ISSF World Cup में भारत के इस शूटर ने जीता 10 मीटर एयल रायफल में गोल्ड मेडल

भारत के उदयवीर सिद्धू ने रविवार को आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।चौबीस वर्षीय उदयवीर ने फाइनल में 240.6 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। जर्मनी के क्रिस्टियन रिट्ज (240.1) ने रजत जबकि इटली के पाओलो मोन्ना (219.8) ने कांस्य पदक जीता।

उदयवीर ने इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में 585 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज जोनाथन गेविन एंटनी क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहे लेकिन वह केवल रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।

वहीं अजेंद्र सिंह चौहान और सरबजोत सिंह क्वालीफिकेशन में क्रमशः 14वें और 31वें स्थान पर रहे और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे।

Ajay Devgn: ‘दृश्यम 3’ की सफलता के बीच अजय देवगन ने कारगिल में ‘चौहान’ की शूटिंग शुरू की, 2027 में रिलीज हो सकती है फिल्म

Ajay Devgn: ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ की सफलता का आनंद ले रहे अजय देवगन ने अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अजय देवगन 2027 में भी इसी समय के आसपास एक और फिल्म रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘चौहान’ पर काम शुरू कर दिया है।

बॉलीवुड हंगामा के अनुसार देवगन ‘चौहान’ की शूटिंग के लिए लद्दाख पहुंच गए हैं। एक सूत्र ने पोर्टल को बताया- अजय देवगन कारगिल में ‘चौहान’ की शूटिंग कर रहे हैं। वह कुछ दिन पहले यहां पहुंचे थे और शूटिंग शुरू कर चुके हैं। इस खूबसूरत शहर में कुछ अहम सीन शूट किए जाएंगे। मेकर्स ने पहले ही जरूरी मंजूरी ले ली थी और शूटिंग आसानी से हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।”

सूत्र ने आगे कहा- “कारगिल में काफी ठंड है और मौसम निश्चित रूप से चौहान के सीन्स में एक असलीपन का अहसास कराएगा।” अजय दशकों बाद लद्दाख में शूटिंग कर रहे हैं। इससे पहले अभिनेता ने 2003 में जे.पी. दत्ता की वॉर फिल्म ‘एलओसी कारगिल’ के लिए इस केंद्र शासित प्रदेश में शूटिंग की थी।

चौहान टीजर

जून में रिलीज हुए ‘चौहान’ के टीजर में अजय देवगन एक दमदार अंदाज में नजर आ रहे हैं। वे पूरी तरह से काले कपड़ों (ऑल-ब्लैक लुक) में दिख रहे हैं और बैकग्राउंड में मशहूर गाना ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ बज रहा है। टीजर का अंत एक असरदार डायलॉग के साथ होता है- “पठान से कह देना, चौहान आ रहा है।” इस डायलॉग ने फैन्स के बीच उत्साह बढ़ा दिया है और ऑनलाइन भी खूब ध्यान खींचा है।

‘चौहान’ का निर्देशन नीरज यादव कर रहे हैं और इसे ज्योति देशपांडे, आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा ने जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले मिलकर प्रोड्यूस किया है। अजय देवगन की मुख्य भूमिका वाली यह एक्शन-ड्रामा फिल्म 1 अक्टूबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अजय देवगन की ‘दृश्यम’ के बारे में

‘दृश्यम 3’ ने अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग दर्ज की है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ की एडवांस बुकिंग 27 सितंबर को शुरू हुई थी और फिल्म ने रिलीज से पहले ही 27 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। ओपनिंग डे पर इसने पूरे भारत में 66.75 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जो किसी हिंदी फ़िल्म के लिए तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग थी। फिल्म ने शनिवार को 53.50 करोड़ रुपये कमाए और रविवार को यह आंकड़ा बढ़कर 61 करोड़ रुपये हो गया। सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा अपडेट के अनुसार, फ़िल्म ने गुरुवार को 13 करोड़ रुपये कमाए, जिससे भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन 245.50 करोड़ रुपये हो गया।

Nifty फिर से 22500 लेवल के पार, एनालिस्ट्स से जानिए बाजार में इस तेजी के जारी रहने की कितनी संभावना है

शेयर बाजारों में 9 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी आई। इससे निफ्टी ने फिर से 22,500 का हासिल कर लिया। इस रिकवरी में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, आईटी शेयरों में तेजी और सस्ते भाव पर शेयरों की खरीदारी का हाथ है। 1 बजे निफ्टी 1.23 फीसदी यानी 272 अंक चढ़कर 22,504 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.17 फीसदी यानी 836 अंक के उछाल के साथ 72,437 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 1.22 फीसदी की तेजी दिखी। सवाल है कि क्या तेजी टिकाऊ हैं?

