Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Stocks to Watch: 1 सितंबर को एनसीसी, मिल्की मिस्ट डेयरी, PVR INOX सहित इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘युद्ध का हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है’; पीएम मोदी ने पुतिन से लड़ाई खत्म करने की अपील की

PM Modi Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के बीच “लगातार युद्ध” की जगह “युद्ध खत्म करने” की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इन संघर्षों का वैश्विक भू-राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ रहा है।

बता दें कि अला-आर्चा स्टेट रेजिडेंस में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने अक्साकल मीटिंग रूम में मोदी का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

पुतिन ने दी मुझे यूक्रेन के बारे में जानकारी दी- पीएम मोदी

बैठक के दौरान, मोदी ने कहा कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी और शांति की कोशिशों के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

मोदी ने कहा, “आपने मुझे यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी। भारत शांति की सभी कोशिशों का समर्थन करता है। युद्ध में बीता हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है। वहीं, शांति की ओर एक कदम उम्मीद जगाता है। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा, जो इंसानियत के हित में है। सभी मुद्दों को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।”

मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के मजबूत होने पर भी जोर दिया और कहा कि राष्ट्रीय हित दोनों देशों के लिए “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है।

पुतिन से मिलकर खुशी हुई

मोदी ने कहा, “मुझे पुतिन से मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल पुतिन का भारत दौरा बहुत सफल रहा था। आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिली है।”

भारत और रूस के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा

इस बीच, पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत ध्यान की वजह से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ते संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 16% की बढ़ोतरी हुई।

यह बैठक भारत के लिए एक अहम मोड़ पर हो रही है, क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। ये बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि एक तरफ नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर रहते हुए अपनी ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है, तो दूसरी तरफ मॉस्को अपने तेल निर्यात से होने वाली कमाई को सुरक्षित रखना चाहता है।

यूक्रेन युद्ध पर भारत ने फिर साफ किया रुख

बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद से ही भारत ने इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने बार-बार शांति और संघर्ष खत्म करने की अपील की है, लेकिन क्रेमलिन की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया है।

गौरतलब है कि रूस भारत का एक अहम साझेदार बना हुआ है, खासकर ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में। वित्त वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। अब दोनों देशों की नजर इस दशक के अंत तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर है।

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Lionel Messi Retirement: लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, अब अर्जेंटीना की जर्सी में नहीं आएंगे नजर

Lionel Messi Retirement: दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी मैच 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में खेला, जहां अर्जेंटीना को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।

अपने एक भावुक बयान में मेसी ने कहा कि उन्होंने फाइनल के दो दिन बाद ही रिटायर होने का फैसला कर लिया था और उनके पिता जॉर्ज के गुजर जाने के बाद उन्हें अपने इस फैसले पर और भी ज्यादा यकीन हो गया।

क्लब फुटबॉल के दिग्गज मेसी, 18 साल की उम्र में 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में डेब्यू करने के बाद से ही अर्जेंटीना की पहचान, शान और उम्मीद रहे हैं। उन्होंने कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप में नेशनल टीम को जीत दिलाई और अपना दूसरा गोल्डन बॉल भी जीता।

मेसी ने 2021 और 2024 में लगातार कोपा अमेरिका चैंपियनशिप जीतीं, साथ ही इटली के खिलाफ 2022 की फाइनलिसीमा ट्रॉफी भी अपने नाम की। उन्होंने 2008 बीजिंग गेम्स में ओलंपिक गोल्ड मेडल और 2005 FIFA U-20 वर्ल्ड कप भी जीता। कुल मिलाकर, 207 मैचों में उन्होंने 125 गोल किए और 65 गोल करने में मदद की।

हालांकि, मेसी इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।

रिटायरमेंट पर मेसी का पूरा बयान

“फाइनल के बाद इतना समय बीतने और इस बारे में काफी सोचने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूं… यह एक ऐसा फैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है।

“मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया, न सिर्फ इन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।

“अब ज्यादा समय नहीं बचा है, और जिंदगी के अलग-अलग अध्याय खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुखी करता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा बने रहना पसंद है, पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया, और अब मेरे पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है।

इसके अलावा, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां होने के हकदार हैं।

