IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; ग्रे मार्केट में सबसे तगड़ी इसकी सेहत

IPO News: आज 9 सितंबर को निवेशकों के लिए छह मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं। मेनबोर्ड का मतलब ऐसी छह कंपनियों के आईपीओ खुले हैं, जिनके शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने हैं। इनमें डिजिटल पेमेंट, कंज्यूमर रेंटल, इंजीनियरिंग, एसेट रिकंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ये सभी आईपीओ 11 सितंबर तक खुले रहेंगे। इनमें से मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment and Identity Solutions) के साथ-साथ ऑनलाइन फर्नीचर और एप्लाएंस रेंटल प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो (Rentomojo) अहम हैं और बड़े आईपीओ में शुमार हैं। ग्रे मार्केट में सबकी सेहत मजबूत दिख रही है लेकिन ध्यान दें कि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निवेश का फैसला जीएमपी नहीं बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

Manipal Payment and Identity Solutions IPO

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस के ₹805 करोड़ के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹322-₹339 और लॉट साइज 44 शेयर है। ग्रे मार्केट में इसके शेयर आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹33 यानी 9.73% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इस इश्यू के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और बाकी शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।

Rentomojo IPO

रेंटोमोजो के ₹1256 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशक ₹384-₹404 के प्राइस बैंड और ₹37 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर ₹140 के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं यानी जीएमपी 34.65% है। इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

LCC Projects IPO

सिंचाई और पानी की सप्लाई से जुड़े काम करने वाली एलसीसी प्रोजेक्ट्स के ₹427 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹139-₹146 और लॉट साइज 102 शेयर है। इस इश्यू के तहत ₹258 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट में यह ₹40 यानी 27.40% के प्रीमियम पर है।

Karamtara Engineering IPO

रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइन्स से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली करमतारा इंजीनियरिंग के ₹875 करोड़ के आईपीओ में निवेशक ₹241-₹254 के प्राइस बैंड और 59 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत ₹675 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसकी जीएमपी ₹65 यानी 25.59% है।

Asset Reconstruction Company IPO

एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के ₹733 करोड़ के आईपाओ के तहत निवेशक ₹132-₹139 के प्राइस बैंड और ₹107 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है। फिलहाल ग्रे मार्केट में यह ₹28 यानी 20.14% के प्रीमियम पर है।

Steamhouse India IPO

नाइट्रोजन का पाइपलाइन नेटवर्क चलाने वाली स्टीमहाउस इंडिया के ₹414 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹77-₹81 और लॉट साइज ₹185 शेयर है। ग्रे मार्केट में यह आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹19 यानी 23.46% की जीएमपी पर है। इस इश्यू के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software Share: लगातार तीसरे दिन 20% का अपर सर्किट, IPO प्राइस से 201% चढ़ा शेयर; ₹1550 का टारगेट

ESDS Software Solutions के शेयर में मंगलवार को भी जोरदार तेजी रही। शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंचकर ₹1,289.55 पर आ गया। इसके साथ ही IPO प्राइस के मुकाबले शेयर करीब 200.60% चढ़ चुका है।

AI बेस्ड डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने IPO के लिए ₹408 से ₹429 का प्राइस बैंड रखा था। IPO से कंपनी ने ₹720 करोड़ जुटाए थे।

IPO प्राइस से 200% ज्यादा चढ़ा शेयर

ESDS Software की लिस्टिंग पिछले शुक्रवार को हुई थी। NSE पर शेयर ₹757 पर लिस्ट हुआ था। यह IPO प्राइस ₹429 से 76.46% ज्यादा था।

BSE पर शेयर ₹746.30 पर लिस्ट हुआ। यहां लिस्टिंग करीब 73.95% प्रीमियम पर हुई थी। इसके बाद शेयर में तेजी बनी रही। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

IPO को 136 गुना सब्सक्रिप्शन

ESDS Software का IPO 28 अगस्त से 1 सितंबर तक खुला था। इसे कुल 135.88 गुना सब्सक्राइब किया गया। IPO को 63.01 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इसमें करीब ₹72,000 करोड़ की बोलियां आई थीं।

ब्रोकरेज ने दिया ₹1,550 का टारगेट

Choice Institutional Equities ने ESDS Software पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘BUY’ रेटिंग दी है। इसके साथ 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹1,550 रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी की वैल्यूएशन FY28E EV/EBITDA के 18 गुना पर की है।

