NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty में 100 अंकों की छलांग! शेयर बाजार में आज हरे निशान पर शुरुआत के संकेत; जानें ग्लोबल मार्केट का हाल

GIFT Nifty: चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। एशियाई बाजारों में मजबूती और वॉल स्ट्रीट में आई शानदार तेजी के दम पर आज घरेलू बाजार की शुरुआत हरे निशान में होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।

सुबह 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में एक मजबूत ओपनिंग का इशारा कर रहा है।

क्यों बदला बाजार का मूड? ये हैं 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर

1. अमेरिका में ब्याज दरें न बढ़ने की उम्मीद से वॉल स्ट्रीट में तेजी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो वे सितंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन करेंगे।

इसके बाद CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50.4% रह गई (जो बुधवार को 63.2% थी)।

इस बयान के बाद गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली Nasdaq 1.40% उछला, डाउ जोन्स 1.18% और S&P 500 में 1.06% की तेजी दर्ज की गई।

2. एशियाई बाजारों में हरियाली और बॉन्ड यील्ड में गिरावट

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से रिस्क एपेटाइट बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों की अगुवाई में एशियाई इक्विटीज में तेजी है। हैंगसेंग फ्यूचर्स 1.1% चढ़ा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

3. $96 के करीब पहुंचा कच्चा तेल

शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.3% बढ़कर $95.76 प्रति बैरल पर पहुंच गया है और यह जुलाई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड की कीमतों में उबाल आया है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के मूड के लिए बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक वीकेंड से पहले बड़ी पोजीशन बनाने से बच सकते हैं, जिससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के कारोबार में निफ्टी के लिए ये लेवल बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे:

इमीडिएट रेजिस्टेंस: 24,000 – 24,200 का दायरा निफ्टी के लिए पहला बड़ा रोड़ा है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है, तभी टिकाऊ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

अहम सपोर्ट: 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।

FIIs और DIIs के आंकड़े (3 सितंबर का कारोबार)

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया:

FIIs (विदेशी निवेशक): नेट सेलर रहे और ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।

DIIs (घरेलू निवेशक): नेट बायर रहे और ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

आपको बता दें कि गुरुवार को आईटी, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty से सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों और वॉल स्ट्रीट ने बिगाड़ा बाजार का मूड

मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।

मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।

US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

Stock Market live Updates: GIFT निफ्टी से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाजार गिरे, एशियाई बाजारों में बढ़त

महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।

हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।

भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट

घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank के नए CEO कौन होंगे? कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे, बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश

HDFC Bank New CEO: प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा लेंडर HDFC Bank अक्टूबर में नए एमडी और CEO का ऐलान कर सकता है। मौजूदा एमडी और CEO शशिधर जगदीशन अक्टूबर में अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। बैंक अपने डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का नाम आगे कर सकता है। हालांकि, अभी इस पर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

बाहरी उम्मीदवार भी तलाश रहा बैंक

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैंक एक बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश कर रहा है। RBI के नियम के तहत CEO पद के लिए एक से ज्यादा नाम भेजने होते हैं। बैंक जिन नामों का प्रस्ताव देगा, उन पर RBI फैसला करेगा। HDFC Bank और कैजाद भरूचा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्यों अहम है कैजाद भरूचा का नाम

कैजाद भरूचा बैंक के पुराने अधिकारियों में शामिल हैं। वह रिटेल और होलसेल, दोनों बिजनेस संभाल रहे हैं। इसलिए उन्हें जगदीशन का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। वह 2029 तक रिटायर नहीं होंगे, जो उनके पक्ष में एक अहम बात है।

RBI के नियमों में कैसे फिट बैठते हैं

RBI के नियमों के तहत फुल-टाइम डायरेक्टर का अधिकतम कार्यकाल 15 साल हो सकता है। 2029 तक भरूचा के 15 साल पूरे होंगे। ऐसे में वह CEO पद के लिए पात्र हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर कार्यकाल की सीमा में छूट के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

जगदीशन ने दोबारा कार्यकाल क्यों नहीं लिया

शनिवार को HDFC Bank ने बताया कि शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। वह अक्टूबर 2020 से बैंक के MD और CEO हैं। उनका दूसरा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। बैंक ने उनके फैसले के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई।

छह महीने से नेतृत्व को लेकर उठापटक

पिछले करीब छह महीने HDFC Bank के लिए आसान नहीं रहे हैं। मार्च में बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि बैंक की कुछ प्रथाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। इसके बाद बैंक के टॉप मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे।

