Jantar Mantar: अब दिल्ली में जंतर-मंतर पर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, रामलीला मैदान समेत इन 3 जगहों पर कर सकेंगे प्रोटेस्ट

Jantar Mantar News: राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने की जगहों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है। अब उसकी जगह दिल्ली में प्रोटेस्ट के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने इस संबंध में सोमवार (12 अक्टूबर) को एक स्थायी आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं।

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है।

अब यहां कर सकेंगे प्रदर्शन

जंतर-मंतर को लिस्ट से निकालकर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अलग से जारी की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने की अपीलों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।

जंतर-मंतर पर हमेशा होता रहता है प्रदर्शन

जंतर-मंतर लंबे समय से दिल्ली में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों के विरोध प्रदर्शनों के लिए प्रमुख स्थान रहा है। यहां अलग-अलग मुद्दों को लेकर धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाते रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस के ताजा आदेश के बाद जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं रहेगा। अइस बदलाव के बाद विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठनों को नए निर्धारित स्थलों के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी होगी।

दिल्ली में यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने की अपीलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए अहम है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आदेश के पीछे किसी एक विशिष्ट कारण का विस्तृत उल्लेख नहीं है। इसलिए इस फैसले को किसी खास राजनीतिक दल या प्रदर्शन से सीधे जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।

प्रदर्शन करने वालों के लिए क्या बदलेगा?

जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों को अब नए निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन की योजना बनानी होगी। इससे विरोध प्रदर्शन के आयोजन, स्थान के चयन और सुरक्षा प्रबंधन की व्यवस्था में बदलाव आएगा। हालांकि, नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए अनुमति, समय, भीड़ की संख्या और अन्य शर्तों से जुड़े नियम क्या होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध आदेश के आधार पर अलग से सत्यापित की जानी चाहिए।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, “भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा तय जगह के अलावा अन्य उपयुक्त जगहों की जांच करने के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर हटा दिया गया है। विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नई जगहों रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली) को तय किया गया है। इन तीन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी।”

तीन नए धरना-प्रदर्शन केंद्रों की डिटेल्स

दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, राजधानी में विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नए निर्धारित स्थल होंगे:-

1. रामलीला मैदान: दिल्ली का रामलीला मैदान लंबे समय से बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों, रैलियों और जन आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल किया गया है।

2. बुराड़ी मैदान: बुराड़ी क्षेत्र में स्थित मैदान को भी धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। यहां प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया संशोधित SOP के तहत तय की जाएगी।

3. सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को तीसरे निर्धारित स्थल के रूप में चुना गया है। इसके जरिए राजधानी में प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

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2022 के पुराने आदेश में किया गया संशोधन

दिल्ली पुलिस ने बताया कि नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी किए गए पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करता है। नए स्थलों पर धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर आगे अलग से गाइडलाइंस जारी किए जाएंगे। इस बदलाव के बाद प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। हालांकि, उपलब्ध आदेश में नई SOP के सभी डिटेल्स नियमों का उल्लेख नहीं किया गया है।

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CJI Video: कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत का पहला रिएक्शन, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले

Delhi Protest Update: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर अदालत आ सकता है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर पहला बयान दिया है। CJI ने बताया कि उन्हें रविवार 11 अक्टूबर को मुलाकात के अनुरोध से जुड़ा पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने उसी रात जवाब देकर मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा।” उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है, और हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”

CJI सूर्यकांत ने यह बयान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। चीफ जस्टिस के इस बयान को विपक्षी नेताओं के उस अनुरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर CJI से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने और ज्ञापन सौंपने की मांग की थी।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात क्यों नहीं करेंगे CJI?

