Mirzapur The Movie: किंग, प्रिंस और शेर की फिर होने जा रही है वापसी, ‘मिर्जापुर द मूवी’ के ट्रेलर से पहले मेकर्स ने जारी किए नए पोस्टर्स

Mirzapur The Movie: साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। फिल्म के मेकर्स ने चार नए और दमदार पोस्टर जारी किए हैं, जिनमें फ्रेंचाइज़ी के कुछ सबसे लोकप्रिय किरदार नजर आ रहे हैं—कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), मुन्ना भैया (दिव्येंदु), गुड्डू पंडित (अली फज़ल) और बबलू पंडित (जितेंद्र कुमार)।

बहुप्रतीक्षित ट्रेलर 11 अगस्त 2026 को रिलीज होने वाला है। इससे पहले जारी किए गए इन नए पोस्टर्स ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को बड़े पर्दे पर वापस लाने के साथ ये पोस्टर उन किरदारों की वापसी दिखाते हैं, जो इस फ्रेंचाइज़ी की पहचान बन चुके हैं। मिर्जापुर के किंग, प्रिंस और शेर एक बार फिर एक्शन में नजर आ रहे हैं, जिससे फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

ये नए कैरेक्टर पोस्टर ट्रेलर लॉन्च से सिर्फ दो दिन पहले जारी किए गए हैं, जिससे फिल्म के बड़े ट्रेलर लॉन्च की तैयारी और भी खास हो गई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ पहली बार सीरीज़ की लोकप्रिय दुनिया को सिनेमाघरों तक लेकर आ रही है। ऐसे में ट्रेलर दर्शकों को फिल्म की कहानी, बड़े पैमाने पर होने वाले संघर्ष और ड्रामा की पहली झलक दिखाने वाला है।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ दर्शकों को सीज़न 1 की दुनिया में वापस लेकर जाएगी। फिल्म में फ्रेंचाइज़ी के कई लोकप्रिय किरदार एक साथ नजर आएंगे, जिनमें गुड्डू पंडित, मुन्ना भैया और कालीन भैया शामिल हैं।

फिल्म में जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंगशा बिस्वास, शाजी चौधरी, सतेंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। फिल्म की कहानी और लेखन पुनीत कृष्णा ने किया है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले फिल्म का निर्माण किया है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी फिल्म के सह-निर्माता हैं।

11 अगस्त को ट्रेलर लॉन्च होने के बाद ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में दर्शकों के बीच आएगी।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

देवभूमि में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन से किया अभिनंदन, CM धामी ने परोसा भोजन

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धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।  

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

 

काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

 

उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

 

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल, रुड़की की मेयर श्रीमती अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, राज्य मंत्री श्री देशराज कर्णवाल, श्री दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्री श्यामवीर सैनी, श्री शोभाराम प्रजापति, श्री नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) श्री योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्रीमती निशा यादव, अपर जिलाधिकारी श्री जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर श्री अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए श्री प्रत्यूष सिंह तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार श्री योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने किया।

दतिया उपचुनाव में सीट बचाने में सफल रही कांग्रेस, भितरघात ने बीजेपी का हार की लिखी पटकथा

प्रतिष्ठा की लड़ाई वाले दतिया उपचुनाव में कांग्रेस अपनी सीट बचाने में सफल हो गई है। उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हरा दिया है। अगर 2023 के विधानसभा चुनाव की बात करें तब कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से चुनाव हराया था। ऐसे में भाजपा ने पिछले चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया वहीं इस बार उपचुनाव में बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा को जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था लेकिन पार्टी को फिर भी हार का सामना करना पड़ा, हलांकि हार का अंतर जरूर कुछ कम हो गया और कांग्रेस अपनी सीट बचाने में सफल हो गई।

दतिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार का बड़ा कारण पार्टी में जमकर भितरघात होना रहा। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने के बाद दतिया की सड़कों पर जिस तरह से उनके समर्थकों ने बवाल काटा, उसने उपचुनाव में बीजेपी की हार की पटकथा लिखना शुरु कर दिया था। इसके बाद बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली में जिस तरह से मंच पर नरोत्तम मिश्रा रोएं और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए, उसका खामियाजा पार्टी  को चुनाव में उठाना पड़ा।