जांच में नहीं मिले आरोपों के सबूत

चेयरमैन के आरोपों की बाद में बाहरी कानूनी समीक्षा कराई गई। इस जांच में गवर्नेंस से जुड़े आरोपों को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, पिछले महीने बड़े डिपॉजिट की प्राइसिंग के एक अलग मामले में जगदीशन समेत चार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। इससे बैंक के नेतृत्व पर दबाव बढ़ा।

शेयर पर भी दिखा असर

इस साल HDFC Bank के शेयर में करीब 27% की गिरावट आई है। मार्च में चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गिरावट और तेज हो गई। जून के अंत तक बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 40% थी। 2023 में HDFC Ltd के साथ हुए बड़े मर्जर का फायदा भी निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा है।

नए CEO के सामने क्या चुनौती

HDFC Bank को अब जल्द नया CEO चुनना है। बोर्ड ने भी उत्तराधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। नए CEO के सामने शेयर की गिरावट रोकने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की चुनौती होगी। साथ ही HDFC Ltd के साथ मर्जर का पूरा फायदा निकालना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Next Week: भारत से अमेरिका तक आ रहे ये आंकड़े, अगले हफ्ते तय करेंगे मार्केट की चाल

Market next week: 31 अगस्त से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते मार्केट की चाल मुख्य तौर पर जीडीपी के घरेलू आंकड़ों, कच्चे तेल के भाव और अमेरिका में गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। इसके अलावा एनालिस्ट्स के मुताबिक मैक्रोइकनॉमिक रिलीज, ऑटो सेल्स के आंकड़े और विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग एक्टिविटी भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछले कारोबारी हफ्ते यानी 17-21 अगस्त के दौरान घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) 276.32 प्वाइंट्स यानी 0.35% गिरा, तो निफ्टी (Nifty) 76.35 प्वाइंट्स यानी 0.31% नीचे आया। लगातार तीसरे हफ्ते ये लाल हुए।

Market next week: क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्र का कहना है कि आने वाला कारोबारी हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। जीडीपी के घरेलू आंकड़े और वैश्विक आर्थिक आंकड़े मार्केट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय अर्थव्यस्था में बात करें तो जून 2026 तिमाही के आंकड़े 31 अगस्त को जारी होंगे। अजीत के मुताबिक निवेशकों की नजर अगस्त महीने के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई के आंकड़ों, जीएसटी कलेक्शंस, फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व और रुपये की चाल पर भी रहेगी।

अजीत के मुताबिक सबसे बड़ा ट्रिगर तो अमेरिकी रोजगार का आंकड़ा रहेगा। 4 अगस्त को अगस्त के नॉन-फार्म पेरोल्स का आंकड़ा आएगा। अजीत का मानना है कि यग फेडरल रिजर्व के सितंबर महीने की मौद्रिक नीति, अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड्स और एमर्जिंग मार्केट्स में फंड्स फ्लो से जुड़ी उम्मीदों पर असर डाल सकता है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अगस्त में भारतीय इक्विटीज में अब तक ₹30,919 करोड़ का नेट निवेश किया है और लगातार दूसरे महीने उनकी नेट खरीदारी जारी रही।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि घरेलू स्तर पर जून तिमाही के जीडीपी आंकड़े ब्रोडर रिस्क सेंटिमेंट के लिए अहम होंगे। इससे यह पता चलेगा कि घरेलू अर्थव्यवस्था किस चाल से बढ़ रही है, खासतौर से ऐसे समय में जब एनर्जी प्राइसेज रॉकेट बने हुए हैं और पश्चिमी एशिया में तनाव अभी भी बना हुआ है।

पोनमुडी का कहना है कि जैक्सन होल में फेड चेयर कैविन वार्श के हॉकिश कमेंट के बाद अब अमेरिकी मौद्रिक नीति वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ा कैटेलिस्ट बन गई है। पोनमुडी का कहना है कि मार्केट की नजर अब 4 सितंबर को आने वाले अगस्त की जॉब्स रिपोर्ट के साथ-साथ अगली इनफ्लेशन रीडिंग पर भी नजर रहेगी। इन आंकड़ो से यह तय होगा कि सितंबर में रेट हाइक की हाल में बढ़ी उम्मीदें बनी रहती हैं या कम होती हैं।

रिसर्च एनालिस्ट फर्म एचएसटी वेल्थ के फाउंडर और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि सोमवार को भारतीय इकॉनमी के लिए जून तिमाही के जीडीपी के आंकड़े के आंकड़े आएंगे, जिससे घरेलू आर्थिक विकास की दिशा पता चलेगी। वहीं शुक्रवार को आने वाला अमेरिकी रोजगार का आंकड़ा वैश्विक बाजारों के सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है। उनका कहना है कि इसके बाद निवेशक फिर से फेडरल रिजर्व की सितंबर की मौद्रिक नीतियों को लेकर अपनी उम्मीदों को रिव्यू करेंगे।