इससे पहले CJI जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। पीटीआई के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली- लोकतंत्र के लिए मार्च’ का नाम दिया है। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके आरोपों पर उचित कार्रवाई हो।

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दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई जगह बैरिकेडिंग

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट गेट बंद कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक कुछ स्टेशनों के गेट बंद रहेंगे।

INDIA Bloc Protest: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर आर-पार की लड़ाई, INDIA गठबंधन आज सुप्रीम कोर्ट तक करेगा मार्च

INDIA Bloc Protest: INDIA गठबंधन सोमवार, 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक नया विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। यह विरोध चुनाव में कथित गड़बड़ियों, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।

इससे पहले विपक्षी गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से हस्तक्षेप करने की मांग करने की योजना बनाई थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पहल की अगुवाई करेंगे।

हालांकि, CJI ने विपक्ष के नेताओं की मुलाकात की मांग को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है, इसलिए उन्हें याचिका दायर करके अदालत का रुख करना चाहिए।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, नेताओं को ईमेल के जरिए एक विस्तृत जवाब भेजा गया, जिसमें इस फैसले के पीछे की वजहें बताई गई थीं। इस जवाब में कहा गया कि इन आरोपों पर प्रशासनिक स्तर पर बात करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के जरिए बेहतर ढंग से विचार किया जा सकता है।

बता दें कि यह प्रस्तावित प्रदर्शन, दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने, भारी सुरक्षा तैनाती और हिंसा के आरोपों के एक दिन बाद हो रहा है।

वहीं, कांग्रेस ने प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए अपने सांसदों से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहने को कहा है।

राहुल गांधी ने केंद्र पर युवाओं को दबाने का आरोप लगाया

INDIA गठबंधन के अगले दौर के विरोध प्रदर्शनों की घोषणा करते हुए, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए पिछले प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं ने छात्रों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की थी।

शनिवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट किए, जिसमें उन्होंने ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दिल्ली पुलिस पर “गुंडागर्दी” करने और RSS-BJP कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की छूट देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने न केवल खुद गुंडागर्दी की है, बल्कि RSS-BJP के असली गुंडों को महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा करने के लिए खुली छूट और बढ़ावा भी दे रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मोगैंबो’ (फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में अमरीश पुरी का निभाया मशहूर विलेन का किरदार) कहकर संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि युवाओं को दबाने की कोशिशों से उनका गुस्सा और बढ़ेगा।

12 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा एक बार फिर बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी, यह आवाज पूरे देश में गूंजेगी – पहले से कहीं ज्यादा जोरदार तरीके से।”

गांधी ने प्रधानमंत्री पर चुनावी गड़बड़ियों और असहमति की आवाज को दबाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।

दिल्ली के हालात के बारे में बताते हुए उन्होंने लिखा, “आज नई दिल्ली में यह नजारा देखने को मिला: पूरा शहर बंद है, इंटरनेट बंद कर दिया गया है, और पुलिस व बीजेपी के गुंडे छात्रों की पिटाई कर रहे हैं।”

राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री को घेर लिया है और कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों पर कथित तौर पर हमला हुआ, उन्हें न्याय मिलेगा।

उन्होंने कहा, “आज जिन युवाओं और छात्रों पर हमला हुआ, उन्हें न्याय मिलेगा और हमलावरों को माकूल जवाब दिया जाएगा।” साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

CJI ने INDIA ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की अपील ठुकराई

बता दें कि विपक्षी नेताओं ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से मिलने की योजना बनाई थी। वे उनसे मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इसमें कथित ‘वोट चोरी’, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी चिंताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दखल देने की अपील की जानी थी।

हालांकि, CJI ने यह कहते हुए मुलाकात की अपील ठुकरा दी कि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने नेताओं को सलाह दी कि वे याचिका के जरिए अदालत का दरवाजा खटखटाएं।

इससे पहले विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें चुनावी प्रक्रिया को लेकर ऐसी ही चिंताएं जताई गई थीं।

दिल्ली में बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन

यह प्रस्तावित मार्च शनिवार को दिल्ली में की गई कड़ी सुरक्षा कार्रवाई के बाद हो रहा है, जब अधिकारियों ने CEC के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था।

