्राइवेट बैंकों का अहम योगदान रहा है और इनमें लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंकों की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा,इंडेक्स ने पिछले 3 सेशन से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ने का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी अपने कंसोलिडेशन रेंज के ऊपर बंद हुआ है,लेकिन लगातार ब्रेकआउट की पुष्टि के लिए और खरीदारी की ज़रूरत है। इसमें 55,770 और उससे ऊपर तक की चाल देखी जा सकती है। नीचे की तरफ,55,000 तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस अपनी पिछली रेंज में जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,030

अहम सपोर्ट: 55,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,600 के ऊपर लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 55,400 और टारगेट 55,800 उसके बाद 56,030 होगा।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मंदड़ियों के कमजोर पड़ने के मिल रहे संकेत, 22800–22900 के पार जाने पर निफ्टी में आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 50 ने जबरदस्त रिकवरी की। IT शेयरों के दम पर 13 अक्टूबर को इसमें 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और यह पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। यह बुल्स की मज़बूत वापसी का संकेत है। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में और खासकर 8 अक्टूबर को 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद,निफ्टी ने 22,200 के लेवल को बचाए रखा जो आगे भी एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,22,500–22,600 का जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। वहीं ऊपर की तरफ मोमेंटम बनाए रखने और अपने अपट्रेंड को 23,000 के पार ले जाने के लिए इंडेक्स को 22,800–22,900 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से निकलना होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,722) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,743, 22,845 और 23,011

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,412, 22,309 और 22,144

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई जो ‘बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न’ जैसी दिखती है। यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ जो बुल्स की जबरदस्त वापसी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200 दिन के EMA) से नीचे ट्रेड करता रहा,हालांकि यह 10-दिन के EMA से ऊपर वापस आने में कामयाब रहा। मोमेंटम इंडिकेटर्स से पता चला कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 43.43 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और इसका हिस्टोग्राम लगभग दो महीनों में पहली बार हरा हो गया। इन सभी टेक्निकल संकेतों से पता चलता है कि निकट भविष्य में मोमेंटम में सुधार हो रहा है,हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी तक पूरी तरह से बुलिश नहीं हुआ है।

बैंक निफ्टी (55,481) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,568, 55,760 और 56,072

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,945, 54,752 और 54,440

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

एक दिन बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में भी जोरदार रिकवरी आई। इसने डेली चार्ट पर ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न (पूरी तरह से क्लासिकल नहीं) बनाया,जो तेजी का संकेत है। इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद हुआ। सितंबर के बाद पहली बार यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ,जो निकट भविष्य में तेजी की गति (मोमेंटम) में सुधार का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में RSI बढ़कर 48.22 पर पहुंच गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़ीं। ये बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत है। ये टेक्निकल संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि रिकवरी की पुष्टि के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

Image713102026

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ (जिसे ‘फियर गेज’ भी कहा जाता है) पिछले सेशन में 6.1% बढ़ने के बाद 7.43% गिरकर 14.12 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली। हालांकि,उतार-चढ़ाव का यह इंडेक्स अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स को और ज्यादा राहत मिलेगी और इक्विटी मार्केट के लिए हालात और बेहतर होने के संकेत मिलेंगे।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 अक्टूबर को बढ़कर 1.16 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए ठीक-ठाक संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 1800 करोड़ की बिकवाली हुई है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। उधर कल US इंडेक्स मिले-जुले रहे। लेकिन एशिया में कमजोर कारोबार होता दिख रहा है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

अनुमान के आसपास रहे HCL टेक के नतीजे

दूसरी तिमाही में HLC टेक के नतीजे अनुमान के आसपास रहे। रेवेन्यू में तीन तो मुनाफे में 11% की बढ़त दिखी। मार्जिन का आंकड़ा उम्मीद से अच्छा रहा। Advanced AI से रेवेन्यू 29% बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पर रही। कंपनी ने पूरे कारोबारी साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का लोअर रेंज 1%-4% से बढ़ाकर 2.5%-4% कर दिया है।

RBL Bank के Q2 नतीजे अच्छे

दूसरी तिमाही में RBL Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है। ब्याज से होने वाली कमाई में 37 परसेंट का उछाल आया है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।

ICICI प्रू लाइफ, टाटा एलेक्सी के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और Tata elxsi के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में ICICI Pru life का annual premium equivalent यानी APE 18% बढ़ सकता है। वहीं VNB मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है। वहीं टाटा Tata elxsi के मुनाफे में तीन परसेंट तो रेवेन्यू में दो परसेंट की बढ़त संभव है।