“इन 20 सालों में मिले सारे प्यार के लिए शुक्रिया। मुझे मैदान के अंदर से आपकी आवाज सुनना बहुत याद आएगा। अब मैं भी आपमें से ही एक हो जाऊंगा और हमेशा बाहर से आपका साथ दूंगा—चाहे अच्छे पल हों या बुरे, बुरे समय में तो और भी ज्यादा।

“मेरे परिवार का शुक्रिया कि वे हमेशा मेरे साथ रहे और इस खूबसूरत लेकिन मुश्किल सफर में मेरा साथ दिया। उन सभी कोच, टीम के साथियों और डायरेक्टर का भी शुक्रिया जिनके साथ मुझे यह सफर तय करने का मौका मिला। मैं अपने साथ कभी न भूलने वाली यादें और पल लेकर जा रहा हूं। मैं सुकून और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि मैंने अपनी टीम के साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए जिनका हमने कभी सपना देखा था। आप सबके साथ यह सब अनुभव करना अद्भुत था। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं!

“मुझे अर्जेंटीना का नागरिक बनाने के लिए भगवान का शुक्रिया। वामोस अर्जेंटीना! मैंने ये शब्द 21 जुलाई को, फाइनल के दो दिन बाद लिखे थे। आज, मेरे पिता के साथ जो हुआ, उसके बाद मुझे अपने इस फैसले पर पहले से कहीं ज्यादा यकीन हो गया है।”

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स्मार्टफोन नहीं है? फिर भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, PhonePe ने शुरू की खास सुविधा

PhonePe ने एक नई UPI सर्विस शुरू की है, जिसका मकसद फीचर फोन पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा देना है। यह सर्विस यूजर्स को कम्पैटिबल हैंडसेट पर जरूरी UPI फंक्शन इस्तेमाल करने की सुविधा देती है, जिससे पेमेंट प्लेटफॉर्म का दायरा स्मार्टफोन से आगे बढ़ता है। इसे कई मैन्युफैक्चरर्स के फीचर फोन मॉडल के जरिए पेश किया जा रहा है और आने वाले महीनों में और भी डिवाइस पर यह सर्विस मिलने की उम्मीद है। इस लॉन्च से उन यूजर्स के लिए भी नए विकल्प खुलते हैं जो रोजाना बातचीत के लिए फीचर फोन पर निर्भर हैं और जिनके पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है।

PhonePe ने फीचर फोन के लिए शुरू की बिना इंटरनेट UPI पेमेंट सुविधा

PhonePe ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि उसकी UPI 123Pay सर्विस अब पूरे भारत में सपोर्टेड फीचर फोन पर उपलब्ध है। यह सर्विस बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करती है और ट्रांजैक्शन (जैसे पैसे भेजना और मर्चेंट पेमेंट) के लिए SMS का इस्तेमाल करती है। इसे ऐसे इलाकों में भी काम करने के लिए डिजाइन किया गया है जहां 2G कनेक्टिविटी कमजोर है, और यह भारत के 20 करोड़ से ज्यादा फीचर फोन यूजर्स तक UPI सर्विस पहुंचाती है।

UPI 123Pay सर्विस में पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर, मर्चेंट पेमेंट, बैंक बैलेंस चेक और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री जैसी सुविधाएं मिलती हैं। आने वाले अपडेट्स में PhonePe इस सर्विस में बिल पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज और आधार के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ने की योजना बना रहा है।

HMD ने कई फीचर फोन मॉडल्स में PhonePe UPI 123Pay का सपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। इनमें HMD 105 2G, HMD 110 2G, Nokia 105 Classic, Nokia 105 Single SIM, Nokia 105 Dual SIM, Nokia 106 और Nokia 123 Shield शामिल हैं। आने वाले समय में HMD और Nokia के कुछ और फीचर फोन में भी यह सुविधा मिल सकती है।

PhonePe ने यूजर्स की मदद के लिए AI बेस्ड वॉइस हेल्पलाइन भी शुरू की है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से इस सर्विस को सेटअप कर सकेंगे। यह हेल्पलाइन अंग्रेजी के साथ 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करती है। इसमें सर्विस एक्टिवेट करने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी दी जाती है और UPI से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब भी मिलते हैं।

यूजर्स कम्पैटिबल फीचर फोन पर पहले से इंस्टॉल PhonePe ऐप के ज़रिए सर्विस सेट अप कर सकते हैं। उन्हें नियम और शर्तें स्वीकार करनी होंगी, अपना बैंक चुनना होगा, अपने डेबिट कार्ड के आखिरी छह अंक और उसकी एक्सपायरी डेट डालनी होगी, और एक UPI PIN बनाना होगा।