विपक्षी नेताओं और CJP समर्थकों ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेना गैर-कानूनी था, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एहतियातन गिरफ्तारियां की गई थीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को कई जगहों पर करीब 7,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन सभी को रिहा कर दिया गया।

हिरासत में लिए गए लोगों में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, CPI(M) नेता पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल थे।

कार्यकर्ताओं के आरोपों के मुताबिक, CJP के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी विमान से उतारने के बाद हिरासत में लिया गया था।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर 50,000 रुपये का बेल बॉन्ड और जमानतदार का बॉन्ड जमा करने के बाद तीनों को रिहा कर दिया गया।

हालांकि, तीनों नेताओं ने अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

आशुतोष रंका ने कहा, “हम कोई खतरनाक अपराधी नहीं हैं; हम विरोध करने के लिए नरेंद्र मोदी या अमित शाह के घर नहीं जा रहे हैं। तय जगह पर विरोध करने से शांति भंग नहीं होती।”

सौरव दास ने SIR के मुद्दे पर राजनीतिक एकजुटता की अपील करते हुए कहा: “विचारधारा से परे, सभी राजनीतिक दलों को SIR के मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए। अगर वोट देने का अधिकार छीन लिया जाता है, तो यह किसी भी पार्टी के लिए अच्छा नहीं है।”

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को सामान्य सेवाएं जारी रखने का निर्देश दिया

विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगाई गई पाबंदियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस मेट्रो और ट्रेन सेवाओं के संबंध में कोर्ट के निर्देशों के कथित उल्लंघन पर अवमानना ​​की कार्यवाही की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया।

बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि दिल्ली मेट्रो अपने सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहें।

कोर्ट ने यह भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

बता दें कि दिल्ली मेट्रो ने रविवार को सामान्य कामकाज फिर से शुरू कर दिया, हालांकि मुख्य रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग अभी भी जारी थी।

प्रदर्शनकारी कई जगहों पर इकट्ठा हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस की बसों में बैठाकर ले जाते हुए भी देखा गया।

जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे लोगों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) जैसे छात्र संगठनों के सदस्य भी शामिल थे। इन सभी को हिरासत में लिया गया।

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Delhi Weather: दिल्ली में झमाझम बारिश से बदला मौसम, AQI 116 दर्ज; जानें अगले 6 दिन कैसा रहेगा हाल?

Delhi Weather: दिल्ली में हफ्ते की शुरुआत जोरदार बारिश के साथ हुई। सोमवार, 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर चला। जिसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक आंधी-तूफ़ान जारी रहने की संभावना है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, बारिश के इस दौर के बाद अगले छह दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना कम है। हालांकि, अभी हो रही भारी बारिश के बावजूद, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे दिल्ली के आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगभग 116 था, जिसमें मुख्य प्रदूषक PM 10 की मात्रा सबसे ज्यादा रही।

बारिश की बात करें तो इससे इलाके में ठंडक बढ़ गई है और आसमान में बादल छाए रहने से मौसम में काफी बदलाव आया है। हालांकि, इस भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है, खासकर करोल बाग के पास झंडेवालान मंदिर इलाके में।

13-17 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?

रविवार शाम को जारी IMD के सात दिनों के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, 14 अक्टूबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, 16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इन सभी दिनों में आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

इसके अलावा, 17 अक्टूबर की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दिन भी आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

IMD  ने ट्रैफिक को लेकर दी चेतावनी

IMD ने ट्रैफिक में रुकावट की चेतावनी भी दी है और लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी मंजिल के लिए निकलने से पहले ट्रैफिक जाम की स्थिति देख लें। इस दौरान गाड़ी दुर्घटनाओं की ज्यादा संभावना और निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर लोगों के लिए चिंता जताई गई है। विभाग ने लोगों से ट्रैफिक से जुड़ी सलाह मानने और पानी भरने वाले इलाकों से बचने की अपील की है।

