क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की हालिया इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में निफ्टी के लिए 27,000 का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज का कहना है के बेहतर होते अर्निंग आउटलुक और घरेलू मांग में मजबूती को वजह से निफ्टी को सपोर्ट मिलेगा। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि साल 2026 में MSCI इंडिया की अर्निंग्स 11 फीसदी और साल 2027 में 13 फीसदी बढ़त देखने को मिल सकती है। इसका निफ्टी के लिए’बुल-केस’टारगेट 30,000 के लेवल का है। जबकि ‘बेयर-केस’टारगेट 20,500 के लेवल का है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन ने कहा है कि उसका झुकाव मुख्य रूप से तेज ग्रोथ वाले घरेलू साइक्लिकल शेयरों की ओर है। निफ्टी-50 के लिए जेपी मॉर्गन के बेस/बुल/बेयर केस टारगेट 27,000/30,000/20,500 के हैं।

इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का अर्निंग्स सीजन उम्मीद से बेहतर रहा। पहली तिमाही में MSCI इंडिया कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा,जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 16 फीसदी बढ़ा। अर्निंग्स भी उम्मीद से बेहतर रही। लगभग 58 प्रतिशत MSCI इंडिया कंपनियों की अर्निंग्स उम्मीद से बेहतर रहीं,जबकि 24 प्रतिशत कंपनियां अनुमानों पर खरी नहीं उतर पाईं।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़त

मार्केट-कैप के हिसाब से छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। जेपी मॉर्गन के अनुसार एनर्जी सेक्टर को छोड़कर देखें तो मिडकैप 100 कंपनियों का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़ा है। जबकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों का PAT 39 फीसदी बढ़ा है। इस तिमाही में मटीरियल्स,यूटिलिटीज,इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली। ग्लोबल परेशानियों के बावजूद,मजबूत घरेलू मांग के चलते भारतीय कंपनियों को सहारा मिला।

पावर,ऑटो और डिफेंस सेक्टर में दिख रहा दम

जेपी मॉर्गन की राय है कि आगे बिजली की मांग,कैपिटल एक्सपेंडिचर और ग्रिड साइकल से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा डिफेंस, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर स्टेपल्स जैसे सेक्टरों में तेजी आ सकती है।

पहली तिमाही में भारत में बिजली की पीक डिमांड लगभग 271 GW तक पहुंच गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंपनियों को वॉल्यूम में बढ़त और एक्सपोर्ट से फायदा हुआ जबकि कंज्यूमर स्टेपल्स में वॉल्यूम-आधारित रिकवरी के संकेत दिखे। आगे भी इनमें मजबूती काय रह सकती है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन का भारत के इक्विटी को लेकर नजरिया मजबूत अर्निंग और घरेलू मांग की उम्मीदों पर टिका हुआ है। वहीं, जियोपॉलिटिकल घटनाएं और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं जोखिम पैदा कर सकती हैं।

 

Market Outlook : दायरे में घूमने के बाद सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 24 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news :अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती है। यह करीब 70 अंक ऊपर दिख रहा है। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिली है लेकिन वायदा में खरीदारी हुई है। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। US ट्रेज़री यील्ड में कमी और ग्लोबल स्तर पर अच्छे संकेतों के बीच प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई,जिससे निफ्टी की लगातार सात सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाजार की शुरुआत मजबूत रही,लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। हालांकि,जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बाज़ार ने फिर से तेजी पकड़ी और मीडिया,फाइनेंशियल व रियल्टी शेयरों की अगुवाई में निफ्टी ने 24,265.15 का दिन का हाई छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

US की ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका की ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधो की तैयारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सोमवार को एलान होगा। ईरान ने कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। चीन ने भी इसका विरोध किया है। क्रूड 93 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी भी चमके हैं। सोना 4500 डॉलर के पार दिख रहा है।

अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंची

अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल आया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से अमेरिकी बाजार नर्वस हो गया है। डाओ जोंस कल 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी है। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है।