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यूजर्स कॉन्टैक्ट, मोबाइल नंबर या UPI ID के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। जिन फीचर फोन में कैमरा है, उनमें QR कोड स्कैन करके भी भुगतान किया जा सकेगा।

पेमेंट करने से पहले यूजर्स को प्राप्तकर्ता की जानकारी चेक करनी होगी। इसके बाद पेमेंट की रकम दर्ज करके UPI PIN डालना होगा और फिर पेमेंट कन्फर्म करना होगा।

फिलहाल PhonePe UPI 123Pay की सुविधा HMD, Nokia, Lava International और Itel Mobile के चुनिंदा फीचर फोन मॉडल्स पर उपलब्ध है। PhonePe आने वाले महीनों में इसे और ज्यादा फीचर फोन मॉडल्स तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।

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भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलेगी स्लीपर वंदे भारत, ईस्टर्न रेलवे ने बोर्ड को भेजी रिपोर्ट, जानें इसका संभावित रूट और सारी डिटेल

Bhagalpur-Delhi Sleeper Vande Bharat: बिहार के भागलपुर से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस ट्रेन के संचालन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी की जा सकती है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले दिल्ली आने-जाने वाले बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

भागलपुर से दिल्ली के बीच त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ईस्टर्न रेलवे से इस रूट पर यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी।

फिलहाल, ईस्टर्न रेलवे ने रेलवे बोर्ड को रूट से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी रिपोर्ट भेज दी है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी।

ईस्टर्न रेलवे जोन हेडक्वार्टर, कोलकाता के प्रिसिंपल चीफ कमर्शियल मैनेजर (PCCM) डॉ. उदय शंकर झा के मुताबिक, भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर वंदे भारत चलाने की पूरी तैयार कर ली गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से मांगी गई सभी जानकारियां भेज दी गई हैं। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के शुभारंभ की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

भागलपुर समेत इन जिलों को मिलेगा फायदा

नई स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से भागलपुर के साथ बांका, मुंगेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल सकता है। लंबी दूरी के सफर के लिए तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं वाली इस ट्रेन से यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक होने की उम्मीद है। खासकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान।

इस ट्रेन के शुरू होने से नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रेन का रूट क्या होगा और किन-किन स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा, इस पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।

ईस्टर्न रेलवे को मिल सकती है नई स्लीपर वंदे भारत

ईस्टर्न रेलवे के तहत अभी हावड़ा-जमालपुर रूट पर चेयर कार वाली वंदे भारत चल रही है। ऐसे में अगर भागलपुर से आनंद विहार के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू होती है, तो यह इस जोन के लिए एक नई और अहम सुविधा होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे देश के व्यस्त रूटों पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है। इसी वजह से भागलपुर-दिल्ली रेल मार्ग को भी इस ट्रेन के लिए संभावित रूट के तौर पर देखा जा रहा है।

नई वंदे भारत आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

रेलवे की योजना के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के आराम के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी खास जोर दिया जाएगा। एसी स्लीपर कोच में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि लंबी दूरी का सफर ज्यादा आरामदायक बनाया जा सके। वहीं, लोको पायलटों के लिए भी आधुनिक केबिन तैयार किया जाएगा, जिसमें एडवांस कंट्रोल पैनल और बेहतर सुरक्षा तकनीक मौजूद होगी।

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भारत के रईस पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को छोड़ खरीद रहे ये महंगी EV, समझिए अमीरों में तेजी से क्यों बढ़ा लग्जरी EVs का क्रेज

भारत में महंगी कार खरीदने वाले अमीर ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक कारों का चलन बाकी कार बाजार के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रहा है। 2026 के पहले छह महीनों में भारत में बिकने वाली हर चार BMW कारों में से एक इलेक्ट्रिक कार थी। इससे BMW की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करीब 25% रही, जो पूरे पैसेंजर व्हीकल बाजार के मुकाबले लगभग तीन गुना है। इस दौरान देश में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 8-9% रही।

