भारतीय अंडर-19 टीम ऑस्ट्रेलिया को सात रनों से हराया

यशबर्धन चौहान (54/ दो विकेट) रन, अन्वय द्रविड़ (38), आर्यवीर सहवाग (28) शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय अंडर-19 टीम बारिश प्रभावित पहले यूथ वनडे में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम को सात रनों से शिकस्त दी।

183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया के लिए नील पटेल और हेडन बारबुलोविक की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत की। सातवें ओवर में चौहान ने हेडन (45) रन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद 11वें ओवर में चौहान ने नील पटेल (40) को भी अपना शिकार बना लिया। जेड होलिक (25) रन बनाकर आउट हुये। कप्तान जैक सॉसनेक ने 27 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के लगाते हुए (55) रनों की आतिशी पारी खेलते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने का प्रयास किया। 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चिगुरपति वेंकटा ने सॉसनेक को आउट कर ऑस्ट्रेलिया के मैच जीने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 

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आखिरी ओवरों में भारतीय गेंदबाजों बेहतरीन प्रदर्शन के आगे ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज सात विकेट पर 175 रन ही बना सके और उनकी टीम मुकाबला सात रनों से हार गई।

इससे पहले आज यहां ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारत की अंडर-19 टीम ने यशबर्धन चौहान ने 34 गेंदों में पांच चौके और दो छक्के उड़ाते हुए (54) रनों की अर्धतशकीय पारी खेली। अन्वय द्रविड़ ने 18 गेंदों में दो चौके और तीन छक्के लगाते हुए (38) रन बनाये। आर्यवीर सहवाग ने 26 गेंदों में पांच चौके जड़ेते हुए (28) रन बनाये। अन्वय द्रविड और यशबर्धन चौहान के बीच 34 गेंदों में 69 रनों की साझेदारी हुई। वहीं, कुशाग्र ओझा (16), कप्तान लक्ष्य रायचंदानी (15) और अर्जुन राजपूत (15) रनों की पारियों का योगदान दिया। बारिश के कारण मैच को 20-20 ओवरों का कर दिया गया था। भारतीय टीम ने छह विकेट पर 182 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्पेंसर ग्रीन और एली ब्रेन को दो-दो विकेट मिले।

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Abhishek Sharma: अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, सिर्फ 30 गेंदों में शतक जड़ रोहित शर्मा का तोड़ा रिकॉर्ड

Abhishek Sharma: सलामी भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने गुरुवार (17 सितंबर) को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में महज 30 गेंदों में शतक जड़ दिया। इसी के साथ वह इस फॉर्मेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। बाएं हाथ के इस स्टार बल्लेबाज ने 10 छक्के और 9 चौके लगाकर शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया जो उन्होंने दिसंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों में लगाया था।

अभिषेक शर्मा ने 317.64 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों में 108 रन बनाए। उनकी पारी में 11 छक्के और नौ चौके शामिल रहे। अभिषेक का शतक किसी टेस्ट खेलने वाले देश के खिलाफ किसी भी बल्लेबाज का सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक भी है। उन्होंने भारतीय पारी के नौवें ओवर में एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इस 30 गेंद के शतक से अभिषेक अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं।

तीसरी बार ठोका ऐतिहासिक शतक

एस्तोनिया के साहिल चौहान ने जून 2024 में साइप्रस के खिलाफ 27 गेंद में शतक लगाकर सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड बनाया था। वहीं, तुर्किए के लिए खेलते हुए मुहम्मद फहाद ने जुलाई 2025 में बुल्गारिया के खिलाफ 29 गेंद में शतक लगाया था। यह अभिषेक का छोटे फॉर्मेट में तीसरा शतक है। इसके अलावा उनके नाम 12 अर्धशतक भी हैं।

अभिषेक ने धीमी शुरुआत के बाद तेजी पकड़ी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पारी के पहले ओवर की चौथी गेंद पर अपना पहला चौका लगाया। दूसरे ओवर में उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई के खिलाफ दो छक्के और एक चौका लगाकर लय हासिल की। इसके बाद तीसरे ओवर में फजलहक फारूकी की पहली चार गेंदों पर दो छक्के और दो चौके जड़ दिए।

