RBI MPC Meeting Aug 2026: महंगाई कितना करेगी परेशान! आरबीआई की इस बात से कहीं खुशी-कहीं गम

RBI MPC Meeting Aug 2026: केंद्रीय बैंक आरबीआई ने इस वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई की रफ्तार का अनुमान घटा दिया है। इस बार की मौद्रिक नीति में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और अपना न्यूट्रल नजरिया बरकरार रखा है तो साथ ही वित्त वर्ष 2027 के इनफ्लेशन यानी कि महंगाई बढ़ने की रफ्तार के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है। सिर्फ यही नहीं इस तिमाही यानी चालू वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2026 के इनफ्लेशन का अनुमान 5.1% से घटाकर 4.7% कर दिया है। बता दें कि आरबीआई गवर्वर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को MPC (मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी) की अहम नीतिगत फैसलों का ऐलान किया है।

इनफ्लेशन को लेकर अब RBI का ये है कैलकुलेशन

आरबीआई की एमपीसी ने वित्त वर्ष 2027 के इनफ्लेशन के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है तो सितंबर 2026 के अनुमान को 5.1% से कम कर 4.7% किया है। हालांकि तीसरी तिमाही में इनफ्लेशन के अनुमान को 5.9% स्थिर रखा है तो चौथी तिमाही के लिए अनुमान 5.4% से बढ़ाकर 5.5% कर दिया है। इससे पहले पिछली बैठक में आरबीआई ने जून तिमाही के इनफ्लेशन के अनुमान को 4% से बढ़ाकर 4.2% कर दिया था तो सितंबर तिमाही के लिए इसे 4.4% से 5.1%, तीसरी तिमाही के लिए 5.2% से 5.9% और चौथी तिमाही के लिए 4.7% से 5.4% कर दिया था।

जून महीने की बात करें तो खाने-पीने की चीजों की कीमतें अधिक रहने और कई कैटेगरी में कीमतों का दबाव बढ़ने की वजह से जून में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई। यह 17 महीनों में पहली बार है जब यह आरबीआई के 4% के मीडियम-टर्म टारगेट से ऊपर गई है।

Repo Rate को लेकर क्या हुआ है फैसला

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपने रिव्यू बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत रुख को भी न्यूट्रल पर बनाए रखा है। रेपो रेट को स्थिर रखने का मतलब है कि आम लोगों के लोन की किश्तों में किसी बदलाव के आसार नहीं हैं।

आरबीआई की एमपीसी बैठक से जुड़े अहम अपडेट्स यहां पढ़ें

AI की मदद से भरा ITR, फिर आया इनकम टैक्स नोटिस! CA की पोस्ट ने मचाई हलचल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की सोशल मीडिया पोस्ट ने नई चर्चा शुरू कर दी है। पोस्ट में दावा किया गया कि एक व्यक्ति ने AI की मदद से अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया, लेकिन बाद में उसे इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस मिल गया।

X यूजर और चार्टर्ड अकाउंटेंट बताए जा रहे @carajendra89 ने इस मामले को शेयर करते हुए लिखा, “AI से ITR फाइल करने के नतीजे आने शुरू हो गए हैं।” हालांकि, इस बातचीत में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

ITR नोटिस मिलने के बाद मांगी टैक्स एक्सपर्ट की मदद

वायरल पोस्ट में एक बातचीत का स्क्रीनशॉट शेयर किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति टैक्स नोटिस मिलने के बाद विशेषज्ञ की मदद मांग रहा था। उस मैसेज में लिखा था कि उसने AI की सहायता से अपना ITR दाखिल किया था और अब उसे इनकम टैक्स नोटिस मिला है। वह इस मामले को समझने और समाधान के लिए किसी टैक्स एक्सपर्ट से जुड़ना चाहता था।

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि क्या टैक्स जैसे महत्वपूर्ण मामलों में पूरी तरह AI पर भरोसा करना सही है?