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Union Budget 2027: यूनियन बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू, सरकार ने जारी किया सर्कुलर

Union Budget 2027: बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (बजट डिविजन) ने सरकार के सभी मंत्रालयों को बजट सर्कुलर 2027-28 इश्यू कर दिया है। यूनियन बजट हर साल 1 फरवरी को पेश होता है। इस साल 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाला बजट वित्त वर्ष 2027-28 का केंद्र सरकार का बजट होगा।

12 अक्टूबर से प्री-बजट मीटिंग्स शुरू हो जाएंगी

मंत्रालयों को सर्कुलर जारी होने के साथ ही 2026-27 के रिवाइज्ड एस्टिमेट (RE) और 2027-28 के लिए बजट एस्टिमेट (BE) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्कुलर में मंत्रालयों से दोनों का अनुमान पेश करने को कहा गया है। प्री-बजट मीटिंग्स का सिलसिला 12 अक्तूबर, 2026 से शुरू हो जाएगा। इसकी अध्यक्षता एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी करेंगे।

6 अक्टूबर तक मंत्रालयों को अपनी मांग बतानी होगी

सभी मंत्रालयों और विभागों को पैसे की अपनी जरूरत के बारे में यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UBIS) को बताने को कहा गया है। उन्हें यह काम 6 अक्तूबर, 2026 तक पूरा करना होगा। उधर, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर अब तक 55,757 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

सरकार विनिवेश का 78 फीसदी लक्ष्य हासिल कर चुकी है

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक वह इस टारगेट का 78 फीसदी जुटा चुकी है। अभी इस वित्त वर्ष के खत्म होने में 7 महीने का समय बचा है। अनुमान है कि बाकी पैसा इस दौरान आसानी से जुटा लेगी।

मुश्किल में पेश होगा अगले वित्त वर्ष का बजट 

अगले वित्त वर्ष का यूनियन बजट ऐसे वक्त में पेश होने जा रहा है, जब इकोनॉमी के सामने कई चुनौतियां हैं। वैश्विक स्थितियां खासकर मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का असर भारत सहित दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर पड़ा रहा है। क्रूड की कीमतों में उछाल से महंगाई लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर महंगाई कंट्रोल में नहीं आती है तो इसका असर जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ेगा। इधर, डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट आई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।

अगले साल यूपी चुनावों का असर बजट पर दिख सकता है

सरकार और आरबीआई की कोशिश महंगाई को जल्द से जल्द काबू में करने पर होगी। उधर, अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाले बजट पर यूपी चुनावों को असर दिख सकता है। सरकार बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान कर सकती है।

Market Mantra : चिराग दारूवाला से जानें 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा सितंबर, ग्लोबल अनिश्चितता में कहां करें निवेश

Market Mantra : सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला ने सितंबर महीने में सितारों के हिसाब से बाजार की चाल पर बात करते हुए कहा कि ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो गणेश जी कहते हैं कि महीने की शुरुआत में सूर्य और जो बृहस्पति यानी जो गुरु है वो कर्क राशि में होंगे। मंगल और बुध सिंह राशि में होंगे। शुक्र कन्या राशि में होंगे। जबकि शनि ग्रह मीन राशि में वक्री रहेंगे। 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि तुला में आने से बाजार में सकारात्मक माहौल और खरीददारी बढ़ सकती है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजीसी सेक्टर,ज्वेलरी और लग्जरी सेक्टर को अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है।

7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह बाजार में ट्रेडिंग,गतिविधियों और वित्तीय निर्णयों के लिए बहुत अनुकूल रह सकता है। आईटी,टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम,बैंकिंग और ब्रोकरेज सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे बाजार में अचानक थोड़ा सा उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। लेकिन आपको मायूस नहीं होना है। रियलस्टेट, कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

26 सितंबर को बुध फिर से अपनी स्थिति बदलेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों और पारंपरिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। बाजार में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल सकता है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,मीडिया सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी आ सकती है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह महीना इन सेक्टर्स के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है और ग्रह भी इन सेक्टर्स वालों को अच्छा फेवर करेंगे।

राशियों के अनुसार कैसा रहेगा यह महीना?