TVS ग्रुप में पारिवारिक विवाद

TVS ग्रुप में उत्तराधिकार प्लान पर विवाद शुरू हो गया है। परिवार ओनरशिप और मैनेजमेंट के अधिकारों पर आमने-सामने है। मां मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने सेटलमेंट का प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा है कि 2024 का फैमिली MOU कोई आर्थिक समझौता नहीं है। परिवार की सभी संपत्तियां कोई एक आदमी नहीं बांट सकता।

23 महीने के ऊपरी स्तर पर रिटेल महंगाई

रिटेल महंगाई 23 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर में CPI महंगाई 4.83% से बढ़कर 5.54% पर रही है। खाने-पीने की चीजों के साथ ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

कच्चे तेल में उबाल, 106 डॉलर के करीब

जियो पॉलिटिकल संकट गहराने से कच्चे तेल में उबाल आया है। इसके भाव 106 डॉलर पर पहुंच गए हैं। रुस के यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रा पर हमले से कीमतों में उछाल आया है। हॉर्मूज संकट और हूती-सऊदी के बीच घमासान ने भी सेंटिमेंट खराब किए हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में रिकवरी के बाद,12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क पर फिर से बिकवाली का दबाव दिखा। IT, FMCG और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट के बीच निफ्टी 22,300 के स्तर की ओर फिसल गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी बढ़त के साथ 22,415.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

इस साल मार्केट के सबसे चर्चित सेक्टर में से एक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर नतीजों के सीज़न से पहले फिर से दबाव बना है,जिससे एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

दक्षिण कोरिया और जापान में शेयरों में गिरावट के कारण MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिर गया है और अगस्त के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है।

AI ट्रेड का पैमाना माने जाने वाले कोस्पी इंडेक्स में 4.8% तक की गिरावट आई है और यह जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है,क्योंकि चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों SK Hynix Inc. और Samsung Electronics Co. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई। टोक्यो में ट्रेडर्स के लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर निक्केई 225 इंडेक्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को नैस्डैक कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हमले के बाद तेल की कीमतों में लगभग $2 प्रति बैरल की बढ़ोतरी रही।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक या 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। S&P 500 में 4.30 अंक या 0.06% की गिरावट आई और यह 7,807.24 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 120.27 अंक या 0.44% गिर कर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

12 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

September CPI : सितंबर में रिटेल महंगाई 23 महीने के हाई पर आई, खाने-पीने की चीजों ने दिया सबसे तगड़ा झटका

September CPI : सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। नई कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सीरीज़ में यह पहली बार है जब महंगाई दर 5 प्रतिशत के स्तर से ऊपर गई है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का इस बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान रहा है, जिससे परिवारों का खर्च काफी बढ़ गया है। आज 12 अक्टूबर को आए आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में महंगाई दर 4.83 प्रतिशत थी, जिसमें बढ़ोतरी हुई है। यह मार्च के बाद से सालाना महंगाई दर में लगातार छठी मासिक बढ़ोतरी है।

इस बढ़ोतरी के साथ महंगाई दर भारतीय रिज़र्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चली गई, हालांकि यह केंद्रीय बैंक की 2-6 प्रतिशत की स्वीकार्य सीमा के भीतर ही रही है।

खाने-पीने की चीजो की महंगाई सबसे ज्यादा बढ़ी

कंज्यूमर फ़ूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के हिसाब से, खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई अगस्त में 5.97 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 7.74 प्रतिशत हो गई। प्याज़ की कीमतों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त में इसकी महंगाई दर 48.78 प्रतिशत थी, जो सितंबर में बढ़कर 108.09 प्रतिशत हो गई। लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत से बढ़कर 54.62 प्रतिशत हो गई, जबकि नींबू की कीमतों में 36.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले महीने 15.15 प्रतिशत थी।

हालांकि, कुछ सब्जियों में राहत मिली। आलू की कीमतों में सालाना 11.50 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टमाटर की कीमतें 8.62 प्रतिशत कम हुईं। चांदी के गहनों में महंगाई दर 87.80 प्रतिशत के बहुत ऊंचे स्तर पर बनी रही, हालांकि अगस्त में यह 106.81 प्रतिशत थी। सितंबर में पान-तंबाकू की महंगाई 4.71% से बढ़कर 4.8% पर रही। वहीं, फूड एंड बेवरेजेज महंगाई 5.66% से बढ़कर 7.36% पर रही।

ग्रामीण इलाकों में महंगाई 6 प्रतिशत के पार

ग्रामीण भारत में महंगाई में ज़्यादा तेज़ी देखी गई। सितंबर में ग्रामीण भारत की खुदरा महंगाई अगस्त के 5.24 प्रतिशत से बढ़कर 6.08 प्रतिशत हो गई। शहरी इलाकों में महंगाई 4.31 प्रतिशत से बढ़कर 4.88 प्रतिशत हो गई। इसके चलते ग्रामीण और शहरी महंगाई के बीच का अंतर बढ़कर 1.20 प्रतिशत हो गया, जबकि अगस्त में यह 0.93 प्रतिशत था।