बता दें कि पिछले 24 घंटों में, IMD ने दिल्ली में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर रहा। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि राजधानी में बारिश का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर लगातार पड़ रहा है, इसलिए लोगों से सतर्क रहने और मौसम में और बदलावों के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

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Delhi Traffic Advisory: आज घर से निकलने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, दिल्ली की 25 से ज्यादा सड़कों पर रहेगा डायवर्जन

Delhi Police Traffic Advisory: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और दिल्ली में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में 12 अक्टूबर को कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रह सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने 12 अक्टूबर के लिए एक अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगहों पर डायवर्जन की तैयारी की है, जो जरूरत के अनुसार सुबह 6 बजे से लागू होगें। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या ISBT जाने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।

सुबह 6 बजे से होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जरूरत पड़ने पर सुबह 6 बजे से कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अगर जरूरी ना हो तो यात्रा से बचें और अगर रेलवे स्टेशन, ISBT या एयरपोर्ट जाना जरूरी है तो घर से थोड़ा जल्दी निकलें। खासकर नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली से होकर जाने वाले लोगों को एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलने की सलाह दी गई है। ऐसे में अगर आज आप ऑफिस, कॉलेज या बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे हैं तो सबसे पहले ट्रैफिक एडवाजरी का अपडेट जरूर जान लें।

इन रास्तों पर होगा डावर्जन

ट्रैफिक प्रभावित होने वाले प्रमुख स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक, मिंटो रोड-डीडीयू मार्ग, गुरु नानक चौक, चेम्सफोर्ड रोड, कनॉट प्लेस, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुम्बद, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग, भीकाजी कामा प्लेस, मोती बाग फ्लाईओवर, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग, अशोका रोड-जंतर मंतर रोड, विंडसर पैलेस, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रेल भवन, जय सिंह रोड-संसद मार्ग, बाराखंबा रोड, गोल डाकखाना, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल के आसपास के रास्ते शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इन डायवर्जन और प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक का ताजा अपडेट जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करें।

 

CJP कल मांगेगी परमिशन

CJP ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के नेता आशुतोष रंका ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे वह सौरव दास और संगठन के अन्य सदस्यों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। वहां दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन के लिए तारीख और अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा। रंका के मुताबिक, अगर पुलिस 24 घंटे के अंदर प्रदर्शन की तारीख नहीं देती है, तो संगठन अपने स्तर पर प्रदर्शन की घोषणा करेगा।

हवा में था विमान…अचानक निकलने लगा धुआं, दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

हवा में था विमान…अचानक निकलने लगा धुआं, दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। विमान के अंदर एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अचानक धुआं निकलने लगा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये डिवाइस पावर बैंक था। धुआं निकलता देख यात्रियों ने क्रू को इसकी खबर दी। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को हैदराबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया। घटना के बाद इंडिगो की फ्लाइट को हैदराबाद के शमशाबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। ये घटना 11 अक्टूबर को इंडिगो की 6E 6115 फ्लाइट में हुआ।

विमान के हैदराबाद उतरते ही सुरक्षा टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, इंडिगो यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अगली फ्लाइट में सीट की व्यवस्था की है। बता दें, इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी, लेकिन फ्लाइट 1:30 बजे रवाना हुई। डायवर्ट होने से पहले इसके शाम 4 बजे चेन्नई पहुंचने का समय तय था।

हैदराबाद किया गया डायवर्ट

इंडिगो ने बताया कि, दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट 6E 6115 को हैदराबाद के लिए डायवर्ट किया गया। एयरलाइन के अनुसार, विमान में एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद यह फैसला लिया गया। इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से हैदराबाद उतारा गया। घटना के तुरंत बाद केबिन क्रू ने जरूरी कदम उठाए और स्थिति को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