मेष राशि

चिराग दारूवाला ने कहा कि गणेश जी कहते हैं कि मेष राशि वालों इस महीने आपके लिए बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। इनमें आपको निवेश के लिए काफी अच्छे मौके मिलेंगे। संपत्ति की लेनदेन कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक जांच करें। किसी भी प्रकार का फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए गलत साबित हो सकता है। आपकी इच्छा पूर्ण हो सकती है। आपका सपना पूरा हो सकता है। आपका खुद का घर आप इस महीने बना सकते हैं। खर्चे बहुत अधिक रहने की भी संभावना है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाएं। यह समझ लीजिए कि मेष राशि वालों यह महीना आपको कुछ ना कुछ अवश्य देगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों रेलवे सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। म्यूच्यूल फंड में निवेश किया हुआ है तो आपको अच्छे रिटर्न्स देखने को मिल सकते हैं। संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं तो थोड़ा सा धैर्य रखना होगा। यह महीना क्रिएटिविटी का महीना है। यानी कि आपको नए-नए विचार,नए-नए तरीके सोचने होंगे और उसे आप अमल में लेकर आइए। अवश्य आपको लाभ होगा। खर्चों पर भी नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें। ओम गण गणपताए नमः 108 बार यह मंत्र का उच्चारण करें। जरूर से आपको लाभ देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों इस महीना जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,जो इनस्टेबिलिटी चल रही थी,वह इनस्टेबिलिटी दूर होगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा देखने को मिल सकता है। आपको नए इन्वेस्टर्स,नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर,एनर्जी सेक्टर,स्टील सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में भी निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो वह बेहतरीन रहेगा। खर्चे आपके थोड़े कम होंगे और आप यह कह सकते हैं कि आप राहत की सांस लेंगे।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल कपड़ों का लाल चीजों का दान अवश्य करें और मंगलवार के दिन यह अवश्य आप करिए। आपको अवश्य कुछ ना कुछ लाभ देखने को मिलेगा।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं। जो दिमाग में चल रहे हैं जो आपके आइडियाज हैं जो थॉट्स हैं उसे आप इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,विज्ञान सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन पैसों के लेनदेन से आपको बचना है। व्यापार में मेहनत और परिश्रम आपको अच्छी सफलता दिलाएगा। व्यवसाय में कुछ बदलाव नए बदलाव से आपको अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। बिजनेस को आगे बढ़ाने में आपको थोड़ा सा सक्रिय रहना होगा।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा घास,हरा चारा अवश्य खिलाइए।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने स्टील सेक्टर और सीमेंट सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। अच्छा लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। लेकिन आपके जो आय के स्त्रोत है वह बढ़ेंगे। करियर के लिहाज से यह महीना काफी अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय योग्य नहीं है। थोड़ा सा रुक जाइए। जल्दबाजी मत कीजिएगा।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही या फिर घी का दान अवश्य करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों इस महीने शुक्र आपके जीवन में बहुत कुछ लेकर आए हैं। यानी कि अलग-अलग जगह से आपको पैसे कमाने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नई-नई अपॉर्चुनिटीज आपको मिल सकती है। साथ-साथ में आपने जहां-जहां निवेश किया है,जिन शेयर्स में आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा था,शायद इस महीने आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। अनियंत्रित खर्चों पर भी आपको ध्यान देना होगा। एक बजट बनाएं और उसके अनुसार ही खर्च करें।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पतिए नमः का जाप करें, यह मंत्र का गुरु का मंत्र है। 108 बार जाप अवश्य करिए। गुरु अगर आपके फेवर में होंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों इस महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही बेहतरीन रहेगा। इनमें आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। सोना चांदी का व्यवसाय कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो कीजिए। जरूर से आपको लाभ होगा और आपके किसी भी प्रकार के कुछ काम अटके हुए थे तो आप यह कह सकते हैं 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर का जो समय है वह बहुत ही बेहतरीन है। इंपोर्ट एक्सपोर्ट के व्यवसाय में अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिल सकता है और साथ-साथ में नई अपॉर्चुनिटीज भी मिल सकती है।

