Purple Style Labs IPO Listing: लिस्टिंग पर 6% घटी आईपीओ निवेशकों की पूंजी, घाटे में चल रही लग्जरी कंपनी ने दिया शॉक

Purple Style Labs IPO Listing: कई दिग्गज डिजाइनर्स के कपड़े-गहने बेचने वाली पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों को मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹575 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹539.00 और NSE पर ₹535.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 6% से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे गए लेकिन फिर इसने रिकवरी की कोशिश भी की। फिलहाल BSE पर यह ₹546.00 (Purple Style Labs Share Price) पर है यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.04% घाटे में हैं।

Purple Style Labs IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 सितंबर से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.50 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.66 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,18,26,086 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹371.13 करोड़ अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी पीएसएल रिटेल में निवेश, ₹138.90 करोड़ सेल्स और मार्केटिंग, ₹103.13 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹66.84 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Purple Style Labs के बारे में

पर्पल स्टाइल लैब्स एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओमनी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। यह पर्नियाज पॉप-अप शॉप (Pernia’s Pop-Up Shop) के जरिए बच्चों से लेकर पुरुषों-महिलाओं के कपड़े, ज्वैलरी और एक्सेसरीज बेचती है। इसका फोकस शादियों और किसी खास मौके से जुड़ी लग्जरी चीजों पर है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह 1109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स से प्रोडक्ट्स लेकर दुनिया भर में बेच रही है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के 14 एक्सपीरिएंस सेंटर्स थे, जिसमें भारत में 12. लंदन में 1 और न्यूयॉर्क में 1 थे। यह एक ओमनी-चैनल बिनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जिबिशन शामिल हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों में टोटल इनकम में उठा-पटक के साथ इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में ₹47.71 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में 188.38 करोड़ के शुद्ध घाटे से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹285.40 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई। वहीं टोटल इनकम वित्त वर्ष 2024 में ₹510.03 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹494.00 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹567.07 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹371.40 करोड़ का टोटल कर्ज था।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO: आज, 7 सितंबर से ओपनिंग; ₹351 करोड़ के इश्यू में क्या लगाना चाहिए पैसा?

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO आज, 7 सितंबर से खुल रहा है। यह 9 सितंबर को बंद होगा। IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। इन निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस), ITI म्यूचुअल फंड और टॉरस म्यूचुअल फंड जैसे नाम शामिल हैं। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा।

IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर है। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।

क्या अप्लाई करना चाहिए?

SBI सिक्योरिटीज ने कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल, बेहतर रिटर्न प्रोफाइल, बेहतर होती बैलेंस शीट और स्केलेबल बिजनेस मॉडल को देखते हुए कट-ऑफ प्राइस पर इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।ब्रोकरेज के अनुसार, प्रणव कंस्ट्रक्शंस मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में रीडेवलपमेंट का काम करने वाली एक प्रमुख कंपनी है। वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच इसका रेवेन्यू 30.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट), EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉटाईजेशन से पहले की कमाई) 49.5% CAGR और शुद्ध मुनाफा 34.2% CAGR से बढ़ा। इसका रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड 25.1% और इक्विटी पर रिटर्न 28.9% रहा है।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस ने अपनी बैलेंस शीट से कर्ज भी काफी कम किया है। जुलाई 2026 तक इस पर उधारी घटकर ₹236 करोड़ हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में यह ₹538 करोड़ थी। SBI सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि इश्यू के बाद डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 1.1x से घटकर लगभग 0.3x हो जाएगा। ब्रोकरेज ने कहा कि 37 प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन, हर साल 7-8 नए प्रोजेक्ट्स जुड़ना और रीडेवलपमेंट में एंट्री की मुश्किल बाधाएं कंपनी को MMR में रीडेवलपमेंट के बढ़ते मौकों का फायदा उठाने की स्थिति में लाती हैं। प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ब्रांड प्री-सेल्स में भी मदद करता है, जिसमें लॉन्च के पहले साल के अंदर ही लगभग 60% बिक्री हो जाती है।