16 गेंद में पूरा किया अर्धशतक 

अभिषेक ने पांचवें ओवर में केवल 16 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 22 गेंदों में 76 रन बना लिए थे और पावरप्ले के अंत तक भारत का स्कोर 100 रन के पार पहुंचा दिया। उनकी तूफानी पारी का अंत 10वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हुआ। जब राशिद खान की गेंद पर वह किनारा लगाकर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए।

26 वर्षीय अभिषेक ने 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ पदार्पण करते हुए अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था। लेकिन गेंदों का सामना करने के हिसाब से बृहस्पतिवार के शतक से पहले उनका सबसे तेज शतक मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ था।

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इंग्लैंड के खिलाफ 54 गेंद की 135 रन की पारी के दौरान उन्होंने 37 गेंद में शतक पूरा किया था। यह गुरुवार तक टी20 प्रारूप में किसी भारतीय का दूसरा सबसे तेज शतक था। अब 30 गेंदों में शतक के साथ अभिषेक भारतीय बल्लेबाजों के सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतकों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। भारत ने तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अफगानिस्तान को 127 से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली है।

गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस: कार से कुचली गई बाइकर AAP की वॉलंटियर निकलीं, 2022 में पार्टी टिकट पर लड़ चुकी हैं MCD चुनाव

Gurugram Hit-And-Run Case: गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर कार की कथित टक्कर से घायल हुई 27 वर्षीय बाइक सवार शिवानी चौहान उर्फ सिया कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) की वॉलंटियर हैं। ‘न्यूज 18’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2022 में दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव में कालकाजी वार्ड से AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। शिवानी रविवार को अपनी Aprilia RS 457 बाइक से जा रही थीं, तभी कथित तौर पर एक मारुति सुज़ुकी सियाज ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

शिवानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कार उनकी बाइक की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। इसके बाद कार की टक्कर से वह बाइक से गिरकर सड़क पर काफी दूर तक घिसटती हुई चली गईं। वीडियो फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास (attempt to murder) की धारा भी जोड़ दी है। मंगलवार को शिवानी गुरुग्राम की अदालत में अपना बयान दर्ज कराने पहुंचीं।

‘कार में दो और लोग थे, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए’

शिवानी ने आरोपी ड्राइवर के साथ कार में मौजूद कथित तौर पर दो अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कार में दो और लोग थे। इसलिए उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए। सिया ने कहा है कि आरोपी कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है और उनके और घटना के समय कार में कथित रूप से मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी।

‘विक्टिम कार्ड’ के आरोप पर क्या बोलीं शिवानी?

जिला अदालत में अपना बयान दर्ज कराने के बाद मंगलवार रात मीडिया से बात करते हुए सिया ने बैंसला के रिश्तेदार कमल की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया, जिसमें उसने दावा किया था कि वह पीड़िता होने का दिखावा कर रही हैं। सिया ने कहा कि अगर बैंसला तीन दिन में जमानत पर बाहर आ जाता है तो इसे कड़ी कार्रवाई नहीं माना जा सकता।

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उन्होंने कहा, “कार में दो अन्य लोग भी थे। उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।” गुरुग्राम पुलिस ने दो दिन तक तलाश करने के बाद मंगलवार को 33 वर्षीय बैंसला और उसके साथ कार में मौजूद उसके 34 वर्षीय रिश्तेदार लवनीश को गुरुग्राम से कुछ दूरी पर राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया था।

सिया ने कहा, “उसके समर्थक कह रहे हैं कि मैं पीड़िता होने का दिखावा कर रही हूं और यह सब फॉलोअर बढ़ाने के लिए कर रही हूं।” उन्होंने कहा, “मैंने 2022 में दिल्ली के कालकाजी से नगर निगम चुनाव लड़ा था। मैं सबसे कम उम्र की उम्मीदवार थी। दिल्ली में हर कोई मुझे जानता है। घटना के बाद मैं अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थी। लेकिन अब मेरी पहचान सामने आ गई है। मैं अपने लिए मजबूती से खड़ी रहूंगी। उनके समर्थक क्या कह रहे हैं, मुझे इसकी परवाह नहीं है। उनकी सोच ही गलत है।”

‘उनकी जान लेने की कोशिश की गई’