उपाय

हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और माता जी को खीर का भोग लगाएं। यह समझ लीजिए तुला राशि वालों कि इस महीने अनएक्सपेक्टेड मॉनिटरी गेंस यानी ऐसा पैसा जो शायद आपने सोचा भी नहीं हो,अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है। यह महीना आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं आपको आलस का त्याग करना है। थोड़ा सा आपको एक्टिव हो जाना है। अलर्ट हो जाना है। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने आपकी जो आर्थिक स्थिति है वह पहले से बेहतर दिखाई दे रही है। लंबी अवधि के निवेश से अच्छी आय होगी। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बहुत बेहतरीन है। इस महीने किसी भी प्रकार का आप फैसला लें वह जल्दबाजी में मत लीजिएगा। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए नुकसानकारक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर से लीजिए। वरना आप फंस सकते हैं। व्यापार में अच्छे ऑर्डर्स आपको मिल सकते हैं। नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस महीने जो आपका जो नेटवर्किंग है,आपके जो संपर्क है,वह और भी बढ़ेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क बढ़ेंगे और कहीं ना कहीं वह आपको मददगार भी साबित होंगे।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अवश्य अर्पण करें और ओम हनुमंताय रामदूताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों बहुत मेहनत करते हैं। बहुत एफर्ट्स देते हैं। पर परिणाम नहीं मिलता। तो आप यह कह सकते हैं कि आपने जो पास्ट में एफर्ट्स किए थे,जो मेहनत की थी,जिसका परिणाम आपको नहीं मिल रहा था,उसका परिणाम इस महीने आपको मिल सकता है। स्टील सेक्टर और पावर सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स आपको अच्छा फायदा कराएंगे। निवेश संबंधित योजनाएं भी बहुत सफल रहेंगी। व्यापार में अच्छी तरक्की देखने को मिल सकती है और अगर आप कोई पार्टनर ढूंढ रहे हैं,कोई इन्वेस्टर ढूंढ रहे हैं अपने व्यापार के लिए तो इस महीने आपको वह इन्वेस्टर भी मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप करें और गाय माता को गुड़ अवश्य खिलाइए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों जितना ज्यादा विचार करेंगे उतना आप कंफ्यूजन में रहेंगे, स्ट्रेस में रहेंगे, एंग्जायटी में रहेंगे, कुछ भी नहीं कर पाएंगे, तो इस महीने आपको ज्यादा विचार नहीं करना है। कार्य के ऊपर फोकस करना है। शेयर बाजार में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर कीजिए आपके लिए फायदेमंद रहेगा पावर सेक्टर, एनर्जी सेक्टर और गैस सेक्टर में निवेश आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा और जिन शेयर्स में आपका आपका पैसा रुका हुआ था उसमें तेजी देखने को मिल सकती है। घर या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने का आपका जो सपना है वह सपना इस महीने अवश्य पूर्ण होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पर आपको धैर्य रखना है। उत्तेजित नहीं हो जाना है। मन को शांत रख के कोई भी कार्य करेंगे तो अवश्य आने वाले समय में आपका डंका बजेगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव जी को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य चढ़ाइए।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने आप कोई भी प्रकार का लेनदेन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। दूसरा शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो प्रॉपर रिसर्च करके निवेश करिए। किसी की भी बातों में आकर अगर आपने निवेश किया तो शायद आपका पैसा फंस सकता है। आपको फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छा मुनाफा मिलेगा। सोने में या फिर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। व्यापार में अच्छी आमदनी होगी। अपना पैसा सोच समझकर निवेश करना होगा।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को और काले कुत्तों को भोजन अवश्य खिलाइए। शनिदेव जी की मेहरबानी रहेगी तो आपके कर्मों का फल जो आपने एफर्ट्स दिए थे जो आपकी सोच थी उसका आपको अच्छा परिणाम इस महीने देखने को मिलेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों गणेश जी कहते हैं कि बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर और एनर्जी सेक्टर में निवेश आपके लिए अच्छा रहेगा। इनमें आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। महीने के अंत में यानी कि 27 तारीख से लेकर 30 तारीख के बीच में अगर आप प्रॉफिट बुक करने का विचार कर रहे हैं तो आप कर सकते हैं। नौकरी कर रहे हैं अच्छा इंक्रीमेंट मिल सकता है। म्यूच्यूल फंड में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत आप इस महीने कर सकते हैं। लोन लेने का विचार कर रहे हैं और नहीं मिल रहा है,कुछ ना कुछ अड़चनें आ रही थी तो वो अड़चनें भी इस महीने दूर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का विचार कर रहे हैं,नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत कर दीजिए। सब्र मत रखिए। थोड़ा सा एक्टिव हो जाइए। थोड़ा सा अलर्ट हो जाइए और एकदम पीछे पड़ जाइए। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने लिए हुए कोई भी फैसले, इस महीने किए हुए कोई भी कार्य आने वाले समय में आपको एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

