‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल

‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।

ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।

‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।

फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

Photographer Ganpat Rao Pawar

देवास। 19 अगस्त को 'विश्व फोटोग्राफी दिवस' के अवसर पर देवास फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा देवास स्टेट के प्रथम फोटोग्राफर, चित्रकार एवं बहुआयामी कलाकार स्वर्गीय श्री गणपत राव पवार का भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

लक्ष्मीपुरा स्थित श्री क्षत्रिय मराठा समाज पब्लिक ट्रस्ट के समाज भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. श्री पवार के व्यक्तित्व, कला-साधना और फोटोग्राफी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें देवास के फोटोग्राफी जगत का मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बताया।

 

कला-साधना और तकनीक का कठिन दौर

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्व. श्री गणपत राव पवार के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

 

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि लगभग एक शताब्दी पूर्व फोटोग्राफी आज की तरह सहज और अत्याधुनिक तकनीक से संपन्न नहीं थी। उस दौर में कांच के नेगेटिव तैयार करना और विशेष तकनीकों से तस्वीरों को आकार देना अपने आप में एक कठिन साधना थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में पवार साहब ने फोटोग्राफी को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि कला और साधना के रूप में अपनाया। अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर उन्होंने देवास में फोटोग्राफी को एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

 

बहुआयामी व्यक्तित्व और कलात्मक विरासत

मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश भावसार ने स्व. श्री पवार से जुड़े आत्मीय संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन में वे राजबाड़ा स्थित श्री पवार के घर जाया करते थे और उन्हें स्नेह से ‘आबा’ कहकर संबोधित करते थे। श्री पवार के सबसे छोटे पुत्र प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं तबला वादक श्री अनिल पवार उनके मित्र हैं।

 

श्री भावसार ने रेखांकित किया कि गणपत राव पवार साहब का व्यक्तित्व किसी एक विधा तक सीमित नहीं था। वे फोटोग्राफी के साथ-साथ मूर्तिकला, लेखन और भजन गायन में भी पारंगत थे। उन्होंने इस कला परंपरा को अपने परिवार में रोपा, जिसे उनके चौथे पुत्र स्वर्गीय प्रेमराव पवार ने आगे बढ़ाया। श्री पवार की कलात्मक प्रतिभा का सम्मान न केवल देवास में, बल्कि इंदौर, उज्जैन सहित संपूर्ण मालवा क्षेत्र में था। आज भी उनके परिवार के सदस्य अपनी रचनात्मकता से इस विरासत को समृद्ध कर रहे हैं।

Photographer Ganpat Rao Pawar

तकनीक के दौर में कला का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि आज फोटोग्राफी भले ही डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन एक बेहतरीन तस्वीर के पीछे की दृष्टि, धैर्य और कल्पनाशीलता का महत्व आज भी कायम है। स्व. गणपत राव पवार का जीवन नई पीढ़ी को यह संदेश देता है कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन कला के प्रति समर्पण और साधना कभी पुरानी नहीं होती।

 

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित श्री पवार के पुत्र श्री माणिक राव पवार ने अपने पिता के संघर्षों और देवास का नाम रोशन करने के उनके प्रयासों को याद किया।

 

आयोजन, सम्मान एवं आभार

भूमिका एवं परिचय: कार्यक्रम की भूमिका स्व. श्री पवार के पौत्र श्री अमित राव पवार ने रखी। अतिथि परिचय एसोसिएशन के मार्गदर्शक श्री राजू पुराणिक ने दिया तथा अतिथियों का स्वागत श्री प्रवीण चौहान, मुकेश नागर एवं प्रदीप श्रीवास्तव ने किया।

 

सम्मान एवं प्रदर्शनी: इस अवसर पर वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री राजेंद्र व्यास एवं मोहन सिंह राजपूत को सम्मानित किया गया तथा उनके द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का सभी उपस्थितजनों ने अवलोकन किया।

 

संचालन एवं आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन एसोसिएशन के संयोजक श्री देवेंद्र गौड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जितेंद्र शर्मा ने माना।

 

प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में मराठा समाज अध्यक्ष सुभाष शिंदे, अशोक सोमानी, शर्मिला काटे, बाला पलसे, उमेश निम्बारकर, सुरेश जायसवाल, मुकेश दरबार, प्रदीप नाथ सहित बड़ी संख्या में फोटोग्राफर, समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 का नया Gorkha अवतार लॉन्च, जानें इसके फीचर्स और कीमत