चुनाव परिणाम के नतीजे बताते हैं कि बीजेपी को नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ के साथ दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह के पोलिंग बूथ पर भी कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा, यह इस बात का साफ इशारा है कि चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के खिलाफ जमकर भितरघात हुआ।

चुनाव नतीजों के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि जो भितराघाती है और जो भाजपा को मां कहते है और फिर ऐसा मजाक करते है, उनको  सोचना  चाहिए। आशुतोष तिवारी ने हार की समीक्षा करने की बात कही।

दतिया से खुलकर टिकट की दावेदारी करने वाले नरोत्तम मिश्रा के रोने का वीडियो जिस तरह से वोटिंग के ठीक पहले सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के द्वारा वायरल किया गया और चुनाव में ‘बीजेपी को सबक सिखाने’ और ‘दादा के आंसुओं का बदला लेने’ के कमेंट किए गए उसने चुनाव में बीजेपी को हराने का काम किया।  

दतिया में पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के साथ बीजेपी के जिला पदाधिकारी अलग-थलग दिखाई पड़े और उन्होंने एक तरह से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के विरोध में काम किया और अपने घर बैठ गए। दतिया बीजेपी जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी के साथ बीजेपी के पार्षद एक तरह से पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नदारद रहे। दतिया के शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और अंदरूनी असंतोष की चर्चा लगातार होती रही। जिसका असर मतदान पर भी पड़ा और 2023 के तुलना में करीब 9 फीसदी कम मतदान हुआ।

वहीं चुनावी नतीजों में जिस तरह बीजेपी को शहर की पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा इससे साफ है कि व्यापारियों  और शहर में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने आशुतोष तिवारी की जगह कांग्रेस के लिए मतदान किया और शहर में कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह को ऐसी लीड मिली जिसको अंत में बसई में अच्छा प्रदर्शन करके भी बीजेपी नहीं पाट पाई।

राजनीतिक विश्लेषक इस बात को साफ तौर पर मानते है कि दतिया विधानसभा चुनाव के परिणाम जिस तरह से आए वह पार्टी के लिए आत्मचिंतन का विषय है। अगर बीजेपी समय रहते भितरघात पर काबू कर लेती और तो नतीजे बीजेपी के पक्ष में बेहतर हो सकते थे। बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जिस तरह से चुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह का बूथ हार गए, उसके एक नहीं कई सियासी मायने है। दतिया में भाजपा की हार सिर्फ पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की हार नहीं बल्कि जिला भाजपा भाजपा संगठन के भितरघात का प्रत्यक्ष प्रमाण भी है।

इसके साथ दतिया उपचुनाव के नतीजे यह भी बताते है कि बीजेपी को शहर में हार का सामना करना पड़ा, जबकि शहरी वोटर्स बीजेपी का कोर वोटर्स माना जाता है, ऐसे में यह एक बड़ा सवाल है। जबकि ग्रामीण इलाकों में बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया और उन पोलिंग बूथ पर बीजपी को जीत हासिल हई जो वह लगातार हारती आ रही थी। इसके साथ ही बसई मंडल जहां पर भाजपा पिछला चुनाव हार गई थी वहां पर इस पर 3 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। गौरतलब है कि बसई में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा हुई थी और अब चुनाव नतीजे बताते है कि बसई ने भाजपा का साथ दिया। 

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार का ठीकरा भाजपा में किसके सिर फूटेगा, यह सवाल अब सियासी गलियारों में पूछा जाने लगा है। राजनीतिक विश्लेषक इस बात को साफ तौर पर मानते है कि दतिया विधानसभा चुनाव के परिणाम जिस तरह से आए वह पार्टी के लिए वकाई चिंता का विषय है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जिस तरह से चुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह का बूथ हार गए, उसके एक नहीं कई सियासी मायने है।

दतिया में भाजपा की करारी हार ठीकरा पूरी तरह से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर फूटना तय है। चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए, उसका खामियाजा पार्टी  को चुनाव में उठाना पड़ा। दतिया में भाजपा की हार सिर्फ पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की हार नहीं बल्कि भाजपा संगठन की हार है।

2023 में दतिया विधानसभा सीट हारने के बाद इस बार भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद जिस तरह से पहले नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने दतिया में बवाल काटा और फिर नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोए, उससे उपचुनाव में उनकी भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नरोत्तम मिश्रा पूरे उपचुनाव के दौरान दावा करते रहे है कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ है लेकिन कई  अहम मौकों जैसे बसई में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बड़ौना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सभा में उनका नहीं जाना, उनकी नाराजगी और भाजपा की गुटबाजी से जोड़कर देखा गया।

