EPF Investment: रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए EPF का पैसा कहां लगाएं? समझिए पूरा हिसाब

EPF Investment: रिटायरमेंट के समय EPF में 50 लाख रुपये जमा हैं तो सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पैसा कहां रखा जाए। असली सवाल यह है कि इस रकम से हर महीने खर्च कैसे चले और पैसा जल्दी खत्म भी न हो।

रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है। इसलिए EPF की रकम को अलग-अलग निवेश में बांटकर नियमित इनकम और लंबी अवधि की ग्रोथ का संतुलन बनाया जा सकता है।

50 लाख रुपये को कैसे बांटें?

Master Capital Services की वेल्थ मैनेजमेंट AVP आकांक्षा शुक्ला के मुताबिक, रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में फिक्स्ड इनकम, डेट, इक्विटी और इमरजेंसी फंड का संतुलन रखा जा सकता है।

50 लाख रुपये के कॉर्पस का एक उदाहरण लें तो करीब 45% रकम यानी 22.50 लाख रुपये फिक्स्ड इनकम वाले विकल्पों में रखी जा सकती है। 32.5% यानी 16.25 लाख रुपये डेट में और 17.5% यानी 8.75 लाख रुपये इक्विटी में रखे जा सकते हैं। बाकी 2.50 लाख रुपये इमरजेंसी फंड के तौर पर रखे जा सकते हैं।

निवेशहिस्सारकम
फिक्स्ड इनकम45%₹22.50 लाख
डेट निवेश32.50%₹16.25 लाख
इक्विटी17.50%₹8.75 लाख
इमरजेंसी फंड5%₹2.50 लाख
कुल100%₹50 लाख

यह सिर्फ उदाहरण है। आप अपनी उम्र, मासिक खर्च, पेंशन और जोखिम क्षमता के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं।

फिक्स्ड इनकम से कितनी कमाई?

22.50 लाख रुपये का हिस्सा SCSS, बैंक FD जैसे फिक्स्ड इनकम विकल्पों में रखा जा सकता है। अगर इस हिस्से पर करीब 7% सालाना ब्याज मिलता है, तो साल भर में लगभग 1.57 लाख रुपये की ब्याज आय बनती है।

यानी इस हिस्से से करीब 13,000 रुपये महीने की इनकम मिल सकती है।

डेट निवेश क्यों जरूरी है?

16.25 लाख रुपये डेट निवेश में रखने का मकसद पोर्टफोलियो को स्थिर रखना और जरूरत के समय पैसा उपलब्ध कराना है। डेट म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प इसमें मदद कर सकते हैं।

अगर इस हिस्से से लंबे समय में करीब 6.5% सालाना रिटर्न मिलता है, तो सालाना लगभग 1.06 लाख रुपये की ग्रोथ बन सकती है।

इक्विटी में भी रखें कुछ पैसा

रिटायरमेंट के बाद पूरा पैसा सुरक्षित निवेश में रखने से महंगाई का असर बढ़ सकता है। इसलिए 50 लाख रुपये के इस उदाहरण में 8.75 लाख रुपये इक्विटी के लिए रखे गए हैं।

इस रकम को लार्ज-कैप, इंडेक्स या हाइब्रिड फंड जैसे विकल्पों में लगाया जा सकता है। यहां मकसद हर साल ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं है। मकसद यह है कि लंबे समय में कॉर्पस पर महंगाई का असर कम हो। मान लीजिए इस हिस्से से लंबे समय में औसतन 10% रिटर्न मिलता है। तब साल भर में करीब 87,500 रुपये की ग्रोथ हो सकती है।

हर महीने कितनी रकम निकाल सकते हैं?