HDFC बैंक ने बॉन्ड से जुटाए रिकॉर्ड 1.8 बिलियन डॉलर

HDFC बैंक ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के जरिये रिकॉर्ड पौने दो बिलियन डॉलर्स जुटाए हैं। किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का ये सबसे बड़ा डेट इश्यू रहा। HDFC बैंक के बॉन्ड्स के लिए सात बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

सरकार ने 10 लाख टन चीनी इंपोर्ट को मंजूरी दी

चीनी के दाम काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर तक बिना किसी ड्यूटी के इंपोर्ट हो सकेगा।

सेबी की नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, F&O में करीब 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा

F&O में रिटेल ट्रेडर्स को अब भी जमकर घाटा हो रहा है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में वायदा में करीब 88% ट्रेडर्स को घाटा हुआ। हालांकि F&O में ट्रेडिंग करने वाले भी घटे हैं। इनमें पिछले साल के मुकाबले 18% की कमी आई है। ऑप्शन बॉयर्स के मुकाबले ऑप्शन सेलर्स ने कम नुकसान झेला है।

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, इंफ्रा, डिफेंस, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर चर्चा

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग में इंफ्रा,डिफेंस और कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को स्पीड देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम ने कहा कि डिफेंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : लगातार आठ सेशन में 20 अगस्त को पहली बार निफ्टी में बढ़त दिखी और यह 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,200 के लेवल पर पहुंच गया। इंडेक्स 50 डे EMA और हाल की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के कमजोर पड़ने के हल्के संकेत दिए। हालांकि,आने वाले सेशन में और खरीदारी के ज़रिए इसकी पुष्टि की जरूरत है। निफ्टी को 24500 और फिर अगस्त के स्विंग हाई तक ऊपर जाने के लिए 24,300-24,400 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर जाना होगा और वहां टिके रहना होगा। ऐसा होने तक कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके लिए 24,150 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 24000 पर दूसरा बड़ा सपोर्ट होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,232) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,196, 24,177 और 24,147

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,258, 24,277 और 24,308

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग और अच्छी बढ़त के बावजूद निफ्टी ने डेली चार्ट पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स ने 50 डे और 100 डे EMA के साथ-साथ 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को तो वापस हासिल कर लिया, लेकिन अभी भी यह 20 डे और 200 डे के EMA से नीचे ही बना हुआ है। RSI बढ़कर 48.33 हो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार रेड MACD हिस्टोग्राम बार हल्का पड़ गया,जिससे मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत मिलता है। हालांकि आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

बैंक निफ्टी (57,496) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,647, 57,711 और 57,815

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,440, 57,376 और 57,272

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,बैंक निफ्टी ने कल एक और सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इसमें 0.45 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह हाल की तेजी के बाद 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर तो आ गया,लेकिन 20-डे EMA (57,505) के ऊपर मजबूती से बंद नहीं हो पाया,जो आगे की तेजी के लिए जरूरी है। RSI बढ़कर 50.45 पर पहुंच गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। हालांकि, पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार लाल हिस्टोग्राम बार छोटा और हल्का हुआ है,जो मंदी के रुझान में संभावित कमी का संकेत है,लेकिन आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 11 के स्तर से नीचे गिरकर 10.76 पर आ गया। इसमें 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8 जनवरी,2026 के बाद अपने सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया। इस महीने VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे भी बना रहा,जो बाजार में कम उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कम अनिश्चितता का संकेत देता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 अगस्त को बढ़कर 1.12 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,मणप्पुरम फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

लाइसेंस राज की छुट्टी! सरकार बदलने जा रही है कारोबार के लाइसेंस का पूरा सिस्टम, 15 साल तक बढ़ा सकती है वैलिडिटी