रॉयल एनफील्ड ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय Classic 350 का नया Gorakha Edition लॉन्च किया है। कंपनी ने इस बाइक में कुछ नए फीचर्स भी जोड़े हैं। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच और टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा बाइक के डिजाइन में भी गोरखा से प्रेरित कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे इसका लुक पहले से अलग नजर आ रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के नए गोरखा एडिशन को खास गोरखा ग्रीन रंग में पेश किया गया है। बाइक पर क्रॉस्ड खुखरी वाला खास बैज भी दिया गया है, जो इसे अलग लुक देता है। कंपनी ने बताया कि इसकी बुकिंग मंगलवार से शुरू होगी। इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹2,10,684 रखी गई है।

जानें इसकी खासियत

क्लासिक 350 गोरखा एडिशन में कंपनी ने बाइक की मौजूदा राइडिंग पोजीशन और J-सीरीज इंजन को बरकरार रखा है। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच दिया गया है, जिससे गियर बदलना आसान हो जाता है। इसके अलावा, टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है। बाइक को गोरखा रेजिमेंट से प्रेरित लुक देने के लिए गोरखा ग्रीन रंग और क्रॉस्ड खुखरी का खास निशान दिया गया है।

गोरखा कलेक्शन भी किया लॉन्च

रॉयल एनफील्ड ने बाइक के साथ गोरखा कलेक्शन भी लॉन्च किया है। इसमें हेलमेट, हाई-एंकल लेदर बूट, हेडगियर, कपड़े और कई दूसरी चीजें शामिल हैं। कलेक्शन के डिजाइन में मिलिट्री यूनिफॉर्म, रेजिमेंट के निशान और क्रॉस्ड खुखरी से प्रेरणा ली गई है। इसमें रेजिमेंटल क्रिमसन, ऑलिव ग्रीन, मैट ब्लैक और वार्म ब्रॉन्ज जैसे रंगों का इस्तेमाल किया गया है। क्लासिक 350 गोरखा एडिशन रॉयल एनफील्ड की मिड-साइज बाइक रेंज में शामिल किया गया है।

चीफ कमर्शियल ऑफिसर क्या कहा

लॉन्च के मौके पर रॉयल एनफील्ड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, “क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए हम बहादुरी, वफादारी और सम्मान की पहचान रखने वाली गोरखा रेजिमेंट की सैन्य विरासत को सलाम कर रहे हैं। बाइक की हर डिटेल क्लासिक 350 के खास अंदाज को बनाए रखती है, जबकि गोरखा के खास निशान इस रेजिमेंट की पुरानी परंपराओं और मूल्यों को दर्शाते हैं।”

गोरखा रेजिमेंट की पहचान है खास

इस मौके पर गोरखा ब्रिगेड के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान, AVSM, YSM ने कहा, “गोरखा रेजिमेंट की पहचान सिर्फ उसके इतिहास से नहीं, बल्कि हिम्मत, अनुशासन और सम्मान जैसी खूबियों से भी है। इन मूल्यों को कई पीढ़ियों से आगे बढ़ाया जा रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए इस विरासत को सम्मान मिलना हमारे लिए खुशी की बात है। यह बाइक गोरखा सैनिकों की भावना और उनकी परंपराओं को सम्मान देने का एक तरीका है।”

Market Technicals : शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुझान के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : 17 अगस्त को निफ्टी पूरे सेशन के दौरान दबाव में रहा और कारोबारी सत्र के अंत में 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे नए हफ्ते की शुरुआत खराब रही। इंडेक्स पिछले हफ्ते के निचले स्तर 24266 से नीचे गिर गया,लेकिन सेशन के दूसरे हिस्से में सुबह के नुकसान की कुछ भरपाई होती दिखी और क्लोजिंग बेसिस पर निफ्टी 24266 के स्तर को बचाए रखने में कामयाब रहा। बाजार में धीरे-धीरे मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है और इंडेक्स अब अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुख के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है।

बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने के संकेत

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24200 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है तो 24050-24000 के जोन की तरफ और गिरावट आने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं,ऊपर की तरफ इसके लिए 24400-24500 का एरिया रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

निफ्टी कल 24,343 पर नीचे खुला और गिरकर 24,227 के इंट्राडे लो पर आ गया। हालांकि,दोपहर में इंडेक्स में कुछ रिकवरी दिखी और यह दिन के निचले स्तर से 60 अंक चढ़कर 24,288 पर बंद हुआ।

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर हुआ। जबकि MACD ने बढ़ते रेड हिस्टोग्राम बार के साथ अपना बेयरिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जो बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और लंबे समय बाद यह 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के नीचे बंद हुआ है,जो काफी हद तक एक नेगेटिव संकेत है। डे ट्रेडर्स के लिए 24400 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24500-24620 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24220 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे जाने पर निफ्टी 24100-24050 के लेवल तक गिर सकता है

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि 24200-24150 के आसपास स्थित 50-डे EMA जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। लगातार 24150 के नीचे बने रहने से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 24,000 के लेवल की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ 24380-24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। 24,400 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त बुलिश सेंटीमेंट को मजबूत करेगी और नियर टर्म में 24550 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता साफ कर सकती है।

क्या कहते हैं ऑप्शन डेटा?