रिटायरमेंट में एक अहम सवाल यह है कि 50 लाख रुपये में से हर साल कितनी रकम निकाली जाए। स्वाति जैन के मुताबिक, 4 से 5% सालाना निकासी की रणनीति अपनाई जा सकती है।

50 लाख रुपये पर 4% की दर से सालाना करीब 2 लाख रुपये निकाले जा सकते हैं। यानी हर महीने लगभग 16,700 रुपये। अगर निकासी की दर 5% रखी जाए तो सालाना करीब 2.50 लाख रुपये निकलेंगे। इस हिसाब से मासिक रकम लगभग 20,800 रुपये होगी। इस तरह 50 लाख रुपये के कॉर्पस से करीब 16,700 से 20,800 रुपये महीने का शुरुआती कैश फ्लो बनाया जा सकता है।

1-2 साल का खर्च अलग रखें

रिटायरमेंट के बाद बाजार गिरने पर इक्विटी बेचकर खर्च निकालना नुकसानदायक हो सकता है। इससे बचने के लिए कुछ रकम अलग रखना जरूरी है। मान लीजिए आपका मासिक खर्च 20,000 रुपये है। ऐसे में एक साल का खर्च 2.40 लाख रुपये होगा। दो साल के खर्च के लिए करीब 4.80 लाख रुपये अलग रखे जा सकते हैं।

इस रकम को ऐसे विकल्प में रखा जा सकता है जहां पैसा आसानी से उपलब्ध हो। बाजार में बड़ी गिरावट आने पर रोजमर्रा के खर्च के लिए इक्विटी बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

EPF पर ही निर्भर क्यों न रहें?

EPF रिटायरमेंट के लिए बड़ा कॉर्पस बनाने में मदद करता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद जरूरत बदल जाती है। हर महीने सैलरी की जगह अब निवेश से कैश फ्लो चाहिए।

Kustodian Life के फाउंडर कुणाल काबरा के मुताबिक, 58 साल की उम्र के बाद EPF में नया योगदान बंद हो जाता है और बैलेंस पर ब्याज मिलने की भी तय सीमा है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद सिर्फ EPF पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग निवेशों से इनकम का इंतजाम करना जरूरी है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Personal Loan: बैंकों के पास पैसा बढ़ा, क्या अब आसानी से मिलेगा पर्सनल लोन? जानिए ब्याज दर पर क्या असर होगा

Personal Loan: अगर आप आने वाले त्योहारी महीनों में पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, भारत में पर्सनल लोन की ग्रोथ फिर तेज हो सकती है। बैंकों के पास पर्याप्त लिक्विडिटी यानी नकदी है और वे आने वाले महीनों में इस पैसे को लोन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

पर्सनल लोन की ग्रोथ बढ़ने के संकेत

UBS के मुताबिक, भारत में अनसिक्योर्ड क्रेडिट का एक मजबूत दौर शुरू हो सकता है। इसमें पर्सनल लोन बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सितंबर की CIRF रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल लोन का कुल बकाया पोर्टफोलियो करीब ₹17 लाख करोड़ है। इसमें सालाना आधार पर 13.8% की बढ़ोतरी हुई है।

देश के पांच बड़े बैंकों में पर्सनल लोन पोर्टफोलियो की ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसतन 10% रही। SBI की ग्रोथ 15%, ICICI Bank की 12.9%, Axis Bank की 6% और Kotak Mahindra Bank की 5% रही।

क्या अब पर्सनल लोन मिलना आसान होगा?

बैंकों के पास अतिरिक्त पैसा होने से लोन बांटने की क्षमता जरूर बढ़ सकती है। UBS का मानना है कि आने वाले महीनों में बैंक इस अतिरिक्त रकम को खास तौर पर पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट में लगा सकते हैं।

इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिनकी प्रोफाइल मजबूत है। यानी अच्छा क्रेडिट स्कोर, स्थिर आय और पहले से कम कर्ज वाले लोगों के लिए लोन अप्रूवल का माहौल बेहतर हो सकता है।

क्या पर्सनल लोन सस्ता भी होगा?

यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। UBS की रिपोर्ट बैंकों में बढ़ी नकदी और पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ की बात करती है। ज्यादा पैसा उपलब्ध होने से बैंक ज्यादा लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। मगर इसका सीधा मतलब ब्याज दर में कटौती नहीं है।

अगर बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हैं, तो कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर या ऑफर मिल सकते हैं। लेकिन यह बैंक और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करेगा।

FCNR-B से बैंकों के पास आया ज्यादा पैसा

पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ के पीछे एक बड़ी वजह FCNR-B डिपॉजिट स्कीम से आई लिक्विडिटी है। 31 अगस्त को स्कीम बंद होने तक इस रास्ते से करीब $133 अरब का इनफ्लो आया। FCNR-B (Foreign Currency Non-Resident Bank Deposit) NRI लोगों के लिए बैंक में विदेशी मुद्रा में पैसा जमा करने की सुविधा है। इसमें जमा रकम और ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में होता है, इसलिए रुपये की कीमत में बदलाव का असर सीधे नहीं पड़ता।

UBS के मुताबिक, इससे बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹12-13 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी बन सकती है। बैंक इस पैसे का इस्तेमाल आने वाले महीनों में लोन देने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, बैंकिंग अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त पैसे को लोन में बदलने में 3-4 महीने लग सकते हैं।

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो आने वाले महीनों में पर्सनल लोन के विकल्प बढ़ सकते हैं। बैंक ज्यादा आक्रामक तरीके से लोन ऑफर कर सकते हैं और कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है।

लेकिन ‘लोन आसानी से मिलेगा’ और ‘लोन सस्ता होगा’ दोनों एक ही बात नहीं हैं। फिलहाल संकेत पर्सनल लोन की उपलब्धता और ग्रोथ बढ़ने के हैं। ब्याज दर में कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि RBI की पॉलिसी, बैंकों की फंडिंग कॉस्ट और ग्राहकों के क्रेडिट रिस्क में क्या बदलाव आता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

PM Kisan Samman Nidhi Updates: 24वीं किस्त का इंतजार जल्द होगा खत्म, अगले महीने आएगा किसानों के खाते में पैसा

देश के करोड़ों किसानों को जल्द खुशखबरी मिल सकती है। पीएम किसान सम्मान योजना की 24वीं किस्त अगले महीने उनके बैंक अकाउंट में आ सकती है। इस योजना के दायरे में आने वाले किसानों को एक साल में कुल 6,000 रुपये मिलते हैं। यह पैसा सरकार की तरफ से किसानों के खातों में दो-दो हजार की तीन किस्तों में ट्रांसफर किया जाता है।

अगले महीने बड़े त्योहार

अगले महीने दशहरा है। उसके बाद नवंबर में दिवाली है। ऐसे में खाते में इस स्कीम का पैसा आने से किसानों को काफी राहत मिलगी। पिछले साल 19 नवंबर को सरकार की तरफ से इस स्कीम की दूसरी किस्त का पैसा किसानों के खातों में ट्रांसफर हुआ था। हालांकि, 2024 में 5 अक्तूबर को ही किसानों के खातों में स्कीम का पैसा आ गया था।

ई-केवायसी जरूरी है

यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पीएम किसान योजना का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा, जिन्होंने ई-केवायसी नहीं कराई है। इस योजना के दायरे में आने वाले किसानों को ई-केवायसी कराने पर ही पैसा खाते में आएगा। साथ ही उन्हें अपने बैंक अकाउंट को भी आधार से लिंक करना होगा। इसके बाद ही उनके खाते में योजना की 24वीं किस्त आएगी।

अगले महीने आ सकता है पैसा

इस स्कीम से जुड़ी खबरों पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि चूंकि अक्तूबर में दशहरा है। दूसरे हफ्ते नवरात्र शुरू हो जाएगा। इस वजह से 24वीं किस्त के अक्तूबर की शुरुआत या दूसरे हफ्ते तक आ जाने की उम्मीद है। योजना की 23 किस्त इस साल जून में किसानों के खाते में आई थी।

कुछ किसानों को 23वीं किस्त भी मिल सकता है

इस बार कुछ किसानों को 24वीं किस्त के साथ 23वीं किस्त का भी पैसा मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि कई किसानों को ई-केवायसी और जमीन का सत्यापन नहीं होने से से 23वीं किस्त का पैसा नहीं मिला था। अब जिन किसानों ने अपना ई-केवायसी पूरा कर लिया है और जमीन का सत्यापन भी हो चुका है, उन्हें 24वीं किस्त के साथ 23वीं किस्त का पैसा भी मिल सकता है।