यह बदलाव Mercedes-Benz में भी साफ तौर पर दिख रहा है, खासकर इसके सबसे अमीर ग्राहकों के बीच। इन्हीं छह महीनों के दौरान, कंपनी ने अपने ‘टॉप-एंड’ सेगमेंट – जिसमें 1.4 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले मॉडल शामिल हैं – से लगभग हर तीन घंटे में एक बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ी (BEV) बेची। इसकी CLA BEV, जिसकी शुरुआती कीमत 57 लाख रुपये है, का 2026 का कोटा पहले ही खत्म हो चुका है, जिससे नए खरीदारों को डिलीवरी के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ेगा

आम भारतीय कार खरीदारों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने से जो दिक्कतें होती हैं, जैसे चार्जिंग की सुविधा, कार की रेंज को लेकर चिंता और ज्यादा कीमत, अमीर परिवारों के लिए ये समस्याएं काफी कम हो जाती हैं।

LVP फोरकास्टिंग मोबिलिटी ग्लोबल के एसोसिएट डायरेक्टर गौरव वंगाल ने कहा, “लग्जरी सेगमेंट में EV को अपनाने की दर ज्यादा है क्योंकि इसके रास्ते में कोई रुकावट नहीं है। इन खरीदारों के पास घर पर चार्जर के साथ कवर्ड पार्किंग होती है, इसलिए चार्जिंग कभी कोई समस्या नहीं बनती।”

उन्होंने आगे कहा, “EV शायद ही कभी उनकी एकमात्र कार होती है, इसलिए रेंज की चिंता कभी नहीं होती। और पेट्रोल या डीजल वाली लग्जरी कार की तुलना में इलेक्ट्रिक कार पर टैक्स बहुत कम लगता है, इसलिए कीमत का वह अंतर जो ज्यादातर खरीदारों को रोकता है, यहां मौजूद ही नहीं है।”

मालिक होने की स्थितियों में यह अंतर बिक्री के आंकड़ों में साफ तौर पर दिख रहा है। जहां पारंपरिक लग्जरी कारों की बिक्री में बढ़ोतरी धीमी हुई है, वहीं EV से BMW और मर्सिडीज-बेंज को तेजी से बढ़ते ग्राहक मिल रहे हैं।

2026 के पहले छह महीनों में, BEV को छोड़कर Mercedes-Benz की बिक्री में सिर्फ 2.3% की बढ़ोतरी हुई, जबकि BMW की नॉन-BEV बिक्री में 5% की बढ़ोतरी हुई। जब इलेक्ट्रिक कारों को भी शामिल किया जाता है, तो Mercedes की कुल बढ़ोतरी 9% और BMW की 17% हो जाती है।

इसलिए, इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब लग्जरी मार्केट में सिर्फ एक अतिरिक्त पावरट्रेन नहीं रह गई हैं। वे अतिरिक्त बढ़ोतरी का एक अहम जरिया बन रही हैं।

BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO, हरदीप सिंह बरार ने कहा कि इसकी अपील सिर्फ पर्यावरण से जुड़ी बातों से कहीं ज्यादा है।

बरार ने कहा, “EVs न सिर्फ जीरो-एमिशन वाली गाड़ियां हैं, बल्कि ये परफॉर्मेंस से कोई समझौता किए बिना सस्टेनेबल मोबिलिटी भी देती हैं, और साथ ही इनकी रनिंग, मेंटेनेंस और टैक्स की लागत भी काफी कम होती है।”

यह बात उन कीमतों पर भी असरदार साबित हो रही है जहां ईंधन की बचत शायद ही यह तय करती हो कि कोई ग्राहक कार खरीदेगा या नहीं।

मर्सिडीज़-बेंज़ के टॉप-एंड इलेक्ट्रिक पोर्टफ़ोलियो – जिसमें लगभग 1.4 करोड़ रुपये की EQS SUV, 2.4 करोड़ रुपये की EQS मेबैक SUV और 3.1 करोड़ रुपये की G580 शामिल हैं – ने जून 2026 को खत्म हुए छह महीनों में साल-दर-साल 27 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।

लक्ज़री मार्केट के ज़्यादा किफायती सेगमेंट में, मर्सिडीज़ ने CLA BEV का अपना 2026 का पूरा कोटा पहले ही बेच दिया है।

Mercedes-Benz इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, संतोष अय्यर ने कहा, “CLA BEV का पूरी तरह बिक जाना, खासकर 61 लाख रुपये वाले टॉप-एंड 250+ वेरिएंट्स का, लक्जरी EV ग्राहकों की बढ़ती समझ को दिखाता है। ये ग्राहक अब सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और वैल्यू-बेस्ड लक्जरी मोबिलिटी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।”