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24300 स्ट्राइक (जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है) आगे और गिरावट के लिए एक अहम लेवल हो सकता है। अगर इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो 24,200 और 24,000 स्ट्राइक (जहां इसके बाद सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट देखा गया है) इंडेक्स के लिए अगले सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। इसके विपरीत 24500 और 24400 के स्ट्राइक प्राइस (जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है) इंडेक्स के लिए तत्काल रेसिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकते हैं।

क्या कहती है इंडिया VIX की चाल?

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18% बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह 12 के जोन और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इसका मतलब है कि उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता अभी भी काफी कम है।

बैंक निफ्टी व्यू

भारी उतार-चढ़ाव के बाद बैंकिंग इंडेक्स, निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7 अंक बढ़कर 57,498 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स इंट्राडे में पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे गया और 57,120 का इंट्राडे लो छुआ,लेकिन फिर रिकवर हुआ और 50-डे EMA (57,184)के साथ-साथ 56,024 से 58,250 तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट (57,135) को भी बनाए रखा। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के बावजूद बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन को बनाए रखने में कामयाब रहा।

मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव

इसको देखते हुए लगता है कि इसका मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि शॉर्ट-टर्म में कुछ कंसोलिडेशन हो सकता है। डेली चार्ट पर,बैंकिंग इंडेक्स ने हाई वेव कैंडल बनाया है,जो मार्केट में दुविधा और किसी खास दिशा को लेकर पक्के भरोसे की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के एक सीमित दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से डेली RSI एक सीमित दायरे में ही ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि बाजार में किसी खास दिशा की ओर कोई मजबूत झुकाव नहीं है।

बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल्स

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि आगे 57,900-58,000 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम करेगा। वहीं,नीचे की तरफ 57,100-57,000 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इन लेवल से कोई भी साफ ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन बैंक निफ्टी की आगे की चाल तय कर सकती है।

 

Market Trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी मेक ऑर ब्रेक लेवल पर, दमदार कमाई के लिए इस मेटल शेयर पर रहे नजर

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आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है।

 

अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में कार्यवाही को आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही सीबीआई और ईडी समेत सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

शीर्ष अदालत ने जारी किया नोटिस

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सिब्बल की दलीलों पर गौर करने के बाद शीर्ष अदालत ने सीबीआई, ईडी और याचिकाकर्ता (कर्नाटक निवासी एस विग्नेश शिशिर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश?

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस चौहान और जस्टिस बीआर सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट ने सीबीआई, ईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) को आठ सप्ताह के भीतर आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय सीबीआई और ईडी ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वे आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

राहुल गांधी की संपत्ति से जुड़ा क्या है यह मामला?

यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने आय के अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मांग की गई थी कि राहुल गांधी की कुल संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और कॉर्पोरेट मामलों में कथित संलिप्तता की गहन जांच सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराई जाए।

राहुल गांधी की ओर से इसे राजनीति से प्रेरित और निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

इंडियन आर्मी में अग्निवीर बनना गल्फ जाने से बेहतर…जानिए गोरखा भर्ती में अड़ंगा लगाना नेपाल को कैसे पड़ रहा भारी

