Stock in News: लिस्टिंग के बाद पहली बार आया रिजल्ट, जोश में 6% चढ़े शेयर

Stock in News: पिछले महीने लिस्ट हुई ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी मजबूत हुए हैं। जून 2026 तिमाही के धमाकेदार कारोबारी नतीजे से इसे सपोर्ट मिला और शेयर रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई, जब शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे-आधे फीसदी से अधिक फिसल गए। वहीं दूसरी तरफ शिपरॉकेट के शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.10% की बढ़त के साथ ₹138.65 (Shiprocket Sare Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 6.33% उछलकर ₹144.40 तक पहुंच गया था।

Shiprocket के लिए कैसी रही जून तिमाही?

शिपरॉकेट के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ तो रेवेन्यू में बढ़ोतरी आई। कंसालिडेटेड लेवल पर जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का नेट लॉस ₹18.03 करोड़ से घटकर ₹13.71 करोड़ पर आ गया तो इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33.81% चढ़कर ₹592.09 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी का ईबीआईटीडीए लॉस इस दौरान ₹26 करोड़ से ₹21 करोड़ पर आ गया तो एडजस्टेड बेसिस पर यह ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ के पॉजिटिव लेवल पर रहा। कंपनी का कहना है कि पूरी तिमाही में इसका एडजस्टेड ईबीआईटीडीए पॉजिटिव बना रहा। कंपनी की एडजस्टेड प्रॉफिटेबिलिटी में यह सुधार ऐसे समय में हुआ, जब कंपनी अपने तेजी से आगे बढ़ रहे नए बिजनेस में लगातार निवेश कर रही थी।

अब तक कैसी रही शिपरॉकेट के शेयरों की चाल

शिपरॉकेट के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में 19 अगस्त को एंट्री हुई थी। ₹1617 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹97 के भाव पर जारी हुआ था और आईपीओ को 102 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद शेयर 11% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। मजबूत लिस्टिंग के बाद अगले ही दिन यह 20 अगस्त 2026 को बीएसई पर ₹156.81 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था। हालांकि इस हाई लेवल से कुछ ही दिनों में यह 20.92% टूटकर 31 अगस्त 2026 को ₹124.00 के रिकॉर्ड निचला स्तर पर आ गया था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट; घाटा घटकर ₹14 करोड़ हुआ, रेवेन्यू 34% बढ़ा

Shiprocket Q1 Results: शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद Shiprocket ने पहली बार तिमाही नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹18 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33.8% बढ़कर ₹592.1 करोड़ पहुंच गया। Q1FY26 में यह ₹442.5 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA लॉस भी ₹26 करोड़ से घटकर ₹21 करोड़ रह गया। एडजस्टेड EBITDA ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ हो गया। कंपनी ने कहा कि पूरी तिमाही में एडजस्टेड EBITDA पॉजिटिव रहा।

कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़ा

Shiprocket के कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹411.7 करोड़ रहा। इसका एडजस्टेड EBITDA ₹52.7 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 12.8% रहा, जो एक साल पहले 12.3% था।

कंपनी के MD और CEO साहिल गोयल ने कहा कि तिमाही के नतीजे कंपनी की रणनीति के मुताबिक रहे। कंपनी तेजी से बढ़ रहे नए कारोबार में निवेश जारी रखेगी।

इमर्जिंग बिजनेस की ग्रोथ 70%

इमर्जिंग बिजनेस का रेवेन्यू 70% बढ़कर ₹180.4 करोड़ हो गया। इसमें चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, क्रॉस-बॉर्डर और ओम्नीचैनल सॉल्यूशंस शामिल हैं।

अब यह कारोबार कंपनी के कुल रेवेन्यू में 30% योगदान देता है। एक साल पहले यह 24% था। इसका Contribution Margin 9.3% से बढ़कर 15.3% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन का घाटा 38% से घटकर 24% रह गया।

चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस में करीब 193% की सालाना ग्रोथ हुई। कंपनी ने कहा कि Ads जैसे कारोबार अब तेजी से बढ़ रहे हैं। कुल कंट्रीब्यूशन मार्जिन 43% बढ़कर ₹115.1 करोड़ हो गया और मार्जिन 19.4% रहा।

AI प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया

जून तिमाही के अंत में Shiprocket के एक्टिव मर्चेंट्स 2,24,314 थे। पिछले 12 महीनों का GMV ₹34,661.8 करोड़ रहा। यूनिक ट्रांजैक्शन 21.6 करोड़ रहे।

कंपनी ने RADAR का अपग्रेडेड AI बेस्ड वर्जन लॉन्च किया। यह ऑर्डर भेजे जाने से पहले पिनकोड स्तर पर SLA टूटने और Return-to-Origin के जोखिम पहचान सकता है।

इसके अलावा AI Ads, AI Assist और ऑर्डर कन्फर्मेशन के लिए AI Calling शुरू की गई। क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर्स के लिए अपॉइंटमेंट आधारित कार्गो डिलीवरी भी शुरू हुई। इसमें Blinkit और Zepto के साथ इंटीग्रेशन है।

IPO के बाद पहला नतीजा

Shiprocket के शेयर 19 अगस्त को NSE पर ₹131 पर लिस्ट हुए थे। यह ₹97 के इश्यू प्राइस से 35.05% ऊपर था। BSE पर शेयर ₹129.50 पर लिस्ट हुआ।

नतीजों से पहले सोमवार को Shiprocket का शेयर 1% से ज्यादा गिरकर 134.50 रुपये पर बंद हुआ। यह अपने 131 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से करीब 3% ऊपर है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।