लोगों ने AI के इस्तेमाल पर दी अलग-अलग राय

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए। कुछ लोगों ने कहा कि AI एक उपयोगी टूल है, लेकिन इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। एक यूजर ने सलाह दी कि लोगों को समझना होगा कि AI का इस्तेमाल कहां करना चाहिए और कहां नहीं। खासकर ITR जैसे वित्तीय मामलों में पूरी तरह AI पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

कुछ लोगों ने कहा- आसान ITR के लिए AI काफी है

वहीं, कई यूजर्स ने AI का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि सामान्य टैक्स मामलों में AI काफी मददगार साबित हो सकता है। एक यूजर ने बताया कि व्यक्तिगत ITR-1 और ITR-2 जैसे रिटर्न उन्होंने AI की मदद से सफलतापूर्वक फाइल किए हैं। उनके मुताबिक, AI की सहायता से न सिर्फ काम आसान हुआ बल्कि टैक्स प्रक्रिया को समझने का मौका भी मिला।

क्या AI भविष्य में CA की जगह ले सकता है?

कुछ लोगों ने इस बहस को भविष्य की टैक्स व्यवस्था से जोड़ दिया। एक यूजर ने कहा कि आने वाले समय में AI कई ऐसे काम कर सकता है, जिन्हें आज टैक्स प्रोफेशनल संभालते हैं। हालांकि, कई लोगों का मानना था कि AI जानकारी देने और प्रक्रिया आसान बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन जटिल टैक्स मामलों में विशेषज्ञ की सलाह अभी भी जरूरी हो सकती है।

CA ने बताया- युवाओं को सावधान रहने की जरूरत

कुछ टैक्स प्रोफेशनल्स का कहना था कि ऐसे मामलों को सामने लाना जरूरी है, ताकि खासकर युवा और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग सावधानी बरतें। एक यूजर ने कहा कि सिर्फ तकनीक की जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि हर वित्तीय काम बिना विशेषज्ञ सलाह के किया जा सकता है। टैक्स नियमों की बारीकियां समझना भी उतना ही जरूरी है।

एक ही AI से गलती भी सुधारी जा सकती है

वहीं, कुछ लोगों ने यह तर्क भी दिया कि अगर AI की मदद से कोई गलती हुई है तो उसी तकनीक की मदद से उसे ठीक भी किया जा सकता है। एक यूजर ने सुझाव दिया कि AI का इस्तेमाल रिटर्न में सुधार करने और सही तरीके से दोबारा सबमिट करने के लिए किया जा सकता है।

AI बनाम एक्सपर्ट की बहस फिर तेज

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या AI टैक्स जैसे संवेदनशील कामों के लिए पर्याप्त है या फिर विशेषज्ञों की जरूरत बनी रहेगी। जहां एक तरफ लोग AI को समय बचाने वाला और आसान विकल्प मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग वित्तीय मामलों में सावधानी और विशेषज्ञ सलाह को जरूरी बता रहे हैं।

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NEET-PG cut-off case: डीजीएचएस की अध्यक्षता वाली समिति करेगी नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया का ऑडिट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

NEET-PG cut-off case: नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 12 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान करेगी। इसे ठीक करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सलाह देगी और आंतरिक ऑडिट के लिए एक व्यवस्था बनाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत में नीट पीजी 2025-26 प्रवेश के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि समिति का गठन 23 जुलाई के नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक किया गया था। कमेटी को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डी लवनीश जी कृष्णा हेड कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ प्रवीण कुमार दास मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।

इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) और हेल्थ मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं। भाटी ने कहा कि कमेटी का काम मौजूदा पीजी प्रवेश प्रक्रिया के विस्तृत आंतरिक ऑडिट के लिए एक तंत्र बनाना और सुधार लागू करने लायक सुझाव देना है। उन्होंने बेंच को बताया कि इस काम में आठ हफ्ते लगेंगे। केंद्र का जवाब दर्ज करने के बाद बेंच ने कमेटी को आठ हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद हम इस मुद्दे पर सक्रिय तौर से चर्चा करेंगे।” पीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कमेटी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) से मेंबर्स को को-ऑप्ट कर सकती है।

पिटीशनर हरिशरण देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद और एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का सुझाव दिया। भाटी ने जवाब दिया कि सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को इस मामले में पहले ही एमिकस अपॉइंट किया जा चुका है।

नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया पर याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन और डॉक्टर सौरव कुमार, लक्ष्य मित्तल और आकाश सोनी की तरफ से फाइल की गई है। इसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के 13 जनवरी के नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें नीट पीजी 2025-26 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दिया गया था।

संशोधित योग्यता मापदंड के तहत, सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया गया, जबकि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर सातवें पर्सेंटाइल पर आ गया। SC, ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए, कट-ऑफ स्कोर 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया। पिटीशनर्स का कहना है कि यह फैसला मनमाना, गैर-संवैधानिक है और संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

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पहाड़, जंगल या सुनसान रास्ता… गूगल मैप्स का यह फीचर हर जगह देगा साथ!

आज के समय में घूमने निकलते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले गूगल मैप खोलते है। लेकिन कई लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ रास्ता देखने के लिए करते हैं। यदि गूगल मैप की कुछ आसान ट्रिक्स पता हों, तो सफर ज्यादा आसान, सेफ और बिना किसी परेशानी के हो सकता है।

ऑफलाइन मैप रखें (Offline Maps)

आपको किसी ऐसी जगह जाना हैं जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहता है, तो निकलने से पहले उस एरिया का ऑफलाइन मैप डाउनलोड कर लें। इससे इंटरनेट बंद होने पर भी रास्ता देखने में परेशानी नहीं होगी। पहाड़ी इलाकों, गांवों या विदेश ट्रिप में यह फीचर काफी काम आता है।

ट्रैफिक पहले देखें (Live Traffic)

घर या होटल से निकलने से पहले Google Maps पर ट्रैफिक जरूर चेक करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि रास्ते में कहीं जाम, रोड बंद या कोई और परेशानी तो नहीं है। इससे जरूरत पड़ने पर आप दूसरा रास्ता चुन सकेंगे और टाइम भी बच जाएगा।

जरूरी जगह सेव करें (Save Places)

ट्रिप शुरू करने से पहले होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, एटीएम, अस्पताल और घूमने वाली जगहों को Google Maps में सेव कर लें। इससे नेटऑन करने या बार-बार सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जरूरत पड़ने पर जल्दी लोकेशन मिल जाएगी।

लाइव लोकेशन शेयर करें (Share Live Location)

अगर आप अकेले ट्रैवल कर रहे हैं या रात हो जाए, तो अपनी लाइव लोकेशन परिवार या दोस्तों के साथ शेयर करें। इससे उन्हें पता रहेगा कि आप कहां हैं और जब भी जरूरत पड़े तो वे आपकी मदद भी कर सकेंगे। यह फीचर सेफ्टी के हिसाब से काफी उपयोगी है।

आसपास की जगह खोजें (Explore Nearby)

किसी नए शहर में पहुंचने के बाद Google Maps का Explore फीचर जरूर इस्तेमाल करें। इससे आसपास के अच्छे रेस्टोरेंट, कैफे, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, एटीएम और घूमने की जगहें जल्दी मिल जाती हैं। इससे वहां पर आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती।

भीड़ का सही समय देखें (Popular Times)

किसी मंदिर, मॉल, म्यूजियम या मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जाने से पहले Google Maps में Popular Times जरूर देख लें। इससे आप जान पाएंगे कि वहां किस समय सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। फिर सही टाइम देखकर लंबी लाइन और भीड़ से बच सकते हैं।

पहले ही जगह देख लें (Street View)

अगर किसी जगह पर पहली बार जा रहे हैं, तो Street View फीचर की मदद से वहां की सड़क, होटल का एंट्री गेट, पार्किंग और आसपास का एरिया पहले ही देख सकते हैं। इससे वहां पहुंचने के बाद रास्ता ढूंढने में कम परेशानी होती है और आप सही लोकेशन तक पहुंच जाते हैं।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान बंद रहेंगे ‘नमो भारत’ के ये 17 स्टेशन, इन राज्यों में स्कूल भी बंद, जानिए रूट समेत सभी बड़ी बातें