सिया ने कहा कि उन्होंने अदालत को घटना के बारे में बताया और कहा कि उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी। इस दौारन उनकी मौत भी हो सकती थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मुझे कुछ चोटें आई हैं और डॉक्टरों ने मुझे एमआरआई तथा एक्स-रे कराने की सलाह दी है।” पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद बैंसला ने पेशाब करने के बहाने हिरासत से भागने की कोशिश की। लेकिन गिरने से उसे चोट लग गई। अस्पताल में उसका प्राथमिक इलाज किया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को शहर की अदालत में पेश किया गया। बैंसला पर आरोप है कि उसने गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर अपनी Maruti Suzuki Ciaz कार से पीछे से तेज गति में आकर अप्रिलिया आरएस 457 बाइक चला रही सिया को टक्कर मार दी। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। यह कार बैंसला के एक परिचित के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने बैंसला के रिश्तेदार लवनीश को भी गिरफ्तार किया है, जो घटना के समय कार में उसके साथ था।

बैंसला ने बाइकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी!

गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) संदीप कुमार ने यहां मीडिया को बताया कि पीड़िता ने दावा किया है कि घटना से पहले बैंसला ने उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और उसे जान से मारने की कोशिश की। उन्होंने पीटीआई से कहा, “यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बहस के बाद उसने जानबूझकर बाइक सवार को साइड से टक्कर मारी… उसका इरादा पीड़िता को जान से मारने का था। पीड़िता ने पुलिस को भी बताया है कि उसे जान से मारने का इरादा था।”

गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त सिबाश कबीराज ने कहा कि इंस्टाग्राम पर उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद बैंसला के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इससे पहले मीडिया को इंटरव्यू देने के बाद बैंसला ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था और फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए गठित तीन टीमों ने उसे राजस्थान से गिरफ्तार किया।

वीडियो में क्या दिखा?

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को एक महिला बाइक सवार ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने बताया था कि पिछली सुबह गोल्फ कोर्स रोड पर एक कार ने उसे टक्कर मार दी थी। अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने पीड़िता से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिलने पर सेक्टर-56 थाने में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया।

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बैंसला की गिरफ्तारी के बाद बाइक सवार पुलिस जांच में शामिल हुई। उसकी शिकायत पर पुलिस ने FIR में बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 78 (शारीरिक और डिजिटल तरीके से पीछा करना) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य) जोड़ी हैं।

UPI पर एमडीआर चार्ज का असर क्या शेयर बाजारों में निवेश पर भी पड़ेगा? जानिए NSE के चेयरमैन ने क्या कहा

यूपीआई यानी यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस छोटे-बड़े पेमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बन गया है। अब तक यह फ्री है यानी इस्तेमाल पर किसी तरह की फीस नहीं लगती है। लेकिन, आगे यूपीआई के जरिए पेमेंट करने पर आपको फीस चुकानी होगी। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर ही फीस लगेगी। लेकिन, प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में निवेश के लिए अब काफी ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल होने लगा है। तो क्या यूपीआई पर फीस का असर शेयर मार्केट में निवेश पर भी पड़ेगा?

ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय के लिए पड़ सकता है असर

NSE का मानना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय समय के लिए पड़ेगा। लेकिन, उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने कहा, “2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर चार्जेज का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर सिर्फ शुरुआत में पड़ेगा।” उनहोंने कहा कि कुछ समय बाद इसके सामान्य हो जाने की संभावना है।

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलने जा रहा है

चौहान ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज के बारे में यह बात तब कही है, जब एनएसई का आईपीओ आ रहा है। यह इश्यू 17 सितंबर को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स ओएफएस में अपने शेयर बेच रहे हैं। कुछ 12.64 करोड़ शेयर ओएफएस में बेचे जाएंगे।

आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी

चौहान ने कहा कि एनएसई के आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी दिख रही है। खासकर आईपीओ का साइज घटने के बाद ऐसा दिख रहा है। उनहोंने कहा, “एनएसई आईपीओ के लिए एंकर इनवेस्टर्स की डिमांड अनुमान से काफी ज्यादा है…क्योंकि इश्यू का साइज घट गया है।”

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यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