BP इक्विटीज ने भी इस IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। इसके पीछे प्रणव कंस्ट्रक्शंस का मुंबई रीडेवलपमेंट पर पूरा फोकस, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, बेहतर मार्जिन, डिमांड-सप्लाई की अनुकूल स्थिति और लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावनाओं जैसे कारण बताए गए हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि वैल्यूएशन उचित है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

IPO में 40 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 45 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इश्यू के लिए सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड और PNB इनवेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Pranav Constructions की वित्तीय सेहत

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 35.48 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 स्टॉक्स; चार लिस्टिंग और RVNL, Lupin, Lemon Tree, Tata Motors CV समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 48.50 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,961.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 4 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 362.57 प्वाइंट्स यानी 0.48% की बढ़त के साथ 76,515.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.25 प्वाइंट्स यानी 0.10% की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Molbio Diagnostics Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स ₹23.7 करोड़ के घाटे से ₹58.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो रेवेन्यू 4 गुना बढ़कर ₹99.7 करोड़ से ₹408.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 अगस्त से 4 सितंबर के बीच तेलंगाना के शमशाबाद में स्थित कोहेंस लाइफसाइंसेज के फॉर्मूलेशन प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद चार ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ।

Tata Motors Commercial Vehicles

टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी टीएमएल होल्डिंग्स बीवी ने इवेको ग्रुप के सभी मौजूदा कॉमन शेयरों को खरीदने के लिए वालंटरी टेंडर ऑफर दिया है। इसके लिए कंपनी हर शेयर पर 14.10 यूरो ऑफर कर रही है और इस भाव पर इवेको ग्रुप की वैल्यू 382 करोड़ यूरो है। इस खरीदारी के लिए टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी ने मॉर्गन स्टैनले और एमयूएफजी बैंक से फंडिंग का इंतजाम किया है। टेंडर ऑफर 7 सितंबर को खुलेगा और 26 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा।

Mazagon Dock Shipbuilders

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (MSETCL) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को ₹118 करोड़ का परचेज ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर पांच सब-स्टेशनों के लिए AI-बेस्ड कॉम्प्रिहेंसिव इन्फ्रा-सिक्योर प्रोजेक्ट की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग के लिए है।

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास को SJVN थर्मल से ₹903 करोड़ का एक ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 1,320 MW बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (BTPP) के फेज III के तहत है। इसमें प्लांट की बाउंड्री से लेकर बिहार के बक्सर में चौसा और पावनी कामरपुर तक ट्रैक के जरिए एरियल कनेक्शन के साथ एक परमानेंट साइडिंग बनाना है यानी कि पावर प्लांट तक कोयला या सामान की आवाजाही के लिए रेलवे कनेक्टिविटी तैयार करनी है।

Prime Focus

प्राइम फोकस के बोर्ड ने इक्विटी शेयर या डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹3,000 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने लेमन ट्री होटल, बोधगया और कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया को लेकर दो लाइसेंस एग्रीमेंट किए हैं। दोनों प्रॉपर्टीज का मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स संभालेगी। लेमन ट्री होटल, बोधगया में 75 कमरे होंगे, तो कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया में 70 कमरे होंगे।

Lupin

अमेरिका दवा नियामक एफडीए से लुपिन को मोडाफिनिल टैबलेट यूएसपी (100 एमजी और 200 एमजी) के लिए मंजूरी मिल गई है। ये टैबलेट नुवो फार्मा (आयरलैंड) डीएसी की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्र) प्रोविजिल (Provigil) के बायो-इक्विवेलेंट हैं। यह दवा वयस्कों में नार्कोलेप्सी, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) या शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर (SWD) के कारण बहुत अधिक नींद के इलाज के लिए है। IQVIA MAT के जुलाई 2026 डेटा के अनुसार अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट की अनुमानित सालाना बिक्री $7.07 करोड़ थी।

Brigade Enterprises

ब्रिगेड ग्रुप ने हैदराबाद के नियोपोलिस में ब्रिगेड बार्सिलोना लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट कुल 4.04 एकड़ जमीन पर फैला है और इससे ₹2,700 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।