भारतीय सेना प्रमुख की काठमांडू यात्रा (16 अगस्त) से ठीक पहले नेपाल के पोखरा में पूर्व गोरखा सैनिकों और उनके समर्थकों ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इन पूर्व सैनिकों की मुख्य मांग है कि भारत सरकार अपनी अग्निपथ योजना के तहत नेपाली युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती करने की प्रक्रिया को तुरंत फिर से शुरू करे। हमारी सहयोगी वेबसाइट फर्स्टपोस्ट के एक एक्सप्लेनर आर्टिकल के मुताबिक यह प्रदर्शन बुधवार को इंडियन एक्स-सर्विसमेन गोरखा ब्रिगेड नेपाल पोखरा द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पोखरा स्टेडियम से कास्की जिले के जिला प्रशासन कार्यालय तक रैली निकाली और बाद में नेपाल की फेडरल गवर्नमेंट को दो सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अग्निवीर भर्ती को तत्काल बहाल करने और अपने नाम में सैनिक शब्द का इस्तेमाल करने वाले पूर्व सैनिक संगठनों का नवीनीकरण करने की मांग की गई है।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व सैनिक और उनके परिजन अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे। इन पर ‘अग्निपथ के तहत नेपाली युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती करो’, ‘गृह मंत्रालय के पत्र को रद्द करो’ और ‘पूर्व सैनिकों की आवाज सुनो’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्रिगेड के अध्यक्ष कर्नल कृष्ण बहादुर खत्री ने चेतावनी दी कि सुगौली संधि के दौर से चली आ रही 200 साल से भी अधिक पुरानी परंपरा अब खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि सुगौली संधि के बाद भारत में नेपाली युवाओं की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी और यह 207 वर्षों से लगातार जारी थी। भारत द्वारा अग्निपथ योजना लागू किए जाने के बाद नेपाल सरकार ने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए नेपाली युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होने से रोक दिया है, जिससे सैकड़ों युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

नेपाल की ‘रातोपाटी’ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सैनिकों द्वारा सरकार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 50 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले खाड़ी (गल्फ) देशों में जाकर न्यूनतम वेतन पर काम करने की तुलना में भारतीय सेना में नौकरी करना सैकड़ों गुना बेहतर है। अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा के दौरान युवा विभिन्न सुविधाओं के साथ लगभग 45 से 50 लाख रुपये कमा लेते हैं।

क्या है भारत की अग्निपथ योजना?

भारत सरकार ने साल 2022 में सैन्य भर्ती प्रक्रिया में बदलाव लाने के उद्देश्य से अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी रैंक से नीचे (सैनिक, एयरमैन और नाविक) के जवानों को चार साल के कार्यकाल के लिए भर्ती किया जाता है। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद योग्यता और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को 15 साल के स्थायी कमीशन के लिए शामिल किया जाता है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को एकमुश्त राशि देकर सेवामुक्त कर दिया जाता है। इन्हें पेंशन नहीं दी जाती।

अगर किसी अग्निवीर की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि और बची हुई सेवा अवधि का पूरा वेतन मिलता है। वहीं दिव्यांगता के मामले में सैन्य सेवा के कारण हुई विकलांगता के प्रतिशत के आधार पर 44 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है। इस योजना की घोषणा के समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि अग्निपथ सशस्त्र बलों के लिए एक गेम चेंजर है और यह सेना को युवा, हाई-टेक और अति-आधुनिक बनाता है। इस योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवा खून को शामिल करना और सेना के वेतन तथा पेंशन बिल को कम करना है।

नेपाल को अग्निपथ योजना पर क्यों थी आपत्ति?

अग्निपथ योजना से पहले भारतीय सेना स्वतंत्रता के समय नेपाल, भारत और ब्रिटेन के बीच साइन की गई त्रिपक्षीय संधि के तहत नेपाली गोरखा सैनिकों की भर्ती करती थी। इस संधि के तहत गोरखा सैनिकों की चार रेजिमेंट (2nd, 6th, 7th और 10th) ब्रिटिश सेना को सौंपी गई थीं। बाकी रेजिमेंट (1st, 3rd, 4th, 5th, 8th और 9th) भारतीय सेना के पास रहीं। आजादी के तुरंत बाद भारत ने 11वीं गोरखा राइफल्स नाम से एक नई रेजिमेंट भी बनाई थी। इस समझौते में भारतीय सेना में सेवारत नेपाली गोरखा सैनिकों के नियम, शर्तें, सेवानिवृत्ति के लाभ और पेंशन तय की गई थी।

रिपोर्टों के मुताबिक किसी भी समय भारतीय सेना में लगभग 32000 से 35000 नेपाली गोरखा सैनिक अपनी सेवाएं देते थे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नेपाल में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों की आबादी लगभग 1.32 लाख है। जब भारत ने अग्निपथ योजना की शुरुआत की तो काठमांडू स्थित नेपाल सरकार ने भारतीय सेना में अपने युवाओं की भर्ती पर रोक लगा दी। नेपाल सरकार का तर्क था कि यह योजना 1947 के त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है और भर्ती नियमों में किसी भी बदलाव से पहले नेपाल से चर्चा की जानी चाहिए थी। नेपाली टाइम्स से बातचीत में नेपाल के इतिहासकार प्रत्युष ओंटा ने भी कहा था कि त्रिपक्षीय समझौते का सदस्य होने के नाते भारत सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले नेपाल से राय लेनी चाहिए थी।

गोरखा भर्ती रोकने से नेपाल को क्या हो रहा है नुकसान?