Kanwar Yatra 2026: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने बताया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच 17 ‘नमो भारत’ स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट चार से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इन स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा भी सीमित रहेगी। NCRTC ने बताया कि वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक निर्देशों के तहत ये अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं।

निगम के अनुसार, प्रभावित स्टेशनों में मोदीनगर, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद शामिल हैं। NCRTC ने बताया कि अधिकतर स्टेशनों पर इस अवधि के दौरान गेट संख्या-2 बंद रहेगा। बयान के मुताबिक, बेगमपुल स्टेशन पर गेट संख्या-2 और 3, जबकि दुहाई स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 4 बंद रहेंगे। गाजियाबाद स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 5 बंद रहेंगे।

पार्किंग भी बंद

इन स्टेशनों के प्रभावित हिस्से की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। एनसीआरटीसी ने यात्रियों को नमो भारत सेवाओं का उपयोग करने के लिए संबंधित स्टेशनों पर उपलब्ध वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। निगम ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

निगम ने कहा कि सरायकाले खां-मोदीनगर कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बयान के मुताबिक, 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ट्रेनें आठ मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इस साल कांवड़ यात्रा पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई है और 11 अगस्त को समाप्त होगी।

स्कूल-कॉलेज 12 अगस्त तक बंद रहेंगे

श्रावण मास की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद जिलों में शिक्षण संस्थान 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। मेरठ में जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह के आदेश के अनुसार यह अवकाश 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इसके अनुसार सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद कर दिए गए।

प्रशासन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए लिया गया है, क्योंकि श्रावण शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए जिले से गुजरते हैं। मेरठ प्रशासन के आदेश के अनुसार, कक्षा एक से 12 तक के सभी शिक्षण संस्थान, जिनमें बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से जुड़े संस्थान शामिल हैं, 12 अगस्त तक बंद रहेंगे।

इसके अनुसार सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को भी इस दौरान क्लास बंद रखने का निर्देश दिया गया है। गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को चार अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया।

इस बीच, बागपत प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए तीन अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर जाते हुए बागपत से गुज़र रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘जलाभिषेक’ के लिए जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में भी जा रहे हैं, जिससे कांवड़ रूट और आस-पास के इलाकों में भारी ट्रैफिक हो रहा है।

कब शुरू हुई कांवड़ यात्रा?

भगवान शिव के पवित्र माह सावन के आगमन के साथ ही कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन अपने चरम पर पहुंचेगी। इसी दिन श्रद्धालु शिव मंदिरों में गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसी के साथ मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

कहां से लाया जाता है गंगाजल?

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री गंगाजल लेने के प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां से भोलेनाथ के श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर अपने मंजिल की ओर रवाना होते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख शिवधामों में भी दर्शन-पूजन करते हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव

यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने व्यापक ट्रैफिक में बदलाव किया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के चरम दिनों में कई रूट केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। जबकि अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे यात्रा रूट को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया है। हजारों CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष गश्ती दलों की तैनाती की गई है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांवड़ और डीजे सिस्टम की ऊंचाई को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है।

RBI Monetary Policy: आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाया, नहीं बढ़ेगी आपके होम लोन और कार लोन की EMI

आरबीआई ने रेपो रेट का ऐलान कर दिया है। उसने इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बना हुआ है। इसका मतलब है कि होम लोन और कार लोन की ईएमआई बढ़ने नहीं जा रही है। इसका अनुमान पहले से था। जानकारों का कहना था कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा जुलाई की पॉलिसी में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेंगे।

मनीकंट्रोल के पाल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स और एनालिस्ट्स का मानना था कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बनाए रखेगा। उसका रुख भी न्यूट्रल बना रहेगा। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन, ग्रोथ और कैपिटल फ्लो पर आरबीआई की कमेंट्री पर नजर रखने की जरूरत है।

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक 3 जुलाई को शुरू हुई थी। इसके नतीजे आज आए। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने तीन दिन की बैठक में केंद्रीय बैेंक ने घरेलू इकोनॉमी के साथ ही वैश्विक इकोनॉमी के हालात पर चर्चा की। खासकर उसकी नजरें जियोपॉलिटिकल स्थिति पर थी।