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2019 में शुरू हुई थी केंद्र सरकार की स्कीम

पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की स्कीम है। इस स्कीम के तहत किसानों को मिलने वाला पूरा पैसा केंद्र सरकार की तरफ से आता है। इस योजना का ऐलान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 2019 के अंतरिम बजट में किया था। इस स्कीम का मकसद देश के करोड़ों किसानों की इनकम को सपोर्ट देना है।

NSE IPO: 5.67 गुना सब्सक्राइब, हर 4 में से 3 रिटेल इनवेस्टर को शेयर अलॉटमेंट मिल सकता है

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ₹22,569 करोड़ का IPO सोमवार, 21 सितंबर को बंद हो गया। आखिरी दिन इश्यू को 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।

QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। उनका हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। NII कैटेगरी 6.54 गुना और रिटेल हिस्सा 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों को कितना मिल सकता है?

रिटेल हिस्सा 1.35 गुना भरा है। इस आधार पर शुरुआती अनुमान करीब 75% का है। अगर आसान भाषा में कहें तो हर चार में से करीब तीन रिटेल आवेदकों को शेयर मिल सकते हैं।

इसे पक्का अलॉटमेंट रेशियो नहीं मानना चाहिए। क्योंकि असल अलॉटमेंट वैध आवेदनों और IPO के नियमों के हिसाब से होगा।

NSE IPO के GMP में भारी गिरावट

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था। एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,280 लगाने पड़े।

ग्रे मार्केट में NSE शेयर का GMP IPO के दौरान काफी नीचे आया है। लेटेस्ट GMP करीब 3% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। शुरुआत में ये 18% के करीब था। GMP अनऑफिशियल होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746 करोड़

IPO से पहले NSE ने 189 एंकर निवेशकों से ₹6,746.18 करोड़ जुटाए थे। इन्हें ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर शेयर दिए गए। एंकर निवेशकों को 16 सितंबर को 3.78 करोड़ शेयर अलॉट किए गए।

LIC सबसे बड़ा व्यक्तिगत एंकर निवेशक रहा। उसे करीब ₹400.3 करोड़ के शेयर मिले। Norway का Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore और Abu Dhabi Investment Authority भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

NSE का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा।

इश्यू से जुड़े खर्च निकालने के बाद रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। अपर प्राइस बैंड पर NSE की वैल्यू करीब ₹4.42 लाख करोड़ है। IPO में कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ तक का हिस्सा भी रखा गया था। पात्र कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹170 प्रति शेयर की छूट मिली है।

22 सितंबर को अलॉटमेंट, 24 को लिस्टिंग

NSE IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।

अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद निवेशक रजिस्ट्रार और स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।

शेयर बाजार में NSE की कितनी हिस्सेदारी?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म तीन महीने में कैश मार्केट के टर्नओवर में NSE की हिस्सेदारी 93.05% रही।

इक्विटी फ्यूचर्स में इसकी हिस्सेदारी 99.72% और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48% थी। वहीं, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर NSE की हिस्सेदारी 100% रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PM Kisan Yojana: क्या दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे ₹2000? जानिए 24वीं किस्त का अपडेट

PM Kisan Yojana 24th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त का किसानों को इंतजार है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अब देश के करोड़ों किसान अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में अक्टूबर या दिवाली से पहले किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने भी पिछले दिनों संकेत दिया था कि अगली किस्त अक्टूबर में आ सकती है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से किसी पक्की तारीख का ऐलान नहीं हुआ।

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी पात्रता पर ध्यान देना चाहिए। कुछ जरूरी काम पूरे नहीं होने पर किस्त अटक सकती है।

e-KYC नहीं है तो अटक सकता है पैसा

PM-KISAN के तहत रजिस्टर्ड किसानों के लिए e-KYC जरूरी है। सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी इसे अनिवार्य बताया गया है। इसलिए जिन किसानों की e-KYC पूरी नहीं है, उन्हें इसे जल्द पूरा कर लेना चाहिए।