Nava

नावा ने रूटीन इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस और ओवरहॉलिंग के काम के लिए अपनी दो 60 MW IPP यूनिट्स में से एक को 6 सितंबर से कुछ समय के लिए बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन लगभग 55-60 दिनों तक चल सकता है और कंपनी को उम्मीद है कि इस शटडाउन से उसके कारोबार को खास झटका नहीं लगेगा।

Urban Enviro Waste Management

अर्बन एनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट को अकोला म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से ₹219 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर पांच साल के लिए म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को घर-घर से इकट्ठा करने और उसे भोड (Bhod) में तय प्रोसेसिंग/डिस्पोडजल साइट तक ले जाने के लिए है। इसे दो साल तक और बढ़ाया जा सकता है।

Swiggy

बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने ₹491.99 करोड़ में स्विगी के 1.78 करोड़ शेयर खरीदे तो गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने ₹549.01 करोड़ में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। इन दोनों ट्रांजैक्शन से कुल 1.36% हिस्सेदारी का लेन-देन प्रति शेयर ₹276.10 के भाव पर हुआ।

Shankara Buildpro

ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने दो ट्रांजैक्शंस के जरिए शंकर बिल्डप्रो में ₹51.88 करोड़ में अतिरिक्त 1.64% हिस्सेदारी खरीदी है। कैपिटलके (CapitalK) के मालिकाना हक वाले कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने शंकर बिल्डप्रो के 2 लाख शेयर ₹1,296.99 के भाव पर और 2 लाख शेयर ₹1,297 के भाव पर खरीदे हैं। जून 2026 तक शंकर बिल्डप्रो में इस फंड की 1.6% हिस्सेदारी थी।

Unified Data Tech Solutions

कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स के फाउंडर विकास विजयकुमार खेमानी ने यूनिफाइड डेटा टेक सॉल्यूशंस में अपनी पर्सनल होल्डिंग से 1.07 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹4.17 करोड़ में प्रति शेयर ₹387.61 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में उनकी 1.05% हिस्सेदारी थी।

CARE Ratings

टेनकोर पार्टनर्स मास्टर ने प्रति शेयर ₹1,725 के भाव पर ₹73.57 करोड़ में केयर रेटिंग्स के 4.26 लाख शेयर (1.41% हिस्सेदारी) बेच दिए। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 1.56% हिस्सेदारी थी।

ESDS Software Solution

एंकरेज कैपिटल फंड की एंकरेज कैपिटल स्कीम I ने ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के 10.03 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹76.01 करोड़ में ₹757.44 के भाव पर बेच दिए। शुक्रवार को कंपनी के शेयर लिस्ट होने से पहले एंकरेज कैपिटल के पास ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन में 1.13% हिस्सेदारी थी।

Priority Jewels

केआईएफएस एंटरप्राइज ने प्रायोरिटी ज्वेल्स के 1.25 लाख शेयर ₹2.90 करोड़ में ₹232.30 के भाव पर तो मुंबई की एनबीएफसी आगम कैपिटल की सहयोगी कंपनी आगम इन्वेस्टमेंट्स ने 1.98 लाख शेयर ₹4.67 करोड़ में ₹235.92 के भाव पर खरीदे हैं। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.79% हिस्सेदारी के बराबर शेयर खरीदे हैं।

Gland Pharma

शंघाई फोसुन फार्मा की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी प्रमोटर फोसुन फार्मा इंडस्ट्रियल ने ग्लैंड फार्मा के 75.05 लाख शेयर (4.5% हिस्सेदारी) ₹2,121.5 करोड़ में बेच दिए। हर शेयर ₹2,826.6 के भाव पर 11 इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स – कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, सोसिएट जेनरल, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, सुंदरम म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। जून 2026 तक इस फार्मा कंपनी में मिरे एसेट की 5.69%, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी की हिस्सेदारी 1.79% थी तो फोसुन फार्मा की हिस्सेदारी 51.77% थी।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज के पूर्व सीईओ और एमडी पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने 0.51% हिस्सेदारी के बराबर 21 लाख शेयर ₹164.85 करोड़ में प्रति शेयर ₹785 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, कोटक महिंद्रा एएमसी, 360 ONE एसेट मैनेजमेंट और कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स ने खरीदे हैं।