पावर बैंक में लगी आग

एयरलाइन ने कहा, “11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद हैदराबाद डायवर्ट किया गया।” बताया जा रहा कि विमान के अंदर धुआं निकलने की घटना एक पावर बैंक से जुड़ी थी। केबिन में धुआं फैलने के बाद यात्रियों के बीच चिंता का माहौल बन गया और एयरपोर्ट पर आपातकालीन मदद की जरूरत पड़ी। हालांकि, विमान के हैदराबाद में उतरने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

फ्लाइट का कराया गया इंतजाम

फ्लाइट डायवर्ट होने के बाद इंडिगो ने यात्रियों को चेन्नई पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए। एयरपोर्ट अधिकारी के मुताबिक, यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए अगली उपलब्ध फ्लाइट में सीट दिलाई जाएगी। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए उन्हें रिफ्रेशमेंट दिया जा रहा है और आगे की यात्रा से जुड़ी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, यात्रियों को स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी भी दी जा रही है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमान ने हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को बिना किसी चोट के बाहर निकाल लिया गया।

Delhi CJP Protest: माकपा सांसद संग मारपीट के बाद सड़क पर घायल छोड़ने का आरोप, कौन हैं MP जॉन ब्रिटास?

Delhi CJP Protest: राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानी CPI-M (मार्क्सवादी) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। CPI-M ने रविवार (11 अक्टूबर) को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके सांसद के साथ बर्बरतापूर्ण तरीके से मारपीट की और बाद में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया। पार्टी के मुताबिक, उस समय ब्रिटास घायल थे। उन्हें चलने में भी परेशानी हो रही थी। हालांकि, सांसद को चोट कैसे और कहां लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

माकपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार, वीडियो में ब्रिटास दिल्ली पुलिस की बस के पास बैठे नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति उन्हें उठने और चलने में मदद करता दिखाई देता है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी उन्हें ऑटोरिक्शा तक पहुंचने में सहायता करता नजर आ रहा है।

जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सांसद

जानकारी के मुताबिक, रविवार को ब्रिटास उन कई प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्हें दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने हिरासत में लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाए गए इस प्रदर्शन का रविवार को दूसरा दिन था।

माकपा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया। पार्टी ने अपनी X पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। हालांकि, ब्रिटास को लगी चोटों की परिस्थितियों और पुलिस के साथ कथित झड़प के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शनिवार को भी हिरासत में लिए गए थे जॉन ब्रिटास

जॉन ब्रिटास को शनिवार को भी प्रदर्शन के पहले दिन हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन दिल्ली पुलिस ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया था। कस्टडी में लिए गए नेताओं में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए। प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। रविवार को भी प्रदर्शनकारियों के मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई जारी रही।

माकपा के राज्यसभा सदस्यों जॉन ब्रिटास और ए. ए. रहीम ने शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रविवार को आलोचना की। CJP संस्थापक दीपके और दो अन्य नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को शनिवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोरट् पर विमान के उतरने के बाद दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में ले लिया था।

ब्रिटास ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि CJP नेताओं के साथ अपहरणकर्ताओं या कथित तौर पर बड़े वित्तीय घोटालों को अंजाम देने वालों से भी बुरा व्यवहार किया गया। ब्रिटास ने पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी निंदा की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं। रहीम ने आरोप लगाया कि कॉजपा के कई कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित किया गया।

केजरीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की का आरोप

इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल के साथ शनिवार को कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया था। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के बाद केजरीवाल को जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्हें करीब छह घंटे तक रखा गया। फिलहाल, जॉन ब्रिटास के साथ कथित मारपीट को लेकर माकपा के आरोपों और सामने आए वीडियो के आधार पर मामला चर्चा में है।

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जॉन ब्रिटास कौन हैं?