निफ्टी के लिए 22,600 के लेवल पर रेसिस्टेंस

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पबित्रो मुखर्जी ने कहा, “निफ्टी अगर 8 अक्टूबर के 22,180 के ऊपर बना रहता है तो इसकी रेंज 22,180-22,600 होगी। 22,600 पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना होगा। गिरावट की स्थिति में यह 22,000 की तरफ बढ़ेगा और 2025 के 21,750 के निचले स्तर तक जा सकता है।”

रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर टिके रहने पर आएगी तेजी

उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को मजबूत शुरुआत के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर सावधानी वाला है। रिकवरी के लिए निफ्टी का रेसिस्टेंस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तब तक तेजी पर बिकवाली का एप्रोच सही रहेगा। रेसिस्टेंस लेवल के करीब बाजार पर सेलिंग प्रेशर दिख सकता है।

22,500 के बाद सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उदानी ने कहा कि अगर तेजी में निफ्टी 22,500 को पार कर जाता है तो बाजार के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है, जिससे शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है। लेकिन, गिरावट की स्थिति में निफ्टी के 22,100 के नीचे जाने पर फिर से कमजोरी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है। ओपनिंग गैप के पीछे भागने से बचना ठीक रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

डे ट्रेडर्स को इस सपोर्ट जोन का ध्यान रखने की सलाह

कोटक नियो के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा, “डे ट्रेडर्स के लिए 22,200/71,500 और 22,150/71,300 अगले सपोर्ट जोन होंगे। इन लेवल से नीचे जाने पर सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसे में निफ्टी गिरकर 22,000-21,750 तक आ सकता है। सेंसेक्स 70,800-70,000 तक गिर सकता है।”

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सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है

उन्होंने कहा कि तेजी की स्थिति में 22,300-22,400/71,800-72,100 अगले रेसिस्टेंस जोन होंगे। इस रेंज के ऊपर तेजी जारी रहने पर 22,500/72,500 की तरफ इंट्राडे पुलबैक दिख सकता है। सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली के लिए रास्ता खुल सकता है।

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हर राज्य में भाजपा नेताओं की एक ही शिकायत

भारतीय जनता पार्टी की करीब 20 राज्यों में सरकार चल रही है। लगभग सभी राज्यों में भाजपा के नेताओं की एक ही शिकायत है। वह शिकायत है कि अधिकारी बात नहीं सुनते। मजेदार बात यह है कि भाजपा के बहुत बड़े नेता भी यह शिकायत कर रहे हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के मंत्रियों की भी शिकायत है। दूसरी शिकायत यह है कि मुख्यमंत्री मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और किसी को भरोसे में नहीं ले रहे हैं। पहली शिकायत का ही यह विस्तार है, जिसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की शह पर अधिकारी दूसरे नेताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। सोचें, भाजपा को सबसे ज्यादा अनुशासन वाली पार्टी माना जाता है। ऊपर से नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नेतृत्व है, फिर भी पार्टी के नेता खुलेआम एक दूसरे की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री बेलगाम हो गए हैं।

यह शिकायत लगभग सभी राज्यों की है लेकिन मध्य प्रदेश का घटनाक्रम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। पिछले दिनों चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया। उनके सामने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री की जम कर शिकायत की। जानकार सूत्रों का कहना है कि एक समय तो मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की नोकझोंक भी हो गई। सीएम और डिप्टी सीएम के इस विवाद को संगठन महामंत्री ने संभाला।

बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर ने पार्टी के सभी नेताओं को तीन महीने के अंदर आपसी विवाद के मुद्दे सुलझाने और आंतरिक कलह समाप्त करने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि उनकी मौजूदगी में हुई बैठक में प्रदेश के दो सबसे बड़े नेताओं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी शिकायत की। शिवराज सिंह चौहान 15 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और अभी केंद्र में मंत्री है, उन्होंने कहा कि जिले के कलेक्टर उनकी बात नहीं सुनते हैं। अमित शाह की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री के साथ बैठक में कहा कि 15 दिन तक प्रयास करने के बावजूद मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पाती है।