उन्होंने कहा, “लोकल म्यूचुअल फंड्स जैसे हर ग्रुप को खास ऐलॉटमेंट करने होंगे। एंकर बुक काफी बड़ा है। यह हमारी उम्मीद से ज्यादा है।” इस आईपीओ से एनएसई को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि एनएसई इस इश्यू में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। पहले एनएसई का प्लान 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। लेकिन, कई पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने के फैसले लिए, जिससे इश्यू का आकार घट गया।

NSE IPO: एनएसई के शेयरों पर लगातार घट रहा जीएमपी, आईपीओ में बोली लगाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के खुलने में अब सिर्फ एक दिन बाकी रह गया है। इस बीच शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार घट रहा है। यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर को होगी। इनवेस्टर्स को लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

शेयरों पर जीएमपी में लगातार गिरावट 

अनऑफिशियल मार्केट एक्टिविटी ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर के GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट देखने को मिली है। अब शेयर पर जीएमपी घटकर करीब 10-11 फीसदी पर आ गया है। इनवेस्टरगेंस के मुताबिक, शेयर का जीएमपी 179 रुपये था, जो 10.03 लिस्टिंग गेंस का संकेत देता है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, जीएमपी से शेयर पर 11.65 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। एक दिन पहले शेयर का जीएमपी 12 फीसदी से ज्यादा था।

डेरिवेटिव्स पर निर्भरता बड़ा रिस्क

जीएमपी में कमी के बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि एनएसई की काफी निर्भरता डेरिवेटिव्स पर है, जो इसके लिए बड़ा रिस्क है। एनएसई के रेवेन्यू में ऑप्शंस ट्रांजेक्श फीस की बड़ी हिस्सेदारी है। पॉल मैनेजमेंट में रिसर्च हेड प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि एनएसई का बिजनेस स्ट्रॉन्ग है। एक्सचेंज प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज से काफी आगे है।

शेयर महंगा नहीं तो सस्ता भी नहीं

उन्होंने कहा, “प्राइस बैंड के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह वाजिब है, लेकिन इसे कम नहीं कहा जा सकता। आगे एक्सचेंज की ग्रोथ कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ने, कैश-मार्केट एक्टिविटी, नए प्रोडक्ट्स, डेटा, सूचकांकों और गिफ्ट सिटी पर निर्भर करेगा। सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ने से काम नहीं चलेगा।”

अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम पर रखनी होगी नजर

उन्होंने कहा, “डेरिवेटिव्स पर निर्भरता एक्सचेंज के लिए बड़ा रिस्क है। रेवेन्यू में ऑप्शन ट्रांजेक्शंस फीस का बड़ा योगदान है। लिस्टिंग के बाद इनवेस्टर्स को अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम, ऑप्शंस एक्टिविटी और प्रॉफिटबिलिटी पर नजर रखनी होगी।” इनवेस्टर्स पर एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान के बयान का भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर एमडीआर का असर कुछ समय के लिए पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर 

NSE का मानना है कि यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज का ट्रॉजेक्शन वॉल्यूम पर थोड़ समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, बाद सब सामान्य हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बाजार पर करीब बीते डेढ़ महीनों से दबाव दिख रहा है।

Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

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Gurugram Biker Case: टक्कर मारने के आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ने महिला बाइकर को लेकर किया बड़ा दावा, केस में आया नया ट्विस्ट!

Gurugram Hit-And-Run Case: गुरुग्राम पुलिस ने ‘हिट-एंड-रन’ के मामले में आरोपी कल्याण बैंसला समेत दो लोगों को राजस्थान के दौसा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। दौसा सदर के थानाधिकारी युधिष्ठिर सिंह ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस की टीम ने थाने को जानकारी दी है कि उसने दौसा के आगरा रोड इलाके से बैंसला और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सिंह ने कहा, “गुरुग्राम पुलिस ने हिट-एंड-रन मामले के सिलसिले में कल्याण बैंसला और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है।” इस बीच, बाइक सवार महिला को टक्कर मारने का आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ने अदालत में मंगलवार को एक बड़ा दावा किया।