डॉ. जॉन ब्रिटास केरल से आने वाले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मलयालम मीडिया जगत का भी जाना-पहचाना चेहरा हैं। जॉन ब्रिटास केरल से CPI(M) के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 24 अप्रैल 2021 को राज्यसभा सांसद के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने तीन दशक से अधिक समय तक पत्रकारिता और टीवी के क्षेत्र में काम किया। वह मलयालम न्यूज चैनल कैराली टीवी नेटवर्क (Kairali TV) के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य संपादक भी रहे हैं।

Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

CJP Protest News: दिल्ली में इस प्रोटेस्टर को जिन 4 ने पीटा उनकी पहचान हुई और पुलिस ने ट्रेस भी कर लिया! अब होगा ये एक्शन

CJP Protest News: राजधानी में एक प्रदर्शनकारी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने मामले में चार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना दिल्ली के डीडीयू मार्ग पर हुई, जो कमला मार्केट थाना क्षेत्र में आता है। मामले में किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार को X पर लिखा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का दिल्ली पुलिस (कमला मार्केट थाना) ने खुद संज्ञान लिया। इस वीडियो में चार लोग एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।”

पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, “घटना में शामिल चारों लोगों की पहचान कर ली गई है और उनका पता लगा लिया गया है। कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस हिंसा की घटनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और ऐसी शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

कौन हैं मारपीट के आरोप में गिरफ्तार चारों आरोपी?

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रमन सैनी (50), विवेकानंद उर्फ विवेक (32), कपिल कुमार (27) और रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू (35) के रूप में हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, चारों ने खुद को हिंदू रक्षा दल से जुड़ा हुआ बताया है। इस संबंध में सामने आई जानकारी आरोपियों के कथित जुड़ाव पर आधारित है। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद उसकी जांच की और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मियों से जानकारी जुटाई। इसके बाद घटनास्थल की पहचान डीडीयू मार्ग के रूप में की गई। शुरुआती दौर में वीडियो कहां का है, यह स्पष्ट नहीं था।

बिना शिकायत के पुलिस ने क्यों लिया संज्ञान?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना को लेकर पुलिस के पास उस समय तक पीड़ित या किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची थी। हालांकि, वीडियो के तेजी से वायरल होने और आरोपियों के दिल्ली-एनसीआर से बाहर जाने की आशंका संबंधी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशंका थी कि आरोपी क्षेत्र छोड़कर कहीं और जा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी पहचान की और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

वायरल वीडियो में क्या दिखाई दिया?

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों को प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में युवाओं को धक्का देते और पीटते हुए दिखाया गया है। इसमें महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई देती है।

वीडियो सामने आने के बाद इसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने साझा किया। इनमें युवा कांग्रेस, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और CJP से जुड़े अकाउंट भी शामिल बताए गए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो अपने आप में घटना के सभी पहलुओं या आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम प्रमाण नहीं है। इसकी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

CJP के प्रदर्शन के दौरान सामने आई घटना

यह मामला दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर पार्टी विरोध कर रही है। प्रदर्शन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। पुलिस ने कई स्थानों पर लोगों को जुटने से रोकने के लिए कार्रवाई की थी। इसी घटनाक्रम के बीच डीडीयू मार्ग पर कथित मारपीट का वीडियो सामने आया, जिसने पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी।

अब आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच के दौरान पुलिस घटना के वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है। इसके आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी क्या भूमिका थी।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरोपियों के खिलाफ दर्ज FIR की धाराओं, उन्हें अदालत में पेश किए जाने या अदालत के किसी आदेश का विस्तृत डिटेल्स नहीं दिया गया है।

दीपके, रांका और दास रिहा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। लेकिन रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया।

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। इससे पहले, रविवार सुबह पुलिस ने बताया था कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में CJP नेताओं को उनका विमान उतरने के बाद हिरासत में ले लिया था और फिर उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया था।

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सूत्रों के अनुसार, CJP नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए प्रतिभूति) और धारा 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की गई। शनिवार को CJP नेताओं को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई दिल्ली में सुरक्षा के अत्यधिक कड़े इंतजामों के बीच हुई, जहां प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।