बड़े राज्यों में, तमिलनाडु की रिटेल महंगाई दर 6.81 प्रतिशत दर्ज की गई, इसके बाद ओडिशा में 6.70 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 6.68 प्रतिशत, तेलंगाना में 6.64 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 6.29 प्रतिशत रही।

कीमतों का दबाव सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ों तक ही सीमित नहीं

ताज़ा आंकड़ों से कई तरह की सेवाओं और खाने-पीने से जुड़ी चीज़ों के अलावा अन्य कैटेगरी में भी महंगाई बढ़ने का पता चलता है। पर्सनल केयर, मिसिलेनियस महंगाई घटकर 13.75% पर रही है। वहीं, रेस्टोरेंट,एकॉमडेशन सर्विस महंगाई बढ़कर 9.36% पर रही है। एजुकेशन सर्विसेस महंगाई 3.73% से बढ़कर 3.94% पर रही है।

सितंबर में रिक्रिएशन, स्पोर्ट & कल्चर महंगाई बढ़कर 2.16 प्रतिशत पर आ गई। वहीं, इंफो, कम्युनिकेशन महंगाई 2.01 प्रतिशत से बढ़कर 2.44 प्रतिशत पर रही। सितंबर रिटेल महंगाई दर 23 महीने के ऊपरी स्तर पर रही है। ट्रांसपोर्टेशन महंगाई दर 4.60 प्रतिशत से बढ़कर 5.01 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, हेल्थ महंगाई दर 1.34 प्रतिशत से बढ़कर 1.40 प्रतिशत पर रही है। फर्निशिंग, घरेलू उपकरण महंगाई दर 3.11 न पर रही है। हाउसिंग यूटिलिटी महंगाई 2.61प्रतिशत से बढ़कर 2.74 प्रतिशत पर रही है। वहीं, कपड़ा, जूता चप्पल महंगाई 3.56 प्रतिशत से बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर रही है।

मॉनेटरी पॉलिसी पर असर

सितंबर में महंगाई के आंकड़े RBI के लिए एक चुनौती हैं, क्योंकि मार्च से कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण हेडलाइन महंगाई दर, RBI की तय सीमा (टॉलरेंस बैंड) के ऊपरी स्तर के करीब पहुंच गई है।

इन दबावों का बने रहना RBI के भविष्य के पॉलिसी फैसलों के लिए अहम होगा। अब यह देखना होगा कि क्या खाने-पीने की चीजों की महंगाई में बढ़ोतरी कुछ समय के लिए है या यह आम कंज्यूमर कीमतों पर भी इसका असर दिखने लगा है। RBI एमपीसी की अगली बैठक दिसंबर में होगी।

 

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty फिर से 22500 लेवल के पार, एनालिस्ट्स से जानिए बाजार में इस तेजी के जारी रहने की कितनी संभावना है

शेयर बाजारों में 9 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी आई। इससे निफ्टी ने फिर से 22,500 का हासिल कर लिया। इस रिकवरी में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, आईटी शेयरों में तेजी और सस्ते भाव पर शेयरों की खरीदारी का हाथ है। 1 बजे निफ्टी 1.23 फीसदी यानी 272 अंक चढ़कर 22,504 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.17 फीसदी यानी 836 अंक के उछाल के साथ 72,437 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 1.22 फीसदी की तेजी दिखी। सवाल है कि क्या तेजी टिकाऊ हैं?

निफ्टी के लिए 22,600 के लेवल पर रेसिस्टेंस

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पबित्रो मुखर्जी ने कहा, “निफ्टी अगर 8 अक्टूबर के 22,180 के ऊपर बना रहता है तो इसकी रेंज 22,180-22,600 होगी। 22,600 पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना होगा। गिरावट की स्थिति में यह 22,000 की तरफ बढ़ेगा और 2025 के 21,750 के निचले स्तर तक जा सकता है।”

रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर टिके रहने पर आएगी तेजी

उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को मजबूत शुरुआत के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर सावधानी वाला है। रिकवरी के लिए निफ्टी का रेसिस्टेंस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तब तक तेजी पर बिकवाली का एप्रोच सही रहेगा। रेसिस्टेंस लेवल के करीब बाजार पर सेलिंग प्रेशर दिख सकता है।