आरोपी ने सभी आरोपों को किया खारिज

जानबूझकर कार से टक्कर मारने और परेशान करने के आरोपों को खारिज करते हुए गुरुग्राम गोल्फ कोर्स रोड दुर्घटना मामले में आरोपी ड्राइवर कल्याण बैंसला का पक्ष रख रहे वकील नवीन बैंसला ने मंगलवार को दावा किया कि यह घटना हिट-एंड-रन नहीं। बल्कि तेज़ रफ़्तार और रेसिंग के कारण हुई आपसी लापरवाही का मामला है।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए वकील ने जानबूझकर टक्कर मारने के दावों को खारिज कर दिया। वकील ने आरोप लगाया कि 20 से 30 मोटरसाइकिल सवारों का एक ग्रुप सड़क पर स्टंट कर रहा था और अन्य वाहनों को रेस के लिए उकसा रहा था।

‘हिट-एंड-रन का मामला नहीं’

वकील नवीन बैंसला ने कहा, “यह हिट-एंड-रन का मामला नहीं है। यह लापरवाही का मामला है। यह पूरी तरह से तेज रफ्तार और लापरवाह व्यवहार के कारण हुआ। वे एक-दूसरे के साथ रेस लगा रहे थे। बाइकर्स का एक बड़ा ग्रुप था। लगभग 20-30 राइडर्स एक साथ थे। सड़क के नियमों का पालन करने के बजाय, वे तेज रफ़्तार से गाड़ी चला रहे थे और स्टंट कर रहे थे। वे अन्य वाहनों को ताने मार रहे थे और परेशान कर रहे थे। उन्हें रेस या ओवरटेक करने के लिए उकसा रहे थे।””

उन्होंने तर्क दिया कि टक्कर इसलिए हुई क्योंकि कार और दोपहिया वाहन दोनों तेज रफ्तार से चल रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप वाहनों पर से कंट्रोल खो गया। वकील ने कहा, “कार और बाइक के बीच टक्कर सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वे जिस रफ़्तार से गाड़ी चला रहे थे। वह बहुत ज्यादा तेज थी। यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। इसमें और कुछ नहीं है। यह बस एक ऐसा मामला था जिसमें दोनों गलत थे। वे तेज रफ्तार से रेस लगा रहे थे, नियंत्रण खो बैठे और वाहन आपस में टकरा गए।”

शराब पीकर कार चलाने के आरोपों को किया खारिज

पीड़िता के इस दावे को खारिज करते हुए कि कार में सवार लोग नशे में थे। वकील ने जोर देकर कहा कि ड्राइवर सुबह-सुबह अपने परिवार के सदस्यों के साथ यात्रा कर रहा था। उसने शराब नहीं पी रखी थी।

वकील ने कहा, “कल्याण बैंसला मेरे गांव के रहने वाले हैं। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। वह नेशनल और इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी हैं। उनके परिवार के खिलाफ आज तक कोई शिकायत नहीं आई है। समाज में उनके परिवार का बहुत सम्मान है। वे शराब नहीं पी रहे थे। यह घटना सुबह 7 बजे हुई। उनके परिवार के सदस्य उनके साथ थे। शराब पीने के दावे पूरी तरह से झूठे हैं। वह एक जिम ट्रेनर और जिम के मालिक हैं।”

पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी

गुरुग्राम में कार की टक्कर से घायल हुई बाइक सवार महिला ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर आरोपी कल्याण बैंसला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद उसके खिलाफ अब हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। बैंसला ने दावा किया था कि यह महज एक दुर्घटना थी।

शिवानी चौहान उर्फ सिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर डाले गए वीडियो में सवाल किया कि अगर बैंसला दुर्घटना को लेकर वास्तव में परेशान था तो टक्कर लगने के बाद वह घटनास्थल पर क्यों नहीं रुका। गुरुग्राम पुलिस ने मामले में अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज किया है जिसमें 10 साल तक के कारावास का प्रावधान है।

गुरुग्राम पुलिस ने इससे पहले मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में मामला दर्ज किया था। सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अभिलक्ष जोशी के अनुसार, आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय बीएनएस की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सिया ने यह आरोप भी लगाया कि महिला बाइक सवार होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। उसे रोकने की जानबूझकर कोशिश की गई। उसने दावा किया कि उसकी जान जा सकती थी और दुर्घटना के बाद आरोपी ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह सुरक्षित है या नहीं।

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Mirzapur The Movie Box Office Collection Day 11: ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई ने फिर मचाया तहलका, दूसरे सोमवार के बाद 300 करोड़ से इतनी दूर रह गई फिल्म