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इस फाइनेंशियल ईयर में लाइसेंस से जुड़ी शर्तों में बड़े बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत,कई तरह के परमिट की वैलिडिटी को 15 साल तक बढ़ाया जा सकता है। कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का बोझ कम हो सकेगा। बताते चलें कि अभी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के किसी बिजनेस को प्रोजेक्ट के पूरे समय में केंद्र,राज्य और स्थानीय निकायों से कम से कम 60 लाइसेंस की जरूरत होती है। इनमें केंद्र-स्तर की कई मंज़ूरियां भी शामिल हैं,जैसे पर्यावरण से जुड़ी मंज़री और फ़ूड सेफ्टी लाइसेंस। इन्हें समय-समय पर रिन्यू भी करवाना पड़ता है।

नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) के लाइसेंस को अभी हर 1 से 5 साल में रिन्यू करवाने की जरूरत होती है। सुधार की इस प्रक्रिया में पर्यावरण,ड्रग रेग्युलेशन,विस्फोटक और ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) जैसे इंडस्ट्री पर असर डालने वाले कई क्षेत्र शामिल हैं।

वार्षिक लाइसेंस शुल्क का भुगतान

इस सुधार को नॉन-फाइनेंशियल रेगुलेटरी रिफॉर्म्स पर बनी एक हाई-लेवल कमिटी आगे बढ़ा रही है। इसके हेड नीति आयोग के सदस्य और पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा हैं। इस कमिटी का गठन अगस्त 2025 में किया गया था। इसका मसद नियमों का पालन करने के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार के रेगुलेशन, सर्टिफिकेशन,लाइसेंस और परमिशन की समीक्षा करना था।

इन सुधारों के तहत अब लाइसेंस की वैधता और फीस के भुगतान के नियम अलग-अलग होंगे। सूत्रों के मुताबिक कारोबारियों को तय फीस हर साल देनी होगी,लेकिन जब लाइसेंस 10 या 15 साल के लिए मान्य होगा तो उन्हें रिन्यूअल के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि कारोबारियों को सालाना फीस तो देनी होगी लेकिन उन्हें रिन्यूअल से जुड़े बार-बार होने वाले कागजी काम और प्रक्रियाओं से छुटकारा मिल जाएगा।

अभी अलग-अलग इंडस्ट्री को उनकी जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग लाइसेंस लेने होते हैं। इस पर सरकारी सूत्रों का कहना है कि अलग-अलग लाइसेंस को एक ही लाइसेंस में मिलाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। कारोबारियों को अभी भी अलग-अलग लाइसेंस जरूरी लाइसेंस लेने होंगे। इस कवायद का मकसद सिर्फ नियमों को आसान बनाना और अनुपालन का बोझ कम करना है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस

यह कोशिश भारत में ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस(कारोबार करने में आसानी)को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का ही एक हिस्सा है। वर्ल्ड बैंक के ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142वीं थी जो 2020 में सुधरकर 63वीं हो गई। डेटा की विश्वसनीयता को लेकर चिंताओं के कारण इस इंडेक्स को बंद करने से पहले यह इसका आखिरी एडिशन था। अब भारत इस साल के आखिर में वर्ल्ड बैंक के नए बिज़नेस रेडी(B-READY) असेसमेंट में शामिल होगा।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 21 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाजारों का भी मूड सुधरा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की तेजी है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में बिकवाली दिखी है। उधर अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी आई है। इंफोसिस और विप्रो के ADR दो फीसदी चढ़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

19 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता को लेकर चिंतित नजर आए। इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और उनमें और गिरावट आई। डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण निफ्टी और सेंसेक्स 24,050 और 77,000 के स्तर से नीचे आ गए। हालांकि,इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया,जिससे कुल गिरावट सीमित रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325.78 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 76,909.68 पर और निफ्टी 76.60 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ।

SEBI ने दो एंटिटीज पर लगाई रोक, गलत तरीके से कमाए 3.68 करोड़ जब्त किए

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 13 अगस्त को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी पर हुई गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने Copthall Mauritius और Mansi Share पर शेयर बाजार में कामकाज पर रोक लगा दी है। मार्केट मैन्युपुलेशन से कमाए गए तीन करोड़ 68 लाख रुपये भी जब्त कर लिए गए हैं।

