Shankesh Jewellers Q1 Results: लिस्टिंग के बाद पहला रिजल्ट! ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा डबल, रेवेन्यू 55% बढ़ा

Shankesh Jewellers Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी Shankesh Jewellers ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹43 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹22 करोड़ था। यानी मुनाफा करीब दोगुना हो गया। ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 55.1% बढ़कर ₹424 करोड़ हो गया। पिछले

EBITDA भी मजबूत रहा। यह 92.4% बढ़कर ₹61 करोड़ हो गया। पिछले साल EBITDA ₹32 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.6% से बढ़कर 14.4% हो गया।

यह लिस्टिंग के बाद कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है। Shankesh Jewellers के शेयर 25 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हुए थे।

बोर्ड ने नतीजों को मंजूरी दी

Shankesh Jewellers के बोर्ड की 10 सितंबर को बैठक हुई। इसमें जून तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन नतीजों को मंजूरी दी गई। ऑडिटर V J Shah & Co की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को भी मंजूरी मिली।

कंपनी की कुल आय ₹423.61 करोड़ रही। पिछले साल यह ₹273.18 करोड़ थी। कुल खर्च बढ़कर ₹365.65 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹244.33 करोड़ था।

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹57.96 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹28.85 करोड़ था। टैक्स खर्च भी बढ़कर ₹14.73 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.25 करोड़ था। कंपनी की बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹3.68 रही। पिछले साल यह ₹1.84 थी।

IPO से जुटाए ₹274 करोड़

Shankesh Jewellers का IPO जून तिमाही खत्म होने के बाद आया था। इसमें 2.95 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। इनका फेस वैल्यू ₹5 था। इश्यू प्राइस ₹93 प्रति शेयर था।

फ्रेश इश्यू से कंपनी ने ₹274.18 करोड़ जुटाए। इसके अलावा प्रमोटर शेयरधारकों ने 1 करोड़ शेयर OFS में बेचे। इससे ₹93 करोड़ जुटाए गए।

शेयर का हाल

Shankesh Jewellers का शेयर 10 सितंबर को NSE पर 0.53% की तेजी के साथ ₹98.45 पर बंद हुआ। यह फिलहाल अपने लिस्टिंग प्राइस से 3.83% ऊपर है। कंपनी का मार्केट कैप 1.45 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 6 महीनों में 85% और 3 साल में 160% तेजी, अब 5 टुकड़ों में टूटेगा शेयर; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी TAAL Tech Ltd का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इस कॉरपोरेट एक्शन के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

कंपनी का पुराना नाम TAAL Enterprises Limited था। स्टॉक स्प्लिट की घोषणा अगस्त में हुई थी। यह कंपनी ग्लोबल ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स, EPCs और ऑपरेटर्स के लिए इंजीनियरिंग डिजाइन पार्टनर है। इसका हेडक्वार्टर बेंगलुरु में है। इसके कस्टमर्स दुनिया भर में हैं। जिन प्रमुख इंडस्ट्रीज को कंपनी अपनी सर्विस देती है, उनमें आर्किटेक्चर, प्लांट इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इंडस्ट्रियल मशीनरी, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, ऑटोमोटिव, ऑफ-हाइवे, ट्रेलर्स और ट्रक्स, रेल शामिल हैं।

शेयर की कीमत BSE पर 10 सितंबर को 6 प्रतिशत बढ़त के साथ 5188.30 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,242 रुपये और एडजस्टेड लो 2,610 रुपये है।

TAAL Tech का शेयर 6 महीनों में 85 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत और 3 महीनों में 50 प्रतिशत उछला है। 6 महीनों में यह 85 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 3 साल में कीमत लगभग 160 प्रतिशत और 10 साल में 2200 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी है। TAAL Tech में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.80 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TAAL Tech का रेवेन्यू 63.23 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 18.35 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 58.87 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 190.10 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 53.75 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 172.48 करोड़ रुपये रही।

SS Retail IPO: मोबाइल फोन रिटेल चेन का इश्यू 16 सितंबर से, जुटाए जाएंगे ₹500 करोड़; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SS Retail IPO: मोबाइल फोन रिटेल चेन का इश्यू 16 सितंबर से, जुटाए जाएंगे ₹500 करोड़; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

SS रिटेल अपना ₹500.75 करोड़ का IPO ला रही है। यह 16 सितंबर को खुलने वाला है। इसमें ₹360.75 करोड़ के 85.08 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹140 करोड़ के 33.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख, भाविनी हर्षल पारेख और शेयरहोल्डर राखी नरेंद्र फिरोदिया शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 15 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर है। लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होने वाली है। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होंगे।

IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है SS Retail

कंपनी मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली एक मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में काम करती है। इसका फोकस मुख्य रूप से टियर II, टियर III और उससे छोटे शहरों पर है। कंपनी अपने खुद के ब्रांड SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space के तहत स्टोर चलाती है।