रुकावटें दूर हो रही हैं

लग्जरी कार खरीदने वालों की प्रोफाइल से यह समझने में मदद मिलती है कि EV को अपनाने की रफ्तार आम बाजार के मुकाबले इतनी तेज क्यों है।

जो परिवार अपनी इकलौती कार खरीद रहा है, उसके लिए इलेक्ट्रिक कार अपनाने में कई समझौते करने पड़ सकते हैं। अपार्टमेंट में रहने वाले खरीदार के पास शायद अपना पर्सनल चार्जर न हो, और लंबी यात्राओं के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर योजना बनानी पड़ती है। EV की शुरुआती ज्यादा कीमत की तुलना कई सालों में होने वाली ईंधन की बचत से भी करनी पड़ती है।

कई अमीर परिवारों के लिए, ये हिसाब-किताब काफी अलग होते हैं।

इन परिवारों के पास आमतौर पर अपनी पार्किंग की जगह होती है, इसलिए घर पर चार्जर लगाना आसान होता है। वे रातभर अपनी कार चार्ज कर सकते हैं और उन्हें पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता।

सबसे बड़ी बात यह है कि अमीर परिवारों में EV अक्सर इकलौती कार नहीं होती। उनके पास एक से ज्यादा गाड़ियां होती हैं।

इसका मतलब है कि EV को परिवार की हर तरह की यात्रा की जरूरत पूरी करने की जरूरत नहीं होती। इलेक्ट्रिक कार रोजाना शहर में आने-जाने के काम आ सकती है, जबकि लंबी दूरी की यात्रा के लिए परिवार के पास पेट्रोल या डीजल कार का विकल्प मौजूद रहता है।

भारत का टैक्स सिस्टम इस बात को और मज़बूत करता है।

इलेक्ट्रिक कारों पर 5% GST लगता है, जबकि बड़ी पेट्रोल और डीजल कारों पर 28% GST और साथ में कंपनसेशन सेस भी लगता है। लग्जरी कारों की कीमतों के मामले में, यह अंतर बैटरी टेक्नोलॉजी की ज्यादा लागत को काफी हद तक कम कर सकता है और इलेक्ट्रिक व इंटरनल-कंबशन मॉडल के बीच कीमत के अंतर को घटा सकता है।

EVs में अब ऐसी खूबियां भी तेज़ी से आ रही हैं जो लग्ज़री ड्राइविंग के लिए एकदम सही हैं। इलेक्ट्रिक मोटर तुरंत टॉर्क देती है, जिससे कार तेजी से पिकअप लेती है। वहीं, पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होने के कारण EV काफी शांत और स्मूद ड्राइविंग अनुभव देती है। प्रीमियम कार कंपनियां भी अपनी लग्जरी कारों में इसी तरह की शांति और आराम देने के लिए काफी पैसा खर्च करती हैं।

इसलिए, हाई-एंड मार्केट के खरीदारों के लिए, इलेक्ट्रिक गाड़ियां कम टैक्स और कम रनिंग कॉस्ट के साथ-साथ परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी और नई खूबियों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन हो सकती हैं।

विकल्प तेजी से बढ़ रहे हैं

एक और बड़ा बदलाव यह है कि अमीर भारतीय अब कई तरह की इलेक्ट्रिक कारें खरीद सकते हैं।

FY25 से, भारत के लग्जरी सेगमेंट में 13 नई BEV लॉन्च हुई हैं, जिनमें Porsche, Volvo, Rolls-Royce, Ferrari और Lexus के मॉडल शामिल हैं। इनकी सबसे ज्यादा कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये तक है।

इस विस्तार से EV अपनाने में आने वाली एक और रुकावट धीरे-धीरे दूर हो रही है: विकल्पों की कमी।

शुरुआत में लग्जरी EV खरीदने वालों के पास इलेक्ट्रिक मॉडल्स के कुछ ही विकल्प होते थे, जबकि पेट्रोल और डीजल मार्केट में कई तरह की सेडान, SUV और परफॉर्मेंस कारें उपलब्ध थीं। अब ग्राहक अपनी पसंद की बॉडी स्टाइल, परफॉर्मेंस कैटेगरी या लग्जरी ब्रांड को छोड़े बिना आसानी से पावरट्रेन बदल सकते हैं।

