Ashutosh Fibre IPO Listing: इंडस्ट्रीज के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली आशुतोष फाइबर के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹92 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर ₹140.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 52.17% का लिस्टिंग गेन (Ashutosh Fibre Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹147.00 (Ashutosh Fibre Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 59.78% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹1.10 लाख मुनाफे में हैं।
Ashutosh Fibre IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
आशुतोष फाइबर का ₹56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 143.93 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 200.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.16 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,24,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.51 करोड़ नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीदारी, ₹20.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹8.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Ashutosh Fibre के बारे में
आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का फोकस पॉलीप्रोपाइलीन (PP) स्पन यार्न पर है, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्रीज और घरों में होती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स, प्रोसेसर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को यार्न और फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्निकल टेक्सटाइल्स के चार अहम कैटेगरीज- इंडुटेक, प्रोटेक, होमटेक और मोबाइलटेक में ऑपरेट करती है। यह फिल्टरेशन और पॉल्यूशन कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, पैकेजिंग, सेफ्टी और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, और होम फर्निशिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पांच प्रोसेसिंग लाइनें और धागा बनाने की तीन टेक्नोलॉजी- रिंग स्पन, DREF (फ्रिक्शन स्पन) और ओपन-एंड स्पिनिंग मौजूद हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 51% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹16.04 करोड़ और टोटल इनकम 3% से अधिक के सीएजीआर से ₹117.43 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹47.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.15 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