क्लाउड मार्केट से कंपनी को फायदा

Choice के मुताबिक, भारत का क्लाउड मार्केट FY25 के ₹65,100 करोड़ से बढ़कर FY30 तक करीब ₹1.9 लाख करोड़ हो सकता है। इस दौरान क्लाउड मार्केट के करीब 23.6% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन, BFSI में बढ़ता इस्तेमाल और सरकारी कामकाज में क्लाउड की बढ़ती जरूरत से इसे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

ESDS का कारोबार Enterprise, Government और BFSI सेगमेंट में है। कंपनी के कारोबार में इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 55.1%, 27.4% और 17.5% है।

AI और GPU मार्केट पर भी नजर

Choice ने भारत के क्लाउड GPU मार्केट को भी ग्रोथ का बड़ा मौका बताया है। इसके FY30 तक करीब 50% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। कंपनी की ग्रोथ में कोर बिजनेस, क्षमता बढ़ाने, ग्राहकों से कमाई बढ़ाने और ऑपरेटिंग लीवरेज की भूमिका रह सकती है।

$1.25 अरब का AI कॉन्ट्रैक्ट

Choice ने कंपनी के $1.25 अरब के AI कॉन्ट्रैक्ट को भी अहम ग्रोथ ड्राइवर बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अगर कंपनी इस कॉन्ट्रैक्ट को सही तरीके से लागू करती है और इसका रैंप-अप तेज रहता है, तो कमाई और वैल्यूएशन में और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है।

इन जोखिमों पर भी नजर

ब्रोकरेज ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। इनमें AI कॉन्ट्रैक्ट को लागू करने की चुनौती, कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता, ज्यादा कैपेक्स और बढ़ती प्रतिस्पर्धा शामिल हैं।

इन वजहों से कंपनी की कमाई की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। साथ ही, क्षमता के इस्तेमाल, मार्जिन और रिटर्न पर भी दबाव आ सकता है।

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Stock in News: लिस्टिंग के बाद पहली बार आया रिजल्ट, जोश में 6% चढ़े शेयर

Stock in News: पिछले महीने लिस्ट हुई ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी मजबूत हुए हैं। जून 2026 तिमाही के धमाकेदार कारोबारी नतीजे से इसे सपोर्ट मिला और शेयर रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई, जब शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे-आधे फीसदी से अधिक फिसल गए। वहीं दूसरी तरफ शिपरॉकेट के शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.10% की बढ़त के साथ ₹138.65 (Shiprocket Sare Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 6.33% उछलकर ₹144.40 तक पहुंच गया था।

Shiprocket के लिए कैसी रही जून तिमाही?

शिपरॉकेट के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ तो रेवेन्यू में बढ़ोतरी आई। कंसालिडेटेड लेवल पर जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का नेट लॉस ₹18.03 करोड़ से घटकर ₹13.71 करोड़ पर आ गया तो इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33.81% चढ़कर ₹592.09 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी का ईबीआईटीडीए लॉस इस दौरान ₹26 करोड़ से ₹21 करोड़ पर आ गया तो एडजस्टेड बेसिस पर यह ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ के पॉजिटिव लेवल पर रहा। कंपनी का कहना है कि पूरी तिमाही में इसका एडजस्टेड ईबीआईटीडीए पॉजिटिव बना रहा। कंपनी की एडजस्टेड प्रॉफिटेबिलिटी में यह सुधार ऐसे समय में हुआ, जब कंपनी अपने तेजी से आगे बढ़ रहे नए बिजनेस में लगातार निवेश कर रही थी।

अब तक कैसी रही शिपरॉकेट के शेयरों की चाल

शिपरॉकेट के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में 19 अगस्त को एंट्री हुई थी। ₹1617 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹97 के भाव पर जारी हुआ था और आईपीओ को 102 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद शेयर 11% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। मजबूत लिस्टिंग के बाद अगले ही दिन यह 20 अगस्त 2026 को बीएसई पर ₹156.81 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था। हालांकि इस हाई लेवल से कुछ ही दिनों में यह 20.92% टूटकर 31 अगस्त 2026 को ₹124.00 के रिकॉर्ड निचला स्तर पर आ गया था।

Shiprocket लगातार घाटे में, लेकिन ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, IPO को मिली थी 102 गुना बोली