वहीं दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह जिसको नरोत्तम मिश्रा का समर्थक माना जाता है, उसके बूथ पर भी पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। उपचुनाव में भाजपा की हार नरोत्तम मिश्रा की सियासी करियर पर एक ग्रहण का काम करेगी और उनकी पार्टी में पूछ-पऱख कम होगी और उनके सियासी पुर्नवास की राह कठिन हो जाएगी। इस बात का अंदाजा शायक खुद नरोत्तम मिश्रा को भी है इसलिए वह पूरे चुनाव के दौरान कहते रहे है कि पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया और अब पार्टी कितना देगी। वहीं नरोत्तम मिश्रा ने अब राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर भी इशारों ही इशारों में कई संदेश दिए है। दतिया से पार्टी की हार के साथ उन्होंने कहा कि मेरी राजनीति का पटाक्षेप हो गया है।

रिलीज हुआ ‘मिर्जापुर द मूवी’ का डेब्यू ट्रैक, धांडा न्योलीवाला की रॉ एनर्जी से सजा है पहला गाना ‘दो नंबरी’

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट लगातार मिर्जापुर: द मूवी से जुड़े हर नए अपडेट के साथ फैंस का उत्साह बढ़ा रहे हैं। अब मेकर्स ने फिल्म का पहला गाना ‘दो नंबरी’ रिलीज कर दिया है। इस गाने को मशहूर हरियाणवी रैपर धांडा न्योलीवाला ने गाया, लिखा और कंपोज किया है, बता दें कि इस ट्रैक के साथ धांडा बॉलीवुड में अपना डेब्यू भी कर रहे हैं। दमदार हरियाणवी बीट्स और जबरदस्त एनर्जी से भरपूर यह गाना मिर्जापुर की बेबाक और दमदार दुनिया को पूरी तरह दर्शाता है। फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज से पहले यह गाना उसके बढ़ते क्रेज में एक और नया रंग जोड़ता है।

एक्सेल म्यूजिक के पहले गाने ‘दो नंबरी’ की रिलीज के साथ ही 11 अगस्त को होने वाले ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च को लेकर उत्साह और बढ़ गया है। टीजर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स हर नए अपडेट के साथ दर्शकों की एक्साइटमेंट को लगातार बढ़ा रहे हैं, जिससे हर नया रिवील पहले से भी ज्यादा बड़ा और दमदार साबित हो रहा है।

मिर्जापुर: द मूवी इस वक्त भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बन चुकी है। पहली बार इस सुपरहिट फ्रेंचाइज़ी को बड़े पर्दे पर लाया जा रहा है, जिसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु की अगुवाई वाली यह फिल्म ड्रामा, सत्ता की जंग और अलग ही लेवल के भौकाल से भरपूर एक नए चैप्टर का वादा करती है।

फिल्म में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह सभी कलाकार मिलकर इस फ्रेंचाइज़ी के नए चैप्टर को और भी दमदार बनाने वाले हैं।

मिर्जापुर: द मूवी को अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। वहीं कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके सह-निर्माता हैं। यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर इस बार की खास तैयारी, कौन होंगे अतिथि?

narendra modi 80th Independence Day 2026

15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। लाल किले पर मुख्य समारोह और देश भर में तैयारियों को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस बार यह दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। हालांकि आजादी के उत्सव में विदेशी अतिथियों को बुलाने की परंपरा नहीं रहती है लेकिन इस दिन देश के गणमान्य नागरिकों को जरूर बुराया जाता है।

 

मुख्य अतिथि और विशेष आमंत्रित सदस्य

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की तरह विदेश से कोई मुख्य अतिथि (Chief Guest) बुलाने की परंपरा नहीं होती। इस दिन मुख्य रूप से केंद्र में देश के प्रधानमंत्री होते हैं, जो लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। हालाँकि, केंद्र सरकार द्वारा देश भर से विभिन्न क्षेत्रों के विशेष अतिथियों को आमंत्रित करने की परंपरा जारी है-

 