आरबीआई ने हाल में देश में पूंजी की आवक बढ़ाने के लिए कुछ उपाय किए थे। इसका फायदा मिला है। FCNR(B) जुलाई के अंत में 60 अरब डॉलर के पार हो गया। इसका सबसे हिस्सा यानी 4.12 अरब डॉलर एसबीआई के पास आया है।

इनफ्लेशन

आरबीआई पॉलिसी में इनफ्लेशन के अपने अनुमान में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। फिर भी, उसकी कमेंट्री पर नजर रखनी होगी। इसकी वजह यह है कि जून की पॉलिसी में क्रूड में उछाल को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने इनफ्लेशन के अनुमान को 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया था।

ग्रोथ के अनुमान

आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ के लिए 6.6 फीसदी का अनुमान दिया है। लेकिन, एसबीआई रिसर्च का मानना है कि अप्रैल-जून तिमाही में ग्रोथ करीब 7 फीसदी रह सकती है। जून की पॉलिसी में केंद्रीय बैंक ने ग्रोथ के अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया था।

क्रूड ऑयल

क्रूड ऑयल की कीमतों पर अभी आरबीआई की सबसे ज्यादा नजरें हैं। इसकी वजह यह है कि अब भी कीमतें लड़ाई से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है। यह भारत के लिए चिंताजनक है।

रेपो रेट का अनुमान

जानकारों का कहना है कि भले ही आज आरबीआई रेपो रेट नहीं बढ़ाएगा। लेकिन, महंगाई बढ़ने पर वह आगे रेट बढ़ा सकता है। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे होगा। साथ ही पहले लोन ले चुके लोगों की EMI भी बढ़ जाएगी।

पैसा, शांति और खुशी! बस इस एक कोने से आएगी घर में पॉजिटिव एनर्जी

फेंगशुई के अनुसार घर की हर दिशा किसी न किसी ऊर्जा से जुड़ी होती है। इन्हीं में से एक है वेल्थ कॉर्नर, जिसे धन, समृद्धि और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि अगर इस जगह को साफ-सुथरा रखकर सही तरीके से सजाया जाए और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं, तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और आर्थिक तरक्की के नए मौके मिलने लगते हैं।

 

वेल्थ कॉर्नर की दिशा (Wealth Corner Direction)

This may contain: a wooden table topped with lots of plants next to a mirror and candlesticks

फेंगशुई के अनुसार घर का वेल्थ कॉर्नर मेन गेट से अंदर आने पर दक्षिण-पूर्व दिशा में माना जाता है। यह दिशा धन और समृद्धि से जुड़ी होती है। इसलिए इस स्थान को हमेशा साफ, ऑर्गेनाइज और खुला रखना चाहिए। इस जगह पर टूटा-फूटा सामान, बेकार की चीजें या कबाड़ रखने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

वेल्थ कॉर्न को एक्टिव (Activate Wealth Corner)

This may contain: a living room filled with lots of furniture and plants on top of a wooden table

फेंगशुई में माना जाता है कि वेल्थ कॉर्नर को सही तरीके से सजाने और वहां शुभ चीजें रखने से पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। इस जगह पर ऐसे डेकोरेटिव आइटम या नेचुरल एलिमेंट रखने चाहिए, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माने जाते हैं। इससे घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है और आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ने की मान्यता है।

 

शुभ रंग से सकारात्मक ऊर्जा (Use Auspicious Colors)

वेल्थ कॉर्नर में हरे और बैंगनी रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इन रंगों के पर्दे, कुशन, सोफा कवर, शोपीस या अन्य डेकोरेटिव आइटम रखने से इस दिशा की ऊर्जा मजबूत होती है। हरा रंग विकास और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जबकि बैंगनी रंग समृद्धि और वैभव का संकेत देता है।

 

पानी से जुड़ी चीजें (Add Water Elements)

फेंगशुई के अनुसार पानी को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वेल्थ कॉर्नर में छोटा इनडोर वॉटर फाउंटेन, बहते पानी की पेंटिंग या पानी से जुड़ा कोई डेकोरेटिव आइटम रखा जा सकता है। माना जाता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बेहतर होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