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

Rays of Belief IPO Listing: डिसऑर्डर्स वाले बच्चों के इलाज और उनकी ग्रोथ में मदद करने वाली रेज ऑफ बिलीफ के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में एनएसई पर फ्लैट और बीएसई पर डेढ़ फीसदी से अधिक प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 107 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹239 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹243.00 और NSE पर ₹239.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब डेढ़ फीसदी तक का लिस्टिंग गेन (Rays of Belief Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद टूटकर BSE पर यह ₹234.00 (Rays of Belief Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.09% मुनाफे में हैं।

Rays of Belief IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

रेज ऑफ बिलीफ का ₹125.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 107.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.01 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 279.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 195.86 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 52.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Rays of Belief के बारे में

रेज ऑफ बिलीफ न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (NDDs) यानी बच्चों के विकास से जुड़ी दिक्कतों जैसे कि ऑटिज्म, एडीएचडी, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पल्सी, इंटेलेक्चुअल डिजेबिलिटी, लर्निंग डिजेबिलिटी और ग्लोबल डेवलपमेंटल डिलेज से प्रभावित बच्चों के लिए इलाज, थेरेपी और विकास से जुड़ी मदद देती है। कंपनी ने अपना सेंटर गुड़गांव में साल 2018 में खोला था और तेजी से विस्तार किया। वित्त वर्ष 2023 में 71 स्टोर से अब वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक देश के 57 शहरों और 20 राज्यों/यूनियन टेरिटरीज में 136 सेंटर्स तक यह पहुंच गई। इसके 136 सेंटरों में 42 टियर-1 शहरों में, 77 टियर-2 शहरों में और 17 टियर-3 शहरों में है।

कंपनी मुख्य रूप से 18 महीने से 12 साल तक के बच्चों पर ध्यान देती है तो कुछ खास प्रोग्राम 15 साल तक के बच्चों के लिए भी उपलब्ध हैं। कंपनी के सेंटर्स में 150 से ज्यादा टीचिंग टूल्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा घर पर बच्चों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए 2,000 से ज्यादा टीचिंग टूल्स वाले होम-लर्निंग किट्स भी उपलब्ध हैं।

जून 2025 में कंपनी ने अमेरिका में दो कंपनियों का अधिग्रहण किया जिसमें से मॉम्स बिलीफ यूएफ (Mom’s Belief US) को पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी और एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी वर्जीनिया, एलएलसी को स्टेप-डाउन सब्सिडरी के तौर पर। इस अधिग्रहण के साथ कंपनी को अमेरिका के वर्जीनिया के Salem, Lynchburg और Roanoke में 3 सेंटर्स मिले हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 142% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹4.96 करोड़ और टोटल इनकम 63% से अधिक के सीएजीआर से ₹82.06 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹3.61 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.22 करोड़ पड़े थे।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

Deepa Jewellers IPO Listing: गोल्ड-डायमंड के गहने बेचने वाली दीपा ज्वैलर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में शानदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 43 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹177 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹221.05 और NSE पर ₹221.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 25% का लिस्टिंग गेन (Deepa Jewellers Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹201.30 (Deepa Jewellers Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 13.73% मुनाफे में हैं।

Deepa Jewellers IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

दीपा ज्वैलर्स का ₹460.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 36.73 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 109.04 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 19.09 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,18,48,340 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹215.00 करोड़ लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹12.15 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹41.95 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Deepa Jewellers के बारे में

दीपा ज्वैलर्स सोने और हीरे के गहनों की खुदरा से लेकर थोक बिक्री करती है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके ग्राहक देश के 13 राज्यों और 1 यूनियन टेरिटरी में हैं। दक्षिण भारत में इसकी दमदार मौजूदगी है। इसके ग्राहकों में 47 ज्वैलरी रिटेल चेन और 326 स्टैंडएलोन स्टोर्स हैं। कंपनी एक थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप दीपा ज्वैलर्स लिमिटेड का भी इस्तेमाल करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 16 प्रोडक्ट्स और 110 SKUs हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 107% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹104.79 करोड़ और टोटल इनकम 37% के सीएजीआर से ₹1,927.73 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹111.11 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹221.67 करोड़ पड़े थे।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट; घाटा घटकर ₹14 करोड़ हुआ, रेवेन्यू 34% बढ़ा