सोचें, पार्टी के साधारण नेताओं की क्या स्थिति होगी, जब इतने बड़े नेताओं की बात सीएम से नहीं हो पाती है और इतने बड़े नेताओं की बात कलेक्टर नहीं सुनते हैं! इस तरह की शिकायत राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर ओडिशा तक की भाजपा सरकारों के मंत्री और वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। हर जगह गुटबाजी की खबरें आ रही हैं। कई लोग कह रहे हैं कि सचमुच में भाजपा का कांग्रेसीकरण हुआ है।

आर्कटिक ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर-फ़ाइनल में, रत्चानोक से भिड़ेंगी 4 साल बाद

दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने गुरुवार को फ़िनलैंड के वांता में जापान की रीको गुंजी को हराकर आर्कटिक ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह बनाई। बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 बैडमिंटन इवेंट में छठी सीड वाली सिंधु ने 49 मिनट में रीको गुंजी को 21-15, 21-15 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई, जहाँ उनका मुकाबला टॉप सीड और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन से होगा।

 जापानी शटलर के खिलाफ शुरुआती गेम काफी कड़ा था, दोनों खिलाड़ी 15-15 से बराबर थीं, लेकिन सिंधु ने लगातार छह पॉइंट बनाकर बढ़त बना ली। दूसरे गेम में भी यही पैटर्न रहा। स्कोर 13-13 से बराबर था, लेकिन भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने आखिर में फिर से अच्छा प्रदर्शन किया और अगले 10 में से आठ पॉइंट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

शुक्रवार को पीवी सिंधु और रत्चानोक इंतानोन के बीच होने वाला मैच इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच चार साल से ज़्यादा समय में पहली बार होगा। थाई शटलर अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में 9-4 से आगे हैं और उन्होंने अपने पिछले पाँच मैच जीते हैं। उनका सबसे हालिया मुकाबला इंडोनेशिया मास्टर्स 2022 के क्वार्टर-फ़ाइनल में हुआ था, जहाँ रत्चानोक ने 21-12, 21-10 से जीत हासिल की थी।

दोनों खिलाड़ियों ने इस सीज़न में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीते हैं। सिंधु ने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 जीता था, जिसमें उन्होंने फ़ाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को हराया था। रत्चानोक का सबसे हालिया टाइटल मई में मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में आया था, जहाँ उन्होंने फ़ाइनल में पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की चेन यूफ़ेई को हराया था।

Badminton tournament

रत्चानोक ने आर्कटिक ओपन क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की, तन्वी शर्मा को 34 मिनट में 21-18, 21-7 से हराकर, आखिरी आठ में किसी भी भारतीय के मुक़ाबले को रोक दिया। तन्वी, जिन्होंने अगस्त में ताइपे ओपन सुपर 300 में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीता था, ने शुरुआती गेम में कड़ी टक्कर दी और 17-17 तक रत्चानोक के साथ बराबरी पर रहीं। लेकिन, अनुभवी थाई खिलाड़ी ने आखिरी स्टेज में बढ़त बना ली और गेम 21-18 से जीत लिया।

दूसरा गेम ज़्यादा एकतरफ़ा रहा। रत्चानोक ने लगातार सात पॉइंट बनाकर 9-2 की बढ़त बना ली और इंटरवल के बाद भी कंट्रोल में रहकर मैच आराम से जीत लिया।पुरुषों के सिंगल्स में, थारुन मन्नेपल्ली राउंड ऑफ़ 16 में फ्रांस के दूसरे सीड क्रिस्टो पोपोव से 21-14, 21-19 से हारकर बाहर हो गए। भारतीय खिलाड़ी, जो पहले राउंड में डेनमार्क के मैग्नस जोहानसन को हराने से पहले क्वालिफ़ाइंग से आए थे, 50 मिनट में हार गए।

थारुन की हार के साथ सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत की पुरुष सिंगल्स चुनौती खत्म हो गई। किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय और रौनक चौहान सभी ने बुधवार को पहले राउंड में क्वालिफ़ाई किया था। भारत पुरुष डबल्स में मुकाबले में बना हुआ है, जिसमें कृष्ण प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय का मुकाबला गुरुवार को राउंड ऑफ़ 16 में इंग्लैंड के ओलिवर बटलर और सैमुअल जोन्स से होगा।