Nexus Select Trust

प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ब्लैकस्टोन की कंपनी बीआरईपी एशिया एसजी फोरम होल्डिंग (NQ) से नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के 74.95 लाख यूनिट ₹122.92 करोड़ में प्रति यूनिट ₹164 के भाव पर खरीदे हैं।

Purple Style Labs

आज पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics, Phychem Technologies

आशुषोष फाइबर और शांति इनऑर्गेनिक्स के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो फिकेम टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: शिपरॉकेट, बिहारी लाल इंजीनियरिंग, कोट्यार्क इंडस्ट्रीज, एसएसपीएन फाइनेंस

एक्स-डिविडेंड: गीसी वेंचर्स, टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स, ट्रांसपेक इंडस्ट्री

एक्स-स्पिन ऑफ: एचईजी

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आशीषकुमार चौहान टाटा संस का चेयरमैन बनने की रेस में नहीं, NSE ने रिपोर्ट्स को खारिज किया

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 6 सितंबर को उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि NSE के MD और CEO आशीषकुमार चौहान Tata Sons के चेयरमैन बन सकते हैं।

NSE ने साफ कहा कि ये खबरें एक्सचेंज के पास मौजूद किसी जानकारी पर आधारित नहीं हैं। चौहान ने भी इन खबरों को गलत बताया है। ये सारी बातें ऐसे समय में हो रही हैं, जब NSE आईपीओ लाकर शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रहा हैष

PTI की रिपोर्ट के बाद सफाई

यह सफाई 5 सितंबर की PTI रिपोर्ट के बाद आई। रिपोर्ट में Tata Sons के अगले चेयरमैन की दौड़ में Tata Steel के CEO टीवी नरेंद्रन और Tata Sons के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल नरेंद्रन और अग्रवाल के साथ चौहान का नाम भी शामिल किया गया था।

NSE के मुताबिक, चौहान ने ऐसी खबरों रो साफ तौर पर खारिज किया है। उन्होंने इन्हें अटकलों पर आधारित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।

चौहान ने भी किया इनकार

चौहान ने NSE को भेजे ईमेल में कहा कि Tata Sons के चेयरमैन पद से उनका नाम जोड़ने वाली खबरें पूरी तरह निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अभी NSE की जिम्मेदारियों पर है। खासतौर पर एक्सचेंज के प्रस्तावित IPO पर उनका फोकस है।

NSE IPO पर ध्यान

चौहान ने कहा कि वह बोर्ड और शेयरधारकों के साथ मिलकर NSE की सफल लिस्टिंग के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया में पूरी तरह लगे हुए हैं।

NSE लंबे समय से अपने IPO की तैयारी कर रहा है। ऐसे में कंपनी के नेतृत्व की भूमिका अहम है। चौहान ने साफ किया है कि फिलहाल उनका ध्यान NSE की लिस्टिंग और उससे जुड़े काम पर है।

GST Council Meeting: 12 सितंबर की मीटिंग टली, ब्रिक्स की वजह से अब 7 अक्टूबर को होगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

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Pranav Constructions IPO: 7 सितंबर से खुलेगा इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Pranav Constructions IPO: कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO 7 सितंबर से खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया गया है। IPO में निवेश के लिए कम से कम 120 शेयरों की बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,880 लगाने होंगे। इसमें 9 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इस आईपीओ का GMP भी काफी शानदार है।

₹351 करोड़ का है IPO

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO करीब ₹351 करोड़ का है। इसमें ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, निवेशक शेयरधारक BioUrja India Infra 28,56,869 शेयर OFS के जरिए बेचेगा। इन शेयरों की कीमत करीब ₹35.43 करोड़ है।

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है।

Pranav Constructions IPO का GMP

प्रणव कंस्ट्रक्शंस को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP 43 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 34.68% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझनी चाहिए।

मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस

Pranav Constructions की शुरुआत 2003 में हुई थी। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। खासतौर पर कंपनी का फोकस MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों पर है।

C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई, पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर कंपनी इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हैं। इसी अवधि में दूसरे डेवलपर्स के पास 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।

Pranav Constructions की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹761.60 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹636.27 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में यह ₹71.32 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹62.25 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का ROCE 24.34% रहा। FY25 में यह 24.83% था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPOs: इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 नए इश्यू, ₹7100 करोड़ से ज्यादा जुटाने की होगी कोशिश

7 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से ब्लॉकबस्टर होने वाला है। नए हफ्ते में 16 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 12 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। ये 12 कंपनियां 7100 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की कोशिश करेंगी। लिस्ट में रेंटोमोजो, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, करमतारा इंजीनियरिंग, मणिपाल पेमेंट, एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी जैसे नाम भी शामिल हैं। अकेले 9 सितंबर को मेनबोर्ड सेगमेंट में 6 नए IPO खुलने वाले हैं।

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Manika Plastech IPO: यह 11 सितंबर को खुलेगा और 16 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹92.50 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी फाइनल नहीं है। कंपनी NSE और BSE पर 21 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

मेनबोर्ड सेगमेंट में 3 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में शेयर बाजार में 9 कंपनियों के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसके बाद 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लगा सकेंगे पैसे; चेक करें प्राइस बैंड, GMP जैसी डिटेल

करमतारा इंजीनियरिंग अपना ₹875 करोड़ का IPO ला रही है। यह 9 सितंबर को खुलने वाला है। क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। इसमें ₹675 करोड़ के 2.66 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹200 करोड़ के 78.74 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह और राजीव सिंह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू में ₹241-₹254 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 59 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत करेंगे। करमतारा इंजीनियरिंग लिमिटेड रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। यह सोलर स्ट्रक्चर (फिक्स्ड-टिल्ट और ट्रैकर); सोलर एनर्जी और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए फास्टनर; और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन हार्डवेयर फिटिंग्स के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर काम करती है।

कंपनी विंड टर्बाइन के लिए ट्यूबलर टावर बनाने की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ विंड एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है। करमतारा इंजीनियरिंग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 50 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह, राजीव सिंह, इंद्रजीत सिंह, इंद्रजीत तनवीर सिंह ट्रस्ट और इंद्रजीत राजीव सिंह ट्रस्ट हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। JM फाइनेंशियल, ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Kanohar Electricals IPO: ट्रांसफॉर्मर कंपनी की 16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी, ₹1056 करोड़ का IPO 8 सितंबर से

Karamtara Engineering की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में करमतारा इंजीनियरिंग का रेवेन्यू 36 प्रतिशत बढ़कर ₹4,316.36 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹228.75 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,030.13 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,165.36 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹139.33 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 19.69 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI से ग्लोबल बाजारों तक, आकाश अंबानी ने बताया जियो का अगला रोडमैप

AI से ग्लोबल बाजारों तक, आकाश अंबानी ने बताया जियो का अगला रोडमैप

Akash Ambani

10 साल पूरे होने पर कर्मचारियों को लिखा पत्र, अगले दशक की दिशा बताई
मुकेश अंबानी के विजन और मार्गदर्शन के लिए जताया आभार

मुंबई, 5 सितंबर, 2026: AI, कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी पर अगले एक दशक में जियो का फोकस रहेगा। कंपनी भारत में तैयार की जा रही टेक्नोलॉजी को ग्लोबल बाजारों तक ले जाने की तैयारी भी कर रही है। जियो के 10 साल पूरे होने पर कर्मचारियों को लिखे पत्र में चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी के अगले दौर का यही रोडमैप सामने रखा है।

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो अब टेलीकॉम से काफी आगे बढ़ चुकी है। कंपनी कनेक्टिविटी के साथ डिजिटल प्रोडक्ट्स, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और AI के क्षेत्र में अपनी टेक्नोलॉजी बना रही है। अगला लक्ष्य इन टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर भारतीयों तक पहुंचाने के साथ दुनिया के दूसरे बाजारों में भी ले जाना है।