भारतीय सेना में गोरखा भर्ती पर रोक लगाने का नेपाल का फैसला खुद उसी पर भारी पड़ रहा है और देश को इसका बड़ा आर्थिक व सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब नेपाली गोरखा भारतीय सेना में सेवा देते थे तो वे हर साल लगभग 1000 करोड़ रुपये का रेमिटेंस अपने घर नेपाल भेजते थे। भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत रणजीत राय के मुताबिक यह पैसा नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा सहारा था।

त्रिभुवन विश्वविद्यालय (काठमांडू) के सेन्ट्रल डिपार्टमेंट ऑफ रूरल डेवलपमेंट स्टडीज के लेक्चरर डॉ. रत्न मणि नेपाल के शोध पत्र ‘द गुरखा रिक्रूटमेंट, रेमिटेंस एंड डेवलपमेंट’ के मुताबिक विदेशी सेनाओं में काम करने वाले गोरखाओं से मिलने वाला रेमिटेंस नेपाल के दूर-दराज गांवों में सामाजिक आधुनिकीकरण और उद्यमिता विकास का एक स्थायी जरिया रहा है। इसके अलावा सेवानिवृत्त गोरखा राइफल्स के जवान दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सद्भावना कड़ी (का काम करते हैं।

भारतीय सेना में नौकरी के अवसर बंद होने की वजह से नेपाल के कई युवा अब आजीविका के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना की ओर से लड़ने चले गए हैं। काठमांडू सरकार के अनुमान के मुताबिक 200 से अधिक नेपाली युवा पुतिन की सेना में शामिल होने के लिए रूस जा चुके हैं। आपको बता दें कि पूर्व रक्षा प्रमुख (CDS) जनरल अनिल चौहान ने इस मुद्दे पर कहा था कि भारतीय सेना में नेपाली गोरखाओं की भर्ती पर अंतिम फैसला काठमांडू सरकार को ही लेना है। अब यह काठमांडू पर निर्भर करता है कि वह अग्निपथ योजना के तहत अपने सैनिकों को भारतीय सेना में सेवा के लिए भेजता है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि नेपाल के नागरिकों के लिए अलग योजना और भारतीय नागरिकों के लिए अलग योजना नहीं हो सकती।

Trading Ideas : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जानें कमजोर बाजार में भी आज किन शेयरों में बनेगा पैसा, इंडेक्स में क्या करें

Trading Ideas : कल के कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी 36 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 188 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो PSU बैंक इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह लगभग 1.5 प्रतिशत नीचे रहा। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी ने 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी की।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 20-डे SMA या 24,300/77,500 का लेवल ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर मार्केट इन स्तरों से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,500-24,600/78,500-78,800 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24,300/77,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे,मार्केट 24,150-24,100/77,000-76,800 तक गिर सकता है।

आज क्या हो कमाई की रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24509-24541 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24617-24667/24709 पर है। इसके लिए पहला बेस 24341-24380 पर और बड़ा बेस 24178/24206-24261 पर है। ग्लोबल सेटअप न्यूट्रल है। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। AI रैली की संभावना है। FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है,इंडेक्स में शॉर्ट हुए हैं। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.65 लाख पर आ गए हैं।

24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग और 24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। 24509-24541 के ऊपर शॉर्ट कवरिंग संभव है। 24380-24341 मामूली सपोर्ट है। 24261-24207 क्रिटिकल सपोर्ट है। तेजी और शॉर्ट कवरिंग के लिए 24509-24541 के ऊपर निकलना जरूरी है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोरी में शॉर्ट काम कर सकता है, बेस-1 पर चेक करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है,बेस-1 और बेस-2 अहम रिवर्सल पॉइंट हैं। निफ्टी IT को 31200-31050 के ऊपर टिकना जरूरी है। निफ्टी बैंक को 57500 के ऊपर टिकना जरूरी है।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58030-58189/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58411-58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57467-57610 पर और बड़ा बेस 56911/57089-57211 पर है। PSU बैंकों में रिवर्सल थोड़ा चौंकाने वाला है। 57000-57200 पर काफी पुट राइटिंग हुई है। 57500 पर थोड़े पुट हैं। 58000 कॉल पर एक्जिट हुए हैं। 57500 के ऊपर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रहेगी। 58200-58270 के ऊपर तेज मजबूती संभव है। तेजी के लिए कच्चे तेल का सपोर्ट जरूरी है। बेस-1 के नीचे फिसलने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी ABB फ्यूचर्स में 7740-7744 रुपए के आसपास, 7670 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 7910 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। पॉलीकैब फ्यूचर्स में भी इनकी 9310-9315 रुपए के आसपास, 9200 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 9550 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Mirzapur Movie Trailer: कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित नहीं, चौंका तो रहा बबलू का रोल, किस यादव जी के रोल में हैं रवि किशन?