Shiprocket Q1 Results: शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद Shiprocket ने पहली बार तिमाही नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹18 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33.8% बढ़कर ₹592.1 करोड़ पहुंच गया। Q1FY26 में यह ₹442.5 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA लॉस भी ₹26 करोड़ से घटकर ₹21 करोड़ रह गया। एडजस्टेड EBITDA ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ हो गया। कंपनी ने कहा कि पूरी तिमाही में एडजस्टेड EBITDA पॉजिटिव रहा।

कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़ा

Shiprocket के कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹411.7 करोड़ रहा। इसका एडजस्टेड EBITDA ₹52.7 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 12.8% रहा, जो एक साल पहले 12.3% था।

कंपनी के MD और CEO साहिल गोयल ने कहा कि तिमाही के नतीजे कंपनी की रणनीति के मुताबिक रहे। कंपनी तेजी से बढ़ रहे नए कारोबार में निवेश जारी रखेगी।

इमर्जिंग बिजनेस की ग्रोथ 70%

इमर्जिंग बिजनेस का रेवेन्यू 70% बढ़कर ₹180.4 करोड़ हो गया। इसमें चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, क्रॉस-बॉर्डर और ओम्नीचैनल सॉल्यूशंस शामिल हैं।

अब यह कारोबार कंपनी के कुल रेवेन्यू में 30% योगदान देता है। एक साल पहले यह 24% था। इसका Contribution Margin 9.3% से बढ़कर 15.3% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन का घाटा 38% से घटकर 24% रह गया।

चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस में करीब 193% की सालाना ग्रोथ हुई। कंपनी ने कहा कि Ads जैसे कारोबार अब तेजी से बढ़ रहे हैं। कुल कंट्रीब्यूशन मार्जिन 43% बढ़कर ₹115.1 करोड़ हो गया और मार्जिन 19.4% रहा।

AI प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया

जून तिमाही के अंत में Shiprocket के एक्टिव मर्चेंट्स 2,24,314 थे। पिछले 12 महीनों का GMV ₹34,661.8 करोड़ रहा। यूनिक ट्रांजैक्शन 21.6 करोड़ रहे।

कंपनी ने RADAR का अपग्रेडेड AI बेस्ड वर्जन लॉन्च किया। यह ऑर्डर भेजे जाने से पहले पिनकोड स्तर पर SLA टूटने और Return-to-Origin के जोखिम पहचान सकता है।

इसके अलावा AI Ads, AI Assist और ऑर्डर कन्फर्मेशन के लिए AI Calling शुरू की गई। क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर्स के लिए अपॉइंटमेंट आधारित कार्गो डिलीवरी भी शुरू हुई। इसमें Blinkit और Zepto के साथ इंटीग्रेशन है।

IPO के बाद पहला नतीजा

Shiprocket के शेयर 19 अगस्त को NSE पर ₹131 पर लिस्ट हुए थे। यह ₹97 के इश्यू प्राइस से 35.05% ऊपर था। BSE पर शेयर ₹129.50 पर लिस्ट हुआ।

नतीजों से पहले सोमवार को Shiprocket का शेयर 1% से ज्यादा गिरकर 134.50 रुपये पर बंद हुआ। यह अपने 131 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से करीब 3% ऊपर है।

अदाणी पावर की GVK Energy को खरीदने की तैयारी, 330 MW हाइड्रो प्रोजेक्ट मिलेगा

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NSE IPO: सेबी की हरी झंडी के बाद हलचल तेज! जानिए आईपीओ की पूरी डिटेल और किसे होगा कितना बंपर फायदा?

NSE IPO Benefits & Details: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ₹30000 करोड़ के आईपीओ को बीते दिनों सेबी से मंजूरी मिली। लगभग एक दशक के लंबे इंतजार के बाद आ रहा यह इश्यू देश का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है। इस मेगा आईपीओ में कौन-कौन से बड़े सरकारी बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां अपने शेयर बेच रही हैं, किसे कितना तगड़ा मुनाफा होगा और आईपीओ की प्रमुख डिटेल्स क्या हैं? आइए आपको बताते हैं।

किसे और कितना होगा बंपर फायदा?

यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी एक्सचेंज कोई नया शेयर जारी नहीं कर रहा है। इसके बजाय NSE के शुरुआती शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचकर भारी ‘वैल्यू अनलॉकिंग’ करेंगे। चूंकि इन कंपनियों ने बहुत ही मामूली कीमत पर शेयर खरीदे थे, इसलिए इन्हें तगड़ा फायदा मिलने वाला है:

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): सबसे बड़ा लिस्टेड सेलिंग शेयरधारक। SBI अपने 2.47 करोड़ शेयर्स बेचेगा, जिससे बैंक के खजाने में भारी कैश आएगा।

बैंक ऑफ बरोड़ा: लगभग 1.1 करोड़ शेयर्स ऑफलोड करके बंपर मुनाफा कमाने की तैयारी में है।

जीआईसी री (GIC Re): सरकारी री-इंश्योरेंस कंपनी लगभग 1.1 करोड़ शेयर्स बेचेगी।

न्यू इंडिया एश्योरेंस (NIACL): लगभग 1.05 करोड़ शेयर्स बेचने की योजना है।

आईएफसीआई (IFCI): इसकी सब्सिडियरी SHCIL के जरिए NSE में 4.4% की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है, जिससे इसके शेयरों में भी जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा।

NSE IPO की प्रमुख डिटेल्स

कुल इश्यू साइज: ₹30,000 करोड़ (14.89 करोड़ शेयर्स)।

सब्सक्रिप्शन की संभावित तारीख: 15 सितंबर 2026 (अनुमानित)।

शेयर लिस्टिंग डेट: 24 से 25 सितंबर 2026 के बीच (पितृपक्ष शुरू होने से ठीक पहले लिस्टिंग का लक्ष्य)।

प्राइस बैंड: अगले हफ्ते जारी होने की उम्मीद है।

कैसी है NSE की वित्तीय सेहत?

आईपीओ में उतरने से पहले NSE का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 7% बढ़कर ₹3120 करोड़ पर पहुंच गया। कुल आय में 9% की बढ़ोतरी के साथ ₹5252 करोड़ दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया ट्रांजेक्शन फीस रही, जिससे ₹3623 करोड़ का राजस्व मिला।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ashutosh Fibre IPO Listing: 52% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, हर लॉट पर ₹110000 का मुनाफा

Ashutosh Fibre IPO Listing: इंडस्ट्रीज के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली आशुतोष फाइबर के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹92 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर ₹140.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 52.17% का लिस्टिंग गेन (Ashutosh Fibre Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹147.00 (Ashutosh Fibre Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 59.78% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹1.10 लाख मुनाफे में हैं।

Ashutosh Fibre IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आशुतोष फाइबर का ₹56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 143.93 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 200.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.16 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,24,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.51 करोड़ नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीदारी, ₹20.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹8.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Ashutosh Fibre के बारे में

आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का फोकस पॉलीप्रोपाइलीन (PP) स्पन यार्न पर है, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्रीज और घरों में होती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स, प्रोसेसर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को यार्न और फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्निकल टेक्सटाइल्स के चार अहम कैटेगरीज- इंडुटेक, प्रोटेक, होमटेक और मोबाइलटेक में ऑपरेट करती है। यह फिल्टरेशन और पॉल्यूशन कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, पैकेजिंग, सेफ्टी और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, और होम फर्निशिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पांच प्रोसेसिंग लाइनें और धागा बनाने की तीन टेक्नोलॉजी- रिंग स्पन, DREF (फ्रिक्शन स्पन) और ओपन-एंड स्पिनिंग मौजूद हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 51% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹16.04 करोड़ और टोटल इनकम 3% से अधिक के सीएजीआर से ₹117.43 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹47.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.15 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shanti Inorganics Listing: IPO निवेशकों को छप्परफाड़ गेन, शेयर 90% बढ़त में लिस्ट

शांति इनऑर्गेनिक्स की 7 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग सुपर डुपर हिट रही। शेयर NSE SME पर 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 157.70 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 83 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 47.24 करोड़ रुपये का इश्यू 142.17 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 130.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 195.53 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 125.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

शांति इनऑर्गेनिक्स लिमिटेड सल्फर-बेस्ड इनऑर्गेनिक केमिकल बनाती और बेचती है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स में सोडियम मेटाबाइसल्फाइट, सोडियम सल्फाइट पाउडर, अमोनियम बाइसल्फाइट सॉल्यूशन और सोडियम बाइसल्फाइट पाउडर/सॉल्यूशन शामिल हैं। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से ऑयल ड्रिलिंग, फार्मास्यूटिकल्स, फूड और बेवरेज, पल्प और पेपर, और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे उद्योगों में प्रिजर्वेटिव, रिड्यूसिंग एजेंट, ऑक्सीजन स्केवेंजर और प्रोसेस इंटरमीडिएट के तौर पर किया जाता है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बेचती है।