AI को उन्होंने आने वाले दौर की बड़ी ताकत बताया। उनके मुताबिक AI लोगों और कारोबार के काम करने, नई चीजें बनाने और समस्याओं को हल करने का तरीका बदल देगा। जियो इसी बदलाव के लिए अपनी टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है।

आकाश का यह संदेश ऐसे समय आया है जब जियो अपने अगले कॉरपोरेट चरण की ओर बढ़ रही है। कंपनी की लिस्टिंग की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। हालांकि कर्मचारियों के नाम लिखे इस पत्र का मुख्य जोर IPO के बजाय अगले दशक की टेक्नोलॉजी और ग्लोबल महत्वाकांक्षाओं पर रहा।

पत्र में आकाश ने जियो की दस साल की यात्रा का श्रेय कर्मचारियों को भी दिया। उन्होंने कहा कि जियो की कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि उन लोगों की है जिन्होंने चुनौतियां स्वीकार कीं और ग्राहक को केंद्र में रखकर काम किया।

आकाश अंबानी ने अपने पिता और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का भी खास तौर पर धन्यवाद किया। उन्होंने जियो की यात्रा को संभव बनाने के लिए उनके विजन और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। आकाश ने कहा कि पहले दशक में गर्व करने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।

Refurbished Phone खरीदने से पहले ये 8 चीजें जरूर चेक करें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Refurbished Phone: भारत और दूसरे ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों की वजह से स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं, इसलिए ज्यादा खरीदार Refurbished स्मार्टफोन की ओर रुख कर रहे हैं। हमेशा की तरह, Apple और Samsung के पहले इस्तेमाल किए गए डिवाइस की बहुत ज्यादा मांग है। आमतौर पर इन फोन्स को दोबारा बेचने से पहले अच्छी तरह जांच, टेस्ट और जरूरत पड़ने पर रिपेयर किया जाता है। रिफर्बिश्ड फोन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कम कीमत में बेहतर या नया हार्डवेयर वाला फोन ले सकते हैं। यानी नए फोन की पूरी कीमत चुकाने के बजाय, आप हाल ही में लॉन्च हुए किसी मॉडल को कम दाम में खरीद सकते हैं। हालांकि, Refurbished फोन खरीदने में कई जोखिम भी होते हैं। खरीदने से पहले यूजर्स को कई बातों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए, जैसे कि सेलर की  विश्वसनीयता, डिवाइस के हार्डवेयर फीचर्स, वारंटी वगैरह।

सुरक्षित Refurbished फोन सेलर कैसे चुनें

अपने इस्तेमाल के लिए Refurbished स्मार्टफोन मॉडल चुनने से पहले ही, आपको एक भरोसेमंद सेलर चुनना होगा। क्योंकि सिर्फ एक भरोसेमंद सेलर ही फोन की हालत, उसकी हिस्ट्री, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी के बारे में सही जानकारी दे सकता है।

आमतौर पर सबसे बेहतर विकल्प कंपनी से सर्टिफाइड Refurbished फोन खरीदना होता है। Samsung जैसी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां अपने सर्टिफाइड Refurbished फोन कम कीमत पर बेचती हैं। Samsung के Certified Re-Newed प्रोग्राम से यूजर्स Galaxy S25 Ultra और Galaxy S25 जैसे मॉडल कम कीमत पर पा सकते हैं।

ब्रांड्स की तरफ से सीधे बेचे जाने वाले पुराने (pre-owned) फोन्स की इन-हाउस जांच, फंक्शनल टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर वैलिडेशन की जाती है। कई ब्रांड्स तो बिक्री के लिए लिस्ट करने से पहले डेटा हटा देते हैं और खराब पार्ट्स को ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स से बदल भी देते हैं। इसके अलावा, आप मैन्युफैक्चरर की वेबसाइट पर जाकर उनके ऑफिशियल रिफर्बिश्ड प्रोग्राम के बारे में पता कर सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि डिवाइस के साथ वैलिड वारंटी मिल रही है या नहीं। कुछ कंपनियां Refurbished फोन्स खरीदने वालों को अतिरिक्त फायदे और डिस्काउंट भी देती हैं।