इसका असर इंडस्ट्री के आंकड़ों में साफ दिखता है।

FY26 में भारत में बिकने वाली कुल पैसेंजर व्हीकल्स में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 1.1-1.2% रही। लेकिन देश में बिकने वाली कुल इलेक्ट्रिक कारों (BEV) में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी करीब 2.5-2.7% रही। यानी पूरे पैसेंजर व्हीकल बाजार में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में इनकी हिस्सेदारी दोगुने से भी ज्यादा है।

इस बदलाव का सबसे साफ उदाहरण BMW है। कंपनी ने जून 2026 को खत्म हुए छह महीनों में 2,359 EV बेचीं, जिससे भारत में उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का हिस्सा लगभग एक-चौथाई हो गया। इसी दौरान Mercedes-Benz ने 859 BEV बेचीं।

फिर भी, Tesla का अनुभव बताता है कि इस तेजी का फायदा हर प्रीमियम EV बनाने वाली कंपनी को बिक्री के तौर पर नहीं मिलता।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में ग्लोबल पहचान होने के बावजूद, भारत में अपने पहले साल (जो जून 2026 में खत्म हुआ) में Tesla ने सिर्फ 450 के आस-पास कारें बेचीं।

इसकी सीमित प्रोडक्ट रेंज एक रुकावट है। टेस्ला अभी भारत में सिर्फ ‘मॉडल Y’ बेचती है, जिससे यह कई ऐसे सेगमेंट में मौजूद नहीं है जहां पहले से मौजूद लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियां ग्राहकों को सेडान, SUV और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड मॉडल ऑफर कर सकती हैं।

इसकी एक और चुनौती कीमत भी रही है। टेस्ला ने बेस ‘मॉडल Y’ को 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में लॉन्च किया था, और बाद में मई 2026 में इसकी कीमत घटाकर 50.89 लाख रुपये कर दी। कीमत कम करने के बाद भी, पूरी तरह से इम्पोर्ट किया गया यह मॉडल उन कंपनियों से मुकाबला करता है जिनके पास ज्यादा बड़े पोर्टफोलियो और पहले से स्थापित सेल्स और सर्विस नेटवर्क हैं। यह अंतर दिखाता है कि भारत का लग्जरी EV मार्केट किस तरह बदल रहा है।

आम कार खरीदारों के लिए EV खरीदने पर अभी भी चार्जिंग, ड्राइविंग रेंज, ज्यादा शुरुआती कीमत और सिर्फ एक कार पर निर्भर रहने जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। लेकिन अमीर परिवारों के लिए इनमें से कई दिक्कतों को आसानी से दूर किया जा सकता है। वे घर पर चार्जर लगवा सकते हैं, लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरी कार का इस्तेमाल कर सकते हैं और EV पर कम टैक्स लगने से इलेक्ट्रिक कार खरीदना उनके लिए अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।

इन वजहों से अमीर भारतीय परिवारों में इलेक्ट्रिक लग्जरी कार अब सिर्फ महंगा प्रयोग नहीं रह गई है। यह धीरे-धीरे उनकी गैराज में एक आम और पसंदीदा विकल्प बनती जा रही है।

BMW और Mercedes-Benz के लिए यह बदलाव एक कदम और आगे बढ़ चुका है। भारत में EV अब सिर्फ उनके भविष्य के प्रोडक्ट प्लान का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज ही उनकी बिक्री और ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

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टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने पहुंची स्पेशल टीम, जानिए नेपाल की मदद में भारत ने कैसे झोंकी ताकत

Nepal Flood: चीन-नेपाल बॉर्डर के पास ग्लेशियर टूटने से आई भयानक बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल में बड़े पैमाने पर मानवीय और तकनीकी बचाव अभियान शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन में सुरंग से बचाव करने वाली खास टीमें, मेडिकल टीमें और फोरेंसिक एक्सपर्ट शामिल हैं, जो पीड़ितों की DNA-आधारित पहचान करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि बाढ़ में 903 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

हिमालय में अचानक ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा-नुवाकोट-लांगटांग इलाके में पड़ा। बाढ़ की चपेट में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी, तीर्थयात्री और पर्यटक भी आ गए। कई लोग सुरंगों के अंदर फंस गए, जबकि सड़कें और पुल बह जाने से कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया।

भारत ने रेस्क्यू और फोरेंसिक टीमें भेजीं

भारत ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों (खासकर त्रिशूली, चिलिमे और लांगटांग के पास) में फंसे कर्मचारियों को खोजने और बचाने में मदद के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और सुरंग-बचाव विशेषज्ञों की 11 सदस्यों वाली एक खास टीम भेजी है।