जन-भागीदारी (Special Invitees): देश भर के विभिन्न राज्यों से ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोग, उत्कृष्ट युवा इनोवेटर्स/स्टार्टअप उद्यमी, एयरोस्पेस/स्टेम (STEM) शिक्षा में योगदान देने वाले अग्रणी (जैसे एरोबे की संस्थापक नेहा चौहान), स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ, और माईभारत/माईगव (MyGov) प्रतियोगिताओं के विजेता अतिथियों में शामिल होंगे।

 

इस बार की खास तैयारियाँ:

'आत्मनिर्भर रक्षा' और स्वदेशी तकनीक: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर इस्तेमाल होने वाले तोप और सुरक्षा उपकरण स्वदेशी (Indigenously built) तकनीक से युक्त होंगे।

22 भारतीय भाषाओं में रीयल-टाइम अनुवाद: डिजिटल इंडिया के 'भाषिणी' (AI Bhashini) टूल की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में रीयल-टाइम अनुवादित किया जाएगा।

'विकसित भारत 2047' और 'युवा संवाद': इस बार का मुख्य फोकस 6G ट्रायल्स, ग्रीन एनर्जी (ग्रीन हाइड्रोजन मिशन), और 'यंग लीडर्स डायलॉग' पर रहेगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान: इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और डिजिटल रूप से तिरंगे के साथ सेल्फी शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

Mirzapur The Movie Trailer: कालीन भैया के भौकाल के लिए हो जाइए तैयार, इस दिन दस्तक देगा ट्रेलर

Mirzapur The Movie Trailer: मिर्जापुर एक नए दौर में कदम रखने जा रहा है और दुनिया इसके सबसे रोमांचक हिस्से के लिए तैयार हो रही है। पहले टीजर से चर्चा बटोरने के बाद, इस प्रोजेक्ट की टीम ‘मिर्जापुर द मूवी’ का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे फैन्स को इसकी और भी डिटेल में झलक मिलेगी। भारत के दिल में बसी यह मशहूर क्राइम गाथा अब छोटे पर्दे से बड़े पर्दे पर आने वाली है।

फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि ट्रेलर 11 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। यह सभी एक्टर्स की मौजूदगी में एक शानदार इवेंट होगा। सूत्र ने बताया, “बड़े पर्दे पर आने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। टीजर से इंटरनेट पर धूम मचाने के बाद, मेकर्स अब 11 अगस्त को ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज़ करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे दर्शकों को थिएटर में रिलीज होने से पहले मिर्ज़ापुर की दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी झलक मिलेगी।”

हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में अली फ़ज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु जैसे जाने-पहचाने चेहरे फिर से नज़र आए। टीज़र की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जितेंद्र कुमार बबलू पंडित का किरदार निभाएंगे और इस किरदार को एक नए अवतार में वापस लाएंगे। फ़िल्म में शामिल होने वाले एक और एक्टर रवि किशन हैं, जिनके आने से मिर्ज़ापुर की दुनिया और भी मज़बूत होगी।

टीज़र के मुताबिक, यह ओरिजिन स्टोरी है और 2018 में सेट है, यानी मिर्ज़ापुर के पहले सीज़न से पहले और उसके साथ-साथ की कहानी है। इसलिए, इस फ़िल्म में हम देखेंगे कि मुन्ना, जिसकी सीज़न 2 में मौत हो जाती है, वह पूरी तरह ज़िंदा है। पंकज त्रिपाठी का निभाया किरदार कालीन भैया इस बात से परेशान हैं कि उनका बेटा मुन्ना उनकी गद्दी का सही वारिस नहीं बन पा रहा है। दूसरी ओर, अली फ़ज़ल और जितेंद्र के निभाए पंडित भाई मुन्ना के साम्राज्य को खत्म करने और खुद को मिर्ज़ापुर का राजा बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

हालांकि कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी जहां 2018 में ‘मिर्ज़ापुर’ सीजन 1 खत्म हुआ था, लेकिन यह फिल्म मिर्जापुर की एक ऐसी अनकही कहानी दिखाएगी जिसे खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाया जा रहा है। पिछले सीजन के मुकाबले, इसे और भी भव्य तरीके से बनाया जा रहा है – पूर्वांचल की सड़कों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान तक, मिर्जापुर की दुनिया बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है।

इस फिल्म की कास्ट में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान शामिल हैं, जो इस फ़्रैंचाइज़ी के नए चैप्टर के लिए एक साथ आ रहे हैं।

‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट का एक जॉइंट प्रोजेक्ट है। इस फ़िल्म के डायरेक्टर गुरमीत सिंह हैं और इसकी पटकथा पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके को-प्रोड्यूसर हैं। ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ 4 सितंबर, 2026 से सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

दतिया उपचुनाव के नतीजों से तय होगा नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक भविष्य?