‘मिर्जापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफिस सफर लगातार चर्चा में बना हुआ है। रिलीज के बाद से ही फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और अब दूसरे हफ्ते में भी इसकी कमाई की रफ्तार पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही। दूसरे सोमवार को कलेक्शन में मामूली गिरावट जरूर आई, लेकिन फिल्म ने जिस तरह से अपनी पकड़ बनाए रखी है, उसने मेकर्स और कलाकारों की उम्मीदों को कायम रखा है। ‘मिर्जापुर’ की लोकप्रिय दुनिया और इसके चर्चित किरदारों का आकर्षण एक बार फिर सिनेमाघरों में देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है।

अब फिल्म की नजर एक बड़े आंकड़े पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘मिर्जापुर द मूवी’ अपनी मौजूदा रफ्तार को बरकरार रखते हुए दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो पाती है या नहीं।

भारत में 190 करोड़ के पार पहुंची कमाई

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने दूसरे सोमवार को भारत में 7,014 शोज के जरिए करीब 5.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। इसके साथ ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 190.20 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, भारत में फिल्म की ग्रॉस कमाई 226.64 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

विदेशों में भी जारी है कमाई

फिल्म ने 11वें दिन विदेशों में करीब 1 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल विदेशी कमाई बढ़कर 47 करोड़ रुपये हो गई है। भारत और विदेशों की कमाई को मिलाकर ‘मिर्जापुर द मूवी’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 273.64 करोड़ रुपये हो चुका है। यानी फिल्म 300 करोड़ के आंकड़े से करीब 26 करोड़ रुपये दूर है।

‘हैवान’ और ‘हनुमान अंश’ से मिल रही कड़ी टक्कर

बॉक्स ऑफिस पर ‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए राह आसान नहीं है। फिल्म को इन दिनों ‘हैवान’ और ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। इसके बावजूद फिल्म की कमाई का लगातार बने रहना यह दिखाता है कि ‘मिर्जापुर’ के किरदारों और कहानी को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी अभी भी बरकरार है।

बड़े पर्दे पर फिर लौटी ‘मिर्जापुर’ की दुनिया

गुरमीत सिंह के निर्देशन और पुनीत कृष्णा की कहानी पर बनी यह फिल्म लोकप्रिय ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी को बड़े पर्दे पर लेकर आई है। कहानी सीजन 1 के छठे और सातवें एपिसोड के बीच की घटनाओं को दिखाती है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें ऐसे किरदार भी फिर नजर आते हैं, जो आगे चलकर कहानी में मारे गए थे। मुन्ना त्रिपाठी के किरदार में दिव्येंदु और गोलू गुप्ता के रूप में श्वेता त्रिपाठी की वापसी ने पुराने प्रशंसकों की यादें ताजा कर दी हैं।

पुराने चेहरे, वही दमदार अंदाज

फिल्म में पंकज त्रिपाठी एक बार फिर अखंडानंद ‘कालीन’ त्रिपाठी के किरदार में नजर आ रहे हैं। वहीं अली फजल गुड्डू पंडित और दिव्येंदु मुन्ना त्रिपाठी की भूमिका में लौटे हैं। फिल्म की स्टारकास्ट में रसिका दुगल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, सोनल चौहान, मोहित मलिक और सुशांत सिंह भी शामिल हैं।

अब 300 करोड़ पर टिकी नजर

273.64 करोड़ रुपये के वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ ‘मिर्जापुर द मूवी’ 300 करोड़ के आंकड़े के काफी करीब पहुंच चुकी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म अपनी रफ्तार बरकरार रखते हुए इस बड़े आंकड़े को पार कर पाती है या नहीं।

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Gala Dinner: PM मोदी के गाला डिनर में नहीं शामिल हुए जिनपिंग, सामने आई ये बड़ी वजह

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित भव्य गाला डिनर से एक बड़ी खबर सामने आई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हाई-प्रोफाइल डिनर में शामिल नहीं हुए।

उनके अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी सम्मेलन के बाद वापस अपने देश रवाना हो जाने के कारण इस डिनर में मौजूद नहीं थे।

क्यों गायब रहे शी जिनपिंग? सामने आई यह वजह

चीनी राष्ट्रपति के डिनर में शामिल न होने का सटीक और आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक शी जिनपिंग सम्मेलन के व्यस्त शेड्यूल के बाद आराम करने के लिए सीधे अपने होटल चले गए थे।