22,500 के बाद सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उदानी ने कहा कि अगर तेजी में निफ्टी 22,500 को पार कर जाता है तो बाजार के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है, जिससे शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है। लेकिन, गिरावट की स्थिति में निफ्टी के 22,100 के नीचे जाने पर फिर से कमजोरी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है। ओपनिंग गैप के पीछे भागने से बचना ठीक रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

डे ट्रेडर्स को इस सपोर्ट जोन का ध्यान रखने की सलाह

कोटक नियो के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा, “डे ट्रेडर्स के लिए 22,200/71,500 और 22,150/71,300 अगले सपोर्ट जोन होंगे। इन लेवल से नीचे जाने पर सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसे में निफ्टी गिरकर 22,000-21,750 तक आ सकता है। सेंसेक्स 70,800-70,000 तक गिर सकता है।”

यह भी पढ़ें: शेयर बाजार में आ सकती है 50% तक तेजी, प्रशांत जैन ने कहा-अगले कुछ हफ्तों में निवेश के बड़े मौके

सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है

उन्होंने कहा कि तेजी की स्थिति में 22,300-22,400/71,800-72,100 अगले रेसिस्टेंस जोन होंगे। इस रेंज के ऊपर तेजी जारी रहने पर 22,500/72,500 की तरफ इंट्राडे पुलबैक दिख सकता है। सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली के लिए रास्ता खुल सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

शेयर बाजार में आ सकती है 50% तक तेजी, प्रशांत जैन ने कहा-अगले कुछ हफ्तों में निवेश के बड़े मौके

भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का दौर खत्म होने जा रहा है। यह उन इनवेस्टर्स के लिए शेयरों में निवेश का सही वक्त है, जो मध्यम और लंबी अवधि के लिए इनवेस्ट करना चाहते हैं। दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन ने यह कहा है। उन्होंने 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सितंबर तिमाही के लेटर में कई महत्वपूर्ण बताई है।

दिसंबर मध्य तक FIIs की बिकवाली सुस्त पड़ जाएगी

प्रशांत जैन (Prashant Jain) को इनवेस्टमेंट का कई दशकों का अनुभव है। उन्होंने कहा है कि अगले तीन साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न 40-50 फीसदी रह सकता है। शॉर्ट टर्म में बाजार में हल्की गिरावट के आसार दिख रहे हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय बाजार में बिकवाली के बारे में उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य तक इसमें कमी आ सकती है।

अगले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों में एंट्री का गोल्डन मौका

उन्होंने कहा कि दिसंबर के मध्य के बाद मार्केट्स में रिकवरी शुरू होगी। इसलिए अगले कुछ हफ्ते या महीने शेयर बाजारों में एंट्री का शानदार मौका हो सकता है। पिछले करीब दो सालों से भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दिखी है। सितंबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच Nifty 12.4 फीसदी गिरा है। इस दौरान विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने 58 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। हालांकि, FY25 और FY26 में इकोनॉमी की ग्रोथ करीब 7.5 फीसदी रही।

इन वजहों से भारतीय बाजार का प्रदर्शन रहा खराब

भारतीय शेयर बाजारों पर कई फैक्टर्स का असर पड़ा है। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिकी टैरिफ, गोल्ड के आयात में उछाल और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी शामिल हैं। साथ ही फॉरेन इनवेस्टर्स की दिलचस्पी आर्टफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों से जुड़ी स्टॉक्स में बढ़ी है। इससे विदेशी निवेश उन बाजारों में गया है, जिनमें ऐसी कंपनियां मौजूद हैं।

विदेशी निवेशकों ने AI स्टॉक्स में पैसे लगाने में दिखाई दिलचस्पी

AI और सेमीकंडक्टर सुपरसाइकिल में भारत की मौजूदगी ना के बराबर है। इसलिए विदेशी निवेशकों ने भारत से पैसा निकाल एआई और सेमीकंडक्टर्स वाले बाजारों में लगाए हैं। इस वजह से अमेरिका और कई उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन खराब रहा है। भारतीय शेयर बाजारों में हालिया बिकवाली की वजह अमेरिकी में 10 साल के बॉन्ड्स की बढ़ती यील्ड है। यह 5 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेश का आकर्षण बढ़ा है।

यह भी पढ़ें: Stock Market Rise: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में रौनक! सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22500 के पार

हर दो साल गिरने के बाद शेयर बाजारों में आती है बड़ी तेजी

3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने अपनी स्टडी में पाया है कि हर दो सालों में 15 फीसदी गिरावट के बाद के अगले तीन सालों में शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इस दौरान बाजार ने कम से कम 20 फीसदी रिटर्न दिए हैं। कई शेयरों का रिटर्न तो 50 फीसदी या इससे ज्यादा रहा है। हालांकि, यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आगे भी ऐसा होगा। यह सिर्फ एक ट्रेंड है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।