नेपाल में कई फोरेंसिक टीमें भी भेजी गई हैं। शुरुआत में छह टीमें भेजी गई थीं, लेकिन बाद में 19 सदस्यों वाले एक खास फोरेंसिक ग्रुप के बारे में जानकारी मिली, जिसमें गांधीनगर की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की 10 सदस्यों वाली DNA प्रोफाइलिंग यूनिट भी शामिल थी।

फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में अपना काम शुरू दिया। नेपाल में भारत के राजदूत ने टीम से मुलाकात की और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फोरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ तकनीकी बातचीत की।

भारत ने लगभग 68.5 टन राहत सामग्री भी हवाई मार्ग से पहुंचाई है, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।

हाइड्रोपावर साइट्स पर तलाशी जारी

भारत की टनल-रेस्क्यू टीम, चिलिमे और लांगटांग में क्षतिग्रस्त हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट्स पर नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है।

खराब मौसम के बावजूद, टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक स्ट्रक्चर में दाखिल हुई और एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। हालांकि तलाशी और बचाव अभियान जारी हैं।

नुवाकोट के त्रिशूली-चिलिमे हाइड्रोपावर बेल्ट में, भारतीय टेक्निकल कर्मचारियों ने उन सुरंगों का जायजा लिया है जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। रसुवा का लांगटांग और चीन से सटा सीमा क्षेत्र भी बचाव अभियान के लिए प्राथमिकता वाले इलाकों में शामिल है।

हालांकि, खराब मौसम, अस्थिर जमीन और झील के पानी से अचानक दोबारा बाढ़ आने के खतरे के कारण हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और जमीन के रास्ते प्रभावित इलाकों तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है।

पीड़ितों की DNA से पहचान

नेपाल के जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे पहचान न हो पाने वाले पीड़ितों को सामूहिक रूप से दफनाने से पहले उनके DNA सैंपल सुरक्षित रखें। हर शव पर एक खास पहचान नंबर और जगह की जानकारी के साथ टैग किया जाएगा।

भारतीय फोरेंसिक टीमें बरामद शवों/अवशेषों से DNA और रिश्तेदारों से रेफरेंस सैंपल लेकर ‘डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन’ (आपदा पीड़ितों की पहचान) का काम कर रही हैं। पहचान पक्की करने और परिवारों को शव सौंपने में मदद के लिए इन प्रोफाइलों का मिलान किया जाएगा।

वहीं, लापता नेपाली और विदेशी नागरिकों के बरामद शवों या शरीर के अंगों की पहचान के लिए DNA टेस्ट की सुविधा दी जा रही है।

नेपाल में मौजूद लापता व्यक्ति के करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध किया गया है कि वे DNA प्रोफाइलिंग के लिए ताजा ब्लड सैंपल और पासपोर्ट साइज की दो फोटो पैथोलॉजी लैब, नेपाल पुलिस हॉस्पिटल, महाराजगंज, काठमांडू या नजदीकी जिला पुलिस ऑफिस में जमा करें।

इसके अलावा, विदेश में रहने वाले करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध है कि वे अपने देश की किसी अधिकृत लैब में DNA प्रोफाइलिंग करवाएं और तुलना के लिए DNA प्रोफाइल की सॉफ्ट कॉपी नेपाल पुलिस के आधिकारिक ईमेल पते dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजें।

रिश्तेदार तय अस्पतालों में DNA सैंपल जमा कर सकते हैं।

वहीं, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में, लापता रिश्तेदारों के बारे में जानकारी पाने के लिए परेशान परिवारों का आना जारी है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि 56 घायल मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें से तीन इंटेंसिव केयर में हैं और एक मरीज की मौत हो गई है। अस्पताल में 59 शव भी लाए गए थे, जिनमें से आठ की पहचान कर ली गई और अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू जारी, और लोग मदद के इंतजार में

भारत ने 160-170 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को बचाने की जानकारी दी है, जबकि 29-30 अगस्त तक लगभग 287-290 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि 149 भारतीयों को बचाया गया है। बाद में पुष्टि की गई कि 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंच गए हैं, जबकि चीनी तरफ मौजूद 500 और भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर – +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 – और ईमेल eoikathmandufloodsupport@gmail.com शुरू किए हैं।