इसके अलावा बैंक खाते की जानकारी और आधार से जुड़ी डिटेल भी सही होनी चाहिए। PM-KISAN की रकम DBT के जरिए किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है।

नए किसानों के लिए Farmer ID जरूरी

अगर आपने हाल में PM-KISAN के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, तो Farmer ID भी अहम है। सरकार ने नए किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में Farmer ID को जरूरी किया है।

इस डिजिटल ID में किसान की पहचान और जमीन से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है। Farmer ID बनवाने के लिए किसान CSC सेंटर या संबंधित राज्य के कृषि पोर्टल की मदद ले सकते हैं।

जमीन आपके नाम नहीं है तो क्या होगा?

PM-KISAN का लाभ जमीन रखने वाले पात्र किसान परिवारों को मिलता है। यानी केवल खेती करने से योजना का लाभ मिलना जरूरी नहीं है। जमीन के मालिकाना हक और योजना की दूसरी पात्रता शर्तें भी देखी जाती हैं।

PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक, जमीन का मालिकाना हक 1 फरवरी 2019 के बाद हासिल करने वाले कुछ मामलों और एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों के लाभ लेने जैसे मामलों की जांच की जा सकती है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने तक भुगतान रोका जा सकता है।

हर साल मिलते हैं ₹6,000

PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवारों को साल में कुल ₹6,000 मिलते हैं। यह रकम तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यानी हर किस्त में ₹2,000 सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं।

फिलहाल 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख का इंतजार है। ऐसे में किसानों को अपना e-KYC, बैंक और आधार से जुड़ी जानकारी और लाभार्थी स्टेटस पहले ही चेक कर लेना चाहिए।

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Post Office Scheme: हर महीने सिर्फ ₹4,000 की बचत से 5 साल में लाखों का फंड! यहां देखिए पूरा हिसाब

Post Office RD Scheme: शेयर बाजार की उठक-पटक और अनिश्चितता के इस दौर में अगर आप बिना किसी जोखिम के अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित बढ़ाना चाहते हैं, तो स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स सबसे सुरक्षित जरिया हैं। भारतीय पोस्ट की 5-वर्षीय रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके बिना मार्केट रिस्क के मोटा फंड तैयार करना चाहते हैं।

सरकारी गारंटी के साथ आने वाली इस स्कीम में यदि आप हर महीने ₹4,000 जमा करते हैं, तो 5 साल में आपको कितना ब्याज मिलेगा और मैच्योरिटी पर कुल कितना पैसा हाथ में आएगा? आइए आपको बताते हैं।

₹4,000 महीने की बचत पर कितना मिलेगा रिटर्न?

अगर आप पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली आरडी में हर महीने ₹4,000 जमा करने का फैसला करते हैं, तो आपकी कुल निवेश और रिटर्न का हिसाब इस प्रकार होगा:

कुल जमा मूलधन: ₹4,000 × 60 महीने = ₹2,40,000

कमाई गई ब्याज: 6.7% की त्रैमासिक चक्रवृद्धि दर से लगभग ₹45,463

कुल मैच्योरिटी राशि: ₹2,85,463 (लगभग ₹2.85 लाख)

यानी बिना किसी एकमुश्त बोझ के, रोज के लगभग ₹133 बचाकर आप 5 साल में ₹2.85 लाख से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं।

इमरजेंसी में काम आएगा पैसा

अक्सर लोग लंबी अवधि की योजनाओं में पैसे लॉक होने के डर से निवेश नहीं करते। लेकिन पोस्ट ऑफिस आरडी आपको लिक्विडिटी की सुविधा भी देती है:

शर्त: अगर आपने कम से कम 12 महीने तक लगातार किस्तें जमा की हैं और खाता एक्टिव है।

फायदा: आप अपने खाते में जमा कुल रकम का 50% तक लोन ले सकते हैं। इस लोन पर आरडी की ब्याज दर से 2% अधिक ब्याज देना होता है, जिसे आप एकमुश्त या किश्तों में चुका सकते हैं।

समय से पहले खाता बंद करने का नियम

अगर कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक इमरजेंसी आती है, तो आप 5 साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले भी अपना खाता बंद करा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए खाता शुरू होने की तारीख से 3 साल की अवधि पूरी होना अनिवार्य है। 3 साल बाद प्री-मैच्योर क्लोजर कराने पर आपको पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट की साधारण ब्याज दर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

यह योजना किसके लिए सबसे बेस्ट है?