Mirzapur Movie Trailer: मेकर्स ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ फिल्म का ट्रेलर मंगलवार 11 अगस्त को रिलीज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ट्रेलर में कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित और बबलू पंडित जैसे पुराने किरदार फिर दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ नए कलाकार भी कहानी में शामिल किया गया हैं। फिल्म में ट्रेलर में रवि किशन का किरदार बेहद एग्रेसिव नजर आ रहा है। वहीं गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु भाषा में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले ओटीटी पर ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के तीनों सीजन को फैंस से काफी प्यार मिला था।

फिल्म की कहानी ‘मिर्जापुर’ सीरीज की दुनिया से जुड़ी हुई है। फिल्म की कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। वहीं, इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने संभाली है।।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का रिलीज हुआ ट्रेलर

‘मिर्जापुर: द मूवी’ के करीब 3 मिनट के इस ट्रेलर में फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता और उसे हासिल करने की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। ट्रेलर की शुरुआत ही एक खाली गद्दी और दमदार वॉयसओवर से होती है। इसमें कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “गद्दी न तो विरासत से मिलती है, न सियासत से। मिलती है तो सिर्फ और सिर्फ बाहुबल से। और टिकती है डर से।” इसके बाद मुन्ना भैया (दिव्येंदु) की एंट्री होती है, जो खुद को मिर्जापुर का “प्रिंस” बताते हैं। लेकिन कालीन भैया और मुन्ना के बीच रिश्ते पहले जैसे नहीं दिखते। कालीन भैया को लगता है कि मुन्ना उनके हर काम और मिशन में परेशानी खड़ी कर देते हैं।

 

रवि किशन की धमाकेदार एंट्री

वहीं, मुन्ना और गुड्डू पंडित (अली फजल) के बीच भी पुरानी दुश्मनी फिर सामने आती है, जब दोनों एक-दूसरे पर बंदूक ताने नजर आते हैं। इस बार कहानी में रवि किशन असली ट्विस्ट लेकर आते हैं। मिर्जापुर की गद्दी पर अपना दावा पेश करते हुए रवि किशन भी मैदान में उतरते नजर आते हैं। कालीन भैया उन्हें चेतावनी देते हैं कि मिर्जापुर में दाखिल होने का रास्ता सिर्फ उनके नियंत्रण में है। इस पर रवि किशन अपने खास अंदाज में कहते हैं कि अगर वह रास्ते की रखवाली कर रहे हैं, तो वह मिर्जापुर के अंदर आकर ही रहेंगे।

ट्रेलर के एक सीन में वह एक शख्स पर चाकू से हमला करते दिखाई देते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “क्या तुम्हारा हीमोग्लोबिन कम है? खून बहुत कम निकल रहा है।”। वहीं ट्रेलर के आखिर में बीना भाभी (रसिका दुगल) भी इस पावर गेम में अपनी राजनीतिक चालें चलती नजर आ रही हैं।

कब आई थी पहली सीरीज

‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज की शुरुआत साल 2018 में प्राइम वीडियो पर हुई थी। इसके बाद सीरीज का दूसरा सीजन 2020 में और तीसरा सीजन 2024 में रिलीज हुआ। सीरीज की लोकप्रियता को देखते हुए इसके चौथे सीजन का भी ऐलान किया जा चुका है। हालांकि, मेकर्स पहले ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के जरिए कहानी को आगे बढ़ाएंगे और इसके बाद सीजन 4 दर्शकों के सामने आएगा।

कौन-कौन है फिल्म में

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में मुख्य किरदारों के अलावा भी एक बड़ी स्टारकास्ट शामिल है। इसमें रवि किशन, पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, श्रेया पिलगांवकर, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंग्शा बिस्वास, शाजी चौधरी, सत्येंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह जैसे कई कलाकार नजर आ रहे हैं।