 

पौधों से पॉजिटिव एनर्जी (Plants for Positive Energy)

वेल्थ कॉर्नर में जेड प्लांट और लकी बैम्बू रखना फेंगशुई में शुभ माना जाता है। ये दोनों पौधे पॉजिटिव एनर्जी, तरक्की और आर्थिक स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही ये घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी ताजगी देते हैं।

 

 

साफ-सफाई का ध्यान (Wealth Corner Clean)

वेल्थ कॉर्नर में रेगुलर साफ-सफाई करना जरूरी माना जाता है। इस जगह पर धूल, गंदगी या बेकार का सामान जमा नहीं होने देना चाहिए। माना जाता है कि जितना यह कोना साफ और व्यवस्थित रहेगा, उतनी ही पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी और घर का वातावरण भी सुखद महसूस होगा।

 

ध्यान दे

यह जानकारी फेंगशुई से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

क्या होती है JP Morgan SDE-2 की सैलरी? इंजीनियर ने शेयर किया अपना पूरा पैकेज

बेंगलुरु में काम करने वाली एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी सैलरी डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर कर इंटरनेट पर हलचल मचा दी। JP Morgan में Associate (SDE-2) पद पर काम करने वाली इस टेकी ने अपनी पूरी सैलरी स्ट्रक्चर सार्वजनिक कर दी, जिसके बाद कई इंजीनियरिंग छात्रों और फ्रेशर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई।

उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में बताया कि कई छात्रों और नए ग्रेजुएट्स ने उनसे कंपनी में मिलने वाले पैकेज को लेकर सवाल पूछे थे। इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए उन्होंने अपने ऑफर लेटर का पूरा ब्रेकडाउन शेयर किया।

₹32 लाख फिक्स सैलरी, कुल पैकेज ₹35.2 लाख सालाना

टेकी के शेयर किए गए ऑफर ब्रेकडाउन के मुताबिक, उन्होंने JP Morgan Chase में बेंगलुरु लोकेशन पर Associate (SDE-2) के तौर पर जॉइन किया है।

उनके पैकेज में:

32 लाख रुपये सालाना फिक्स सैलरी

10 प्रतिशत परफॉर्मेंस बोनस

कुल अनुमानित पैकेज करीब 35.2 लाख रुपये प्रति वर्ष शामिल है।

उन्होंने बताया कि इस ऑफर में न तो कोई जॉइनिंग बोनस मिला और न ही रिलॉकेशन अलाउंस या स्टॉक बोनस दिया गया। कंपनी की ओर से मिलने वाले फायदे सामान्य JP Morgan कर्मचारियों वाले बेनिफिट्स हैं।

फ्रेशर्स के सवालों के बाद शेयर किया ऑफर लेटर

टेकी ने बताया कि उन्होंने अपनी सैलरी पहले से बताने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनकी पिछली JP Morgan जॉइनिंग पोस्ट के बाद कई छात्रों और फ्रेशर्स ने उनसे पैकेज को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने लिखा कि लोग जानना चाहते थे कि Associate (SDE-2) जैसी भूमिका में वास्तविक ऑफर कितना होता है। इसी वजह से उन्होंने बिना किसी अनुमान के अपनी वास्तविक सैलरी डिटेल साझा की।

पहली जॉइनिंग पोस्ट के बाद भी मिली थी काफी चर्चा

इस टेकी की JP Morgan ऑफिस में पहले दिन की तस्वीर वाली पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद की गई थी। हालांकि, सैलरी ब्रेकडाउन वाली पोस्ट ने उससे कहीं ज्यादा ध्यान खींचा। पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने पैकेज देखकर हैरानी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी सैलरी के बाद उन्हें सोशल मीडिया से होने वाली कमाई की जरूरत नहीं होगी।

लोगों ने कहा- छात्रों के लिए मददगार है ऐसी जानकारी

कई यूजर्स ने सैलरी की जानकारी सार्वजनिक करने के फैसले की तारीफ की। उनका कहना था कि असली ऑफर और पैकेज की जानकारी मिलने से छात्रों और नए इंजीनियरों को प्लेसमेंट की तैयारी में मदद मिलती है। एक यूजर ने कहा कि ऐसी वास्तविक सैलरी डिटेल्स अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय युवाओं को सही उम्मीदें तय करने में मदद करती हैं।