जोखिम से बचने वाले निवेशक: जो लोग शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के उतार-चढ़ाव में अपना पैसा नहीं फंसाना चाहते।

छोटे बचतकर्ता और नौकरीपेशा: जो हर महीने अपनी सैलरी में से एक निश्चित हिस्सा अनुशासित तरीके से बचाना चाहते हैं।

भविष्य के लक्ष्यों की योजना: बच्चों की स्कूल फीस, शादी या किसी बड़े घरेलू सामान की खरीद के लिए 5 साल का लक्ष्य रखने वाले परिवार।

पोस्ट ऑफिस आरडी में मिलने वाला 6.7% का ब्याज दर पूरी तरह सुरक्षित और फिक्स है। वैसे ध्यान रखें कि सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए खाता खुलवाने से पहले आधिकारिक दरों की पुष्टि जरूर कर लें। इसके अलावा आरडी से मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य हो सकता है, इसलिए अपने टैक्स प्लानिंग को ध्यान में रखकर ही निवेश की शुरुआत करें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

Stocks to Watch: 17 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 16 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बाज़ार में काफी उतार-चढ़ाव रहा और IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी से पहले निवेशकों का मूड सतर्क रहा। इसके साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी दबाव और बढ़ा दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 पर ट्रेड कर रहा था। यह घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए सपाट से लेकर बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

चार दिनों की गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजारों में कुछ स्थिरता दिख रही है। निवेशकों की नजर फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर से जुड़े फ़ैसले पर बनी रही। बाज़ार को उम्मीद है कि 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी।

MSCI का एशियाई इक्विटी इंडेक्स 0.2% ऊपर दिख रहा है। इसमें बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर दिख रही है। टॉपिक्स में 0.82 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं, निक्केई में 0.03 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.31 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी में 0.32 फीसदी की तेजी नजर आ रही है। वहीं,हैंगसेंग में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिख रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दौर जारी रहा। अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी,कर्ज को लेकर बढ़ती चिंता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण खरीदार बाजार से दूरी बनाते दिखे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 328.09 अंक या 0.63% गिरकर 52,093.11 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 34.25 अंक या 0.45% की गिरावट के साथ 7,585.73 पर बंद हुआ और नैस्डैक कम्पोजिट 204.84 अंक या 0.78% गिरकर 25,981.57 पर आ गया।

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डॉलर इंडेक्स सपाट

बुधवार को डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है। यह कई बड़ी मुद्राओं के मुकाबले यह कई हफ़्तों के हाई के आस-पास ट्रेड कर रहा है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 99.69 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली गिरावट के साथ 4.99% और 4.65% पर आ गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी कमज़ोर दिख रही है।दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.53% की गिरावट आई है। जापानी येन और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.14% की गिरावट देखी गई है। जबकि ताइवान डॉलर, थाई बहत, सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी भी कमज़ोर हुए हैं। इसके विपरीत,फिलीपींस पेसो और मलेशियाई रिंगित में बढ़त हुई है। इनमें 0.16% और 0.02% की तेज़ी आई है।

क्रूड ऑयल

बुधवार को अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई। वहीं,रेड सी तक जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद सऊदी अरब द्वारा अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोकने के फैसले के बाद निवेशकों ने सप्लाई से जुड़े जोखिमों पर नजर बनाई हुई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 93 सेंट गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ़्यूचर्स 97 सेंट गिरकर $104.86 प्रति बैरल पर दिख रहा है।