कंपनी खुद के स्टोर और फ्रेंचाइजी वाले स्टोर, दोनों तरह के मॉडल के तहत काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स में मोबाइल फोन, पहले इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन, एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। साथ ही यह मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान, EMI सुविधा, एंटी-थेफ्ट सॉफ्टवेयर और मोबाइल रिचार्ज जैसी सर्विसेज भी देती है।

SS Retail का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹2,352.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹59.28 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹162.59 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,599.96 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹39.86 करोड़ रहा था।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

SS रिटेल अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान नए स्टोर्स खोलने के लिए ‘फिट-आउट’ (सजावट और जरूरी साजो-सामान) को लेकर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

NSE IPO: ये 5 कंपनियां आईपीओ में बेचेगी की हिस्सेदारी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO के बारे में बड़ा अपडेट, 11 सितंबर को होगा शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान

एनएसई के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो तैयार रहें। एक्सचेंज 11 सितंबर यानी शुक्रवार को शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान करेगा। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। एनएसई ने 9 सितंबर को सेबी के पास अपेडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। यह इस बात का संकेत है कि एक्सचेंज आईपीओ का प्रोसेस जल्द पूरा करना चाहता है।

इस आईपीओ में कुछ पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे शेयर

NSE के आईपीओ के अब 23,000 करोड़ रुपये के रहने का अनुमान है। पहले एक्सचेंज का प्लान 30,0000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स ने अब आईपीओ के जरिए पहले से कम शेयर बेचने का फैसला किया है। इस वजह से आईपीओ का साइज कम रहेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है।

एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रह सकती है

इनवेस्टर्स को इस आईपीओ के बारे में कुछ बातें समझ लेने की जरूरत है। शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रह सकता है। एक्सचेंज अब 5.5 फीसदी शेयर बेच रहा है, जिसके लिए एनएसई की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। पहले एक्सचेंज की वैल्यूएशन 5.26 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में बीएसई से काफी आगे हैं एनएसई

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से है। लेकिन, NSE बीएसई से काफी आगे है। कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) दोनों में ही इसकी हिस्सेदारी बीएसई से काफी ज्यादा है। हालांकि, बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई के शेयर सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होंगे। बीएसई के शेयर भी सिर्फ एनएसई पर लिस्ट होंगे। किसी एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर शेयर लिस्ट कराने की इजाजत नहीं है।

बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद दिया है छप्परफाड़ रिटर्न

बीएसई के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से जिस तरह का रिटर्न दिया है, उससे इनवेस्टर्स की दिलचस्पी एनएसई के आईपीओ में बढ़ी है। इनवेस्टर्स लंबे समय से एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, यह तय है कि बीएसई और एनएसई देश के दो सबसे बड़े एक्सचेंज हैं। देश में स्टॉक मार्केट्स में पार्टिसिपेशन बढ़ने का फायदा दोनों ही एक्सचेंजों को होगा।

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बीएसई का शेयर 2017 में एनएसई पर लिस्ट हुआ था

बीएसई का आईपीओ 2017 की शुरुआत में आया था। कंपनी ने 806 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। शेयर की लिस्टिंग करीब 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 1,085 रुपये पर हुई थी। तब बीएसई की वैल्यूएशन करीब 4,400 करोड़ रुपये लगाई गई थी। लिस्टिंग के बाद से इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। स्टॉक की कीमत 3,273 रुपये चल रही है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सिर्फ 9 साल में करीब 32 गुना किया है।

NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।

सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

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प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।

Pranav Constructions IPO: 126 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, 10 सितंबर को; ग्रे मार्केट में तगड़ा है प्रीमियम

Pranav Constructions IPO: प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO 9 सितंबर को 126.34 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 268.54 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 217.73 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 45.31 गुना भरा। अब आज, 10 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार है। इसके बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है।

IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर था।

जिन लोगों ने प्रणव कंस्ट्रक्शंस IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।

IPO में Pranav Constructions सिलेक्ट करें।

अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।

‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।

इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।

ड्रॉपडाउन मेन्यू से Pranav Constructions IPO चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।

‘कैप्चा’ डालें।

‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

Pranav Constructions की वित्तीय सेहत

प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 32.26 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Hero Motors IPO: ₹1000 करोड़ के इश्यू का प्राइस बैंड फिक्स, इस भाव पर लगा सकेंगे बोली

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NSE IPO पर आई सबसे बड़ी खबर! तगड़ी डिमांड, फिर भी क्यों घटा आईपीओ का साइज? जानिए क्या है माजरा

NSE IPO Latest News: ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ (NSE) के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बेहद बड़ी खबर आई है। NSE ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा कर दिया है।

हालांकि, इस बार आईपीओ से जुड़ा एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। कंपनी के इस मेगा आईपीओ का कुल साइज घटकर लगभग ₹23,000 करोड़ रह गया है, जबकि पहले इसके ₹30,000 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान था।

आइए समझते हैं कि आईपीओ का साइज क्यों घटा, कौन-कौन से बड़े निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं और इसका बाजार पर क्या असर होगा।

क्यों घटा NSE के IPO का साइज?