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक हुई है। ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधो का एलान करते हुए कहा है कि ईरान ने डील करने का मौका गंवा दिया है। ईरान के मददगारों के खिलाफ भी आर्थिक एक्शन होंगे। इस खबर के चलते क्रूड 92 डॉलर के पार चला गया है।

अमेरिका में डबल होगा बॉन्ड बायबैक

अमेरिका में ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अगले महीने से बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के एलान से अमेरिका बाजारों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गई। 10 साल और 30 साल की बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी है। डाओ जोंस में 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी दिखी। वहीं एशिया में भी रौनक है। निक्केई में एक परसेंट तो कॉस्पी में पांच परसेंट से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है।

सोने और चांदी में जोरदार तेजी

बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे फिसलने से सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई है। करीब तीन महीने बाद सोने के भाव 4500 डॉलर के ऊपर निकल गए हैं। चांदी के भाव भी 66 डॉलर के ऊपर आ गए हैं।

जापान के साथ बढ़ेगा रक्षा सहयोग, BEL की जापानी कंपनी से साझेदारी पर चर्चा संभव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आज जापान के डिफेंस मिनिस्टर के साथ अहम बैठक है। इसमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। जापानी कंम्यूनिकेशन सिस्टम UNICORN के तकनीक ट्रांसफर के लिए BEL के साथ साझेदारी पर चर्चा होगी।

LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी

HDFC बैंक में आज एक्शन दिख सकता है। RBI ने LIC को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 10% करने की मंजूरी दे दी है। अभी LIC की बैंक में 4.11% हिस्सेदारी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 19 अगस्त को 407 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और भारतीय शेयरों में 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

 

Market cues : बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ और मजबूत होने के संकेत, 23850-23600 तक गिर सकता है निफ्टी

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव है। FIIs की कैश में खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंच गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए,निफ्टी 24,200 के निशान से नीचे फिसल गया और लगातार छठे सेशन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़े पैमाने पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा।

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ी

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ गई है। ट्रंप ने नक्शा जारी करके बताया है कि हॉर्मुज अमेरिका का हिस्सा है। इधर ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि बातचीत हमारी शर्तों पर ही होगी। US- ईरान टेंशन से कच्चा तेल लगातार चौथे दिन चढ़ा है। इसके भाव 92 डॉलर के करीब पहुंच गए हैं।

अमेरिकी और एशियाई बाजार

अमेरिकी बाजार दूसरे दिन भी फिसले हैं। क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर आ गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव रहा। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आया है। निक्केई में भी 2.5 फीसदी की गिरावट है।

IT कंपनियों के लिए सेंटिमेंट पॉजिटिव, इंफोसिस का ADR करीब 2% चढ़ा

चिप शेयरों की बिकवाली से IT कंपनियों के सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहे हैं। कल अमेरिका में एक्सेंचर,सेल्सफोर्स और एडोबी जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां दो से चार फीसदी उछलीं। इंफोसिस का ADR भी करीब 2% चढ़ा।

Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील संभव

Aster DM में आज करीब 4,780 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। सेंटेला मॉरिशस होल्डिंग्स (Centella Mauritius Holdings) 7.2% हिस्सा बेच सकता है। इसके लिए 6.3% डिस्काउंट पर 766 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए यह स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस खबर के चलते आज IGL, MGL और गुजरात एनर्जी के शेयरों में एक्शन आज बढ़ सकता है

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1,651 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।

 

Market cues : लगातार गिरावट के बाद आज हो सकती है वापसी की कोशिश, निफ्टी के लिए 24200-24300 पर रेजिस्टेंस

Market cues : निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट, इसके नीचे जाने पर आ सकती है भारी गिरावट

Trade setup for today : 17 अगस्त को निफ्टी में लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हालांकि,ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में इसने कुछ रिकवरी की। निफ्टी के शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करने और बेयरिश मोमेंटम के धीरे-धीरे मजबूत होने के कारण,ऐसा लगता है कि शॉर्ट टर्म में कंसोलिडेशन के बीच बाजार में कमजोरी बनी रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर निफ्टी में भारी बिकवाली का दबाव बन सकता है और इंडेक्स 24,000 के लेवल की ओर फिसल सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,400-24,500 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,288) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,241, 24,209 और 24,158

