RBI दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है, ICICI Bank ने बताई यह वजह

आरबीआई दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। यह अनुमान आईसीआईसीआई बैंक ने जताया है। एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से यह यह जानकारी दी है। आईसीआईसीआई बैंक का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आरबीआई दिसंबर में रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स के इजाफे के साथ इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है।

ICICI Bank का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतो में नरमी आती है तो फिर आरबीआई अगले साल अप्रैल में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। उसने कहा है कि अप्रैल से इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद ज्यादा है। गौरतलब है कि आरबीआई ने 5 अगस्त को लगातार चौथी बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान 5 अगस्त को किया। तीन दिन तक चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय बैंक ने अपना रुख भी तटस्थ यानी Neutral रखने का ऐलान किया। हालांकि, आरबीआई ने ग्रोथ के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया और इनफ्लेशन के अनुमान को थोड़ा कम किया।

आरबीआई ने 5 जुलाई को जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया। हालांकि, ICICI Bank का मानना है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ आरबीआई के अनुमान से ज्यादा रह सकती है। प्राइवेट बैंक ने FY27 में जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी और FY28 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

मध्यपूर्व में लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ा है। क्रूड ऑयल सहित कई कमोडिटी की सप्लाई में बाधा से उनकी कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर इनफ्लेशन पर पड़ रहा है। भारत में भी रिटेल इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज को पार कर चुका है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ी है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।

RBI MPC Meeting Aug 2026: महंगाई कितना करेगी परेशान! आरबीआई की इस बात से कहीं खुशी-कहीं गम

RBI MPC Meeting Aug 2026: केंद्रीय बैंक आरबीआई ने इस वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई की रफ्तार का अनुमान घटा दिया है। इस बार की मौद्रिक नीति में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और अपना न्यूट्रल नजरिया बरकरार रखा है तो साथ ही वित्त वर्ष 2027 के इनफ्लेशन यानी कि महंगाई बढ़ने की रफ्तार के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है। सिर्फ यही नहीं इस तिमाही यानी चालू वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2026 के इनफ्लेशन का अनुमान 5.1% से घटाकर 4.7% कर दिया है। बता दें कि आरबीआई गवर्वर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को MPC (मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी) की अहम नीतिगत फैसलों का ऐलान किया है।

इनफ्लेशन को लेकर अब RBI का ये है कैलकुलेशन

आरबीआई की एमपीसी ने वित्त वर्ष 2027 के इनफ्लेशन के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है तो सितंबर 2026 के अनुमान को 5.1% से कम कर 4.7% किया है। हालांकि तीसरी तिमाही में इनफ्लेशन के अनुमान को 5.9% स्थिर रखा है तो चौथी तिमाही के लिए अनुमान 5.4% से बढ़ाकर 5.5% कर दिया है। इससे पहले पिछली बैठक में आरबीआई ने जून तिमाही के इनफ्लेशन के अनुमान को 4% से बढ़ाकर 4.2% कर दिया था तो सितंबर तिमाही के लिए इसे 4.4% से 5.1%, तीसरी तिमाही के लिए 5.2% से 5.9% और चौथी तिमाही के लिए 4.7% से 5.4% कर दिया था।

जून महीने की बात करें तो खाने-पीने की चीजों की कीमतें अधिक रहने और कई कैटेगरी में कीमतों का दबाव बढ़ने की वजह से जून में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई। यह 17 महीनों में पहली बार है जब यह आरबीआई के 4% के मीडियम-टर्म टारगेट से ऊपर गई है।

Repo Rate को लेकर क्या हुआ है फैसला

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपने रिव्यू बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत रुख को भी न्यूट्रल पर बनाए रखा है। रेपो रेट को स्थिर रखने का मतलब है कि आम लोगों के लोन की किश्तों में किसी बदलाव के आसार नहीं हैं।

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