सीमा के दोनों तरफ फंसे भारतीयों को निकालने के लिए नेपाली अधिकारियों और जरूरत पड़ने पर चीनी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने का काम जारी है।

बचाव कार्यों में बड़ी रुकावटें

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, लापता 933 लोग आसपास के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी थे। वहीं, 592 विदेशी नागरिक और 127 नेपाली नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं, जो विदेशी समूहों के साथ यात्रा कर रहे थे।

बचाव अभियान के लिए करीब 20,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अब तक जमीन के रास्ते 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, हेलीकॉप्टरों ने 363 उड़ानें भरी हैं और 3,081 लोगों को एयरलिफ्ट किया है। इनमें 236 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, बाढ़ में फंसे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों से 279 लोगों को सीधे बचाया गया है।

रविवार को धादिंग के कृष्णभीर इलाके में भूस्खलन और सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के बाद पृथ्वी हाईवे का संपर्क टूट गया। तेज बहाव वाली त्रिशूली नदी ने सड़क की सुरक्षा दीवार और उसकी नींव को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद प्रशासन ने इस रास्ते पर वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रोक दी।

वहीं, काठमांडू से राहत सामग्री प्रभावित और संपर्क से कटे इलाकों तक भेजी जा रही है। 50 ट्रांसपोर्ट वाहनों और 8 हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए खाने-पीने की चीजें, संचार उपकरण और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लंबे समय तक जारी रखने के लिए ईंधन का भंडार भी सुरक्षित रखा जा रहा है।

इस बीच, नेपाल पुलिस ने बताया कि कृषि विकास बैंक की त्रिशूली ढुंगे शाखा से करीब 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद, अनुमानित 50 करोड़ रुपये का सोना और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।

वहीं, नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन फंड भी जारी किया है। इसके तहत रसुवा और नुवाकोट को 1-1 करोड़ नेपाली रुपये, धादिंग को 50 लाख नेपाली रुपये और 15 स्थानीय निकायों को कुल 6.75 करोड़ नेपाली रुपये दिए गए हैं।

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Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

अक्षय ओबेरॉय-हेली दारूवाला की केमिस्ट्री ने जीता दिल, ‘लव लॉटरी’ का गाना ‘नजर लग जाएगी’ हुआ रिलीज

अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर कोर्टरूम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नजर लग जाएगी’ रिलीज हो गया है। जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज में सजे इस खूबसूरत गाने का म्यीजिक वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल अरविंद पांडे ने लिखे हैं। गाने में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला के बीच खूबसूरत केमिस्ट्री देखने को मिलती है।

उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस पर फिल्माया गया ‘नजर लग जाएगी’ कहानी के किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को सामने लाता है। पहाड़ों की खूबसूरती, शांत माहौल और प्रकृति के बीच फिल्माए गए रोमांटिक पल अक्षय और हेली की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को और निखारते हैं। दोनों की मौजूदगी गाने को बिना किसी बनावटीपन के एक स्वाभाविक और खूबसूरत एहसास देती है। गाने की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है, जबकि इसकी कोरियोग्राफी देवेंद्र चतुर्वेदी ‘डेविड’ ने की है।

गाने और फ़िल्म को लेकर निर्देशक एवं संगीत निर्देशक अरविंद पांडे ने कहा- “नजर लग जाएगी के जरिए हम अपने किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को बहुत सहज तरीके से दिखाना चाहते थे। उत्तराखंड की खूबसूरती ने हमें इसके लिए बिल्कुल सही माहौल दिया।

फ़िल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव कहते हैं कि लव लॉटरी का विषय नाजुक है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी कि इसे संतुलन और समझदारी के साथ दर्शकों के सामने रखा जाए। फिल्म इस बात को तलाशती है कि प्यार, भरोसा और शादी का रिश्ता कभी-कभी किस तरह एक अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।

जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज इस रोमांटिक गाना के एहसास को और गहराई देती है। वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे के संगीत तथा अरविंद पांडे के बोलों के साथ तैयार यह गाना किरदारों के बीच की नज़दीकियों और उनके रिश्ते की भावनात्मक परत को सामने लाता है।

सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है और इसकी कहानी व लेखन अंकुर खत्री का है। फ़िल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और कबीर दुहन सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि विजयांत कोहली, संतोष शुक्ला, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, अग्नि अय्यारी, विक्रम शर्मा, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।