Shivraj Singh Chouhan के घर फिर गूंजी किलकारी, पोती इला के बाद पोते अहान के दादा बने केंद्रीय कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दूसरी बार दादा बन गए हैं। उनके छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान और बहू रिद्धि के घर एक बेटा हुआ है। नए जन्मे बच्चे का नाम अहान रखा गया है।

शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर यह खुशखबरी शेयर की और परिवार में नए सदस्य के आने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अहान के आने से उनके घर में बहुत खुशी आई है और नए जन्मे बच्चे को भगवान का अनमोल आशीर्वाद बताया।

अहान के आने से चौहान परिवार में नई खुशी आई

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह और उनकी पत्नी साधना एक बार फिर दादा-दादी बनने की खुशी में बहुत खुश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे के आने से परिवार का घर खुशियों और प्यार से भर गया है। उन्होंने संदीप जैन और स्वाति जैन को नाना-नानी बनने पर बधाई दी। अहान कुणाल और रिद्धि का बेटा है, जबकि शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और उनकी पत्नी अमानत अब बच्चे के चाचा और चाची हैं। नवजात शिशु शिवराज सिंह चौहान की पोती इला का चचेरा भाई भी है।

शिवराज सिंह चौहान ने जनवरी में पोती इला का स्वागत किया

शिवराज सिंह चौहान इस साल की शुरुआत में पहली बार दादा बने थे, जब कार्तिकेय और अमानत ने 21 जनवरी, 2026 को अपनी बेटी इला का स्वागत किया था। बच्ची का जन्म दिल्ली के AIIMS में हुआ था, और चौहान ने उस समय सोशल मीडिया पर उसके आने की घोषणा की थी। उन्होंने इला को परिवार की प्यारी ‘लक्ष्मी’ बताया और कार्तिकेय के पिता और अमानत के मां बनने का जश्न मनाया।

अहान के जन्म के साथ, इला को अब एक छोटा कजिन मिल गया है, जबकि शिवराज और साधना चौहान 2026 में दूसरी बार दादा-दादी बन गए हैं। अहान के आने से चौहान परिवार में नए जश्न का माहौल बन गया है, रिश्तेदार कुणाल और रिद्धि को उनके बेटे के जन्म पर शुभकामनाएं दे रहे हैं।

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव : धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक साथ 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ना ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

श्री धामी कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी तथा सरकार और जनता के बीच सेतु हैं। वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर समझते हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना से काम करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों को संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर विकास की नेतृत्वकर्ता संस्थाओं के रूप में सशक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर से प्रारंभ जन योजना अभियान के तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं, जनसुझावों और उपलब्ध संसाधनों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा और अपेक्षित परिणाम निर्धारित करे, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिले।

उन्होंने कहा कि हर पंचायत की विकास योजना में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। ग्राम सभाओं में लोगों के सुझाव लिए जाएं और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो। पंचायत प्रतिनिधि यह भी देखें कि योजनाओं का लाभ वास्तव में किन परिवारों तक पहुंच रहा है। कमजोर और वंचित वर्गों की जरूरतों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 56 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण और 584 की मरम्मत की गई है। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही है। डिजिटल पंचायत का उद्देश्य कामकाज को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत का पैसा जनता का पैसा है और इसकी एक-एक पाई का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। विकास कार्यों की संख्या से अधिक उनका प्रभाव मायने रखता है। सड़कों की गुणवत्ता, पेयजल योजनाओं की उपयोगिता और पंचायत भवनों से मिलने वाली सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

श्री धामी ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव बनाने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिला पंचायतों को ग्रामीण मोटर मार्गों तथा स्थानीय बाजारों की सफाई को कचरा उठाने वाली मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। विकासखंड स्तर पर भी इस कार्य के लिए विशेष मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने और गांवों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे प्रत्येक विकास कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण से मिले ज्ञान का उपयोग कर पंचायतों को स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और विकसित उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा। पंचायतराज मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, बिजली, पंचायत भवन, विद्यालय सहित विकास की तमाम योजनाएं पंचायतों के माध्यम से लोगों तक पहुंचती हैं। पंचायतों में जनप्रतिनिधित्व और सक्रियता बढ़ने से गांवों में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से गांवों में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, बहादराबाद ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, विभिन्न ग्राम पंचायत से आये हुए ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Pic Credit : UNI

