Refurbished Phone खरीदने से पहले ये 8 चीजें जरूर चेक करें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Refurbished Phone: भारत और दूसरे ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों की वजह से स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं, इसलिए ज्यादा खरीदार Refurbished स्मार्टफोन की ओर रुख कर रहे हैं। हमेशा की तरह, Apple और Samsung के पहले इस्तेमाल किए गए डिवाइस की बहुत ज्यादा मांग है। आमतौर पर इन फोन्स को दोबारा बेचने से पहले अच्छी तरह जांच, टेस्ट और जरूरत पड़ने पर रिपेयर किया जाता है। रिफर्बिश्ड फोन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कम कीमत में बेहतर या नया हार्डवेयर वाला फोन ले सकते हैं। यानी नए फोन की पूरी कीमत चुकाने के बजाय, आप हाल ही में लॉन्च हुए किसी मॉडल को कम दाम में खरीद सकते हैं। हालांकि, Refurbished फोन खरीदने में कई जोखिम भी होते हैं। खरीदने से पहले यूजर्स को कई बातों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए, जैसे कि सेलर की  विश्वसनीयता, डिवाइस के हार्डवेयर फीचर्स, वारंटी वगैरह।

सुरक्षित Refurbished फोन सेलर कैसे चुनें

अपने इस्तेमाल के लिए Refurbished स्मार्टफोन मॉडल चुनने से पहले ही, आपको एक भरोसेमंद सेलर चुनना होगा। क्योंकि सिर्फ एक भरोसेमंद सेलर ही फोन की हालत, उसकी हिस्ट्री, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी के बारे में सही जानकारी दे सकता है।

आमतौर पर सबसे बेहतर विकल्प कंपनी से सर्टिफाइड Refurbished फोन खरीदना होता है। Samsung जैसी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां अपने सर्टिफाइड Refurbished फोन कम कीमत पर बेचती हैं। Samsung के Certified Re-Newed प्रोग्राम से यूजर्स Galaxy S25 Ultra और Galaxy S25 जैसे मॉडल कम कीमत पर पा सकते हैं।

ब्रांड्स की तरफ से सीधे बेचे जाने वाले पुराने (pre-owned) फोन्स की इन-हाउस जांच, फंक्शनल टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर वैलिडेशन की जाती है। कई ब्रांड्स तो बिक्री के लिए लिस्ट करने से पहले डेटा हटा देते हैं और खराब पार्ट्स को ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स से बदल भी देते हैं। इसके अलावा, आप मैन्युफैक्चरर की वेबसाइट पर जाकर उनके ऑफिशियल रिफर्बिश्ड प्रोग्राम के बारे में पता कर सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि डिवाइस के साथ वैलिड वारंटी मिल रही है या नहीं। कुछ कंपनियां Refurbished फोन्स खरीदने वालों को अतिरिक्त फायदे और डिस्काउंट भी देती हैं।

इसके अलावा, कोई ऐसा भरोसेमंद रिटेलर भी चुना जा सकता है जो लंबे समय से रिफर्बिश्ड फोन बेचने का काम कर रहा हो। लेकिन खरीदारी करने से पहले रिटेलर से फोन की कंडीशन, ग्रेड और वारंटी के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें। फोन खरीदने के बाद उसका इनवॉइस संभालकर रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही फोन खरीदने से पहले रिटेलर की रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी भी अच्छी तरह पढ़ लें।

जो खरीदार पैसे देने से पहले फोन को अच्छी तरह देखना-परखना चाहते हैं, वे Refurbished फोन बेचने वाले स्टोर पर जा सकते हैं। स्टोर पर जाकर आप हैंडसेट, डिस्प्ले, कैमरा और फोन की कुल हालत की जांच कर सकते हैं। साथ ही, खरीदारों को वारंटी, रिटर्न की अवधि और Refurbished के दौरान इस्तेमाल किए गए पार्ट्स की जांच अच्छे से कर लेनी चाहिए। इसके अलावा, ऐसे सेलर से सावधान रहें जो IMEI नंबर या खरीद का बिल देने से मना करते हैं।

Refurbished फोन खरीदने से पहले क्या-क्या चेक करें

खरीद पूरी करने से पहले, फोन को ध्यान से देखें और उसकी पहचान वेरिफाई करें। डिवाइस पर दिख रहे IMEI नंबर को चेक करें और अगर मुमकिन हो, तो उसे बॉक्स या इनवॉइस पर लिखे IMEI नंबर से मिलाएं। भारत में खरीदार ‘Sanchar Saathi CEIR’ सर्विस के जरिए IMEI स्टेटस चेक कर सकते हैं।

वहीं, iPhone खरीदने वालों को यह पक्का करना चाहिए कि सेलर ने अपने Apple अकाउंट से साइन आउट कर लिया है या नहीं। जबकि Android खरीदने वालों को यह चेक करना चाहिए कि पुराना Google अकाउंट हटा दिया गया है या नहीं।

अब अगर आप iPhone खरीद रहे हैं, तो Settings में जाकर Battery Health जरूर चेक करें। Android फोन में भी Settings के अंदर बैटरी की क्षमता की जानकारी मिलती है, लेकिन अलग-अलग कंपनियों के फोन में यह विकल्प अलग हो सकता है।

Refurbished फोन खरीदने से पहले आप इन चीजों को भी जरूर चेक करें:

  • डिस्प्ले पर स्क्रैच या वर्टिकल लाइन तो नहीं है, यह ध्यान से देखें।
  • कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन को अच्छी तरह चेक करें।
  • सभी बटन, फिंगरप्रिंट सेंसर या Face ID सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह जांचें।
  • फोन आपके SIM को सपोर्ट करता है या नहीं और आपके लिए जरूरी नेटवर्क बैंड्स को सपोर्ट करता है या नहीं, यह जरूर देखें।
  • सुनिश्चित करें कि फोन को ठीक से रीसेट किया गया है और पिछले मालिक का कोई डेटा उसमें मौजूद नहीं है।
  • फोन खरीदते समय बिल और वारंटी जरूर मांगें।

खरीदार क्लासिफाइड लिस्टिंग और व्यक्तिगत विक्रेताओं पर तभी विचार कर सकते हैं जब वे फोन को खुद देख-परख सकें। पेमेंट करने से पहले, यह पक्का कर लें कि चुना गया फोन अकाउंट-लॉक न हो या उसके खोने या चोरी होने की रिपोर्ट न हो। साथ ही, यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे फोन के लिए पहले से पेमेंट न करें जिसे वे देख-परख नहीं सकते, खासकर तब जब विक्रेता कोई वैध इनवॉइस या मालिकाना हक का सबूत न दे सके।

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