सोने की चाल सपाट

दो दिन की गिरावट के बाद सोने की चाल सपाट दिख रही है। तेल की ऊंची कीमतों की वजह से महंगाई की चिंता बनी हुई है और बुधवार को फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले से पहले ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 15 सितंबर को ₹2,977 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान ₹2,686 करोड़ के शेयर खरीदे।

Stocks to Watch: 11 सितंबर को Vodafone Idea, HDFC Bank, Premier Energies समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, बड़ी उठापटक के आसार

शुक्रवार, 11 सितंबर को कई शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें वोडाफोन आइडिया, HDFC Bank, प्रीमियर एनर्जीस, संकेश ज्वेलर्स, Canara HSBC Life Insurance Company जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 100 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। एक स्टॉक एक्स-बोनस ट्रेड भी करेगा। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, ललिता ज्वेलरी मार्ट, CMI, नोवा आयरन एंड स्टील

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Shankesh Jewellers: अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर डबल होकर 43.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 55.1% बढ़कर 423.6 करोड़ रुपये हो गया।

Vodafone Idea: ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को लगभग 3.5 अरब डॉलर की डेट फाइनेंसिंग देने पर सहमत हो गया है। इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट जैसे अन्य लेंडर भी शामिल हैं।

Neogen Chemicals: कंपनी ने अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है और फ्लोर प्राइस 2,189.73 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकती है।

Canara HSBC Life Insurance Company: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पॉलिसीहोल्डर के हितों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर है।

Premier Energies: कंपनी ने जर्मनी के RCT ग्रुप की कंपनी RCT इंडिया के साथ एक बाइंडिंग टर्म शीट पर साइन किया है। इसके तहत तेलंगाना में 12 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया जाएगा। प्लांट प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी, प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज के जरिए बनाया जाएगा।

Kotak Mahindra Bank: मनीष कोठारी ने ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड- कमर्शियल बैंक के साथ-साथ बैंक के सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 30 सितंबर से लागू होगा।

Bharat Forge: कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, भारत फोर्ज होल्डिंग GmbH (BFH) का भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH के साथ विलय हो गया है। भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH, भारत फोर्ज की सब्सिडियरी और BFH की इमीडिएट होल्डिंग कंपनी है।

HDFC Bank: बैंक ने कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस एडिशनल टियर 1 (CS AT1) बॉन्ड के इनवेस्टर्स द्वारा बैंक के खिलाफ दायर 2 दावों को खारिज कर दिया है। इस साल जुलाई और अगस्त के बीच, बहरीन की अदालत ने CS AT1 बॉन्ड में निवेश करने वालों के 5 और ऐसे ही मामलों को खारिज कर दिया था, जिससे बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या 7 हो गई।

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बल्क और ब्लॉक डील

Sri Lotus Developers and Realty: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक ने 1.94 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 95.05 लाख इक्विटी शेयर 190.01 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। प्रमोटर आनंद कमल नयन पंडित ने 97.7 लाख शेयर या 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 195.3 करोड़ रुपये में बेची है।

Computer Age Management Services: सोसाइटे जेनरल ODI ने 253.05 करोड़ रुपये में 37.11 लाख शेयर खरीदे हैं। गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 245.16 करोड़ रुपये में 35.96 लाख शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, फिडेलिटी रटलैंड स्क्वायर ट्रस्ट II स्ट्रैटेजिक एडवाइजर्स FIDEMG मार्केट्स फंड और FMRC फिडेलिटी इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने 456.64 करोड़ रुपये में 66.97 लाख शेयर बेचे हैं।

ESDS Software Solution: मैथन अलॉयज ने 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 6.34 लाख शेयर 93.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Spectrum Electrical Industries: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने अजय भीकमचंद जैन से 30.48 करोड़ रुपये में 1.15 लाख शेयर खरीदे हैं।

Corona Remedies: प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital की सहयोगी कंपनी सेपिया इनवेस्टमेंट्स ने 4.06 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 24.85 लाख शेयर 509.6 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इन शेयरों में से SBI म्यूचुअल फंड ने 2.51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 15.4 लाख शेयर 315.7 करोड़ रुपये में खरीदे। अमुंडी फंड्स एशिया इक्विटी कंसंट्रेटेड ने 3.12 लाख शेयर 63.96 करोड़ रुपये में खरीदे।

