Pranav Constructions IPO: 126 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, 10 सितंबर को; ग्रे मार्केट में तगड़ा है प्रीमियम

Pranav Constructions IPO: प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO 9 सितंबर को 126.34 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 268.54 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 217.73 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 45.31 गुना भरा। अब आज, 10 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार है। इसके बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है।

IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर था।

जिन लोगों ने प्रणव कंस्ट्रक्शंस IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।

IPO में Pranav Constructions सिलेक्ट करें।

अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।

‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।

इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।

ड्रॉपडाउन मेन्यू से Pranav Constructions IPO चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।

‘कैप्चा’ डालें।

‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

Pranav Constructions की वित्तीय सेहत

प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 32.26 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO: 7 सितंबर से खुलेगा इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Pranav Constructions IPO: कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO 7 सितंबर से खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया गया है। IPO में निवेश के लिए कम से कम 120 शेयरों की बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,880 लगाने होंगे। इसमें 9 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इस आईपीओ का GMP भी काफी शानदार है।

₹351 करोड़ का है IPO

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO करीब ₹351 करोड़ का है। इसमें ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, निवेशक शेयरधारक BioUrja India Infra 28,56,869 शेयर OFS के जरिए बेचेगा। इन शेयरों की कीमत करीब ₹35.43 करोड़ है।

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है।

Pranav Constructions IPO का GMP

प्रणव कंस्ट्रक्शंस को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP 43 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 34.68% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझनी चाहिए।

मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस

Pranav Constructions की शुरुआत 2003 में हुई थी। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। खासतौर पर कंपनी का फोकस MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों पर है।

C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई, पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर कंपनी इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हैं। इसी अवधि में दूसरे डेवलपर्स के पास 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।

Pranav Constructions की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹761.60 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹636.27 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में यह ₹71.32 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹62.25 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का ROCE 24.34% रहा। FY25 में यह 24.83% था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।