Nana Patekar Top 10 Movies: ‘परिंदा’ से ‘वेलकम’ तक…, शानदार रहा नाना पाटेकर का फिल्मी सफर, देखें 10 बेहतरीन फिल्में

भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई शानदार और यादगार किरदार निभाए। नाना पाटेकर ने अपने करियर में ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। गंभीर भूमिकाओं से लेकर क्राइम, कॉमेडी और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी खास शैली में पर्दे पर पेश किया और अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं नाना पाटेकर की 10 बेहतरीन फिल्में

जानें भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार की 10 ऐसी बेहतरीन फिल्में। इन फिल्मों में नाना पाटेकर के शानदार करियर को नई पहचान दी और अभिनय की दुनिया में उनकी खास छाप छोड़ी।

1. परिंदा (1989)

विधु विनोद चोपड़ा की इस क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। उनके दमदार अभिनय को काफी पसंद किया गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

2. क्रांतिवीर (1994)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। एक परेशान इंसान से अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति तक का उनका सफर दर्शकों को काफी पसंद आया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

3. नटसम्राट (2016)

मराठी फिल्म नटसम्राट में नाना पाटेकर ने गणपतराव बेलवलकर की भूमिका निभाई। वह एक मशहूर थिएटर कलाकार के किरदार में नजर आए, जिसकी जिंदगी रिटायरमेंट के बाद पूरी तरह बदल जाती है। इस भावुक भूमिका में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।

4. अब तक छप्पन (2004)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु अगाशे का किरदार निभाया। उनका शांत लेकिन दमदार अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया। फिल्म की कहानी मुंबई पुलिस अधिकारी दया नायक से प्रेरित थी।

5. प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)

नाना पाटेकर ने इस फिल्म में मेजर चौहान की भूमिका निभाई थी। खास बात यह है कि उन्होंने फिल्म में अभिनय करने के साथ इसका निर्देशन और सह-लेखन भी किया था। यह फिल्म उनके करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है।

6. अग्नि साक्षी (1996)

इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में नाना पाटेकर ने एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाला किरदार निभाया था। उनके अभिनय को काफी सराहा गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

7. वेलकम (2007)

कॉमेडी फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस फिल्म में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अनिल कपूर के मजनू भाई के साथ उनकी जोड़ी और संवाद आज भी दर्शकों को खूब पसंद आते हैं।

8. अपहरण (2005)

प्रकाश झा की इस राजनीतिक क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने तबरेज आलम का किरदार निभाया था। उनका किरदार ताकतवर होने के साथ-साथ कई तरह की उलझनों से भरा हुआ था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

9. राजनीति (2010)

फिल्म राजनीति में नाना पाटेकर ने अनुभवी राजनेता बृज गोपाल की भूमिका निभाई। प्रकाश झा की इस राजनीतिक फिल्म में उनका शांत और गंभीर अभिनय दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

10. सलाम बॉम्बे! (1988)

मीरा नायर की चर्चित फिल्म सलाम बॉम्बे! नाना पाटेकर के शुरुआती महत्वपूर्ण कामों में से एक थी। फिल्म में उन्होंने बाबा का किरदार निभाया था। इस फिल्म ने एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेता के तौर पर उनकी पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ तक PM मोदी के 25 साल, वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा का भव्य समापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकाली गई ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का बुधवार को वडनगर में समापन हुआ। इस अवसर पर वडनगर में गौरवपूर्ण समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से पहुंचे बाइकर्स और सेवा यात्रियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।

सीएम ने क्या कहा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ के समापन अवसर पर कहा कि, “7 अक्टूबर, 2001 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा दायित्व संभाला था। आज प्रधानमंत्री ने लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा और सुशासन का दायित्व निभाकर देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले जननायक बनने का गौरव हासिल किया है। ” सीएम ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री ने सत्ता को पद के बजाय सेवा का माध्यम माना और गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास पर जोर दिया।”

भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा कि, “गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, GIFT City और सेमीकंडक्टर हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट मोदी के विकास के विजन को दिखाते हैं। पीएम मोदी के नागरिक-केंद्रित शासन के चलते देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।” उन्होंने कहा कि, “कोरोना के दौरान वैक्सीन की मदद, ग्रीन एनर्जी के लक्ष्यों, अनुच्छेद 370 हटाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे कदमों से भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत हुई है। पटेल ने प्रधानमंत्री को जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में गुजरात की युवा शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।”