दतिया विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग के बाद सियासी गलियारों में नतीजों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। 2023 के मुकाबले 9 प्रतिशत कम मतदान के बाद चुनाव नतीजों को लेकर संशय और बढ़ गया है। अगर वोटिंग के परसेंट को देखे तो  पिछले 4 चुनाव में उपचुनाव में सबसे कम है, यानि नरोत्तम मिश्रा के 2008 में दतिया आने के बाद उपचुनाव में सबसे कम मतदान होने को लेकर भी अब भाजपा के अंदरखाने कई सवाल उठ रहे है। पूरे उपचुनाव के दौरान जिस तरह से  नरोत्तम मिश्रा समर्थकों पर पार्टी के लिए काम नहीं करने और वोटिंग के दिन जिस तरह से  नरोत्तम मिश्रा समर्थक नेताओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की, उससे एक बात पूरी तरह साफ है कि उपचुनाव के नतीजे  का असर पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से कही अधिक नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों पर पड़ेगा।  

 

दरअसल दतिया उपचुनाव के नतीजे सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं होंगे, बल्कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। उपचुनाव के नतीजों से नरोत्तम  मिश्रा की  संगठनात्मक ताकत, जनाधार और पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका का भी फैसला करेंगे। 2023 में दतिया विधानसभा सीट हारने के बाद इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद जिस तरह से  पहले नरोत्तम  मिश्रा समर्थकों ने दतिया में  बवाल काटा और फिर नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोए, उससे उपचुनाव में उनकी भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नरोत्तम मिश्रा पूरे उपचुनाव के दौरान दावा करते रहे है कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ है लेकिन कई  अहम मौकों जैसे बसई में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा से  उनका गैरहाजिर रहने के भी कई अलग मायने निकाले जारहे है। 

 

दतिया में भाजपा अगर जीतती है?- यदि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी दतिया उपचुनाव जीतते हैं तो सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह जाएगा कि टिकट न मिलने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने संगठन को एकजुट रखा। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों के विरोध और नाराजगी के बावजूद नरोत्तम  मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के साथ खड़े होकर प्रचार किया था। इससे नरोत्तम मिश्रा की भविष्य की राजनीति विशेषकर संगठन में नई भूमिका को लेकर सियासी दरवाजे खुल जाएंगे। भविष्य में उन्हें प्रदेश संगठन, चुनाव प्रबंधन या राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके साथ ही 2028 के विधानसभा चुनाव या 2029 के लोकसभा चुनाव में उनको नई सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। 

 

दतिया में अगर भाजपा हारती है?- यदि भाजपा यह उपचुनाव हार जाती है तो इसका पूरा ठीकरा नरोत्तम मिश्रा पर फूटना पूरी तरह तय है। चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए वह भी उनके खिलाफ जा सकती है।  भाजपा की हार के बाद सवाल सिर्फ उम्मीदवार पर नहीं, बल्कि पूरे स्थानीय नेतृत्व पर उठेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह जिसको नरोत्तम मिश्रा का समर्थक माना जाता है, उस पर कार्रवाई पूरी तरह से तय है।  उपचुनाव में भाजपा की हार नरोत्तम मिश्रा की सियासी करियर पर एक ग्रहण का काम करेगी और उनकी पार्टी में पूछ-पऱख कम होगी और उनके सियासी पुर्नवास की राह कठिन हो जाएगी।दतिया उपचुनाव का परिणाम नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक करियर का अंतिम फैसला नहीं होगा, लेकिन यह उनके अगले चरण की दिशा जरूर तय कर सकता है।

 

दरअसल दतिया उपचुनाव भाजपा नेतृत्व के लिए भी एक लिटमस टेस्ट है। यदि नया उम्मीदवार जीतता है तो पार्टी इसे संगठन की जीत बताएगी। वहीं यदि भाजपा हार होती है तो टिकट चयन और स्थानीय रणनीति पर सवाल उठने के साथ दतिया में नए सिरे पार्टी संगठन की जमावट देखने को मिलेगी।

 

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

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