उपाय

रोजाना सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

बाजार में डिस्काउंट पर मिल रहे शेयर, न चूकें मौका

चिराग दारूवाला का कहना है कि इस समय सभी तरह के निवेशकों सबसे पहले धैर्य रखना है। दुनिया में जितने भी वॉर चल रहे हैं उसके बावजूद आने वाले कुछ समय में आप देखेंगे कि हमारा सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई लगाता दिखेगा। आपको सिर्फ धैर्य रखना है। अगर आपको लग रहा है कि आपका पोर्टफोलियो 15, 20 या 30 फीसदी माइनस में है तो आप उसे साइड में रख के आराम से चैन की नींद लीजिए। जिन लोगों ने अभी तक निवेश नहीं किया है, सोच रहे हैं कि शायद बाजार और गिरेगा तो वे यह कर सकते हैं कि थोड़ा सा निवेश करे क्योंकि अभी आपको बाजार में डिस्काउंट मिल रहा है। बाजार में वैसा की डिस्काउंट मिल रहा है जैसा Flipkart Flipkart और Amazon पर मिलता है। इस समय आप डिस्काउंट पर शेयर्स ले सकते हैं। आने वाले समय में आपको जरूर अच्छा रिटर्न मिलेगा।

 

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 21 स्टॉक्स; TempSens की लिस्टिंग समेत Lenskart, Wipro और Tejas Networks समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 60.50 प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़त के साथ 24,260.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lenskart Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव वेंचर्स ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 1.2% हिस्सेदारी बेच सकती है। लगभग ₹1,313 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹630 तय किया गया है।

Texmaco Rail and Engineering

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ने जर्मनी की Bochumer Verein Verkehrstechnik GmbH (BVV) के साथ एक एमओयू किया है। इसमें रेलवे व्हील्स, व्हीलसेट्स, एक्सल्स और रेल गाड़ियों के दूसरे पार्ट्स को लेकर कारोबारी मौके तलाशने और उन पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

Tejas Networks

तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से बीएसएनएल के 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 18,685 साइट्स पर RAN इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटीरियल की सप्लाई के लिए ₹1,537 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को केंद्रीय विद्यालय संगठन, डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड एससीईआरटी (ओडिशा) और केनरा बैंक से ₹134.27 करोड़ के कई कंस्ट्रक्शन ऑर्डर मिला है।

Chemplast Sanmar

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए केमप्लास्ट सनमार

के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर गणेशकुमार सुब्रमण्यन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Wipro

विप्रो ने जेमिनी एंटरप्राइज और एजेंटिक AI को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विप्रो जेमिनी एंटरप्राइज के इंटरनल डिप्लॉयमेंट को बढ़ा रही है और 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स समेत 10,000 से ज्यादा एआई-सर्टिफाइड स्पेशलिस्ट्स को एडवांस्ड AI क्षमताओं से लैस करेगी।

Adani Power

अदाणी पावर ने अपनी सब्सिडियरीज चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क और अदाणीकनेक्स के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया है, जिसके तहत यह चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क में अपनी पूरी हिस्सेदारी अदाणीकनेक्स को ₹535.69 करोड़ में बेचेगी।

RPP Infra Projects

तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिए गए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को रद्द कर दिया है।

Star Cement

MMDR (माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)) एक्ट, 1957 के नए नियमों के तहत स्टार सीमेंट और उसकी सब्सिडियरीज को अब 22 अगस्त, 2026 से मिनरल सेस का पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में बदलाव किया है और अब राज्य सरकारें मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य लेवी नहीं लगा सकती हैं। इसमें यह भी है कि पुरानी बकाया लेवी अब वसूली नहीं जाएगी।

Dr Agarwal’s Health Care

डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर की सब्सिडियरी डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने चेन्नई में दुनिया का पहला पिनहोल पपिलोप्लास्टी (PPP) सेंटर शुरू किया है।

Union Bank of India

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर ब्रांच के अमेरिकी डॉलर में जारी हुए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को ‘BBB’ लॉन्ग-टर्म इश्यू रेटिंग दी है।

Apollo Tyres

ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वॉरबर्ग पिनकस की कंपनी एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट ने अपोलो टायर्स में 4.25% हिस्सेदारी वाले 2.7 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,174.93 करोड़ के भाव पर बेच दिए। ये शेयर तीन घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने प्रति शेयर ₹435 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक अपोलो टायर्स में एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी 9.93% थी, जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 1.12% हिस्सेदारी थी।

ICICI Prudential Asset Management Company

प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 98.85 लाख शेयर (2% हिस्सेदारी) ₹3,030.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,065.47 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल AMC में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 87.6% थी, जिसमें प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 34.59% थी।