इसके अलावा, कोई ऐसा भरोसेमंद रिटेलर भी चुना जा सकता है जो लंबे समय से रिफर्बिश्ड फोन बेचने का काम कर रहा हो। लेकिन खरीदारी करने से पहले रिटेलर से फोन की कंडीशन, ग्रेड और वारंटी के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें। फोन खरीदने के बाद उसका इनवॉइस संभालकर रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही फोन खरीदने से पहले रिटेलर की रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी भी अच्छी तरह पढ़ लें।

जो खरीदार पैसे देने से पहले फोन को अच्छी तरह देखना-परखना चाहते हैं, वे Refurbished फोन बेचने वाले स्टोर पर जा सकते हैं। स्टोर पर जाकर आप हैंडसेट, डिस्प्ले, कैमरा और फोन की कुल हालत की जांच कर सकते हैं। साथ ही, खरीदारों को वारंटी, रिटर्न की अवधि और Refurbished के दौरान इस्तेमाल किए गए पार्ट्स की जांच अच्छे से कर लेनी चाहिए। इसके अलावा, ऐसे सेलर से सावधान रहें जो IMEI नंबर या खरीद का बिल देने से मना करते हैं।

Refurbished फोन खरीदने से पहले क्या-क्या चेक करें

खरीद पूरी करने से पहले, फोन को ध्यान से देखें और उसकी पहचान वेरिफाई करें। डिवाइस पर दिख रहे IMEI नंबर को चेक करें और अगर मुमकिन हो, तो उसे बॉक्स या इनवॉइस पर लिखे IMEI नंबर से मिलाएं। भारत में खरीदार ‘Sanchar Saathi CEIR’ सर्विस के जरिए IMEI स्टेटस चेक कर सकते हैं।

वहीं, iPhone खरीदने वालों को यह पक्का करना चाहिए कि सेलर ने अपने Apple अकाउंट से साइन आउट कर लिया है या नहीं। जबकि Android खरीदने वालों को यह चेक करना चाहिए कि पुराना Google अकाउंट हटा दिया गया है या नहीं।

अब अगर आप iPhone खरीद रहे हैं, तो Settings में जाकर Battery Health जरूर चेक करें। Android फोन में भी Settings के अंदर बैटरी की क्षमता की जानकारी मिलती है, लेकिन अलग-अलग कंपनियों के फोन में यह विकल्प अलग हो सकता है।

Refurbished फोन खरीदने से पहले आप इन चीजों को भी जरूर चेक करें:

  • डिस्प्ले पर स्क्रैच या वर्टिकल लाइन तो नहीं है, यह ध्यान से देखें।
  • कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन को अच्छी तरह चेक करें।
  • सभी बटन, फिंगरप्रिंट सेंसर या Face ID सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह जांचें।
  • फोन आपके SIM को सपोर्ट करता है या नहीं और आपके लिए जरूरी नेटवर्क बैंड्स को सपोर्ट करता है या नहीं, यह जरूर देखें।
  • सुनिश्चित करें कि फोन को ठीक से रीसेट किया गया है और पिछले मालिक का कोई डेटा उसमें मौजूद नहीं है।
  • फोन खरीदते समय बिल और वारंटी जरूर मांगें।

खरीदार क्लासिफाइड लिस्टिंग और व्यक्तिगत विक्रेताओं पर तभी विचार कर सकते हैं जब वे फोन को खुद देख-परख सकें। पेमेंट करने से पहले, यह पक्का कर लें कि चुना गया फोन अकाउंट-लॉक न हो या उसके खोने या चोरी होने की रिपोर्ट न हो। साथ ही, यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे फोन के लिए पहले से पेमेंट न करें जिसे वे देख-परख नहीं सकते, खासकर तब जब विक्रेता कोई वैध इनवॉइस या मालिकाना हक का सबूत न दे सके।

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