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,374 और 24,425

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे गिर गया। हालांकि, यह अभी भी 50-डे और 100-डे EMA से ऊपर बना हुआ है,जो अगले सपोर्ट लेवल हैं। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया,जबकि MACD का बेयरिश क्रॉसओवर और मज़बूत हुआ और हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में बढ़ा। इन सबसे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है और बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (57,498) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,702, 57,852 और 58,096

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,215, 57,064 और 56,821

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अपने नुकसान को रिकवर किया और 7 पॉइंट ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। डेली चार्ट पर इसने लॉन्ग अपर और लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई जो हाई वेव कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है और तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच असमंजस की स्थिति का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा। इससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जबकि ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर मार्केट के एक दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। डेली RSI एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि मार्केट में किसी खास दिशा की ओर कोई साफ झुकाव नहीं है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

Image1217082026

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18 प्रतिशत बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि हाल ही में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बावजूद,मार्केट में निकट भविष्य की अनिश्चितता सीमित बनी हुई है।

Trading Plan:कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी का मूड, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.98 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया,मनप्पुरम फ़ाइनेंस और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

FCNR (B) Deposit Scheme : समय से पहले ही बंद हो जाएगी FCNR(B) विंडो, स्कीम को मिला शानदार रिस्पॉन्स, जानिए रुपए के लिए क्या हैं मायने?

FCNR(B)Deposit Scheme : RBI ने समय से एक महीने पहले यानी 31 अगस्त से ही NRIs के लिए FCNR डिपॉजिट विंडो बंद करने का एलान किया है। स्कीम को शानदार रिस्पॉन्स के चलते 13 अगस्त तक बैंकों को अब तक 52 बिलियन डॉलर से ज्यादा के डिपॉडिट मिल चुके हैं। FCNR (B) डिपॉजिट स्कीम की डेडलाइन 30 सितंबर की जगह अब 31 अगस्त कर दी गई है। इस स्कीम को शानदार रिस्पॉन्स के चलते समय से पहले बंद किया गया है।

इस स्कीम पर नजर डालें तो स्वैप फैसिलिटी के जरिए 13 अगस्त तक 57 अरब डॉलर आए हैं। FCNR डिपॉजिट स्कीम से ही 52 अरब डॉलर से ज्यादा के डिपॉजिट आए हैं। FCNR (B) डिपॉजिट स्कीम में तेज रफ्तार इनफ्लो देखने को मिला है। पहले 20 अरब डॉलर आने में 38 दिन लगे। वहीं, दूसरे 20 अरब डॉलर आने में सिर्फ 14 दिन लगे। पिछले 13 दिनों में 16 अरब डॉलर का इनफ्लो देखने को मिला। ऐसा मानना है कि इस महीने के अंत तक इनफ्लो की रफ्तार और बढ़ेगी।

और कितना इनफ्लो संभव?

एक्सपर्ट्स और इकोनॉमिस्ट की राय है कि अगस्त अंत तक FCNR (B) डिपॉजिट से 65-75 अरब डॉलर का इनफ्लो संभव है। कुल मिलाकर 80-100 अरब डॉलर का इनफ्लो संभव है। SBI रिसर्च ने पहले अनुमान लगाया था कि अगर FCNR-B रूट के ज़रिए निवेश की सुविधा सितंबर तक खुली रहती है, तो 70 अरब डॉलर तक का निवेश आ सकता है, जो 2013 में आए निवेश के स्तर से कहीं ज्यादा होगा।

FCNR (B) डिपॉजिट स्कीम और रुपया

बड़े डॉलर इनफ्लो के बाद भी रुपए में ज्यादा मजबूती नहीं आई है। RBI ने इनफ्लो का बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट बनाने में लगाया गया। एक पूर्व सेंट्रल बैंकर ने इस अचानक होने वाले क्लोजर होने की वजह रुपये पर पड़ रहे दबाव को बताया है। उनका कहना है पहले के विपरीत, इस बार USD/INR करेंसी पेयर स्थिर रहा है, लेकिन इसमें लगातार गिरावट का रुझान बना हुआ है। खबर है कि RBI रुपये की गिरावट को रोकने के लिए पिछले कुछ दिनों से डॉलर बेच रहा है।