देश की सेवा में एक भी दिन नहीं किया आराम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि, “पीएम मोदी ने पिछले 25 वर्षों में बिना एक भी दिन आराम किए देश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम किया।” चौहान ने कोरोना संकट और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की।” उन्होंने कहा कि, “नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाराणसी से वडनगर तक बाइक रैली के जरिए पहुंचे युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना होनी चाहिए और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।”

मद् भगवद् गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि गीता में बताए गए ‘सात्विक कर्ता’ के सभी गुण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में दिखाई देते हैं। वे राग-द्वेष और अहंकार से परे रहकर धैर्य के प्रतीक बन गए हैं।

पश्चिम बंगाल के सीएम ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वडनगर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा कि, इस धरती ने देश को एक दूरदर्शी नेता दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ और गरीब कल्याण को ध्यान में रखते हुए देश में विकास और सुशासन को बढ़ावा मिला। अधिकारी के मुताबिक, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क और रेलवे के विस्तार, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और उड़ान योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए देशभर के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने वाराणसी से वडनगर तक निकाली गई सेवा यात्रा को देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।

सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और निकोल विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे बाइकर्स और युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, “7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और अब उनकी जनसेवा के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान युवाओं को सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला।” विश्वकर्मा ने कहा कि, “मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा और राष्ट्रसेवा’ के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और आर्थिक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है।

पीएम मोदी के 25 साल के जनसेवा का सफर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा के सफर को लोगों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी से वडनगर तक सेवा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 500 बाइकर्स और कई युवा शामिल हुए, जिन्होंने 10 राज्यों के गांवों और शहरों में पहुंचकर सफाई अभियान, पौधारोपण, नशामुक्ति और लोगों से संवाद जैसे सामाजिक काम किए। अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़े और पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऑनलाइन युवाओं का उत्साह बढ़ाया। यात्रा के दौरान वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचाया गया, जबकि वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक किया गया। इस पहल के जरिए वाराणसी और वडनगर के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाया गया।

कौन-कौन था मौजूद

सेवा यात्रा के समापन समारोह में राज्य सरकार के मंत्री सर्व ऋषिकेशभाई पटेल, कौशिकभाई वेकरिया, प्रवीणभाई माली, कमलेशभाई पटेल, गुजरात प्रदेश प्रभारी तरुण चुग, सांसद सर्व हरिभाई पटेल, मयंक नायक, राजेंद्रभाई शुक्ल, मध्य प्रदेश के सांसद वी.डी. शर्मा, मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिनभाई पटेल, विधायक सर्व किरीटभाई पटेल, मुकेशभाई पटेल, सरदारभाई चौधरी, सुखाजी ठाकोर, राजेश चावड़ा, पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मेहसाणा दूध सागर डेयरी के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी, मेहसाणा डिस्ट्रिक्ट बैंक के चेयरमैन विनोदभाई पटेल, वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष, सेवा संकल्प अभियान गुजरात प्रदेश प्रभारी और पूर्व मंत्री ब्रिजेश मेरजा, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रशांतभाई कोराट, उपाध्यक्ष नटुजी ठाकोर, अग्रणी भरतभाई पंड्या, सीताबेन पटेल, गिरीशभाई राजगोर, मेहसाणा जिला प्रभारी भरतभाई डांगर सहित बाइकर्स, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर सरकार के मुखिया रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को यहां श्री विनायक मंदिर में पूजा अर्चना की और देश की खुशहाली की कामना की।

श्री मोदी आज सुबह सबसे पहले राष्ट्रीय राजधानी के सरोजनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर पहुंचे और उन्होंने विध्नहर्ता की पूजा-अर्चना की। श्री मोदी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट में लिखा, “आज नई दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। भगवान श्री गणेश से देशभर के अपने परिवारजनों की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। विघ्नहर्ता की कृपा से सबका कल्याण हो और देश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।

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उल्लेखनीय है कि श्री मोदी सात अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तब से लेकर आज तक वे लगातार सत्ता में रहे हैं- पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में। आज ठीक 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व, जनसेवा तथा विकसित भारत के संकल्प की सराहना की।

Pic Credit : UNI