गौरतलब है कि शी जिनपिंग शनिवार दोपहर को ही नई दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्रों में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी की थी।

पुतिन से लेकर कई दिग्गजों की रही मौजूदगी

शी जिनपिंग भले ही डिनर में मौजूद नहीं रहे, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित इस शाही भोज में शिरकत की। इस डिनर में केंद्र सरकार के कई दिग्गज मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए:

केंद्रीय मंत्री: अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान।

मुख्यमंत्री व नेता: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के सुवेंदु अधिकारी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।

ये सभी केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री संसद भवन से दो बसों में सवार होकर डिनर के वेन्यू यानी भारत मंडपम पहुंचे थे।

डिनर के मेन्यू में क्या था खास?

विदेशी और देसी मेहमानों के लिए परोसे गए भोजन में भारतीय व्यंजनों का खास स्वाद देखने को मिला:

मेन कोर्स: खांडवी मिल-फॉय, खुंब गलोटी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, गाजर-बीन्स पोरियल और मिलेट्स (बाजरा) पुलाव।

डेजर्ट (मीठा): पुरानी दिल्ली की फ्रूट क्रीम के साथ गरमा-गरम जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई।

VIDEO: ‘ख्वाब हो तुम या…’; BRICS में दिखा बॉलीवुड का रंग! किशोर कुमार के जबरा फैन निकले मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम, हिंदी गायकी का वीडियो वायरल

NSE के सीईओ ने कहा- अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेड की इजाजत के लिए अप्लिकेशन नहीं दिया

एनएसई के आईपीओ के खुलने से पहले एक्सचेंज के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने 11 सितंबर को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एनएसई ने खुद के प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर की ट्रेडिंग की इजाजत मांगने के लिए सेबी के पास अप्लाई नहीं किया है। एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है।

1700-1785 रुपये का प्राइस बैंड

ब्लूमबर्ग ने पिछले महीने सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि एनएसई के शेयर औपचारिक रूप से बीएसई पर लिस्ट होंगे, लेकिन ‘परमिटेड टू ट्रेड’ कैटेगरी में शेयर की ट्रेडिंग एनएसई के अपने प्लेटफॉर्म पर हो सकती है। एनएसई ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।

24 सितंबर को लिस्ट होंगे शेयर 

एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह आईपीओ 16 सितंबर को खुल जाएगा। शेयर 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट होने की संभावना है। चौहान ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एनएसई भारत का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। यह दुनिया के सबसे एक्सचेंजों में से एक है। एनएसई का मकसद सेविंग्स कैपिटल में चैनलाइज करना है।” उन्होंने कहा कि एनएसई ने उस मकसद को पूरा किया है, जिसके लिए फाउंडर्स ने इसे शुरू किया था।

सबसे बड़े एक्सचेंजों में शामिल 

उन्होंने कहा, “एनएसई सबसे बड़े वर्टिकली इंटिग्रेटेड एक्सचेंजों में से एक है, क्योंकि हमारी खुद की टेक्नोलॉजी है। कुछ एक्सचेंज कमोडिटीज या इक्विटीज पर फोकस करते हैं। हम कई एसेट क्लास कवर करते हैं, जिनमें कमोडिटीज, करेंसीज, इलेक्ट्रिसिटी और यहां तक कि चैरिटी भी शामिल है।”

कैश मार्केट में 95% हिस्सेदारी

एनएसई का प्रॉफिट FY26 में 10,300 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुकाबले 15 फीसदी कम है। एक्सचेंज का रेवेन्यू अप्रैल 2019 से अप्रैल 2026 के बीच दोगुना हो गया। इसमें इंडिया ऑप्शंस ट्रेडिंग में बढ़ती दिलचस्पी का हाथ है। कैश मार्केट में एनएसई की हिस्सेदारी करीब 95 फीसदी है, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स में इसकी हिस्सेदारी 75 फीसदी है। एनएसई ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है।

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इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल

एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एक्सेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। इसलिए आईपीओ से कोई पैसा एनएसई को नहीं मिलेगा। पहले इस आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रहने होने का अनुमान था। लेकिन, अब एनएसई ने इसका साइज घटा दिया है।