Mahatransco IPO: आईपीओ से 10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।

Maharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।

इस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, “इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है।” इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।

मनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।

शेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।

रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।