Marble City India: सालसेट विनिमय ने 8.57 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 22 लाख शेयर VPS कंस्ट्रक्शन्स से 25.74 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

SME लिस्टिंग

क्वालियंस इंटरनेशनल

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

आरती इंडस्ट्रीज

अबिरामी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया

अमीन्स एंड प्लास्टिसाइजर्स

अपार इंडस्ट्रीज

असाही इंडिया ग्लास

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशंस

एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स

अल्फाजियो (इंडिया)

एक्सिस सॉल्यूशंस

अक्सिता कॉटन

अमृतंजन हेल्थ केयर

अरिहंत सुपरस्ट्रक्चर्स

अशिका ग्लोबल सिक्योरिटीज

अतुल ऑटो

बजाज हेल्थकेयर

मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज

बामर लॉरी इन्वेस्टमेंट्स

बामर लॉरी एंड कंपनी

बैंको प्रोडक्ट्स (इंडिया)

ब्लू जेट हेल्थकेयर

भारत पैरेंटेरल्स

सीगल इंडिया

शैलेट होटल्स

ब्राइट ब्रदर्स

सीजे फाइनेंस

CMS इन्फो सिस्टम्स

कम्फर्ट इनटेक

कम्फर्ट फिनकैप

CSL फाइनेंस

डेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेज

DC इन्फोटेक एंड कम्युनिकेशन

कॉम्पिटेंट ऑटोमोबाइल्स कंपनी

DAPS एडवरटाइजिंग

DHP इंडिया

डूट्रॉन पॉलिमर्स

धनलक्ष्मी रोटो स्पिनर्स

डायनामिक इंडस्ट्रीज

एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज

डायनेमिक प्रोडक्ट्स

गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स

गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी

गुजरात एनर्जी

GSP क्रॉप साइंस

हरियाणा लेदर केमिकल्स

HBL इंजीनियरिंग

इंडो थाई सिक्योरिटीज

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी

हीडलबर्गसीमेंट इंडिया

जोस्ट्स इंजीनियरिंग कंपनी

JTL इंडस्ट्रीज

IRM एनर्जी

क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज

कृष्णवीर फोर्ज

कल्याण ज्वेलर्स इंडिया

लिंकन फार्मास्यूटिकल्स

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज

मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प

मनोरमा इंडस्ट्रीज

मेट्रोग्लोबल

नाथ बायो-जीन्स (इंडिया)

M लखामसी इंडस्ट्रीज

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी

पैसालो डिजिटल

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

नेशनल प्लास्टिक टेक्नोलॉजीज

NCL इंडस्ट्रीज

नेशनल फर्टिलाइजर्स

नितिन स्पिनर्स

PPAP ऑटोमोटिव

द फीनिक्स मिल्स

पिट्टी इंजीनियरिंग

RJ शाह एंड कंपनी

रूपा एंड कंपनी

पोद्दार पिगमेंट्स

सनरिया टेक्निकल टेक्सटाइल्स

सवेरा इंडस्ट्रीज

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट

Rhi मैग्नेसाइट इंडिया

साल ऑटोमोटिव

संधार टेक्नोलॉजीज

सूरतवाला बिजनेस ग्रुप

शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स

वेंचुरा गारंटी

साइनपोस्ट इंडिया

SKM एग प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट (इंडिया)

शंकर लाल रामपाल डाई-केम

सुयोग टेलीमैटिक्स

टैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स

सुब्रोस

सनफ्लैग आयरन एंड स्टील कंपनी

तत्व चिंतन फार्मा केम

टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी

टेगा इंडस्ट्रीज

उत्तम शुगर मिल्स

वेंकीज (इंडिया)

टेक्समैको रेल एवं इंजीनियरिंग

ट्रांसरेल लाइटिंग

वारी ऊर्जा

जुआरी इंडस्ट्रीज

ये शेयर करेगा एक्स-बोनस ट्रेड

पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।