कई लोगों का मानना था कि कंपनियों के पैकेज को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, ऐसे में वास्तविक अनुभव साझा करना नए उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

कुछ लोगों ने सैलरी सार्वजनिक करने पर जताई चिंता

हालांकि, हर कोई इस कदम से सहमत नहीं था। कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इतनी निजी जानकारी शेयर करने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।एक यूजर ने कहा कि अब उनकी पूरी टीम को उनकी सैलरी के बारे में पता चल सकता है, जिससे भविष्य में परेशानी हो सकती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि कंपनियों में काम करने वाले लोगों को अपनी कमाई से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले इसके संभावित प्रभावों के बारे में सोचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

JP Morgan टेकी की यह पोस्ट सिर्फ सैलरी चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया क्या युवाओं के लिए वेतन की जानकारी सार्वजनिक करना फायदेमंद है या निजी रखना बेहतर?

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REPO Rate के ऐलान से पहले Sensex में 600 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के पार

Share Market Rally: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई। घरेलू स्टॉक मार्केट में भी सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया और निफ्टी भी 24600 के पार चला गया। मार्केट में यह रौनक उस दिन आई है, जब आरबीआई (RBI) रेपो रेट (REPO Rate) को लेकर ऐलान करने वाला है। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 371.98 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 78,800.93 और निफ्टी (Nifty) 7.95 प्वाइंट्स यानी 0.03% के उछाल के साथ 24,622.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स चढ़कर 79,055.38 और निफ्टी 62.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,677.60 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच जल्द सौदे की उम्मीद

अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। इसने जियो-पॉलिटिकल टेंशन के हल्के होने के आसार बढ़ा दिए हैं जिससे भारत समेत अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक छा गई।

कच्चे तेल में गिरावट

होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास आ गया है। इससे मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

सरकारी बैंकों और ऑटो सेक्टर से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को ऑटो और सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की बढ़त है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान से पहले सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।

डॉलर इंडेक्स में नरमी

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 5% से ज्यादा गिरकर 79 डॉलर के पास आ गया है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। हालांकि ईरान ने किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

4 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे चार सेशन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। वीकली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी, NSE के नए क्लोजिंग ऑक्शन पॉलिसी सेशन (CAS) के रोलआउट के बाद बढ़ी वोलैटिलिटी और आरबीआई पॉलिसी से पहले निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 फीसदी गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 फीसदी गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 154.50 अंक यानी 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ 24,734 के स्तर पर दिख रहा है। यह सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 3 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.55 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.13 फीसदी और ताइवानी बाजार में 3.61 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी में करीब 4 फीसदी की बढ़त है। शांघाई कंपोजिट में भी 1.17 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और Dow रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 907.47 अंक या 1.71% बढ़कर 54,085.88 पर, S&P 500 इंडेक्स 136.02 अंक या 1.79% बढ़कर 7,736.52 पर और नैस्डैक 671.10 यानी 2.59% बढ़कर 26,584.99 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ़्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला US डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़ी है। 10-साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.62% हो गई है और 2-साल की ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़कर 4.20% हो गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज ऊपर ट्रेड कर रही थीं। साउथ कोरियन वॉन सबसे अच्छा परफॉर्मर है जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। उसके बाद फिलीपीन पेसो (+0.31%),ताइवान डॉलर (+0.21%),मलेशियन रिंगिट (+0.17%) और जापानी येन (+0.13%) ऊपर दिख रहे हैं। चीनी रेनमिनबी भी 0.09% बढ़ा है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की हल्की बढ़त दिख रही है। उधर इंडोनेशियाई रुपिया 0.17% गिरा है। जबकि थाई बहत पिछले बंद भाव से 0.003% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के इक्विटी खरीदे। इस बीच,घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट सेलर बन गए और लगभग ₹1,000 करोड़ के इक्विटी बेचे।