Foseco India

मॉर्गन टेरासेन और मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.26% हिस्सेदारी बेच दी। मॉर्गन एडवांस्ड मैटेरियल्स की मॉर्गन टेरासेन ने फोसेको इंडिया के 5.6 लाख शेयर (7.43% हिस्सेदारी) ₹330.26 करोड़ में तो मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने 5.9 लाख शेयर (7.84% हिस्सेदारी) ₹348.36 करोड़ में बेचे हैं। कुल मिलाकर ₹678.6 करोड़ में 11.5 लाख शेयर को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- सिटीग्रुप, इंवेस्को एमएफ, एलआईसी एमएफ, महिंद्रा मैनुलाइफ एमएफ, मिरे एसेट एमएफ, मॉर्गन स्टेनले, कैटामारन वेंचर्स, एसबीआई एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एएमसी ने प्रति शेयर ₹5,897 के भाव पर खरीदे।

Aye Finance

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर अल्फा वेव ग्लोबल की कंपनी अल्फा वेव इंडिया I ने आय फाइनेंस से अपनी पूरी 7.78% हिस्सेदारी (1.92 करोड़ शेयर) ₹322.57 करोड़ में बेच दी। इनमे में 14.88 लाख शेयर मधुसूदन केला की सिंगुलैरिटी AMC ने सिंगुलैरिटी लार्ज वैल्यू फंड III के जरिए ₹25 करोड़ में और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज (एशिया) ने 23.8 लाख शेयर ₹40 करोड़ में खरीदे। शेयरों का लेन-देन ₹168 के भाव पर हुआ।

DCB Bank

एसबीआई और ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने डीसीबी बैंक के 37 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹80.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹217.01 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक बैंक में इस फंड की 2.86% हिस्सेदारी थी।

Happiest Minds Technologies

पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के 8.3 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹35.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹429.92 के भाव पर खरीद लिए।

Iris Clothings

निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने आइरिस क्लोदिंग्स में 0.6% हिस्सेदारी के बराबर 11.53 लाख शेयर ₹6.58 करोड़ में प्रति शेयर ₹57.1 के भाव पर खरीदे।

RPP Infra Projects

सीएमके प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर यागवी एनए से कंपनी के 5 लाख शेयर ₹2.84 करोड़ में प्रति शेयर ₹56.85 के भाव पर खरीद लिए।

Wonder Electricals

नेक्सस ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और यूनिको ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड ने वंडर इलेक्ट्रिकल्स में अपनी 5.66% हिस्सेदारी (75.89 लाख शेयर) ₹98.21 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक नेक्सस ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की कंपनी में 2.34% हिस्सेदारी थी, तो यूनिको ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 7.48%।

Tempsens Instruments (India)

आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: एमसीएक्स, होनासा कंज्यूमर, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, अरविंद स्मार्टस्पेस, ब्लैक बॉक्स, कैंटाबिल रिटेल इंडिया, कोरल इंडिया फाइनेंस एंड हाउसिंग, डैम कैपिटल एडवाइजर्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, इमामी पेपर मिल्स, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, गुफिक बायोसाइंसेज, गुलशन पॉलीओल्स, हल्डिन ग्लास, जेनबर्कट फार्मा, क्रेडो ब्रांड्स मार्केटिंग, एनबीसीसी (इंडिया), पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, पॉली मेडिक्योर, प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज, रॉयल ऑर्किड होटल्स, साल्जर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टर्लिंग टूल्स, स्टड्स एक्सेसरीज, सुपरशक्ति मेटालिक्स, स्वान कॉर्प, वेरिटास (इंडिया), वर्धमान होल्डिंग्स, विक्रान इंजीनियरिंग, वर्धमान स्पेशल स्टील्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, यूकेन इंडिया

एक्स-राइट्स: जयके एंटरप्राइजेज

एक्स-स्प्लिट: रोटोग्राफिक्स (इंडिया), स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

F&O बैन: आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Welspun Corp में ₹1433 करोड़ की ब्लॉक डील, प्रमोटर ग्रुप और CEO ने बेची 2.4% हिस्सेदारी

पाइप और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Welspun Corp में बुधवार यानी 26 अगस्त को बड़ी ब्लॉक डील हुई। NSE पर करीब ₹1,433 करोड़ के शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। इस डील में प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Welspun Investments and Commercials और कंपनी के MD और CEO विपुल माथुर ने मिलकर करीब 63 लाख शेयर बेचे।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, ये शेयर औसतन ₹2,275.30 प्रति शेयर के भाव पर बिके। कुल शेयर कंपनी की करीब 2.4% हिस्सेदारी के बराबर हैं।

Capital Group ने खरीदे ज्यादातर शेयर

इस ब्लॉक डील में Capital Group की तीन कंपनियां बड़ी खरीदार बनकर सामने आईं। तीनों ने मिलकर करीब 42.3 लाख शेयर खरीदे। यह Welspun Corp की करीब 1.64% हिस्सेदारी है।