उन्होंने कहा 5 जून और 14 अगस्त के बीच रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला। 5 जून को डॉलर के मुकाबले रुपया 95.39 पर बंद हुआ था और 14 अगस्त तक यह लगभग 0.2 प्रतिशत गिरकर 95.45 पर आ गया। इनफ्लो शुरू होने के बाद, जुलाई के मध्य में रुपये में थोड़ी रिकवरी हुई और यह 94.30 पर पहुंच गया, लेकिन उसके बाद इसकी रफ़्तार धीमी पड़ गई। हाल के हफ्तो में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार बढ़त और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता की वजह से रुपया कमजोरर हुआ है। साथ ही, फ़ॉरवर्ड्स मार्केट में ऐसी हलचल नहीं दिख रही है जिससे RBI के लिए इकोनॉमिक हेजिंग आसान हो सके। इसलिए, शायद RBI ने गोल्ड बॉन्ड की तरह ही इसे अभी बंद कर देना ही बेहतर समझा होगा।

FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम से बैंक डिपॉजिट पर पड़ा बड़ा असर

FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम से बैंक डिपॉजिट पर बड़ा असर पड़ा है। 15 जून से 31 जुलाई के बीच टाइम डिपॉजिट में 8.5 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसमें FCNR डिपॉजिट का करीब 3-3.5 लाख करोड़ रुपए का योगदान रहा है। SBI रिसर्च के मुताबिक अगस्त में टाइम डिपॉजिट 5 लाख करोड़ रुपए और बढ़ सकता है। इससे बैंकों को स्टेबल और सस्ते फंडिंग का फायदा मिलेगा। अतिरिक्त लिक्विडिटी से सरकारी बॉन्ड यील्ड में कमी आ सकती है।

FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम से किन बैंकों ज्यादा फायदा?

इससे प्राइवेट और सरकारी बैंकों के हिस्से में 42%-42% डिपॉजिट आया है। वहीं, विदेशी बैंकों के हिस्से में 15% डिपॉजिट आया है। इस स्कीम के जरिए HSBC ने 6.1 अरब डॉलर जुटाए हैं। HSBC के बाद SBI और ICICI बैंक ने काफी डिपॉजिट जुटाए है। HDFC बैंक इस रेस में पीछे रहा है।

एक्सपर्ट्स की राय

एक प्राइवेट बैंक के ट्रेज़री हेड ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि FCNR-B डिपॉज़िट स्कीम को मिले अच्छे रिस्पॉन्स की वजह से शायद सेंट्रल बैंक को अपना फैसला बदलना पड़ा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्कीम में जरूरत से ज्यादा पैसा आ गया है और ऐसे में अब सेंट्रल बैंक की तरफ इसको समय से पहले बंद करने का फैसला लिया गया है।

करूर वैश्य बैंक के ट्रेज़री हेड रामचंद्र रेड्डी ने कहा “स्कीम को समय से पहले बंद करना नीति में बदलाव के बजाय एक तरह का तालमेल बिठाने जैसा लग रहा है। FCNR-B फेसिलिटी को मिली जबरदस्त रिस्पॉन्स से पता चलता है कि इसके जरिए फंड जुटाने का मकसद काफी हद तक पूरा हो गया है और RBI अब इससे मिली लिक्विडिटी और फॉरेन एक्सचेंज पर पड़ने वाले इसके असर को मैनेज करने पर फोकस कर सकता है। मैं इसे नीति में किसी बदलाव के बजाय इस स्कीम में सोच-समझकर किए गए मामूली सुधार के तौर पर देखता हूं।”

 

 

Market Outlook : बाजार में गिरावट का सिलसिला रहा जारी, जानिए 18 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल