NSE IPO Update: NSE के आईपीओ से पहले SBI का बड़ा ऐलान! ₹30000 करोड़ के मेगा इश्यू में बेचेगा अपनी हिस्सेदारी

SBI to Dilute Stake in NSE IPO: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित ₹30,000 करोड़ के आईपीओ में अपनी 1% तक हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं।

इस बात की पुष्टि खुद एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने की है। इसके साथ ही उन्होंने बैंक के होम लोन पोर्टफोलियो और हालिया एसबीआई म्यूचुअल फंड आईपीओ को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा की हैं।

NSE IPO में SBI ग्रुप कितना बेचेगा हिस्सा?

एसबीआई चेयरमैन सी एस शेट्टी ने एक इंटरव्यू में बताया कि बैंक और उसकी सहयोगी कंपनी मिलकर एनएसई के आईपीओ (OFS के जरिए) में हिस्सा बेचेंगे। एसबीआई मुख्य रूप से एनएसई में अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेचेगा। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेचेगा। इस तरह एसबीआई ग्रुप मिलकर कुल 1% हिस्सेदारी कैश करेगा। अन्य शेयरधारकों के शामिल होने के आधार पर यह आंकड़ा थोड़ा कम भी हो सकता है।

वर्तमान में कितनी है हिस्सेदारी?

मौजूदा समय में एनएसई में SBI की 3.23% और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की 4.33% हिस्सेदारी है। चेयरमैन ने साफ किया कि फिलहाल बैंक की किसी अन्य सब्सिडियरी कंपनी के मोनेटाइजेशन या आईपीओ की तत्काल कोई योजना नहीं है।

सुपरहिट रहा था SBI Mutual Fund का IPO

हाल ही में एसबीआई ने अपने विदेशी पार्टनर ‘अमुंडी’ के साथ मिलकर एसबीआई म्यूचुअल फंड में लगभग 10% हिस्सेदारी बेची थी। ₹9,800 करोड़ का यह पब्लिक ऑफर निवेशकों के बीच बेहद सुपरहिट रहा और इसे 42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।लिस्टिंग के बाद एसबीआई की हिस्सेदारी 61.76% से घटकर 55.46% रह गई, जबकि अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7% घटकर 32.56% पर आ गई।

होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ पार करने की तैयारी में

हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में एसबीआई की बादशाहत कायम है। बैंक जल्द ही एक बड़ा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। चालू तिमाही में एसबीआई का होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा। बीते वित्त वर्ष में बैंक ने ₹9 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया था। होम लोन सेगमेंट में एसबीआई की बाजार हिस्सेदारी लगभग 28% है। देशभर में बैंक के 460 से ज्यादा होम लोन प्रोसेसिंग सेंटर्स काम कर रहे हैं, जो ग्राहकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।

देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है होम लोन: CS Setty

सी एस शेट्टी ने कहा कि ग्राहक कागजी कार्रवाई की पारदर्शिता, बिल्डर्स की ड्यू-डिलिजेंस और बैंक के भरोसे के कारण एसबीआई से होम लोन लेना पसंद करते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि होम लोन को केवल एक बैंकिंग प्रोडक्ट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 200 से अधिक उद्योग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट सेक्टर पर निर्भर हैं, इसलिए होम लोन भारत की आर्थिक वृद्धि का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Meesho कब आएगी मुनाफे में? शेयर खरीदने से पहले प्वाइंटवाइज चेक करें एक्सपर्ट कैलकुलेशन

Meesho Share Price: दिग्गज ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो के शेयरों की घरेलू ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा ने खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। वेंचुरा ने इसके शेयरों का जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, उसके मुताबिक मौजूदा लेवल से यह 33% से अधिक ऊपर चढ़ सकता है। अभी की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.51% की बढ़त के साथ ₹208.60 पर बंद हुआ था। आईपीओ के तहत ₹111 के भाव पर जारी होने के बाद इसके शेयर घरेलू मार्केट में 10 दिसंबर 2025 को लिस्ट हुए थे और लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 18 दिसंबर 2025 को यह ₹254.65 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था।

Meesho पर क्यों हुआ ब्रोकरेज फिदा

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ऑनलाइन खरीदारी का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है। वेंचुरा के मुताबिक जैसे-जैसे टियर-2, टियर-3 और गांवों में इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट्स और ऑनलाइन रिटेल का दायरा बढ़ रहा है, वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2030 के बीच इसकी GMV (ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू) सालाना 20% की रफ्तार से बढ़ सकती है।

वेंचुरा का मानना है कि ग्रोथ के सुनहरे मौके को भुनाने के लिए मीशो ने खुद को मजबूत स्थिति में रख लिया है।

मीशो का मार्केटप्लेस मॉडल ऐसा है कि पूंजी की जरूरत कम से कम पड़ती है और दुकानदारों को अपना सामान सस्ते में बेचने की सहूलियत मिलती है जिससे दाम देखने वाले ग्राहकों के बीच इसे कॉम्पटीटिव एडवांटेज मिल रहा है।

वेंचुरा के मुताबिक अभी मीशो का फोकस ग्राहक और ऑर्डर्स बढ़ाने पर है लेकिन जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, हर ऑर्डर और ग्राहक से कमाई ज्यादा हो सकती है।

कमाई में उछाल के उम्मीद की वजह ये है कि अधिक ऑर्डर्स होने से प्री-ऑर्डर लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम हो सकती है, एआई की मदद को ग्राहकों को सही प्रोडक्ट्स दिखाए जा सकते हैं, वाल्मो (Valmo) के जरिए लॉजिस्टिक्स अधिक बेहतर हो सकती है, सेलर्स से एडवरटाइजिंग और दूसरी सर्विसेज की कमाई बढ़ सकती है, और फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सॉल्यूशंस जैसे रेवेन्यू के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं।

वेंचुरा के मुताबिक कुल मिलाकर मीशो को सिर्फ सामान बेचने से नहीं बल्कि ऐड, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सर्विसेज से भी कमाई हो सकेगी।

मीशो के ATU (एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स) यानी साल में कम-से-कम एक बार मीशो पर खरीदारी करने वाले यूजर्स की संख्या अभी 27.4 करोड़ है और वेंचुरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक यह 40.9 करोड़ पर पहुंच सकता है तो ऑर्डर्स की संख्या सालाना करीब 28.2% की रफ्तार से वित्त वर्ष 2029 में 561.9 करोड़ तक पहुंच सकता है।

वेंचुरा का अनुमान है कि मीशो का रेवेन्यू 26.2% की रफ्तार से ₹25,403 करोड़ पर पहुंच सकता है। वहीं ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2028 तक ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल हो सकती है और शुद्ध मुनाफा हासिल हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी ₹1,404 करोड़ के EBITDA और ₹1,702 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच सकता है।

इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग और ₹278 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है।

अब रिस्क की बात करें तो यूजर्स के बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कम होने और कॉम्पटीशन बढ़ने से मीशो के कारोबार को झटका लग सकता है।

गिरता Nifty नहीं बना पा रहा पुट से पैसा, समझें कहां हो रही गड़बड़ी, कैसी स्ट्रैटेजी करेगी काम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Upcoming IPO: विजय केडिया का है तगड़ा निवेश! एंकर राउंड में मधुसूदन केला ने भी लगाया बड़ा दांव, 31 अगस्त से खुलेगा ये आईपीओ

Vijay Kedia Backed Asuthosh Fibre IPO: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया के निवेश वाली कंपनी आशुतोष फाइबर का आईपीओ दांव लगाने के लिए खुलने जा रहा है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं।

एंकर बुक में मधुसूदन केला के मेंटरशिप वाले सिंगुलैरिटी AMC समेत कई बड़े फंड्स ने हिस्सा लिया है। आइए आपको बताते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, महत्वपूर्ण तारीखें और कैसी है कंपनी की सेहत।

एंकर बुक: इन 5 बड़े निवेशकों ने लगाए पैसे

28 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर 17.43 लाख शेयर आवंटित किए:

  1. Nine Alps Corporate Advisors: ₹6 करोड़ के निवेश से 6.52 लाख शेयर खरीदे।
  2. Singularity Equity Fund II: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  3. Nav Capital Emerging Star Fund: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  4. Aarth AIF Growth Fund: ₹2.11 करोड़ के निवेश से 2.3 लाख शेयर खरीदे।
  5. Vira Bharat Opportunities Fund: ₹1 करोड़ के निवेश से 1.09 लाख शेयर खरीदे।

Asuthosh Fibre IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

गुजरात बेस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली यह कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹56.34 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है।

  • IPO खुलने की तारीख: 31 अगस्त
  • IPO बंद होने की तारीख: 2 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹87 से ₹92 प्रति शेयर
  • अलॉटमेंट: 3 सितंबर
  • लिस्टिंग: 7 सितंबर

आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी?

आशुतोष फाइबर जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने में करेगी। ₹25.5 करोड़ नए उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए। ₹20 करोड़ कंपनी का पुराना कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।

विजय केडिया की कितनी है हिस्सेदारी?

ऑफर से पहले कंपनी के प्रमोटर्स के पास 59.79% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरधारकों के पास है, जिसमें शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक विजय केडिया की 6.57% हिस्सेदारी शामिल है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर के रूप में Mefcom Capital Markets को नियुक्त किया गया है।

अब जानिए कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

टेक्सटाइल यार्न और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 88.5% बढ़कर ₹16.04 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल (FY25) में ₹8.5 करोड़ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू 2.9% की मामूली बढ़त के साथ ₹117.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹114 करोड़ था।

क्या है ग्रे मार्केट का हाल?

आईपीओ वॉच के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को आशुतोष फाइबर आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹37 प्रति शेयर दर्ज किया गया है। यह इसके अपर प्राइस बैंड ₹92 के मुकाबले 40.22% के तगड़े प्रीमियम का संकेत दे रहा है।

इससे पहले 28 अगस्त को भी जीएमपी ₹37 ही था, जबकि 27 अगस्त को यह ₹15 (16.30%) और 26 अगस्त को ₹13 (14.13%) पर बना हुआ था। लगातार बढ़ते और मजबूत जीएमपी ट्रेंड से स्पष्ट है कि प्राइमरी मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Top IPO 2026: भारत के प्राइमरी मार्केट ने इस साल निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिए हैं। कुछ IPO की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि निवेशकों को पहले ही दिन काफी बड़ा मुनाफा मिला। कुछ मामलों में तो शेयर ने लिस्टिंग पर ही निवेश की रकम दोगुनी से ज्यादा कर दी।

पैसा लगभग डबल करने वाले IPO

Tempsens Instruments India इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस से 110.40% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी पहले दिन निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह इस साल की अब तक की सबसे मजबूत लिस्टिंग रही।

सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal दूसरे नंबर पर रही। इसके शेयर 96.57% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले दिन ही करीब दोगुनी रकम के बराबर फायदा मिला।

40% से ज्यादा रिटर्न देने वाले

इसके बाद लिस्टिंग गेन में बड़ा अंतर दिखता है। INDO MIM के शेयर 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। वहीं CMR Green Tech ने 43.44% का लिस्टिंग गेन दिया। दोनों IPO ने निवेशकों को पहले दिन ही मजबूत रिटर्न दिया।

Dhoot Transmission और Kusumgar की लिस्टिंग भी करीब-करीब एक जैसी रही। Dhoot Transmission के शेयर 37.06% प्रीमियम पर खुले। Kusumgar के शेयर 36.99% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। दोनों के बीच सिर्फ मामूली अंतर रहा।

निवेशकों को मालामाल करने वाले IPO

कंपनी
लिस्टिंग प्रीमियम (%)

Tempsens110.40%
Bharat Coking Coal96.57%
INDO MIM44.95%
CMR Green Tech43.44%
Dhoot Transmission37.06%
Kusumgar36.99%
BigFoot Retail33.51%
Lalithaa Jewellery31.99%
Laser Power25.70%
Molbio Diagnostics

21.44%

नोट: इसमें ₹5 अरब से ज्यादा इश्यू साइज वाले IPO शामिल हैं।

स्रोत: Bloomberg

 

2026 में IPO से ₹72,165 करोड़ जुटे

Prime Database के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर 60 IPO आए। इन IPO के जरिए कंपनियों ने कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए। खास बात यह रही कि जुलाई और अगस्त में IPO बाजार काफी सक्रिय रहा। इन दो महीनों में कुल जुटाई गई रकम का करीब 69% हिस्सा आया।

₹2.02 लाख करोड़ के IPO कतार में

IPO बाजार में आगे भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है। Prime Database के मुताबिक, 75 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इन कंपनियों के प्रस्तावित इश्यू का कुल आकार करीब ₹2.02 लाख करोड़ है।

इनमें से 32 कंपनियों ने अपना इश्यू साइज बताया है। इन 32 कंपनियों के IPO का कुल आकार करीब ₹1.38 लाख करोड़ है। यानी आने वाले महीनों में भी प्राइमरी मार्केट में बड़ी रकम जुटाए जाने की संभावना है।

* एजेंसी इनपुट के साथ

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

Tempsens IPO Listing: लिस्टिंग पर पैसे डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

ChatGPT Ads: अब चैटजीपीटी पर जवाब के साथ दिखेंगे विज्ञापन, लेकिन OpenAI ने की है खास व्यवस्था!

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 21 स्टॉक्स; TempSens की लिस्टिंग समेत Lenskart, Wipro और Tejas Networks समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 60.50 प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़त के साथ 24,260.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lenskart Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव वेंचर्स ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 1.2% हिस्सेदारी बेच सकती है। लगभग ₹1,313 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹630 तय किया गया है।

Texmaco Rail and Engineering

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ने जर्मनी की Bochumer Verein Verkehrstechnik GmbH (BVV) के साथ एक एमओयू किया है। इसमें रेलवे व्हील्स, व्हीलसेट्स, एक्सल्स और रेल गाड़ियों के दूसरे पार्ट्स को लेकर कारोबारी मौके तलाशने और उन पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

Tejas Networks

तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से बीएसएनएल के 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 18,685 साइट्स पर RAN इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटीरियल की सप्लाई के लिए ₹1,537 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को केंद्रीय विद्यालय संगठन, डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड एससीईआरटी (ओडिशा) और केनरा बैंक से ₹134.27 करोड़ के कई कंस्ट्रक्शन ऑर्डर मिला है।

Chemplast Sanmar

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए केमप्लास्ट सनमार

के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर गणेशकुमार सुब्रमण्यन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Wipro

विप्रो ने जेमिनी एंटरप्राइज और एजेंटिक AI को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विप्रो जेमिनी एंटरप्राइज के इंटरनल डिप्लॉयमेंट को बढ़ा रही है और 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स समेत 10,000 से ज्यादा एआई-सर्टिफाइड स्पेशलिस्ट्स को एडवांस्ड AI क्षमताओं से लैस करेगी।

Adani Power

अदाणी पावर ने अपनी सब्सिडियरीज चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क और अदाणीकनेक्स के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया है, जिसके तहत यह चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क में अपनी पूरी हिस्सेदारी अदाणीकनेक्स को ₹535.69 करोड़ में बेचेगी।

RPP Infra Projects

तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिए गए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को रद्द कर दिया है।

Star Cement

MMDR (माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)) एक्ट, 1957 के नए नियमों के तहत स्टार सीमेंट और उसकी सब्सिडियरीज को अब 22 अगस्त, 2026 से मिनरल सेस का पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में बदलाव किया है और अब राज्य सरकारें मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य लेवी नहीं लगा सकती हैं। इसमें यह भी है कि पुरानी बकाया लेवी अब वसूली नहीं जाएगी।

Dr Agarwal’s Health Care

डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर की सब्सिडियरी डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने चेन्नई में दुनिया का पहला पिनहोल पपिलोप्लास्टी (PPP) सेंटर शुरू किया है।

Union Bank of India

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर ब्रांच के अमेरिकी डॉलर में जारी हुए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को ‘BBB’ लॉन्ग-टर्म इश्यू रेटिंग दी है।

Apollo Tyres

ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वॉरबर्ग पिनकस की कंपनी एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट ने अपोलो टायर्स में 4.25% हिस्सेदारी वाले 2.7 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,174.93 करोड़ के भाव पर बेच दिए। ये शेयर तीन घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने प्रति शेयर ₹435 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक अपोलो टायर्स में एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी 9.93% थी, जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 1.12% हिस्सेदारी थी।

ICICI Prudential Asset Management Company

प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 98.85 लाख शेयर (2% हिस्सेदारी) ₹3,030.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,065.47 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल AMC में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 87.6% थी, जिसमें प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 34.59% थी।

Foseco India

मॉर्गन टेरासेन और मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.26% हिस्सेदारी बेच दी। मॉर्गन एडवांस्ड मैटेरियल्स की मॉर्गन टेरासेन ने फोसेको इंडिया के 5.6 लाख शेयर (7.43% हिस्सेदारी) ₹330.26 करोड़ में तो मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने 5.9 लाख शेयर (7.84% हिस्सेदारी) ₹348.36 करोड़ में बेचे हैं। कुल मिलाकर ₹678.6 करोड़ में 11.5 लाख शेयर को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- सिटीग्रुप, इंवेस्को एमएफ, एलआईसी एमएफ, महिंद्रा मैनुलाइफ एमएफ, मिरे एसेट एमएफ, मॉर्गन स्टेनले, कैटामारन वेंचर्स, एसबीआई एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एएमसी ने प्रति शेयर ₹5,897 के भाव पर खरीदे।

Aye Finance

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर अल्फा वेव ग्लोबल की कंपनी अल्फा वेव इंडिया I ने आय फाइनेंस से अपनी पूरी 7.78% हिस्सेदारी (1.92 करोड़ शेयर) ₹322.57 करोड़ में बेच दी। इनमे में 14.88 लाख शेयर मधुसूदन केला की सिंगुलैरिटी AMC ने सिंगुलैरिटी लार्ज वैल्यू फंड III के जरिए ₹25 करोड़ में और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज (एशिया) ने 23.8 लाख शेयर ₹40 करोड़ में खरीदे। शेयरों का लेन-देन ₹168 के भाव पर हुआ।

DCB Bank

एसबीआई और ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने डीसीबी बैंक के 37 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹80.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹217.01 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक बैंक में इस फंड की 2.86% हिस्सेदारी थी।

Happiest Minds Technologies

पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के 8.3 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹35.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹429.92 के भाव पर खरीद लिए।

Iris Clothings

निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने आइरिस क्लोदिंग्स में 0.6% हिस्सेदारी के बराबर 11.53 लाख शेयर ₹6.58 करोड़ में प्रति शेयर ₹57.1 के भाव पर खरीदे।

RPP Infra Projects

सीएमके प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर यागवी एनए से कंपनी के 5 लाख शेयर ₹2.84 करोड़ में प्रति शेयर ₹56.85 के भाव पर खरीद लिए।

Wonder Electricals

नेक्सस ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और यूनिको ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड ने वंडर इलेक्ट्रिकल्स में अपनी 5.66% हिस्सेदारी (75.89 लाख शेयर) ₹98.21 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक नेक्सस ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की कंपनी में 2.34% हिस्सेदारी थी, तो यूनिको ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 7.48%।

Tempsens Instruments (India)

आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: एमसीएक्स, होनासा कंज्यूमर, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, अरविंद स्मार्टस्पेस, ब्लैक बॉक्स, कैंटाबिल रिटेल इंडिया, कोरल इंडिया फाइनेंस एंड हाउसिंग, डैम कैपिटल एडवाइजर्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, इमामी पेपर मिल्स, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, गुफिक बायोसाइंसेज, गुलशन पॉलीओल्स, हल्डिन ग्लास, जेनबर्कट फार्मा, क्रेडो ब्रांड्स मार्केटिंग, एनबीसीसी (इंडिया), पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, पॉली मेडिक्योर, प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज, रॉयल ऑर्किड होटल्स, साल्जर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टर्लिंग टूल्स, स्टड्स एक्सेसरीज, सुपरशक्ति मेटालिक्स, स्वान कॉर्प, वेरिटास (इंडिया), वर्धमान होल्डिंग्स, विक्रान इंजीनियरिंग, वर्धमान स्पेशल स्टील्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, यूकेन इंडिया

एक्स-राइट्स: जयके एंटरप्राइजेज

एक्स-स्प्लिट: रोटोग्राफिक्स (इंडिया), स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

F&O बैन: आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

यह भी पढ़ें: लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।