Euro Pacific Growth Fund सबसे बड़ा खरीदार रहा। उसने करीब 29.5 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 1.12% हिस्सेदारी है। इस खरीद के लिए फंड ने करीब ₹670.3 करोड़ खर्च किए।

New World Fund ने करीब 8.4 लाख शेयर खरीदे। यह करीब 0.32% हिस्सेदारी है। इसके लिए करीब ₹191.51 करोड़ खर्च किए गए। Capital Group Europacific Growth Trust ने करीब 4.4 लाख शेयर खरीदे। इसकी हिस्सेदारी करीब 0.2% है और डील की वैल्यू करीब ₹100.9 करोड़ रही।

इन तीनों फंड ने मिलकर करीब ₹963 करोड़ के शेयर खरीदे। बाकी करीब 20.7 लाख शेयर किसने खरीदे, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में नहीं है।

कंपनी को नहीं मिलेगा डील का पैसा

यह डील सेकेंडरी शेयर सेल है। यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। शेयर मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे हैं। इसलिए डील से मिला पैसा Welspun Corp के खाते में नहीं जाएगा। यह रकम Welspun Investments and Commercials और विपुल माथुर को मिलेगी।

2026 में बढ़ी ब्लॉक डील

Welspun Corp की यह डील इस साल भारतीय बाजार में बढ़ी सेकेंडरी शेयर सेल्स की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। Prime Database के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक प्रमोटर्स, फाउंडर्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने 9,616 ब्लॉक और बल्क डील के जरिए करीब ₹3.63 लाख करोड़ के शेयर बेचे हैं।

इस दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों ने बाजार में आई इस सप्लाई का कुछ हिस्सा खरीदा है। वहीं विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों को लेकर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

Welspun Corp का शेयर बुधवार को NSE पर 1.49% गिरकर ₹2,310.50 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जेपी मॉर्गन ने Nifty 50 के लिए 27000 का टारेगट दिया, भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म

शेयर बाजार में आने वाली तेजी को लेकर क्या आपके मन में संदेह है? अगर हां तो आपको जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। जेपी मॉर्गन ने निफ्टी 50 के लिए 27,000 का टारगेट बताया है। उसका मानना है कि वैल्यूएशन में इम्प्रूवमेंट है। साध ही घरेलू इकोनॉमी से जु़ड़े बेहतर डेटा की वजह से भारतीय शेयर बाजार फिर से अट्रैक्टिव हो गया है।

भारतीय बाजार के लिए ग्लोबल रिस्क बरकरार

जेपी मॉर्गन में इंडिया इक्विटी रिसर्च के हेड संजय मोकिम ने ग्लोबल स्थितियों खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर असर पड़ सकता है। इसका असर भारत में विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी पड़ सकता है।

घरेलू स्थितियां बाजार में तेजी के लिए अनुकूल

मोकिम ने कहा कि इंडिया की इकोनॉमी की स्थितियां शेयर बाजार के लिए अनुकूल हैं। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वैल्यूएशंस खासकर लार्जकैप शेयरों की वैल्यूएशन कम हुई है। उन्होंने कहा, “भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन सालों के मुकाबले अब बेहतर हैं।” उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से भी स्थिति अनुकूल हुई है।

निवेशक फिर से भारतीय बाजार को लेकर उत्साहित

उन्होंने कहा कि नॉर्थ एशियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और भारत में लार्जकैप शेयरों की सही वैल्यूएशंस से इनवेस्टर्स एक बार फिर भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश तुरंत बढ़ने नहीं जा रहा है। उनका मानना है कि वैश्विक स्थितियों को लेकर ज्यादा चिंता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर का विकल्प मिला

मोकिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बारे में कहा कि इसके बढ़ने से निवेशकों के पास अपेक्षाकृत सुरक्षित डॉलर एसेट्स का एक विकल्प मिल गया है। उन्होंने कहा, “जब 10 साल के बॉन्ड्स की यील्ड इस लेवल पर हैं तो आपको इमर्जिंग मार्केट्स एसेट्स में निवेश करने की क्या जरूरत है।” उन्होंने भारत में आईपीओ, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP) और ब्लॉक डील्स का भी जिक्र किया।

आआईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा

उन्होंने कहा कि आईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा है। अभी बाजार में नए शेयरों की सप्लाई म्यूचुअल फंड्स में हर महीने होने वाले निवेश के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका असर छोटी अवधि में लिक्विडिटी पर पड़ेगा। लेकिन, मीडियम टर्म में यह अच्छा है, क्योंकि इससे बाजार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके बनेंगे।