एनएससी का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई खुद कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है और आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं।

जून में दाखिल किए गए ओरिजिनल DRHP में 14.89 करोड़ शेयर यानी NSE की कुल इक्विटी का लगभग 6% बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन नए ड्राफ्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख सरकारी बीमा कंपनियों और वैश्विक वित्तीय दिग्गज मॉर्गन स्टेनली ने आईपीओ के जरिए बेचे जाने वाले अपने शेयरों की संख्या कम कर दी है।

किन-किन दिग्गजों ने घटाया अपना स्टेक सेल?

सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटाई है, उनमें ये प्रमुख कंपनियां शामिल हैं:

सरकारी बीमा कंपनियां:

GIC Re (General Insurance Corp): पहले 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था।

New India Assurance: पहले 1.05 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी।

National Insurance Company: पहले 60 लाख शेयर।

United India Insurance: पहले 60 लाख शेयर।

(शुरुआती ड्राफ्ट में ये चारों कंपनियां मिलकर कुल 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थीं, जिसमें अब कटौती की गई है।)

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी संस्था MS Strategic (Mauritius) Ltd ने भी अपनी हिस्सेदारी बिक्री कम की है। मूल प्रॉस्पेक्टस में यह संस्था 1.60 करोड़ शेयर बेचने वाली थी।

संस्थागत निवेशकों में बंपर क्रेज

भले ही मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी हो, लेकिन NSE के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का उत्साह है। सूत्रों का कहना है कि एंकर और संस्थागत निवेशकों की ओर से लगभग ₹85,000 करोड़ की डिमांड आ चुकी है। इससे यह साफ पता चलता है कि बड़े डोमेस्टिक और विदेशी निवेशकों (FIIs) के बीच भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने की जबरदस्त होड़ मची हुई है।

एक दशक लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक कदम

यह कदम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर है। एनएसई ने लगभग 10 साल पहले पहली बार आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की थी, जो कई तरह की विनियामक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण रुकी हुई थी। UDRHP दाखिल होना यह संकेत देता है कि अब जल्द ही यह मेगा आईपीओ दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देने वाला है।

क्या हो सकता है प्राइस बैंड, कब से खुलेगा और क्या चल रहा GMP?

बाजार सूत्रों के अनुसार एनएसई आईपीओ का अनुमानित प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। यह आईपीओ 18 सितंबर 2026 से खुलने और 22 सितंबर को बंद होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रे मार्केट में इसे लेकर बाजार का माहौल गरम है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसका GMP फिलहाल ₹225 से ₹250 के प्रीमियम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वैसे बीते कुछ दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manika Plastech IPO: 11 सितंबर से खुलेगा इश्यू, 40% पर पहुंचा GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Manika Plastech IPO: मुंबई की प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Manika Plastech का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 सितंबर से खुलेगा। इसमें निवेशक 16 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए ₹40 से ₹43 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

IPO में ₹92.5 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर इकाई VRIDAA Holding Trust 76.74 लाख शेयर तक OFS में बेचेगी।

Manika Plastech IPO का GMP

मणिका प्लास्टेक के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹17 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 40% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है। इसे लिस्टिंग की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

₹54.9 करोड़ मशीनरी पर खर्च करेगी कंपनी

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹54.9 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च होंगे। वहीं, ₹15 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एंकर निवेशकों के लिए बोली 10 सितंबर को खुलेगी। शेयर अलॉटमेंट 17 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 सितंबर से होने की संभावना है। IPO के लिए Pantomath Capital Advisors को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।

क्या कारोबार करती है Manika Plastech?

Kapadia परिवार की प्रमोटेड Manika Plastech रिजिड पॉलिमर पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी का फोकस डिजाइन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर है। कंपनी बैटरी केसिंग, पेल और कंटेनर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और थिन-वॉल कंटेनर जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इनमें स्टैंडर्ड और कस्टमाइज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट शामिल हैं।

कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है। कंपनी व्हीकल बैटरी, इनवर्टर, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेंट्स, फूड एंड डेयरी और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे सेक्टर्स को प्रोडक्ट सप्लाई करती है।

जून तिमाही में ₹13 करोड़ का प्रॉफिट

जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। इस दौरान रेवेन्यू ₹162.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7.3% बढ़कर ₹436 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹77.9 करोड़ की बकाया उधारी थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mahatransco IPO: आईपीओ से 10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।

Maharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।

इस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, “इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है।” इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।

मनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।

शेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।

रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।